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बुधवार, 2 नवंबर 2016

हाथ


   मुझे अपने बचपन का एक खेल स्मरण है - सेब पकड़ना; इसके लिए खेलने वाले के हाथ पीछे करके बाँध दिए जाते थे और उसे अपने मुँह तथा दाँतों से एक धागे से बंधे और झूलते हुए सेब को पकड़ना होता था। झूलते हुए सेब को ऐसे पकड़ना बड़ा कठिन और खिसियाने वाला होता था। यह मुझे स्मरण दिलाता है कि हाथ हमारे लिए कितने महत्वपूर्ण हैं - हम उनकी सहायता से ही खाने पाते हैं, किसी का अभिनंदन करने पाते हैं, कुछ थामने पाते हैं, अपनी सुरक्षा करने पाते हैं। कहने का तातपर्य यह है कि जीवन के लिए जो भी आवश्यक है, वह करने के लिए हाथों की बहुत महत्वपूर्ण तथा आवश्यक भूमिका होती है।

   जब परमेश्वर के वचन बाइबल में मैं भजन 46:10 पढ़ता हूँ, तो इसे रोचक पाता हूँ कि यहाँ परमेश्वर कहता है कि "चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं"। मूल इब्रानी भाषा में प्रयुक्त जिस शब्द का अनुवाद यहाँ ’चुप’ हुआ है उसका अर्थ है ’संघर्ष बन्द करना’, या, यदि बिलकुल शब्दार्थ को लें तो ’हाथ बगल में रख लेना’। पहली नज़र में यह परामर्श बड़ा जोखिम भरा लगता है, क्योंकि किसी भी कठिन परिस्थिति में हमारी स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है उस परिस्थिति में अपना हाथ डालकर उसे अपने लाभ के लिए मोड़ देने का प्रयास करना। लेकिन यहाँ परमेश्वर हम से कह रहा है, "अपने हाथ हटा लो और केवल मुझे ही इस समस्या का निवारण कर लेने दो; और विश्वास रखो कि निवारण मैं ही दूँगा।"

   लेकिन सामान्यतः अपने हाथ पूर्णतया हटा कर परमेश्वर को पूरी स्वतंत्रता के साथ कार्य करने देने में हम अपने अन्दर असुरक्षित अनुभव करते हैं। किंतु यदि हम वास्तव में इस बात पर विश्वास रखते हैं कि, जैसा भजनकार इस भजन में लिखता है, "परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक" (भजन 46:1) और यह कि, "सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है" (भजन 46:7), तो हम हर परिस्थिति, परेशानी, समस्या में शांत होकर, अपने हाथ हटा कर परमेश्वर की देखभाल में विश्राम कर सकते हैं; सभी निवारण को उसके हाथों में छोड़ सकते हैं। - जो स्टोवैल


जब हम अपनी समस्याएं परमेश्वर के हाथों में सौंप देते हैं, 
तब वह अपनी शांति हमारे हृदयों में भर देता है।

प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्र यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया - यशायाह 30:15 

बाइबल पाठ: भजन 46
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। 
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं; 
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है। 
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है। 
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। 
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है। 
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है! 
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! 
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 27-29
  • तीतुस 3


मंगलवार, 1 नवंबर 2016

कलाकृति


   प्रत्येक पतझड़ ऋतु में हमारा शहर तीन सप्ताह के लिए एक कला-दीर्घा बन जाता है। संसार भर से लगभग 2000 कलाकार आकर अपनी कला की प्रदर्शनी संग्रहालयों, होटलों, पार्क, सड़क के किनारे, चर्च और नदियों में भी लगाते हैं। मुझे सबसे अधिक पसन्द आने वाली कलाकृतियों में से एक हैं पच्चिकारी विधि से बनी कलाकृतियाँ, जिसके लिए कलाकार छोटे-छोटे टुकड़ों को एकत्रित करके उनसे कलाकृति बनाते हैं। सन 2011 की ईनाम जीतने वाली कलाकृति थी 9 x 13 आकार की रंगीन काँच के टुकड़ों से बनी मिया टैवोनैट्टी का प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़े होने का चित्र। उस कलाकृति का निरीक्षण करते हुए मैंने उस कलाकार को कलाकृति बनाने की कहानी सुनाते हुए सुना कि कैसे उन काँच के टुकड़ों को सही आकार देने और उसके स्थान के लिए तैयार करते हुए उसने आप को कितनी बार काँच से घायल कर लिया था।

   उस हृदयविदारक घटना के खूबसरत चित्रिकरण को निहारते हुए मुझे वहाँ प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के दृश्य से भी बढ़ कर कुछ नज़र आया - मैंने वहाँ प्रभु यीशु की देह, अर्थात उसके विश्वासियों की मण्डली को बनाया गया देखा। काँच के प्रत्येक टुकड़े में मैंने एक मसीही विश्वासी को देखा, जिसे मसीह यीशु ने उसके सही स्थान के लिए तराशकर तैयार किया था, जो अपने स्थान पर देह को पूर्ण कर रहा था, स्वयं सुन्दर दिख रहा था और देह को सुन्दर बना रहा था; और सभी टुकड़े एक साथ मिलकर एक संपूर्ण देह बना रहे थे (इफिसियों 2:16, 21)। कलाकृति बनाने के लिए कलाकार के प्रयासों की कहानी में मैंने प्रभु यीशु के घायल होने और अपना रक्त बहाने को देखा जिससे काँच के टुकड़ों में आपसी तालमेल और एक जुटता आ सके। उस पूर्ण कलाकृति में मैंने उस प्रेम को देखा जिसके अन्तर्गत दुःख और तकलीफ उठाकर, बलिदान देकर के यह कार्य पूर्ण किया जा सका।

   हम मसीही विश्वासी परमेश्वर के द्वारा मसीह यीशु में होकर बनाई गई कलाकृति के अंश हैं जो हमारे उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर की महानता को दिखाती है; उसकी जो हमारे टूटे हुए और चुभने तथा आहत करने वाले जीवनों को लेकर अपनी समानता में ढालता है, हमारे द्वारा एक सुन्दर तथा उपयोगी निर्माण करता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु यीशु मसीह ने अपनी मण्डली को सुन्दर और बहुमूलय बनाने के लिए अपना सब कुछ दे दिया।

क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:10-22
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।
Ephesians 2:11 इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतना वाले कहलाते हैं, वे तुम को खतना रहित कहते हैं)। 
Ephesians 2:12 तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्‍त्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वर रहित थे। 
Ephesians 2:13 पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो। 
Ephesians 2:14 क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। 
Ephesians 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। 
Ephesians 2:16 और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दोनों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। 
Ephesians 2:17 और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दोनों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। 
Ephesians 2:18 क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है। 
Ephesians 2:19 इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्‍वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए। 
Ephesians 2:20 और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। 
Ephesians 2:21 जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्र मन्दिर बनती जाती है। 
Ephesians 2:22 जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवास स्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 24-26
  • तीतुस 2


सोमवार, 31 अक्टूबर 2016

प्रेम


   वर्षों पहले मैंने एक जवान से, जिसकी सगाई हो गई थी, पूछा, "तुम कैसे जानते हो कि तुम उससे प्रेम करते हो?" इस प्रश्न का उद्देश्य था कि वह आने वाली शादी के लिए अपने हृदय के उद्देश्यों को जान सके। कुछ देर विचार करने के पश्चात उस जवान ने उत्तर दिया, "मैं जानता हूँ कि मैं उससे प्रेम करता हूँ क्योंकि मैं अपना शेष जीवन उसे प्रसन्न रखने के लिए बिताना चाहता हूँ।" हमने उसके इस उत्तर के तात्पर्य के बारे में कुछ देर विचार-विमर्श किया और यह भी समझने का प्रयास किया कि अपने आप को प्रथम रखने की बजाए दूसरे के लिए निःस्वार्थ भाव से भला चाहने की कीमत क्या होती है। हम ने समझा कि सच्चे प्रेम का बलिदान के साथ बहुत गहरा संबंध है।

   यह बात परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई बुद्धिमता के समान है। परमेश्वर के वचन में विभिन्न प्रकार के प्रेम को बताने के लिए कई भिन्न शब्द प्रयुक्त हुए हैं। सर्वोच्च गुणवन्ता वाले प्रेम के लिए ’अगापे’ प्रयुक्त हुआ है; यह उस प्रेम को दिखाता है जो आत्म-बलिदान द्वारा प्रदर्शित और परिभाषित होता है। इस अगापे प्रेम का सर्वोत्तम उदाहरण है परमेश्वर पिता द्वारा हमारे प्रति किया गया प्रेम जिसके अन्तरगत उन्होंने हमारे लिए प्रभु यीशु मसीह को बलिदान होने के लिए दे दिया; परमेश्वर के लिए हम बहुत मूल्यवान हैं। प्रेरित पौलुस ने कहा, "परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा" (रोमियों 5:8)।

   यदि बलिदान प्रेम का सही माप है, तो मनुष्यों के लिए प्रभु यीशु के प्रेम से बढ़कर और कोई प्रेम हो नहीं सकता है: "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)। - बिल क्राउडर


प्रेम का माप इससे है कि आप उसके लिए क्या कुछ दे देने के लिए तैयार हैं।

इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। - यूहन्ना 15:13

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-8
Romans 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। 
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें। 
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। 
Romans 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। 
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है। 
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। 
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। 
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 22-23
  • तीतुस 1


रविवार, 30 अक्टूबर 2016

आवर्धन


   क्रिस्टोफर लॉक पुराने भोंपू, तुरही, फ्रेंचहॉर्न आदि खरीदता है और उन्हें फिर आईफोन्स और आईपैड्स के लिए ध्वनि आवर्धन कर देने वाले उपकरण बना देता है। उसकी ये रचनाएं सन 1800 के अन्त के समय में आए ध्वनि तथा संगीत बजाने वाले प्रथम फोनोग्राफ्स के भोंपू-समान स्पीकरों पर आधारित हैं। क्रिस्टोफर के इन एनालॉग टेलीफोनोग्राफ्स से निकल कर आना वाला संगीत गुणवन्ता में उन डिजिटल उपकरणों में लगे छोटे स्पीकर्स से अधिक "ऊँची आवाज़ वाला, स्पष्ट, बेहतर और गहराई लिए हुए" होता है। व्यर्थता से बचाए गए ये पीतल के उपकरण ना केवल कला के रुचिकर नमूने हो जाते हैं, वरन लोगों को पसन्द आने वाला उच्च गुणवन्ता का संगीत सुनने में इनके प्रयोग से अतिरिक्त बिजली का खर्च भी नहीं आता।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों जो बात लिखी वह आज हमें भी स्मरण दिलाती है कि मसीही विश्वास का जीवन जीते समय, और मसीह यीशु को औरों से बाँटते समय, हम अपने आप में कोई "मधुर संगीत" नहीं हैं, वरन क्रिस्टोफार के भोंपुओं के समान, केवल उस संगीत को सुनाने वाले उपकरण मात्र हैं। पौलुस ने लिखा, "क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और अपने विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं" (2 कुरिन्थियों 4:5)। हमारे मसीही विश्वास के जीवनों का उद्देश्य स्वयं को सन्देश बनाना नहीं वरन मसीही विश्वास के सन्देश को अपने जीवन और मुख से प्रसारित करना है: "परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे" (2 कुरिन्थियों 4:7)। हम तो केवल उपकरण हैं, हम से निकलने और सुनाई देना वाला संगीत और सामर्थ तो प्रभु परमेश्वर से है।

   यदि एक पुराना भोंपू सुधारा जाकर संगीत को आवर्धित करके सुनने वालों के लिए आकर्षक बना सकता है, तो मसीह यीशु में लाए विश्वास द्वारा ठीक किए गए हमारे दोषपूर्ण जीवन परमेश्वर की भलाई और अनुग्रह को आवर्धित करके लोगों को आकर्षित करने वाले क्यों नहीं बन सकते है? - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर के हाथों में कुछ भी, कोई भी अनुपयोगी अथवा व्यर्थ नहीं है।

परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे। और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्‍छों को, वरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए। ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के साम्हने घमण्‍ड न करने पाए। - 1 कुरिन्थियों 1:27-29

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 3:17-4:7
2 Corinthians 3:17 प्रभु तो आत्मा है: और जहां कहीं प्रभु का आत्मा है वहां स्‍वतंत्रता है। 
2 Corinthians 3:18 परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं।
2 Corinthians 4:1 इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते। 
2 Corinthians 4:2 परन्तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट कर के, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं। 
2 Corinthians 4:3 परन्तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है। 
2 Corinthians 4:4 और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके। 
2 Corinthians 4:5 क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और अपने विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं। 
2 Corinthians 4:6 इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिसने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।
2 Corinthians 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्टी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 20-21
  • 2 तिमुथियुस 4


शनिवार, 29 अक्टूबर 2016

छाया


   मुझे लगा कि कोई मेरा पीछा कर रहा है; जैसे ही मैं एक अन्धियारे गलियारे के मोड़ को मुड़कर सीढ़ी चढ़ने लगा, तो जो मुझे दिखाई दिया उसके कारण मैं चौंक कर वहीं थम गया। ऐसा ही कुछ दिन के बाद फिर से हुआ; मैं अपनी पसन्दीदा कॉफी की दुकान के पिछले दरवाज़े से निकला ही था कि एक व्यक्ति के बड़े से आकार को अपनी तरफ आता देखकर ठिठक गया। लेकिन दोनों ही बार उन घटनाओं का अन्त मुस्कुराहट के साथ हुआ, क्योंकि दोनों बार मैं अपनी ही छाया से डर गया था!

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता ने वास्तविक और कालपनिक भय के फर्क के बारे में लिखा है। उसके साथ के कुछ यहूदी लोगों ने उससे कहा कि वह परमेश्वर से उनके विषय में पूछे कि उन्हें यरुशालेम ही में रहना चाहिए या सुरक्षा के लिए मिस्त्र चले जाना चाहिए, क्योंकि उन लोगों को बाबुल के राजा का भय सता रहा था (यिर्मयाह 42:1-3)। यिर्मयाह ने परमेश्वर से प्रार्थना करके उन्हें परमेश्वर उत्तर लाकर दिया कि यदि वे लोग परमेश्वर पर भरोसा रखकर यरुशालेम ही में बने रहेंगे तो उन्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं होगी (पद 10-12)। परन्तु यदि वे पुनः मिस्त्र को लौट जाएंगे, तो बाबुल का राजा उन्हें वहाँ घात करने के लिए ढूँढ़ लेगा (पद 15-16)। भय की वास्तविक बातों से भरे इस संसार में, परमेश्वर ने उन इस्त्राएलियों को उस पर भरोसा रखकर यरुशालेम में ही रहने का कारण दिया था। परमेश्वर पहले भी उन्हें मिस्त्र से सुरक्षित निकाल कर ले आया था।

   इस घटना के सदियों बाद, परमेश्वर ने मनुष्यों को पाप और मृत्यु के भय से छुड़ाने के लिए चिर-प्रतीक्षित मसीहा को भेजा जिसने अपने बलिदान और मृतकों से पुनरुत्थान के द्वारा समस्त मानव जाति के लिए उद्धार का मार्ग तैयार करके दे दिया। आज हमारा सर्वशक्त्त्तिमान प्रभु परमेश्वर समस्त मानव जाति के सभी लोगों को पाप और मृत्यु के डर से निकल कर उसके साथ उसकी छाया में सुरक्षित रहने के लिए आमंत्रित करता है। - मार्ट डीहॉन


परमेश्वर के पंखों की सुरक्षा की छाया में आने से, 
जीवन की छोटी छायाओं का भय जाता रहता है।

हे परमेश्वर, मुझ पर अनुग्रह कर, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं तेरा शरणागत हूं; और जब तक ये आपत्तियां निकल न जाएं, तब तक मैं तेरे पंखों के तले शरण लिये रहूंगा। - भजन 57:1 

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 42:1-12
Jeremiah 42:1 तब कारेह का पुत्र योहानान, होशयाह का पुत्र याजन्याह, दलों के सब प्रधान और छोटे से ले कर बड़े तक, सब लोग यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के निकट आकर कहने लगे, 
Jeremiah 42:2 हमारी बिनती ग्रहण कर के अपने परमेश्वर यहोवा से हम सब बचे हुओं के लिये प्रार्थना कर, क्योंकि तू अपनी आंखों से देख रहा है कि हम जो पहले बहुत थे, अब थोड़े ही बच गए हैं। 
Jeremiah 42:3 इसलिये प्रार्थना कर कि तेरा परमेश्वर यहोवा हम को बताए कि हम किस मार्ग से चलें, और कौन सा काम करें? 
Jeremiah 42:4 सो यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता ने उन से कहा, मैं ने तुम्हारी सुनी है; देखो, मैं तुम्हारे वचनों के अनुसार तुम्हारे परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना करूंगा ओर जो उत्तर यहोवा तुम्हारे लिये देगा मैं तुम को बताऊंगा; मैं तुम से कोई बात न छिपाऊंगा। 
Jeremiah 42:5 तब उन्होंने यिर्मयाह से कहा, यदि तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे द्वारा हमारे पास कोई वचन पहुंचाए और हम उसके अनुसार न करें, तो यहोवा हमारे बीच में सच्चा और विश्वासयोग्य साक्षी ठहरे। 
Jeremiah 42:6 चाहे वह भली बात हो, चाहे बुरी, तौभी हम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा, जिसके पास हम तुझे भेजते हैं, मानेंगे, क्योंकि जब हम अपने परमेश्वर यहोवा की बात मानें तब हमारा भला हो। 
Jeremiah 42:7 दस दिन के बीतने पर यहोवा का वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा। 
Jeremiah 42:8 तब उसने कारेह के पुत्र योहानान को, उसके साथ के दलों के प्रधानों को, और छोटे से ले कर बड़े तक जितने लोग थे, उन सभों को बुला कर उन से कहा, 
Jeremiah 42:9 इस्राएल का परमेश्वर यहोवा, जिसके पास तुम ने मुझ को इसलिये भेजा कि मैं तुम्हारी बिनती उसके आगे कह सुनाऊं, वह यों कहता है, 
Jeremiah 42:10 यदि तुम इसी देश में रह जाओ, तब तो मैं तुम को नाश नहीं करूंगा वरन बनाए रखूंगा; और तुम्हें न उखाडूंगा, वरन रोपे रखूंगा; क्योंकि तुम्हारी जो हानि मैं ने की है उस से मैं पछताता हूँ। 
Jeremiah 42:11 तुम बाबुल के राजा से डरते हो, सो उस से मत डरो; यहोवा की यह वाणी है, उस से मत डरो, क्योंकि मैं तुम्हारी रक्षा करने और तुम को उसके हाथ से बचाने के लिये तुम्हारे साथ हूँ। 
Jeremiah 42:12 मैं तुम पर दया करूंगा, कि वह भी तुम पर दया कर के तुम को तुम्हारी भूमि पर फिर से बसा देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 18-19
  • 2 तिमुथियुस 3


शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2016

संपदा


   हॉवर्ड ल्यूइट को अपनी 200,000 डॉलर की फेरारी कार पानी से ढंके टोरन्टो राजमार्ग पर गंवानी पड़ी। हॉवर्ड ने अपनी कार यह समझकर आगे बढ़ाई थी कि सड़क पर दिखने वाला पानी थोड़ा सा ही गहरा होगा और वे उसके पार हो जाएंगे। लेकिन पानी में उतर जाने के बाद ही उन्हें पता चला कि ना केवल पानी गहरा था, वरन वह तेज़ी से चढ़ भी रहा था। पानी आ जाने के कारण उनकी फेरारी का 450 अश्वशक्ति का शक्तिशाली ईंजन बन्द हो गया और कार पानी में डुबने लगी; हॉवर्ड किसी तरह अपनी जान बचा कर निकल कर ऊँचे स्थान पर आने पाए।

   हॉवर्ड की पानी में डूबी हुई वह मूल्यवान कार मुझे परमेश्वर के वचन में राजा सुलेमान द्वारा विचार करके धन-संपत्ति के विषय में लिखी गई बात याद दिलाती है: "...वह किसी बुरे काम में उड़ जाता है..." (सभोपदेशक 5:14)। प्राकृतिक आपदाएं, चोरी, दुर्घटनाएं आदि हमारी प्रीय और मूल्यवान वस्तुओं को ले जा सकती हैं। चाहे हम उन अनकी रक्षा कर भी लें, तो भी उन्हें अपने साथ स्वर्ग लेकर तो कदापित नहीं जा पाएंगे (पद 15)। इसीलिए राजा सुलेमान ने ऐसे व्यर्थ परिश्रम करने के विषय में प्रश्न किया, "...उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है?" (पद 16)। ऐसी वस्तुओं को अर्जित करने के लिए मेहनत करना जो अन्ततः चली ही जाएंगी व्यर्थता ही तो है।

   लेकिन कुछ ऐसा भी है जो खराब भी नहीं होता है और जिसे हम मसीही विश्वासी पृथ्वी से अपने साथ ले कर जा भी सकते हैं - स्वर्गीय वस्तुएं। हम मसीही विश्वासियों के लिए अनन्तकाल तक बने रहने वाले खज़ाने को स्वर्ग में संचित करना संभव है; यदि हम सदगुणों को निभाएं, जैसे कि उदारता (मत्ती 19:21), नम्रता (मत्ती 5:3), आत्मिक धैर्य (लूका 6:22-23) आदि तो ये हमें ऐसे प्रतिफल देंगे जो कभी नष्ट नहीं होंगे।

   आज आप किस संपदा को अर्जित करने में लगे हुए हैं? क्या जिसके लिए आप मेहनत कर रहे हैं, जिसे आप बचा रहे हैं वह पृथ्वी पर ही क्षय हो जाने वाला तो नहीं है? या क्या आप "सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ" (कुलुस्सियों 3:1-2) का पालन कर रहे हैं? - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


पृथ्वी के खज़ाने स्वर्गीय खज़ानों का ज़रा भी मुकाबला नहीं कर सकते हैं।

यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा? - मत्ती 16:26

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 5:10-17
Ecclesiastes 5:10 जो रूपये से प्रीति रखता है वह रूपये से तृप्त न होगा; और न जो बहुत धन से प्रीति रखता है, लाभ से: यह भी व्यर्थ है। 
Ecclesiastes 5:11 जब सम्पत्ति बढ़ती है, तो उसके खाने वाले भी बढ़ते हैं, तब उसके स्वामी को इसे छोड़ और क्या लाभ होता है कि उस सम्पत्ति को अपनी आंखों से देखे? 
Ecclesiastes 5:12 परिश्रम करने वाला चाहे थोड़ा खाए, या बहुत, तौभी उसकी नींद सुखदाई होती है; परन्तु धनी के धन के बढ़ने के कारण उसको नींद नहीं आती। 
Ecclesiastes 5:13 मैं ने धरती पर एक बड़ी बुरी बला देखी है; अर्थात वह धन जिसे उसके मालिक ने अपनी ही हानि के लिये रखा हो, 
Ecclesiastes 5:14 और वह किसी बुरे काम में उड़ जाता है; और उसके घर में बेटा उत्पन्न होता है परन्तु उसके हाथ में कुछ नहीं रहता। 
Ecclesiastes 5:15 जैसा वह मां के पेट से निकला वैसा ही लौट जाएगा; नंगा ही, जैसा आया था, और अपने परिश्रम के बदले कुछ भी न पाएगा जिसे वह अपने हाथ में ले जा सके। 
Ecclesiastes 5:16 यह भी एक बड़ी बला है कि जैसा वह आया, ठीक वैसा ही वह जाएगा; उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है? 
Ecclesiastes 5:17 केवल इसके कि उसने जीवन भर बेचैनी से भोजन किया, और बहुत ही दु:खित और रोगी रहा और क्रोध भी करता रहा?

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 15-17
  • 2 तिमुथियुस 2


गुरुवार, 27 अक्टूबर 2016

परिवार


   हम मसीही हाई स्कूल की गायन-मण्डली के साथ जमाइका में सेवकाई के दौरे पर थे; वहाँ हमने परमेश्वर के प्रेम को कार्यान्वित होते हुए देखा। एक दिन हम वहाँ एक ऐसे अनाथालय में गए हुए थे जो अपंग बच्चों और किशोरों के लिए था; वहाँ हमें ज्ञात हुआ कि उस अनाथालय के एक बच्चे, डॉनल्ड को, जो सेरेब्रल पाल्सी से ग्रसित था जिस के कारण बांहें और टांगें भली भांति कार्य नहीं कर पाते हैं, और जिसके साथ हमारी मण्डली के बच्चों ने बातचीत करी थी, गोद लिया जा रहा है। जब डॉनल्ड को गोद लेने वाले दंपत्ति उस स्थान पर आए तो उनके साथ डॉनल्ड के बारे में वार्तालाप करना बड़े आनन्द की बात थी; लेकिन उस भी अधिक आनन्द की बात वह था जो इसके बाद हुआ।

   जब डॉनल्ड के नए माता-पिता उसे अनाथालय से गोद लेने की प्रक्रिया पूरी करके बाहर लेकर आए और उसकी नई माँ ने उसे गोद में भर लिया, तो हमारी गायन मण्डली के बच्चों ने उनके चारों ओर एकत्रित होकर परमेश्वर की स्तुति और धन्यवाद के गीत गाए। वहाँ आनन्द के आँसू बह रहे थे, और डॉनल्ड का चेहरा खुशी से खिला हुआ था।

   बाद में एक बच्चे ने मुझ से कहा, "इससे मुझे ध्यान आया कि स्वर्ग में कैसा लगता होगा जब कोई जन प्रभु यीशु में लाए विश्वास के द्वारा पाप क्षमा एवं उद्धार पाकर परमेश्वर की सन्तान बन जाता है। स्वर्ग में भी इसी प्रकार से स्वर्गदूत आनन्द मनाते हैं क्योंकि परमेश्वर के परिवार में एक नया सदस्य सम्मिलित हो गया है।" वास्तव में यह स्वर्ग में मनाए जाने वाले उस आनन्द का, जो प्रभु यीशु में लाए विश्वास के द्वारा परमेश्वर के परिवार में आए जन के लिए होता है, एक चित्रण ही था। प्रभु यीशु ने स्वयं इस विषय में कहा था, "मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा..." (लूका 15:7)।

   परमेश्वर का धन्यवाद और आराधना हो कि उसने हमें अपने परिवार में सम्मिलित कर लिया है; इसीलिए स्वर्गदूत हमारे लिए आनन्द मनाते हैं। - डेव ब्रैनन


जब पृथ्वी पर मनुष्य पापों से मन फिराते और प्रभु यीशु से उद्धार पाते हैं, 
तो स्वर्ग में स्वर्गदूत आनन्द मनाते हैं।

सो तुम जा कर इस का अर्थ सीख लो, कि मैं बलिदान नहीं परन्तु दया चाहता हूं; क्योंकि मैं धर्मियों को नहीं परन्तु पापियों को बुलाने आया हूं। - मत्ती 9:13

बाइबल पाठ: लूका 15:1-10
Luke 15:1 सब चुंगी लेने वाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें। 
Luke 15:2 और फरीसी और शास्त्री कुड़कुड़ा कर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
Luke 15:3 तब उसने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luke 15:4 तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे? 
Luke 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है। 
Luke 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे कर के कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है। 
Luke 15:7 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धर्मियों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
Luke 15:8 या कौन ऐसी स्त्री होगी, जिस के पास दस सिक्के हों, और उन में से एक खो जाए; तो वह दीया बारकर और घर झाड़ बुहार कर जब तक मिल न जाए, जी लगाकर खोजती न रहे? 
Luke 15:9 और जब मिल जाता है, तो वह अपनी सखियों और पड़ोसिनियों को इकट्ठी कर के कहती है, कि मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरा खोया हुआ सिक्‍का मिल गया है। 
Luke 15:10 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्‍वर्गदूतों के साम्हने आनन्द होता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 12-14
  • 2 तिमुथियुस 1