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गुरुवार, 11 अप्रैल 2019

क्षमा



      जब मेरी एक सहेली ने मुझे धोखा दिया, तो मैं जानती थी कि मुझे उसे क्षमा करना होगा, परन्तु ऐसा कर पाना मुझे कठिन लग रहा था। उसके शब्द मेरे अन्दर एक गहरी चुभन उत्पन्न कर रहे थे, और मैं पीड़ा तथा क्रोध से क्षुब्ध थी। यद्यपि हमने साथ बैठकर इस बारे में बातचीत की और मैंने उससे कहा कि मैं उसे क्षमा करती हूँ, फिर भी बहुत लंबे समय तक, मैं जब भी उसे देखती थी, मेरे अन्दर टीस होती थी, इसलिए मैं जानती थी कि मेरे अन्दर उसके प्रति कुछ तो कड़ुवाहट है। किन्तु एक दिन परमेश्वर ने मेरी प्रार्थनाओं का उत्तर दिया और मुझे सामर्थ्य दी कि मैं इस भावना को पूर्णतः छोडकर उससे ऊपर उठ सकूँ। तब मैं पूरी रीति से स्वतंत्र हो सकी।

      क्षमा मसीही विश्वास का मर्म है। हमारे उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर ने क्रूस पर अपना बलिदान देते समय उन्हें भी क्षमा किया जो उन्हें क्रूस पर ठोक रहे थे, उनका उपहास कर रहे थे; प्रभु यीशु ने परमेश्वर से उन्हें क्षमा करने की प्रार्थना की। वे कड़ुवाहट और क्रोध को थामे ही नहीं रहे, वरन अपने प्रति अनुचित और गलत करने वालों के लिए अनुग्रह और प्रेम दिखाया।

      यह उपयुक्त समय है प्रभु के समान उन लोगों को क्षमा करने का जिन्होंने हमारे प्रति गलत किया है। हमें प्रभु यीशु का अनुसरण करते हुए उनके प्रति प्रेम का व्यवहार करना है जिनसे हमें दुःख मिला है। जब हम परमेश्वर से उसकी आत्मा के माध्यम से विनती करेंगे कि हमें क्षमा करना सिखाने में सहायक हों, तो वह हमारी सहायता करेगा – चाहे यह सीखने के लिए हमें प्रतीत हो कि हम एक “लंबा समय” ले रहे हैं। और जब हम क्षमा करेंगे, तो हम क्षमा न करने की कैद से स्वतंत्र हो जाएँगे। - एमी बाउचर पाई


क्रूस पर भी प्रभु यीशु ने उन्हें क्षमा किया जो उन्हें दुःख दे रहे थे।

और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। - कुलुस्सियों 3:13

बाइबल पाठ: लूका 23:32-34
Luke 23:32 वे और दो मनुष्यों को भी जो कुकर्मी थे उसके साथ घात करने को ले चले।
Luke 23:33 जब वे उस जगह जिसे खोपड़ी कहते हैं पहुंचे, तो उन्होंने वहां उसे और उन कुकिर्मयों को भी एक को दाहिनी और और दूसरे को बाईं और क्रूसों पर चढ़ाया।
Luke 23:34 तब यीशु ने कहा; हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहें हैं और उन्होंने चिट्ठियां डालकर उसके कपड़े बांट लिए।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 17-18; लूका 11:1-28



बुधवार, 10 अप्रैल 2019

मित्र



      मैं बारह वर्ष का था जब हमारे परिवार का स्थानांतरण मरुभूमि में स्थित एक नगर में हुआ। मेरे नए स्कूल में व्यायाम की कक्षा के बाद, गर्मी के कारण हम सभी दौड़कर पीने के पानी के नल पर जाते थे, और पंक्ति बनाकर पानी पीने के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा करते थे। क्योंकि मैं अपनी आयु के लिए कक्षा के अन्य बच्चों से दुबला-पतला था, इसलिए कई बार मुझे धक्का देकर पंक्ति से बाहर कर दिया जाता था और कोई अन्य मेरे स्थान पर पानी पी लेता था। एक दिन मेरे एक मित्र, जोज़ ने, जो हट्टा-कट्टा था, मेरे साथ हो रही इस धक्का-मुक्की को देख लिया। वह तुरंत आया और अपनी मजबूत बाज़ू बीच में डालकर रौबदार आवाज़ में बोला, “सुनो! पहले बैंक्स को पानी पीने दो!” इसके बाद मुझे फिर कभी उस धक्का-मुक्की का सामना नहीं करना पड़ा।

      प्रभु यीशु मसीह भी दूसरों से मिलने वाले निर्दयी व्यवहार से भली-भांति अवगत थे। परमेश्वर के वचन बाइबल में उनके लिए आया है, “वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना” (यशायाह 53:3)। परन्तु प्रभु यीशु केवल दुखों से पीड़ित ही नहीं थे, वे हमारे सहायक भी बन गए। अपना जीवन बलिदान करने के द्वारा, प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति के लिए परमेश्वर के साथ संबंध स्थापित करने का एक नया और जीवता मार्ग बना कर दे दिया (इब्रानियों 10:20)। उन्होंने हमारे लिए वह किया जो हम अपने लिए कभी नहीं कर पाते – हमारे द्वारा पापों से पश्चाताप करने और प्रभु पर विश्वास लाकर, प्रभु से पापों की क्षमा माँगकर, अपना जीवन उन्हें समर्पित करने के द्वारा उद्धार का मुफ्त उपहार उपलब्ध करवा दिया।

      प्रभु यीशु मसीह हमारे सर्वोत्तम मित्र हैं। उन्होंने कहा, “जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा” (यूहन्ना 6:37)। हो सकता है कि कोई और हम से दूरी बनाए रखे, या हमें अपने पास से धकेल भी दे, परन्तु प्रभु परमेश्वर ने क्रूस पर जो बाहें हमारे लिए फैलाई हैं, वे सदा हमारा स्वागत करने के लिए खुली रहती हैं। हमारा मित्र, हमारा उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर कैसा अद्भुत प्रेमी और सामर्थी है! – जेम्स बैंक्स


हमें प्रदान किए गए मुफ्त उपहार के लिए, परमेश्वर को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:19-23
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है।
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है,
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक का दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।
Hebrews 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42



मंगलवार, 9 अप्रैल 2019

सुगंध



      लेखिका रीटा स्नोडन अपने जीवन की एक रोचक घटना बताती हैं, जब वे इंग्लैण्ड के डोवर इलाके के एक छोटे से गाँव में घूमने के लिए गई हुई थीं। एक दोपहर वे एक छोटे होटल के बाहर बैठी चाय का आनन्द ले रहीं थी कि उन्हें एक अच्छी सुगंध का आभास हुआ। रीटा ने होटल के वेटर से पूछा कि वह सुगंध कहाँ से आ रही है। वेटर ने उन लोगों की ओर संकेत किया जो पास के मार्ग से होकर जा रहे थे। उस गाँव के अधिकांश लोग पास ही स्थित एक इत्र बनाने वाले कारखाने में कार्य करते थे, और जब वे कारखाने से निकल कर अपने घरों को लौटते थे तो कारखाने के इत्र की सुगंध उनके कपड़ों से मार्ग में फैलती चली जाती थी।

      मसीही जीवन का यह कैसा सुन्दर चित्रण है! जैसे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा है, हम मसीह की सुगंध हैं, और उसे सभी स्थानों पर फैलाते हैं (2 कुरिन्थियों 2:15)। पौलुस एक विजयी राजा के युद्ध अभियान से लौटने के उदाहरण को चित्रित करता है; उस राजा के सैनिक और बन्दी उसके पीछे-पीछे चल रहे हैं, और राजा की महानता को प्रगट करने के लिए नगर में लोगों द्वारा विजय के उत्सव मनाया जा रहा है, सुगंध जलाई जा रही है, जलूस निकाला जा रहा है (पद 14)।

      हम मसीह यीशु की सुगंध को दो रीतियों से फैलाते हैं। एक तो अपने शब्दों के द्वारा, जब हम सँसार के लोगों को प्रभु और उसके गुणों के बारे में बताते हैं; और दूसरे, अपने जीवनों तथा व्यवहार के द्वारा, जब हम मसीह के समान जीवन व्यतीत करने में प्रयासरत रहते हैं (इफिसियों 5:1-2)। चाहे हर कोई हमारे द्वारा फैलाई जा रही इस दिव्य-सुगंध को न सराहे, फिर भी वह अनेकों को अनन्त जीवन तक लाएगी।

      रीटा स्नोडन को एक सुगंध आई और वह उसके स्त्रोत को जानने के लिए प्रयास करने लगी। हम जब प्रभु यीशु मसीह का अनुसरण करते हैं, हम भी उसके गुणों की सुगंध को अपने साथ लेकर चलने लगते हैं, जो फिर हमारे वचनों एवं जीवन तथा व्यवहार से उन तक पहुँचती है हम जिनके संपर्क में आते हैं, और इससे उनमें उस सुगंध के स्त्रोत के प्रति रुचि जागृत हो सकती है। - शेरिडन वोएसे


हम औरों के लिए मसीह की सुगंध हैं।

इसलिये प्रिय, बालकों के समान परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। - इफिसियों 5:1-2

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:14-16
2 Corinthians 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।
2 Corinthians 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं।
2 Corinthians 2:16 कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्‍ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है?

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 13-14
  • लूका 10:1-24



सोमवार, 8 अप्रैल 2019

संबंध



      छुटपन में जब मेरे बेटा अगली कक्षा में गया, तो वह “मुझे मेरी शिक्षिका जीवन भर के लिए चाहिए” कहकर बहुत रोया। हमें उसे समझना पड़ा कि शिक्षकों का बदलना जीवन का भाग है। हम यह विचार कर सकते हैं कि क्या ऐसा कोई संबंध है जो जीवन भर बना रहता है?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने पाया कि ऐसा संबंध है। उसका जीवन बहुत से नाटकीय परिवर्तनों से होकर निकला, और इस उथल-पुथल भरे जीवन मार्ग में उसे अपने प्रिय जनों को भी गंवाना पड़ा। अपने जीवन के अन्त समय के निकट उसने प्रार्थना की, “परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर ) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से ले कर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है ; और वही दूत मुझे सारी बुराई से छुड़ाता आया है, वही अब इन लड़कों को आशीष दे; और ये मेरे और मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक के कहलाएं; और पृथ्वी में बहुतायत से बढ़ें” (उत्पत्ति 48:15-16)।

      याकूब एक चरवाहा रहा था, इसलिए उसने परमेश्वर के साथ अपने संबंध को चरवाहे के, उसकी भेड़ों के साथ संबंध के समान देखा। भेड़ के जन्म लेने के समय से लेकर, उसके बढ़ने और फिर बूढ़े होने तक चरवाहा दिन-रात उसकी देखभाल करता रहता है। वह दिन में उसका मार्गदर्शन तथा रात में उसकी रक्षा करता है। दाऊद भी एक चरवाहा रहा था, और उसका भी यही मानना था; साथ ही उसने यह कहकर कि “निश्चय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा” (भजन 23:6) परमेश्वर के साथ अनन्त के संबंध को प्रगट किया।

      शिक्षक बदलना जीवन का भाग है। परन्तु हमारे अच्छे चरवाहे, हमारे प्रभु परमेश्वर ने हमसे वायदा किया है कि हमारे पृथ्वी के जीवन भर वह हमारे साथ रहेगा (मत्ती 28:20), और जब यहाँ का जीवन समाप्त हो जाएगा तो वह हमें अपने साथ अनन्तकाल के लिए ले लेगा। यह कितना अच्छा है कि प्रभु परमेश्वर के साथ हमारा कभी समाप्त न होने वाला अनन्तकाल का संबंध है। - कीला ओकोआ


परमेश्वर हमें कभी नहीं छोड़ता है।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28: 18-20

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 48:8-16
Genesis 48:8 तब इस्राएल को यूसुफ के पुत्र देख पड़े, और उसने पूछा, ये कौन हैं?
Genesis 48:9 यूसुफ ने अपने पिता से कहा, ये मेरे पुत्र हैं, जो परमेश्वर ने मुझे यहां दिए हैं: उसने कहा, उन को मेरे पास ले आ कि मैं उन्हें आशीर्वाद दूं।
Genesis 48:10 इस्राएल की आंखे बुढ़ापे के कारण धुन्धली हो गई थीं, यहां तक कि उसे कम सूझता था। तब यूसुफ उन्हें उनके पास ले गया ; और उसने उन्हें चूमकर गले लगा लिया।
Genesis 48:11 तब इस्राएल ने यूसुफ से कहा, मुझे आशा न थी, कि मैं तेरा मुख फिर देखने पाऊंगा: परन्तु देख, परमेश्वर ने मुझे तेरा वंश भी दिखाया है।
Genesis 48:12 तब यूसुफ ने उन्हें अपने घुटनों के बीच से हटाकर और अपने मुंह के बल भूमि पर गिर के दण्डवत की।
Genesis 48:13 तब यूसुफ ने उन दोनों को लेकर, अर्थात एप्रैम को अपने दाहिने हाथ से, कि वह इस्राएल के बाएं हाथ पड़े, और मनश्शे को अपने बाएं हाथ से, कि इस्राएल के दाहिने हाथ पड़े, उन्हें उसके पास ले गया।
Genesis 48:14 तब इस्राएल ने अपना दहिना हाथ बढ़ाकर एप्रैम के सिर पर जो छोटा था, और अपना बायां हाथ बढ़ाकर मनश्शे के सिर पर रख दिया; उसने तो जान बूझकर ऐसा किया; नहीं तो जेठा मनश्शे ही था।
Genesis 48:15 फिर उसने यूसुफ को आशीर्वाद देकर कहा, परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर ) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से ले कर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है ;
Genesis 48:16 और वही दूत मुझे सारी बुराई से छुड़ाता आया है, वही अब इन लड़कों को आशीष दे; और ये मेरे और मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक के कहलाएं; और पृथ्वी में बहुतायत से बढ़ें।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62



रविवार, 7 अप्रैल 2019

प्रभाव



      मैं अपनी पत्नि के साथ लंडन में घूमते हुए एक मार्ग पर आया जिसका नाम था  गौडलिमैन स्ट्रीट (Godliman Street)। हमें बताया गया कि यहाँ कभी एक व्यक्ति रहा करता था जिसका जीवन इतना धर्मी था कि उसके घर के इस मार्ग को “that godly man’s street” (उस धर्मी व्यक्ति का मार्ग) कहा जाने लगा और इससे ही इसका यह नाम पड़ा। इससे मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड की एक कथा स्मरण आती है।

      शाउल के लड़कपन में उसके पिता ने उसे एक सेवक के साथ भेजा कि वह उनके कुछ गदहों को खोज लाए, जो कहीं भटक गए थे। वे दोनों युवक कई दिनों तक उन गदहों को ढूंढते रहे, परन्तु उन्हें वे नहीं मिले। शाउल हार मानकर घर लौट जाने के लिए तैयार था, परन्तु उसके सेवक ने वहीं पास में स्थित रामाह नामक गाँव की ओर संकेत करके कहा कि वह भविष्यद्वक्ता शमूएल का गाँव है, और बताया कि “सुन, इस नगर में परमेश्वर का एक जन है जिसका बड़ा आदरमान होता है; और जो कुछ वह कहता है वह बिना पूरा हुए नहीं रहता। अब हम उधर चलें, सम्भव है वह हम को हमार मार्ग बताए कि किधर जाएं” (1 शमूएल 9:6)।

      अपनी सारी उम्र भर, और अब अपनी वृद्धावस्था में भी शमूएल का यही प्रयास रहता था कि वह परमेश्वर की संगति और मित्रता में बना रहे, और उसके शब्द सदा ही सत्य के कारण प्रभावी होते थे। लोग उसे परमेश्वर का भविष्यद्वक्ता जानते थे। इसलिए शाउल और उसका सेवक, “...उस नगर को चले जहां परमेश्वर का जन था” (पद 10)।

      काश कि हमारे जीवन भी ऐसे हों कि उनसे प्रभु यीशु मसीह प्रतिबिंबित हो सकें, जिससे हम अपने आस-पास के लोगों पर प्रभु की महिमा के लिए प्रभाव डाल सकें और प्रभु यीशु मसीह के अनुसरण से मिली हमारी इस धार्मिकता का यह प्रभाव बना रहे। - डेविड रोपर


प्रभु यीशु मसीह की धार्मिकता को प्रतिबिंबित करने वाला जीवन सबसे प्रभावी जीवन है।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 9: 1-10
1 Samuel 9:1 बिन्यामीन के गोत्र में कीश नाम का एक पुरूष था, जो अपनीह के पुत्र बकोरत का परपोता, और सरोर का पोता, और अबीएल का पुत्र था; वह एक बिन्यामीनी पुरूष का पुत्र और बड़ा शक्तिशाली सूरमा था।
1 Samuel 9:2 उसके शाऊल नाम एक जवान पुत्र था, जो सुन्दर था, और इस्राएलियों में कोई उस से बढ़कर सुन्दर न था; वह इतना लम्बा था कि दूसरे लोग उसके कान्धे ही तक आते थे।
1 Samuel 9:3 जब शाऊल के पिता कीश की गदहियां खो गईं, तब कीश ने अपने पुत्र शाऊल से कहा, एक सेवक को अपने साथ ले जा और गदहियों को ढूंढ ला।
1 Samuel 9:4 तब वह एप्रैम के पहाड़ी देश और शलीशा देश होते हुए गया, परन्तु उन्हें न पाया। तब वे शालीम नाम देश भी हो कर गए, और वहां भी न पाया। फिर बिन्यामीन के देश में गए, परन्तु गदहियां न मिलीं।
1 Samuel 9:5 जब वे सूफ नाम देश में आए, तब शाऊल ने अपने साथ के सेवक से कहा, , हम लौट चलें, ऐसा न हो कि मेरा पिता गदहियों की चिन्ता छोड़कर हमारी चिन्ता करने लगे।
1 Samuel 9:6 उसने उस से कहा, सुन, इस नगर में परमेश्वर का एक जन है जिसका बड़ा आदरमान होता है; और जो कुछ वह कहता है वह बिना पूरा हुए नहीं रहता। अब हम उधर चलें, सम्भव है वह हम को हमारा मार्ग बताए कि किधर जाएं।
1 Samuel 9:7 शाऊल ने अपने सेवक से कहा, सुन, यदि हम उस पुरूष के पास चलें तो उसके लिये क्या ले चलें? देख, हमारी थैलियों में की रोटी चुक गई है और भेंट के योग्य कोई वस्तु है ही नहीं, जो हम परमेश्वर के उस जन को दें। हमारे पास क्या है?
1 Samuel 9:8 सेवक ने फिर शाऊल से कहा, कि मेरे पास तो एक शेकेल चान्दी की चौथाई है, वही मैं परमेश्वर के जन को दूंगा, कि वह हम को बताए कि किधर जाएं।
1 Samuel 9:9 पूर्वकाल में तो इस्राएल में जब कोई परमेश्वर से प्रश्न करने जाता तब ऐसा कहता था, कि चलो, हम दर्शी के पास चलें; क्योंकि जो आज कल नबी कहलाता है वह पूर्वकाल में दर्शी कहलाता था।
1 Samuel 9:10 तब शाऊल ने अपने सेवक से कहा, तू ने भला कहा है; हम चलें। सो वे उस नगर को चले जहां परमेश्वर का जन था।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 7-9
  • लूका 9:18-36



शनिवार, 6 अप्रैल 2019

अपरिवर्तनीय


      मेरी एक सहेली ने, जो हाल ही में अनेकों परिस्थितियों से होकर निकली थी, लिखा, “मैं जब अपने विद्यार्थी जीवन के पिछले चार छःमाही सत्रों पर ध्यान करती हूँ, तो पाती हूँ कि बहुत सी बातें परिवर्तित हुई हैं...यह भयावह है, वास्तव में बहुत भयावह है कि कुछ भी स्थाई नहीं है, सब परिवर्तित हो जाता है।

      यह सत्य है कि दो वर्ष के अंतराल में बहुत कुछ हो सकता है – जीविका के स्त्रोत में परिवर्तन, नए मित्र मिलना, कोई बीमारी, किसकी मृत्यु, कुछ भी। हमें पता भी नहीं है, कोई जीवन-परिवर्तन कर देने वाला अनुभव, चाहे अच्छा हो या बुरा, अगले पल में  हमारी प्रतीक्षा कर रहा हो और हम कभी भी उसके चँगुल में फंस सकते हैं। इसलिए यह कितनी शान्ति की बात है कि हमारा प्रेमी स्वर्गीय परमेश्वर पिता कभी नहीं बदलता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा है, “परन्तु तू वहीं है, और तेरे वर्षों का अन्त नहीं होने का” (भजन 102:27)। इस सत्य के अभिप्राय अति गहन हैं। इसका अभिप्राय है कि  परमेश्वर सदा काल के लिए प्रेमी, न्यायी, और बुद्धिमान है। जैसा कि बाइबल शिक्षक ए. डब्ल्यू. पिंक ने कहा, “सृष्टि के अस्तित्व में बुलाए जाने से पहले परमेश्वर के जो भी गुण थे, वे अभी भी बिलकुल वैसे ही हैं, और अनन्तकाल तक वैसे ही बने रहेंगे।”

      बाइबल के नए नियम खण्ड में याकूब ने लिखा, “क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है” (याकूब 1:17)। परिवर्तित होती हुई हमारी परिस्थितियों में, हम इस बात के प्रति निश्चित रह सकते हैं कि हमारे प्रभु परमेश्वर के गुण कभी परिवर्तित नहीं होंगे, और वह अपने सभी गुणों के प्रति अपरिवर्तनीय बना रहेगा। वही सभी भली बातों का स्त्रोत है और वह जो भी करता है भला ही करता है।

      ऐसा प्रतीत हो सकता है कि कुछ भी सदाकाल के लिए नहीं है, परन्तु हमारा प्रभु परमेश्वर अपने लोगों के लिए सदा भला बना रहता; वह अपरिवर्तनीय है। - पोह फैंग चिया


वह जो सृष्टि को थामे रहता है, वह आपको भी थामे रहेगा।

क्योंकि मैं यहोवा बदलता नहीं; इसी कारण, हे याकूब की सन्तान तुम नाश नहीं हुए। - मलाकी 3:6

बाइबल पाठ: भजन 102:25-28
Psalms 102:25 आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और आकाश तेरे हाथों का बनाया हुआ है।
Psalms 102:26 वह तो नाश होगा, परन्तु तू बना रहेगा; और वह सब कपड़े के समान पुराना हो जाएगा। तू उसको वस्त्र के समान बदलेगा, और वह तो बदल जाएगा;
Psalms 102:27 परन्तु तू वही है, और तेरे वर्षों का अन्त नहीं होने का।
Psalms 102:28 तेरे दासों की सन्तान बनी रहेगी; और उनका वंश तेरे साम्हने स्थिर रहेगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 4-6
  • लूका 9:1-17


शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

मूर्तियां



      टोगो की मोनो नदी में अपने बपतिस्मा होने के प्रतीक्षा करते हुए, कोस्सी ने नीचे झुक कर एक घिसी हुई लकड़ी की मूर्ति उठाई। उसका परिवार पीढ़ियों से उस मूर्ति का उपासक रहा था। परिवार के लोगों के सामने, कोस्सी ने उस मूर्ति को पास में जल रही आग में फेंक दिया। अब उन्हें अपनी सबसे बढ़िया मुर्गियों को उस मूर्ति के लिए बलिदान चढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं रही थी।

      पश्चिमी देशों में अधिकांश लोग मूर्तियों को रूपक अलंकार के रूप में लेते हैं, उन बातों के लिए जिन्हें वे अपने जीवनों में परमेश्वर के समान या उससे भी महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान देते हैं। किन्तु पश्चिमी अफ्रीका के देश टोगो में मूर्तियां वास्तविक देवता मानी जाती हैं, जिन्हें प्रसन्न रखने के लिए उनके सामने बलिदान चढ़ाते रहना पड़ता है। एक नए मसीही विश्वासी के द्वारा बपतिस्मा लेना और मूर्तियों को जलाना, सच्चे जीवते परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह के प्रति उसके समर्पण का साहसिक कार्य और प्रतीक है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में इस्राएल के इतिहास में हम पाते हैं कि आठ वर्षीय राजा योशिय्याह एक ऐसे समय पर राजा-गद्दी पर आया जब यहूदा में मूर्तिपूजा और व्यभिचार व्याप्त था। उस के पिता और दादा यहूदा के उस अनैतिक काल के सबसे बुरे राजाओं में से थे। योशिय्याह के समय परमेश्वर के प्रधान-पुजारी को मंदिर में परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक मिली, और उसने वह योशिय्याह को दी। जब युवा योशिय्याह ने उस पुस्तक में लिखी व्यवस्था की बातों को सुना तो उसने उन्हें आदर दिया और उन्हें अपनाया (2 राजा 22:8-13)। परमेश्वर के वचन का पालन करते हुए योशिय्याह ने विधर्मियों की वेदियाँ नष्ट कीं, और अशेराह देवी को समर्पित वस्तुओं को जलाया, तथा पारंपरिक वेश्यावृत्ति पर प्रतिबन्ध लगा दिया। इन विधर्मी परंपराओं के स्थान पर उसने परमेश्वर के फसह के पर्व को मनाया (23:21-23)।

      जब भी हम परमेश्वर के अतिरिक्त किसी अन्य से समाधान ढूँढते हैं, तो जाने या अनजाने में हम एक झूठे देवता, एक मूर्ति के पीछे हो लेते हैं। आज हमारे लिए यह उपयुक्त होगा कि हम अपने आप से पूछें, हमारे जीवनों में ऐसी कौन सी मूर्तियां हैं जिन्हें हमें फेंकने और जला देने की आवश्यकता है जिससे हम पूर्ण समर्पण के साथ प्रभु परमेश्वर के पीछे चला सकें। - टिम गुस्ताफ्सन


हे बालको, अपने आप को मुरतों से बचाए रखो। - 1यूहन्ना 5:21

बाइबल पाठ: 2 राजा 23:1-8, 21-25
2 Kings 23:1 राजा ने यहूदा और यरूशलेम के सब पुरनियों को अपने पास इकट्ठा बुलवाया।
2 Kings 23:2 और राजा, यहूदा के सब लोगों और यरूशलेम के सब निवासियों और याजकों और नबियों वरन छोटे बड़े सारी प्रजा के लोगों को संग ले कर यहोवा के भवन में गया। तब उसने जो वाचा की मुस्तक यहोवा के भवन में मिली थी, उसकी सब बातें उन को पढ़ कर सुनाईं।
2 Kings 23:3 तब राजा ने खम्भे के पास खड़ा हो कर यहोवा से इस आशय की वाचा बान्धी, कि मैं यहोवा के पीछे पीछे चलूंगा, और अपने सारे मन और सारे प्राण से उसकी आज्ञाएं, चितौनियां और विधियों का नित पालन किया करूंगा, और इस वाचा की बातों को जो इस पुस्तक में लिखी है पूरी करूंगा। और सब प्रजा वाचा में सम्भागी हुई।
2 Kings 23:4 तब राजा ने हिलकिय्याह महायाजक और उसके नीचे के याजकों और द्वारपालों को आज्ञा दी कि जितने पात्र बाल और अशेरा और आकाश के सब गण के लिये बने हैं, उन सभों को यहोवा के मन्दिर में से निकाल ले आओ। तब उसने उन को यरूशलेम के बाहर किद्रोन के खेतों में फूंक कर उनकी राख बेतेल को पहुंचा दी।
2 Kings 23:5 और जिन पुजारियों को यहूदा के राजाओं ने यहूदा के नगरों के ऊंचे स्थानों में और यरूशलेम के आस पास के स्थानों में धूप जलाने के लिये ठहराया था, उन को और जो बाल और सूर्य-चन्द्रमा, राशिचक्र और आकाश के कुल गण को धूप जलाते थे, उन को भी राजा ने दूर कर दिया।
2 Kings 23:6 और वह अशेरा को यहोवा के भवन में से निकाल कर यरूशलेम के बाहर किद्रोन नाले में लिवा ले गया और वहीं उसको फूंक दिया, और पीस कर बुकनी कर दिया। तब वह बुकनी साधारण लोगों की कबरों पर फेंक दी।
2 Kings 23:7 फिर पुरुषगामियों के घर जो यहोवा के भवन में थे, जहां स्त्रियां अशेरा के लिये पर्दे बुना करती थीं, उन को उसने ढा दिया।
2 Kings 23:8 और उसने यहूदा के सब नगरों से याजकों को बुलवाकर गेबा से बेर्शेबा तक के उन ऊंचे स्थानों को, जहां उन याजकों ने धूप जलाया था, अशुद्ध कर दिया; और फाटकों के ऊंचे स्थान अर्थात जो स्थान नगर के यहोशू नाम हाकिम के फाटक पर थे, और नगर के फाटक के भीतर जाने वाले की बाई ओर थे, उन को उसने ढा दिया।

2 Kings 23:21 और राजा ने सारी प्रजा के लोगों को आज्ञा दी, कि इस वाचा की पुस्तक में जो कुछ लिखा है, उसके अनुसार अपने परमेश्वर यहोवा के लिये फसह का पर्व मानो।
2 Kings 23:22 निश्चय ऐसा फसह न तो न्यायियों के दिनों में माना गया था जो इस्राएल का न्याय करते थे, और न इस्राएल वा यहूदा के राजाओं के दिनों में माना गया था।
2 Kings 23:23 राजा योशिय्याह के अठारहवें वर्ष में यहोवा के लिये यरूशलेम में यह फसह माना गया।
2 Kings 23:24 फिर ओझे, भूतसिद्धि वाले, गृहदेवता, मूरतें और जितनी घिनौनी वस्तुएं यहूदा देश और यरूशलेम में जहां कहीं दिखाई पड़ीं, उन सभों को योशिय्याह ने उस मनसा से नाश किया, कि व्यवस्था की जो बातें उस पुस्तक में लिखी थीं जो हिलकिय्याह याजक को यहोवा के भवन में मिली थी, उन को वह पूरी करे।
2 Kings 23:25 और उसके तुल्य न तो उस से पहिले कोई ऐसा राजा हुआ और न उसके बाद ऐसा कोई राजा उठा, जो मूसा की पूरी व्यवस्था के अनुसार अपने पूर्ण मन और मूर्ण प्राण और पूर्ण शक्ति से यहोवा की ओर फिरा हो।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 1-3
  • लूका 8:26-56