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शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020

सामना

 

         भय हमें एक स्थान पर स्तब्ध कर सकता है। हमें भयभीत होने के सभी कारण ध्यान हैं – पिछले समय की हमारी सारी बातें जिनसे हम आहत हुए, हर वह बात जो फिर से ऐसा ही कर सकती है। इसलिए हम कभी-कभी अटक जाते हैं – पीछे जा नहीं सकते; आगे बढ़ने में अत्यधिक भयभीत रहते हैं। हम सोचते हैं, ‘मैं यह नहीं कर सकता हूँ। मैं इस प्रकार से फिर से दुखी होने का जोखिम नहीं उठा सकता हूँ, मैं न तो इतना सक्षम हूँ, न इतना बलवंत हूँ, और न ही इतना साहसी हूँ।’

         लेखक फ्रेडरिक ब्यूक्नर ने जिस प्रकार से परमेश्वर के अनुग्रह का वर्णन किया है, मैं उससे मुग्ध हूँ, वो कहते हैं, ‘एक कोमल आवाज़ के समान जो कहती है, यह संसार है। इसमें भयानक बातें भी होंगी और मनोहर बातें भी होंगी। परन्तु मत डर, मैं तेरे साथ हूँ।

         भयानक बातें होंगी। हमारे संसार में, दुखी लोग औरों को भी दुखी कर देते हैं, कई बार बहुत अधिकाई से। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार दाऊद के समान हम सब भी अपनी ही उन कहानियों को लिए चलते हैं, जब बुराई ने हमें घेर लिया, जब पशुओं के समान, लोगों ने हमें आहत किया (भजन 57:4); और इसलिए हम दुखी होते हैं, हम पुकारते हैं (पद 1, 2)।

         परन्तु क्योंकि परमेश्वर हमारे साथ है इसलिए हमारे साथ मनोहर बातें भी होंगी। जब हम उसके पास अपने दुःख और भय को लेकर जाते हैं, हम पाते हैं कि वह हमें अपने उस प्रेम के साथ लिए चलता है जो किसी की भी हमें आहत करने की शक्ति से कहीं बढ़कर है (पद 1-3); इतना महान प्रेम जो स्वर्ग तक भरा हुआ है (पद 10)। चाहे विनाश  ने हमें हमारे चारों ओर से क्यों न घेर रखा हो, परमेश्वर का प्रेम हमारा वह दृढ़ शरणस्थान है जहाँ हमारे हृदयों को शान्ति मिलती है (पद 1, 7)।

         और फिर एक दिन हम अपने आप को एक नए साहस के साथ उठते हुए पाते हैं, उस दिन का सामना उसकी विश्वासयोग्यता के स्तुति गीत के साथ करने को तैयार। - मोनिका ब्रैंड्स

 

परमेश्वर का प्रेम और मनोहरता हमें साहसी बना देती है।


हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है। - यशायाह 43:1

बाइबल पाठ: भजन 57

भजन संहिता 57:1 हे परमेश्वर, मुझ पर अनुग्रह कर, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं तेरा शरणागत हूं; और जब तक ये आपत्तियां निकल न जाएं, तब तक मैं तेरे पंखों के तले शरण लिये रहूंगा।

भजन संहिता 57:2 मैं परम प्रधान परमेश्वर को पुकारूंगा, ईश्वर को जो मेरे लिये सब कुछ सिद्ध करता है।

भजन संहिता 57:3 ईश्वर स्वर्ग से भेज कर मुझे बचा लेगा, जब मेरा निगलने वाला निन्दा कर रहा हो। परमेश्वर अपनी करुणा और सच्चाई प्रगट करेगा।

भजन संहिता 57:4 मेरा प्राण सिंहों के बीच में है, मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, अर्थात ऐसे मनुष्यों के बीच में जिन के दांत बरछी और तीर हैं, और जिनकी जीभ तेज तलवार है।

भजन संहिता 57:5 हे परमेश्वर तू स्वर्ग के ऊपर अति महान और तेजोमय है, तेरी महिमा सारी पृथ्वी के ऊपर फैल जाए!

भजन संहिता 57:6 उन्होंने मेरे पैरों के लिये जाल लगाया है; मेरा प्राण ढला जाता है। उन्होंने मेरे आगे गड़हा खोदा, परन्तु आप ही उस में गिर पड़े।

भजन संहिता 57:7 हे परमेश्वर, मेरा मन स्थिर है, मेरा मन स्थिर है; मैं गाऊंगा वरन भजन कीर्तन करूंगा।

भजन संहिता 57:8 हे मेरी आत्मा जाग जा! हे सारंगी और वीणा जाग जाओ। मैं भी पौ फटते ही जाग उठूंगा।

भजन संहिता 57:9 हे प्रभु, मैं देश के लोगों के बीच तेरा धन्यवाद करूंगा; मैं राज्य राज्य के लोगों के बीच में तेरा भजन गाऊंगा।

भजन संहिता 57:10 क्योंकि तेरी करुणा स्वर्ग तक बड़ी है, और तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक पहुंचती है।

भजन संहिता 57:11 हे परमेश्वर, तू स्वर्ग के ऊपर अति महान है! तेरी महिमा सारी पृथ्वी के ऊपर फैल जाए!

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 47-49
  • 1 थिस्सलुनीकियों 4

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2020

भरोसा

 

         मैं छोटा लड़का था, और पानी से बहुत डरता था, परन्तु मेरे पिता चाहते थे कि मैं तैरना सीखूँ। वो जानबूझकर मुझे ताल के किनारे से हटाकर गहरे छोर की ओर ले जाते थे, जहाँ पानी मेरे सिर के भी ऊपर से होकर निकलता था, और उस स्थान पर केवल वे ही मेरा एकमात्र सहारा होते थे; और मैं उनसे कहता, “पापा, मुझे मत छोड़ना” और वो मुझे आश्वस्त करते, “नहीं, मैं नहीं छोडूंगा; मेरा वायदा है।” फिर वो मुझे तनाव मुक्त होकर तैरना सिखाते थे।

         वह केवल तैराकी की पाठ ही नहीं था; वह भरोसा रखने का भी पाठ था। मैं जानता था कि मेरे पिता मुझ से प्रेम करते हैं और वे कभी जानबूझकर मुझे किसी हानि में नहीं पड़ने देंगे, परन्तु साथ ही मुझे डर भी लगता था। आरंभ में तो मैं कसकर उनके गले से लिपट कर रहता था, परन्तु वो बड़े धीरज और कोमलता के साथ मुझे सिखाते और समझाते रहे, और अन्ततः मैंने तैरना आरंभ कर दिया, परन्तु पहले मुझे उन पर भरोसा करना सीखना था।

         आज भी जब भी मैं किसी ऐसी स्थिति में होता हूँ, जो मुझे मेरे सिर के भी ऊपर से निकलती हुई प्रतीत होती है, मैं उन समयों को स्मरण करता हूँ। उन्हें स्मरण करने से परमेश्वर के वचन बाइबल में मुझे परमेश्वर पिता के द्वारा अपने लोगों को दिया गया आश्वासन ध्यान आता है : “तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा” (यशायाह 46:4)।

         हमें चाहे परमेश्वर की बाहें अपने नीचे सहारा देती हुई महसूस न हों, परन्तु प्रभु परमेश्वर का हमसे वायदा है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा (इब्रानियों 13:5)। हम जब उसकी देखभाल और प्रतिज्ञाओं में आश्वस्त होकर विश्राम करते हैं वह हमारी सहायता करता है कि हम उसकी विश्वासयोग्यता में भरोसा रखें। जब हम उसमें भरोसा बनाए रखते हैं, वह हमें हमारी चिंताओं से ऊपर उठा कर उसमें एक नई शान्ति पा लेना सिखाता है। - जेम्स बैंक्स

 

जब हम परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं, वह हमें अनुग्रह के नए स्थानों में लिए चलता है।


तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: यशायाह 46:3-13

यशायाह 46:3 हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के सब बचे हुए लोगों, मेरी ओर कान लगाकर सुनो; तुम को मैं तुम्हारी उत्पत्ति ही से उठाए रहा और जन्म ही से लिये फिरता आया हूं।

यशायाह 46:4 तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा;

यशायाह 46:5 मैं तुम्हें उठाए रहूंगा और छुड़ाता भी रहूंगा। तुम किस से मेरी उपमा दोगे और मुझे किस के समान बताओगे, किस से मेरा मिलान करोगे कि हम एक समान ठहरें?

यशायाह 46:6 जो थैली से सोना उण्डेलते और कांटे में चान्दी तौलते हैं, जो सुनार को मजदूरी देकर उस से देवता बनवाते हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन दण्डवत भी करते हैं!

यशायाह 46:7 वे उसको कन्धे पर उठा कर लिये फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।

यशायाह 46:8 हे अपराधियों, इस बात को स्मरण करो और ध्यान दो, इस पर फिर मन लगाओ।

यशायाह 46:9 प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है; क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है।

यशायाह 46:10 मैं तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।

यशायाह 46:11 मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करने वाले पुरुष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्धा है और उसे सफल भी करूंगा।

यशायाह 46:12 हे कठोर मन वालो तुम जो धर्म से दूर हो, कान लगाकर मेरी सुनो।

यशायाह 46:13 मैं अपनी धार्मिकता को समीप ले आने पर हूं वह दूर नहीं है, और मेरे उद्धार करने में विलम्ब न होगा; मैं सिय्योन का उद्धार करूंगा और इस्राएल को महिमा दूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 45-46
  • 1 थिस्सलुनीकियों 3

बुधवार, 14 अक्टूबर 2020

देखें और सीखें


         हमारे नाती-पोते उस उकाब पक्षी को निकट से देख पाने से बहुत भाव-विभोर हो गए; उन्हें उसे छूने का भी अवसर मिला। हम चिड़ियाघर में थे, और वहाँ वह बचा कर लाया गया एक नर उकाब पक्षी, एक स्वयं सेविका की बांह पर बैठा हुआ था। उस स्वयं सेविका ने हमें उस शक्तिशाली पक्षी के बारे में बताया, और हमें सुन कर बहुत अचरज हुआ कि उस पक्षी के पंखों का फैलाव साढ़े छः फीट का था, और फिर भी उसका वज़न केवल आठ पौंड ही था; ऐसा उसकी खोखली हड्डियों के कारण था।

         इससे मुझे वह दृश्य स्मरण हो आया जब मैंने एक विशाल उकाब को झील के ऊपर पंख फैलाए उड़ते हुए देखा था, और वह तेज़ी से झपटा मार कर अपने शिकार को अपने पंजों से पकड़ लेने के लिए बिलकुल तैयार था। मुझे एक अन्य बड़ा पक्षी भी स्मरण हो आया – लम्बी टांगो वाला बगुला जो झील के किनारे पानी में बिलकुल निश्चल खड़ा था, वह भी बिलकुल तैयार था अपनी लम्बी चोंच से अपने शिकार को पकड़ लेने के लिए। ये तो लगभग 10,000 प्रकार के विभिन्न पक्षियों में से केवल दो ही हैं; और ऐसे अनेकों जीव-जन्तु संसार में भरे पड़े हैं, जो हमारा ध्यान हमारे सृष्टिकर्ता परमेश्वर की ओर आकर्षित कर सकते हैं।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में, अय्यूब की पुस्तक में, अय्यूब के मित्र उसके साथ उसके दुखों के कारणों के विषय वाद-विवाद कर रहे हैं, और वे उससे पूछते हैं, “क्या तू परमेश्वर के गूढ़ भेद पा सकता है?” (अय्यूब 11:5-9)। अय्यूब उन्हें प्रत्युत्तर में कहता है, पशुओं से पूछ और वे तुझे सिखाएँगे और आकाश के पक्षियों से, और वे तुझे बताएँगे” (अय्यूब 12:7)। जीव-जन्तु इस सत्य की गवाही देते हैं कि परमेश्वर ने ही अपनी सृष्टि की अभिकल्पना की, उसे रचा, और वह ही उसकी देखभाल करता है: “उसके हाथ में एक एक जीवधारी का प्राण, और एक एक देहधारी मनुष्य की आत्मा भी रहती है” (पद 10)।

         क्योंकि परमेश्वर पक्षियों की चिंता करता है (मत्ती 6:26; 10:29), इसलिए हम आश्वस्त रह सकते हैं कि वह आपकी और मेरी भी चिंता करता है, हम से प्रेम करता है, चाहे हमें हमारी परिस्थितियाँ समझ में न भी आएँ। हम अपने चारों ओर देखें और सीखें। - एलिसन कीडा

 

परमेश्वर का संसार हमें उसके बारे में सिखाता है।


आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते। - मत्ती 6:26

बाइबल पाठ: अय्यूब 12:7-10

अय्यूब 12:7 पशुओं से तो पूछ और वे तुझे दिखाएंगे; और आकाश के पक्षियों से, और वे तुझे बता देंगे।

अय्यूब 12:8 पृथ्वी पर ध्यान दे, तब उस से तुझे शिक्षा मिलेगी; और समुद्र की मछलियां भी तुझ से वर्णन करेंगी।

अय्यूब 12:9 कौन इन बातों को नहीं जानता, कि यहोवा ही ने अपने हाथ से इस संसार को बनाया है।

अय्यूब 12:10 उसके हाथ में एक एक जीवधारी का प्राण, और एक एक देहधारी मनुष्य की आत्मा भी रहती है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 43-44
  • 1 थिस्सलुनीकियों 2

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2020

बोझ

 

         बिजली-पानी आदि के बिल का अत्यधिक आना कोई असामान्य बात नहीं है। परन्तु उत्तरी कैरोलाइना के केयर्न हीले को जो पानी का बिल मिला उसे सुनकर आप भौंचक्के रह जाएँगे। उसका पानी बिल था 100 करोड़ डॉलर का। इस बात से आश्वस्त कि उसने इतना पानी बिलकुल भी प्रयोग नहीं किया था, उसने मज़ाकिया तौर से पूछा कि क्या वह उस बिल को किस्तों में चुका सकता है?

         100 करोड़ डॉलर का क़र्ज़ डराने वाला बोझ हो सकता है, परन्तु यह बोझ भी उस बोझ के सामने बहुत ही कम है जो हमारे पाप हमें उठाए रहने के लिए मजबूर करते हैं – पाप का बोझ तो नापा भी नहीं जा सकता, परन्तु उसे उठाए घूमते रहने के कारण हम दोष, लज्जा, और हीन भावना से थकित होकर जीने लगते हैं। सत्य यही है कि हम अपने पापों का बोझ उठाकर नहीं चल सकते हैं।

         किन्तु एक और सत्य यह भी है कि हमें अपने पापों के बोझ को उठाकर चलने के आवश्यकता भी नहीं है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें स्मरण करवाया कि यह बोझ परमेश्वर का निर्दोष पुत्र, प्रभु यीशु मसीह ने उठा लिया है (1 पतरस 2:24)। क्रूस पर दिए गए अपने बलिदान में प्रभु यीशु ने संसार के सभी लोगों के सभी पापों का बोझ अपने ऊपर ले लिया और उनका पूरा पूरा दण्ड सह लिया, और हमें अपनी क्षमा को उपलब्ध करवा दिया। अब हमें उन पापों के बोझ को लिए चलने और उसके दण्ड को भोगने की आवश्यकता नहीं है। हम प्रभु यीशु से अपने पापों की क्षमा मांगकर, अपना जीवन उसे सच्चे मन से समर्पित कर के अपने पापों के बोझ को उसके चरणों में रखकर, उससे अनन्त जीवन की आशीष को प्राप्त कर सकते हैं।

         अब हमें अपने बाप-दादों से चले आ रहे निकम्मे चाल-चलन (1:18) के भय या दोष में रहने की आवश्यकता नहीं है। अब हम इस बोझ से मुक्त होकर प्रेम और स्वतंत्रता के नए जीवन का अनुभव कर सकते हैं (पद 22-23)। - मार्विन विलियम्स

 

प्रभु यीशु ने हमारे पापों के बोझ को अपने ऊपर ले लिया, 

और हमें अपनी धार्मिकता और अनन्त जीवन को दे दिया।


हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे। क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है। - मत्ती 11:28-30

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:18-25

1 पतरस 1:18 क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप-दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ।

1 पतरस 1:19 पर निर्दोष और निष्कलंक मेमने अर्थात मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा हुआ।

1 पतरस 1:20 उसका ज्ञान तो जगत की उत्पत्ति के पहिले ही से जाना गया था, पर अब इस अन्तिम युग में तुम्हारे लिये प्रगट हुआ।

1 पतरस 1:21 जो उसके द्वारा उस परमेश्वर पर विश्वास करते हो, जिसने उसे मरे हुओं में से जिलाया, और महिमा दी; कि तुम्हारा विश्वास और आशा परमेश्वर पर हो।

1 पतरस 1:22 सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो।

1 पतरस 1:23 क्योंकि तुम ने नाशमान नहीं पर अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीवते और सदा ठहरने वाले वचन के द्वारा नया जन्म पाया है।

1 पतरस 1:24 क्योंकि हर एक प्राणी घास के समान है, और उस की सारी शोभा घास के फूल के समान है: घास सूख जाती है, और फूल झड़ जाता है।

1 पतरस 1:25 परन्तु प्रभु का वचन युगानुयुग स्थिर रहेगा: और यह ही सुसमाचार का वचन है जो तुम्हें सुनाया गया था।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 41-42
  • 1 थिस्सलुनीकियों 1

सोमवार, 12 अक्टूबर 2020

सुरक्षित

 

         बाहर मौसम खराब होता जा रहा था, और मेरे मोबाइल फोन पर संभावित आकस्मिक बाढ़ की चेतावनी आ रही थी। मेरे घर के आस पास सामान्य से कहीं अधिक गाड़ियां आ कर खड़ी हो रही थीं, क्योंकि वह स्कूल की बस के रुकने का स्थान था, और अभिभावक तथा अन्य लोग स्कूल से लौटने वाले बच्चों को ले कर जाने के लिए आते जा रहे थे। जब तक स्कूल की बस पहुँची, बारिश आरंभ हो चुकी थी। तभी मेरा ध्यान एक महिला की ओर गया जो कार से उतरकर डिक्की में से छत्री निकाल रही थी। फिर वह उस छाते को लेकर एक छोटी लड़की के पास गई, और यह सुनिश्चित किया कि कार तक वापस आने तक उस लड़की पर बारिश न पड़े। उस अभिभावक की अपनी बच्ची को सुरक्षित रखने की इस घटना से मुझे हमारे स्वर्गीय परमेश्वर पिता के द्वारा हमें सुरक्षित रखे जाने के कार्यों का ध्यान आया।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने परमेश्वर के लोगों के लिए अनाज्ञाकारिता के लिए दण्ड और फिर उसके बाद अच्छे दिनों की भविष्यवाणी की (यशायाह 40:1-8)। पहाड़ों से आए हुए उस स्वर्गीय सन्देश (पद 9) ने इस्राएलियों को परमेश्वर की पराक्रमी उपस्थिति तथा कोमल देखभाल के लिए आश्वस्त किया। तब भी, और अब भी, सुसमाचार एक ही था और है, कि परमेश्वर के सामर्थ्य और राज्य करने वाले अधिकार के कारण चिंतित हृदयों को घबराने की आवश्यकता नहीं है (पद 9-10)। उस घोषणा में यह समाचार भी सम्मिलित था कि परमेश्वर की सुरक्षा, वैसी सुरक्षा जैसी चरवाहे अपनी भेड़ों के लिए उपलब्ध करवाते हैं (पद 11), उपलब्ध है: दुर्बल भेड़ें चरवाहे की बाँहों में सुरक्षा पाएंगी, और बच्चों को दूध पिलाने वाली भेड़ों की कोमलता से अगुवाई और देखभाल की जाएगी।

         ऐसे संसार में जिसमें परिस्थितियाँ सदा ही सहज नहीं होती हैं, सुरक्षा और देखभाल के यह चित्रण हमें प्रभु परमेश्वर की ओर भरोसे के साथ देखते रहने के लिए बाध्य करते हैं। जो प्रभु परमेश्वर पर सम्पूर्ण मन से भरोसा रखते हैं, उन्हें उससे सामर्थ्य प्राप्त होती है और वे सुरक्षित बने रहते हैं (पद 31)। - आर्थर जैक्सन

 

सुसमाचार यह है कि परमेश्वर में हम सुरक्षित रहते हैं।


परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: यशायाह 40:9-11

यशायाह 40:9 हे सिय्योन को शुभ समाचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो!

यशायाह 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ्य दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है।

 यशायाह 40:11 वह चरवाहे के समान अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध   पिलाने वालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 39-40
  • कुलुस्सियों 4

रविवार, 11 अक्टूबर 2020

अनुभव

 

         अपने बचपन में मुझे अपने स्थानीय पुस्तकालय जाना बहुत पसंद था। एक दिन किशोरावस्था के लिए उपयुक्त पुस्तकों के संग्रह को देखते हुए मैंने सोचा कि मैं उन सभी पुस्तकों को पढ़ लूंगी। अपने इस उत्साह में मैं यह ध्यान करना भूल गई कि पुस्तकालय के संग्रह में नई पुस्तकें जोड़ी जाती रहती हैं। मैंने प्रयास तो बहुत किया किन्तु मैं सभी पुस्तकों को पढ़ नहीं पाई, वे संख्या में बहुत अधिक थीं।

         नई पुस्तकें निरंतर अलमारियाँ भरती चली जा रही हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में पाँच पुस्तकों का लेखक, प्रेरित यूहन्ना शायद आज पुस्तकों की संख्या को देखकर चकित होता, क्योंकि उसकी वे पाँच पुस्तकें चर्म पत्रों पर हाथ से लिखी गई थीं।

         यूहन्ना ने वे पुस्तकें इसलिए लिखीं क्योंकि उसने प्रभु यीशु मसीह के जीवन और सेवकाई, तथा प्रभु के साथ अपने जीवन के अनुभवों को लिखने के लिए (1 यूहन्ना 1:1-4) पवित्र आत्मा के द्वारा प्रेरित अनुभव किया। किन्तु यूहन्ना के द्वारा लिखे गई पुस्तकों में प्रभु द्वारा जो कुछ किया और सिखाया गया, उसका एक अंश मात्र ही है। स्वयं यूहन्ना ने ही यह कहा कि प्रभु यीशु ने अपनी सेवकाई में जो कुछ किया और सिखाया, यदि वह सब लिखा जाता तो “और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक कर के लिखे जाते, तो मैं समझता हूं, कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे जगत में भी न समातीं” (यूहन्ना 21:25)।

         यूहन्ना का यह दावा आज भी सत्य है। यद्यपि प्रभु यीशु के बारे में इतनी पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं, फिर भी संसार के पुस्तकालयों में उसके प्रेम और अनुग्रह की बातों और लोगों के अनुभवों के सभी वर्णन नहीं समा सकते हैं। हम भी इस बात से आनन्दित हो सकते हैं कि हमारे पास भी अपने व्यक्तिगत अनुभवों के वर्णन हैं, जिन्हें हम औरों के साथ बाँट सकते हैं, उन्हें लोगों को बता सकते हैं। - लीसा सामरा

 

मसीह के प्रेम और अनुग्रह का वर्णन अपने जीवन के द्वारा होने दीजिए।


और उस से कहा, अपने घर जा कर अपने लोगों को बता, कि तुझ पर दया कर के प्रभु ने तेरे लिये कैसे बड़े काम किए हैं। - मरकुस 5:19

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 1:1-4; यूहन्ना 21:24-25

1 यूहन्ना 1:1 उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ।

1 यूहन्ना 1:2 (यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ)।

1 यूहन्ना 1:3 जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो; और हमारी यह सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्र यीशु मसीह के साथ है।

1 यूहन्ना 1:4 और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।

यूहन्ना 21:24 यह वही चेला है, जो इन बातों की गवाही देता है और जिसने इन बातों को लिखा है और हम जानते हैं, कि उस की गवाही सच्ची है।

यूहन्ना 21:25 और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक कर के लिखे जाते, तो मैं समझता हूं, कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे जगत में भी न समातीं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 37-38
  • कुलुस्सियों 3

शनिवार, 10 अक्टूबर 2020

साथ

 

         नशीली वस्तुओं की तस्करी करने के दोषी दो व्यक्तियों को मृत्यु दण्ड की सज़ा दी गई। उन्हें बंदीगृह में मृत्यु दण्ड के दिए जाने की प्रतीक्षा करते समय, उन्होंने उनके प्रति परमेश्वर के प्रेम और प्रभु यीशु मसीह में मिलने वाली पापों की क्षमा तथा उद्धार का सुसमाचार सुना, उस पर विश्वास किया, और पापों की क्षमा मांगकर उन्होंने अपने जीवन प्रभु को समर्पित किए, उनके जीवन बदल गए। जब उन्हें मृत्यु दण्ड दिए जाने की बारी आई, तो वे बंदूक की गोली से मारने वालों के सामने प्रभु की प्रार्थना को दोहराते हुए और “फज़ल अजीब” (Amazing Grace) गीत गाते हुए खड़े हुए, और गाते हुए ही मारे गए। परमेश्वर में उनके विश्वास, और पवित्र आत्मा की सामर्थ्य के कारण वे मृत्यु का सामना बहुत साहस के साथ कर सके।

         उन्होंने परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखे उनके उद्धारकर्ता, प्रभु यीशु के उदाहरण का अनुसरण किया। यह जानते हुए भी कि कुछ ही समय में उनकी मृत्यु अवश्यंभावी है, यीशु ने अपने शिष्यों के साथ अपनी अंतिम समय को भजन गाते हुए बिताया। यह अद्भुत है कि वे इन परिस्थितियों में भी स्तुति गीत गा सके; लेकिन इससे भी अद्भुत वे भजन हैं जिन्हें प्रभु यीशु ने गाया। उनके पकड़वाए जाने की रात को उन्होंने अपने शिष्यों के साथ फसह का भोज खाया था; और इस भोज का समापन सदा ही बाइबल में लिखे कुछ भजनों के साथ होता था। ये भजन, भजन 113-118 हल्लेल भजन कहलाते थे। मृत्यु का सामना करते हुए प्रभु यीशु ने  “मृत्यु की रस्सियों” (भजन 116:3) के बारे में गाया। फिर भी उन्होंने परमेश्वर के विश्वासयोग्य प्रेम की प्रशंसा की (भजन 117:2), और उद्धार के लिए उसका धन्यवाद किया (भजन 118:14)। निःसंदेह, उनकी क्रूस के मृत्यु से पहले, प्रभु यीशु को इन भजनों में होकर दिलासा मिली।

         परमेश्वर में प्रभु यीशु का विश्वास इतना दृढ़ था कि अपनी मृत्यु के निकट आने पर भी – ऐसी मृत्यु जिसे भोगने योग्य उन्होंने कोई कार्य नहीं किया था – उन्होंने परमेश्वर के प्रेम के बारे में भजन गाना पसंद किया। प्रभु यीशु के कारण, हम भी यह भरोसा रख सकते हैं कि हमें चाहे जिस परिस्थिति का सामना करना पड़े, हमें घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पिता परमेश्वर सदा हमारे साथ है। - एमी पीटरसन

 

परमेश्वर के अनुग्रह का शब्द कितना मधुर है।


परमेश्वर मेरा बल और भजन का विषय है; वह मेरा उद्धार ठहरा है। - भजन 118:14

बाइबल पाठ: मरकुस 14:16-26

मरकुस 14:16 सो चेले निकलकर नगर में आये और जैसा उसने उन से कहा था, वैसा ही पाया, और फसह तैयार किया।

मरकुस 14:17 जब सांझ हुई, तो वह बारहों के साथ आया।

मरकुस 14:18 और जब वे बैठे भोजन कर रहे थे, तो यीशु ने कहा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम में से एक, जो मेरे साथ भोजन कर रहा है, मुझे पकड़वाएगा।

मरकुस 14:19 उन पर उदासी छा गई और वे एक एक कर के उस से कहने लगे; क्या वह मैं हूं?

मरकुस 14:20 उसने उन से कहा, वह बारहों में से एक है, जो मेरे साथ थाली में हाथ डालता है।

मरकुस 14:21 क्योंकि मनुष्य का पुत्र तो, जैसा उसके विषय में लिखा है, जाता ही है; परन्तु उस मनुष्य पर हाय जिस के द्वारा मनुष्य का पुत्र पकड़वाया जाता है! यदि उस मनुष्य का जन्म ही न होता, तो उसके लिये भला होता।

मरकुस 14:22 और जब वे खा ही रहे थे तो उसने रोटी ली, और आशीष मांगकर तोड़ी, और उन्हें दी, और कहा, लो, यह मेरी देह है।

मरकुस 14:23 फिर उसने कटोरा ले कर धन्यवाद किया, और उन्हें दिया; और उन सब ने उस में से पीया।

मरकुस 14:24 और उसने उन से कहा, यह वाचा का मेरा वह लहू है, जो बहुतों के लिये बहाया जाता है।

मरकुस 14:25 मैं तुम से सच कहता हूं, कि दाख का रस उस दिन तक फिर कभी न पीऊंगा, जब तक परमेश्वर के राज्य में नया न पीऊं।

मरकुस 14:26 फिर वे भजन गाकर बाहर जैतून के पहाड़ पर गए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 34-36
  • कुलुस्सियों 2