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शुक्रवार, 17 मार्च 2017

परीक्षा


   हाल ही में, हमारे बेटे और बहू ने हमें बड़ी घबराहट में फोन किया। पिछली रात को उन्हें घर के अन्दर दो चमगादड़ दिखाई दिए थे। मैं जानता हूँ कि पर्यावरण को सुचारू बनाए रखने में चमगादड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, परन्तु फिर भी परमेश्वर के प्राणियों में वे मेरे प्रीय प्राणियों में सम्मिलिय नहीं हैं; विशेषकर तब जब वे घर के अन्दर उड़ रहे हों। परन्तु मैं और मेरी पत्नि धन्यवादी थे कि हम जाकर अपने बच्चों की सहायता कर सके। घर के उन छेदों को बन्द करने में हमने उनकी सहायता करी, जिनमें से वे चमगादड़ अन्दर आ सकते थे।

   हमारे जीवनों में भी इसी प्रकार दुःख या परेशानियाँ अनायास ही आ जाती हैं। जब इस प्रकार की परीक्षाएं आती हैं तो हम बड़ी सरलता से घबारा जाते या हताश हो जाते हैं। परन्तु यही कठिन परिस्थितियाँ वे उपकरण हो सकते हैं जिन्हें हमारा प्रेमी परमेश्वर पिता हमें और अधिक हमारे प्रभु यीशु मसीह की समानता में ढालने के लिए उपयोग करता है। इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने लिखा, "हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो, तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे" (याकूब 1:2-4)।

   हमसे यह आशा नहीं रखी जाती है कि हम परीक्षाओं का मज़ा लें या दुःख का उत्सव मनाएं। परन्तु जब ये अनचाही परिस्थितियाँ आती हैं, तो हम उनमें भी परमेश्वर के हाथ को देख सकते हैं और इस विश्वास में आश्वस्त रह सकते हैं कि हमारा परमेश्वर पिता उन परीक्षाओं के द्वारा हमें हमारे और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह की समानता में ढाल रहा है। - बिल क्राउडर


परीक्षाएं हमारे पास कभी कभी आती हैं, 
परन्तु परमेश्वर हमारे साथ सदा बना रहता है।

धन्य हो तुम, जब मनुष्य के पुत्र के कारण लोग तुम से बैर करेंगे, और तुम्हें निकाल देंगे, और तुम्हारी निन्‍दा करेंगे, और तुम्हारा नाम बुरा जानकर काट देंगे। उस दिन आनन्‍दित हो कर उछलना, क्योंकि देखो, तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा प्रतिफल है: उन के बाप-दादे भविष्यद्वक्ताओं के साथ भी वैसा ही किया करते थे। - लूका 6:22-23

बाइबल पाठ: याकूब 1:2-12
James 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो 
James 1:3 तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। 
James 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।
James 1:5 पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। 
James 1:6 पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है। 
James 1:7 ऐसा मनुष्य यह न समझे, कि मुझे प्रभु से कुछ मिलेगा। 
James 1:8 वह व्यक्ति दुचित्ता है, और अपनी सारी बातों में चंचल है।
James 1:9 दीन भाई अपने ऊंचे पद पर घमण्‍ड करे। 
James 1:10 और धनवान अपनी नीच दशा पर: क्योंकि वह घास के फूल की नाईं जाता रहेगा। 
James 1:11 क्योंकि सूर्य उदय होते ही कड़ी धूप पड़ती है और घास को सुखा देती है, और उसका फूल झड़ जाता है, और उस की शोभा जाती रहती है; उसी प्रकार धनवान भी अपने मार्ग पर चलते चलते धूल में मिल जाएगा। 
James 1:12 धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकल कर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिस की प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करने वालों को दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 30-31
  • मरकुस 15:1-25


गुरुवार, 16 मार्च 2017

नाम


   चार्ल्स पॉन्ज़ी का नाम सदा आर्थिक धोखेबाज़ी के साथ, जिसे उसने जीवन-शैली बना लिया था, जुड़ा रहेगा। कुछ छोटे वित्तीय अपराधों और थोड़ा समय जेल में बिताने के पश्चात, उसने निवेशकों को उनके द्वारा निवेश किए गए धन का 45 दिनों में 50% और 90 दिनों में 100% मुनाफे का प्रस्ताव दिया। यद्यपि लोगों को ऐसा हो पाना संभव प्रतीत नहीं होता था, परन्तु फिर भी निवेशकों द्वारा पैसा बहुतायत से आने लगा। पॉन्ज़ी ने नए निवशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को पैसा दिया और अपनी खर्चीली जीवन शैली में व्यय किया। जब तक अगस्त 1920 में उसकी धोखेबाज़ी का पर्दाफाश हुआ, निवेशक 2 करोड़ डॉलर गँवा चुके थे और पाँच बैंक डूब गए थे। पॉन्ज़ी ने 3 वर्ष जेल में बिताए, फिर उसे इटली निर्वासित कर दिया गया, जहाँ 1949 में 66 वर्ष की आयु में, कंगाली में उसका देहांत हो गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में, नीतिवचन नामक पुस्तक में बुद्धिमान और मूर्ख लोगों की प्रसिद्धि की तुलना कई बार की गई है: "धर्मी को स्मरण कर के लोग आशीर्वाद देते हैं, परन्तु दुष्टों का नाम मिट जाता है। जो खराई से चलता है वह निडर चलता है, परन्तु जो टेढ़ी चाल चलता है उसकी चाल प्रगट हो जाती है" (नीतिवचन 10:7, 9)। सुलेमान ने इसका सार बताते हुए कहा, "बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है, और सोने चान्दी से औरों की प्रसन्नता उत्तम है" (नीतिवचन 22:1)।

   हम एक अच्छे नाम को चाहते हैं, अपने आप को सम्मानित करने के लिए नहीं परन्तु हमारे प्रभु परमेशवर यीशु मसीह के साथ हमारा नाम जुड़े होने के कारण क्योंकि उसका नाम सब नामों में सर्वश्रेष्ठ और सबसे ऊपर है। डेविड मैक्कैसलैण्ड


अच्छा नाम हमारे महान परमेश्वर का आदर करता है।

जो उसने मसीह के विषय में किया, कि उसको मरे हुओं में से जिलाकर स्‍वर्गीय स्थानों में अपनी दाहिनी ओर। सब प्रकार की प्रधानता, और अधिकार, और सामर्थ, और प्रभुता के, और हर एक नाम के ऊपर, जो न केवल इस लोक में, पर आने वाले लोक में भी लिया जाएगा, बैठाया। - इफिसियों 1:20-21

बाइबल पाठ: नीतिवचन 10:1-15
Proverbs 10:1 सुलैमान के नीतिवचन।। बुद्धिमान पुत्र से पिता आनन्दित होता है, परन्तु मूर्ख पुत्र के कारण माता उदास रहती है। 
Proverbs 10:2 दुष्टों के रखे हुए धन से लाभ नहीं होता, परन्तु धर्म के कारण मृत्यु से बचाव होता है। 
Proverbs 10:3 धर्मी को यहोवा भूखों मरने नहीं देता, परन्तु दुष्टों की अभिलाषा वह पूरी होने नहीं देता। 
Proverbs 10:4 जो काम में ढिलाई करता है, वह निर्धन हो जाता है, परन्तु कामकाजी लोग अपने हाथों के द्वारा धनी होते हैं। 
Proverbs 10:5 जो बेटा धूपकाल में बटोरता है वह बुद्धि से काम करने वाला है, परन्तु जो बेटा कटनी के समय भारी नींद में पड़ा रहता है, वह लज्जा का कारण होता है। 
Proverbs 10:6 धर्मी पर बहुत से आर्शीवाद होते हैं, परन्तु उपद्रव दुष्टों का मुंह छा लेता है। 
Proverbs 10:7 धर्मी को स्मरण कर के लोग आशीर्वाद देते हैं, परन्तु दुष्टों का नाम मिट जाता है। 
Proverbs 10:8 जो बुद्धिमान है, वह आज्ञाओं को स्वीकार करता है, परन्तु जो बकवादी और मूढ़ है, वह पछाड़ खाता है। 
Proverbs 10:9 जो खराई से चलता है वह निडर चलता है, परन्तु जो टेढ़ी चाल चलता है उसकी चाल प्रगट हो जाती है। 
Proverbs 10:10 जो नैन से सैन करता है उस से औरों को दुख मिलता है, और जो बकवादी और मूढ़ है, वह पछाड़ खाता है। 
Proverbs 10:11 धर्मी का मुंह तो जीवन का सोता है, परन्तु उपद्रव दुष्टों का मुंह छा लेता है। 
Proverbs 10:12 बैर से तो झगड़े उत्पन्न होते हैं, परन्तु प्रेम से सब अपराध ढंप जाते हैं। 
Proverbs 10:13 समझ वालों के वचनों में बुद्धि पाई जाती है, परन्तु निर्बुद्धि की पीठ के लिये कोड़ा है। 
Proverbs 10:14 बुद्धिमान लोग ज्ञान को रख छोड़ते हैं, परन्तु मूढ़ के बोलने से विनाश निकट आता है। 
Proverbs 10:15 धनी का धन उसका दृढ़ नगर है, परन्तु कंगाल लोग निर्धन होने के कारण विनाश होते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 28-29
  • मरकुस 14:54-72


बुधवार, 15 मार्च 2017

प्रार्थना


   1982 में द टुडे शो में, प्रसारित होने वाले बिली ग्राहम के साक्षात्कार से एक दिन पहले, उनके जन संपर्क निर्देशक, लैरी रॉस ने साक्षात्कार लेने वालों से कहा कि बिली ग्राहम को साक्षात्कार देने से पहले प्रार्थना करने के लिए एक व्यक्तिगत कमरे की आवश्यकता पड़ेगी। परन्तु जब बिली ग्राहम स्टूडियो पहुँचे तो उनके सहायक ने रॉस से कहा कि बिली ग्राहम को उस कमरे की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि "श्री. ग्राहम प्रातः उठने के साथ ही प्रार्थना करना आरंभ कर देते हैं, वे नाश्ता खाते समय भी प्रार्थना कर रहे थे, कार में आते हुए मार्ग में वे प्रार्थना करते हुए आए, और संभवतः पूरे सक्षात्कार के समय वे प्रार्थना में होंगे।" बाद में रॉस ने कहा कि "एक युवा होने के नाते मेरे लिए यह सीखने के लिए बहुत महान पाठ था।"

   प्रार्थना में होना कोई घटना नहीं है; यह परमेश्वर के साथ संबंध में रहने का एक तरीका है। इस प्रकार का प्रगाढ़ संबंध तब विकसित होता है जब परमेश्वर के लोग प्रार्थना में रहने को जीवन शैली का अंग मान कर उसमें बने रहते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए गए भजन हमें प्रतिदिन प्रभु के लिए अपनी आवाज़ उठाकर दिन का आरंभ करने के लिए कहते हैं (भजन 5:3); अपने दिन को परमेश्वर के साथ वार्तालाप से भरने के लिए कहते हैं (भजन 55:17); और जब हम पर दोषारोपण किया जाए, हमारी निन्दा की जाए तो अपनेआप को पूर्णतः परमेश्वर के सामने प्रार्थना में समर्पित कर देने को कहते हैं (भजन 109:4)। हम प्रार्थना को जीवन के मार्ग के रूप में तब ही विकसित करते हैं यदि हम परमेश्वर के साथ लगातार बने रहना चाहते हैं (भजन 42:1-4; 84:1-2; 130:5-6)।

   जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में परमेश्वर के साथ जुड़े रहने के लिए प्रार्थना ही माध्यम है। परमेश्वर के कान सदैव अपने बच्चों की ओर लगे रहते हैं। प्रार्थना वह माध्यम है जिसके द्वारा हम परमेश्वर से कभी भी, किसी भी परिस्थिति में, किसी भी बात के लिए अपने दिल की बात खुल कर कह सकते हैं, उससे मार्गदर्शन, शांति और सांत्वना प्राप्त कर सकते हैं, और प्रार्थना में दूसरों को भी उनकी आवशयकताओं के लिए उसके अनुग्रह के सिंहासन के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं। - मार्विन विलियम्स


प्रार्थना में परमेश्वर आपके शब्दों से भी बढ़कर सुनता है; 
वह आपके हृदय को सुनता है।

परन्तु मैं तेरी सामर्थ्य का यश गाऊंगा, और भोर को तेरी करूणा का जयजयकार करूंगा। क्योंकि तू मेरा ऊंचा गढ़ है, और संकट के समय मेरा शरणस्थान ठहरा है। हे मेरे बल, मैं तेरा भजन गाऊंगा, क्योंकि हे परमेश्वर, तू मेरा ऊंचा गढ़ और मेरा करूणामय परमेश्वर है। - भजन 59:16-17

बाइबल पाठ: भजन 5
Psalms 5:1 हे यहोवा, मेरे वचनों पर कान लगा; मेरे ध्यान करने की ओर मन लगा। 
Psalms 5:2 हे मेरे राजा, हे मेरे परमेश्वर, मेरी दोहाई पर ध्यान दे, क्योंकि मैं तुझी से प्रार्थना करता हूं। 
Psalms 5:3 हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी, मैं भोर को प्रार्थना कर के तेरी बाट जोहूंगा। 
Psalms 5:4 क्योंकि तू ऐसा ईश्वर नहीं जो दुष्टता से प्रसन्न हो; बुराई तेरे साथ नहीं रह सकती।
Psalms 5:5 घमंडी तेरे सम्मुख खड़े होने न पांएगे; तुझे सब अनर्थकारियों से घृणा है। 
Psalms 5:6 तू उन को जो झूठ बोलते हैं नाश करेगा; यहोवा तो हत्यारे और छली मनुष्य से घृणा करता है। 
Psalms 5:7 परन्तु मैं तो तेरी अपार करूणा के कारण तेरे भवन में आऊंगा, मैं तेरा भय मानकर तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत करूंगा। 
Psalms 5:8 हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण अपने धर्म के मार्ग में मेरी अगुवाई कर; मेरे आगे आगे अपने सीधे मार्ग को दिखा। 
Psalms 5:9 क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं। 
Psalms 5:10 हे परमेश्वर तू उन को दोषी ठहरा; वे अपनी ही युक्तियों से आप ही गिर जाएं; उन को उनके अपराधों की अधिकाई के कारण निकाल बाहर कर, क्योंकि उन्होंने तुझ से बलवा किया है।
Psalms 5:11 परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों। 
Psalms 5:12 क्योंकि तू धर्मी को आशिष देगा; हे यहोवा, तू उसको अपने अनुग्रहरूपी ढाल से घेरे रहेगा।

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 26-27
  • मरकुस 14:27-53


मंगलवार, 14 मार्च 2017

मध्यस्थ


   कल्पना कीजिए कि आप पर्वत की तलहटी पर, अपने समाज के लाखों अन्य लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाए हुए खड़े हैं। ऊपर भारी गर्जन और बिजली की चकाचौंध हो रही है; आपको तुरही का कर्णभेदी स्वर सुनाई देता है। आग की लपटों के मध्य, परमेश्वर पर्वत की चोटी पर उतर आता है। चोटी धुएं से ढक जाती है; सारा पर्वत काँप रहा है, और साथ ही आप भी काँप रहे हैं (निर्गमन 19:16-20)।

   जब सिनै पर्वत के निकट इस्त्राएलियों को इस भयावह अनुभव से होकर निकलना पड़ा, तो उन्हों ने मूसा से निवेदन किया, "...तू ही हम से बातें कर, तब तो हम सुन सकेंगे; परन्तु परमेश्वर हम से बातें न करे, ऐसा न हो कि हम मर जाएं" (निर्गमन 20:19)। इसत्राएली मूसा से निवेदन कर रहे थे कि वह उनके और सर्वशक्तिमान परमेश्वर के बीच मध्यस्थ बने, "और वे लोग तो दूर ही खड़े रहे, परन्तु मूसा उस घोर अन्धकार के समीप गया जहां परमेश्वर था" (निर्गमन 20:21)। इसके बाद से मूसा ही परमेश्वर से मिलने जाया करता था और परमेश्वर के सन्देश लाकर इस्त्राएलियों को सुना दिया करता था।

   आज हम भी उसी महान परमेश्वर कि आराधना करते हैं जिसने सिनै पर्वत पर अपनी आशचर्यजनक महानता प्रगट की। क्योंकि परमेश्वर की सिद्ध पवित्रता है, और हम अत्यन्त पापी स्वभाव के हैं, इसलिए हम उसके संपर्क में नहीं आ सकते हैं, उससे संबंध नहीं बना सकते हैं। यदि हम अपने आप पर ही छोड़ दिए जाएं तो हम भी, परमेश्वर की उपस्थिति में उन इस्त्राएलियों के समान ही काँपने लगेंगे, और ऐसा होना भी चाहिए। परन्तु प्रभु यीशु ने हमारे लिए यह संभव कर दिया कि हम परमेश्वर से संबंध बना सकें, उसके समीप आ सकें, उस से संवाद कर सकें क्योंकि प्रभु यीशु ने हमारे पापों को अपने ऊपर लेकर, क्रूस पर दिए गए बलिदान तथा मृतकों में से अपने पुनरुत्थान द्वारा स्वयं ही उनका सारा दण्ड चुका दिया (1 कुरिन्थियों 15:1-4), और परमेश्वर से हमारा मेल-मिलाप होने का मार्ग बना कर दे दिया। अब जो भी अपने पापों से पश्चाताप कर के साधारण विश्वास द्वारा प्रभु यीशु के इस कार्य को स्वीकार करता है, उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करके अपना जीवन उसे समर्पित कर देता है, वह परमेश्वर की सन्तान, उसके परिवार का सदस्य हो जाता है (यूहन्ना 1:12-13)। अपने सभी अनुयायियों के लिए, सिद्ध एवं पवित्र परमेश्वर तथा अपने चेलों के बीच आज भी संपर्क बनाए रखने वाला मध्यस्थ प्रभु यीशु ही है (रोमियों 8:34; 1 तिमुथियुस 2:5)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रभु यीशु ने हमारे और परमेश्वर के बीच की दूरी को पाट दिया है।

हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। ओर गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। - 1 कुरिन्थियों 15:1-4

बाबल पाठ: निर्गमन 20:18-26
Exodus 20:18 और सब लोग गरजने और बिजली और नरसिंगे के शब्द सुनते, और धुआं उठते हुए पर्वत को देखते रहे, और देख के, कांपकर दूर खड़े हो गए; 
Exodus 20:19 और वे मूसा से कहने लगे, तू ही हम से बातें कर, तब तो हम सुन सकेंगे; परन्तु परमेश्वर हम से बातें न करे, ऐसा न हो कि हम मर जाएं। 
Exodus 20:20 मूसा ने लोगों से कहा, डरो मत; क्योंकि परमेश्वर इस निमित्त आया है कि तुम्हारी परीक्षा करे, और उसका भय तुम्हारे मन में बना रहे, कि तुम पाप न करो। 
Exodus 20:21 और वे लोग तो दूर ही खड़े रहे, परन्तु मूसा उस घोर अन्धकार के समीप गया जहां परमेश्वर था।
Exodus 20:22 तब यहोवा ने मूसा से कहा, तू इस्त्राएलियों को मेरे ये वचन सुना, कि तुम लोगों ने तो आप ही देखा है कि मैं ने तुम्हारे साथ आकाश से बातें की हैं। 
Exodus 20:23 तुम मेरे साथ किसी को सम्मिलित न करना, अर्थात अपने लिये चान्दी वा सोने से देवताओं को न गढ़ लेना। 
Exodus 20:24 मेरे लिये मिट्टी की एक वेदी बनाना, और अपनी भेड़-बकरियों और गाय-बैलों के होमबलि और मेलबलि को उस पर चढ़ाना; जहां जहां मैं अपने नाम का स्मरण कराऊं वहां वहां मैं आकर तुम्हें आशीष दूंगा। 
Exodus 20:25 और यदि तुम मेरे लिये पत्थरों की वेदी बनाओ, तो तराशे हुए पत्थरों से न बनाना; क्योंकि जहां तुम ने उस पर अपना हथियार लगाया वहां तू उसे अशुद्ध कर देगा। 
Exodus 20:26 और मेरी वेदी पर सीढ़ी से कभी न चढ़ना, कहीं ऐसा न हो कि तेरा तन उस पर नंगा देख पड़े।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 23-25
  • मरकुस 14:1-26


सोमवार, 13 मार्च 2017

संवारना


   परमेश्वर के वचन बाइबल में जब मूसा ने परमेश्वर के मण्डप, उसके निवास-स्थान, के बनाने का कार्य आरंभ किया तो सारे इस्त्राएलियों को बुलाया (निर्गमन 35-39), और परमेश्वर द्वारा तैयार कर के नियुक्त किए गए कुशल कारीगर बसलेल को यह कार्य करने की ज़िम्मेदारी सौंपी। इस्त्राएल के लोगों से कहा गया कि वे इस कार्य के लिए अपने पास उपलब्ध सामान में से वे स्वेच्छा से दें; और कुछ स्त्रियों ने अपने पीतल के बहुमूल्य दर्पण भी परमेश्वर की उपस्थिति के स्थान का सामान बनाने के लिए दिए (निर्गमन 38:8)।

   अपने दर्पण दान कर दिए? हम में से अनेकों के लिए यह करना कठिन होगा कि कोई ऐसी वस्तु दान कर दें जिसके द्वारा हम अपने आप को देखने संवारने पाते हैं। हमें ऐसा करने के लिए कहा तो नहीं जाता है, परन्तु यह मुझे विचारने पर विवश करता है कि हम अपने आप को देखने, संवारने और अपने स्वरूप की जाँच करते रहने में कितना समय बिताते हैं? ऐसा करना हमें अपने बारे में अधिक और दूसरों के बारे कम सोचने वाला बना देता है।

   लेकिन जब हम बाइबल की इस शिक्षा पर ध्यान देते हैं कि हम जैसे भी हैं, हमारी खामियों और अधूरेपन के बावजूद, परमेश्वर हम से ऐसे में भी प्रेम करता है, तो यह हमें अपने चेहरों या स्वरूप के बारे में चिंतित होने की बजाए परमेश्वर तथा अन्य लोगों के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करता है (फिलिप्पियों 2:4)।

   ऑगस्टीन ने कहा, हम अपने आप से प्रेम करने से तो खो जाते हैं, परन्तु दूसरों से प्रेम करने में पाए जाते हैं। दूसरे शब्दों में, आनन्दित रहने का रहस्य अपने चेहरों को संवारने में नहीं वरन अपने हृदय, अपने जीवन, अपने आप को दूसरों को संवारने के लिए दे देने में है, जैसा कि हमारे प्रभु यीशु ने हमारे लिए किया और हमारे सामने अनुसरण करने के लिए उदाहरण रखा। - डेविड रोपर


वह हृदय जो दूसरों को संवारने पर केंद्रित है, 
स्वार्थ द्वारा कभी नाश नहीं हो सकता।

निदान हम बलवानों को चाहिए, कि निर्बलों की निर्बलताओं को सहें; न कि अपने आप को प्रसन्न करें। हम में से हर एक अपने पड़ोसी को उस की भलाई के लिये सुधारने के निमित प्रसन्न करे। - रोमियों 15:1-2

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। 
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। 
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। 
Philippians 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे। 
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। 
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। 
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। 
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली। 
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। 
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। 
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 20-22
  • मरकुस 13:21-37


रविवार, 12 मार्च 2017

आकाशमण्डल


   अपने प्राथमिक विद्यालय के छात्र होने के दिनों में, मैं और मेरा मित्र केन्ट अकसर रात्रि के आकाशमण्डल को दूरबीन द्वारा देखने में बिताते थे। हम सितारों को, चन्द्रमा के पहाड़ों को, देखकर चकित होते। सारी शाम हम बारी बारी आकाशमण्डल को निहारने के लिए एक दुसरे से कहते रहते थे, "ज़रा दूरबीन मुझे देना!"

   हम से कई सदियाँ पहले एक अन्य यहूदी चरवाहा युवक भी रात्रि के आकाशमण्डल को देख कर विस्मित होता था। उसके पास आकाशमण्डल की भव्यता को देखने और निहारने के लिए दूरबीन नहीं थी। परन्तु उसके पास कुछ और था, जो दूरबीन से भी अधिक महत्वपूर्ण था - जीवते परमेश्वर के साथ व्यक्तिगत संबंध। मैं कल्पना कर सकता हूँ कि दाऊद मैदान में बैठा आकाशमण्डल को निहार रहा है, परमेश्वर के बारे में मनन कर रहा है, और उसकी भेड़ें आस-पास हैं, मिमिया रही हैं। बाद में दाऊद ने परमेश्वर की प्रेरणा द्वारा अपने एक भजन में लिखा, "आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है" (भजन 19:1-2)।

   अपनी व्यस्त दिनचर्या में हमारे आनन्द तथा उसकी सामर्थ एवं महिमा प्रकट करने के लिए हमारे परमेश्वर पिता द्वारा आकाशमण्डल में रचि गई आश्चर्यचकित कर देने वाली उसकी अद्भुत कारीगरी एवं सुन्दरता को हम निहारना भूल जाते हैं। जब भी हम समय निकाल कर रात्रि के आकाशमण्डल को देखते हैं, परमेश्वर की सृष्टि पर मनन करते हैं तो अपने स्वर्गीय प्रेमी पिता की हस्ती, असीम सामर्थ एवं महिमा की गहरी समझ प्राप्त करते हैं, उसकी निकटता में बढ़ते हैं। - डेनिस फिशर


परमेश्वर की सृष्टि के अजूबों से हम उसकी महिमा, गौरव और चरित्र का दर्शन पाते हैं।

इसलिये कि परमेश्वर के विषय का ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है। क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। - रोमियों 1:19-20

बाइबल पाठ: भजन 19
Psalms 19:1 आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। 
Psalms 19:2 दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है। 
Psalms 19:3 न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है। 
Psalms 19:4 उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उसने सूर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है, 
Psalms 19:5 जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर की नाईं अपनी दौड़ दौड़ने को हर्षित होता है। 
Psalms 19:6 वह आकाश की एक छोर से निकलता है, और वह उसकी दूसरी छोर तक चक्कर मारता है; और उसकी गर्मी सब को पहुंचती है।
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; 
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है; 
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। 
Psalms 19:10 वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। 
Psalms 19:11 और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है। 
Psalms 19:12 अपनी भूलचूक को कौन समझ सकता है? मेरे गुप्त पापों से तू मुझे पवित्र कर। 
Psalms 19:13 तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वह मुझ पर प्रभुता करने न पाएं! तब मैं सिद्ध हो जाऊंगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूंगा।
Psalms 19:14 मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करने वाले!

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 17-19
  • मरकुस 13:1-20


शनिवार, 11 मार्च 2017

सुलभ


   जब जॉन एफ़. केनेडी अमेरिका के राष्ट्रपति थे तो उनके कार्यकाल में फोटोग्राफरों को कभी कभी उनके दफ्तर का एक चित्ताकर्षक दृश्य फोटो खींचने के लिए मिल जाता था - अपने ओवल दफ्तर में राष्ट्रपति केनेडी अपने मन्त्रीमण्डल के सदस्यों के साथ बैठे हुए सारे संसार को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं, और एक दो वर्षीय बालक, राष्ट्रपति भवन के नियमों और शिष्टाचार की चिंता किए बिना उनके आस-पास घुम-फिर रहा है, या उनकी मेज़ के पास या नीचे रेंग रहा है। वह उनका दो वर्षीय बेटा था, जो राज्यों के गंभीर विषयों एवं उनसे संबंधित चर्चा से बेपरवाह, केवल अपने पिता से मिलने आया था, और पिता के समीप होने का आनन्द उठा रहा था।

   चौंका देने वाली इस प्रकार की अत्यंत सरल सुलभता ’अब्बा’ शब्द में मिलती है। जब प्रभु यीशु ने कहा, "...हे अब्‍बा, हे पिता, तुझ से सब कुछ हो सकता है..." (मरकुस 14:36), तो उनका यही अभिप्राय था। निःसन्देह, परमेश्वर इस सारी सृष्टि का सार्वभौमिक प्रभु है, परन्तु प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा उसके पास जाना प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए वैसा ही सुलभ हो गया है जैसा एक बालक के लिए अपने प्रेमी पिता के समीप जाना होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में रोमियों 8 में प्रेरित पौलुस इस करीबी के चित्रण को और भी निकट का बना देता है। पौलुस कहता है, परमेश्वर का पवित्र आत्मा हम में निवास करता है, और जब हम यह नहीं समझ पाते हैं कि क्या और कैसे प्रार्थना करें, तब "इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है" (रोमियों 8:26)।

   प्रभु यीशु हमारा मेल-मिलाप परमेश्वर पिता के साथ करवाने के लिए आए थे, और उन्होंने हमें दिखाया कि चाहे दो दमड़ी वाली निर्धन विधवा हो, या रोमी सूबेदार हो अथवा अभागा चुँगी लेने वाला, या क्रूस पर टांगा गया डाकू हो - चाहे कोई भी हो, जो भी उसे सच्चे मन से पुकारता है, वह सिद्ध और पवित्र परमेश्वर पिता उसकी सहायता के लिए आता है और उसे बचाता है।

   प्रभु यीशु के कलवरी के क्रूस पर दिए गए बलिदान के द्वारा परमेश्वर पिता हमारे इतना निकट आ गया है, उस तक पहुँचना हमारे लिए इतना सुलभ हो गया है कि हमें बस सच्चे और समर्पित मन से उसे पुकाराना भर है, अपने पापों का अंगीकार कर के उनके लिए पश्चातापी होकर आत्मा में आहें ही भरना है, और उसकी सहायता हमारे लिए उपलब्ध हो जाएगी।

   परमेश्वर पिता आपसे मिलने के लिए आतुर है; उसके द्वारा प्रभु यीशु में होकर उपलब्ध करवाए गए सुलभ मार्ग को अपनाएं और परमेश्वर से मेल-मिलाप कर लें। - फिलिप यैंसी


प्रार्थना परमेश्वर के साथ घनिष्टता से संवाद करना है।

सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। - रोमियों 5:1

बाइबल पाठ: रोमियों 8:13-28
Romans 8:13 क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रीयाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे। 
Romans 8:14 इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं। 
Romans 8:15 क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं। 
Romans 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं। 
Romans 8:17 और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।
Romans 8:18 क्योंकि मैं समझता हूं, कि इस समय के दु:ख और क्लेश उस महिमा के साम्हने, जो हम पर प्रगट होने वाली है, कुछ भी नहीं हैं। 
Romans 8:19 क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है। 
Romans 8:20 क्योंकि सृष्टि अपनी इच्छा से नहीं पर आधीन करने वाले की ओर से व्यर्थता के आधीन इस आशा से की गई। 
Romans 8:21 कि सृष्टि भी आप ही विनाश के दासत्व से छुटकारा पाकर, परमेश्वर की सन्तानों की महिमा की स्वतंत्रता प्राप्त करेगी। 
Romans 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है। 
Romans 8:23 और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं। 
Romans 8:24 आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योंकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा? 
Romans 8:25 परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जोहते भी हैं। 
Romans 8:26 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है। 
Romans 8:27 और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है। 
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 14-16
  • मरकुस 12:28-44