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Wednesday, May 31, 2017

दोष


   मुझ पर कई बातों का दोष लगाया गया है, और बहुधा यह सही भी था। मेरे पाप, विफलताएं, और अयोग्यताएं, मेरे मित्रों, परिवारजनों, और संभवतः अजनबियों के लिए भी दुःख, चिंता और असुविधा का कारण रहे हैं। लेकिन मुझ पर ऐसी बातों के लिए भी दोषारोपण किया गया है जिनके लिए मैं कदापि दोषी नहीं थी, ऐसी बातें जिन्हें बदलना मेरे वश के बाहर था।

   परन्तु ऐसा भी हुआ है कि मैंने दूसरों पर दोष लगाए हैं। कितनी ही बार अपनी परिस्थितियों के लिए मैंने दूसरों को ज़िम्मेदार ठहराया है, कहा है कि यदि उन्होंने ऐसा या वैसा नहीं किया होता तो मैं आज इस परिस्थिति में नहीं होती। दोष चोट पहुँचाता है। इसलिए चाहे हम दोषी हों अथवा नहीं, हम बहुत सा समय और मानसिक सामर्थ दोष को किसी अन्य पर लादने में खर्च कर देते है।

   प्रभु यीशु मसीह हमें दोष से निपटने का एक बेहतर विकल्प देता है। यद्यपि वह स्वयं निर्दोष था, फिर भी उसने सारे संसार के पापों को अपने ऊपर ले लिया (यूहन्ना 1:29)। हम अकसर प्रभु यीशु को बलि के मेमने के रूप में देखते हैं, परन्तु वह संसार के सभी लोगों के सभी पापों और दोषों के लिए प्रायश्चित का अन्तिम मेमना भी था (लैव्यवस्था 16:10)।

   यदि हम अपने पापों को मान लें, और उन पापों को उठा ले जाने के प्रभु यीशु के प्रस्ताव को स्वीकार कर लें, तो उन पापों का दोष हमें फिर कभी न तो उठाना पड़ेगा और न ही उनके लिए कोई दण्ड भुगतना पड़ेगा। साथ ही फिर हम अपने पापों, अपनी गलतियों के लिए किसी अन्य को दोषी ठहराने के प्रयास भी नहीं करेंगे।

   परमेश्वर पिता का धन्यवाद हो कि प्रभु यीशु के बलिदान और पुनरुत्थान के कारण आज संसार का प्रत्येक व्यक्ति, प्रभु यीशु पर स्वेच्छा से लाए गए साधारण विश्वास तथा अपने पापों के लिए किए गए पश्चाताप के द्वारा सभी दोषों से मुक्त हो सकता है, उनका दण्ड भोगने से बच सकता है, परमेश्वर से अनन्त जीवन का दान सेंत-मेंत प्राप्त कर सकता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


अपने पाप तथा दोषों के प्रति ईमानदारी ही 
परमेश्वर से उनकी क्षमा प्राप्त करने का मार्ग है।

दूसरे दिन उसने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है। - यूहन्ना 1:29

बाइबल पाठ: लैव्यवस्था 16:5-22
Leviticus 16:5 फिर वह इस्त्राएलियों की मण्डली के पास से पापबलि के लिये दो बकरे और होमबलि के लिये एक मेढ़ा ले। 
Leviticus 16:6 और हारून उस पापबलि के बछड़े को जो उसी के लिये होगा चढ़ाकर अपने और अपने घराने के लिये प्रायश्चित्त करे। 
Leviticus 16:7 और उन दोनों बकरों को ले कर मिलापवाले तम्बू के द्वार पर यहोवा के साम्हने खड़ा करे; 
Leviticus 16:8 और हारून दोनों बकरों पर चिट्ठियां डाले, एक चिट्ठी यहोवा के लिये और दूसरी अजाजेल के लिये हो। 
Leviticus 16:9 और जिस बकरे पर यहोवा के नाम की चिट्ठी निकले उसको हारून पापबलि के लिये चढ़ाए; 
Leviticus 16:10 परन्तु जिस बकरे पर अजाजेल के लिये चिट्ठी निकले वह यहोवा के साम्हने जीवता खड़ा किया जाए कि उस से प्रायश्चित्त किया जाए, और वह अजाजेल के लिये जंगल में छोड़ा जाए। 
Leviticus 16:11 और हारून उस पापबलि के बछड़े को जो उसी के लिये होगा समीप ले आए, और उसको बलिदान कर के अपने और अपने घराने के लिये प्रायश्चित्त करे। 
Leviticus 16:12 और जो वेदी यहोवा के सम्मुख है उस पर के जलते हुए कोयलों से भरे हुए धूपदान को ले कर, और अपनी दोनों मुट्ठियों को फूटे हुए सुगन्धित धूप से भरकर, बीच वाले पर्दे के भीतर ले आकर 
Leviticus 16:13 उस धूप को यहोवा के सम्मुख आग में डाले, जिस से धूप का धुआं साक्षीपत्र के ऊपर के प्रायश्चित्त के ढकने के ऊपर छा जाए, नहीं तो वह मर जाएगा; 
Leviticus 16:14 तब वह बछड़े के लोहू में से कुछ ले कर पूरब की ओर प्रायश्चित्त के ढकने के ऊपर अपनी उंगली से छिड़के, और फिर उस लोहू में से कुछ उंगली के द्वारा उस ढकने के साम्हने भी सात बार छिड़क दे। 
Leviticus 16:15 फिर वह उस पापबलि के बकरे को जो साधारण जनता के लिये होगा बलिदान कर के उसके लोहू को बीच वाले पर्दे के भीतर ले आए, और जिस प्रकार बछड़े के लोहू से उसने किया था ठीक वैसा ही वह बकरे के लोहू से भी करे, अर्थात उसको प्रायश्चित्त के ढकने के ऊपर और उसके साम्हने छिड़के। 
Leviticus 16:16 और वह इस्त्राएलियों की भांति भांति की अशुद्धता, और अपराधों, और उनके सब पापों के कारण पवित्रस्थान के लिये प्रायश्चित्त करे; और मिलापवाला तम्बू जो उनके संग उनकी भांति भांति की अशुद्धता के बीच रहता है उसके लिये भी वह वैसा ही करे। 
Leviticus 16:17 और जब हारून प्रायश्चित्त करने के लिये पवित्रस्थान में प्रवेश करे, तब से जब तक वह अपने और अपने घराने और इस्त्राएल की सारी मण्डली के लिये प्रायश्चित्त कर के बाहर न निकले तब तक कोई मनुष्य मिलापवाले तम्बू में न रहे। 
Leviticus 16:18 फिर वह निकलकर उस वेदी के पास जो यहोवा के साम्हने है जाए और उसके लिये प्रायश्चित्त करे, अर्थात बछड़े के लोहू और बकरे के लोहू दोनों में से कुछ ले कर उस वेदी के चारों कोनों के सींगो पर लगाए। 
Leviticus 16:19 और उस लोहू में से कुछ अपनी उंगली के द्वारा सात बार उस पर छिड़ककर उसे इस्त्राएलियों की भांति भांति की अशुद्धता छुड़ाकर शुध्द और पवित्र करे। 
Leviticus 16:20 और जब वह पवित्रस्थान और मिलापवाले तम्बू और वेदी के लिये प्रायश्चित्त कर चुके, तब जीवित बकरे को आगे ले आए; 
Leviticus 16:21 और हारून अपने दोनों हाथों को जीवित बकरे पर रखकर इस्त्राएलियों के सब अधर्म के कामों, और उनके सब अपराधों, निदान उनके सारे पापों को अंगीकार करे, और उन को बकरे के सिर पर धरकर उसको किसी मनुष्य के हाथ जो इस काम के लिये तैयार हो जंगल में भेज के छुड़वा दे। 
Leviticus 16:22 और वह बकरा उनके सब अधर्म के कामों को अपने ऊपर लादे हुए किसी निराले देश में उठा ले जाएगा; इसलिये वह मनुष्य उस बकरे को जंगल में छोड़े दे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 13-14
  • यूहन्ना 12:1-26


Tuesday, May 30, 2017

आँसू


   मैंने अपनी एक पुरानी सहेली को, उसकी माँ के देहान्त पर फोन किया। उसकी माँ और मेरी माँ भी बहुत अच्छी सहेलियाँ रहे थे, और अब दोनों ही इस संसार से जा चुके थे। परस्पर बातचीत करते हुए, हमारा वार्तालाप भावनाओं के चक्र में चला गया - देहान्त के कारण दुःख के आँसू और उनके प्रेम, देखभाल करने वाले स्वभाव और ज़िन्दादिली के उदाहरणों को स्मरण करके उनके साथ बिताए हुए पलों के लिए खुशी के आँसू।

   हम में से अनेकों ने इन मिश्रित भावनाओं का अनुभव किया होगा - एक पल रोना और दूसरे पल हँसना। यह परमेश्वर द्वारा हमें प्रदान की गई बड़ी अद्भुत बात है कि हम दुःख और खुशी दोनों ही में आँसुओं के द्वारा अपने मन की भावना व्यक्त कर सकते हैं, अपना मन हलका कर सकते हैं।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि हमें परमेश्वर ने अपने स्वरूप में सृजा है (उत्पत्ति 1:26)। क्योंकि सारे संसार के सभी मनुष्य उसी एक परमेश्वर के द्वारा, उस ही के स्वरूप में सृजे गए हैं, और संसार भर में, सभी संसकृतियों में विनोद व्यवहार का एक अभिन्न अंग है, इसलिए मेरा विचार है कि प्रभु यीशु का भी विनोदप्रीय व्यवहार रहा होगा। परन्तु हम यह भी जानते हैं कि वह दुःख की पीड़ा से भी भली-भांति अवगत था। जब प्रभु के मित्र लाज़र का देहान्त हुआ और प्रभु ने लाज़र की बहन मरियम को रोते हुए देखा, तो "जब यीशु न उसको और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे रोते हुए देखा, तो आत्मा में बहुत ही उदास हुआ, और घबरा कर कहा, तुम ने उसे कहां रखा है? यीशु के आंसू बहने लगे" (यूहन्ना 11:33, 35)।

   अपनी भावनाओं को आँसुओं द्वारा व्यक्त करना परमेश्वर का एक दान है, और बाइबल हमें आश्वस्त करती है कि परमेश्वर हमारे प्रत्येक आँसू का हिसाब रखता है: "तू मेरे मारे मारे फिरने का हिसाब रखता है; तू मेरे आंसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले! क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है?" (भजन 56:8)। लेकिन साथ ही बाइबल हमें यह आश्वासन भी देती है कि हम मसीही विश्वासियों के लिए एक ऐसा समय भी आने वाला है, जब हर दुःख, हर पीड़ा का अन्त हो जाएगा, और आँसुओं का भी; परमेश्वर हमारे साथ निवास करेगा और स्वयं हमारे सभी आँसू पोंछ डालेगा। - सिंडी हैस कैस्पर


हमारा प्रेमी परमेश्वर पिता, जिसने हमारे सभी पापों को धो डाला है, 
वही हमारे सभी आँसुओं को भी पोंछ देगा।

फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा। और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। - प्रकाशितवाक्य 21:3-4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 11:32-44
John 11:32 जब मरियम वहां पहुंची जहां यीशु था, तो उसे देखते ही उसके पांवों पर गिर के कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता तो मेरा भाई न मरता। 
John 11:33 जब यीशु न उसको और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे रोते हुए देखा, तो आत्मा में बहुत ही उदास हुआ, और घबरा कर कहा, तुम ने उसे कहां रखा है? 
John 11:34 उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, चलकर देख ले। 
John 11:35 यीशु के आंसू बहने लगे। 
John 11:36 तब यहूदी कहने लगे, देखो, वह उस से कैसी प्रीति रखता था। 
John 11:37 परन्तु उन में से कितनों ने कहा, क्या यह जिसने अन्धे की आंखें खोली, यह भी न कर सका कि यह मनुष्य न मरता 
John 11:38 यीशु मन में फिर बहुत ही उदास हो कर कब्र पर आया, वह एक गुफा थी, और एक पत्थर उस पर धरा था। 
John 11:39 यीशु ने कहा; पत्थर को उठाओ: उस मरे हुए की बहिन मारथा उस से कहने लगी, हे प्रभु, उस मे