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मंगलवार, 14 अप्रैल 2020

तूफान



     अन्धकार में तेज़ आंधी का शोर, कौंधती हुई बिजली, नाव से टकराती हुई लहरें, मुझे लग रहा था की मैं मर ही जाऊँगा। मैं अपने दादा-दादी के साथ झील में मछली पकड़ने गया था, किन्तु हमने लौटने में कुछ विलम्ब कर दिया, और सूर्यास्त के साथ ही आए एक तेज़ तूफ़ान ने हमारी छोटी नौका को झकझोर दिया। मेरे दादा ने मुझे कहा कि मैं नाव में संतुलन बनाए रखने के लिए आगे जाकर बैठूँ, जिससे नाव पलट न जाए। हालात देखकर मेरा दिल दहशत से डूबा जा रहा था; परन्तु न जाने कैसे, मैंने प्रार्थना करनी आरंभ कर दी; उस समय मैं चौदह वर्ष का था।

     मैंने परमेश्वर से उसकी सुरक्षा और आश्वासन माँगा। तूफ़ान तो हलका नहीं पड़ा, किन्तु हम सकुशल किनारे पर पहुँच गए। आज दिन तक मुझे अपने जीवन के ऐसे किसी अन्य दिन का पता नहीं है जिसमें मैंने परमेश्वर की अपने साथ बनी हुई उपस्थिति को इतनी निकटता से अनुभव किया हो।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह भी तूफानों से अनजान नहीं थे। हम मरकुस 4:35-41 में देखते हैं कि प्रभु ने अपने शिष्यों से कहा कि वे झील के उस पार जाएँ; और जब शिष्य नाव खे कर जा रहे थे तो एक तेज़ तूफ़ान ने उन्हें घेर लिया। वे शिष्य अनुभवी मछुआरे थे परन्तु तूफ़ान की तीव्रता के आगे उनकी कुछ नहीं चल रही थी; उन्हें भी लग रहा था की वे मरने वाले हैं। परन्तु प्रभु यीशु ने तूफ़ान को शांत कर दिया और उनके विश्वास की गहराई को बढ़ाया।

     इसी प्रकार से आज प्रभु यीशु हमें भी हमारे जीवनों के तूफानों में उस पर भरोसा बनाए रखने के लिए कहता है। हमारी विकट और विपरीत परिस्थितियों में कभी तो वह आश्चर्यजनक रीति से हमारे उठते तूफानों को शांत कर देता है; और कभी और भी अधिक आश्चर्यजनक रीति से हमारे मनों को शांत करके, उस तूफ़ान के होते हुए भी उसमें अपना भरोसा बनाए रखने में और अधिक दृढ़ कर देता है। वह चाहता है कि हम आश्वस्त रहें कि हमारे जीवन की हर परिस्थिति और परेशानी में वह हमारे साथ है, और उसमें सामर्थ्य है की जब भी वह कहे, “शांत हो; थम जाओ”, यह हो जाएगा। - एडम होल्ज़

परमेश्वर के हमारे निकट होने से अधिक निकट कोई खतरा हम पर नहीं आ सकता है।

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: मरकुस 4:35-41
मरकुस 4:35 उसी दिन जब सांझ हुई, तो उसने उन से कहा; आओ, हम पार चलें,
मरकुस 4:36 और वे भीड़ को छोड़कर जैसा वह था, वैसा ही उसे नाव पर साथ ले चले; और उसके साथ, और भी नावें थीं।
मरकुस 4:37 तब बड़ी आन्‍धी आई, और लहरें नाव पर यहां तक लगीं, कि वह अब पानी से भरी जाती थी।
मरकुस 4:38 और वह आप पिछले भाग में गद्दी पर सो रहा था; तब उन्होंने उसे जगाकर उस से कहा; हे गुरू, क्या तुझे चिन्‍ता नहीं, कि हम नाश हुए जाते हैं?
मरकुस 4:39 तब उसने उठ कर आन्‍धी को डांटा, और पानी से कहा; “शान्‍त रह, थम जा”: और आन्‍धी थम गई और बड़ा चैन हो गया।
मरकुस 4:40 और उन से कहा; तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं?
मरकुस 4:41 और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 25-26
  • लूका 12:32-59



सोमवार, 13 अप्रैल 2020

देह



     जब हमारे साथ के एक कार्यकर्ता ने अत्याधिक पीड़ा के कारण दफ्तर से छुट्टी ली तो हम सभी उस के लिए चिंतित हुए। उसे कुछ समय अस्पताल में बिताना पड़ा और बाद में कार्य से कुछ अवकाश भी लेना पड़ा। काम पर वापस लौटने के पश्चात उसने अपनी उस पीड़ा के कारण को हमें दिखाया – गुर्दे की एक पत्थरी। उसने अपने डॉक्टर से कहा था कि उस पत्थरी को उसे दे, जिससे वह एक स्मृति के सामान उसे रख ले। उस पत्थरी को देख कर मुझे भी कुछ वर्षों पहले पित्त की थैली की पत्थरी के कारण उठी अपनी पीड़ा की याद आई।

     यह रोचक है कि इतनी छोटी से चीज़ सारी देह को इतनी पीड़ा दे सकती है, कार्य करने से रोक सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भी प्रेरित पौलुस इसी बात को कोरिन्थ की मसीही मंडली को लिखी अपनी पत्री में समझाता है। 1 कुरिन्थियों 12 अध्याय, इसी विषय पर है, और इसमें मानव देह को रूपक के समान लेकर पौलुस समझा रहा है कि यदि एक अंग दुखी होता है तो पूरी देह प्रभावित होती है। पौलुस, पवित्र आत्मा की अगुवाई में, सारे संसार के मसीही विश्वासियों को परमेश्वर द्वारा एक साथ गठी गई एक देह के समान देखता है। इस एक देह में हम सब के पास भिन्न योग्यताएँ और भूमिकाएँ हैं, किन्तु क्योंकि हम सभी एक ही देह के भाग हैं, इसलिए एक व्यक्ति का दुःख अन्य सभी को प्रभावित करता है। जब हमारा कोई साथी मसीही सताव, दुःख, या परीक्षाओं का सामना करता है तो उसकी पीड़ा हम सभी को कष्ट देती है।

     मेरे उस सहकर्मी के गुर्दे के दर्द ने उसकी सम्पूर्ण देह को अनुभव हो रही पीड़ा के समाधान को ढूँढने के लिए बाध्य किया। मसीह की देह में, किसी अन्य जन की पीड़ा हमारी करुणा को जागृत कर के हमें प्रोत्साहित करती है कि हम उसके लिए कुछ करें। हम प्रार्थना कर सकते हैं, प्रोत्साहन के शब्द कह सकते हैं, या किसी अन्य प्रकार की सहायता को, जिसकी उसे आवश्यकता है, उसे प्रदान कर सकते हैं, जिससे वह आराम पाए। सारी देह मिलकर ही कार्य करती है, कि सभी अंग स्वस्थ बने रहें। - लिंडा वॉशिंगटन

हम सभी प्रभु के कार्य में एक साथ हैं।

और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। - इफिसियों 2:15-16

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 12:14-26
1 कुरिन्थियों 12:14 इसलिये कि देह में एक ही अंग नहीं, परन्तु बहुत से हैं।
1 कुरिन्थियों 12:15 यदि पांव कहे कि मैं हाथ नहीं, इसलिये देह का नहीं, तो क्या वह इस कारण देह का नहीं?
1 कुरिन्थियों 12:16 और यदि कान कहे; कि मैं आंख नहीं, इसलिये देह का नहीं, तो क्या वह इस कारण देह का नहीं?
1 कुरिन्थियों 12:17 यदि सारी देह आंख ही होती तो सुनना कहां से होता? यदि सारी देह कान ही होती तो सूंघना कहां होता?
1 कुरिन्थियों 12:18 परन्तु सचमुच परमेश्वर ने अंगो को अपनी इच्छा के अनुसार एक एक कर के देह में रखा है।
1 कुरिन्थियों 12:19 यदि वे सब एक ही अंग होते, तो देह कहां होती?
1 कुरिन्थियों 12:20 परन्तु अब अंग तो बहुत से हैं, परन्तु देह एक ही है।
1 कुरिन्थियों 12:21 आंख हाथ से नहीं कह सकती, कि मुझे तेरा प्रयोजन नहीं, और न सिर पांवों से कह सकता है, कि मुझे तुम्हारा प्रयोजन नहीं।
1 कुरिन्थियों 12:22 परन्तु देह के वे अंग जो औरों से निर्बल देख पड़ते हैं, बहुत ही आवश्यक हैं।
1 कुरिन्थियों 12:23 और देह के जिन अंगो को हम आदर के योग्य नहीं समझते हैं उन्‍ही को हम अधिक आदर देते हैं; और हमारे शोभाहीन अंग और भी बहुत शोभायमान हो जाते हैं।
1 कुरिन्थियों 12:24 फिर भी हमारे शोभायमान अंगो को इस का प्रयोजन नहीं, परन्तु परमेश्वर ने देह को ऐसा बना दिया है, कि जिस अंग को घटी थी उसी को और भी बहुत आदर हो।
1 कुरिन्थियों 12:25 ताकि देह में फूट न पड़े, परन्तु अंग एक दूसरे की बराबर चिन्‍ता करें।
1 कुरिन्थियों 12:26 इसलिये यदि एक अंग दु:ख पाता है, तो सब अंग उसके साथ दु:ख पाते हैं; और यदि एक अंग की बड़ाई होती है, तो उसके साथ सब अंग आनन्द मनाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 22-24
  • लूका 12:1-31



रविवार, 12 अप्रैल 2020

क्षमा



     सुसान्नाह सिब्बर अठ्ठारहवीं शताब्दी की एक प्रसिद्ध गायिका थी। किन्तु वे अपने वैवाहिक आचरण से संबंधित समस्याओं के लिए भी विख्यात थीं। इसी लिए, जब प्रभु यीशु मसीह के विषय हैंडल का संगीत नाटक, मसीहा, का अप्रैल 1742 में डबलिन में प्रथम मंचन हुआ तब बहुतेरे दर्शकों ने उनके इस नाटक की एकल गायिका की भूमिका को स्वीकार नहीं किया। उस प्रथम मंचन के दौरान, जब  सिब्बर ने मसीहा के विषय में गाया, “वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था” (यशायाह 53:3), तो उन शब्दों ने वहां उपस्थित पादरी पैट्रिक डेलेनी को इतना प्रभावित किया, कि वे अपने स्थान पर उछल कर खड़े हो गए, और बोल उठे, “हे नारी, इस कारण तेरे सभी पाप क्षमा हों।”

     सुसान्नाह सिब्बर और हैंडल के मसीहा के विषय के मध्य संबंध स्पष्ट है। “वह दुखी पुरुष” – प्रभु यीशु मसीह – पाप के कारण “मनुष्यों का त्यागा हुआ और तुच्छ” समझा गया। भविष्यद्वक्ता यशायाह ने उसके विषय में कहा, “...मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा” (पद 11)।

     मसीहा, प्रभु यीशु मसीह, और हमारे मध्य का संबंध भी कुछ कम स्पष्ट नहीं है। हम चाहे आलोचना करने वाले दर्शको के साथ खड़े हों, या सुसान्नाह सिब्बर के साथ, या बीच में कहीं; हम सभी को पश्चाताप करने और परमेश्वर की क्षमा को स्वीकार करने की आवश्यकता है। प्रभु यीशु ने, अपने जीवन, अपनी मृत्यु, और अपने पुनरुत्थान के द्वारा परमेश्वर पिता के साथ हमारे संबंध को पुनःस्थापित करने का मार्ग प्रदान कर दिया है।

     इसके लिए, हमारे लिए जो कुछ प्रभु यीशु ने किया है उस सब के लिए, हमारे सभी पाप क्षमा हों! – टिम गुस्ताफासन

...हल्लिलूय्याह! इसलिये कि प्रभु हमारा परमेश्वर
सर्वशक्तिमान राज्य करता है। - प्रकाशितवाक्य 19:6

क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? - रोमियों 5:10

बाइबल पाठ: यशायाह 53:3-12
यशायाह 53:3 वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना।
यशायाह 53:4 निश्चय उसने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया; तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा-कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा।
यशायाह 53:5 परन्तु वह हमारे ही अपराधो के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।
यशायाह 53:6 हम तो सब के सब भेड़ों के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।
यशायाह 53:7 वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला।
यशायाह 53:8 अत्याचार कर के और दोष लगाकर वे उसे ले गए; उस समय के लोगों में से किस ने इस पर ध्यान दिया कि वह जीवतों के बीच में से उठा लिया गया? मेरे ही लोगों के अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी।
यशायाह 53:9 और उसकी कब्र भी दुष्टों के संग ठहराई गई, और मृत्यु के समय वह धनवान का संगी हुआ, यद्यपि उसने किसी प्रकार का अपद्रव न किया था और उसके मुंह से कभी छल की बात नहीं निकली थी।
यशायाह 53:10 तौभी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी।
यशायाह 53:11 वह अपने प्राणों का दु:ख उठा कर उसे देखेगा और तृप्त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा।
यशायाह 53:12 इस कारण मैं उसे महान लोगों के संग भाग दूंगा, और, वह सामर्थियों के संग लूट बांट लेगा; क्योंकि उसने अपना प्राण मृत्यु के लिये उण्डेल दिया, वह अपराधियों के संग गिना गया; तौभी उसने बहुतों के पाप का बोझ उठ लिया, और, अपराधियों के लिये बिनती करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 19-21
  • लूका 11:29-54



शनिवार, 11 अप्रैल 2020

मुकुट



     हम लोग रात्री के भोजन के लिए मेज़ के चारों ओर बैठे थे, और बारी-बारी हमने मेज़ पर रखे हुए फोम के उस चक्र में टूथपिक्स गाड़े। ईस्टर के दिन तक के लिए हम एक काँटों का मुकुट तैयार कर रहे थे; हमारे द्वारा गाड़ा गया हर एक टूथपिक, हमारे द्वारा उस दिन किए गए किसी ऐसे कार्य का सूचक था जो कि गलत था, जिसके लिए हम खेदित थे, और जिसका दण्ड प्रभु यीशु ने चुकाया था। हर संध्या को हमारे द्वारा किया जाने वाला यह कार्य हमें स्मरण करवाता था की कैसे दोषी हम थे और हमें एक उद्धारकर्ता की आवश्यकता थी, और कैसे प्रभु यीशु ने कलवारी के क्रूस पर अपना बलिदान देने के द्वारा हमें छुड़ाया है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में वर्णित जो काँटों का मुकुट प्रभु यीशु मसीह को रोमी सैनिकों के द्वारा पहनाया गया वह प्रभु को क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले उसके साथ किए गए क्रूर उपहास का एक भाग था। उस उपहास के दौरान उन्होंने उसे एक राजसी बागा भी पहनाया, और उसके हाथ में राजदण्ड के रूप में एक सरकंडा भी पकड़ाया, जिसका प्रयोग फिर उन्होंने उसे पीटने के लिए भी किया। उन्होने उसका ठट्ठा किया, उसे “यहूदियों का राजा” (मत्ती 27:29) कहा; उन्हें यह एहसास नहीं था कि उनका यह कार्य हज़ारों वर्ष बाद भी उसकी निकृष्टता के लिए स्मरण किया जाएगा। जिसका वह उपहास कर रहे थे, वह कोई साधारण राजा नहीं था; वह सृष्टिकर्ता परमेश्वर, राजाओं का राजा था – वह राजा जिसकी मृत्यु और पुनरुत्थान ने संसार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए पापों की क्षमा और उद्धार का मार्ग उपलब्ध करवा दिया।

     उस ईस्टर की प्रातः, हमने पापों की क्षमा और प्रभु में नए जीवन के उपहार को टूथपिक्स हटाकर, उनके स्थान पर फूल लगाने  के द्वारा मनाया। हमारे लिए यह बड़े आनन्द की बात थी कि परमेश्वर ने हमारे पापों को मिटा कर हमें स्वतंत्र कर दिया था, और सदा उसके साथ रहने के लिए अनन्त जीवन का मुकुट प्रदान किया था। - एमी बाउचर पाई

काँटों का मुकुट, जीवन का मुकुट बन गया।

भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं। - 2 तीमुथियुस 4:8

बाइबल पाठ: मत्ती 27:27-31
मत्ती 27:27 तब हाकिम के सिपाहियों ने यीशु को किले में ले जा कर सारी पलटन उसके चहुं ओर इकट्ठी की।
मत्ती 27:28 और उसके कपड़े उतारकर उसे किरिमजी बागा पहिनाया।
मत्ती 27:29 और काटों को मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा; और उसके दाहिने हाथ में सरकण्‍डा दिया और उसके आगे घुटने टेककर उसे ठट्ठे में उड़ाने लगे, कि हे यहूदियों के राजा नमस्‍कार।
मत्ती 27:30 और उस पर थूका; और वही सरकण्‍डा ले कर उसके सिर पर मारने लगे।
मत्ती 27:31 जब वे उसका ठट्ठा कर चुके, तो वह बागा उस पर से उतारकर फिर उसी के कपड़े उसे पहिनाए, और क्रूस पर चढ़ाने के लिये ले चले।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 17-18
  • लूका 11:1-28



शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

मार्ग



     इस पवित्र सप्ताह में, हम प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के ठीक पहले के दिनों की घटनाओं को स्मरण करते हैं। क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए प्रभु यीशु, रात भर की ताड़ना और कोड़ों की मार से लहू-लुहान स्थिति में अपना क्रूस उठाए हुए यरूशलेम के जिस मार्ग से होकर क्रूसित किए जाने के स्थान, गुलगुता, तक गए थे उसे आज ‘विया डोलोरोसा’ अर्थात ‘दुखों का मार्ग’ कहा जाता है।

     परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पत्री के लेखक ने उसे दुखों के मार्ग से बढ़कर देखा। प्रभु यीशु ने स्वेच्छा से क्रूसित किए जाने के लिए जिस दुखों के मार्ग पर गुलगुता तक की यात्रा की, उसने हमारे लिए परमेश्वर तक पहुँचने के लिए एक नया और जीवित मार्ग बना कर दे दिया (इब्रानियों 10:20)।

     सदियों से लोगों के प्रयास रहे थे कि पशुओं के बलिदानों तथा व्यवस्था को पूरा करने के द्वारा उन्हें परमेश्वर की उपस्थिति में आने का माध्यम मिल सके। परन्तु, “क्योंकि व्यवस्था जिस में आने वाली अच्छी वस्‍तुओं का प्रतिबिम्ब है, पर उन का असली स्‍वरूप नहीं, इसलिये उन एक ही प्रकार के बलिदानों के द्वारा, जो प्रति वर्ष अचूक चढ़ाए जाते हैं, पास आने वालों को कदापि सिद्ध नहीं कर सकती”; “क्योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लोहू पापों को दूर करे” (पद 1, 4)।

     उस दुःख के मार्ग से प्रभु यीशु की यात्रा उनको मृत्यु और फिर पुनरुत्थान तक ले कर गई, और हमारे लिए जीवन का मार्ग बन गया। उनके स्वेच्छा से दिए गए बलिदान के द्वारा, हम जब उन पर विश्वास कर के, उनसे अपने पापों की क्षमा मांगकर उन्हें अपने जीवन समर्पित करते हैं, हम पवित्र और परमेश्वर की दृष्टि में धर्मी ठहरते हैं। और तब, हमें किसी भी व्यवस्था के पालन अथवा पूर्ति की आवश्यकता नहीं रहती है, हम बिना किसी भय और संकोच के परमेश्वर के समक्ष आ सकते हैं, इस बात के लिए पूर्णतः आश्वस्त कि प्रभु यीशु मसीह में होकर हम परमेश्वर को स्वीकार्य तथा उसके प्रेम के पात्र हो गए हैं (पद 10, 22)।

     प्रभु के दुखों के मार्ग ने समस्त संसार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए परमेश्वर तक पहुँचने का मार्ग खोल दिया है – इसलिए प्रभु द्वारा उपलब्ध करवाए गए इस मार्ग से होकर निःसंकोच चले आईए, प्रभु आपका स्वागत करने की प्रतीक्षा में है। - एमी पीटर्सन

मसीह यीशु का बलिदान ही वह था जिसे परमेश्वर चाहता था और जो हमारी आवश्यकता थी।

सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। - रोमियों 5:1

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:1-10
इब्रानियों 10:1 क्योंकि व्यवस्था जिस में आने वाली अच्छी वस्‍तुओं का प्रतिबिम्ब है, पर उन का असली स्‍वरूप नहीं, इसलिये उन एक ही प्रकार के बलिदानों के द्वारा, जो प्रति वर्ष अचूक चढ़ाए जाते हैं, पास आने वालों को कदापि सिद्ध नहीं कर सकतीं।
इब्रानियों 10:2 नहीं तो उन का चढ़ाना बन्‍द क्यों न हो जाता? इसलिये कि जब सेवा करने वाले एक ही बार शुद्ध हो जाते, तो फिर उन का विवेक उन्हें पापी न ठहराता।
इब्रानियों 10:3 परन्तु उन के द्वारा प्रति वर्ष पापों का स्मरण हुआ करता है।
इब्रानियों 10:4 क्योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लोहू पापों को दूर करे।
इब्रानियों 10:5 इसी कारण वह जगत में आते समय कहता है, कि बलिदान और भेंट तू ने न चाही, पर मेरे लिये एक देह तैयार किया।
इब्रानियों 10:6 होम-बलियों और पाप-बलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ।
इब्रानियों 10:7 तब मैं ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूं।
इब्रानियों 10:8 ऊपर तो वह कहता है, कि न तू ने बलिदान और भेंट और होम-बलियों और पाप-बलियों को चाहा, और न उन से प्रसन्न हुआ; यद्यपि ये बलिदान तो व्यवस्था के अनुसार चढ़ाए जाते हैं।
इब्रानियों 10:9 फिर यह भी कहता है, कि देख, मैं आ गया हूं, ताकि तेरी इच्छा पूरी करूं; निदान वह पहिले को उठा देता है, ताकि दूसरे को नियुक्त करे।
इब्रानियों 10:10 उसी इच्छा से हम यीशु मसीह की देह के एक ही बार बलिदान चढ़ाए जाने के द्वारा पवित्र किए गए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 15-16
  • लूका 10:25-42



गुरुवार, 9 अप्रैल 2020

प्रेम



     एक दिन, हमारी फिज़िक्स की क्लास के दौरान  हमारे शिक्षक ने हम सभी से प्रश्न पूछा – बिना पीछे मुड़कर देखे बताएं कि क्लास के पीछे की दीवार का रंग क्या है? हम में से कोई भी उत्तर नहीं देने पाया, क्योंकि हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया था। कभी-कभी हम जीवन की अनेकों बातों को अनदेखा कर देते हैं, क्योंकि या तो हम हर बात को याद नहीं रखने पाते हैं, या हम उसे जो हमेशा वहीं होता है, ध्यान पूर्वक देखने नहीं पाते हैं।

     मेरे साथ भी यही हुआ जब मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में से प्रभु यीशु द्वारा अपने शिष्यों के पैर धोने के वृतांत को एक बार फिर से पढ़ा। यह एक जाना-पहचाना वृतांत है, जिसे ईस्टर से पूर्व  के सप्ताह में अकसर पढ़ा जाता है। यह बात कि हमारा उद्धारकर्ता प्रभु और राजा अपने शिष्यों के पैर धोने के लिए झुकता है अपने आप में अद्भुत और अनुपम है। प्रभु यीशु के दिनों में, यहूदी सेवकों को भी यह करने को नहीं कहा जाता था क्योंकि इसे उनकी मर्यादा से भी तुच्छ समझा जाता था। लेकिन इससे पहले जो बात मैंने ध्यान नहीं की थी, वह थी कि प्रभु यीशु ने, जो मनुष्य और परमेश्वर दोनों थे, यहूदा इस्करियोती के भी पैर धोए, यह जानते हुए भी कि कुछ ही समय में यहूदा उन्हें मारे जाने के लिए धोखा देकर पकड़वा देगा। परन्तु प्रभु यीशु ने फिर भी अपने आप को नम्र किया और यहूदा के पैर भी धोए।

     प्रभु का प्रेम उसके प्रति भी था जो उन्हें धोखा देने वाला था। जब हम प्रभु के जीवन के इस सपताह की घटनाओं पर विचार करते हैं, और प्रभु के मृतकों में से पुनरुत्थान के उत्सव को मनाने की तैयारी करते हैं, हम भी परमेश्वर से वैसी ही नम्रता का स्वभाव पाने के लिए प्रार्थना करें, जिससे हम प्रभु यीशु के प्रेम को औरों तक पहुंचा सकें, अपने विरोधियों और शत्रुओं को भी। - एमी बाउचर पाई


प्रेम में होकर ही प्रभु यीशु ने अपने आप को दीन किया और शिष्यों के पैर धोए।

मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो। इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। - यूहन्ना 15:12-13

बाइबल पाठ: यूहन्ना 13:1-17
यूहन्ना 13:1 फसह के पर्व से पहिले जब यीशु ने जान लिया, कि मेरी वह घड़ी आ पहुंची है कि जगत छोड़कर पिता के पास जाऊं, तो अपने लोगों से, जो जगत में थे, जैसा प्रेम वह रखता था, अन्‍त तक वैसा ही प्रेम रखता रहा।
यूहन्ना 13:2 और जब शैतान शमौन के पुत्र यहूदा इस्करियोती के मन में यह डाल चुका था, कि उसे पकड़वाए, तो भोजन के समय।
यूहन्ना 13:3 यीशु ने यह जानकर कि पिता ने सब कुछ मेरे हाथ में कर दिया है और मैं परमेश्वर के पास से आया हूं, और परमेश्वर के पास जाता हूं।
यूहन्ना 13:4 भोजन पर से उठ कर अपने कपड़े उतार दिए, और अंगोछा ले कर अपनी कमर बान्‍धी।
यूहन्ना 13:5 तब बरतन में पानी भरकर चेलों के पांव धोने और जिस अंगोछे से उस की कमर बन्‍धी थी उसी से पोंछने लगा।
यूहन्ना 13:6 जब वह शमौन पतरस के पास आया: तब उसने उस से कहा, हे प्रभु,
यूहन्ना 13:7 क्या तू मेरे पांव धोता है? यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो मैं करता हूं, तू अब नहीं जानता, परन्तु इस के बाद समझेगा।
यूहन्ना 13:8 पतरस ने उस से कहा, तू मेरे पांव कभी न धोने पाएगा: यह सुनकर यीशु ने उस से कहा, यदि मैं तुझे न धोऊं, तो मेरे साथ तेरा कुछ भी साझा नहीं।
यूहन्ना 13:9 शमौन पतरस ने उस से कहा, हे प्रभु, तो मेरे पांव ही नहीं, वरन हाथ और सिर भी धो दे।
यूहन्ना 13:10 यीशु ने उस से कहा, जो नहा चुका है, उसे पांव के सिवा और कुछ धोने का प्रयोजन नहीं; परन्तु वह बिलकुल शुद्ध है: और तुम शुद्ध हो; परन्तु सब के सब नहीं।
यूहन्ना 13:11 वह तो अपने पकड़वाने वाले को जानता था इसी लिये उसने कहा, तुम सब के सब शुद्ध नहीं।
यूहन्ना 13:12 जब वह उन के पांव धो चुका और अपने कपड़े पहिनकर फिर बैठ गया तो उन से कहने लगा, क्या तुम समझे कि मैं ने तुम्हारे साथ क्या किया?
यूहन्ना 13:13 तुम मुझे गुरू, और प्रभु, कहते हो, और भला कहते हो, क्योंकि मैं वही हूं।
यूहन्ना 13:14 यदि मैं ने प्रभु और गुरू हो कर तुम्हारे पांव धोए; तो तुम्हें भी एक दुसरे के पांव धोना चाहिए।
यूहन्ना 13:15 क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो।
यूहन्ना 13:16 मैं तुम से सच सच कहता हूं, दास अपने स्‍वामी से बड़ा नहीं; और न भेजा हुआ अपने भेजने वाले से।
यूहन्ना 13:17 तुम तो ये बातें जानते हो, और यदि उन पर चलो, तो धन्य हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 13-14
  • लूका 10:1-24



बुधवार, 8 अप्रैल 2020

देखो



     मैक्सिकन संगीतकार रुबेन सोटेलो का गीत, Look At Him (उसकी ओर देखो), प्रभु यीशु के क्रूस पर होने के बारे में है। सोटेलो हमें शांत होकर प्रभु यीशु की ओर देखने को कहता है, क्योंकि क्रूस पर जिस प्रकार के प्रेम का प्रभु यीशु मसीह ने उदाहरण प्रस्तुत किया उसके सामने कहने के लिए कुछ नहीं रह जाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में सुसमाचारों में वर्णित उस दृश्य की कल्पना हम विश्वास के द्वारा कर सकते हैं। हम उस क्रूस, बह रहे खून, कीलों, और वहां की वेदना की कल्पना कर सकते हैं।

     जब प्रभु यीशु मसीह ने क्रूस पर अपना बलिदान दिया, तब, “भीड़ जो यह देखने को इकट्ठी हुई भी, इस घटना को, देखकर छाती- पीटती हुई लौट गई” (लूका 23:48)। कुछ अन्य “...दूर खड़ी हुई यह सब देख रही” (पद 49); वे देख रहे थे और मौन थे। केवल एक ही जन, एक सूबेदार, ने कुछ कहा, “सूबेदार ने, जो कुछ हुआ था देखकर, परमेश्वर की बड़ाई की, और कहा; निश्चय यह मनुष्य धर्मी था” (पद 47)।

     इस महान प्रेम का वर्णन करने के लिए अनेकों गीत और कविताएँ लिखी गई हैं। कई सदियों पहले, यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता ने यरूशलेम के विनाश के पश्चात उसकी त्रासदी की पीड़ा के विषय में लिखा (विलापगीत 1:12); वह लोगों से देखने और ध्यान करने के लिए कह रहा था, क्योंकि उसे लग रहा था कि यरुशलेम की पीड़ा से बढ़कर कोई पीड़ा नहीं हो सकती थी। परन्तु क्या प्रभु यीशु की पीड़ा के समान कभी कोई पीड़ा रही है?

     हम सभी अपने जीवन मार्ग पर चलते हुए, कभी न कभी, प्रभु यीशु के क्रूस के पास से होकर निकलते हैं। क्या हम उसे और उसके प्रेम को देखते हैं, उस पर विचार करते हैं? इस ईस्टर, जब शब्द और कविताएं हमारी कृतज्ञता और प्रेम को व्यक्त करने, तथा परमेश्वर के प्रेम का वर्णन करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, हम थोड़ा समय प्रभु के क्रूस की ओर देखने में बिताएं और शांत होकर उसकी मृत्यु के बारे में मनन करें, और देखें कि हमने वास्तव में उसे अपने जीवन समर्पित किए हैं कि नहीं। - कीला ओकोआ

क्रूस की ओर देखो और समर्पण तथा आराधना करो।

हे सब बटोहियो, क्या तुम्हें इस बात की कुछ भी चिन्ता नहीं? दृष्टि कर के देखो, क्या मेरे दु:ख से बढ़ कर कोई और पीड़ा है जो यहोवा ने अपने क्रोध के दिन मुझ पर डाल दी है? - विलापगीत 1:12

बाइबल पाठ: लुका 23:44-49
लूका 23:44 और लगभग दो पहर से तीसरे पहर तक सारे देश में अन्धियारा छाया रहा।
लूका 23:45 और सूर्य का उजियाला जाता रहा, और मन्दिर का परदा बीच में फट गया।
लूका 23:46 और यीशु ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं: और यह कहकर प्राण छोड़ दिए।
लूका 23:47 सूबेदार ने, जो कुछ हुआ था देखकर, परमेश्वर की बड़ाई की, और कहा; निश्चय यह मनुष्य धर्मी था।
लूका 23:48 और भीड़ जो यह देखने को इकट्ठी हुई भी, इस घटना को, देखकर छाती- पीटती हुई लौट गई।
लूका 23:49 और उसके सब जान पहचान, और जो स्त्रियां गलील से उसके साथ आई थीं, दूर खड़ी हुई यह सब देख रही थीं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 10-12
  • लूका 9:37-62