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गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020

आराधना



      “यह कैंसर है”; जब मेरी माँ ने वह शब्द कहे, तब मैं मन पक्का करने का प्रयास कर रही थी। परन्तु उनके शब्द सुनते ही मैं फूटफूट कर रोने लग गयी, क्योंकि ये वो शब्द हैं जिन्हें आप जीवन में कभी सुनना नहीं चाहते हैं, एक बार भी नहीं। और यह तो तीसरी बार था जब माँ को कैंसर से जूझना पड़ रहा था। एक सामान्य जांच के दौरान उन्हें पता चला था की उनकी बगल में एक गाँठ है, जिसकी आगे जांच से पता चला की वह कैंसर की गाँठ है।

      यद्यपि यह बुरी खबर माँ के लिए थी, परन्तु उन्हें ही मुझे सांत्वना देनी पड़ी। इस समाचार के लिए उनकी प्रतिक्रिया विस्मित करने वाली थी; उन्होंने कहा, “मैं जानती हूँ की परमेश्वर सदा ही मेरे प्रति भला रहता है। वह पूर्णतः विश्वास योग्य है।” आगे के इलाज के दौरान, जिसमें एक कठिन ऑप्रेशन तथा रेडिएशन लगवाना सम्मिलित थे, माँ को हमेशा परमेश्वर की उनके साथ उपस्थिति और विश्वासयोग्यता का एहसास बना रहा।

      यह सब परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्यूब के समान है। अय्यूब को अपनी संपत्ति, बच्चों, और स्वास्थ्य से हाथ धोना पड़ा; परन्तु इन सब हानियों के बाद भी हम देखते हैं की दुखद समाचार सुनने के बाद भी, “अय्यूब उठा, और बागा फाड़, सिर मुंड़ाकर भूमि पर गिरा और दण्डवत्‌ कर के कहा” (अय्यूब 1:20)। जब उससे उसके पत्नी ने कहा कि अपनी इन परिस्थितियों को लेकर वह परमेश्वर को बुरा-भला कहे, तो अय्यूब ने कहा, “...तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अय्यूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया” (2:10)। यह उसकी कैसी अद्भुत आरम्भिक प्रतिक्रिया थी। यद्यपि अय्यूब ने बाद में शिकायत तो की, किन्तु साथ ही उसने यह भी स्वीकार कर लिया कि परमेश्वर कभी नहीं बदलता है। अय्यूब जानता था की परमेश्वर हर समय उसके साथ है और हमेशा उसकी देखभाल करता रहता है।

      हम में से अधिकाँश के लिए, कठिनाईयों और विपरीत परिस्थितियों में, परमेश्वर की आराधना करना हमारी आरंभिक  प्रतिक्रियाओं में से नहीं होता है। कभी-कभी हमारी परिस्थितियों की पीड़ा इतना अभीभुतित कर देने वाली होती है की हम भय, क्रोध, और आवेश में बौखला उठते हैं, उलटा-सीधा बोल देते हैं। परन्तु अपनी माँ की प्रतिक्रिया को देखकर मुझे स्मरण आया कि परमेश्वर अभी भी उपस्थित है, अभी भी भला है, और हर परिस्थिति में हमारी सहायता करता है, हमें सांत्वना देता है।

      परमेश्वर हर परिस्थिति में आराधना के योग्य है।

अपनी सबसे कमज़ोर परिस्थिति में भी हम अपनी आँखें परमेश्वर की और उठा सकते हैं।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: अय्यूब 1:13-22
Job 1:13 एक दिन अय्यूब के बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पी रहे थे;
Job 1:14 तब एक दूत अय्यूब के पास आकर कहने लगा, हम तो बैलों से हल जोत रहे थे, और गदहियां उनके पास चर रही थी,
Job 1:15 कि शबा के लोग धावा कर के उन को ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:16 वह अभी यह कह ही रहा था कि दूसरा भी आकर कहने लगा, कि परमेश्वर की आग आकाश से गिरी और उस से भेड़-बकरियां और सेवक जलकर भस्म हो गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:17 वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, कि कसदी लोग तीन गोल बान्धकर ऊंटों पर धावा कर के उन्हें ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:18 वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, तेरे बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पीते थे,
Job 1:19 कि जंगल की ओर से बड़ी प्रचण्ड वायु चली, और घर के चारों कोनों को ऐसा झोंका मारा, कि वह जवानों पर गिर पड़ा और वे मर गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:20 तब अय्यूब उठा, और बागा फाड़, सिर मुंड़ाकर भूमि पर गिरा और दण्डवत्‌ कर के कहा,
Job 1:21 मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।
Job 1:22 इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मूर्खता से दोष लगाया।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 39-40
  • मत्ती 23:23-39



बुधवार, 5 फ़रवरी 2020

सुनें



      मुझे सुननें में कठिनाई होती है – मेरे पिता कहा करते थे की मैं एक कान से बहरा हूँ और दूसरे से मुझे कम सुनता है। इसलिए मैं कानों में सुनने में सहायता करने वाले उपकरण लगा कर रखता हूँ। अधिकांशतः यह उपकरण अच्छा काम करते हैं; बस जब आस-पास बहुत शोर हो रहा हो तब वे सभी ध्वनियों को पकड़ लेते हैं और तब मैं अपने सामने वाले व्यक्ति की आवाज़ को सुन नहीं पाता हूँ।

      यही हमारे समाज में भी होता है; अनेकों प्रकार की कर्कश ध्वनियाँ, परमेश्वर की धीमी आवाज़ को दबा देती हैं। कवि, टी. एस. इलियट ने कहा, “शब्द कहाँ मिलेगा, शब्द कहाँ गूंजेगा? यहाँ नहीं, यहाँ पर पर्याप्त खामोशी नहीं है।”
      सौभाग्यवश, सुनने में सहायता करने वाले मेरे उपकरण में ऐसा इंतज़ाम है जिससे मैं शोर की ध्वनी को दबा सकता हूँ और केवल वही आवाज़ सुन सकता हूँ, जो मैं सुनना चाहता हूँ। उसी प्रकार से, हमारे चारों और के शोर के होते हुए भी, यदि हम अपने मानों को शांत करें, तो हम परमेश्वर की दबी हुई धीमी आवाज़ को सुनने पाएंगे (1 राजाओं 19:11-12)।

      परमेश्वर हम से प्रतिदिन बातें करता है, हमें हमारी व्याकुलताओं और लालसाओं में बुलाता है। वह हमें हमारे सबसे घोर दुखों में हमें शान्ति और सांत्वना देने, तथा हमारे सबसे बड़े आनन्द की अपूर्णता और असंतुष्टि में हमें परिपूर्णता प्रदान करने के लिए पुकारता है। परन्तु मुख्यतः परमेश्वर हम से अपने वचन बाइबल में होकर बातें करता है (1 थिस्सुलुनीकियों 2:13)। जब आप उसके वचन को लेकर पढ़ते हैं, तो आप उसकी आवाज़ को सुनते हैं। वह आप से इतना प्रेम करता है जितना आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं; और वह चाहता है कि आप उसकी सुनें कि वह आप से क्या कहना चाहता है। - डेविड एच. रोपर

परमेश्वर हम से अपने वचन में होकर बातें करता है, यदि हम सुनने के लिए समय निकालें।

इसलिये हम भी परमेश्वर का धन्यवाद निरन्‍तर करते हैं; कि जब हमारे द्वारा परमेश्वर के सुसमाचार का वचन तुम्हारे पास पहुंचा, तो तुम ने उस मनुष्यों का नहीं, परन्तु परमेश्वर का वचन समझकर (और सचमुच यह ऐसा ही है) ग्रहण किया: और वह तुम में जो विश्वास रखते हो, प्रभावशाली है। - 1 थिस्सुलुनीकियों 2:13

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:25-30
John 10:25 यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि मैं ने तुम से कह दिया, और तुम प्रतीति करते ही नहीं, जो काम मैं अपने पिता के नाम से करता हूं वे ही मेरे गवाह हैं।
John 10:26 परन्तु तुम इसलिये प्रतीति नहीं करते, कि मेरी भेड़ों में से नहीं हो।
John 10:27 मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं।
John 10:28 और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूं, और वे कभी नाश न होंगी, और कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा।
John 10:29 मेरा पिता, जिसने उन्हें मुझ को दिया है, सब से बड़ा है, और कोई उन्हें पिता के हाथ से छीन नहीं सकता।
John 10:30 मैं और पिता एक हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 36-38
  • मत्ती 23:1-22



मंगलवार, 4 फ़रवरी 2020

महिमा



      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि:
  • अपनी स्वाभाविक दशा में हम उस से रहित हैं (रोमियों 3:23)।
  • प्रभु यीशु उस का प्रकाश थे (इब्रानियों 1:3), और जिन्होंने उन्हें देखा था उन्होंने उस को भी देखा था (यूहन्ना 1:14)।
  • पुराने नियम में उस के तेज ने आराधना के तम्बू को भर दिया था (40:34-35), और उस ही की अगुवाई में इस्राएली कनान देश तक पहुंचे थे।
  • और हमें यह प्रतिज्ञा दी गई है कि समय के अंत में, स्वर्ग उस से प्रकाशमान होगा, और उस का तेज इतना प्रबल होगा कि वहां सूर्य की कोइ आवश्यकता नहीं होगी (प्रकाशितवाक्य 21:23)।


      उपरोक्त सभी कथनों में ‘उस’ क्या है? यह परमेश्वर की महिमा है, और अद्भुत है!

      समस्त बाइबल में हमें बताया गया है कि, परमेश्वर द्वारा रची गई इस धरती पर अपने निवास के समय के दौरान, हम परमेश्वर की अद्भुत और भव्य महिमा की झलक का आनन्द लेते रह सकते हैं। परमेश्वर की महिमा को उसके अस्तित्व का बाहरी प्रगटिकरण वर्णित किया गया है। क्योंकि हम परमेश्वर को नहीं देख सकते हैं, इसलिए उसने अपनी उपस्थिति और कार्यों के स्पष्ट दर्शन हमारे लिए सृष्टि के वैभव, हमारे उद्धार की महानता, और हमारे जीवनों में पवित्र आत्मा की उपस्थिति के द्वारा दिए हैं।

      आज, उसकी महानता के प्रमाण के लिए परमेश्वर की महिमा के खोजी बनें; आप उस महिमा को प्रकृति की सुन्दरता, किसी बच्चे की हंसी, तथा औरों के प्रेम में पाएंगे। आज भी परमेश्वर की महिमा पृथ्वी पर विद्यमान है। - डेव ब्रैनन

हम परमेश्वर की महिमा को देख सकते हैं और 
उसका आनन्द उठा सकते – अभी और अनन्तकाल में भी।

उसका महिमायुक्त नाम सर्वदा धन्य रहेगा; और सारी पृथ्वी उसकी महिमा से परिपूर्ण होगी। आमीन फिर आमीन। - भजन 72:19

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-3, 10-11, 23
Revelation 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा।
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो।
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा।
Revelation 21:10 और वह मुझे आत्मा में, एक बड़े और ऊंचे पहाड़ पर ले गया, और पवित्र नगर यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते दिखाया।
Revelation 21:11 परमेश्वर की महिमा उस में थी, ओर उस की ज्योति बहुत ही बहुमूल्य पत्थर, अर्थात बिल्लौर के समान यशब के समान स्‍वच्‍छ थी।
Revelation 21:23 और उस नगर में सूर्य और चान्‍द के उजाले का प्रयोजन नहीं, क्योंकि परमेश्वर के तेज से उस में उजाला हो रहा है, और मेम्ना उसका दीपक है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 34-35
  • मत्ती 22:23-46



सोमवार, 3 फ़रवरी 2020

शब्द



      कभी-कभी हमारे जीवन किसी के प्रबल प्रभाव के द्वारा पल भर में बदल सकते हैं। रॉक एंड रोल के प्रसिद्द कलाकार ब्रूस स्प्रिंग्सटीन के लिए, ऐसा संगीत कलाकारों के कार्य के द्वारा हुआ, जिनकी सहायता से वह एक कठिन बचपन और हताशा से लगातार संघर्ष से ऊपर उठ सका। उसे अपने ही कार्य से प्रोत्साहन मिला, जब उसने इस सत्य का स्वयं व्यावाहारिक अनुभव किया कि “आप किसी सही गाने के द्वारा तीन मिनिट में किसी का जीवन बदल सकते हैं।”

      एक अर्थपूर्ण गाने के समान, औरों के अच्छे शब्द हमें आशा दे सकते हैं, और हमारे जीवनों की दिशा बदल सकते हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम में से अधिकाँश के पास ऐसे लोगों से संबंधित कहानियां होंगी जिनके साथ हुए किसी वार्तालाप ने हमारे जीवनों पर स्थाई प्रभाव डाला – किसी शिक्षक के शब्द जिनसे हमने संसार के प्रति अपने दृष्टिकोण को बदला, किसी के द्वारा कहे गए प्रोत्साहन के शब्द जिनसे हमने अपने आत्मविश्वास को पुनः प्राप्त किया, किसी मित्र के कोमल शब्द जिन्होंने हमें किसी कठिन समय में सहायता प्रदान की।

      संभवतः इसीलिए, परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन की पुस्तक में इतना बल दिया गया है कि हम अपने शब्दों को नाप-तौल कर तथा बुद्धिमानी के साथ प्रयोग करें। पवित्र-शास्त्र कभी भी वार्तालाप को यूं ही की गई “बातचीत” नहीं मानता है। वरन, हमें सिखाया गया है कि शब्दों के मृत्यु और जीवन के परिणाम हो सकते हैं (18:21)। थोड़े शब्दों से हम किसी की आत्मा को कुचल सकते हैं, या बुद्धि और आशा के शब्दों के साथ औरों का मनोबल बढ़ा कर उन्हें दृढ़ कर सकते हैं (15:4)।

      हम सभी के पास प्रभावी संगीत बनाने का कौशल नहीं है। परन्तु हम में से प्रत्येक परमेश्वर से यह बुद्धिमता माँग सकता है कि अपने शब्दों के द्वारा औरों की सेवा कर सकें (यशायाह 50:4)। परमेश्वर हमें, थोड़े से चुनिन्दा शब्दों के सही प्रयोग द्वारा, औरों के जीवनों को बदलने के लिए उपयोग कर सकता है। - मोनिका ब्रैंड्स

परमेश्वर ने हमें सक्षम किया है कि हम अपने 
शब्दों और व्यवहार के द्वारा औरों के जीवनों को प्रभावित कर सकें।

प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं। - यशायाह 50:4

बाइबल पाठ: नीतिवचन 15:4; 16:24; 18:21
Proverbs 15:4 शान्ति देने वाली बात जीवन-वृक्ष है, परन्तु उलट फेर की बात से आत्मा दु:खित होती है।
Proverbs 16:24 मन भावने वचन मधु भरे छते की नाईं प्राणों को मीठे लगते, और हड्डियों को हरी-भरी करते हैं।
Proverbs 18:21 जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 31-33
  • मत्ती 22:1-22



रविवार, 2 फ़रवरी 2020

अवसर



      अनेकों लोगों के समान मैं भी व्यायाम करने से कतराता हूँ। इसलिए हाल ही में मैंने अपने आप को व्यायाम के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पेडोमीटर नामक एक उपकरण ले लिया, जो मेरे द्वारा कदमों के प्रयोग की गिनती करता रहता है। यह एक साधारण सा उपकरण है, परन्तु इस छोटे से उपकरण ने मेरे जीवन में जो परिवर्तन किया है वह अद्भुत है। अब सोफा से उतरकर कुछ काम करना हो तो उसके लिए खिसियाने और कुड़कुड़ाने के स्थान पर मैं उसे कुछ और क़दमों की गिनती बढ़ाने का अवसर देखता हूँ। उबाऊ और साधारण से काम करना, जैसे कि किसी के लिए एक ग्लास पानी लाकर देना, अब मेरे लिए अवसर हैं एक बड़े लक्ष्य तक पहुँचने में योगदान के लिए। मेरे पेडोमीटर ने मेरे दृष्टिकोण और उत्साह को बदल दिया है। अब मैं उन अवसरों की तलाश में रहता हूं जिनसे मुझे कदमों की गिनती बढ़ाने का कारण मिलेगा।

      क्या हमारा मसीही जीवन भी कुछ इसी के समान नहीं है? प्रतिदिन हमारे पास लोगों से मिलने, उनसे प्रेम करने, उनकी सेवा करने के अवसर होते हैं, जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में, कुलुस्सियों 4:5 में प्रेरित पौलुस कहता है। परन्तु क्या मैं सदा उन अवसरों के प्रति सजग रहता हूँ? क्या मैं साधारण सी बातों में भी लोगों को प्रोत्साहित करने के अवसर ढूँढ़ता हूँ? मैं जितने भी लोगों के संपर्क में आता हूँ, परमेश्वर उन सभी के जीवनों में भी कार्यरत है, वे चाहे मेरे परिवार जन हों या फिर किसी दुकान में काम करने वाला कोई कर्मचारी हो। प्रत्येक संपर्क मेरे लिए एक अवसर है इसका ध्यान करने का कि ऐसे में प्रभु परमेश्वर क्या करता – चाहे वह एक “छोटी” सी बात, जैसे कि रेस्टोरां के वेटर से उसका हाल-चाल पूछना ही क्यों न हो।

      कौन जाने कि ऐसे अवसरों में परमेश्वर क्या कार्य कर जाए, जब हम उन अवसरों के प्रति सचेत रहते हैं, जो वह हमारी ओर भेजता है। - एडम होल्ज़

किसी की सेवा करने के प्रत्येक अवसर का सदुपयोग करें।

पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 4:1-6
Colossians 4:1 हे स्‍वामियों, अपने अपने दासों के साथ न्याय और ठीक ठीक व्यवहार करो, यह समझकर कि स्वर्ग में तुम्हारा भी एक स्‍वामी है।
Colossians 4:2 प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो।
Colossians 4:3 और इस के साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें जिस के कारण मैं कैद में हूं।
Colossians 4:4 और उसे ऐसा प्रगट करूं, जैसा मुझे करना उचित है।
Colossians 4:5 अवसर को बहुमूल्य समझ कर बाहर वालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो।
Colossians 4:6 तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 29-30
  • मत्ती 21:23-46



शनिवार, 1 फ़रवरी 2020

प्रेम



      जब एक विज्ञापन बनाने वाले ने माइकलएंजलो द्वारा संगमरमर में बनाई गई दाऊद की मूर्ति के चित्र में फेर बदल करके दिखाया तो इटली की सरकार और संग्रहालय के अद्धिकारियों ने आपत्ति की। दाऊद को उसके गोफन के स्थान पर एक सैनिक के समान कंधे पर राइफल लिए हुए दिखाना उस कलाकृति का उल्लंघन करना था – मानो उस पर हथौड़े से प्रहार, या उससे भी बदतर कुछ किया गया।

      प्रथम शताब्दी के यरूशलेम में दाऊद को एक चरवाहे-भजनकार और सैनिक-राजा के रूप में स्मरण किया जाता था, और इस्राएल के लोगों की महानतम आशाएं इस्राएल के उस प्रीय जन के वंशज से गहराई से जुड़ी हुई थीं। परमेश्वर के वचन बाइबल में इस्राएल के भविष्यद्वाकताओं ने भविष्यवाणी की थी कि दाऊद का वंशज इस्राएल के शत्रुओं को सदा के लिए पराजित कर देगा। इसलिए जब सदियों के बाद, जब भीड़ ने प्रभु यीशु मसीह का “दाऊद की संतान” (मत्ती 21:6-9) के रूप में स्वागत किया, तो उनकी आशा थी कि वह रोमी साम्राज्य के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व करेगा और उनकी सत्ता को पलट देगा। परन्तु प्रभु यीशु ने मंदिर में जाकर वहाँ व्यापार करने वालों की चौकियाँ पलट दीं जिससे परमेश्वर पिता का वह भवन सभी के लिए प्रार्थना का घर बन कर रहे। यह वो मसीहा और “दाऊद की संतान” नहीं था जिसकी उन्हें प्रतीक्षा थी। इसलिए बिना इस बात पर ध्यान किए कि वे क्या कर रहे हैं, उन्होंने प्रभु को पकड़कर रोमी शासकों के हवाले कर दिया जिससे इस्राएल की वास्तविक महिमा, प्रभु यीशु, के हाथों और पांवों पर हथोड़े चला कर उसे कीलों से क्रूस पर ठोक दिया जाए।

      प्रभु ने भी उन्हें रोकने के स्थान पर, अपने आप को क्रूस पर ठोके जाने, अपने आप को अपमानित किया जाने, और अपना स्वरूप बिगाड़े दिया जाने दिया। प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा ही लोगों को पता चला कि वास्तव में दाऊद की उस संतान ने शत्रु शैतान की सभी योजनाओं को, सभी मनुष्यों के प्रति अपने प्रेम और बलिदान के द्वारा, पराजित कर दिया, और अपने अनुयायियों को यह बीड़ा दिया कि वे सारे संसार में जाकर उनके इस प्रेम और उद्धार के सुसमाचार को लोगों को बताएं। - मार्ट डी हॉन

प्रभु यीशु दिखाते हैं कि परमेश्वर सदा ही हमारी अपेक्षाओं से कहीं बढ़कर अच्छा रहता है।

और जो भीड़ आगे आगे जाती और पीछे पीछे चली आती थी, पुकार पुकार कर कहती थी, कि दाऊद की सन्तान को होशाना; धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है, आकाश में होशाना। - मत्ती 21:9

बाइबल पाठ: मत्ती 21:12-16
Matthew 21:12 यीशु ने परमेश्वर के मन्दिर में जा कर, उन सब को, जो मन्दिर में लेन देन कर रहे थे, निकाल दिया; और सर्राफों के पीढ़े और कबूतरों के बेचने वालों की चौकियां उलट दीं।
Matthew 21:13 और उन से कहा, लिखा है, कि मेरा घर प्रार्थना का घर कहलाएगा; परन्तु तुम उसे डाकुओं की खोह बनाते हो।
Matthew 21:14 और अन्धे और लंगड़े, मन्दिर में उसके पास लाए, और उसने उन्हें चंगा किया।
Matthew 21:15 परन्तु जब महायाजकों और शास्‍त्रियों ने इन अद्भुत कामों को, जो उसने किए, और लड़कों को मन्दिर में दाऊद की सन्तान को होशाना पुकारते हुए देखा, तो क्रोधित हो कर उस से कहने लगे, क्या तू सुनता है कि ये क्या कहते हैं?
Matthew 21:16 यीशु ने उन से कहा, हां; क्या तुम ने यह कभी नहीं पढ़ा, कि बालकों और दूध पीते बच्‍चों के मुंह से तु ने स्‍तुति सिद्ध कराई?

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 27-28
  • मत्ती 21:1-22



शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

शुद्ध और स्वच्छ



      पिछले दिसंबर में हम सपरिवार पहाड़ों में गए। हमने सारा जीवन  गरम इलाकों में निवास करते बिताया है, इसलिए यह पहली बार था जब हम ने इतनी शानदार बर्फ देखी। हम जब खेतों, मैदानों, और पेड़-पौधों पर बिछी बर्फ की सफ़ेद चादर पर ध्यान कर रहे थे, तो मेरे पति ने परमेश्वर के वचन बाइबल में से यशायाह 1:18 उद्धृत किया, “...तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम के समान उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।”

      हमारी तीन वर्षीय बेटी ने लाल रंग का अर्थ पूछने के बाद, प्रश्न किया, “क्या लाल रंग बुरा होता है?” वह यह तो जानती है कि परमेश्वर को पाप बिलकुल पसंद नहीं है; परन्तु यह पद किसी रंग के बारे में नहीं है। यहाँ भविष्यद्वाकता एक छोटे से कीड़े के अण्डों से निकलने वाले चमकदार लाल रंग के लिए कह रहा था, जिसका प्रयोग कपड़े रंगने के लिए किया जाता था। इस रंग को पक्का चढ़ाने के लिए कपड़ों को दो बार इसमें डाला जाता था। तब रंग इतना पक्का चढ़ जाता था कि फिर धुलने से भी वह हटाया नहीं जा सकता था। पाप का प्रभाव भी ऐसा ही है; मनुष्य का कोई भी प्रयास उसके प्रभाव को मिटा नहीं सकता है। पाप तो मन में जड़ पकड़कर रहता है।

      केवल परमेश्वर ही है जो मन को पाप से साफ़ कर सकता है। जब हम बर्फ से ढके पहाड़ों को देख रहे थे, तो हम उस स्वच्छ और शुद्ध सफेदी की सराहना कर रहे थे जो कैसी भी धुलाई और रगड़ाई करने पर भी उस लाल रंग चढ़े कपड़े पर कभी नहीं आ सकती थी। जब हम पतरस द्वारा लिखी गई शिक्षा, “इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं” (प्रेरितों 3:19) का पालन करते हैं, तब परमेश्वर हमारे पाप क्षमा कर के हमें एक नया और स्वच्छ जीवन प्रदान करता है। केवल प्रभु यीशु मसीह के बलिदान के द्वारा ही हमें वह मिलता है जो कोई और कभी नहीं दे सकता है – एक शुद्ध और स्वच्छ मन; परमेश्वर के उपहार के रूप में।

परमेश्वर जब क्षमा करता है, तो साथ ही स्वच्छ भी कर देता है।

जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा। - भजन 51:7

बाइबल पाठ: यशायाह 1:16-20
Isaiah 1:16 अपने को धोकर पवित्र करो: मेरी आंखों के साम्हने से अपने बुरे कामों को दूर करो; भविष्य में बुराई करना छोड़ दो,
Isaiah 1:17 भलाई करना सीखो; यत्न से न्याय करो, उपद्रवी को सुधारो; अनाथ का न्याय चुकाओ, विधवा का मुकद्दमा लड़ो।।
Isaiah 1:18 यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम के समान उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।
Isaiah 1:19 यदि तुम आज्ञाकारी हो कर मेरी मानो,
Isaiah 1:20 तो इस देश के उत्तम से उत्तम पदार्थ खाओगे; और यदि तुम ना मानो और बलवा करो, तो तलवार से मारे जाओगे; यहोवा का यही वचन है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 25-26
  • मत्ती 20:17-34