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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2015

अद्भुत


   जैसे ही हमारा वायुयान उतरने लगा, विमान परिचारिका ने उतरने से संबंधित जानकारी पढ़नी आरंभ कर दी; उसका बताने का तरीका ऐसा था मानों वह उस दिन में हज़ारवीं बार दोहरा रही हो - ना कोई रुचि और ना ही कोई भावना; रूखी नीरस आवाज़ में उसने जानकारी की सूचि को पढ़कर समाप्त करते हुए कहा, "आपका दिन अत्युत्तम रहे" जबकि उसके कहने के लहज़े में उस दिन को विशेष बताने लायक कुछ भी नहीं था।

   कभी कभी मुझे लगता है कि परमेश्वर के साथ अपने संबंध को हम ऐसे ही देखते हैं - औपचारिक, उबाऊ, बेपरवाह, उदासीन। प्रभु यीशु में होकर हमें परमेश्वर की सन्तान होने, उसके परिवार के सदस्य होने का गौरव प्राप्त हुआ है; लेकिन इस अद्भुत सच्चाई के साथ जो अचरज और आनन्द जुड़ा होना चाहिए अनेक बार वह हमारे जीवनों से दिखाई नहीं देता।

   अय्युब ने परमेश्वर से अपनी परेशानियों और दुखों को लेकर प्रश्न किया, लेकिन जब परमेश्वर ने उसे उत्तर देना और उससे अपनी सृष्टि की अद्भुत बातें बयान करना आरंभ किया तो अय्युब अपने सृष्टिकर्ता और उसकी अद्भुत सृष्टि का वर्णन सुनकर नतमस्तक हो गया, और शर्मिंदगी के साथ परमेश्वर से बोला, तू ने पूछा "तू कौन है जो ज्ञान रहित हो कर युक्ति पर परदा डालता है? परन्तु मैं ने तो जो नहीं समझता था वही कहा, अर्थात जो बातें मेरे लिये अधिक कठिन और मेरी समझ से बाहर थीं जिन को मैं जानता भी नहीं था" (अय्युब 42:3)।

   मेरी लालसा है कि परमेश्वर और मेरे प्रति उसके अद्भुत प्रेम की अद्भुत सच्चाई मेरे मन को पकड़ ले, वश में कर ले - प्रभु यीशु पर लाए गए विश्वास द्वारा परमेश्वर की सन्तान हो जाना - क्या ही अद्भुत बात है! - बिल क्राउडर


परमेश्वर और हमारे प्रति उसके प्रेम से बढ़कर अद्भुत कोई भी अन्य बात नहीं है।

देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्यूब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है। - याकूब 5:11

बाइबल पाठ: अय्युब 42:1-6
Job 42:1 तब अय्यूब ने यहोवा को उत्तर दिया; 
Job 42:2 मैं जानता हूँ कि तू सब कुछ कर सकता है, और तेरी युक्तियों में से कोई रुक नहीं सकती। 
Job 42:3 तू कौन है जो ज्ञान रहित हो कर युक्ति पर परदा डालता है? परन्तु मैं ने तो जो नहीं समझता था वही कहा, अर्थात जो बातें मेरे लिये अधिक कठिन और मेरी समझ से बाहर थीं जिन को मैं जानता भी नहीं था। 
Job 42:4 मैं निवेदन करता हूं सुन, मैं कुछ कहूंगा, मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, तू मुझे बता दे। 
Job 42:5 मैं कानों से तेरा समाचार सुना था, परन्तु अब मेरी आंखें तुझे देखती हैं; 
Job 42:6 इसलिये मुझे अपने ऊपर घृणा आती है, और मैं धूलि और राख में पश्चात्ताप करता हूँ।

एक साल में बाइबल: यिर्मयाह 18-19; 2 तिमुथियुस 3

बुधवार, 28 अक्टूबर 2015

प्रतीक्षा


   आज के समय में, जब कि तत्क्षण संपर्क और संवाद के विभिन्न साधन सहजता से उपलब्ध हैं, तब भी लोग दूसरों से उत्तर मिलने की प्रतीक्षा नहीं कर पाते। मेरे एक जानकार ने अपनी पत्नि को पहले एक ईमेल भेजा, और फिर उससे फोन पर बात करने लगा, क्योंकि वह ईमेल के उत्तर की प्रतीक्षा नहीं कर पा रहा था!

   कभी कभी हम मनुष्य अधीरता का ऐसा ही रवैया परमेश्वर के प्रति भी रखते हैं, विशेषकर तब, जब वह हमारी प्राथनाओं के उत्तर तुरंत नहीं देता। हम ही नहीं, परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने भी कुछ ऐसा ही रवैया दिखाते हुए कहा, "हे यहोवा, फुर्ती कर के मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कबर में पड़े हुओं के समान हो जाऊं" (भजन 143:7)।

   लेकिन परमेश्वर हमें धैर्य के पाठ पढ़ा कर हमारे विश्वास को दृढ़ करता है। दाऊद को लड़कपन में ही इस्त्राएल का राजा होने के लिए अभिशेक कर दिया गया था, लेकिन उसे वर्षों तक शाऊल के क्रोध से जान बचाते हुए यहाँ से वहाँ भागना पड़ा, तब ही जाकर वह राजा बन सका। इन बातों से दाऊद निराश नहीं हुआ, वरन उसने लिखा, "यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह" (भजन 27:14)। अपने एक अन्य भजन में दाऊद लिखता है, "मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है" (भजन 40:1-2)। परमेश्वर पर अपने इसी विश्वास के कारण आगे चलकर दाऊद के विषय परमेश्वर ने कहा, "... कि मुझे एक मनुष्य यिशै का पुत्र दाऊद, मेरे मन के अनुसार मिल गया है। वही मेरे सारी इच्छा पूरी करेगा" (प्रेरितों 13:22; 1 शमूएल 13:14)।

   जब हम परिस्थितियों और परेशानियों से, तथा परमेश्वर से प्रार्थना का उत्तर ना मिल पाने से निराश होने लगें तो दाऊद के जीवन का यह उदाहरण स्मरण और ध्यान रखें कि परमेश्वर हमारे विश्वास और चरित्र के विकास में रुचि रखता है (याकूब 1:2-4) और इसके लिए जो भी आवश्यक है वह करता है, चाहे वह विलंब ही क्यों ना हो! परमेश्वर के समय और उपाय की प्रतीक्षा करना सीखें, परिणाम लाभप्रद ही होंगे। - डेनिस फिशर


परमेश्वर हमारे धैर्य को खींचकर हमारे विश्वास के आकार को बढ़ाता है।

हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे। - याकूब 1:2-4

बाइबल पाठ: भजन 27
Psalms 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? 
Psalms 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psalms 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचिंत रहूंगा।
Psalms 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।
Psalms 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा। 
Psalms 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा; और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा; और उसका भजन गाऊंगा।
Psalms 27:7 हे यहोवा, मेरा शब्द सुन, मैं पुकारता हूं, तू मुझ पर अनुग्रह कर और मुझे उत्तर दे। 
Psalms 27:8 तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा। 
Psalms 27:9 अपना मुख मुझ से न छिपा। अपने दास को क्रोध कर के न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे! 
Psalms 27:10 मेरे माता पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा।
Psalms 27:11 हे यहोवा, अपने मार्ग में मेरी अगुवाई कर, और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल। 
Psalms 27:12 मुझ को मेरे सताने वालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरुद्ध उठे हैं।
Psalms 27:13 यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूर्च्छित हो जाता। 
Psalms 27:14 यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 15-17
  • 2 तिमुथियुस 2


मंगलवार, 27 अक्टूबर 2015

सामर्थी सहायक


   एक दिन प्रातः बहुत तड़के तेज़ हवा चलने लगी और बारिश की मोटी मोटी बूँदें मेरे घर पर कंकरों के समान गिरने लगीं। मैंने बाहर झाँककर धुँधले पीले-स्लेटी आकाश को और तेज़ हवा के थपेड़ों से पेड़ों को हिलते हुए देखा। आकाश में बिजली बार बार तेज़ी से कौंध रही थी और उसके कड़कने की आवाज़ हड्डियों को भी हिला रही थी। घर के अन्दर की बिजली कभी आती और कभी चली जाती, और मैं सोच में थी कि यह तूफान कब तक चलेगा?

   उस तूफान के गुज़र जाने के बाद मैंने अपने दैनिक मनन के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल को खोला। मेरा ध्यान बाइबल में अय्युब की पुस्तक के उस भाग पर गया जहाँ तूफान के बल को परमेश्वर की सामर्थ को समझाने के लिए उपयोग किया गया है। अय्युब के मित्र एलिहू ने कहा, "ईश्वर गरज कर अपना शब्द अद्भूत रीति से सुनाता है, और बड़े बड़े काम करता है जिन को हम नहीं समझते" (अय्युब 37:5); "वह बिजली को अपने हाथ में ले कर उसे आज्ञा देता है कि दुश्मन पर गिरे" (अय्युब 36:32)। वास्तव में परमेश्वर "अति सामर्थी" है (अय्युब 37:23)।

   अति सामर्थी परमेश्वर के सामने हम मनुष्य बहुत ही सामर्थहीन हैं। ना तो हम अपने आप को आत्मिक रीति से संभाले रख सकते हैं, ना अपने मनों को स्वस्थ रख सकते हैं और ना ही उस अन्याय का कोई समाधान कर पाते हैं जिसे हमें अकसर सहना पड़ता है। लेकिन वह अति सामर्थी परमेश्वर हमें संभालता है, हमारी चिंता करता है, क्योंकि उसे हमारी सृष्टि स्मरण रहती है (भजन103:14)। ना केवल वह हमारी देखभाल और चिंता करता है वरन "वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है" (यशायाह 40:29)। हम मसीही विश्वासी इस बात द्वारा आश्वस्त और निशचिंत रह सकते हैं कि हमारा परमेश्वर पिता हमारा सामर्थी सहायक भी है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर ही हमारी सामर्थ का स्त्रोत है।

क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है। - भजन 103:14 

बाइबल पाठ: अय्युब 37:14-24
Job 37:14 हे अय्यूब! इस पर कान लगा और सुन ले; चुपचाप खड़ा रह, और ईश्वर के आश्चर्यकर्मों का विचार कर। 
Job 37:15 क्या तू जानता है, कि ईश्वर क्योंकर अपने बादलों को आज्ञा देता, और अपने बादल की बिजली को चमकाता है? 
Job 37:16 क्या तू घटाओं का तौलना, वा सर्वज्ञानी के आश्चर्यकर्म जानता है? 
Job 37:17 जब पृथ्वी पर दक्खिनी हवा ही के कारण से सन्नाटा रहता है तब तेरे वस्त्र क्यों गर्म हो जाते हैं? 
Job 37:18 फिर क्या तू उसके साथ आकाशमण्डल को तान सकता है, जो ढाले हुए दर्पण के तुल्य दृढ़ है? 
Job 37:19 तू हमें यह सिखा कि उस से क्या कहना चाहिये? क्योंकि हम अन्धियारे के कारण अपना व्याख्यान ठीक नहीं रच सकते। 
Job 37:20 क्या उसको बताया जाए कि मैं बोलना चाहता हूँ? क्या कोई अपना सत्यानाश चाहता है? 
Job 37:21 अभी तो आकाशमण्डल में का बड़ा प्रकाश देखा नहीं जाता जब वायु चलकर उसको शुद्ध करती है। 
Job 37:22 उत्तर दिशा से सुनहली ज्योति आती है ईश्वर भययोग्य तेज से आभूषित है। 
Job 37:23 सर्वशक्तिमान जो अति सामथीं है, और जिसका भेद हम पा नहीं सकते, वह न्याय और पूर्ण धर्म को छोड़ अत्याचार नहीं कर सकता। 
Job 37:24 इसी कारण सज्जन उसका भय मानते हैं, और जो अपनी दृष्टि में बुद्धिमान हैं, उन पर वह दृष्टि नहीं करता।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 12-14
  • 2 तिमुथियुस 1


सोमवार, 26 अक्टूबर 2015

भीतर और बाहर


   मेरी पत्नि मार्टी खरीददारी करने में बड़ी सावधानी बरतती है, वह निश्चित करती है कि जो वह परिवार के लिए खरीद रही है वह पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक है। चाहे उस वस्तु को कितनी भी आकर्षक पैकिंग में क्यों ना रखा गया हो, मार्टी बाहर से दिखने वाले स्वरूप पर नहीं जाती; वह पैकिंग पर लिखा देखती है कि प्रत्येक वस्तु में क्या कुछ डाला गया है क्योंकि अनेक प्रकार के पदार्थ भोजन वस्तुओं को खराब होने से बचाने के लिए उनमें मिलाए जाते हैं और उन पदार्थों में से कुछ स्वस्थ्य के लिए हानिकारक भी होते हैं। इसलिए चाहे उन पदार्थों के नाम पढ़ने में कितने भी कठिन क्यों ना हों, मार्टी उन्हें ध्यान से पढ़कर, उनकी जानकारी लेकर तब ही खरीदती है; यदि कोई वस्तु हानिकारक या अनजाने पदार्थों वाली होती है तो वह उसे वापस रख देती है। मार्टी को अपने तथा अपने परिवार के लिए बाहर से सुन्दर तथा आकर्षक दिखने वाली नहीं वरन अन्दर से अच्छी और स्वास्थ्यवर्धक वस्तुएं चाहिएं।

   मैंने अकसर यह सोचा है कि मार्टी का खरीददारी करने का तरीका परमेश्वर का अपने लिए हमारी उपयोग्यता का आँकलन करने के तरीके के समान है। परमेश्वर भी हमारे जीवनों के बाहरी स्वरूप और सज्जा या अन्य मनुष्यों द्वारा हमारे बारे में रखी गई राय के आधार पर नहीं वरन हम जैसे अन्दर से हैं, जो हमारे मनों में है, उसके अनुसार हमारा आँकलन करता है। इसलिए कोई अचरज की बात नहीं कि परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन का लेखक कहता है, "सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है" (नीतिवचन 4:23)। संसार की रीति के अनुसार सही फैशन के कपड़े पहनना, अपने आप को सजाए-संवारे रखना, जवान दिखते रहने के प्रयास करते रहना आदि ठीक है, परन्तु इन बातों का कोई महत्व नहीं यदि हमारे मनों में लालच, घृणा, कुड़कुड़ाना, बैर, विरोध, आत्मग्लानि आदि हानिकारक और अनुपयोगी बातें भरी हुई हैं; ये ना तो हमारे अपने स्वास्थ्य के लिए अच्छी होंगी और ना ही हमें परमेश्वर के लिए उपयोगी बनने देंगी।

   इसलिए हमें अपने आप से प्रश्न करना है: जब लोग हमारे बाहरी स्वरूप से पार होकर हमारे भीतरी मनुष्यतव को देखते हैं तो उन्हें क्या दिखाई देता है? क्या मेरी बाहरी सुन्दरता के बाद उन्हें मेरे अन्दर स्वस्थ मसीही चरित्र और गुण नज़र आते हैं? यदि हमारे जीवन आत्मा के फलों (गलतियों 5:22-23) से भरे होंगे, तो हमारे जीवन परमेश्वर के लिए उपयोगी और हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु को महिमा देने वाले, उसकी गवाही देनेवाले भी होंगे। - जो स्टोवैल


आपके बाहरी स्वरूप और सज्जा से कहीं अधिक महत्वपूर्ण आपके मन की दशा और बातें हैं।

पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं। - गलतियों 5:22-23

बाइबल पाठ: नीतिवचन4:14-27
Proverbs 4:14 दुष्टों की बाट में पांव न धरना, और न बुरे लोगों के मार्ग पर चलना। 
Proverbs 4:15 उसे छोड़ दे, उसके पास से भी न चल, उसके निकट से मुड़ कर आगे बढ़ जा। 
Proverbs 4:16 क्योंकि दुष्ट लोग यदि बुराई न करें, तो उन को नींद नहीं आती; और जब तक वे किसी को ठोकर न खिलाएं, तब तक उन्हें नींद नहीं मिलती। 
Proverbs 4:17 वे तो दुष्टता से कमाई हुई रोटी खाते, और उपद्रव के द्वारा पाया हुआ दाखमधु पीते हैं। 
Proverbs 4:18 परन्तु धर्मियों की चाल उस चमकती हुई ज्योति के समान है, जिसका प्रकाश दोपहर तक अधिक अधिक बढ़ता रहता है। 
Proverbs 4:19 दुष्टों का मार्ग घोर अन्धकारमय है; वे नहीं जानते कि वे किस से ठोकर खाते हैं।
Proverbs 4:20 हे मेरे पुत्र मेरे वचन ध्यान धरके सुन, और अपना कान मेरी बातों पर लगा। 
Proverbs 4:21 इन को अपनी आंखों की ओट न होने दे; वरन अपने मन में धारण कर। 
Proverbs 4:22 क्योंकि जिनको वे प्राप्त होती हैं, वे उनके जीवित रहने का, और उनके सारे शरीर के चंगे रहने का कारण होती हैं। 
Proverbs 4:23 सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है। 
Proverbs 4:24 टेढ़ी बात अपने मुंह से मत बोल, और चालबाजी की बातें कहना तुझ से दूर रहे। 
Proverbs 4:25 तेरी आंखें साम्हने ही की ओर लगी रहें, और तेरी पलकें आगे की ओर खुली रहें। 
Proverbs 4:26 अपने पांव धरने के लिये मार्ग को समथर कर, और तेरे सब मार्ग ठीक रहें। 
Proverbs 4:27 न तो दाहिनी ओर मुढ़ना, और न बाईं ओर; अपने पांव को बुराई के मार्ग पर चलने से हटा ले।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 9-11
  • 1 तिमुथियुस 6


रविवार, 25 अक्टूबर 2015

प्रेम और जानना


   जौनथन सफरन फोएर के लिखे एक उपन्यास का एक पात्र न्यू यॉर्क शहर में स्थित एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के विष्य बातचीत करते हुए कहता है, "मैं इस इमारत को जानता हूँ क्योंकि मैं इस इमारत से प्रेम करता हूँ।"

   इस वाक्य ने मुझे प्रेम और जानने के बीच के संबंध पर विचार करने को विवश किया। जब भी हम किसी चीज़ से प्रेम करते हैं, हम उसके बारे में सब कुछ जानना चाहते हैं। जब हम किसी स्थान से प्रेम करते हैं, हम उसके प्रत्येक इंच की खोज-बीन करना चाहते हैं। जब हम किसी व्यक्ति से प्रेम करते हैं तो हम उसके जीवन की सभी बातों का संपूर्ण विवरण जानना चाहते हैं - वह कहाँ से है, उसे क्या पसन्द है, वह कहाँ और किन बातों में समय बिताता है, उसके मित्र कौन हैं, वह किन बातों पर विश्वास रखता है, आदि। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो प्रेम तो चाहते हैं परन्तु यह नहीं चाहते कि कोई उन्हें जाने; उन्हें भय होता है कि यदि उनकी सारी बातें लोगों को मालूम पड़ गईं तो फिर लोग उनसे प्रेम नहीं करेंगे।

   लेकिन परमेश्वर के साथ हमें इस बात को लेकर चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। परमेश्वर का प्रेम मनुष्यों के प्रेम से कहीं बढ़कर है: "परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा" (रोमियों 5:8)। ना केवल परमेश्वर ने प्रभु यीशु में होकर अपने प्रेम को हम पर प्रगट किया है, अपनी सृष्टि और अपने वचन बाइबल के द्वारा परमेश्वर अपने चरित्र और गुण भी हमपर प्रगट करता है। क्योंकि हमारी कमी-घटियों के बावजूद परमेश्वर हम से प्रेम करता है, हमारी अन्दर-बाहर की सारी दशा से भली-भांति अवगत होने के बावजूद वह हमारे साथ संबंध बनाना चाहता है, इसलिए किसी बात से डर कर उससे कुछ भी छुपाने की हमें कोई आवश्यकता नहीं है; हम निसंकोच होकर अपनी हर बात उसके सामने रख सकते हैं, खुले दिल से अपने पापों को भी उसके सामने मान सकते हैं क्योंकि वह तो उन्हें पहले से ही जानता है।

   इसीलिए परमेश्वर को जानना उससे प्रेम करना है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


इससे बढ़कर कोई दूसरा आनन्द नहीं कि हम जानें कि परमेश्वर हम से प्रेम करता है।

प्रेम में भय नहीं होता, वरन सिद्ध प्रेम भय को दूर कर देता है, क्योंकि भय से कष्‍ट होता है, और जो भय करता है, वह प्रेम में सिद्ध नहीं हुआ। हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उसने हम से प्रेम किया। - 1 यूहन्ना 4:18-19

बाइबल पाठ: रोमियों 5:6-11
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। 
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। 
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। 
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? 
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? 
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 6-8
  • 1 तिमुथियुस 5


शनिवार, 24 अक्टूबर 2015

नया जीवन


   क्रिस सिंप्सन का जीवन घृणा से भरा हुआ था। अपने पहले बच्चे की म्रुत्यु से आहत होकर क्रिस चकरा गया, क्रोध और रोष से भर गया। उसने अपने क्रोध का निशाना विभिन्न जातीय समुदायों को बनाया और अपने शरीर पर घृणा से भरे अनेक वाक्य गुदवा लिए। लेकिन जब क्रिस ने अपने बेटे को उसी घृणा की नकल करते देखा तो उसे एहसास हुआ कि उसे अपना रवैया बदलना होगा। उन्हीं दिनों उसने साहस पर बनी मसीही विश्वास से संबंधित एक फिल्म देखी और फिर चर्च जाना आरंभ कर दिया। इसके एक माह पश्चात क्रिस ने प्रभु यीशु का अनुयायी बन कर अपने मसीही विश्वास की गवाही के रूप में बप्तिस्मा लिया। आज क्रिस सिंप्सन एक नया व्यक्ति है, उसने अपने घृणा से भरे जीवन को पीछे छोड़ दिया है और अब वह कष्टदायक तथा महंगी प्रक्रिया में लगा है - अपने बीते जीवन के चिन्हों, उन घृणापूर्ण गोदनों को अपने शरीर से हटाने की प्रक्रिया।

   प्रेरित पौलुस भी इसी प्रकार के जीवन परिवर्तन के गहरे अनुभव से होकर निकला था। पहले वह प्रभु यीशु मसीह से नफरत करता था और प्रभु यीशु के अनुयायियों को सताता था (प्रेरितों 22:4-5; 1 कुरिन्थियों 15:9)। लेकिन प्रभु यीशु मसीह से हुए उसके व्यक्तिगत साक्षत्कार तथा परिणमस्वरूप मसीह यीशु से बने आत्मिक संबंध ने यह सब कुछ बदल दिया। प्रभु यीशु ने जो कार्य क्रूस पर समस्त मानवजाति के लिए किया है उसने पौलुस को अपने जीवन पर पुनःविचार करने के लिए बाध्य किया। प्रभु यीशु के साथ जुड़े इस आत्मिक संबंध ने पौलुस को एक नया मनुष्य बना दिया; अतीत के पाप, मृत्यु और स्वार्थ का पुराना नज़रिया बदल गया, उसके स्थान पर एक नई वाचा, एक नया नज़रिया और जीवन की नई शैली आ गई।

   जब प्रभु यीशु जीवन में आते हैं तो जीवन परिवर्तित हो जाता है; पुरानी बातें बीत जाती हैं (2 कुरिन्थियों 5:17), आशीष और आनन्द से भरा एक नया जीवन आरंभ हो जाता है। - मार्विन विलियम्स


मसीह यीशु में होना नवीनिकरण मात्र नहीं वरन नया र्सृजन है।

मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूं तो केवल उस विश्वास से जीवित हूं, जो परमेश्वर के पुत्र पर है, जिसने मुझ से प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आप को दे दिया। - गलतियों 2:20 

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:12-21
2 Corinthians 5:12 हम फिर भी अपनी बड़ाई तुम्हारे साम्हने नहीं करते वरन हम अपने विषय में तुम्हें घमण्‍ड करने का अवसर देते हैं, कि तुम उन्हें उत्तर दे सको, जो मन पर नहीं, वरन दिखवटी बातों पर घमण्‍ड करते हैं। 
2 Corinthians 5:13 यदि हम बेसुध हैं, तो परमेश्वर के लिये; और यदि चैतन्य हैं, तो तुम्हारे लिये हैं। 
2 Corinthians 5:14 क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए। 
2 Corinthians 5:15 और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। 
2 Corinthians 5:16 सो अब से हम किसी को शरीर के अनुसार न समझेंगे, और यदि हम ने मसीह को भी शरीर के अनुसार जाना था, तौभी अब से उसको ऐसा नहीं जानेंगे। 
2 Corinthians 5:17 सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। 
2 Corinthians 5:18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है। 
2 Corinthians 5:19 अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
2 Corinthians 5:20 सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो। 
2 Corinthians 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 3-5
  • 1 तिमुथियुस 4


शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2015

जीवन


   जब सन 1997 में मदर टेरेसा का देहान्त हुआ तब लोगों ने समाज के ज़रूरतमन्दों और तिरिस्कृत लोगों के लिए उनके निस्वार्थ प्रेम और दीनता से करी गई सेवकाई के जीवन को अचंभे के साथ स्मरण किया। उन्होंने 50 वर्ष तक मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी नामक संस्था के द्वारा भारत के कोलकता शहर में दरिद्र, बीमार, अनाथ और मर्णासन लोगों की सेवा करी थी।

   मदर टेरेसा के साथ अनेक व्यापक साक्षात्कारों के बाद इंगलैंड के पत्रकार मैल्कॉम मग्गरिज ने उनके विष्य में लिखा, "आज अपनी एक पहचान खोजने के बारे में बहुत चर्चा है, मानो यह कोई ऐसी चीज़ है जिसे खोजा जा सकता है, जैसे कोई लॉटरी जीतने वाले नंबर हो - जो यदि मिल जाए तो उसे खज़ाने के समान संभाल कर सुरक्षित कर लें। लेकिन सच्चाई तो यह है कि पहचान को हम जितना खर्च करते हैं, वह उतनी ही बढ़ती जाती है। यही मदर टेरेसा के साथ भी हुआ है, अपने आप को दूसरों के लिए मिटा देने के द्वारा वे वह बन गईं जो आज हैं; मैंने आज तक उनके जैसा स्मरणयोग्य व्यक्तित्व नहीं देखा।"

   मुझे लगता है कि हम में से बहुतेरे प्रभु यीशु की कही बात मानने से इसलिए कतराते हैं क्योंकि हमें सन्देह रहता है कि यदि मान लिया तो ना जाने क्या हो जाएगा? प्रभु यीशु ने कहा, "यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इन्कार करे और प्रति दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले। क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहेगा वह उसे खोएगा, परन्तु जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा वही उसे बचाएगा" (लूका 9:23-24)।

   प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों को याद दिलाया कि वह उन्हें बहुतायत से जीवन देने आया है (यूहन्ना 10:10)। जब हम प्रभु यीशु को अपने जीवन दे देते हैं तो उसमें मिलने वाली जीवन की भरपूरी को पा लेते हैं। प्रभु यीशु में आज संसार के हर जन के लिए जीवन की भरपूरी सेंत-मेंत उपलब्ध है; समय रहते इसे ले लीजिए। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब हम मसीह यीशु में अपने जीवन खो देते हैं, तो उसी में जीवन की भरपूरी को भी पा लेते हैं।

द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं। - यूहन्ना 10:9-10

बाइबल पाठ: लूका 9:18-27
Luke 9:18 जब वह एकान्‍त में प्रार्थना कर रहा था, और चेले उसके साथ थे, तो उसने उन से पूछा, कि लोग मुझे क्या कहते हैं? 
Luke 9:19 उन्होंने उत्तर दिया, युहन्ना बपतिस्मा देनेवाला, और कोई कोई एलिय्याह, और कोई यह कि पुराने भविष्यद्वक्ताओं में से कोई जी उठा है। 
Luke 9:20 उसने उन से पूछा, परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो? पतरस ने उत्तर दिया, परमेश्वर का मसीह। 
Luke 9:21 तब उसने उन्हें चिताकर कहा, कि यह किसी से न कहना। 
Luke 9:22 और उसने कहा, मनुष्य के पुत्र के लिये अवश्य है, कि वह बहुत दुख उठाए, और पुरिनए और महायाजक और शास्त्री उसे तुच्‍छ समझकर मार डालें, और वह तीसरे दिन जी उठे। 
Luke 9:23 उसने सब से कहा, यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इन्कार करे और प्रति दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले। 
Luke 9:24 क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहेगा वह उसे खोएगा, परन्तु जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा वही उसे बचाएगा। 
Luke 9:25 यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपना प्राण खो दे, या उस की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? 
Luke 9:26 जो कोई मुझ से और मेरी बातों से लजाएगा; मनुष्य का पुत्र भी जब अपनी, और अपने पिता की, और पवित्र स्वर्ग दूतों की, महिमा सहित आएगा, तो उस से लजाएगा। 
Luke 9:27 मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो यहां खड़े हैं, उन में से कोई कोई ऐसे हैं कि जब तक परमेश्वर का राज्य न देख लें, तब तक मृत्यु का स्‍वाद न चखेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 1-2
  • 1 तिमुथियुस 3