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शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2016

संपदा


   हॉवर्ड ल्यूइट को अपनी 200,000 डॉलर की फेरारी कार पानी से ढंके टोरन्टो राजमार्ग पर गंवानी पड़ी। हॉवर्ड ने अपनी कार यह समझकर आगे बढ़ाई थी कि सड़क पर दिखने वाला पानी थोड़ा सा ही गहरा होगा और वे उसके पार हो जाएंगे। लेकिन पानी में उतर जाने के बाद ही उन्हें पता चला कि ना केवल पानी गहरा था, वरन वह तेज़ी से चढ़ भी रहा था। पानी आ जाने के कारण उनकी फेरारी का 450 अश्वशक्ति का शक्तिशाली ईंजन बन्द हो गया और कार पानी में डुबने लगी; हॉवर्ड किसी तरह अपनी जान बचा कर निकल कर ऊँचे स्थान पर आने पाए।

   हॉवर्ड की पानी में डूबी हुई वह मूल्यवान कार मुझे परमेश्वर के वचन में राजा सुलेमान द्वारा विचार करके धन-संपत्ति के विषय में लिखी गई बात याद दिलाती है: "...वह किसी बुरे काम में उड़ जाता है..." (सभोपदेशक 5:14)। प्राकृतिक आपदाएं, चोरी, दुर्घटनाएं आदि हमारी प्रीय और मूल्यवान वस्तुओं को ले जा सकती हैं। चाहे हम उन अनकी रक्षा कर भी लें, तो भी उन्हें अपने साथ स्वर्ग लेकर तो कदापित नहीं जा पाएंगे (पद 15)। इसीलिए राजा सुलेमान ने ऐसे व्यर्थ परिश्रम करने के विषय में प्रश्न किया, "...उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है?" (पद 16)। ऐसी वस्तुओं को अर्जित करने के लिए मेहनत करना जो अन्ततः चली ही जाएंगी व्यर्थता ही तो है।

   लेकिन कुछ ऐसा भी है जो खराब भी नहीं होता है और जिसे हम मसीही विश्वासी पृथ्वी से अपने साथ ले कर जा भी सकते हैं - स्वर्गीय वस्तुएं। हम मसीही विश्वासियों के लिए अनन्तकाल तक बने रहने वाले खज़ाने को स्वर्ग में संचित करना संभव है; यदि हम सदगुणों को निभाएं, जैसे कि उदारता (मत्ती 19:21), नम्रता (मत्ती 5:3), आत्मिक धैर्य (लूका 6:22-23) आदि तो ये हमें ऐसे प्रतिफल देंगे जो कभी नष्ट नहीं होंगे।

   आज आप किस संपदा को अर्जित करने में लगे हुए हैं? क्या जिसके लिए आप मेहनत कर रहे हैं, जिसे आप बचा रहे हैं वह पृथ्वी पर ही क्षय हो जाने वाला तो नहीं है? या क्या आप "सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ" (कुलुस्सियों 3:1-2) का पालन कर रहे हैं? - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


पृथ्वी के खज़ाने स्वर्गीय खज़ानों का ज़रा भी मुकाबला नहीं कर सकते हैं।

यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा? - मत्ती 16:26

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 5:10-17
Ecclesiastes 5:10 जो रूपये से प्रीति रखता है वह रूपये से तृप्त न होगा; और न जो बहुत धन से प्रीति रखता है, लाभ से: यह भी व्यर्थ है। 
Ecclesiastes 5:11 जब सम्पत्ति बढ़ती है, तो उसके खाने वाले भी बढ़ते हैं, तब उसके स्वामी को इसे छोड़ और क्या लाभ होता है कि उस सम्पत्ति को अपनी आंखों से देखे? 
Ecclesiastes 5:12 परिश्रम करने वाला चाहे थोड़ा खाए, या बहुत, तौभी उसकी नींद सुखदाई होती है; परन्तु धनी के धन के बढ़ने के कारण उसको नींद नहीं आती। 
Ecclesiastes 5:13 मैं ने धरती पर एक बड़ी बुरी बला देखी है; अर्थात वह धन जिसे उसके मालिक ने अपनी ही हानि के लिये रखा हो, 
Ecclesiastes 5:14 और वह किसी बुरे काम में उड़ जाता है; और उसके घर में बेटा उत्पन्न होता है परन्तु उसके हाथ में कुछ नहीं रहता। 
Ecclesiastes 5:15 जैसा वह मां के पेट से निकला वैसा ही लौट जाएगा; नंगा ही, जैसा आया था, और अपने परिश्रम के बदले कुछ भी न पाएगा जिसे वह अपने हाथ में ले जा सके। 
Ecclesiastes 5:16 यह भी एक बड़ी बला है कि जैसा वह आया, ठीक वैसा ही वह जाएगा; उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है? 
Ecclesiastes 5:17 केवल इसके कि उसने जीवन भर बेचैनी से भोजन किया, और बहुत ही दु:खित और रोगी रहा और क्रोध भी करता रहा?

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 15-17
  • 2 तिमुथियुस 2


शनिवार, 10 जनवरी 2015

संपदा


   क्यूबा की जेल में 14 वर्ष बिता कर भी जीवित निकल आने वाले एक कैदी ने बताया कि कैसे उसने अपने हौंसले और अपनी आशा को बनाए रखा; उसने कहा, "मेरी कैद-कोठरी में कोई खिड़की नहीं थी, बाहर देख पाने का कोई साधन नहीं था, इसलिए मैंने मानसिक रूप से अपने दरवाज़े में एक खिड़की बना ली और अपने मन की आँखों से उस में से मैं बाहर के सुन्दर दृश्य देखा करता था, जैसे पहाड़, झरने, घाटी में पत्थरों पर बहता हुआ पानी आदि। वे सब मेरे लिए इतने वास्तविक बन गए थे कि मुझे उनकी कलपना करने के लिए कोई प्रयास नहीं करना पड़ता था, जब भी मैं कैद-कोठरी के दरवाज़े की ओर देखता, वे सब मुझे दिखने लग जाते थे।"

   यह भी एक विचित्र बात है कि परमेश्वर के वचन बाइबल की सबसे आशावान पुस्तकें - पौलुस प्रेरित ने फिलिप्पी, कुलुस्से और इफसुस की मसीही विशवासी मण्डलियों को जो पत्रियाँ लिखीं, वे सब उस ने कैदखाने में सांकलों से बन्धे होने के समय में लिखीं। इफसुस की मण्डली को लिखी पत्री से अन्दाज़ा होता है कि पौलुस ने जब अपनी कैद से बाहर के जीवन के बारे में विचार किया तो उसने क्या देखा होगा।

   सबसे पहली बात उसने उन मसीही विश्वासी मण्डलियों में, जिन्हें वह पीछे छोड़ कर आया था, आत्मिक उन्नति देखी। उसकी यह पत्री इफसुस की मण्डली के उत्साह के लिए परमेश्वर के प्रति धन्यवाद से भरी हुई है (इफिसियों 1:15-16)। फिर उसने प्रयास किया कि उनके मन की आँखों को और भी महिमामय दृश्यों की ओर मोड़े - परमेश्वर के अनुग्रह के असीम धन की ओर (इफिसियों 2:7); और फिर जब पौलुस ने परमेश्वर के प्रेम की योजना को प्रगट करने वाले स्वरों को उठाया तो उनमें निराशा का कोई दबा हुआ सा भी सुर नहीं था।

   यदि आप कभी निराशा की स्थिति में हों, या इस कशमकश से होकर निकलें कि मसीही विश्वास का जीवन कोई सार्थक जीवन है भी या नहीं, तो ऐसे में इफिसियों के विश्वासियों को लिखी यह पत्री बहुत सहायक होती है क्योंकि मसीह यीशु में मिलने वाली संपदा का इसमें अच्छा वर्णन है। इसे प्रयोग करके अवश्य देखिए। - फिलिप यैन्सी


जिसकी आशा परमेश्वर और उसके वचन पर स्थापित है वह कभी आशाहीन हो ही नहीं सकता।

हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। - इफिसियों 1:7

बाइबल पाठ: इफिसियों 1:15-23
Ephesians 1:15 इस कारण, मैं भी उस विश्वास का समाचार सुनकर जो तुम लोगों में प्रभु यीशु पर है और सब पवित्र लोगों पर प्रगट है। 
Ephesians 1:16 तुम्हारे लिये धन्यवाद करना नहीं छोड़ता, और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं। 
Ephesians 1:17 कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे। 
Ephesians 1:18 और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्र लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है। 
Ephesians 1:19 और उस की सामर्थ हमारी ओर जो विश्वास करते हैं, कितनी महान है, उस की शक्ति के प्रभाव के उस कार्य के अनुसार। 
Ephesians 1:20 जो उसने मसीह के विषय में किया, कि उसको मरे हुओं में से जिलाकर स्‍वर्गीय स्थानों में अपनी दाहिनी ओर। 
Ephesians 1:21 सब प्रकार की प्रधानता, और अधिकार, और सामर्थ, और प्रभुता के, और हर एक नाम के ऊपर, जो न केवल इस लोक में, पर आने वाले लोक में भी लिया जाएगा, बैठाया। 
Ephesians 1:22 और सब कुछ उसके पांवों तले कर दिया: और उसे सब वस्‍तुओं पर शिरोमणि ठहराकर कलीसिया को दे दिया। 
Ephesians 1:23 यह उसकी देह है, और उसी की परिपूर्णता है, जो सब में सब कुछ पूर्ण करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 25-26
  • मत्ती 8:1-17


रविवार, 23 नवंबर 2014

धन-संपदा


   घटना उन दिनों की है जब हमारा परिवार अफ्रीका के कीन्या देश में रह रहा था। हमारे साथ कार में नायरोबी से एक महिला आई, उसके माता-पिता विक्टोरिया झील के पास के एक गाँव में रहते थे और उसे उनसे मिलने जाना था। उस गाँव तक जाने से पहले हम एक होटल पर रुके ताकि अपना सामान गाड़ी से उतार कर वहाँ रख दें क्योंकि गाँव से वापस आकर हमें वहीं रहना था। होटल का हमारा कमरा एक सामान्य सा दो पलंग तथा बिस्तर वाला कमरा था; लेकिन उस कमरे और वहाँ के सामान को देखकर वह महिला विसमय से बोली, "इतना सब कुछ और वह भी केवल तुम पाँच लोगों के लिए!" जिसे हम सामान्य समझ रहे थे वह उसकी नज़रों में विलासता जैसा था। धन-संपदा का माप भी ऐसे ही तुलनात्मक है; हम जो विकसित देशों में रहते हैं और अपने जीवन के स्तर के बारे में शिकायत करते रहते हैं यह भूल जाते हैं कि जिसे हम निम्न कोटी का जीवन स्तर समझते हैं वह संसार के अनेक लोगों की नज़रों में उच्च कोटि का हो सकता है।

   इफसुस की मसीही विश्वासियों की मण्डली में कुछ ऐसे थे जो अन्य सदस्यों की अपेक्षा अधिक धनी थे। उस मण्डली की देखभाल करने वाले पास्टर, तिमुथियुस, को प्रेरित पौलुस ने लिखा, "इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है" (1 तिमुथियुस 6:17)। पौलुस चाहता था कि वे सांसारिक धन-संपदा में नहीं वरन भलाई में धनी हों: "और भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्‍पर हों" (1 तिमुथियुस 6:18)।

   जो हमारे पास है उसे दूसरों की भलाई में खर्च करने की बजाए उसे थामे रखने की हमारी स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है। लेकिन हमारे लिए धन-संपदा की चुनौती परमेश्वर के प्रति भरोसा और धन्यवाद से तथा लोगों के प्रति उदारता से भरा हृदय रखने की है, जैसे परमेश्वर ने हमारे प्रति किया है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


हमारा पारिश्रमिक हमारा जीवन चलाने के लिए तथा हमारी उदारता हमारा जीवन बनाने के लिए है।

और उस[प्रभु यीशु] ने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता। - लूका 12:15

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 6:6-10, 17-19
1 Timothy 6:6 पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। 
1 Timothy 6:7 क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। 
1 Timothy 6:8 और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्‍हीं पर सन्‍तोष करना चाहिए। 
1 Timothy 6:9 पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। 
1 Timothy 6:10 क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।
1 Timothy 6:17 इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है। 
1 Timothy 6:18 और भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्‍पर हों। 
1 Timothy 6:19 और आगे के लिये एक अच्छी नेव डाल रखें, कि सत्य जीवन को वश में कर लें।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 कुरिन्थियों 1-4