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बुधवार, 6 मार्च 2019

सिद्ध प्रेम



      उस महिला ने रुंधे गले से अपने बेटी से संबंधित उसकी समस्या के बारे में मुझे बताया। अपनी तरुण आयु बेटी के मित्रों के संदिग्ध आचरण के कारण उस चिन्तित महिला ने अपनी बेटी का मोबाइल फोन ज़ब्त कर लिया था और उसके साथ प्रत्येक स्थान पर जाने लगी थी। उनके संबंध बिगड़ते ही जा रहे थे।

      जब मैंने इस विषय पर उसकी बेटी से बात की तो उसने बताया कि वह अपने माँ से बहुत प्रेम करती है, परन्तु उसकी माँ का प्रेम व्यवहार इतना अभिभूत करने वाला होने लगा था कि उसे घुटन अनुभव होने लगी थी। वह माँ के इस प्रेम-प्रकटीकरण की घुटन से स्वतंत्र होना चाहती थी।

      हम सभी अपूर्ण हैं, और अपने संबंधों में परस्पर संघर्षों का सामना करते हैं। हम चाहे अभिभावक हों या बच्चे, अविवाहित हो या विवाहित, हम सभी प्रेम को सही रीति से व्यक्त करने में समस्याओं का सामना करते हैं, सही बात को सही समय पर सही रीति से करने या कहने में गड़बड़ा जाते हैं। हम अपने जीवन भर प्रेम में बढ़ते तथा परिपक्व होते रहते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कोरिन्थ की मसीही मण्डली को लिखी अपनी पत्री में सिद्ध प्रेम के विषय लिखा, उन्हें उसके गुण बताए। पौलुस द्वारा दिए गए मानक बहुत अद्भुत तो हैं, परन्तु उन्हें व्यवहार में लाना बहुत चुनौतीपूर्ण तथा कठिन भी हो सकता है। परन्तु हमें परमेश्वर के धन्यवादी होना चाहिए कि उसने प्रभु यीशु मसीह में हमारे सामने सिद्ध प्रेम का सजीव उदाहरण रखा है। विभिन्न प्रकार के लोगों और उनकी विभिन्न समस्याओं के साथ व्यवहार के दौरान प्रभु यीशु ने दिखाया कि व्यवाहारिक जीवन में सिद्ध प्रेम कैसा होना चाहिए। हम मसीही विश्वासी जब प्रभु का अनुसरण करते हुए जीवन व्यतीत करते हैं, उसके प्रेम में बने रहते हैं, उसके वचनों से अपने मन को भर लेते हैं, तो हम उसके प्रेम और जीवन को अधिकाधिक प्रतिबिंबित करते जाऐंगे। हम फिर भी गलतियाँ तो करेंगे, परन्तु परमेश्वर उन्हें सुधार कर प्रत्येक परिस्थिति में से भलाई को उत्पन्न करेगा, क्योंकि उसका प्रेम सब कुछ सह लेता है, और कभी टलता नहीं है (पद 7-8)। - पोह फैंग चिया


हमारे प्रति अपने प्रेम को दिखाने के लिए प्रभु यीशु ने अपना जीवन बलिदान किया; 
उसके प्रति हमारे प्रेम को दिखाने के लिए हमें उसके लिए जीवन जीना है।

प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा। हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए। - 1 यूहन्ना 4:10-11

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 13: 1-13
1 Corinthians 13:1 यदि मैं मनुष्यों, और सवर्गदूतों की बोलियां बोलूं, और प्रेम न रखूं, तो मैं ठनठनाता हुआ पीतल, और झंझनाती हुई झांझ हूं।
1 Corinthians 13:2 और यदि मैं भविष्यद्वाणी कर सकूं, और सब भेदों और सब प्रकार के ज्ञान को समझूं, और मुझे यहां तक पूरा विश्वास हो, कि मैं पहाड़ों को हटा दूं, परन्तु प्रेम न रखूं, तो मैं कुछ भी नहीं।
1 Corinthians 13:3 और यदि मैं अपनी सम्पूर्ण संपत्ति कंगालों को खिला दूं, या अपनी देह जलाने के लिये दे दूं, और प्रेम न रखूं, तो मुझे कुछ भी लाभ नहीं।
1 Corinthians 13:4 प्रेम धीरजवन्‍त है, और कृपाल है; प्रेम डाह नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं।
1 Corinthians 13:5 वह अनरीति नहीं चलता, वह अपनी भलाई नहीं चाहता, झुंझलाता नहीं, बुरा नहीं मानता।
1 Corinthians 13:6 कुकर्म से आनन्‍दित नहीं होता, परन्तु सत्य से आनन्‍दित होता है।
1 Corinthians 13:7 वह सब बातें सह लेता है, सब बातों की प्रतीति करता है, सब बातों की आशा रखता है, सब बातों में धीरज धरता है।
1 Corinthians 13:8 प्रेम कभी टलता नहीं; भविष्यद्वाणियां हों, तो समाप्‍त हो जाएंगी, भाषाएं हो तो जाती रहेंगी; ज्ञान हो, तो मिट जाएगा।
1 Corinthians 13:9 क्योंकि हमारा ज्ञान अधूरा है, और हमारी भविष्यद्वाणी अधूरी।
1 Corinthians 13:10 परन्तु जब सवर्सिद्ध आएगा, तो अधूरा मिट जाएगा।
1 Corinthians 13:11 जब मैं बालक था, तो मैं बालकों के समान बोलता था, बालकों का सा मन था बालकों की सी समझ थी; परन्तु सियाना हो गया, तो बालकों की बातें छोड़ दी।
1 Corinthians 13:12 अब हमें दर्पण में धुंधला सा दिखाई देता है; परन्तु उस समय आमने साम्हने देखेंगे, इस समय मेरा ज्ञान अधूरा है; परन्तु उस समय ऐसी पूरी रीति से पहिचानूंगा, जैसा मैं पहिचाना गया हूं।
1 Corinthians 13:13 पर अब विश्वास, आशा, प्रेम थे तीनों स्थाई है, पर इन में सब से बड़ा प्रेम है।  


एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 1-2
  • मरकुस 10:1-31



मंगलवार, 5 मार्च 2019

स्वागत और पहुनाई



      हमने एक भोज का आयोजन किया, जिसमें पाँच देशों के निवासियों के परिवार हमारे साथ भोजन करने के लिए सम्मिलित हुए, और वह हमारे लिए एक अद्भुत यादगार है। भोज के समय हमारे वार्तालाप में सभी सम्मिलित हुए, यह वार्तालाप एक या दो तक ही सीमित नहीं रहा। उपस्थित सभी लोगों ने लंडन शहर में जीवन के प्रति, उनके विभिन्न देशों से होने के परिदृश्य में होकर, अपने विचारों को साझा किया। उस संध्या की समाप्ति के बाद, मेरे पति और मैंने अनुभव किया कि हमने जितना दिया था, उससे कहीं अधिक हमें मिल गया था, जिसमें नए मित्र बनाने और भिन्न संसकृतियों के विषय सीखने से संबंधित भावनाओं का स्नेहिल एहसास भी था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों को लिखी पत्री के अन्त में लेखक सामाजिक जीवन से संबंधित कुछ बातों के विषय कुछ निर्देश देता है, जिनमें से एक है कि उसके पाठक अतिथिसत्कार में लगे रहें। क्योंकि इस सेवा में “इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है” (13:2)। संभव है कि लेखक के मन में अब्राहम और सारा का विचार हो, जिनके विषय हम उत्पत्ति 18:1-14 में देखते हैं कि उन्होंने कुछ अजनबियों का अपने निवास-स्थान में स्वागत किया, उनकी पहुनाई की, उन्हें उत्तम भोजन खिलाया। वे नहीं जानते थे कि वे स्वर्गदूतों की पहुनाई कर रहे हैं, जो उनके लिए आशीष का सन्देश लेकर आए थे।

      हम लोगों को अपने घरों में, उनसे कुछ प्राप्त करने के लिए स्वागत नहीं करते हैं, परन्तु बहुधा हम पहुनाई के द्वारा जितना देते हैं, उससे अधिक प्राप्त कर लेते हैं। प्रभु परमेश्वर के नाम में लोगों का स्वागत और पहुनाई करने के द्वारा हम प्रभु के प्रेम को औरों तक पहुँचने का माध्यम बनते हैं; स्वागत और पहुनाई में लगे रहें। - एमी बाउचर पाई


जब हम पहुनाई करते हैं, हम परमेश्वर की भलाई और उपहारों को बांटते हैं।

भाईचारे की प्रीति बनी रहे। पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:1-2

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 18:1-14
Genesis 18:1 इब्राहीम माम्रे के बांजो के बीच कड़ी धूप के समय तम्बू के द्वार पर बैठा हुआ था, तब यहोवा ने उसे दर्शन दिया:
Genesis 18:2 और उसने आंख उठा कर दृष्टि की तो क्या देखा, कि तीन पुरूष उसके साम्हने खड़े हैं: जब उसने उन्हे देखा तब वह उन से भेंट करने के लिये तम्बू के द्वार से दौड़ा, और भूमि पर गिरकर दण्डवत की और कहने लगा,
Genesis 18:3 हे प्रभु, यदि मुझ पर तेरी अनुग्रह की दृष्टि है तो मैं बिनती करता हूं, कि अपने दास के पास से चले न जाना।
Genesis 18:4 मैं थोड़ा सा जल लाता हूं और आप अपने पांव धोकर इस वृक्ष के तले विश्राम करें।
Genesis 18:5 फिर मैं एक टुकड़ा रोटी ले आऊं और उस से आप अपने जीव को तृप्त करें; तब उसके पश्चात आगे बढें: क्योंकि आप अपने दास के पास इसी लिये पधारे हैं। उन्होंने कहा, जैसा तू कहता है वैसा ही कर।
Genesis 18:6 सो इब्राहीम ने तम्बू में सारा के पास फुर्ती से जा कर कहा, तीन सआ मैदा फुर्ती से गून्ध, और फुलके बना।
Genesis 18:7 फिर इब्राहीम गाय बैल के झुण्ड में दौड़ा, और एक कोमल और अच्छा बछड़ा ले कर अपने सेवक को दिया, और उसने फुर्ती से उसको पकाया।
Genesis 18:8 तब उसने मक्खन, और दूध, और वह बछड़ा, जो उसने पकवाया था, ले कर उनके आगे परोस दिया; और आप वृक्ष के तले उनके पास खड़ा रहा, और वे खाने लगे।
Genesis 18:9 उन्होंने उस से पूछा, तेरी पत्नी सारा कहां है? उसने कहा, वह तो तम्बू में है।
Genesis 18:10 उसने कहा मैं वसन्त ऋतु में निश्चय तेरे पास फिर आऊंगा; और तब तेरी पत्नी सारा के एक पुत्र उत्पन्न होगा। और सारा तम्बू के द्वार पर जो इब्राहीम के पीछे था सुन रही थी।
Genesis 18:11 इब्राहीम और सारा दोनो बहुत बूढ़े थे; और सारा का स्त्रीधर्म बन्द हो गया था
Genesis 18:12 सो सारा मन में हंस कर कहने लगी, मैं तो बूढ़ी हूं, और मेरा पति भी बूढ़ा है, तो क्या मुझे यह सुख होगा?
Genesis 18:13 तब यहोवा ने इब्राहीम से कहा, सारा यह कहकर क्यों हंसी, कि क्या मेरे, जो ऐसी बुढिय़ा हो गई हूं, सचमुच एक पुत्र उत्पन्न होगा?
Genesis 18:14 क्या यहोवा के लिये कोई काम कठिन है? नियत समय में, अर्थात वसन्त ऋतु में, मैं तेरे पास फिर आऊंगा, और सारा के पुत्र उत्पन्न होगा।  


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 34-36
  • मरकुस 9:30-50



सोमवार, 4 मार्च 2019

समझता



      कभी-कभी मैं और मेरी पत्नि, हम एक दूसरे के वाक्यों को पूरा कर देते हैं। तीस वर्ष से अधिक के विवाहित जीवन में साथ रहते-रहते हम एक दूसरे के विचार और बात करने के बारे में बहुत अच्छे से परिचित हैं। कभी-कभी तो हमें वाक्य को पूरा भी नहीं करना पड़ता है; केवल एक शब्द या एक-दूसरे की ओर एक झलक ही हमारी सोच को एक दूसरे से व्यक्त करने के लिए पर्याप्त होती है।

      इसमें ऐसी सुख-शान्ति है जैसे पैरों में अच्छे से आ जाने वाले पुराने जूतों की जोड़ी को पहनने में मिलती है। हम कभी-कभी एक दूसरे को प्यार से “मेरी पुरानी जूती” भी कह देते हैं – जो ऐसा अभिवादन है जिसे तब तक समझ पाना कठिन है जब तक आप हमें अच्छे से नहीं जानते हों। वर्षों के साथ में हमारे संबंध की एक अपनी ही भाषा विक्सित हो गई है, जिनमें ऐसी अभिव्यक्तियाँ हैं जो दशकों के प्रेम और भरोसे का परिणाम हैं।

      ऐसे ही इस जानकारी में संतोष और सुख है कि परमेश्वर हमें भली-भांति जानता है और हमसे प्रेम बहुत करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार दाऊद ने लिखा, “हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो” (भजन 139:4)। कल्पना कीजिए प्रभु यीशु के साथ बिना कुछ बोले वार्तालाप करने की, जिस में आप अपने हृदय की सभी बातें उससे निःसंकोच कहना चाहते हैं। परन्तु इससे पहले कि आप अपनी बात को शब्दों में लाने पाएँ, प्रभु आपकी ओर देखकर मुस्कुराता है और जो आप कहना चाहते हैं उसे व्यक्त कर देता है। यह जानने में कितना संतोष है कि हमें प्रभु परमेश्वर से वार्तालाप करने के लिए सही शब्दों का उपयोग करने की मजबूरी नहीं है। वह हमें जानता है, हमें अच्छे से समझता है। - जेम्स बैंक्स


परमेश्वर हमारे शब्दों से बढ़कर हमारे हृदयों को देखता है।

और हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा। - 1 इतिहास 28:9

बाइबल पाठ: भजन 139:1-12
Psalms 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
Psalms 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
Psalms 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है।
Psalms 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
Psalms 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है।
Psalms 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं,
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।  


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 31-33
  • मरकुस 9:1-29



रविवार, 3 मार्च 2019

समझ



      चर्च के बरामदे में, अपने हाथों में दो तस्वीरों को लिए हुए, अभी हाल ही में नानी बनने वाली वह महिला गर्व से उन तस्वीरों को अपने मित्रों को दिखा रही थी। एक तस्वीर, उसके अपने देश बुरुंडी में रहने वाली उसकी बेटी की थी; और दूसरी उसके नवजात नाती की थी, जिसे उसकी बेटी ने जन्म दिया था। किन्तु वह बेटी अपने नवजात पुत्र को अपने हाथों में लिए हुए नहीं थी – क्योंकि उस पुत्र को जन्म देते हुए उसका देहांत हो गया था।

      उस महिला की एक सहेली पास आई, उन तस्वीरों को देखा और अपने हाथ उठा कर उसके चहरे को थाम लिया और रोते हुए केवल यह बोल सकी, “मैं समझती हूँ; मैं समझती हूँ!” निःसंदेह वह सहेली उस महिला का दुःख समझती थी, क्योंकि उसने दो माह पूर्व ही अपने बेटे को दफनाया था।

      जिन्होंने हमारे समान दुःख सहा है, उनसे मिलने वाली सहानिभूति और शान्ति में कुछ विशेष होता है; वे समझते हैं! प्रभु यीशु के पकड़वाए जाने से ठीक पहले उन्होंने अपने शिष्यों को सचेत किया, “मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि तुम रोओगे और विलाप करोगे, परन्तु संसार आनन्द करेगा” किन्तु साथ ही उन्होंने उन शिष्यों को शान्ति भी दी: “तुम्हें शोक होगा, परन्तु तुम्हारा शोक आनन्द बन जाएगा” (यूहन्ना 16:20)। इस बात के कुछ ही घंटों में वे शिष्य प्रभु के पकड़वाए जाने और क्रूस पर चढ़ा दिए जाने के द्वारा अपने आप को तबाह किया हुआ अनुभव करने वाले थे। परन्तु उनका यह घोर शोक थोड़े ही समय में अवर्णनीय आनन्द में परिवर्तित हो गया जब उन्होंने प्रभु यीशु को फिर से जीवित होकर उनके पास आए हुए देखा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह नबी ने प्रभु यीशु के विषय भविष्यवाणी की, “निश्चय उसने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया; तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा-कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा” (यशायाह 53:4)। हम मसीही विशावासियों का ऐसा उद्धारकर्ता है जो हमारे दुखों के विषय केवल जानता ही नहीं है, उसने उन दुखों को स्वयँ सहा भी है। इसलिए वह हमारी प्रत्येक बात और परिस्थिति को भली-भांति समझता भी है, और हमारी चिन्ता भी करता है; और एक दिन हमारे शोक को अनन्तकाल के आनन्द में बदल देगा। - टिम गुस्ताफ्सन


जब हम अपने चिंताएं प्रभु के हाथों में सौंप देते हैं, 
वह अपनी शान्ति हमारे हृदयों में भर देता है।

क्योंकि जब उसने परीक्षा की दशा में दुख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है। - इब्रानियों 2:18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 16:19-24
John 16:19 यीशु ने यह जानकर, कि वे मुझ से पूछना चाहते हैं, उन से कहा, क्या तुम आपस में मेरी इस बाते के विषय में पूछ पाछ करते हो, कि थोड़ी देर में तुम मुझे न देखोगे, और फिर थोड़ी देर में मुझे देखोगे।
John 16:20 मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि तुम रोओगे और विलाप करोगे, परन्तु संसार आनन्द करेगा: तुम्हें शोक होगा, परन्तु तुम्हारा शोक आनन्द बन जाएगा।
John 16:21 जब स्त्री जनने लगती है तो उसको शोक होता है, क्योंकि उस की दु:ख की घड़ी आ पहुंची, परन्तु जब वह बालक जन्म चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्पन्न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती।
John 16:22 और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूंगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।
John 16:23 उस दिन तुम मुझ से कुछ न पूछोगे: मैं तुम से सच सच कहता हूं, यदि पिता से कुछ मांगोगे, तो वह मेरे नाम से तुम्हें देगा।
John 16:24 अब तक तुम ने मेरे नाम से कुछ नहीं मांगा; मांगो तो पाओगे ताकि तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।  


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 28-30
  • मरकुस 8:22-38



शनिवार, 2 मार्च 2019

समान



      लोकप्रिय कार्टून कॉमिक श्रंखला ‘पीनट्स’ के रचियता, चार्ल्स शुल्ज़ (1922-2000) के मृत्योपरांत, उनकी यादगार सभा में उनके मित्र और साथी कार्टूनिस्ट कैथी गुज़्वाईट ने उनकी मनुष्यता और सहानुभूति के बारे में कहा, “उन्होंने सँसार के सभी लोगों के लिए वे चरित्र दिए जो वैसा दिखाते थे जैसा हम अनुभव करते हैं, जो हमें अकेला अनुभव नहीं होने देते थे। और फिर उन्होंने अपने आप को भी हमें दिया और हमें अनुभव करवाया कि हम अकेले नहीं हैं...उन्होंने हमें प्रोत्साहित किया, हमारे साथ सहानुभूति प्रकट की और यह अनुभूति दी कि वे भी हमारे ही समान हैं।”

      हमें जब भी लगे कि कोई हमें समझता या पहचानता नहीं है, या हम असहाय हैं, तो हमें स्मरण करना चाहिए कि प्रभु यीशु ने अपने आप को हमारे लिए दे दिया, और वह जानता है कि हम कौन हैं, और आज किन बातों तथा परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों 2:9-18 में इस अद्भुत सत्य का वर्णन दिया गया है कि प्रभु यीशु इस सँसार के अपने जीवन काल में हमारी मनुष्यता के पूर्णतः भागीदार हुए (पद 14)। उन्होंने “सब के लिए मृत्यु का स्वाद चखा” (पद 9), शैतान को निकम्मा किया (पद 14), और “जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्व में फंसे थे,उन्हें छुड़ा लिया” (पद 15)। प्रभु यीशु हमारे समान बन गए “इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्‍ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वास योग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्‍चित्त करे” (पद 17)।

      हे प्रभु आपका धन्यवाद हो कि आप हमारी मनुष्यता में भागीदार हुए जिससे हम आज आपकी सहायता का अनुभव कर सकें और अनन्तकाल तक आपकी उपस्थिति में रह सकें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु के समान हमें और कोई नहीं समझता है।

इसी लिये जो उसके द्वारा परमेश्वर के पास आते हैं, वह उन का पूरा पूरा उद्धार कर सकता है, क्योंकि वह उन के लिये बिनती करने को सर्वदा जीवित है। सो ऐसा ही महायाजक हमारे योग्य था, जो पवित्र, और निष्‍कपट और निर्मल, और पापियों से अलग, और स्वर्ग से भी ऊंचा किया हुआ हो। - इब्रानियों 7:25-26

बाइबल पाठ: इब्रानियों 2:9-18
Hebrews 2:9 पर हम यीशु को जो स्‍वर्गदूतों से कुछ ही कम किया गया था, मृत्यु का दुख उठाने के कारण महिमा और आदर का मुकुट पहिने हुए देखते हैं; ताकि परमेश्वर के अनुग्रह से हर एक मनुष्य के लिये मृत्यु का स्‍वाद चखे।
Hebrews 2:10 क्योंकि जिस के लिये सब कुछ है, और जिस के द्वारा सब कुछ है, उसे यही अच्छा लगा कि जब वह बहुत से पुत्रों को महिमा में पहुंचाए, तो उन के उद्धार के कर्ता को दुख उठाने के द्वारा सिद्ध करे।
Hebrews 2:11 क्योंकि पवित्र करने वाला और जो पवित्र किए जाते हैं, सब एक ही मूल से हैं: इसी कारण वह उन्हें भाई कहने से नहीं लजाता।
Hebrews 2:12 पर कहता है, कि मैं तेरा नाम अपने भाइयों को सुनाऊंगा, सभा के बीच में मैं तेरा भजन गाऊंगा।
Hebrews 2:13 और फिर यह, कि मैं उस पर भरोसा रखूंगा; और फिर यह कि देख, मैं उन लड़कों सहित जिसे परमेश्वर ने मुझे दिए।
Hebrews 2:14 इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे।
Hebrews 2:15 और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले।
Hebrews 2:16 क्योंकि वह तो स्‍वर्गदूतों को नहीं वरन इब्राहीम के वंश को संभालता है।
Hebrews 2:17 इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्‍ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वास योग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्‍चित्त करे।
Hebrews 2:18 क्योंकि जब उसने परीक्षा की दशा में दुख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है।  


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 26-27
  • मरकुस 8:1-21



शुक्रवार, 1 मार्च 2019

क्रूस



      युवा आइज़क वॉट्स को नहीं लगता था कि उनके चर्च का स्तुति संगीत जैसा होना चाहिए उतना अच्छा है। उसके पिता ने उसे चुनौती दी कि वह स्वयं कुछ बेहतर बना कर दे, और उसने यह कर दिखाया। आइज़क वॉट्स द्वारा लिखा गया स्तुति गीत “When I Survey the Wondrous Cross” (जिस क्रूस पर यीशु मुआ था) अंग्रेज़ी भाषा के श्रेष्ठतम स्तुति गीतों में से एक माना गया है और इसका अनुवाद सँसार भर की अनेकों भाषाओं में हुआ है; यह आज भी सँसार भर में पसन्द किया और गाया जाता है। वॉट्स द्वारा लिखित इस गीत के तीसरे अंतरे में हम क्रूसित मसीह यीशु के समक्ष आकर खड़े हो जाते हैं:
देख उसके सर, हाथ-पाँव के घाव,
यह कैसा दुःख, यह कैसा प्यार!
अनूठा है यह प्रेम स्वभाव,
अनूप यह जग का तारणहार।

      वॉट्स द्वारा जिस क्रूस पर चढ़ाए जाने को वर्णित किया गया है, वह मानव इतिहास का सबसे बुरा पल था। प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़े हुए देखने वालों के साथ खड़े होकर उस दृश्य पर ध्यान करना हमारे लिए लाभप्रद होगा। परमेश्वर का पुत्र, कोड़ों से लहु-लुहान कर दी गई देह में, उस काठ के क्रूस पर उसके हाथों और पैरों में होकर काठ में ठोक दी गई कीलों से लटका हुआ है, उसके लिए हर साँस खींचना अवर्णनीय पीड़ा से भरा अनुभव है। घंटों तक असहनीय पीड़ा में तड़पने के बाद एक अलौकिक अन्धकार उस स्थान पर छा जाता है, और अन्ततः परमेश्वर के वचन बाइबल में उसके विषय भविष्यवाणी की गई सभी बातों को पूरा कर के, सृष्टि का रचियता प्रभु परमेश्वर अपने आत्मा को देह से पृथक होकर जाने देता है। एक भूकंप उस स्थान को हिला देता है, शहर में स्थित मंदिर का पर्दा ऊपर से नीचे तक फट कर दो भाग हो जाता है, कब्रों में से मुर्दे उठकर शहर में चलते हुए दिखाई देते हैं (मत्ती 27:51-53), और यह सब देख कर प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़वाने वाला सूबेदार कहता है “सचमुच यह परमेश्वर का पुत्र था!” (पद 54)।

      वॉट्स के इस स्तुति गीत पर टिप्पणी करते हुए ‘द पोएट्री फाऊनडेशन’ ने लिखा, “[प्रभु यीशु मसीह का] क्रूस सभी मूल्यों और मान्यताओं को पुनःव्यवस्थित कर देता है, और सभी व्यर्थ बातों को रद्द कर देता है।” वॉट्स के इस गीत की अंतिम पंक्ति बिलकुल उपयुक्त है, “हे यीशु प्रिय आपको मैं, समर्पित करता हूँ देह प्राण!” – टिम गुस्ताफ्सन


जिसने अपना सर्वस्व हमारे लिए क्रूस पर न्यौछावर कर दिया, 
उसे अपना सब कुछ समर्पित कर देना हमारा सैभाग्य है।

इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। - रोमियों  12:1

बाइबल पाठ: मत्ती 27:45-54
Matthew 27:45 दोपहर से ले कर तीसरे पहर तक उस सारे देश में अन्‍धेरा छाया रहा।
Matthew 27:46 तीसरे पहर के निकट यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, एली, एली, लमा शबक्तनी अर्थात हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?
Matthew 27:47 जो वहां खड़े थे, उन में से कितनों ने यह सुनकर कहा, वह तो एलिय्याह को पुकारता है।
Matthew 27:48 उन में से एक तुरन्त दौड़ा, और स्‍पंज ले कर सिरके में डुबोया, और सरकण्‍डे पर रखकर उसे चुसाया।
Matthew 27:49 औरों ने कहा, रह जाओ, देखें, एलिय्याह उसे बचाने आता है कि नहीं।
Matthew 27:50 तब यीशु ने फिर बड़े शब्द से चिल्लाकर प्राण छोड़ दिए।
Matthew 27:51 और देखो मन्दिर का परदा ऊपर से नीचे तक फट कर दो टुकड़े हो गया: और धरती डोल गई और चटानें तड़क गईं।
Matthew 27:52 और कब्रें खुल गईं; और सोए हुए पवित्र लोगों की बहुत लोथें जी उठीं।
Matthew 27:53 और उसके जी उठने के बाद वे कब्रों में से निकलकर पवित्र नगर में गए, और बहुतों को दिखाई दिए।
Matthew 27:54 तब सूबेदार और जो उसके साथ यीशु का पहरा दे रहे थे, भुईंडोल और जो कुछ हुआ था, देखकर अत्यन्‍त डर गए, और कहा, सचमुच यह परमेश्वर का पुत्र था


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 23-25
  • मरकुस 7:14-37



गुरुवार, 28 फ़रवरी 2019

सरल और सहज



      वाशिंगटन पोस्ट नामक समाचार पत्र में छपे एक लेख में कुछ तकनीकी विद्वानों द्वारा मानव जीवन को अमर करने के प्रयासों के विषय बताया गया; इस परियोजना पर काम करने वाले इसके लिए अरबों खर्च करने को तैयार हैं।

      परन्तु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि यह प्रभु यीशु मसीह द्वारा दो हज़ार वर्ष पहले ही संभव कर दिया गया है। प्रभु यीशु ने कहा, “यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा। और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?” (यूहन्ना 11:25-26)। प्रभु यीशु मसीह ने यह प्रतिज्ञा दी कि जो कोई उनपर विश्वास करेगा उसका कभी, किसी भी पारिस्थित में अन्त नहीं होगा। इसे थोड़ा स्पष्ट कर दें – हमारे शरीर मर सकते हैं, और मर भी जाएंगे; परन्तु हमारा वह भाग जो हमारे विचार, विवेक, बुद्धि, स्मरण और स्मृतियों, प्रेम आदि से संबंधित है, जो हमारा वास्तविक भीतरी मनुष्यत्व है, जिसे हम “मैं” कहते हैं वह कभी नहीं मरेगा – वह सदा प्रभु के साथ स्वर्ग में रहेगा।

      और सबसे अच्छी बात यह है कि ऐसे अनन्त जीवन को प्राप्त करने के लिए केवल उसे परमेश्वर के उपहार के रूप में स्वीकार भर करना है, इसके लिए अपना कोई कार्य या प्रयास नहीं करना है, अपने आप को इसके योग्य जताने या बनाने के लिए कुछ भी नहीं करना है, केवल प्रभु यीशु से अपने पापों की क्षमा माँग कर, अपना जीवन उसे समर्पित कर देना है, और प्रत्युत्तर में उससे यह अविनाशी, आशीषित जीवन उपहार स्वरूप स्वीकार कर लेना है।

      कुछ लोग कहते हैं कि इतनी बड़ी बात इतनी सरल और सहज कैसे हो सकती है? मेरा उत्तर है, जैसा बाइबल में लिखा है, यदि परमेश्वर ने हमसे हमारे जन्म लेने से भी पहले प्रेम किया और यह चाहा कि हम उसके साथ सदा काल के लिए स्वर्ग में रहें, तो वह ऐसा होना कठिन क्यों बनाएगा; इसे सरल और सहज क्यों नहीं रखेगा?


मसीह यीशु ने मृत्यु के अँधेरे द्वार को अनन्त जीवन के ज्योतिर्मय द्वार से बदल दिया है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: यूहन्ना 11:17-27
John 11:17 सो यीशु को आकर यह मालूम हुआ कि उसे कब्र में रखे चार दिन हो चुके हैं।
John 11:18 बैतनिय्याह यरूशलेम के समीप कोई दो मील की दूरी पर था।
John 11:19 और बहुत से यहूदी मारथा और मरियम के पास उन के भाई के विषय में शान्‍ति देने के लिये आए थे।
John 11:20 सो मारथा यीशु के आने का समचार सुनकर उस से भेंट करने को गई, परन्तु मरियम घर में बैठी रही।
John 11:21 मारथा ने यीशु से कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता, तो मेरा भाई कदापि न मरता।
John 11:22 और अब भी मैं जानती हूं, कि जो कुछ तू परमेश्वर से मांगेगा, परमेश्वर तुझे देगा।
John 11:23 यीशु ने उस से कहा, तेरा भाई जी उठेगा।
John 11:24 मारथा ने उस से कहा, मैं जानती हूं, कि अन्‍तिम दिन में पुनरुत्थान के समय वह जी उठेगा।
John 11:25 यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा।
John 11:26 और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?
John 11:27 उसने उस से कहा, हां हे प्रभु, मैं विश्वास कर चुकी हूं, कि परमेश्वर का पुत्र मसीह जो जगत में आनेवाला था, वह तू ही है।  


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 20-22
  • मरकुस 7:1-13