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शनिवार, 4 जनवरी 2020

भरोसा


      बॉस्टन ग्लोब में लिखने वाले एक लेखक, जेफ़ जेकोबी ने लिखा, “विशेषज्ञों में एक विलक्षण प्रतिभा होती है, बातों का बिलकुल भयावह रूप से गलत और अपेक्षा के बिलकुल विपरीत आँकलन एवं अनुमान प्रदान करने की।” इतिहास पर एक झलक डालने से हम  पाते हैं कि उसका कहना बिलकुल सही है। उदाहरण के लिए, महान अविष्कारक थॉमस एडिसन ने एक बार कहा था कि बोलने वाली फ़िल्में कभी भी मूक फिल्मों का स्थान नहीं लेने पाएंगी। हेनरी फोर्ड ने 1928 में घोषणा करी कि “लोग अब इतने समझदार हो चले हैं कि अब फिर कभी कोई और युद्ध नहीं होगा।” अनेकों विशेषज्ञों द्वारा की गयी ऐसी ही अनेकों गलत भविष्यवाणियाँ जेफ़ की कही गई बात का प्रमाण हैं। स्पष्ट है कि प्रतिभा और बुद्धिमता की भी अपनी ही सीमाएं होती हैं।

      केवल एक ही है जिस पर पूरा भरोसा किया जा सकता है, जिसकी कोई बात कभी गलत प्रमाणित नहीं हुई है, और ‘विशेषज्ञ’ कहलाए जाने वालों के लिए वह कुछ कठोर शब्द कहता है। परमेश्वर के वचन बाइबल से हम देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह के पृथ्वी के दिनों के धार्मिक अगुवे सत्य की पहचान रखने का दावा करते थे। वे धर्मशास्त्री और विद्वान समझते थे कि जब प्रतिज्ञा किया हुआ मसीहा आएगा तो वह कैसा होगा, इसका उन्हें अच्छे से पता है। परन्तु उन्होंने प्रभु यीशु मसीह को, प्रभु के द्वारा दिए गए समस्त प्रमाणों और स्पष्टीकरणों के बावजूद न तो पहचाना और न ही उस पर विश्वास किया।

      प्रभु यीशु ने उन्हें सचेत किया, “तुम पवित्र शास्त्र में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उस में अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है। फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते” (यूहन्ना 5:39-40)।

      इस नए वर्ष के आरंभ होने पर हम इस वर्ष के लिए अनेकों भविष्यवाणियाँ सुनेंगे और पढ़ेंगे, कुछ बहुत ही भयावह होंगी तो कुछ अत्याधिक सुखद और आशावान; और इन सभी को बड़े भरोसे और अधिकार के साथ बताया जाएगा। इन्हें सुनकर न तो चिंतित या निराश हों और न ही लापरवाह। हम मसीही विश्वासियों का भरोसा मनुष्यों की बातों पर नहीं वरन उस पर है जिसने सृष्टि को रचा है और जो उसका नियंत्रण एवं संचालन करता है – प्रभु यीशु मसीह पर। प्रभु परमेश्वर के वचन पर दृढ़ और स्थिर बने रहें, उस पर पूर्ण भरोसा बनाए रखें, क्योंकि हम मसीही विश्वासियों के जीवनों और भविष्य को निर्धारित एवं संचालित करने वाला हमारा प्रभु ही है। - टिम गुस्ताफ्सन

भविष्य को जानना अनिश्चित है; 
अपने लिए निश्चित कर लें कि आप उसे जानते हैं जिसके हाथ में भविष्य है।

पर तुम चौकस रहो: देखो, मैं [प्रभु यीशु] ने तुम्हें सब बातें पहिले ही से कह दी हैं। - मरकुस 13:23

बाइबल पाठ: यूहन्ना 5:31-40
John 5:31 यदि मैं आप ही अपनी गवाही दूं; तो मेरी गवाही सच्ची नहीं।
John 5:32 एक और है जो मेरी गवाही देता है, और मैं जानता हूँ कि मेरी जो गवाही देता है वह सच्ची है।
John 5:33 तुम ने यूहन्ना से पुछवाया और उसने सच्चाई की गवाही दी है।
John 5:34 परन्तु मैं अपने विषय में मनुष्य की गवाही नहीं चाहता; तौभी मैं ये बातें इसलिये कहता हूं, कि तुम्हें उद्धार मिले।
John 5:35 वह तो जलता और चमकता हुआ दीपक था; और तुम्हें कुछ देर तक उस की ज्योति में, मगन होना अच्छा लगा।
John 5:36 परन्तु मेरे पास जो गवाही है वह यूहन्ना की गवाही से बड़ी है: क्योंकि जो काम पिता ने मुझे पूरा करने को सौंपा है अर्थात यही काम जो मैं करता हूं, वे मेरे गवाह हैं, कि पिता ने मुझे भेजा है।
John 5:37 और पिता जिसने मुझे भेजा है, उसी ने मेरी गवाही दी है: तुम ने न कभी उसका शब्द सुना, और न उसका रूप देखा है।
John 5:38 और उसके वचन को मन में स्थिर नहीं रखते क्योंकि जिसे उसने भेजा उस की प्रतीति नहीं करते।
John 5:39 तुम पवित्र शास्त्र में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उस में अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है।
John 5:40 फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 10-12 
  • मत्ती 4

शुक्रवार, 3 जनवरी 2020

महिमा



      यूरोप घूमने का एक आनन्द है वहाँ स्थित उन भव्य और विशाल चर्च भवनों (कैथीड्रल्स) को देख पाना जो वहाँ के अनेकों स्थानों पर बने हुए हैं। वे भवन बहुत सुन्दर हैं और ऊँचें हैं। उनकी वस्तुकला, उनके अंदर बनी कलाकृतियाँ, और उन सब में पाई जाने वाली प्रतीकात्मकता एक भव्य तथा चम्तकारिक अनुभव प्रदान करती है।

      मैं जब यह सोच रहा था कि इन भवनों को परमेश्वर की महिमा और कल्पना से भी परे उसके वैभव की अनुभूति देने के लिए बनाया गया था, तब साथ ही मेरे मन में यह विचार भी आया कि हम अपने हृदय और मस्तिष्क में परमेश्वर की इस महान महिमा और वैभव को कैसे सजीव रख सकते हैं जिससे हमें बारंबार उसकी महानता का एहसास होता रहे।

      ऐसा करने का एक तरीका हो सकता मानव-निर्मित भव्य रचनाओं से दृष्टि ऊपर उठा कर परमेश्वर की रचना की महानता पर विचार करें। सितारों से भारे रात के आकाश को देखने से ही परमेश्वर की उस सामर्थ्य का एहसास होने लगता है जिसके द्वारा उसने कहा और यह सब हो गया। एक नवजात शिशु को अपने हाथों में लें और और जीवन के आश्चर्यकर्म के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें। बर्फ से ढके ऊंचे पहाड़ों और विशाल महासागरों तथा उनमें रहने वाले असंख्य परमेश्वर द्वारा रचे गए जीवों के बारे में विचार करें, और उस सामर्थ्य की कल्पना करने का प्रयास करें जो इन सब को संभव तथा परस्पर ताल-मेल के साथ बनाए रखने तथा चलाने के लिए आवश्यक है।

      परमेश्वर की ओर संकेत करने वाली भव्य गगन-चुंबी इमारतें बनाने में मनुष्यों ने कुछ गलत नहीं किया है। परन्तु हमारी सबसे सच्ची सराहना और प्रशंसा परमेश्वर के वचन के इस पद, “हे यहोवा! महिमा, पराक्रम, शोभा, सामर्थ्य और वैभव, तेरा ही है; क्योंकि आकाश और पृथ्वी में जो कुछ है, वह तेरा ही है; हे यहोवा! राज्य तेरा है, और तू सभों के ऊपर मुख्य और महान ठहरा है” (1 इतिहास 29:11) के अनुसार, परमेश्वर ही के लिए होनी चाहिए। - डेव ब्रैनन

केवल परमेश्वर ही हमारी आराधना के योग्य है।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 29:10-13

1 Chronicles 29:10 तब दाऊद ने सारी सभा के सम्मुख यहोवा का धन्यवाद किया, और दाऊद ने कहा, हे यहोवा! हे हमारे मूल पुरुष इस्राएल के परमेश्वर! अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू धन्य है।
1 Chronicles 29:11 हे यहोवा! महिमा, पराक्रम, शोभा, सामर्थ्य और वैभव, तेरा ही है; क्योंकि आकाश और पृथ्वी में जो कुछ है, वह तेरा ही है; हे यहोवा! राज्य तेरा है, और तू सभों के ऊपर मुख्य और महान ठहरा है।
1 Chronicles 29:12 धन और महिमा तेरी ओर से मिलती हैं, और तू सभों के ऊपर प्रभुता करता है। सामर्थ्य और पराक्रम तेरे ही हाथ में हैं, और सब लोगों को बढ़ाना और बल देना तेरे हाथ में है।
1 Chronicles 29:13 इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर! हम तेरा धन्यवाद और तेरे महिमायुक्त नाम की स्तुति करते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 7-9
  • मत्ती 3



गुरुवार, 2 जनवरी 2020

दृढ़



      मैं जिस दफ्तर में काम करता हूँ, एक दिन उसके भवन की एक दीवार के साथ-साथ चलते हुए मैंने कॉन्क्रीट के स्लेबस के बीच की दरार में से होकर एक पौधे को उगे हुए और उसमें बहुत सुन्दर फूल को लगे हुए देखा। मैं उसे देखकर बहुत चकित हुआ; उसकी विपरीत परिस्थितयों के बावजूद उस पौधे को उसे बंजर दरार में जड़ जमाने का स्थान मिल गया था और वह पनप तथा फूल रहा था। बाद में मैंने देखा कि उस पौधे के ऊपर लगे हुए एक एयर कंडिश्नर से दिन भर टपकती हुई पानी की बूँदें उसे तर रखती थीं। यद्यपि उस पौधे के लिए परिस्थितियाँ सहायक नहीं थीं परन्तु ‘ऊपर’ से आने वाली ‘सहायता’ ने उसे पनपने और फूल लाने वाला बना दिया था।

      मसीही जीवन में बढ़ना भी कभी-कभी कठिन हो सकता है, परन्तु जब हम मसीह यीशु के साथ दृढ़ बने रहते हैं तो बाधाओं पर पार पाया जा सकता है। हो सकता है कि हमारी परिस्थितियाँ प्रतिकूल हों और निराशाएं बाधा बन जाएँ। परन्तु यदि हम प्रभु यीशु के साथ अपने संबंध में दृढ़ बने रहेंगे तो हम उस अकेले पौधे के समान पनपेंगे और फूलेंगे भी। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रेरित पौलुस का भी यही अनुभव था। उन अत्यंत कठिन परिस्थितियों और परीक्षाओं के बावजूद जिनका उसे सामना करना पड़ा (2 कुरिन्थियों 11:23-27) उसने हार नहीं मानी; वह प्रभु में दृढ़ बना ही रहा। वह लिखता है, “यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है” (फिलिप्पियों 3:12, 14)।

      पौलुस को यह भरोसा था कि वह प्रभु की सहायता से सब कुछ कर सकता है (4:13)। यदि हम भी पौलुस के समान प्रत्येक परिस्थिति में प्रभु के साथ दृढ़ बने रहें, तो हम भी सब कुछ कर सकेंगे। - लौरेंस दरमानी

हमें दृढ़ बने रहने और बढ़ने के लिए जिस बल की आवश्यकता है, 
परमेश्वर हमें प्रदान करता है।

जो मुझे सामर्थ्य देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं। - फिलिप्पियों 4:13

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:7-14
Philippians 3:7 परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।
Philippians 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं।
Philippians 3:9 और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
Philippians 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं।
Philippians 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।
Philippians 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।
Philippians 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।
Philippians 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 4-6
  • मत्ती 2



बुधवार, 1 जनवरी 2020

आरंभ



      सभी पाठकों को नव-वर्ष की शुभ कामनाएं।

      दिसंबर के अंत में जब क्रिसमस से संबंधित उत्सव मनाने की सभी प्रक्रियाएं समाप्त हो जाती हैं, तो मेरे विचार आने वाले वर्ष की और जाते हैं। जब मेरे बच्चे स्कूल गए हुए होते हैं, और हमारी दिनचर्या की कार्यवाही कुछ धीमी चल रही होते है, मैं मनन करती हूँ कि पिछला वर्ष मुझे कहाँ तक लेकर आया और नए वर्ष से मुझे क्या आशा है कि वह मुझे कहाँ ले जाएगा। यह मनन कभी-कभी दुःख और खेद से भर देता है, उन गलतियों के कारण जो मैंने की हैं। किन्तु नए वर्ष का नया आरंभ मुझे नई आशा और अपेक्षा से भर देता है। मुझे लगता है कि, पिछला वर्ष चाहे जैसा भी रहा हो, अब मेरे पास एक नया आरंभ करने का अवसर है।

      नए आरंभ की मेरी आशा उन बंधुए इस्राएलियों की आशा के सामने बहुत छोटी होगी जो उन्होंने वापस अपने देश लौट जाने की अनुमति मिलने के समाचार से मिली। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि फारस के राजा कुस्रू ने उन्हें बाबुल में सत्तर वर्ष की बंधुवाई पूरी होने के बाद वापस यहूदा लौट जाने की स्वतंत्रता प्रदान कर दी। उससे पहले का एक राजा नबूकदनेस्सर उन्हें बंधुआ बना कर ले आया था। परन्तु प्रभु परमेश्वर ने कुस्रू को प्रेरित किया कि वह इस्राएलियों को वापस उनके घर को भेजे जिससे वे यरूशलेम में परमेश्वर के मंदिर का पुनःनिर्माण कर सकें (एज्रा 1:2-3)। कुस्रू ने मंदिर से लूट कर लाए गए खज़ाने को भी उन्हें लौटा दिया। परमेश्वर द्वारा उनके लिए नियुक्त देश में, परमेश्वर के चुने हुए लोग होने का उनका जीवन, उनके पाप के कारण उनपर आई बाबुल में लम्बी बंधुवाई के समय के समाप्ति के बाद फिर से आरंभ होने जा रहा था।

      हम मसीही विश्वासियों के लिए आशा और आनन्द का महान कारण है; हमारे जीवनों में पीछे कुछ भी रहा हो, जब हम अपने पापों को मान लेते हैं, तो परमेश्वर हमें क्षमा करके हमें एक नया आरंभ प्रदान करता है। - कर्स्टन होल्मबर्ग

परमेश्वर का अनुग्रह हमें एक नया आरंभ प्रदान करता है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: एजरा 1:1-11
Ezra 1:1 फारस के राजा कुस्रू के पहिले वर्ष में यहोवा ने फारस के राजा कुस्रू का मन उभारा कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था वह पूरा हो जाए, इसलिये उसने अपने समस्त राज्य में यह प्रचार करवाया और लिखवा भी दिया:
Ezra 1:2 कि फारस का राजा कुस्रू यों कहता है: कि स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा ने पृथ्वी भर का राज्य मुझे दिया है, और उसने मुझे आज्ञा दी, कि यहूदा के यरूशलेम में मेरा एक भवन बनवा।
Ezra 1:3 उसकी समस्त प्रजा के लोगों में से तुम्हारे मध्य जो कोई हो, उसका परमेश्वर उसके साथ रहे, और वह यहूदा के यरूशलेम को जा कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का भवन बनाए - जो यरूशलेम में है वही परमेश्वर है।
Ezra 1:4 और जो कोई किसी स्थान में रह गया हो, जहां वह रहता हो, उस स्थान के मनुष्य चान्दी, सोना, धन और पशु दे कर उसकी सहायता करें और इस से अधिक परमेश्वर के यरूशलेम के भवन के लिये अपनी अपनी इच्छा से भी भेंट चढ़ाएं।
Ezra 1:5 तब यहूदा और बिन्यामीन के जितने पितरों के घरानों के मुख्य पुरूषों और याजकों और लेवियों का मन परमेश्वर ने उभारा था कि जा कर यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनाएं, वे सब उठ खड़े हुए;
Ezra 1:6 और उनके आसपास सब रहने वालों ने चान्दी के पात्र, सोना, धन, पशु और अनमोल वस्तुएं देकर, उनकी सहायता की; यह उन सब से अधिक था, जो लोगों ने अपनी अपनी इच्छा से दिया।
Ezra 1:7 फिर यहोवा ने भवन के जो पात्र नबूकदनेस्सर ने यरूशलेम से निकाल कर अपने देवता के भवन में रखे थे,
Ezra 1:8 उन को कुस्रू राजा ने, मिथूदात खजांची से निकलवा कर, यहूदियों के शेशबस्सर नाम प्रधान को गिन कर सौंप दिया।
Ezra 1:9 उनकी गिनती यह थी, अर्थात सोने के तीस और चान्दी के एक हजार परात और उनतीस छुरी,
Ezra 1:10 सोने के तीस और मघ्यम प्रकार के चान्दी के चार सौ दस कटोरे तथा और प्रकार के पात्र एक हजार।
Ezra 1:11 सोने चान्दी के पात्र सब मिल कर पांच हजार चार सौ थे। इन सभों को शेशबस्सर उस समय ले आया जब बन्धुए बाबुल से यरूशलेम को आए।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 1-3
  • मत्ती 1



मंगलवार, 31 दिसंबर 2019

स्मृतियाँ



      परमेश्वर के स्तुतिगान के स्वरों से भरे चर्च में प्रवेश करते ही मैंने उस नए-साल की पूर्व संध्या पर एकत्रित हुए लोगों की भीड़ को देखा, और उसपर एक नज़र दौड़ाई। उन सब को देखकर मेरा हृदय आनन्द और आशा से भर गया; मुझे बीते हुए वर्ष की प्रार्थनाएं स्मरण हो आईं। हमारी चर्च-मण्डली ने सामूहिक रूप से बिगड़े हुए बच्चों, प्रिय जनों के देहांत, लोगों के कार्यों की हानि, और टूटे हुए रिश्तों के लिए शोक मनाया था, उनके लिए प्रार्थनाएं की थीं। हमने परमेश्वर के अनुग्रह का स्वाद भी चखा था जब हमने हृदयों को परिवर्तित होते, और व्यक्तिगत संबंधों को सुधरते हुए देखा था। हमने साथ मिलकर विजयों, विवाहों, दीक्षांत समारोहों, और परमेश्वर के परिवार में सम्मिलित होते समय बप्तिस्मों का उत्सव मनाया था। हमने मण्डली में जन्में, या गोद लिए गए, या परमेश्वर को समर्पित किए गए बच्चों का भी स्वागत किया था।

      हमारे चर्च-मण्डली परिवार ने जिन परेशानियों और परीक्षाओं का अनुभव किया, उन्हें स्मरण करते समय, वैसे ही जैसे यिर्मयाह ने अपने दुःख और मारे-मारे फिरने” को स्मरण किया था (विलापगीत 3:19), मुझे भी यिर्मयाह ही के समान यही विश्वास था कि “हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है” (पद 22)। उस भविष्यद्वकता ने अपने आपको बीते समय में परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के द्वारा आश्वस्त किया, और उसके शब्दों “जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है” (पद 25) ने मुझे भी शान्ति और सांत्वना दी।

      उस रात्रि, हमारी मण्डली का प्रत्येक सदस्य परमेश्वर के जीवन परिवर्तित करने वाले प्रेम का प्रतीक था। आते वर्ष में हमें चाहे जिस भी बात का सामना करना पड़े, मसीह की परस्पर निर्भर देह के अंग होने के नाते, हम उन सभी पर जयवंत रहने के लिए अपने प्रभु परमेश्वर पर भरोसा बनाए रख सकते हैं। और जब हम उसके खोजी तथा एक-दूसरे के सहायक बने रहते हैं, तो हम भी यिर्मयाह के समान अपने विश्वास की पुष्टि और दृढ़ होने की आशा, अपनी प्रेरणादायक स्मृतियों के द्वारा बनाए रख सकते हैं; क्योंकि यह सब परमेश्वर के कभी न बदलने वाले चरित्र और विश्वासयोग्यता पर आधारित है। - जोशील डिक्सन

हम जब नए वर्ष की ओर देखते हैं, 
तो हम यह कभी न भूलें कि 
परमेश्वर सदैव विश्वासयोग्य बना रहा है और बना रहेगा।

आहा, तेरी भलाई क्या ही बड़ी है जो तू ने अपने डरवैयों के लिये रख छोड़ी है, और अपने शरणागतों के लिये मनुष्यों के साम्हने प्रगट भी की है! – भजन 31:19

बाइबल पाठ: विलापगीत 3:19-26
Lamentations 3:19 मेरा दु:ख और मारा मारा फिरना, मेरा नागदौने और-और विष का पीना स्मरण कर!
Lamentations 3:20 मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है।
Lamentations 3:21 परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आाशा है:
Lamentations 3:22 हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है।
Lamentations 3:23 प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।
Lamentations 3:24 मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा।
Lamentations 3:25 जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है।
Lamentations 3:26 यहोवा से उद्धार पाने की आशा रख कर चुपचाप रहना भला है।

एक साल में बाइबल: 
  • मलाकी 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 22



सोमवार, 30 दिसंबर 2019

कार्य



      वर्ष के अंत में, अपूर्ण कार्यों का बोझ हमें व्यथित कर सकता है। घर के अन्दर की और बाहर की जिम्मेदारियों का कोई अंत दिखता प्रतीत नहीं होता है, और आज के अपूर्ण कार्य कल में चले जाते हैं। परन्तु मसीही विश्वास की हमारी यात्रा में ऐसे समय आते हैं जब हमें थोड़ा थम कर पूर्ण हो चुके कार्यों के लिए तथा हमारे साथ उसकी सदा बनी रही विश्वासयोग्यता के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस और बरनबास अपनी पहली प्रचार यात्रा के अंत में, “वहां से जहाज से अन्‍ताकिया में आए, जहां से वे उस काम के लिये जो उन्होंने पूरा किया था परमेश्वर के अनुग्रह पर सौंपे गए थे” (प्रेरितों 14:26)। यद्यपि प्रभु यीशु के सुसमाचार का अन्य लोगों के साथ बाँटने का बहुत सा कार्य अभी शेष था, फिर भी उन्होंने जितना कार्य हो गया था उसके लिए परमेश्वर का धन्यवाद दिया, सारे चर्च के साथ मिलकर, “वहां पहुंचकर, उन्होंने कलीसिया इकट्ठी की और बताया, कि परमेश्वर ने हमारे साथ हो कर कैसे बड़े बड़े काम किए! और अन्यजातियों के लिये विश्वास का द्वार खोल दिया” (पद 27)।

      परमेश्वर ने आप में होकर इस बीते वर्ष में क्या कुछ किया है? आपके किसी प्रिय जन के लिए परमेश्वर ने कैसे विश्वास के द्वार को खोला? हम जिनके बारे में सोच भी नहीं कर सकते हैं ऐसे तरीकों से परमेश्वर ने हम में होकर कार्य किए हैं, चाहे हमें वे कार्य महत्वहीन या अपूर्ण प्रतीत होते हों।

      जब हम प्रभु की सेवकाई में अपने अपूर्ण कार्यों को लेकर क्षुब्ध होते हैं, तो हम उन बातों के लिए धन्यवादी होना न भूलें जो प्रभु परमेश्वर ने हम में होकर की हैं। अपने अनुग्रह में होकर जो परमेश्वर ने हमारे लिए और हम में होकर किया है, वह उस आने वाले कार्य के लिए जो वह हम में तथा हमारे द्वारा करने जा रहा है, तैयारी करवाता है। - डेविड मैक्कैसलैंड

परमेश्वर सदा कार्यरत रहता है – हम में भी और हमारे द्वारा भी।

परमेश्वर तो प्राचीन काल से मेरा राजा है, वह पृथ्वी पर उद्धार के काम करता आया है। - भजन 74:12

बाइबल पाठ: प्रेरितों 14:21-18
Acts 14:21 और वे उस नगर के लोगों को सुसमाचार सुनाकर, और बहुत से चेले बनाकर, लुस्‍त्रा और इकुनियम और अन्‍ताकिया को लौट आए।
Acts 14:22 और चेलों के मन को स्थिर करते रहे और यह उपदेश देते थे, कि हमें बड़े क्‍लेश उठा कर परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना होगा।
Acts 14:23 और उन्होंने हर एक कलीसिया में उन के लिये प्राचीन ठहराए, और उपवास सहित प्रार्थना कर के, उन्हें प्रभु के हाथ सौंपा जिस पर उन्होंने विश्वास किया था।
Acts 14:24 और पिसिदिया से होते हुए वे पंफूलिया में पहुंचे;
Acts 14:25 और पिरगा में वचन सुनाकर अत्तलिया में आए।
Acts 14:26 और वहां से जहाज से अन्‍ताकिया में आए, जहां से वे उस काम के लिये जो उन्होंने पूरा किया था परमेश्वर के अनुग्रह पर सौंपे गए थे।
Acts 14:27 वहां पहुंचकर, उन्होंने कलीसिया इकट्ठी की और बताया, कि परमेश्वर ने हमारे साथ हो कर कैसे बड़े बड़े काम किए! और अन्यजातियों के लिये विश्वास का द्वार खोल दिया।
Acts 14:28 और वे चेलों के साथ बहुत दिन तक रहे।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 13-14
  • प्रकाशितवाक्य 21



रविवार, 29 दिसंबर 2019

मनन



      हिन्दी में फूलचुसनी कही जाने वाली चिड़िया को अंग्रेज़ी में हमिंगबर्ड कहते हैं, क्योंकि इसके तेज़ी से फड़फड़ाते हुए पंखों के कारण एक गुनगुनाने की सी ध्वनि उत्पन्न होती है। अन्य भाषाओं में भी इस चिड़िया के विभिन्न नाम हैं, पुर्तगाली में इसे फूलों का चुम्बन लेने वाली, और स्पैनिश में इस उड़ती हुई मणि कहते हैं। किन्तु मेरा सबसे प्रिय नाम है मेक्सिको की ज़ेपोटेक का शब्द बियुलू जिसका अर्थ ओता है “आँखों में बस जाने वाला” – एक बार हमिंगबर्ड को देख लेंगे तो फिर उसे कभी नहीं भूलेंगे।

      जी. के. चेस्टरटन ने लिखा, “संसार में कभी अजूबों का अकाल नहीं होगा, परन्तु अचरज का हो सकता है।” हमिंगबर्ड भी संसार का एक अजूबा है। इन छोटे से प्राणियों में क्या अनोखा और रोमांचित कर देने वाला है? हो सकता है कि यह इनका छोटा सा आकार है – मात्र दो या तीन इंच का; या फिर यह इनके पंखों के फड़फड़ाने की गति है – एक सेकेंड में 50 से लेकर 200 बार तक।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 104 किसका लिखा हुआ है, हमें इसका तो पता नहीं है; किन्तु इसे लिखने वाला भजनकार प्रकृति की सुन्दरता से मुग्ध था। प्रकृति के अनेकों अजूबों का वर्णन करने के पश्चात, जैसे कि लबानोन के देवदारु और जंगली गदहे आदि, वह कहता है, “यहोवा अपने कामों से आन्दित होवे!” (पद 31)। फिर वह प्रार्थना करता है, “मेरा ध्यान करना, उसको प्रिय लगे” (पद 34)।

      प्रकृति में अनेकों बातें हैं जो आँखों में बनी रह सकती हैं, उनकी सुन्दरता और सिद्धता के कारण। हम उन बातों पर मनन करने के द्वारा परमेश्वर को कैसे प्रसन्न कर सकते हैं? हम उन पर ध्यान दे सकते हैं, उन से आनंदित हो सकते हैं, और उन के लिए परमेश्वर का धन्यवाद कर सकते हैं। परमेश्वर के अद्भुत कार्यों के अजूबों का ध्यान तथा उन पर मनन करके हम परमेश्वर के धन्यवादी हो सकते हैं। - कीला ओकोआ

अचरज से कृतज्ञता आती है।

हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे! भजन 145:10

बाइबल पाठ: भजन 104:24-35
Psalms 104:24 हे यहोवा तेरे काम अनगिनित हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।
Psalms 104:25 इसी प्रकार समुद्र बड़ा और बहुत ही चौड़ा है, और उस में अनगिनित जलचर जीव- जन्तु, क्या छोटे, क्या बड़े भरे पड़े हैं।
Psalms 104:26 उस में जहाज भी आते जाते हैं, और लिव्यातान भी जिसे तू ने वहां खेलने के लिये बनाया है।
Psalms 104:27 इन सब को तेरा ही आसरा है, कि तू उनका आहार समय पर दिया करे।
Psalms 104:28 तू उन्हें देता हे, वे चुन लेते हैं; तू अपनी मुट्ठी खोलता है और वे उत्तम पदार्थों से तृप्त होते हैं।
Psalms 104:29 तू मुख फेर लेता है, और वे घबरा जाते हैं; तू उनकी सांस ले लेता है, और उनके प्राण छूट जाते हैं और मिट्टी में फिर मिल जाते हैं।
Psalms 104:30 फिर तू अपनी ओर से सांस भेजता है, और वे सिरजे जाते हैं; और तू धरती को नया कर देता है।
Psalms 104:31 यहोवा की महिमा सदा काल बनी रहे, यहोवा अपने कामों से आन्दित होवे!
Psalms 104:32 उसकी दृष्टि ही से पृथ्वी कांप उठती है, और उसके छूते ही पहाड़ों से धुआं निकलता है।
Psalms 104:33 मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा।
Psalms 104:34 मेरा ध्यान करना, उसको प्रिय लगे, क्योंकि मैं तो यहोवा के कारण आनन्दित रहूंगा।
Psalms 104:35 पापी लोग पृथ्वी पर से मिट जाएं, और दुष्ट लोग आगे को न रहें! हे मेरे मन यहोवा को धन्य कह! याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 9-12
  • प्रकाशितवाक्य 20