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शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

चिंतित



     मुझे जहाँ तक भी याद आता है, मेरा हमेशा से ही माँ बनने का सपना रहा है। मैं विवाह करने, गर्भवती होने, और अपने बच्चे को पहली बार अपने हाथों में उठाने के बारे में सोचा करती थी। जब मेरा विवाह हुआ तो मैंने और मेरे पति ने कभी बच्चों के होने को टालने के बारे में नहीं सोचा। परन्तु मैं कभी गर्भवती नहीं हो सकी, और हमें यह एहसास हो गया की हम बाँझपन के साथ संघर्ष कर रहे हैं। महीनों तक डॉक्टरों के पास जांच और इलाज के लिए जाना, कई प्रकार के परीक्षण करवाना, आँसू बहाना, यही सिलसिला चलता रहा; हम चिंताओं के तूफ़ान से जूझते रहे। बाँझ होना स्वीकार करना बहुत कडुवा घूँट था, और मेरे मन में परमेश्वर की भलाई और विश्वासयोग्यता को लेकर प्रश्न उठने लगे।

     अब जब मैं अपनी जीवन यात्रा के उस भाग को मुड़ कर देखती हूँ और उसके बारे में विचार करती हूँ, तो मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना 6 अध्याय में दिए गए प्रभु यीशु के शिष्यों के तूफ़ान में फंसे होने की घटना स्मरण हो आती है। जब वे शिष्य नाव से होकर, झील पार कर रहे थे, और अचानक उठे तूफ़ान ने उन्हें आ घेरा, तो उनकी यात्रा लहरों और तूफानी हवाओं के साथ होने वाला संघर्ष बन गई। ऐसे में प्रभु यीशु उन तूफानी लहरों पर चलते हुए उनके पास आए, और अपनी उपस्थिति से उन्हें शांत किया, उन्हें आश्वस्त किया, “परन्तु उसने उन से कहा, कि मैं हूं; डरो मत” (पद 20)।

     उन शिष्यों के समान, मुझे और मेरे पति को भी हमारे जीवन में आने वाले इस तूफ़ान का कोई अंदेशा नहीं था, और न ही उन बातों का जो इस तूफ़ान के साथ हमारे जीवनों में आएंगी। परन्तु हमें भी शांति और आश्वासन मिला जब हम ने उन परिस्थितियों में भी परमेश्वर को और अधिक गहराई से जाना, और समझा कि वह सदा ही विश्वासयोग्य और सच्चा बना रहता है। हमने जिस बच्चे का सपना देखा था, यद्यपि वह तो हमें नहीं मिला, परन्तु हमने सीखा कि अपने सभी संघर्षों में हम उसकी शान्ति देने वाली उपस्थिति को अनुभव कर सकते हैं। और क्योंकि वह हमारे जीवनों में सदैव उपस्थित तथा कार्यरत है, इसलिए हमें चिंतित रहने की आवश्यकता नहीं है। - कैरेन वुल्फ

हम जीवन के तूफानों में ही परमेश्वर की शांतिदायक उपस्थिति का अनुभव करते हैं।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:16-21
यूहन्ना 6:16 फिर जब संध्या हुई, तो उसके चेले झील के किनारे गए।
यूहन्ना 6:17 और नाव पर चढ़कर झील के पार कफरनहूम को जाने लगे: उस समय अन्‍धेरा हो गया था, और यीशु अभी तक उन के पास नहीं आया था।
यूहन्ना 6:18 और आन्‍धी के कारण झील में लहरे उठने लगीं।
यूहन्ना 6:19 सो जब वे खेते खेते तीन चार मील के लगभग निकल गए, तो उन्होंने यीशु को झील पर चलते, और नाव के निकट आते देखा, और डर गए।
यूहन्ना 6:20 परन्तु उसने उन से कहा, कि मैं हूं; डरो मत।
यूहन्ना 6:21 सो वे उसे नाव पर चढ़ा लेने के लिये तैयार हुए और तुरन्त वह नाव उस स्थान पर जा पहुंची जहां वह जाते थे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 1-2
  • लूका 14:1-24



गुरुवार, 16 अप्रैल 2020

समय



     वैज्ञानिक समय को लेकर बहुत मीन-मेख निकालने वाले होते हैं। सन 2016 के अन्त में, मेरीलैंड में स्थित गोडार्ड स्पेस फ्लाईट सेंटर के लोगों ने वर्ष में एक अतिरिक्त सेकेण्ड जोड़ दिया। इसलिए यदि आपको वह वर्ष कुछ लंबा लगा हो, तो आप सही थे। उन्होंने ऐसा क्यों किया? क्योंकि पृथ्वी की अपनी धुरी पर घूमने की गति धीरे-धीरे कम होती जा रही है, इसलिए वर्ष धीरे-धीरे लम्बे होते जा रहे हैं। जब वैज्ञानिक मनुष्यों द्वारा अंतरिक्ष में छोड़ी गई वस्तुओं की स्थिति, गति, मार्ग आदि पर ध्यान रखे हैं तो उन्हें मिली-सेकेण्ड तक सही होना पड़ता है, नहीं तो उन वस्तुओं की एक दूसरे से टकरा जाने की संभावना रहती है। उस सेकेण्ड को 2016 में जोड़ने के विषय एक वैज्ञानिक ने कहा, “यह इसलिए है जिससे कि हमारे वस्तुओं को टकराने से बचाने के प्रोग्राम सही कार्य करते रहें।”

     हम में से लगभग सभी के लिए एक सेकेण्ड के इधर या उधर होने से कुछ फर्क नहीं पड़ता है। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल के अनुसार, हमारा समय और हम उसका उपयोग कैसे करते हैं, महत्वपूर्ण है। प्रेरित पौलुस ने 1 कुरिन्थियों 7:29 में लिखा, “समय कम है।” हमारे पास परमेश्वर के लिए कार्य करने का समय सीमित है, इसलिए हमें उसका सदुपयोग करना चाहिए। उसने यह भी कहा कि, “अवसर को बहुमूल्य समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं” (इफिसियों 5:16)।

     इसका यह अभिप्राय नहीं है कि हमें भी वैज्ञानिकों के समान प्रत्येक सेकेण्ड का हिसाब और गिनती रखनी चाहिए, परन्तु जब हम जीवन की अनिश्चितता पर ध्यान करते हैं (भजन 39:4), तो जो समय हमें दिया गया है, उसके सदुपयोग करने को लेकर सतर्क रहें। - डेव ब्रैनन

समय का निवेश करें, उसे खर्च मत करें।

तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा। क्योंकि ऐसा समय आएगा, कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुतेरे उपदेशक बटोर लेंगे। - 2 तीमुथियुस 4:2-3

बाइबल पाठ: भजन 39:4-6
भजन संहिता 39:4 हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं!
भजन संहिता 39:5 देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं।
भजन संहिता 39:6 सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 30-31
  • लूका 13:23-35



बुधवार, 15 अप्रैल 2020

गाना



     मैं जब तेरह वर्ष की थी तो हमारे स्कूल में सभी विद्यार्थियों को कुछ निर्धारित कोर्स लेना अनिवार्य होता था, जिनमें से एक था गायन का कोर्स। उस कोर्स के पहले दिन, गायन प्रशिक्षक हमें बारी-बारी प्यानो के निकट बुलाते, और प्यानो पर जो सुर वे बजाते थे, उसके अनुसार हम विद्यार्थियों को गा कर सुर निकालना होता था, और हमारे सुर और गायन क्षमता के अनुसार वह हमें गायन मंडली में स्थान प्रदान करते थे। जब मेरी बारी आई, तो मैंने उनके द्वारा प्यानो पर बजाए जा रहे सुरों को अनेकों बार गाया, परन्तु उन्होंने मुझे गायन मंडली में नहीं भेजा। वरन, कई बार प्रयास करने के पश्चात, उन्होंने मुझे परामर्श देने वालों के पास भेज दिया, जिससे कि वे मुझे कोई भिन्न कोर्स करने को दें। उस पल से मुझे यह लगने लगा कि मुझे कभी गाना नहीं चाहिए।

     मैं इस विचार के साथ लगभग एक दशक तक जीती रही, जब तक कि एक युवती के रूप में मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 98 को नहीं पढ़ा। इस भजन का आरंभ भजनकार प्रभु के लिए गाने का आह्वान करने के साथ करता है। उसके द्वारा भजन गाने के कारण में हमारी आवज़ की मधुरता या गुणवत्ता का कुछ उल्लेख नहीं है। परमेश्वर तो अपने बच्चों के आराधना और स्तुति के सभी गानों से आनंदित होता है। हमें तो इस लिए गाने के लिए कहा जा रहा है क्योंकि परमेश्वर ने अद्भुत कार्य किए हैं (भजन 98:1)।

     भजनकार गाने और व्यवहार के द्वारा परमेश्वर की स्तुति करने के दो अद्भुत कारण बताता है: हमारे जीवनों में उसके द्वारा किया गया उद्धार का कार्य, और हमारे प्रति उसकी लगातार बनी रहने वाली विश्वासयोग्यता। परमेश्वर की संगीत मंडली में हम सभी को स्थान और अवसर है कि हम उसके महान कार्यों के लिए परमेश्वर की स्तुति और प्रशंसा के गीत गाएँ। - कर्स्टन होल्मबर्ग

परमेश्वर अपने बच्चों की आवाज़ सुनने से प्रसन्न होता है।

याह की स्तुति करो! यहोवा के लिये नया गीत गाओ, भक्तों की सभा में उसकी स्तुति गाओ! - भजन संहिता 149:1

बाइबल पाठ: भजन 98
भजन संहिता 98:1 यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, क्योंकि उसने आश्चर्यकर्म किए है! उसके दाहिने हाथ और पवित्र भुजा ने उसके लिये उद्धार किया है!
भजन संहिता 98:2 यहोवा ने अपना किया हुआ उद्धार प्रकाशित किया, उसने अन्यजातियों की दृष्टि में अपना धर्म प्रगट किया है।
भजन संहिता 98:3 उसने इस्राएल के घराने पर की अपनी करूणा और सच्चाई की सुधि ली, और पृथ्वी के सब दूर दूर देशों ने हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार देखा है।
भजन संहिता 98:4 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो; उत्साहपूर्वक जयजयकार करो, और भजन गाओ!
भजन संहिता 98:5 वीणा बजा कर यहोवा का भजन गाओ, वीणा बजा कर भजन का स्वर सुनाओ।
भजन संहिता 98:6 तुरहियां और नरसिंगे फूंक फूंककर यहोवा राजा का जयजयकार करो।
भजन संहिता 98:7 समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें; जगत और उसके निवासी महाशब्द करें!
भजन संहिता 98:8 नदियां तालियां बजाएं; पहाड़ मिलकर जयजयकार करें।
भजन संहिता 98:9 यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है। वह धर्म से जगत का, और सीधाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 27-29
  • लूका 13:1-22



मंगलवार, 14 अप्रैल 2020

तूफान



     अन्धकार में तेज़ आंधी का शोर, कौंधती हुई बिजली, नाव से टकराती हुई लहरें, मुझे लग रहा था की मैं मर ही जाऊँगा। मैं अपने दादा-दादी के साथ झील में मछली पकड़ने गया था, किन्तु हमने लौटने में कुछ विलम्ब कर दिया, और सूर्यास्त के साथ ही आए एक तेज़ तूफ़ान ने हमारी छोटी नौका को झकझोर दिया। मेरे दादा ने मुझे कहा कि मैं नाव में संतुलन बनाए रखने के लिए आगे जाकर बैठूँ, जिससे नाव पलट न जाए। हालात देखकर मेरा दिल दहशत से डूबा जा रहा था; परन्तु न जाने कैसे, मैंने प्रार्थना करनी आरंभ कर दी; उस समय मैं चौदह वर्ष का था।

     मैंने परमेश्वर से उसकी सुरक्षा और आश्वासन माँगा। तूफ़ान तो हलका नहीं पड़ा, किन्तु हम सकुशल किनारे पर पहुँच गए। आज दिन तक मुझे अपने जीवन के ऐसे किसी अन्य दिन का पता नहीं है जिसमें मैंने परमेश्वर की अपने साथ बनी हुई उपस्थिति को इतनी निकटता से अनुभव किया हो।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह भी तूफानों से अनजान नहीं थे। हम मरकुस 4:35-41 में देखते हैं कि प्रभु ने अपने शिष्यों से कहा कि वे झील के उस पार जाएँ; और जब शिष्य नाव खे कर जा रहे थे तो एक तेज़ तूफ़ान ने उन्हें घेर लिया। वे शिष्य अनुभवी मछुआरे थे परन्तु तूफ़ान की तीव्रता के आगे उनकी कुछ नहीं चल रही थी; उन्हें भी लग रहा था की वे मरने वाले हैं। परन्तु प्रभु यीशु ने तूफ़ान को शांत कर दिया और उनके विश्वास की गहराई को बढ़ाया।

     इसी प्रकार से आज प्रभु यीशु हमें भी हमारे जीवनों के तूफानों में उस पर भरोसा बनाए रखने के लिए कहता है। हमारी विकट और विपरीत परिस्थितियों में कभी तो वह आश्चर्यजनक रीति से हमारे उठते तूफानों को शांत कर देता है; और कभी और भी अधिक आश्चर्यजनक रीति से हमारे मनों को शांत करके, उस तूफ़ान के होते हुए भी उसमें अपना भरोसा बनाए रखने में और अधिक दृढ़ कर देता है। वह चाहता है कि हम आश्वस्त रहें कि हमारे जीवन की हर परिस्थिति और परेशानी में वह हमारे साथ है, और उसमें सामर्थ्य है की जब भी वह कहे, “शांत हो; थम जाओ”, यह हो जाएगा। - एडम होल्ज़

परमेश्वर के हमारे निकट होने से अधिक निकट कोई खतरा हम पर नहीं आ सकता है।

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: मरकुस 4:35-41
मरकुस 4:35 उसी दिन जब सांझ हुई, तो उसने उन से कहा; आओ, हम पार चलें,
मरकुस 4:36 और वे भीड़ को छोड़कर जैसा वह था, वैसा ही उसे नाव पर साथ ले चले; और उसके साथ, और भी नावें थीं।
मरकुस 4:37 तब बड़ी आन्‍धी आई, और लहरें नाव पर यहां तक लगीं, कि वह अब पानी से भरी जाती थी।
मरकुस 4:38 और वह आप पिछले भाग में गद्दी पर सो रहा था; तब उन्होंने उसे जगाकर उस से कहा; हे गुरू, क्या तुझे चिन्‍ता नहीं, कि हम नाश हुए जाते हैं?
मरकुस 4:39 तब उसने उठ कर आन्‍धी को डांटा, और पानी से कहा; “शान्‍त रह, थम जा”: और आन्‍धी थम गई और बड़ा चैन हो गया।
मरकुस 4:40 और उन से कहा; तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं?
मरकुस 4:41 और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 25-26
  • लूका 12:32-59



सोमवार, 13 अप्रैल 2020

देह



     जब हमारे साथ के एक कार्यकर्ता ने अत्याधिक पीड़ा के कारण दफ्तर से छुट्टी ली तो हम सभी उस के लिए चिंतित हुए। उसे कुछ समय अस्पताल में बिताना पड़ा और बाद में कार्य से कुछ अवकाश भी लेना पड़ा। काम पर वापस लौटने के पश्चात उसने अपनी उस पीड़ा के कारण को हमें दिखाया – गुर्दे की एक पत्थरी। उसने अपने डॉक्टर से कहा था कि उस पत्थरी को उसे दे, जिससे वह एक स्मृति के सामान उसे रख ले। उस पत्थरी को देख कर मुझे भी कुछ वर्षों पहले पित्त की थैली की पत्थरी के कारण उठी अपनी पीड़ा की याद आई।

     यह रोचक है कि इतनी छोटी से चीज़ सारी देह को इतनी पीड़ा दे सकती है, कार्य करने से रोक सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भी प्रेरित पौलुस इसी बात को कोरिन्थ की मसीही मंडली को लिखी अपनी पत्री में समझाता है। 1 कुरिन्थियों 12 अध्याय, इसी विषय पर है, और इसमें मानव देह को रूपक के समान लेकर पौलुस समझा रहा है कि यदि एक अंग दुखी होता है तो पूरी देह प्रभावित होती है। पौलुस, पवित्र आत्मा की अगुवाई में, सारे संसार के मसीही विश्वासियों को परमेश्वर द्वारा एक साथ गठी गई एक देह के समान देखता है। इस एक देह में हम सब के पास भिन्न योग्यताएँ और भूमिकाएँ हैं, किन्तु क्योंकि हम सभी एक ही देह के भाग हैं, इसलिए एक व्यक्ति का दुःख अन्य सभी को प्रभावित करता है। जब हमारा कोई साथी मसीही सताव, दुःख, या परीक्षाओं का सामना करता है तो उसकी पीड़ा हम सभी को कष्ट देती है।

     मेरे उस सहकर्मी के गुर्दे के दर्द ने उसकी सम्पूर्ण देह को अनुभव हो रही पीड़ा के समाधान को ढूँढने के लिए बाध्य किया। मसीह की देह में, किसी अन्य जन की पीड़ा हमारी करुणा को जागृत कर के हमें प्रोत्साहित करती है कि हम उसके लिए कुछ करें। हम प्रार्थना कर सकते हैं, प्रोत्साहन के शब्द कह सकते हैं, या किसी अन्य प्रकार की सहायता को, जिसकी उसे आवश्यकता है, उसे प्रदान कर सकते हैं, जिससे वह आराम पाए। सारी देह मिलकर ही कार्य करती है, कि सभी अंग स्वस्थ बने रहें। - लिंडा वॉशिंगटन

हम सभी प्रभु के कार्य में एक साथ हैं।

और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। - इफिसियों 2:15-16

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 12:14-26
1 कुरिन्थियों 12:14 इसलिये कि देह में एक ही अंग नहीं, परन्तु बहुत से हैं।
1 कुरिन्थियों 12:15 यदि पांव कहे कि मैं हाथ नहीं, इसलिये देह का नहीं, तो क्या वह इस कारण देह का नहीं?
1 कुरिन्थियों 12:16 और यदि कान कहे; कि मैं आंख नहीं, इसलिये देह का नहीं, तो क्या वह इस कारण देह का नहीं?
1 कुरिन्थियों 12:17 यदि सारी देह आंख ही होती तो सुनना कहां से होता? यदि सारी देह कान ही होती तो सूंघना कहां होता?
1 कुरिन्थियों 12:18 परन्तु सचमुच परमेश्वर ने अंगो को अपनी इच्छा के अनुसार एक एक कर के देह में रखा है।
1 कुरिन्थियों 12:19 यदि वे सब एक ही अंग होते, तो देह कहां होती?
1 कुरिन्थियों 12:20 परन्तु अब अंग तो बहुत से हैं, परन्तु देह एक ही है।
1 कुरिन्थियों 12:21 आंख हाथ से नहीं कह सकती, कि मुझे तेरा प्रयोजन नहीं, और न सिर पांवों से कह सकता है, कि मुझे तुम्हारा प्रयोजन नहीं।
1 कुरिन्थियों 12:22 परन्तु देह के वे अंग जो औरों से निर्बल देख पड़ते हैं, बहुत ही आवश्यक हैं।
1 कुरिन्थियों 12:23 और देह के जिन अंगो को हम आदर के योग्य नहीं समझते हैं उन्‍ही को हम अधिक आदर देते हैं; और हमारे शोभाहीन अंग और भी बहुत शोभायमान हो जाते हैं।
1 कुरिन्थियों 12:24 फिर भी हमारे शोभायमान अंगो को इस का प्रयोजन नहीं, परन्तु परमेश्वर ने देह को ऐसा बना दिया है, कि जिस अंग को घटी थी उसी को और भी बहुत आदर हो।
1 कुरिन्थियों 12:25 ताकि देह में फूट न पड़े, परन्तु अंग एक दूसरे की बराबर चिन्‍ता करें।
1 कुरिन्थियों 12:26 इसलिये यदि एक अंग दु:ख पाता है, तो सब अंग उसके साथ दु:ख पाते हैं; और यदि एक अंग की बड़ाई होती है, तो उसके साथ सब अंग आनन्द मनाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 22-24
  • लूका 12:1-31



रविवार, 12 अप्रैल 2020

क्षमा



     सुसान्नाह सिब्बर अठ्ठारहवीं शताब्दी की एक प्रसिद्ध गायिका थी। किन्तु वे अपने वैवाहिक आचरण से संबंधित समस्याओं के लिए भी विख्यात थीं। इसी लिए, जब प्रभु यीशु मसीह के विषय हैंडल का संगीत नाटक, मसीहा, का अप्रैल 1742 में डबलिन में प्रथम मंचन हुआ तब बहुतेरे दर्शकों ने उनके इस नाटक की एकल गायिका की भूमिका को स्वीकार नहीं किया। उस प्रथम मंचन के दौरान, जब  सिब्बर ने मसीहा के विषय में गाया, “वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था” (यशायाह 53:3), तो उन शब्दों ने वहां उपस्थित पादरी पैट्रिक डेलेनी को इतना प्रभावित किया, कि वे अपने स्थान पर उछल कर खड़े हो गए, और बोल उठे, “हे नारी, इस कारण तेरे सभी पाप क्षमा हों।”

     सुसान्नाह सिब्बर और हैंडल के मसीहा के विषय के मध्य संबंध स्पष्ट है। “वह दुखी पुरुष” – प्रभु यीशु मसीह – पाप के कारण “मनुष्यों का त्यागा हुआ और तुच्छ” समझा गया। भविष्यद्वक्ता यशायाह ने उसके विषय में कहा, “...मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा” (पद 11)।

     मसीहा, प्रभु यीशु मसीह, और हमारे मध्य का संबंध भी कुछ कम स्पष्ट नहीं है। हम चाहे आलोचना करने वाले दर्शको के साथ खड़े हों, या सुसान्नाह सिब्बर के साथ, या बीच में कहीं; हम सभी को पश्चाताप करने और परमेश्वर की क्षमा को स्वीकार करने की आवश्यकता है। प्रभु यीशु ने, अपने जीवन, अपनी मृत्यु, और अपने पुनरुत्थान के द्वारा परमेश्वर पिता के साथ हमारे संबंध को पुनःस्थापित करने का मार्ग प्रदान कर दिया है।

     इसके लिए, हमारे लिए जो कुछ प्रभु यीशु ने किया है उस सब के लिए, हमारे सभी पाप क्षमा हों! – टिम गुस्ताफासन

...हल्लिलूय्याह! इसलिये कि प्रभु हमारा परमेश्वर
सर्वशक्तिमान राज्य करता है। - प्रकाशितवाक्य 19:6

क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? - रोमियों 5:10

बाइबल पाठ: यशायाह 53:3-12
यशायाह 53:3 वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना।
यशायाह 53:4 निश्चय उसने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया; तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा-कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा।
यशायाह 53:5 परन्तु वह हमारे ही अपराधो के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।
यशायाह 53:6 हम तो सब के सब भेड़ों के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।
यशायाह 53:7 वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला।
यशायाह 53:8 अत्याचार कर के और दोष लगाकर वे उसे ले गए; उस समय के लोगों में से किस ने इस पर ध्यान दिया कि वह जीवतों के बीच में से उठा लिया गया? मेरे ही लोगों के अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी।
यशायाह 53:9 और उसकी कब्र भी दुष्टों के संग ठहराई गई, और मृत्यु के समय वह धनवान का संगी हुआ, यद्यपि उसने किसी प्रकार का अपद्रव न किया था और उसके मुंह से कभी छल की बात नहीं निकली थी।
यशायाह 53:10 तौभी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी।
यशायाह 53:11 वह अपने प्राणों का दु:ख उठा कर उसे देखेगा और तृप्त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा।
यशायाह 53:12 इस कारण मैं उसे महान लोगों के संग भाग दूंगा, और, वह सामर्थियों के संग लूट बांट लेगा; क्योंकि उसने अपना प्राण मृत्यु के लिये उण्डेल दिया, वह अपराधियों के संग गिना गया; तौभी उसने बहुतों के पाप का बोझ उठ लिया, और, अपराधियों के लिये बिनती करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 19-21
  • लूका 11:29-54



शनिवार, 11 अप्रैल 2020

मुकुट



     हम लोग रात्री के भोजन के लिए मेज़ के चारों ओर बैठे थे, और बारी-बारी हमने मेज़ पर रखे हुए फोम के उस चक्र में टूथपिक्स गाड़े। ईस्टर के दिन तक के लिए हम एक काँटों का मुकुट तैयार कर रहे थे; हमारे द्वारा गाड़ा गया हर एक टूथपिक, हमारे द्वारा उस दिन किए गए किसी ऐसे कार्य का सूचक था जो कि गलत था, जिसके लिए हम खेदित थे, और जिसका दण्ड प्रभु यीशु ने चुकाया था। हर संध्या को हमारे द्वारा किया जाने वाला यह कार्य हमें स्मरण करवाता था की कैसे दोषी हम थे और हमें एक उद्धारकर्ता की आवश्यकता थी, और कैसे प्रभु यीशु ने कलवारी के क्रूस पर अपना बलिदान देने के द्वारा हमें छुड़ाया है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में वर्णित जो काँटों का मुकुट प्रभु यीशु मसीह को रोमी सैनिकों के द्वारा पहनाया गया वह प्रभु को क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले उसके साथ किए गए क्रूर उपहास का एक भाग था। उस उपहास के दौरान उन्होंने उसे एक राजसी बागा भी पहनाया, और उसके हाथ में राजदण्ड के रूप में एक सरकंडा भी पकड़ाया, जिसका प्रयोग फिर उन्होंने उसे पीटने के लिए भी किया। उन्होने उसका ठट्ठा किया, उसे “यहूदियों का राजा” (मत्ती 27:29) कहा; उन्हें यह एहसास नहीं था कि उनका यह कार्य हज़ारों वर्ष बाद भी उसकी निकृष्टता के लिए स्मरण किया जाएगा। जिसका वह उपहास कर रहे थे, वह कोई साधारण राजा नहीं था; वह सृष्टिकर्ता परमेश्वर, राजाओं का राजा था – वह राजा जिसकी मृत्यु और पुनरुत्थान ने संसार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए पापों की क्षमा और उद्धार का मार्ग उपलब्ध करवा दिया।

     उस ईस्टर की प्रातः, हमने पापों की क्षमा और प्रभु में नए जीवन के उपहार को टूथपिक्स हटाकर, उनके स्थान पर फूल लगाने  के द्वारा मनाया। हमारे लिए यह बड़े आनन्द की बात थी कि परमेश्वर ने हमारे पापों को मिटा कर हमें स्वतंत्र कर दिया था, और सदा उसके साथ रहने के लिए अनन्त जीवन का मुकुट प्रदान किया था। - एमी बाउचर पाई

काँटों का मुकुट, जीवन का मुकुट बन गया।

भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं। - 2 तीमुथियुस 4:8

बाइबल पाठ: मत्ती 27:27-31
मत्ती 27:27 तब हाकिम के सिपाहियों ने यीशु को किले में ले जा कर सारी पलटन उसके चहुं ओर इकट्ठी की।
मत्ती 27:28 और उसके कपड़े उतारकर उसे किरिमजी बागा पहिनाया।
मत्ती 27:29 और काटों को मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा; और उसके दाहिने हाथ में सरकण्‍डा दिया और उसके आगे घुटने टेककर उसे ठट्ठे में उड़ाने लगे, कि हे यहूदियों के राजा नमस्‍कार।
मत्ती 27:30 और उस पर थूका; और वही सरकण्‍डा ले कर उसके सिर पर मारने लगे।
मत्ती 27:31 जब वे उसका ठट्ठा कर चुके, तो वह बागा उस पर से उतारकर फिर उसी के कपड़े उसे पहिनाए, और क्रूस पर चढ़ाने के लिये ले चले।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 17-18
  • लूका 11:1-28