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मंगलवार, 11 अगस्त 2020

कार्य


    किराने की दुकान पर सामान खरीदने जाना कोई ऐसा कार्य नहीं है जो मुझे पसंद आता है – यह बस दैनिक जीवन की एक आवश्यकता है, जिसे निभाना होता है। लेकिन इस कार्य का एक भाग है जो मुझे अनपेक्षित रीति से अच्छा लगने लगा है, और मुझे जिसकी अभिलाषा रहती है  - दुकान पर सामान के पैसे चुकाने के लिए फ्रैड वाली पंक्ति में खड़े होना। फ्रैड सामान का हिसाब लगाने और पैसे चुकाने को बहुत तेज़ी से करता है, उसके मुँह पर सदा ही एक बड़ी से मुस्कान रहती है, और वह कभी कभी यह करते हुए नाचता या गाना भी गाता रहता है, तथा साथ ही न टूटने वाले सामान को एक कलाकार के समान उछाल कर प्लास्टिक के थैले में डालता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि फ्रैड को अपना कार्य पसंद है, यद्यपि वह ऐसा कार्य है जो सामान्यतः बहुत उबाऊ समझा जाता है। चाहे थोड़ी सी देर ही के लिए सही, लेकिन फ्रैड की आनन्दित आत्मा, उसकी पंक्ति में खड़े लोगों के जीवन को आनन्दित कर देती है।

    फ्रैड जिस प्रकार से अपना कार्य करता है, उससे मैं उसकी सराहना और आदर करने लगा हूँ। उसका हंसमुख रवैया, सेवा भाव, और कार्य के प्रति लगन, सभी परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस प्रेरित द्वारा कुलुस्से की मसीही मंडली को कार्य करने के संबंध में लिखे गए निर्देशों से मेल खाता है। पौलुस ने उन्हें लिखा, और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो” (कुलुस्सियों 3:23)।

    जब हम प्रभु यीशु के साथ संबंध में बंधे होते हैं, तो हमें जो भी कार्य करना हो, वह हमारे जीवनों में उसे प्रतिबिंबित करने का अवसर प्रदान करता है। कोई भी कार्य, न तो छोटा है और न बड़ा! हमें अपनी जिम्मेदारियों को, वो चाहे जो भी हों, आनन्द, रचनात्मकता, और उत्तमता के साथ निर्वाह करने से अवसर रहता है कि हम अपने आस पास के लोगों पर मसीही जीवन का प्रभाव डाल सकें, चाहे हमारा कार्य कुछ भी हो। - एडम होल्ज़

 

संतुष्टि का कार्य करने का सर्वोत्तम तरीका है, हर कार्य को प्रभु के लिए करना।


और जो जो काम उसने परमेश्वर के भवन की उपासना और व्यवस्था और आज्ञा के विषय अपने परमेश्वर की खोज में किया, वह उसने अपना सारा मन लगाकर किया और उस में कृतार्थ भी हुआ। - 2 इतिहास 31:21

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:18-23

कुलुस्सियों 3:18 हे पत्नियों, जेसा प्रभु में उचित है, वैसा ही अपने अपने पति के आधीन रहो।

कुलुस्सियों 3:19 हे पतियों, अपनी अपनी पत्नी से प्रेम रखो, और उन से कठोरता न करो।

कुलुस्सियों 3:20 हे बालको, सब बातों में अपने अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करो, क्योंकि प्रभु इस से प्रसन्न होता है।

कुलुस्सियों 3:21 हे बच्चे वालो, अपने बालकों को तंग न करो, न हो कि उन का साहस टूट जाए।

कुलुस्सियों 3:22 हे सेवकों, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करने वालों के समान दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से।

कुलुस्सियों 3:23 और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 81-83
  • रोमियों 11:19-36


सोमवार, 10 अगस्त 2020

विलाप


    बाहमास के नासाऊ में स्थित क्लिफटन हेरिटेज नैशनल पार्क जाना, इतिहास के एक त्रासदी पूर्ण समय में जाना है। जहाँ पर पानी और भूमि मिलते हैं, वहाँ से पत्थर की सीढ़ियाँ ऊपर चट्टान पर स्थित स्थान को ले जाती हैं। अठारहवीं शताब्दी में जो दास जहाज़ों द्वारा बाहमास लाए जाते थे, वे उन्हीं सीढ़ियों को चढ़कर ऊपर आते थे, बहुधा अपने परिवारों को पीछे छोड़ कर एक अमानवीय बर्ताव में कदम रखने के लिए। वहाँ के सबसे ऊंचे स्थान पर उन दासों के लिए एक स्मारक बनाया गया है। देवदार के पेड़ों पर स्त्रियों की मूर्तियाँ तराशी गई हैं, जो समुद्र की ओर देख रही हैं, अपनी मातृभूमि और उन रिश्तेदारों की लालसा में जिन्हें वे अब खो चुकी हैं। प्रत्येक मूर्ति पर दासों को लाने वाले जहाज़ों के कप्तानों के कोड़ों के निशान भी बने हुए हैं।

    उन स्त्रियों की ये मूर्तियाँ जो उसका शोक कर रही हैं जो उन्होंने खो दिया है, मुझे स्मरण दिलाती हैं कि संसार के अन्याय और टूटी हुई प्रणालियों को पहचानने की कितनी आवश्यकता है, और उनके लिए शोक तथा विलाप करने की। विलाप करने का यह अर्थ नहीं है कि हमारे पास कोई आशा नहीं है; वरन यह परमेश्वर के साथ सत्यनिष्ठ होने का एक तरीका है। यह मसीहियों के लिए एक परिचित बात होनी चाहिए; परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन संहिता के लगभग चालीस प्रतिशत भजन, विलाप के भजन हैं, और विलापगीत की पुस्तक में परमेश्वर के लोग उसके सामने विलाप करते हैं क्योंकि आक्रमणकारियों ने उनके नगर में घुसकर उसे नष्ट कर दिया था।

    विलाप करना सताव के दुःख की एक उचित प्रतिक्रिया है और इससे परमेश्वर के साथ दुःख और परेशानी में संपर्क किया जा सकता है। अन्ततः विलाप करना आशावादी होता है, जब हम उसके लिए विलाप करते हैं जो सही नहीं है, और हम अपने आप से तथा औरों से उससे संबंधित परिवर्तन को लाने के लिए सक्रिय होने और बदलाव लाने की अपेक्षा करते हैं।

    और इसी लिए नासाऊ के उस मूर्तियों के बगीचे का नाम “जेनिसिस” (उत्पत्ति) रखा गया है – विलाप के उस स्थान को एक नए आरंभ का स्थान भी माना गया है। - एमी पीटरसन

 

हम भरोसा रख सकते हैं कि हमारे विलाप के समयों में से परमेश्वर कुछ नया आरंभ करेगा।


मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दुहाई सुनी। उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है। - भजन 40:1-2

बाइबल पाठ: विलापगीत 3:49-58

विलापगीत 3:49 मेरी आंख से लगातार आंसू बहते रहेंगे,

विलापगीत 3:50 जब तक यहोवा स्वर्ग से मेरी ओर न देखे;

विलापगीत 3:51 अपनी नगरी की सब स्त्रियों का हाल देखने पर मेरा दु:ख बढ़ता है।

विलापगीत 3:52 जो व्यर्थ मेरे शत्रु बने हैं, उन्होंने निर्दयता से चिडिय़ा के समान मेरा अहेर किया है;

विलापगीत 3:53 उन्होंने मुझे गड़हे में डाल कर मेरे जीवन का अन्त करने के लिये मेरे ऊपर पत्थर लुढ़काए हैं;

विलापगीत 3:54 मेरे सिर पर से जल बह गया, मैं ने कहा, मैं अब नाश हो गया।

विलापगीत 3:55 हे यहोवा, गहरे गड़हे में से मैं ने तुझ से प्रार्थना की;

विलापगीत 3:56 तू ने मेरी सुनी कि जो दुहाई देकर मैं चिल्लाता हूँ उस से कान न फेर ले!

विलापगीत 3:57 जब मैं ने तुझे पुकारा, तब तू ने मुझ से कहा, मत डर!

विलापगीत 3:58 हे यहोवा, तू ने मेरा मुक़द्दमा लड़ कर मेरा प्राण बचा लिया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 79-80
  • रोमियों 11:1-18


रविवार, 9 अगस्त 2020

पिता


    जब हमारा बेटा, ज़ेवियर, छोटा था, तब अकसर मेरे पति को काम के लिए बाहर, घर से दूर, जाना पड़ता था। यद्यपि उसके पिता उससे फोन पर बातें करते रहते थे, फिर भी कभी-कभी, कुछ रातें ऐसी होती थीं जब केवल फोन पर बात करने भर से ही ज़ेवियर संतुष्ट नहीं होता था। ऐसे में, जब उसे अपने पिता की कमी अखरती थी, तो मैं रात को सोने जाने से पहले परिवार की फोटो के एलबम को लेकर उसके साथ बैठती थी, और उसे वे फोटो दिखाती थी जिनमें वह अपने पिता के साथ होता था, और उसे उन फोटो से संबंधित बातों को स्मरण करवाती थी। इन सभी स्मृतियों के ताज़ा होने से हमारे बेटे को दिलासा मिलती थी, वह आनन्दित होता था, और अकसर कहा करता था, “मेरे पिताजी बहुत अच्छे हैं।”  

    मैंने ज़ेवियर की उसके पिता के प्रेम को याद दिलाए जाने की आवश्यकता को समझा, विशेषकर तब, जब वह उनें देख नहीं पाता था। मैं भी जब अकेलेपन से होकर निकलती हूँ, तो मेरी भी लालसा होती है कि कोई मुझे स्मरण करवाए कि मैं भी प्रेम की पात्र हूँ, विशेषकर अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर के प्रेम की।

    परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने अपने शत्रुओं से छिपे हुए होने के समय में परमेश्वर की गहरी अभिलाषा को व्यक्त किया (भजन 63:1)। जब उसने परमेश्वर के साथ उसके व्यक्तिगत संपर्क की बातों, परमेश्वर की असीम सामर्थ्य और संतुष्ट करने वाले प्रेम का ध्यान किया, तो उसने परमेश्वर की आराधना की (पद 2-5)। अपनी सबसे कठिन रातों में भी दाऊद अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर की प्रेम भरी देखभाल में आश्वस्त होकर आनन्दित हो सका (पद 6-8)।

    हमारे कठिन समयों में, जब हमें ऐसा लगे कि परमेश्वर हमारे लिए उपलब्ध नहीं है, तब हमें उन स्मृतियों की आवश्यकता होती है कि परमेश्वर कौन है और उसने कैसे अपने प्रेम को हमें अनुभव करवाया है। उसके साथ हमारे व्यक्तिगत अनुभवों पर विचार करते हुए, और पवित्र शास्त्र में लिखे उसके कार्यों को स्मरण करने से हम अनेकों प्रकार से जान सकते हैं कि हमारा अच्छा परमेश्वर पिता हम से प्रेम करता है। - होकिटिल डिक्सन

 

परमेश्वर के कार्यों को स्मरण करने के द्वारा, 

जो उसके चरित्र को प्रकट करते हैं, 

हम उसके प्रेम के लिए आश्वस्त हो सकते हैं।


उन बातों को सोचता रह, और इन्हीं में अपना ध्यान लगाए रह ताकि तेरी उन्नति सब पर प्रगट हो। अपनी और अपने उपदेश की चौकसी रख। - 1तिमुथियुस 4:15

बाइबल पाठ: भजन 63

भजन 63:1 हे परमेश्वर, तू मेरा ईश्वर है, मैं तुझे यत्न से ढूंढूंगा; सूखी और निर्जल ऊसर भूमि पर, मेरा मन तेरा प्यासा है, मेरा शरीर तेरा अति अभिलाषी है।

भजन 63:2 इस प्रकार से मैं ने पवित्र स्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं।

भजन 63:3 क्योंकि तेरी करुणा जीवन से भी उत्तम है मैं तेरी प्रशंसा करूंगा।

भजन 63:4 इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा; और तेरा नाम ले कर अपने हाथ उठाऊंगा।

भजन 63:5 मेरा जीव मानो चर्बी और चिकने भोजन से तृप्त होगा, और मैं जयजयकार कर के तेरी स्तुति करूंगा।

भजन 63:6 जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा;

भजन 63:7 क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिये मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूंगा।

भजन 63:8 मेरा मन तेरे पीछे पीछे लगा चलता है; और मुझे तो तू अपने दाहिने हाथ से थाम रखता है।

भजन 63:9 परन्तु जो मेरे प्राण के खोजी हैं, वे पृथ्वी के नीचे स्थानों में जा पड़ेंगे;

भजन 63:10 वे तलवार से मारे जाएंगे, और गीदड़ों का आहार हो जाएंगे।

भजन 63:11 परन्तु राजा परमेश्वर के कारण आनन्दित होगा; जो कोई ईश्वर की शपथ खाए, वह बड़ाई करने पाएगा; परन्तु झूठ बोलने वालों का मुंह बन्द किया जाएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 77-78
  • रोमियों 10


शनिवार, 8 अगस्त 2020

प्रेम


    नबील कुरेशी ने अपना पारिवारिक धर्म छोड़कर प्रभु यीशु में विश्वास किया, और पुस्तकें लिखीं जिससे उसके पाठक उन लोगों के बारे में समझ सकें जो उस धर्म को मानते हैं, जिसे छोड़कर वह प्रभु यीशु के पास आया है। नबील के लिखने का भाव सदा सम्मानजनक रहा है और वह अपने लोगों के प्रति प्रेम को व्यक्त करता है। नबील ने अपनी एक पुस्तक अपनी बहन को समर्पित की है, जो अभी तक मसीह यीशु में विश्वास नहीं ला सकी है। उसके इस समर्पण के शब्द थोड़े किन्तु प्रबल हैं; उसने लिखा, “मैं परमेश्वर से उस दिन के लिए प्रार्थना कर रहा हूँ जब हम साथ मिलकर उसकी आराधना कर सकेंगे।”

    हम परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस द्वारा रोम में स्थित मसीही विश्वासियों को लिखे गए उसके पत्र में ऐसे ही प्रेम का आभास पाते हैं। पौलुस ने लिखा, कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है, क्योंकि मैं यहाँ तक चाहता था कि अपने भाइयों के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, स्वयं ही मसीह से शापित हो जाता” (रोमियों 9:2-3)।

    पौलुस को अपने यहूदी लोगों से इतना प्रेम था कि यदि उसके परमेश्वर से दूर जाने से वे परमेश्वर के निकट आते और मसीह यीशु को स्वीकार कर लेते तो वह यह करने के लिए भी तैयार था। वह इस गंभीरता को समझता था कि प्रभु यीशु का तिरस्कार करने के द्वारा, उसके लोग उस एकमात्र सच्चे परमेश्वर का तिरस्कार कर रहे थे। यही उसकी वह प्रेरणा थी जिसके अंतर्गत उसने अपने पाठकों से यीशु के सुसमाचार को सभी के साथ बाँटने का आग्रह किया (10:14-15)।

    आज हम भी अपने आप को प्रार्थना पूर्वक ऐसे प्रेम व्यवहार को समर्पित करें जो हमारे निकट जनों के उद्धार के लिए चिंतित रहता है। - टिम गुस्ताफासन

 

हमें उनसे प्रेम करना है जिनके लिए मसीह मरा, और उनसे भी जिनमें वह जीवित है।

हे भाइयो, मेरे मन की अभिलाषा और उनके लिये परमेश्‍वर से मेरी प्रार्थना है कि वे उद्धार पाएँ। - रोमियों 10:1

बाइबल पाठ: रोमियों 9:1-5

रोमियों 9:1 मैं मसीह में सच कहता हूँ, मैं झूठ नहीं बोल रहा और मेरा विवेक भी पवित्र आत्मा में गवाही देता है

रोमियों 9:2 कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है,

रोमियों 9:3 क्योंकि मैं यहाँ तक चाहता था कि अपने भाइयों के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, स्वयं ही मसीह से शापित हो जाता।

रोमियों 9:4 वे इस्राएली हैं, और लेपालकपन का अधिकार और महिमा और वाचाएँ और व्यवस्था और उपासना और प्रतिज्ञाएँ उन्हीं की हैं। 

रोमियों 9:5 पुरखे भी उन्हीं के हैं, और मसीह भी शरीर के भाव से उन्हीं में से हुआ जो सब के ऊपर परम परमेश्‍वर, युगानुयुग धन्य है। आमीन।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 74-76
  • रोमियों 9:16-33


शुक्रवार, 7 अगस्त 2020

प्रार्थना


    सन 1997 के एशियाई वित्तीय संकट के समय में उतनी नौकरियां नहीं थीं जितने लोग नौकरी खोज रहे थे। मैं भी उन नौकरी खोजने वालों में से एक थी। नौ महीनों के चिंता भरे महीने प्रतीक्षा करने के बाद मुझे एक छोटी सी नौकरी मिली, लेकिन जिस कंपनी में नौकरी मिली थी, वह शीघ्र ही बन्द हो गई और मैं फिर से बेरोजगार हो गई।

    क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है? आपको लगने लगता है कि अब जो कुछ बुरा हो सकता था, वह हो चुका है, अब और कुछ नहीं बिगड़ेगा, तभी अचानक ही आपके पैरों तले से ज़मीन खिसक जाती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम सारपत की विधवा के साथ कुछ ऐसा ही होता हुआ पाते हैं (1 राजाओं 17:12)। देश में पड़े हुए अकाल के कारण वह विधवा अपने और अपने बेटे के लिए अपना अंतिम भोजन पकाने की तैयारी कर रही थी, कि एलिय्याह भविष्यद्वक्ता ने उस से कहा कि वह पहले उसे एक रोटी बना कर दे। उसने हिचकिचाते हुए उसकी बात स्वीकार कर ली, और परमेश्वर ने उसके लिए एक निरंतर बने रहने वाली तेल और मैदा की आपूर्ति का प्रावधान कर दिया (आयतें 10-16)।

    लेकिन इसके बाद उसका बेटा बीमार पड़ गया, और उसकी हालत बिगड़ती चली गई, यहाँ तक कि उसकी साँस भी रुक गई। वह विधवा एलिय्याह के सामने विलाप कर के कहने लगी, तब वह एलिय्याह से कहने लगी, “हे परमेश्‍वर के जन! मेरा तुझ से क्या काम? क्या तू इसलिये मेरे यहाँ आया है कि मेरे बेटे की मृत्यु का कारण हो और मेरे पाप का स्मरण दिलाए?” (पद 18)।

    कभी-कभी हम उस विधवा के समान प्रतिक्रिया देना चाहते हैं – यह सोचते हुए कि परमेश्वर हमें दण्ड दे रहा है, लेकिन क्यों, यह हमारी समझ में नहीं आता है। हम भूल जाते हैं कि इस पतित संसार में, बुरी बातें होती हैं।

    एलिय्याह ने उसकी चिंता को परमेश्वर के सामने रखा, उस बच्चे के लिए सच्चाई और बल देकर प्रार्थना की, और परमेश्वर ने उस बच्चे को जिला दिया! (पद 20-22)।

    जब हमारे पैरों तले ज़मीन खिसकने लगे, हम भी एलिय्याह के समान इस बात को स्मरण रखें कि हमारा विश्वासयोग्य स्वर्गीय पिता हमें कभी नहीं छोड़ेगा! हम परमेश्वर के उद्देश्यों में आश्वासन रखते हुए अपनी प्रार्थनाएँ उसके सामने रख सकते हैं।

 

परमेश्वर हर समय में, भले या बुरे, अच्छा ही रहता है।

इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएँ, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे। - इब्रानियों 4:16

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 17:15-24

1 राजाओं 17:15 तब वह चली गई, और एलिय्याह के वचन के अनुसार किया, तब से वह और स्त्री और उसका घराना बहुत दिन तक खाते रहे।

1 राजाओं 17:16 यहोवा के उस वचन के अनुसार जो उसने एलिय्याह के द्वारा कहा था, न तो उस घड़े का मैदा समाप्‍त हुआ, और न उस कुप्पी का तेल घटा।

1 राजाओं 17:17 इन बातों के बाद उस स्त्री का बेटा जो घर की स्वामिनी थी, रोगी हुआ, और उसका रोग यहाँ तक बढ़ा कि उसका साँस लेना बन्द हो गया।

1 राजाओं 17:18 तब वह एलिय्याह से कहने लगी, “हे परमेश्‍वर के जन! मेरा तुझ से क्या काम? क्या तू इसलिये मेरे यहाँ आया है कि मेरे बेटे की मृत्यु का कारण हो और मेरे पाप का स्मरण दिलाए?”

1 राजाओं 17:19 उसने उससे कहा, “अपना बेटा मुझे दे।” तब वह उसे उसकी गोद से लेकर उस अटारी पर ले गया जहाँ वह स्वयं रहता था, और अपनी खाट पर लिटा दिया।

1 राजाओं 17:20 तब उसने यहोवा को पुकारकर कहा, “हे मेरे परमेश्‍वर यहोवा! क्या तू इस विधवा का बेटा मार डालकर जिसके यहाँ मैं टिका हूँ, इस पर भी विपत्ति ले आया है?”

1 राजाओं 17:21 तब वह बालक पर तीन बार पसर गया और यहोवा को पुकारकर कहा, “हे मेरे परमेश्‍वर यहोवा! इस बालक का प्राण इसमें फिर डाल दे।” 

1 राजाओं 17:22 एलिय्याह की यह बात यहोवा ने सुन ली, और बालक का प्राण उसमें फिर आ गया और वह जी उठा।

1 राजाओं 17:23 तब एलिय्याह बालक को अटारी पर से नीचे घर में ले गया, और एलिय्याह ने यह कहकर उसकी माता के हाथ में सौंप दिया, “देख तेरा बेटा जीवित है।”

1 राजाओं 17: 24 स्त्री ने एलिय्याह से कहा, “अब मुझे निश्‍चय हो गया है कि तू परमेश्‍वर का जन है, और यहोवा का जो वचन तेरे मुँह से निकलता है, वह सच होता है।”

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 72-73
  • रोमियों 9:1-15


गुरुवार, 6 अगस्त 2020

आनन्द


         पूरा सप्ताह नीरस रहा था, मैं सुस्त और निरुत्साहित अनुभव कर रही थी, और समझ नहीं पा रही थी कि ऐसा क्यों हो रहा था। सप्ताहान्त के निकट मुझे पता चला कि मेरी एक वृद्ध चाची बीमार थी, उनके गुर्दे ठीक से काम नहीं कर रहे थे। मैं जानती थी कि मुझे उनसे मिलने जाना चाहिए, परन्तु मैं अभी के लिए उनके पास जाने को टालना चाह रही थी। फिर भी मैं उनके घर गई, हमने साथ मिलकर भोजन किया, बातें कीं, और प्रार्थना की। उनके साथ वह समय बिताने के बाद मैं उनके घर से निकल कर अपने घर को चली, सप्ताह में पहली बार उत्साहित और सक्रिय अनुभव करते हुए। अपने ऊपर ध्यान लगाए रखने के स्थान पर, किसी और पर ध्यान लगाने के द्वारा मैं अच्छा अनुभव करने लगी थी।


         मनोवैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि किसी को कुछ देने से हमें संतुष्टि प्राप्त होती है, जो कि जिसे दिया गया है उसकी कृतज्ञता को देखने से आती है। कुछ विशेषज्ञों का तो यह भी मानना है कि उदार होना हम मनुष्यों की रचना का एक भाग है।


         परमेश्वर के वचन बाइबल में संभवतः इसीलिए पौलुस ने थिस्स्लुनीकिया की मसीही मंडली को लिखी अपनी पत्री में, जब वह उनसे मसीही विश्वासियों के अपने समुदाय को बढ़ाने की बात लिखता है तो साथ ही उन्हें “दुर्बलों को संभालने” (1 थिस्स्लुनीकियों 5:14) का परामर्श भी देता है। इससे पहले वह प्रभु यीशु की कही बात को भी उद्धृत कर चुका था कि, “लेने से देना धन्य है” (प्रेरितों 20:35); यद्यपि यह बात आर्थिक दान के सन्दर्भ में कही गई थी, यह समय और परिश्रम देने पर भी लागू होती है।


         जब हम देते हैं, तो हमें अनुभव होता है कि परमेश्वर को कैसा लगता होगा। हम समझने पाते हैं कि क्यों परमेश्वर हमें अपना प्रेम देने से इतना आनन्दित होता है; और हम औरों को आशीष पहुंचाने के उसके आनन्द तथा संतुष्टि में सहभागी होने पाते हैं। मुझे जो आनन्द अपनी उस वृद्ध चाची से मिलकर प्राप्त हुआ, उससे मुझे लगता है कि मैं शीघ्र ही तथा बारंबार उनके पास जाऊँगी।

 

देने वाला ही सर्वाधिक पाने वाला भी होता है।


हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे न कुढ़ कुढ़ के, और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देने वाले से प्रेम रखता है। - 2कुरिन्थियों 9:7


बाइबल पाठ: 1 थिस्स्लुनीकियों 5:12-24

1 थिस्स्लुनीकियों 5:12 और हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, कि जो तुम में परिश्रम करते हैं, और प्रभु में तुम्हारे अगुवे हैं, और तुम्हें शिक्षा देते हैं, उन्हें मानो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:13 और उन के काम के कारण प्रेम के साथ उन को बहुत ही आदर के योग्य समझो: आपस में मेल-मिलाप से रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:14 और हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि जो ठीक चाल नहीं चलते, उन को समझाओ, कायरों को ढाढ़स दो, निर्बलों को संभालो, सब की ओर सहनशीलता दिखाओ।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:15 सावधान! कोई किसी से बुराई के बदले बुराई न करे; पर सदा भलाई करने पर तत्पर रहो आपस में और सब से भी भलाई ही की चेष्टा करो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:16 सदा आनन्दित रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:17 निरन्तर प्रार्थना में लगे रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:18 हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:19 आत्मा को न बुझाओ।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:20 भविष्यवाणियों को तुच्छ न जानो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:21 सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:22 सब प्रकार की बुराई से बचे रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:23 शान्ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्र करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:24 तुम्हारा बुलाने वाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 70-71
  • रोमियों 8:22-39


बुधवार, 5 अगस्त 2020

भरोसा


         मैं अपनी सहेली के साथ टहलने के लिए निकली थी, और हम परमेश्वर के वचन बाइबल के प्रति अपने प्रेम के बारे में वार्तालाप कर रहे थे। मुझे उसकी यह बात सुनकर अचंभा हुआ कि, “अरे, मुझे पुराना नियम उतना अच्छा नहीं लगता है। उसमें बहुत सी जटिल बातें हैं और प्रतिशोध भी – मुझे तो बस यीशु चाहिए!”


         जब हम पुराने नियम कि कुछ पुस्तकें, जैसे कि नहूम की पुस्तक, को पढ़ते हैं तब हम उसके समान विचार रख सकते हैं, विशेषकर तब जब हम ऐसा वाक्य पढ़ते हैं, यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता” (नहूम 1:2)। किन्तु इससे अगला ही पद हमें आशा से भर देता है: “यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है” (पद 3)।



जब हम परमेश्वर के क्रोध के विषय और गहराई से अध्ययन करते हैं, तब हम समझने पाते हैं कि जब वह यह करता है, तब अधिकांशतः वह या तो अपने लोगों का या फिर अपने नाम का बचाव कर रहा होता है। अपने असीम प्रेम के कारण, वह की गई गलतियों के लिए न्याय, या फिर उस से विमुख हो जाने वाले के लिए छुटकारा चाहता है। हम ऐसा केवल पुराने नियम में ही नहीं देखते हैं, जहाँ वह अपने लोगों को अपनी ओर वापस मुड़ने के लिए बुलाता है, परन्तु नए नियम में भी, जब उसने अपने पुत्र को हमारे पापों का बलिदान होने के लिए भेजा।


         चाहे हम परमेश्वर के चरित्र के रहस्यों को तो न समझने पाएं, परन्तु हम भरोसा रख सकते हैं कि वह न केवल न्याय करता है, वरन वही समस्त प्रेम का स्त्रोत भी है। हमें उससे भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि “यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है” (पद 7), और हम हर बात के लिए, हर परिस्थिति में उस पर भरोसा रख सकते हैं। - एमी बाउचर पाई

 

परमेश्वर के न्याय और दया का मेल क्रूस पर होता है।


और यहोवा उसके साम्हने हो कर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य, हजारों पीढिय़ों तक निरन्तर करूणा करने वाला, अधर्म और अपराध और पाप का क्षमा करने वाला है, परन्तु दोषी को वह किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा, वह पितरों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों वरन पोतों और परपोतों को भी देने वाला है। - निर्गमन 34:6-7


बाइबल पाठ: नहूम 1:1-7

नहूम 1:1 नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक।।

नहूम 1:2 यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता।

नहूम 1:3 यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा। यहोवा बवंडर और आंधी में हो कर चलता है, और बादल उसके पांवों की धूलि है।

नहूम 1:4 उसके घुड़कने से महानद सूख जाते हैं, और समुद्र भी निर्जल हो जाता है; बाशान और कर्म्मैल कुम्हलाते और लबानोन की हरियाली जाती रहती है।

नहूम 1:5 उसके स्पर्श से पहाड़ कांप उठते हैं और पहाडिय़ां गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन सारा संसार अपने सब रहने वालों समेत थरथरा उठता है।

नहूम 1:6 उसके क्रोध का सामना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग के समान भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।

नहूम 1:7 यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 68-69
  • रोमियों 8:1-21