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Wednesday, August 31, 2016

बलिदान


   चीन के हुनान प्रान्त में जब डेंग जिंजी ने सनशुई नदी के पानी में फंसे लोगों को देखा तो वह उन्हें नज़रन्दाज़ करके आगे नहीं बढ़ गया, वरन पानी में कूदा और उस परिवार के चार लोगों को बचाया। लेकिन वे बचाए हुए लोग उसके पानी से बाहर आने के लिए रुके नहीं, उसे पानी में ही छोड़कर आगे चले गए। जिंजी, जो इस बचाव कार्य की मेहनत से बहुत थक गया था, थकान के मारे पानी में स्थिर नहीं रह सका और धारा उसे बहा कर ले गई, वह डूब गया।

   हम जब पाप में डूब रहे थे तब प्रभु यीशु हमें बचाने के लिए पाप से भरे इस संसार में मानव रूप में आए। हम सभी के सारे पापों को अपने ऊपर लेकर, हमारे लिए क्रूस पर दिए गए अपने बलिदान और मृत्योपरांत तीसरे दिन अपने पुनरुत्थान के द्वारा उन्होंने पापों से हमारे बचाव का मार्ग तैयार करके दिया। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि, "हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए" (1 यूहन्ना 3:16)। प्रभु यीशु का अपने बलिदान द्वारा प्रदर्शित यह प्रेम अब हमें उकसाता है कि हम भी दूसरों के प्रति ऐसा ही सच्चा प्रेम दिखाएं, कार्यों और सत्य के द्वारा (पद 18)।

   यदि हम प्रभु यीशु के इस निःस्वार्थ बलिदान और प्रेम को नज़रन्दाज़ करते हैं, तो यह सूचक है कि हमने अपने प्रति उसके प्रेम की महानता को नहीं पहचाना है। वह आपको पापों के दुषपरिणामों से बचाने के लिए स्वर्ग के वैभव और महिमा को छोड़कर पृथ्वी पर आ गया और बलिदान हुआ। उसके बलिदान को अपने जीवन में सार्थक करें; उसके प्रेम को स्वीकार करके उसके साथ आशीषित अनन्त जीवन का संबंध बना लें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रभु यीशु ने हमारे प्रति अपने प्रेम को दिखाने के लिए अपना जीवन बलिदान किया।

वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिये हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर कर के धामिर्कता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। - 1 पतरस 2:24

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 3:16-24
1 John 3:16 हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। 
1 John 3:17 पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देख कर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? 
1 John 3:18 हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। 
1 John 3:19 इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसके विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। 
1 John 3:20 क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। 
1 John 3:21 हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है। 
1 John 3:22 और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है; क्योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं; और जो उसे भाता है वही करते हैं। 
1 John 3:23 और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्र यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उसने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें। 
1 John 3:24 और जो उस की आज्ञाओं को मानता है, वह उस में, और वह उन में बना रहता है: और इसी से, अर्थात उस आत्मा से जो उसने हमें दिया है, हम जानते हैं, कि वह हम में बना रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34


Tuesday, August 30, 2016

साहस


   एक ऊदबिलाव हमारे गैराज के किनारों को काटने लग गया था; उसे पकड़कर पार्क में लेजाकर छोड़ने के लिए मैंने पिंजरा लिया और उसे आकर्षित करने के लिए पिंजरे में भोजन वस्तुएं डाल दीं। अगले दिन सुबह मैं यह देखकर बड़ा उत्साहित हुआ कि पिंजरे में एक जानवर बन्द हो गया है। लेकिन जब पास जाकर देखा तो पिंजरे में ऊदबिलाव नहीं वरन एक बिज्जु था। अब मेरे सामने उस बिज्जु को पिंजरे से बाहर निकालने की समस्या थी, क्योंकि वे जानवर डरने पर अपने बचाव के लिए तीव्र दुर्गन्धात्मक पदार्थ छोड़ते हैं जिसकी दुर्गन्ध बहुत परेशान करती है, और मैं उस दुर्गन्ध को अपने ऊपर आने देना कदापि नहीं चाहता था।

   इसलिए उसे पिंजरे से निकालने के तरीके पाने के लिए मैं इंटरनैट पर खोजने लगा। तरीके तो मिले लेकिन सब ही अपने आप को बचाने के लिए बहुत सावधानी बरतने को कह रहे थे; वे प्लास्टिक के थैले, दस्ताने, तिर्पाल, चशमे, कंबल आदि के प्रयोग के लिए बता रहे थे। बिज्जु को पिंजरे से निकालने का कार्य खतरनाक और डरावना लगने लगा था। ऐसे में मेरा दामाद, ईविंग, सामने आया। वह बस पिंजरे तक गया, उसके दरवाज़े को खोला और बाग़ में पानी डालने वाले पाइप से पानी की धार बिज्जु पर डाली, और वह पिंजरे से निकलकर भाग निकला।

   हमारे भय हमें अकसर निषक्रीय कर देते हैं; हम अपनी सुरक्षा को लेकर इतने चिंतित रहते हैं कि परिस्थिति का सामना करने से घबराने लगते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि जब राजा आसा को ज्ञात हुआ कि परमेश्वर चाहता है कि वह इस्त्राएल में से सभी मूर्तियाँ हटा दे, तो उसने ऐसा करने का साहस किया (2 इतिहास 15:8)। ऐसा करने से राज्य में बलवा हो सकता था, लेकिन आसा ने परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए उसके कहे कार्य को करने का साहस किया, और परिणामस्वरूप देश में खुशहाली आई: "और यह शपथ खाकर सब यहूदी आनन्दित हुए, क्योंकि उन्होंने अपने सारे मन से शपथ खाई और बडी अभिलाषा से उसको ढूंढ़ा और वह उन को मिला, और यहोवा ने चारों ओर से उन्हें विश्राम दिया" (2 इतिहास 15:15)।

   क्या आपके सामने कोई आत्मिक चुनौती खड़ी है? परमेश्वर पर परिणाम के लिए भरोसा रख कर, साहस के साथ आगे बढ़ें और परमेश्वर की इच्छा पूरी करें। - डेव ब्रैनन


साहस वह भय है जो प्रार्थना के साथ परमेश्वर को समर्पित कर दिया गया है।

इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। - यहोशु 1:7

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 15:1-12
2 Chronicles 15:1 तब परमेश्वर का आत्मा ओदेद के पुत्र अजर्याह में समा गया, 
2 Chronicles 15:2 और वह आसा से भेंट करने निकला, और उस से कहा, हे आसा, और हे सारे यहूदा और बिन्यामीन मेरी सुनो, जब तक तुम यहोवा के संग रहोगे तब तक वह तुम्हारे संग रहेगा; और यदि तुम उसकी खोज में लगे रहो, तब तो वह तुम से मिला करेगा, परन्तु यदि तुम उसको त्याग दोगे तो वह भी तुम को त्याग देगा।
2 Chronicles 15:3 बहुत दिन इस्राएल बिना सत्य परमेश्वर के और बिना सिखाने वाले याजक के और बिना व्यवस्था के रहा। 
2 Chronicles 15:4 परन्तु जब जब वे संकट में पड़ कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर फिरे और उसको ढूंढ़ा, तब तब वह उन को मिला। 
2 Chronicles 15:5 उस समय न तो जाने वाले को कुछ शांति होती थी, और न आने वाले को, वरन सारे देश के सब निवासियों में बड़ा ही कोलाहल होता था। 
2 Chronicles 15:6 और जाति से जाति और नगर से नगर चूर किए जाते थे, क्योंकि परमेश्वर नाना प्रकार का कष्ट देकर उन्हें घबरा देता था। 
2 Chronicles 15:7 परन्तु तुम लोग हियाव बान्धो और तुम्हारे हाथ ढीले न पड़ें, क्योंकि तुम्हारे काम का बदला मिलेगा। 
2 Chronicles 15:8 जब आसा ने ये वचन और ओदेद नबी की नबूवत सुनी, तब उसने हियाव बान्ध कर यहूदा और बिन्यामीन के सारे देश में से, और उन नगरों में से भी जो उसने एप्रैम के पहाड़ी देश में ले लिये थे, सब घिनौनी वस्तुएं दूर कीं, और यहोवा की जो वेदी यहोवा के ओसारे के साम्हने थी, उसको नये सिरे से बनाया। 
2 Chronicles 15:9 और उसने सारे यहूदा और बिन्यामीन को, और एप्रैम, मनश्शे और शिमोन में से जो लोग उसके संग रहते थे, उन को इकट्ठा किया, क्योंकि वे यह देख कर कि उसका परमेश्वर यहोवा उसके संग रहता है, इस्राएल में से उसके पास बहुत से चले आए थे। 
2 Chronicles 15:10 आसा के राज्य के पन्द्रहवें वर्ष के तीसरे महीने में वे यरूशलेम में इकट्ठे हुए। 
2 Chronicles 15:11 और उसी समय उन्होंने उस लूट में से जो वे ले आए थे, सात सौ बैल और सात हजार भेड़-बकरियां, यहोवा को बलि कर के चढ़ाई। 
2 Chronicles 15:12 और उन्होंने वाचा बान्धी कि हम अपने पूरे मन और सारे जीव से अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की खोज करेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 129-131
  • 1 कुरिन्थियों 11:1-16


Monday, August 29, 2016

अनुबंध


   यदि आप मेरे समान करते हैं, तो इंटरनैट पर उपलब्ध विभिन्न सेवाओं और सॉफ्टवेयर के उपयोग संबंधी अनुबंध को पूरा पढ़े बिना ही आप भी उसके लिए अपनी सहमति दे देते हैं। वे अनुबंध कई पेज लंबे और कानूनी शब्दावली के प्रयोग के कारण समझने में इतने जटिल होते हैं कि मुझ जैसे साधारण व्यक्ति की समझ के बाहर होते हैं।

   इसीलिए मुझे बड़ा अचंभा हुआ जब अफ्रीका में रहने वाले मेरे एक मित्र ने मुझे एक ऑनलाईन सॉफ्टवेयर के प्रयोग से संबंधित इस अनुपम अनुबंध से अवगत करवाया। बजाए यह बताने के कि इस सॉफ्टवेयर को कब और कैसे प्रयोग नहीं करना है, सॉफ्टवेयर को बनानेवाला एक सरल शब्दों में लिखी गई आशीष लोगों के सामने रखता है, और उनसे विनती करता है कि उस सॉफ्टवेयर का प्रयोग औरों की भलाई के लिए किया जाए। उस अनुबंध में लिखा था: "होने दें कि आप बुराई नहीं वरन भलाई करें। आपको अपने लिए क्षमा मिले तथा आप दुसरों को क्षमा करने वाले बनें। आप मुक्त होकर बाँटें, और जितना आपने दिया है उससे अधिक कभी ना लें।"

   यह पढ़कर मैंने पहले सोचा, "क्या बात है! कितना अच्छा हो यदि प्रयोग करने के और भी अनुबंध इसी प्रकार आशीष के रूप में दिए जाएं ना कि कानूनी दस्तावेज़ के रूप में।" फिर मुझे ध्यान आया, जो अनुबंध प्रभु यीशु हमारे साथ करता है, वह भी तो ऐसा ही आशीषपूर्ण है। प्रभु यीशु अपने पास आने और उसे स्वीकार करने वाले प्रत्येक जन को पापों से क्षमा, परमेश्वर के साथ शान्ति एवं संगति तथा परमेश्वर के पवित्र आत्मा की सहभागिता देने का वायदा करता है। इसके बदले में वह चाहता है कि जैसे हमें क्षमा मिली है, हम भी दूसरों को क्षमा करें (लूका 6:37), जैसा वह हमसे प्रेम करता है वैसा ही हम भी दूसरों से करें (यूहन्ना 13:34) और जैसा वह हमारे साथ भलाई करता है वैसे ही हम भी दुसरों के साथ भलाई करें (गलतियों 6:10)।

   प्रभु यीशु द्वारा किए गए इस अनुबंध की खूबसुरती यह है कि चाहे हम इसकी शर्तें पूरी ना भी कर पाएं, वह हमारे साथ अपने अनुबंध को कभी नहीं तोड़ता है; वरन हमें सामर्थ और साहस देता है कि हम उन शर्तों को पूरा करने के प्रयास करते रहें और उसके साथ उसकी आशीषों में बने रह सकें। - जूली ऐकैरमैन लिंक


इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; 
विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ। - गलतियों 6:10

मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। - यूहन्ना 13:34

बाइबल पाठ: लूका 6:27-37
Luke 6:27 परन्तु मैं तुम सुनने वालों से कहता हूं, कि अपने शत्रुओं से प्रेम रखो; जो तुम से बैर करें, उन का भला करो। 
Luke 6:28 जो तुम्हें श्राप दें, उन को आशीष दो: जो तुम्हारा अपमान करें, उन के लिये प्रार्थना करो। 
Luke 6:29 जो तेरे एक गाल पर थप्पड़ मारे उस की ओर दूसरा भी फेर दे; और जो तेरी दोहर छीन ले, उसको कुरता लेने से भी न रोक। 
Luke 6:30 जो कोई तुझ से मांगे, उसे दे; और जो तेरी वस्तु छीन ले, उस से न मांग। 
Luke 6:31 और जैसा तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो। 
Luke 6:32 यदि तुम अपने प्रेम रखने वालों के साथ प्रेम रखो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी अपने प्रेम रखने वालों के साथ प्रेम रखते हैं। 
Luke 6:33 और यदि तुम अपने भलाई करने वालों ही के साथ भलाई करते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी ऐसा ही करते हैं। 
Luke 6:34 और यदि तुम उसे उधार दो, जिन से फिर पाने की आशा रखते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी पापियों को उधार देते हैं, कि उतना ही फिर पाएं। 
Luke 6:35 वरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। 
Luke 6:36 जैसा तुम्हारा पिता दयावन्‍त है, वैसे ही तुम भी दयावन्‍त बनो। 
Luke 6:37 दोष मत लगाओ; तो तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा: दोषी न ठहराओ, तो तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे: क्षमा करो, तो तुम्हारी भी क्षमा की जाएगी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 126-128
  • 1 कुरिन्थियों 10:19-33


Sunday, August 28, 2016

नम्र और दीन


   ईस्टर के समय में, मेरी पत्नि और मैं एक चर्च सभा में सम्मिलित हुए जिसमें उस सभा में उपस्थित लोगों ने प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए पकड़वाए जाने के रात्रि भोज के समय की घटनाओं को सजीव प्रस्तुत किया। उस सभा में उपासना के भाग के रूप में चर्च के कार्यकर्ताओं ने प्रभु यीशु के समान ही सभा के लोगों में से स्वेच्छा से इस कार्य के लिए कुछ लोगों के पाँव धोए। यह देखते समय मैं सोच रहा था कि हमारे आज के समय में क्या अधिक नम्र करने वाला है - किसी के पैर धोना, या फिर किसी से अपने पैर धुलवाना! जो यह सेवा कर रहे थे तथा जो यह सेवा ले रहे थे, दोनों ही नम्र होने के भिन्न पहलु प्रस्तुत कर रहे थे।

   जब प्रभु यीशु और उनके चेले, एक साथ मिलकर किए गए उस अन्तिम भोज के लिए एकत्रित हुए (यूहन्ना 13:1-20), तब प्रभु यीशु ने दीन सेवक की सेवकाई दिखाते हुए चेलों के पाँव धोए थे। लेकिन शमौन पतरस ने प्रभु यीशु द्वारा करे जा रहे इस कार्य का पहले यह कहते हुए विरोध किया कि, "...तू मेरे पांव कभी न धोने पाएगा"; लेकिन प्रभु यीशु ने उसे उत्तर दिया, "...यदि मैं तुझे न धोऊं, तो मेरे साथ तेरा कुछ भी साझा नहीं" (यूहन्ना 13:8)। प्रभु द्वारा उन चेलों के पाँव धोना किसी रीति का पूरा करना नहीं था; ऐसा करके प्रभु यीशु नम्र और दीन होना सिखा रहा था, और साथ ही यह भी कि हमें उससे अपनी मलिनता से स्वच्छ होने की आवश्यकता है - और प्रभु के हाथों हमारा यह स्वच्छ होना तब तक संभव नहीं है जब तक की हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु के सामने नम्र और दीन नहीं हो जाते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने लिखा, "वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है" (याकूब 4:6)। जब हम परमेश्वर की महानता को पहचानते हैं, और क्रूस पर उसके नम्र और दीन होने को (फिलिप्पियों 2:5-11) व्यक्तिगत रीति से अपने लिए स्वीकार करते हैं, हम परमेश्वर के अनुग्रह को प्राप्त करते हैं। - बिल क्राउडर


सृष्टि के प्रभु के सामने घुटनों पर झुके रहना, संसार में सबसे सामर्थी होना है।

जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। - फिलिप्पियों 2:5

बाइबल पाठ: यूहन्ना 13:1-11
John 13:1 फसह के पर्व से पहिले जब यीशु ने जान लिया, कि मेरी वह घड़ी आ पहुंची है कि जगत छोड़कर पिता के पास जाऊं, तो अपने लोगों से, जो जगत में थे, जैसा प्रेम वह रखता था, अन्‍त तक वैसा ही प्रेम रखता रहा। 
John 13:2 और जब शैतान शमौन के पुत्र यहूदा इस्करियोती के मन में यह डाल चुका था, कि उसे पकड़वाए, तो भोजन के समय। 
John 13:3 यीशु ने यह जानकर कि पिता ने सब कुछ मेरे हाथ में कर दिया है और मैं परमेश्वर के पास से आया हूं, और परमेश्वर के पास जाता हूं। 
John 13:4 भोजन पर से उठ कर अपने कपड़े उतार दिए, और अंगोछा ले कर अपनी कमर बान्‍धी। 
John 13:5 तब बरतन में पानी भरकर चेलों के पांव धोने और जिस अंगोछे से उस की कमर बन्‍धी थी उसी से पोंछने लगा। 
John 13:6 जब वह शमौन पतरस के पास आया: तब उसने उस से कहा, हे प्रभु, 
John 13:7 क्या तू मेरे पांव धोता है? यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो मैं करता हूं, तू अब नहीं जानता, परन्तु इस के बाद समझेगा। 
John 13:8 पतरस ने उस से कहा, तू मेरे पांव कभी न धोने पाएगा: यह सुनकर यीशु ने उस से कहा, यदि मैं तुझे न धोऊं, तो मेरे साथ तेरा कुछ भी साझा नहीं। 
John 13:9 शमौन पतरस ने उस से कहा, हे प्रभु, तो मेरे पांव ही नहीं, वरन हाथ और सिर भी धो दे। 
John 13:10 यीशु ने उस से कहा, जो नहा चुका है, उसे पांव के सिवा और कुछ धोने का प्रयोजन नहीं; परन्तु वह बिलकुल शुद्ध है: और तुम शुद्ध हो; परन्तु सब के सब नहीं। 
John 13:11 वह तो अपने पकड़वाने वाले को जानता था इसी लिये उसने कहा, तुम सब के सब शुद्ध नहीं।

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 123-125
  • 1 कुरिन्थियों 10:1-18


Saturday, August 27, 2016

माध्यम


   चार्ल्स व्हिटिलसे नायकों का नायक था; प्रथम विश्व-युद्ध में "खोई हुई" कहलाई जाने वाली पलटन का वह अगुवा था। उसकी पलटन युद्ध के समय शत्रु की सेना पंक्ति के पीछे फंस गई थी, जहाँ से वह उन्हें निकाल कर ले आया था। इस बहादुरी के लिए उसे वीरता का सम्मान पदक भी दिया गया। जब ’अनजाने सिपाही’ की कब्र का स्थापन और समर्पण किया गया तो चार्ल्स को वहाँ दफनाए जाने वाले पहले सिपाही के कफन को कंधा देने का आदर दिया गया। इसके दो सप्ताह पश्चात समुद्र यात्रा के दौरान, माना जाता है कि, चार्ल्स ने बीच सागर में एक सैलानी समुदी जहाज़ से कूदकर आत्म-हत्या कर ली।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर के एक भविष्यद्वक्ता, एलियाह (1 राजा 19:1-7) के समान ही, चार्ल्स सामाजिक जीवन में तो बहुत मज़बूत, परन्तु समाज की नज़रों से हटने पर, अपने व्यक्तिगत जीवन में निराशा से भरा हुआ था। आज भी लोग अकसर ऐसी परिस्थितियों का सामना करते हैं जो उनके संभाल पाने की क्षमता और योग्यता से बाहर होती हैं। कभी-कभी बहुत थक जाने के कारण आने वाली यह अस्थायी निराशा होती है, जैसा एलियाह के साथ हुआ। एलियाह ने बाल के पुजारियों पर एक बड़ी विजय पाई थी (1 राजा 18:20-40), परन्तु फिर उसे अपने प्राणों का भय हुआ और वह जान बचाने को जंगल में भाग गया (1 राजा 19:1-3)। लेकिन निराशा अकसर अस्थायी नहीं होती, वह जीवन की किसी गहरी या अनकही हताशा से संबंधित होती है। इसलिए यह अनिवार्य है कि जब हम किसी से निराशा के बारे में बातें करें तो यह खुलकर परन्तु सहानुभूतिपूर्वक, तथा समझदारी के साथ हो।

   हमारे जीवनों के सबसे अंधकारपूर्ण पलों में भी परमेश्वर हमारे साथ सदा बनी रहने वाली अपनी उपस्थिति को हमें उपलब्ध करवाता है जिससे हम उसके साथ अपने दिल की बात बाँट सकें, उससे सहायता, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्राप्त कर सकें; और अपने अनुभवों के आधार पर फिर दूसरों के लिए परमेश्वर से मिलने वाली आशा और प्रोत्साहन का माध्यम बन सकें (2 कुरिन्थियों 1:3-4)। - रैंडी किलगोर


परमेश्वर तथा उसके लोगों से होने वाली सहायता से आशा आती है।

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:3-4

बाइबल पाठ: 1 राजा 19:1-8
1 Kings 19:1 तब अहाब ने ईज़ेबेल को एलिय्याह के सब काम विस्तार से बताए कि उसने सब नबियों को तलवार से किस प्रकार मार डाला। 
1 Kings 19:2 तब ईज़ेबेल ने एलिय्याह के पास एक दूत के द्वारा कहला भेजा, कि यदि मैं कल इसी समय तक तेरा प्राण उनका सा न कर डालूं तो देवता मेरे साथ वैसा ही वरन उस से भी अधिक करें। 
1 Kings 19:3 यह देख एलिय्याह अपना प्राण ले कर भागा, और यहूदा के बेर्शेबा को पहुंच कर अपने सेवक को वहीं छोड़ दिया। 
1 Kings 19:4 और आप जंगल में एक दिन के मार्ग पर जा कर एक झाऊ के पेड़ के तले बैठ गया, वहां उसने यह कह कर अपनी मृत्यु मांगी कि हे यहोवा बस है, अब मेरा प्राण ले ले, क्योंकि मैं अपने पुरखाओं से अच्छा नहीं हूँ। 
1 Kings 19:5 वह झाऊ के पेड़ तले लेटकर सो गया और देखो एक दूत ने उसे छूकर कहा, उठ कर खा। 
1 Kings 19:6 उसने दृष्टि कर के क्या देखा कि मेरे सिरहाने पत्थरों पर पकी हुई एक रोटी, और एक सुराही पानी धरा है; तब उसने खाया और पिया और फिर लेट गया। 
1 Kings 19:7 दूसरी बार यहोवा का दूत आया और उसे छूकर कहा, उठ कर खा, क्योंकि तुझे बहुत भारी यात्रा करनी है। 
1 Kings 19:8 तब उसने उठ कर खाया पिया; और उसी भोजन से बल पाकर चालीस दिन रात चलते चलते परमेश्वर के पर्वत होरेब को पहुंचा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 120-122
  • 1 कुरिन्थियों 9


Friday, August 26, 2016

मार्गनिर्देशन


   दावा सोबेल की पुरुस्कृत पुस्तक Longitude, पुराने समयों में नाविकों के सामने रहने वाले घोर असमंजस का वर्णन करती है। वे नाविक दिन के समय और सूरज की ऊँचाई के आधार पर भूमध्य रेखा से अपने उत्तर या दक्षिण की स्थिति, अर्थात लैटिट्यूड तो आसानी से जान लेते थे; लेकिन पूर्व-पश्चिम दिशा के आधार पर अपनी स्थिति का आँकलन करना, अर्थात अपनी स्थिति के लौंगीट्यूड को जानना उनके लिए बड़ा जटिल और गैरभरोसेमन्द था, जब तक कि अंग्रेज़ी घड़ी-साज़ जौन हैरिसन ने समुद्री समय-मापक (marine chronometer) का अविषकार नहीं कर लिया। यह समय-मापक एक ऐसी घड़ी था जो उनके मूल बन्दरगाह से दूरी के सही समय को दिखाती थी, वे चाहे समुद्र में कितनी भी दूर, कहीं भी क्यों ना चले जाएं; इससे अब वे नाविक अपना लौंगीट्यूड भी सरलता से जान लेते थे।

   जीवन के समुद्र की हमारी यात्रा के लिए भी हमें एक विश्वासयोग्य मार्गदर्शिका चाहिए, जो सदा हमें हमारी सही स्थिति तथा हमारे लिए सही दिशा बताती रहे। परमेश्वर ने यह हमारे लिए उपलब्ध करवाया है - अपना जीवता वचन, बाइबल। भजनकार ने इस जीवते वचन के लिए लिखा है, "अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है" (भजन 119:97)। परमेश्वर के वचन पर कभी-कभी नज़र दौड़ा लेने की बजाए, भजनकार ने दिन भर सभी बातों के लिए वचन से निर्देशन पाने के संबंध में लिखा, "मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है" (भजन 119:99); और इसके साथ ही इस वचन की आज्ञाकारिता के अपने प्रण को भी दोहराया: "मैं ने शपथ खाई, और ठाना भी है कि मैं तेरे धर्ममय नियमों के अनुसार चलूंगा" (भजन 119:106)।

   पुराने समय के उन नाविकों के समान, सही दिशा में चलने के लिए हमें भी सदा हमारा सही मार्गनिर्देशन करने वाला एक विश्वास्योग्य साधन चाहिए। यदि हम दिन-प्रतिदिन खुले दिल और आज्ञाकारी मन से परमेश्वर के सामने आते हैं, और उसके वचन का मार्गदर्शन स्वीकार करते हैं, तो वह मार्गदर्शन उस जीवते वचन से हमें प्राप्त होता है: "तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है" (भजन 119:105)। - डेविड मैक्कैसलैंड


यदि परमेश्वर आपका मार्गदर्शक है तो आप सही दिशा में अग्रसर रहेंगे।

आज्ञा तो दीपक है और शिक्षा ज्योति, और सिखाने वाले की डांट जीवन का मार्ग है - नीतिवचन 6:23

बाइबल पाठ: भजन 119:97-106
Psalms 119:97 अहा! मैं तेरी व्यवस्था से कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है। 
Psalms 119:98 तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है, क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं। 
Psalms 119:99 मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है। 
Psalms 119:100 मैं पुरनियों से भी समझदार हूं, क्योंकि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए हूं। 
Psalms 119:101 मैं ने अपने पांवों को हर एक बुरे रास्ते से रोक रखा है, जिस से मैं तेरे वचन के अनुसार चलूं। 
Psalms 119:102 मैं तेरे नियमों से नहीं हटा, क्योंकि तू ही ने मुझे शिक्षा दी है। 
Psalms 119:103 तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं! 
Psalms 119:104 तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूं, इसलिये मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूं।
Psalms 119:105 तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। 
Psalms 119:106 मैं ने शपथ खाई, और ठाना भी है कि मैं तेरे धर्ममय नियमों के अनुसार चलूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:89-176
  • 1 कुरिन्थियों 8


Thursday, August 25, 2016

प्रतीक्षा एवं पुनःआगमन


   मैं यह तो नहीं जानती कि आप जहाँ रहते हैं वहाँ कैसे होता है, लेकिन मैं जहाँ रहती हूँ वहाँ यदि मेरा कोई उपकरण खराब हो जाए और मैं उपकरण की कंपनी को फोन करके उसकी मरम्मत के लिए कहूँ, तो वो मुझे कुछ ऐसा उत्तर देते हैं: "मरम्मत करने वाला आपके पास दोपहर बाद 1:00 से 5:00 के बीच में पहुँच जाएगा"। अब क्योंकि मैं यह नहीं जानती हूँ कि वह किस समय आएगा, इस लिए सिवाय प्रतीक्षा करने के मेरे पास और कोई चारा नहीं होता।

   प्रभु यीशु ने पृथ्वी पर अपनी सेवकाई के समय में अपने अनुयायियों से कहा था कि वे शीघ्र उन्हें छोड़कर जाएंगे और उन लोगों को कुछ समय के लिए (यूहन्ना 16:16) उनके पुनःआगमन की प्रतीक्षा करनी होगी। प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के बाद चेलों ने उन्हें देखा और चेलों को लगा कि प्रभु अब पृथ्वी पर अपना राज्य स्थापित करेंगे; लेकिन प्रभु यीशु ने उन से कहा, "...उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं" (प्रेरितों 1:7); अब उनकी प्रतीक्षा का समय और बढ़ गया।

   लेकिन प्रभु ने अपने चेलों से केवल प्रतीक्षा-मात्र ही करने के लिए नहीं कहा, वरन उस प्रतीक्षा के समय में चेलों को प्रभु का गवाह भी होना था: "परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे" (प्रेरितों 1:8)। ऐसा करने के लिए प्रभु यीशु ने अपने चेलों को परमेश्वर का पवित्र-आत्मा भी दिया जो उन्हें इस सेवकाई के लिए सिखाने, संवारने, संभालने और सामर्थ देने के लिए था।

   हम मसीही विश्वासी आज भी प्रभु यीशु के पुनःआगमन की प्रतीक्षा में हैं। इस प्रतीक्षा के समय में हमें पवित्र-आत्मा कि अगुवाई और सामर्थ से औरों को यह बताना और दिखाना है कि प्रभु यीशु कौन है, उसने समस्त संसार के प्रत्येक जन के लिए कैसे अपने बलिदान और पुनरुत्थान के द्वारा पापों की क्षमा और उद्धार का मार्ग तैयार करके दे दिया है, जिससे अपने पुनःआगमन पर वह अपने चेलों को अपने साथ लेकर जा सके। - ऐनी सेटास


प्रभु यीशु के पुनःआगमन तक प्रतीक्षा करें और उसकी गवाही दें।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-11
Acts 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा। 
Acts 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया। 
Acts 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से बड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा। 
Acts 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो। 
Acts 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे। 
Acts 1:6 सो उन्हों ने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्त्राएल को राज्य फेर देगा? 
Acts 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं। 
Acts 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। 
Acts 1:9 यह कहकर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया; और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया। 
Acts 1:10 और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरूष श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए उन के पास आ खड़े हुए। 
Acts 1:11 और कहने लगे; हे गलीली पुरूषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो त