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शनिवार, 22 अगस्त 2020

प्रेम


          मेरे नाती-पोते, जो अभी छोटे बच्चे हैं, उन्हें अपने आप को तैयार करना बहुत अच्छा लगता है, परन्तु वह बहुत गलतियां भी करते हैं। कभी वह अपने कमीज़ को उलटा पहन लेते हैं, तो कभी सबसे छोटी वाली अपनी जूतियाँ उलटी पहन लेती है। मुझे उनकी यह मासूमियत अच्छी लगती है, और उनकी गलतियाँ भी प्यारी लगती हैं।


          मुझे संसार को उनके दृष्टिकोण से देखना भी अच्छा लगता है। उनके लिए हर बात एक रोमांचक अनुभव है, चाहे वह किसी गिरे हुए पेड़ पर चलना हो, या किसी कछुए को धूप सकते हुए देखना हो, या किसी दमकल को घंटा बजाते हुए तेज़ी से जाते हुए देखना हो। परन्तु मैं यह भी जानती हूँ कि छोटे होने के बावजूद मेरे नाती-पोतों की मासूमियत निर्दोष नहीं है – उनके पास सोने का समय होने पर अपने बिस्तरों में न जाने के दर्जनों बहाने होते है; और वे एक दूसरे से अपनी पसंद के खिलौने छीन लेने में कोई देर नहीं करते हैं। लेकिन फिर भी मैं उन सब से बहुत प्रेम करती हूँ।


          परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर द्वारा रचे गए पहले मनुष्यों – आदम और हव्वा भी कई प्रकार से मेरे नाती-पोतों के समान थे। वे जब परमेश्वर के साथ पृथ्वी पर चलते फिरते थे, तो जो भी वे देखते थे वह सभी उनके लिए आश्चर्यजनक होती होगी। किन्तु एक दिन उन्होंने जानते-बूझते हुए अनाज्ञाकारिता की, और वर्जित वृक्ष के फल को खा लिया (उत्पत्ति 2:15-17; 3:6)। और इस अनाज्ञाकारिता के परिणामस्वरूप पाप ने संसार में प्रवेश किया और उन्होंने बहाने बनाना तथा औरों पर दोषारोपण करना आरंभ कर दिया (उत्पत्ति 3:8-13)।


          फिर भी परमेश्वर ने उनसे प्रेम करना नहीं छोड़ा, उसने उन्हें पहनने के वस्त्र दिए, जिसके लिए पशुओं का बलिदान देना पड़ा (3:21)। यह परमेश्वर द्वारा मनुष्य के पाप को ढाँपने के लिए बाद में प्रभु यीशु के बलिदान का प्रतीक था, जिसके द्वारा उसने सारे संसार के सभी मनुष्यों के लिए पापों की क्षमा और उद्धार का मार्ग तैयार करके दिया (यूहन्ना 3:16)। यह हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम का सूचक कि हमारे पापी स्वभाव के बावजूद परमेश्वर हमसे कितना प्रेम करता है। - एलिसन कीडा

 

प्रभु परमेश्वर हम से इतना प्रेम करता है 

कि उसने हमारे लिए अपने आप को बलिदान कर दिया।


क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16


बाइबल पाठ: उत्पत्ति 3:1-13

उत्पत्ति 3:1 यहोवा परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उसने स्त्री से कहा, क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, कि तुम इस वाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना?

उत्पत्ति 3:2 स्त्री ने सर्प से कहा, इस वाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते हैं।

उत्पत्ति 3:3 पर जो वृक्ष वाटिका के बीच में है, उसके फल के विषय में परमेश्वर ने कहा है कि न तो तुम उसको खाना और न उसको छूना, नहीं तो मर जाओगे।

उत्पत्ति 3:4 तब सर्प ने स्त्री से कहा, तुम निश्चय न मरोगे,

उत्पत्ति 3:5 वरन परमेश्वर आप जानता है, कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आंखें खुल जाएंगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे।

उत्पत्ति 3:6 सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उसने भी खाया।

उत्पत्ति 3:7 तब उन दोनों की आंखे खुल गई, और उन को मालूम हुआ कि वे नंगे है; सो उन्होंने अंजीर के पत्ते जोड़ जोड़ कर लंगोट बना लिये।

उत्पत्ति 3:8 तब यहोवा परमेश्वर जो दिन के ठंडे समय वाटिका में फिरता था उसका शब्द उन को सुनाई दिया। तब आदम और उसकी पत्नी वाटिका के वृक्षों के बीच यहोवा परमेश्वर से छिप गए।

उत्पत्ति 3:9 तब यहोवा परमेश्वर ने पुकार कर आदम से पूछा, तू कहां है?

उत्पत्ति 3:10 उसने कहा, मैं तेरा शब्द बारी में सुन कर डर गया क्योंकि मैं नंगा था; इसलिये छिप गया।

उत्पत्ति 3:11 उसने कहा, किस ने तुझे चिताया कि तू नंगा है? जिस वृक्ष का फल खाने को मैं ने तुझे मना किया था, क्या तू ने उसका फल खाया है?

उत्पत्ति 3:12 आदम ने कहा जिस स्त्री को तू ने मेरे संग रहने को दिया है उसी ने उस वृक्ष का फल मुझे दिया, और मैं ने खाया।

उत्पत्ति 3:13 तब यहोवा परमेश्वर ने स्त्री से कहा, तू ने यह क्या किया है? स्त्री ने कहा, सर्प ने मुझे बहका दिया तब मैं ने खाया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 110-112
  • 1 कुरिन्थियों 5

शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

प्रार्थना

 

        अपने बचपन में जो सबसे पहली प्रार्थना मैंने सीखी थी, वह थी, “हे प्रभु अब मैं सोने जाता हूँ, और आप के हाथ में अपनी आत्मा रखवाली के लिए सौंपता हूँ ... । मुझे यह प्रार्थना मेरे माता-पिता ने सिखाई थी; जब मेरे बच्चे हुए, तो मैंने भी उन्हें यही प्रार्थना सिखाई। सोते समय अपनी आत्मा को सुरक्षित रखने के लिए प्रभु को सौंप देने से मुझे बहुत तसल्ली मिलती थी।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रार्थनाओं की पुस्तक भजन संहिता में भी एक ऐसी ही प्रार्थना लिखी हुई है “मैं अपनी आत्मा को तेरे ही हाथों में सौंप देता हूँ” (भजन 31:5)। कुछ बाइबल विद्वानों का मानना है कि यह प्रभु यीशु के दिनों में बच्चों को सिखाई जाने वाली एक प्रार्थना थी। आप इस प्रार्थना को प्रभु यीशु द्वारा क्रूस पर से कही गई अंतिम पुकार में पहचान सकते हैं। परन्तु प्रभु यीशु ने इसमें एक शब्द और जोड़ दिया था, पिता (लूका 23:46)। अपनी मृत्यु से कुछ ही क्षण पहले यह शब्द प्रयोग कर के प्रभु यीशु ने पिता परमेश्वर के साथ अपने घनिष्ठ संबंध को दिखाया। इससे पहले, अपने शिष्यों के साथ हुई अपनी अंतिम बात-चीत में, प्रभु यीशु ने उन शिष्यों को उसके तथा परमेश्वर पिता के साथ के उनके स्थाई निवास के विषय भी बताया था, “और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो” (यूहन्ना 14:3)।

        प्रभु यीशु क्रूस पर इसलिए बलिदान हुए ताकि हम परमेश्वर पिता के साथ अपने अद्भुत संबंध के अचरज में जीवन व्यतीत कर सकें। यह जानना कितना शान्तिदायक है कि हमारे प्रति प्रभु यीशु के प्रेम के कारण, जिसे उसने क्रूस पर दिए गए अपने बलिदान के द्वारा दिखाया, हम परमेश्वर के साथ उसकी संतान बनकर रह सकते हैं। हम बिना किसी भय के अपनी आँखें बन्द कर सकते हैं,क्योंकि हमारा स्वर्गीय पिता हमारी देखभाल करता है और उसने हम से प्रतिज्ञा की है कि वह अपने साथ अनन्त जीवन के लिए हमें संभाले रखेगा। - जेम्स बैंक्स

 

प्रभु यीशु में एक उज्ज्वल नई भोर हमारी प्रतीक्षा कर रही है।


परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12 -13


बाइबल पाठ: लूका 23:44-48

लू्का 23:44 और लगभग दो पहर से तीसरे पहर तक सारे देश में अन्धियारा छाया रहा।

लू्का 23:45 और सूर्य का उजियाला जाता रहा, और मन्दिर का परदा बीच में फट गया।

लू्का 23:46 और यीशु ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं: और यह कहकर प्राण छोड़ दिए।

लू्का 23:47 सूबेदार ने, जो कुछ हुआ था देखकर, परमेश्वर की बड़ाई की, और कहा; निश्चय यह मनुष्य धर्मी था।

लू्का 23:48 और भीड़ जो यह देखने को इकट्ठी हुई भी, इस घटना को, देखकर छाती- पीटती हुई लौट गई।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 107-109
  • 1 कुरिन्थियों 4

गुरुवार, 20 अगस्त 2020

कार्य


        किसी कार्य को पूरा कर लेना बहुत संतुष्टि प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, मेरी नौकरी में, हर महीने मुझे सौंपे गए कार्यों के बारे में लेखा-जोखा देना होता है, और हर कार्य के सामने लिखना होता है “प्रगति पर है” या “पूरा हुआ।” मुझे वह “पूरा हुआ” लिखना बहुत अच्छा लगता है। पिछले महीने जब मैंने एक कार्य के सामने लिखा “पूरा हुआ” तो मैं साथ ही यह भी सोचने लगा, काश कि मेरे मसीही विश्वास की खामियों को सुधार कर उन्हें भी इतनी सहजता से “पूरा हुआ” कहा जा सकता। मसीही जीवन तो सदा ही “प्रगति पर है” रहता है, कभी “पूरा हुआ” तक नहीं पहुँचता है।

        फिर मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों 10:14 का ध्यान आया, जहाँ बताया गया है कि प्रभु यीशु मसीह के बलिदान के द्वारा हमारा पूर्ण छुटकारा हो गया है। तो एक प्रकार से हमारे लिए “पूरा हुआ” लिखा जा चुका है। कलवरी के क्रूस पर प्रभु यीशु की मृत्यु ने हमारे लिए वह कर दिया है जिसे हम अपने आप कभी नहीं कर सकते थे: उसने हमें परमेश्वर को ग्रहण-योग्य बना दिया – जैसे ही हम अपने पापों से पश्चाताप करके उसमें विश्वास लाते हैं, उससे अपने पापों के क्षमा मांगते हैं, और अपना जीवन उसे समर्पित करते हैं, हम सदा-सर्वदा के लिए परमेश्वर की संतान बन जाते हैं (यूहन्ना 1:12-13)। जैसा कि प्रभु यीशु ने स्वयं क्रूस पर से कहा था, यह कार्य “पूरा हुआ” (यूहन्ना 19:30)। लेकिन साथ ही इब्रानियों का लेखक यह भी कहता है कि इस जीवन में हम अभी “पवित्र किए जा रहे हैं” यद्यपि प्रभु यीशु का क्रूस पर दिया गया बलिदान पूर्ण और कारगर है।

        यह समझना कठिन है कि जिस काम को प्रभु यीशु ने पूरा कर दिया है, वह अभी भी हमारे जीवनों में प्रगति पर है। जब मैं और आप किसी आत्मिक बात को लेकर संघर्ष में होते हैं, तो यह स्मरण करना उत्साहवर्धक होता है कि मेरे और आप के लिए प्रभु यीशु के बलिदान ने सब कुछ पूरा कर दिया है चाहे हमारे जीवन उसे अभी भी “प्रगति पर है” दिखा रहे हैं। हमारे उद्धार और नए जीवन के लिए प्रभु यीशु का कार्य पूरा है, पर्याप्त है, उसमें और किसी भी बात की कोई आवश्यकता नहीं है, वह अनन्तकाल तक सक्रिय है। - एडम होल्ज़

 

परमेश्वर हम में कार्य कर रहा है कि हम 

उसके पुत्र के बलिदान के द्वारा पूरा किए गए कार्य को दिखाएं।


परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:5-14

इब्रानियों 10:5 इसी कारण वह जगत में आते समय कहता है, कि बलिदान और भेंट तू ने न चाही, पर मेरे लिये एक देह तैयार किया।

इब्रानियों 10:6 होम-बलियों और पाप-बलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ।

इब्रानियों 10:7 तब मैं ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूं।

इब्रानियों 10:8 ऊपर तो वह कहता है, कि न तू ने बलिदान और भेंट और होम-बलियों और पाप-बलियों को चाहा, और न उन से प्रसन्न हुआ; यद्यपि ये बलिदान तो व्यवस्था के अनुसार चढ़ाए जाते हैं।

इब्रानियों 10:9 फिर यह भी कहता है, कि देख, मैं आ गया हूं, ताकि तेरी इच्छा पूरी करूं; निदान वह पहिले को उठा देता है, ताकि दूसरे को नियुक्त करे।

इब्रानियों 10:10 उसी इच्छा से हम यीशु मसीह की देह के एक ही बार बलिदान चढ़ाए जाने के द्वारा पवित्र किए गए हैं।

इब्रानियों 10:11 और हर एक याजक तो खड़े हो कर प्रति दिन सेवा करता है, और एक ही प्रकार के बलिदान को जो पापों को कभी भी दूर नहीं कर सकते; बार बार चढ़ाता है।

इब्रानियों 10:12 पर यह व्यक्ति तो पापों के बदले एक ही बलिदान सर्वदा के लिये चढ़ा कर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।

इब्रानियों 10:13 और उसी समय से इस की बाट जोह रहा है, कि उसके बैरी उसके पांवों के नीचे की पीढ़ी बनें।

इब्रानियों 10:14 क्योंकि उसने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 105-106
  • 1 कुरिन्थियों 3

बुधवार, 19 अगस्त 2020

सृष्टिकर्ता

 


        मुझे फोटो खींचने का शौक है, और मुझे परमेश्वर के रचनात्मक कार्यों को अपने कैमरे में कैद कर लेना बहुत अच्छा लगता है। मुझे परमेश्वर के चिह्न फूलों की कोमल पंखुड़ियों पर, हर सूर्यास्त और सूर्योदय में, आकाश के बादलों में, और सितारों से सजे आकाश में, सभी जगह दिखाई देते हैं।

        मेरे कैमरे के शक्तिशाली लेंस, परमेश्वर द्वारा बनाए गए जीव-जन्तुओं की अठखेलियों को दूर ही से, उन्हें बिना छेड़े हुए, कैमरे में कैद कर लेने देते हैं। मैंने गिलहरियों को चेरी के पेड़ों पर शोर मचाते हुए, खूबसूरत तितलियों को एक से दूसरे फूलों पर जाते हुए, समुद्री कछुओं को समुद्र के पथरीले किनारे पर धूप सेकते हुए कैमरे में ले लिया है। हर एक फोटो अपने आप में अद्भुत और अनूठी है, और मुझे मेरे अद्भुत सृष्टिकर्ता की आराधना करने के लिए प्रेरित करती है।

        परमेश्वर की अद्भुत सृष्टि की सराहना करते हुए उसकी आराधना करने वाली मैं पहली या अकेली नहीं हूँ। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 104 के भजनकार ने प्रकृति में परमेश्वर की सृष्टि के अद्भुत नमूनों के विषय गीत गाया (पद 24)। वह कहता है, इसी प्रकार समुद्र बड़ा और बहुत ही चौड़ा है, और उस में अनगिनत जलचर जीव-जन्तु, क्या छोटे, क्या बड़े भरे पड़े हैं” (पद 25) और परमेश्वर में आनन्दित होता है कि वह अपनी सृष्टि की निरंतर और पूर्ण देखभाल करता रहता है (पद 27-31)।अपने चारों ओर परमेश्वर द्वारा जीवन प्रदान किए गए जीव-जंतुओं को देख कर, भजनकार कृतज्ञता के साथ आराधना करने लगता है: “मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा” (पद 33)।

        परमेश्वर की उत्कृष्ट और विशाल सृष्टि पर मनन करते हुए हम उसकी रचनाओं में सूक्ष्म कारीगरी और हर बात का बारीकी से रखे गए ध्यान पर गौर कर सकते हैं, और सृष्टिकर्ता की रचनात्मक कला की सराहना कर सकते हैं। हम भी भजनकार के साथ अपने सृष्टिकर्ता की स्तुति में धन्यवाद के गीत गा सकते हैं, उसके सामर्थ्य, वैभव, और प्रेम के लिए उसकी आराधना कर सकते हैं। - होकिटिल डिक्सन

 

परमेश्वर अद्भुत है, और उसके कार्य भी।


तू ही अकेला यहोवा है; स्वर्ग वरन सब से ऊंचे स्वर्ग और उसके सब गण, और पृथ्वी और जो कुछ उस में है, और समुद्र और जो कुछ उस में है, सभों को तू ही ने बनाया, और सभों की रक्षा तू ही करता है; और स्वर्ग की समस्त सेना तुझी को दण्डवत करती हैं। - नहेम्याह 9:6

बाइबल पाठ: भजन 104:24-34

भजन 104:24 हे यहोवा तेरे काम अनगिनत हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।

भजन 104:25 इसी प्रकार समुद्र बड़ा और बहुत ही चौड़ा है, और उस में अनगिनत जलचर जीव-जन्तु, क्या छोटे, क्या बड़े भरे पड़े हैं।

भजन 104:26 उस में जहाज भी आते जाते हैं, और लिव्यातान भी जिसे तू ने वहां खेलने के लिये बनाया है।

भजन 104:27 इन सब को तेरा ही आसरा है, कि तू उनका आहार समय पर दिया करे।

भजन 104:28 तू उन्हें देता है, वे चुन लेते हैं; तू अपनी मुट्ठी खोलता है और वे उत्तम पदार्थों से तृप्त होते हैं।

भजन 104:29 तू मुख फेर लेता है, और वे घबरा जाते हैं; तू उनकी सांस ले लेता है, और उनके प्राण छूट जाते हैं और मिट्टी में फिर मिल जाते हैं।

भजन 104:30 फिर तू अपनी ओर से सांस भेजता है, और वे सिरजे जाते हैं; और तू धरती को नया कर देता है।

भजन 104:31 यहोवा की महिमा सदा काल बनी रहे, यहोवा अपने कामों से आनन्दित हो!

भजन 104:32 उसकी दृष्टि ही से पृथ्वी कांप उठती है, और उसके छूते ही पहाड़ों से धुआं निकलता है।

भजन 104:33 मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा।

भजन 104:34 मेरा ध्यान करना, उसको प्रिय लगे, क्योंकि मैं तो यहोवा के कारण आनन्दित रहूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 103-104
  • 1 कुरिन्थियों 2

मंगलवार, 18 अगस्त 2020

भरोसा

 

        हम लंडन गए हुए थे, और हमारे एक मित्र ने हमारे वहां के ‘स्काए गार्डन’ देखने जाने की व्यवस्था की। लंडन के व्यावसायिक क्षेत्र की एक पैंतीस मंजिली इमारत की छत पर यह कांच से बना एक बगीचा है, जिसमें पौधे, पेड़ और फूल लगे हैं। परन्तु हमारा ध्यान वहां से दिखने वाले लंडन शहर के दृश्य ने खींचा। हमने 500 से भी अधिक फीट की ऊँचाई से लंडन के विभिन्न जाने-माने स्थलों और भवनों को देखा। वह नज़ारा अभूतपूर्व तथा अद्भुत था और शहर की रचना का एक भिन्न ही दृष्टिकोण प्रदान कर रहा था।

        हमारे प्रभु परमेश्वर का हमारे जीवनों और अनुभवों के प्रति एक भिन्न और सिद्ध दृष्टिकोण रहता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा, क्योंकि यहोवा ने अपने ऊंचे और पवित्र स्थान से दृष्टि कर के स्वर्ग से पृथ्वी की ओर देखा है, ताकि बन्दियों का कराहना सुने, और घात होने वालों के बन्धन खोले” (भजन 102:19-20)।

        जिन दुखी लोगों का भजन 102 में वर्णन किया गया है, उनके समान हम भी अकसर अपने संघर्षों में फंसे होते हैं, और कराह रहे होते हैं। परन्तु परमेश्वर हमारे जीवनों को आरंभ से अन्त तक जानता है, देखता है। बातें हमारे लिए तो अप्रत्याशित हो सकती हैं, लेकिन परमेश्वर कभी किसी बात से अनजाना या अज्ञात नहीं होता है, कुछ भी उसके लिए अनायास या अप्रत्याशित नहीं है। जैसा कि भजनकार की अपेक्षा थी, परमेश्वर का सिद्ध दृष्टिकोण ऐसों को भी छुटकारे का मार्गदर्शन प्रदान करता है जो मृत्यु के लिए ठहरा दिए गए हैं (पद 20, 27-28)।

        अपने कठिन समयों में स्मरण रखें, चाहे हम यह नहीं जानते हैं कि अगले पल क्या होने वाला है, परन्तु हमारा प्रभु सब जानता है। हम अपने हर पल के लिए उस पर पूर्ण भरोसा रख सकते हैं। - बिल क्राउडर

 

मसीह पर ध्यान केन्द्रित रखने से शेष सब सही परिप्रेक्ष्य में आ जाता है।


परमेश्वर ने स्वर्ग पर से मनुष्यों के ऊपर दृष्टि की ताकि देखे कि कोई बुद्धि से चलने वाला और परमेश्वर को पूछने वाला है कि नहीं। - भजन 53:2

बाइबल पाठ: भजन 102:1-2, 18-28

भजन 102:1 हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दुहाई तुझ तक पहुंचे!

भजन 102:2 मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले!

भजन 102:18 यह बात आने वाली पीढ़ी के लिये लिखी जाएगी, और एक जाति जो सृजी जाएगी वही याह की स्तुति करेगी।

भजन 102:19 क्योंकि यहोवा ने अपने ऊंचे और पवित्र स्थान से दृष्टि कर के स्वर्ग से पृथ्वी की ओर देखा है,

भजन 102:20 ताकि बन्दियों का कराहना सुने, और घात होने वालों के बन्धन खोले;

भजन 102:21 और सिय्योन में यहोवा के नाम का वर्णन किया जाए, और यरूशलेम में उसकी स्तुति की जाए;

भजन 102:22 यह उस समय होगा जब देश देश, और राज्य राज्य के लोग यहोवा की उपासना करने को इकट्ठे होंगे।

भजन 102:23 उसने मुझे जीवन यात्रा में दु:ख देकर, मेरे बल और आयु को घटाया।

भजन 102:24 मैं ने कहा, हे मेरे ईश्वर, मुझे आधी आयु में न उठा ले, मेरे वर्ष पीढ़ी से पीढ़ी तक बने रहेंगे!

भजन 102:25 आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और आकाश तेरे हाथों का बनाया हुआ है।

भजन 102:26 वह तो नाश होगा, परन्तु तू बना रहेगा; और वह सब कपड़े के समान पुराना हो जाएगा। तू उसको वस्त्र के समान बदलेगा, और वह तो बदल जाएगा;

भजन 102:27 परन्तु तू वहीं है, और तेरे वर्षों का अन्त नहीं होने का।

भजन 102:28 तेरे दासों की सन्तान बनी रहेगी; और उनका वंश तेरे सामने स्थिर रहेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 100-102
  • 1 कुरिन्थियों 1

सोमवार, 17 अगस्त 2020

साथ

 

        कभी-कभी जीवन बहुत व्यस्त हो जाता है – कक्षाएं कठिन होती हैं, काम थका देने वाला होता है, घर के काम पूरे करने को पड़े होते हैं, किसी से मिलने के लिए समय निश्चित किया हुआ होता है। मेरा यह हाल हो जाता है कि मैं अपने आप को कुछ मिनटों के लिए बाइबल पढ़ने के लिए बाध्य करती हूँ, और अपने आप को दिलासा देती हूँ कि अगले सप्ताह परमेश्वर के साथ और अधिक समय बिताऊँगी। परन्तु कुछ ही समय बाद मेरा ध्यान फिर से अन्य बातों में भटकने लगता है और मैं फिर से कामों को पूरा करने के प्रयासों में डूबने लगती हूँ; फिर से परमेश्वर से किसी भी प्रकार की सहायता माँगना भूल जाती हूँ।

        परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते है कि जब पतरस पानी पर चलकर प्रभु यीशु की ओर जा रहा था, तो वह बहुत शीघ्र तेज़ हवा और उठती हुई लहरों से डर गया, और उसका ध्यान प्रभु पर से हट गया। और मेरे ही समान वह भी डूबने लग गया (मत्ती 14:29-30)। परन्तु जैसे ही पतरस ने पुकारा, प्रभु यीशु ने तुरंत हाथ बढ़ाकर उसे थाम लिया (पद 30-31)।

        कई बार मुझे लगता है कि इतना व्यस्त होने और प्रभु से अपने ध्यान को हटाए रखने, उसकी ओर न देखते रहने के कारण मुझे कुछ कर के अपनी इस बात की भरपाई करनी पड़ेगी। परन्तु परमेश्वर इस प्रकार से कार्य नहीं करता है। हम जैसे ही सहायता के लिए उसकी ओर मुड़ते हैं, उसे पुकारते हैं, प्रभु तुरंत हाथ बढ़ाकर हमें थाम लेता है, डूबने से बचा लेता है।

        हम जब भी जीवन की भाग-दौड़ और अस्त-व्यस्त होने के कारण परेशान होते हैं, तो यह भूल जाना सरल होता है कि हमारे इस तूफ़ान में, प्रभु भी हमारे साथ ही खड़ा है, हम अकेले नहीं हैं। प्रभु ने पतरस से पूछा, तू ने संदेह क्यों किया?” (पद 31)। हम चाहे कैसी भी परिस्थिति में से होकर क्यों न निकल रहे हों, हमारा प्रभु परमेश्वर सदा हमारे साथ रहता है; वह हमारे हर पल में हमारे साथ बना रहता है; हाथ बढ़ाकर हमें थाम लेने और बचा लेने के लिए सदा तत्पर और तैयार। उसका हमारे साथ बने रहना, हमें सुरक्षित रखता है। - जूली स्कवाब

 

परमेश्वर हमारी प्रतीक्षा में रहता है कि हम उसकी ओर मुड़ें और वह हमें थाम ले।


जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। - यशायाह 43:2

बाइबल पाठ: मत्ती 14:22-33

मत्ती 14:22 और उसने तुरन्त अपने चेलों को बरबस नाव पर चढ़ाया, कि वे उस से पहिले पार चले जाएं, जब तक कि वह लोगों को विदा करे।

मत्ती 14:23 वह लोगों को विदा कर के, प्रार्थना करने को अलग पहाड़ पर चढ़ गया; और सांझ को वहां अकेला था।

मत्ती 14:24 उस समय नाव झील के बीच लहरों से डगमगा रही थी, क्योंकि हवा सामने की थी।

मत्ती 14:25 और वह रात के चौथे पहर झील पर चलते हुए उन के पास आया।

मत्ती 14:26 चेले उसको झील पर चलते हुए देखकर घबरा गए! और कहने लगे, वह भूत है; और डर के मारे चिल्ला उठे।

मत्ती 14:27 यीशु ने तुरन्त उन से बातें की, और कहा; ढाढ़स बान्धो; मैं हूं; डरो मत।

मत्ती 14:28 पतरस ने उसको उत्तर दिया, हे प्रभु, यदि तू ही है, तो मुझे अपने पास पानी पर चलकर आने की आज्ञा दे।

मत्ती 14:29 उसने कहा, : तब पतरस नाव पर से उतरकर यीशु के पास जाने को पानी पर चलने लगा।

मत्ती 14:30 पर हवा को देखकर डर गया, और जब डूबने लगा, तो चिल्लाकर कहा; हे प्रभु, मुझे बचा।

मत्ती 14:31 यीशु ने तुरन्त हाथ बढ़ाकर उसे थाम लिया, और उस से कहा, हे अल्प-विश्वासी, तू ने क्यों सन्देह किया?

मत्ती 14:32 जब वे नाव पर चढ़ गए, तो हवा थम गई।

मत्ती 14:33 इस पर जो नाव पर थे, उन्होंने उसे दण्डवत कर के कहा; सचमुच तू परमेश्वर का पुत्र है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 97-99
  • रोमियों 16

रविवार, 16 अगस्त 2020

भूख

 

         मैं और मेरे पति किसी काम के लिए कार से जा रहे थे, और मेरे पति कार चला रहे थे, जबकि मैं उनके पास बैठी अपने फोन पर अपनी ई-मेल पढ़ रही थे। तभी मुझे एक विज्ञापन मिला, जो वहाँ की एक खाने-पीने के सामान की दुकान का था, और उनके डू-नट्स के बारे में था – और हम उस दुकान के पास से अभी निकले ही थे! डू-नट्स के उस विज्ञापन को देखते ही, मेरा पेट भूख से गुड़गुड़ाने लगा। मुझे अचंभा हुआ कि कैसे टेकनौलोजी ग्राहकों को बेचने वालों की ओर आकर्षित करने, उन्हें आमंत्रित करने की क्षमता रखती है।

         मैंने अपने ई-मेल देखने बन्द किए और विचार करने लगी, परमेश्वर की हमें निरंतर उसकी निकटता में लाने और बनाए रखने की लालसा के बारे में। परमेश्वर को सदा पता होता है कि मैं कहाँ हूँ, क्या सोच रही हूँ, क्या कर रही हूँ, क्या चाहती हूं, इत्यादि; और वह मुझे अपनी निकटता में लाने और रखने के लिए मुझे प्रभावित करते रहता है, पर क्या मैं उसके इन प्रयासों पर ध्यान देती हूँ? मैं सोचने लगी, ‘जिस प्रकार डू-नट्स के विचार से मेरा पेट गुड़गुड़ाने लगा, उसी प्रकार से परमेश्वर का विचार आने पर क्या मेरा हृदय भी उसकी निकटता और आज्ञाकारिता में रहने के लिए लालायित होता है?

         परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना 6 अध्याय में, पाँच हज़ार से अधिक लोगों को भोजन करवाने के आश्चर्यकर्म के पश्चात, प्रभु यीशु के शिष्यों ने उत्सुकता से उस से सदा जीवन की रोटी देते रहने के लिए कहा (पद 33-34)। तब प्रभु यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा” (पद 35)। यह कैसा अद्भुत है कि प्रभु यीशु के साथ संबंध में बने रहना, हमें हमारे जीवनों के लिए निरंतर पोषण प्रदान करता रहता है।

         उस डू-नट्स की दुकान के विज्ञापन ने मेरे शरीर की लालसा को जागृत करने का प्रयास किया, परन्तु परमेश्वर को निरंतर बनी रहने वाली मेरे हृदय की दशा की सम्पूर्ण जानकारी क्या मुझे प्रेरित करती है कि मैं ध्यान रख सकूँ कि मुझे उस की आवश्यकता बनी रहती है; और मैं उस पोषण की भूख को सदा जागृत रखूँ जो केवल उसी से मिल सकता है? - एलिसा मॉर्गन

 

वास्तविक शान्ति देने वाली जीवन की रोटी केवल प्रभु यीशु ही प्रदान कर सकता है।


जीवन की रोटी जो स्वर्ग से उतरी मैं हूं। यदि कोई इस रोटी में से खाए, तो सर्वदा जीवित रहेगा और जो रोटी मैं जगत के जीवन के लिये दूंगा, वह मेरा शरीर है। - यूहन्ना 6:51

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:32-40

यूहन्ना 6:32 यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं कि मूसा ने तुम्हें वह रोटी स्वर्ग से न दी, परन्तु मेरा पिता तुम्हें सच्ची रोटी स्वर्ग से देता है।

यूहन्ना 6:33 क्योंकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है।

यूहन्ना 6:34 तब उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, यह रोटी हमें सर्वदा दिया कर।

यूहन्ना 6:35 यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा।

यूहन्ना 6:36 परन्तु मैं ने तुम से कहा, कि तुम ने मुझे देख भी लिया है, तौभी विश्वास नहीं करते।

यूहन्ना 6:37 जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा।

यूहन्ना 6:38 क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, वरन अपने भेजने वाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं।

यूहन्ना 6:39 और मेरे भेजने वाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उस में से मैं कुछ न खोऊं परन्तु उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊं।

यूहन्ना 6:40 क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्र को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 94-96
  • रोमियों 15:14-33