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सोमवार, 13 मार्च 2017

संवारना


   परमेश्वर के वचन बाइबल में जब मूसा ने परमेश्वर के मण्डप, उसके निवास-स्थान, के बनाने का कार्य आरंभ किया तो सारे इस्त्राएलियों को बुलाया (निर्गमन 35-39), और परमेश्वर द्वारा तैयार कर के नियुक्त किए गए कुशल कारीगर बसलेल को यह कार्य करने की ज़िम्मेदारी सौंपी। इस्त्राएल के लोगों से कहा गया कि वे इस कार्य के लिए अपने पास उपलब्ध सामान में से वे स्वेच्छा से दें; और कुछ स्त्रियों ने अपने पीतल के बहुमूल्य दर्पण भी परमेश्वर की उपस्थिति के स्थान का सामान बनाने के लिए दिए (निर्गमन 38:8)।

   अपने दर्पण दान कर दिए? हम में से अनेकों के लिए यह करना कठिन होगा कि कोई ऐसी वस्तु दान कर दें जिसके द्वारा हम अपने आप को देखने संवारने पाते हैं। हमें ऐसा करने के लिए कहा तो नहीं जाता है, परन्तु यह मुझे विचारने पर विवश करता है कि हम अपने आप को देखने, संवारने और अपने स्वरूप की जाँच करते रहने में कितना समय बिताते हैं? ऐसा करना हमें अपने बारे में अधिक और दूसरों के बारे कम सोचने वाला बना देता है।

   लेकिन जब हम बाइबल की इस शिक्षा पर ध्यान देते हैं कि हम जैसे भी हैं, हमारी खामियों और अधूरेपन के बावजूद, परमेश्वर हम से ऐसे में भी प्रेम करता है, तो यह हमें अपने चेहरों या स्वरूप के बारे में चिंतित होने की बजाए परमेश्वर तथा अन्य लोगों के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करता है (फिलिप्पियों 2:4)।

   ऑगस्टीन ने कहा, हम अपने आप से प्रेम करने से तो खो जाते हैं, परन्तु दूसरों से प्रेम करने में पाए जाते हैं। दूसरे शब्दों में, आनन्दित रहने का रहस्य अपने चेहरों को संवारने में नहीं वरन अपने हृदय, अपने जीवन, अपने आप को दूसरों को संवारने के लिए दे देने में है, जैसा कि हमारे प्रभु यीशु ने हमारे लिए किया और हमारे सामने अनुसरण करने के लिए उदाहरण रखा। - डेविड रोपर


वह हृदय जो दूसरों को संवारने पर केंद्रित है, 
स्वार्थ द्वारा कभी नाश नहीं हो सकता।

निदान हम बलवानों को चाहिए, कि निर्बलों की निर्बलताओं को सहें; न कि अपने आप को प्रसन्न करें। हम में से हर एक अपने पड़ोसी को उस की भलाई के लिये सुधारने के निमित प्रसन्न करे। - रोमियों 15:1-2

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। 
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। 
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। 
Philippians 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे। 
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। 
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। 
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। 
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली। 
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। 
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। 
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 20-22
  • मरकुस 13:21-37


शुक्रवार, 9 मई 2014

महिमामय तथा उपयोगी


   मेरे नाती-पोते रंगीन लेगो के साथ खेलना बहुत पसन्द करते हैं। लेगो के उन छोटे छोटे कई भिन्न रंगों के आकारों को आपस में जोड़ कर किले, हवाई जहाज़, घर आदि कुछ भी दिए गए निर्देशों के अनुसार बनाया जा सकता है। लेगो से खेलने के लिए वे बच्चे खिलौने के डिब्बे को ज़मीन पर उलट कर सभी आकारों को बाहर निकाल लेते हैं, और फिर निर्देश पुस्तिका में दी गई किसी चीज़ को बनाने लग जाते हैं। लेकिन शीघ्र ही बजाए दिए गए निर्देशों का पालन करते रहने के, वे अपनी समझ और इच्छानुसार बनाना आरंभ कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि कुछ ही देर में बनाई जा रही वह चीज़ बिगड़ जाती है, और उन्हें सारे आकारों को अलग अलग करके फिर से बनाना आरंभ करना पड़ता है - लेकिन इस बार वे निर्देशों का ध्यान भी करते रहते हैं।

   क्या आज आप अपने जीवन को सुचारू रूप से चलता हुआ पाने की बजाए उसे अस्त-व्यस्त पाते हैं? यदि ऐसा है तो आपको भी अपने जीवन को परमेश्वर के नियमों के अनुसार सुधारने और पुनः बनाने की आवश्यकता है। प्रेरित पौलुस ने लिखा है कि प्रत्येक मसीही विश्वासी के जीवन की नेंव प्रभु यीशु मसीह है, और हम सब को ध्यान देना है कि हम उस नेंव पर कैसे निर्माण कर रहे हैं (1 कुरिन्थियों 3:10-11)। प्रभु ने हमारे लिए कुछ निर्देश भी दिए हैं जिनके अनुसार ही हमें अपने जीवनों को उसकी महिमा और उपयोगिता के लिए बनाना है। 

ये निर्देश हैं:
- नम्रता पूर्वक दूसरों की सेवा करते हुए उन्हें अपने से बढ़कर समझो (फिलिप्पियों 2:3-4);
- ज़रूरतमन्दों को अपने संसाधनों में से उदारता पूर्वक दो (याकूब 2:14-17);
- जो आपके साथ बुराई भी करें उनके साथ भी प्रेम पूर्वक व्यवहार करो (रोमियों 12:14-21);

ये अपने जीवन को भलि-भांति परमेश्वर के लिए महिमामय तथा उपयोगी (1 कुरिन्थियों 3:16) बनाने के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए गए उसके निर्देशों में से कुछ निर्देश हैं, जिनका पालन द्वारा हमारी अपनी तथा अन्य लोगों की भलाई होती है। - जो स्टोवैल

जीवन संवारने तथा बनाने के लिए बाइबल परमेश्वर की ओर से दिया हुआ मार्गदर्शक एवं नक्षा है।

और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्र मन्दिर बनती जाती है। जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवास स्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो। - इफिसियों 2:20-22

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 3:9-17
1 Corinthians 3:9 क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। 
1 Corinthians 3:10 परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है; परन्तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है। 
1 Corinthians 3:11 क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। 
1 Corinthians 3:12 और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रद्दा रखता है। 
1 Corinthians 3:13 तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा; क्योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है। 
1 Corinthians 3:14 जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:15 और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्तु जलते जलते। 
1 Corinthians 3:16 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? 
1 Corinthians 3:17 यदि कोई परमेश्वर के मन्दिर को नाश करेगा तो परमेश्वर उसे नाश करेगा; क्योंकि परमेश्वर का मन्दिर पवित्र है, और वह तुम हो।

एक साल में बाइबल: 
  • नहेम्याह 7-9


मंगलवार, 15 अक्टूबर 2013

कृतज्ञ एवं धन्यवादी

   डेव रैन्डल्ट वह व्यक्ति थे जिनके लिए मैं कह सकता हूँ कि उनके कारण मेरा जीवन ऐसा बदला जो फिर कभी वापस लौट नहीं सकता। डेव अक्टूबर 2010 में अपने प्रभु के पास, अपने स्वर्गीय घर चले गए। जब मैं कॉलेज के दिनों में प्रभु यीशु का नया अनुयायी ही था, तब मैं डेव के संपर्क में आया और तब से ही वे मेरे परामर्शदाता और मुझे उभारने, सिखाने वाले बन गए। उन्होंने ना केवल मुझे में अपने समय का निवेश किया, वरन मुझे मसीही सेवकाई में सीखने और बढ़ने के अवसर देकर मेरे लिए अपने ऊपर जोखिम भी आने दिया। डेव प्रभु की ओर से माध्यम थे कि मैं छात्रावस्था में ही प्रचार कर सकूँ और कॉलेज के संगीत दल के साथ यात्राएं कर सकूँ। परिणामस्वरूप उन्होंने मेरे जीवन को परमेश्वर के वचन का शिक्षक होने के लिए ढाला और तैयार किया। मैं प्रसन्न हूँ कि इन सब बातों के लिए मैं कई बार उन्हें धन्यवाद दे सका।

   जैसे मैं डेव के प्रति अपने जीवन में आए प्रभावों के लिए कृतज्ञ और धन्यवादी हूँ, प्रेरित पौलुस भी अपने सहकर्मी अक्वीला और प्रिसका के प्रति कृतज्ञ और धन्यवादी था, जो उसके साथ प्रभु यीशु की सेवा करते थे। पौलुस ने उनके विषय में लिखा, "उन्होंने मेरे प्राण के लिये अपना ही सिर दे रखा था और केवल मैं ही नहीं, वरन अन्यजातियों की सारी कलीसियाएं भी उन का धन्यवाद करती हैं" (रोमियों 16:4)।

   आपके जीवन में भी कई लोग होंगे जिन्होंने आपको उन्नति के अवसर देने के लिए अपने ऊपर जोखिम लिए होंगे, या जिन्होंने आत्मिक रीति से आपको प्रभावित किया होगा, आपको संवारा और बढ़ाया होगा। संभवतः कोई पास्टर, या मसीही सेवकाई के अगुवे, या कोई मित्रगण अथवा परिवारजन ने अपने आपको आपके जीवन में व्यय किया जिससे आप मसीह यीशु में अपनी जीवन यात्रा में बेहतर रीति से आगे बढ़ सकें। आपके सांसारिक जीवन में भी आगे बढ़ने और उन्नति करने, आपको उचित अवसर मिलने तथा उन अवसरों का योग्य रीति से प्रयोग करने के लिए आपको प्रोत्साहित करने में भी कई लोग सम्मिलित रहे होंगे। महत्वपूर्ण प्रश्न यह है, अवसर रहते क्या आपने उनके प्रति अपनी कृतज्ञता और धन्यवाद को उन पर प्रकट किया है?

   कौन कब जीवन का हिसाब देने के लिए बुला लिया जाएगा, कोई नहीं जानता। शायद कल आपके पास यह अवसर ना रहे। आज ही, अवसर रहते, अपने कृतज्ञ और धन्यवादी होने को उन लोगों पर प्रकट करें, जिन्होंने अपने जीवन आपके जीवन को संवारने में निवेश किए हैं। - बिल क्राउडर


जिन्होंने आपको बनाने में योगदान दिया है, उनके प्रति सदा कृतज्ञ एवं धन्यवादी रहें।

उन्होंने मेरे प्राण के लिये अपना ही सिर दे रखा था और केवल मैं ही नहीं, वरन अन्यजातियों की सारी कलीसियाएं भी उन का धन्यवाद करती हैं। - रोमियों 16:4

बाइबल पाठ: रोमियों 16:1-16
Romans 16:1 मैं तुम से फीबे की, जो हमारी बहिन और किंख्रिया की कलीसिया की सेविका है, बिनती करता हूं। 
Romans 16:2 कि तुम जैसा कि पवित्र लोगों को चाहिए, उसे प्रभु में ग्रहण करो; और जिस किसी बात में उसको तुम से प्रयोजन हो, उस की सहायता करो; क्योंकि वह भी बहुतों की वरन मेरी भी उपकारिणी हुई है। 
Romans 16:3 प्रिसका और अक्विला को जो मसीह यीशु में मेरे सहकर्मी हैं, नमस्कार। 
Romans 16:4 उन्होंने मेरे प्राण के लिये अपना ही सिर दे रखा था और केवल मैं ही नहीं, वरन अन्यजातियों की सारी कलीसियाएं भी उन का धन्यवाद करती हैं। 
Romans 16:5 और उस कलीसिया को भी नमस्कार जो उन के घर में है। मेरे प्रिय इपैनितुस को जो मसीह के लिये आसिया का पहिला फल है, नमस्कार। 
Romans 16:6 मरियम को जिसने तुम्हारे लिये बहुत परिश्रम किया, नमस्कार। 
Romans 16:7 ​अन्द्रुनीकुस और यूनियास को जो मेरे कुटम्बी हैं, और मेरे साथ कैद हुए थे, और प्रेरितों में नामी हैं, और मुझ से पहिले मसीह में हुए थे, नमस्कार। 
Romans 16:8 अम्पलियातुस को, जो प्रभु में मेरा प्रिय है, नमस्कार। 
Romans 16:9 उरबानुस को, जो मसीह में हमारा सहकर्मी है, और मेरे प्रिय इस्तखुस को नमस्कार। 
Romans 16:10 अपिल्लेस को जो मसीह में खरा निकला, नमस्कार। अरिस्तुबुलुस के घराने को नमस्कार। 
Romans 16:11 मेरे कुटुम्बी हेरोदियोन को नमस्कार। नरकिस्सुस के घराने के जो लोग प्रभु में हैं, उन को नमस्कार। 
Romans 16:12 त्रूफैना और त्रूफोसा को जो प्रभु में परिश्रम करती हैं, नमस्कार। प्रिया परसिस को जिसने प्रभु में बहुत परिश्रम किया, नमस्कार। 
Romans 16:13 रूफुस को जो प्रभु में चुना हुआ है, और उस की माता को जो मेरी भी है, दोनों को नमस्कार। 
Romans 16:14 असुंक्रितुस और फिलगोन और हिर्मास ओर पत्रुबास और हर्मेस और उन के साथ के भाइयों को नमस्कार। 
Romans 16:15 फिलुलुगुस और यूलिया और नेर्युस और उस की बहिन, और उलुम्पास और उन के साथ के सब पवित्र लोगों को नमस्कार।
Romans 16:16 आपस में पवित्र चुम्बन से नमस्कार करो तुम को मसीह की सारी कलीसियाओं की ओर से नमस्कार।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 45-46 
  • 1 थिस्सुलुनीकियों 3


मंगलवार, 13 अगस्त 2013

प्रवीण कारिगर

   जब मेरी सगाई हुई तो मेरे होने वाले ससुर, जिम ने मुझे एक ऐसा विशेष उपहार दिया जिसे मैं आज तक संजोए हुए हुँ। जिम व्यवसाय से एक घड़ी साज़ तथा जौहरी है, और हमारी शादी की अँगूठियाँ उसी ने हमें बनाकर दीं। मेरी अँगूठी बनाने के लिए जिम ने सोने के छोटे छोटे टुकड़ों का उपयोग किया - वे टुकड़े जो ज़ेवर संवारते-सुधारते समय काट कर निकाले जाते हैं और जिनका कोई विशेष महत्व नहीं होता। लेकिन इस प्रवीण कारीगर के हाथ में उन टुकड़ों ने एक ऐसा अनुपम और सुन्दर रूप ले लिया जिसे हर देखने वाला सराहता है और मैं जिसे संजोए रहता हूँ और निहारता रहता हूँ। यह एक विलक्षण, अद्भुत लेकिन विचार योग्य बात है कि एक प्रवीण कारिगर के हाथों में छोटे छोटे बेकार टुकड़े भी कैसे बहुमूल्य, सुन्दर और उपयोगी हो जाते हैं।

   परमेश्वर भी हमारे जीवनों में ऐसे ही कार्य करता है। वह तो सभी प्रवीण कारिगरों से भी महान और सिद्ध कारिगर है। वह हमारे जीवनों को, उसके व्यर्थ और टूटे-फूटे अंशों सहित लेकर, एक अर्थपूर्ण, उपयोगी और आशीशित जीवन बना देता है - यदि हम स्वेच्छा से अपने जीवन उसके हाथों में समर्पित करके उसे अपना कार्य करने दें। परमेश्वर के वचन बाइबल में यर्मियाह नबी ने इसी बात को एक कुम्हार द्वारा मिट्टी से बर्तन बनाए जाने के उदाहरण से समझाया है। जैसे कुम्हार एक बिगड़े हुए बर्तन को भी पुनः संवार कर एक नया और अच्छा स्वरूप दे सकता है, वैसे ही परमेश्वर भी हमें संवार कर अच्छा कर सकता है: "और जो मिट्टी का बासन वह बना रहा था वह बिगड़ गया, तब उसने उसी का दूसरा बासन अपनी समझ के अनुसार बना दिया" (यर्मियाह 18:4)।

   हमने चाहे अपने जीवन को कैसा भी बिगाड़ लिया हो, परमेश्वर हमें सुधार कर अपनी और संसार की दृष्टि में सुन्दर बना सकता है। आवश्यकता बस इतनी है कि हम अपने पाप मानकर परमेश्वर प्रभु यीशु से उनकी क्षमा माँग लें, अपना जीवन उस के हाथों में समर्पित कर दें और उसकी आज्ञाकारिता में जीवन बिताना आरंभ कर दें; इस के द्वारा ही परमेश्वर हमारे जीवनों में अपना कार्य करना और हमारा स्वरूप सुधारना आरंभ कर देगा (2 तिमुथियुस 2:21), और वह नया स्वरूप अद्भुत होगा।

   केवल यही एक मार्ग है बिगड़े हुए को सुधारने और संवारने का - उस महान सिद्ध प्रवीण कारिगर के हाथों में अपने आप को सौंप दीजिए और उसे अपना कार्य कर लेने दीजिए। केवल वह ही हमें सुधार सकता है, क्योंकि आखिरकर हमारा बनाने वाला वह ही तो है। - बिल क्राउडर


यदि परमेश्वर को मरम्मत करने दी जाए तो टूटे-फूटे जीवन भी सुन्दर और आशीशित जीवन बन सकते हैं।

यदि कोई अपने आप को इन से शुद्ध करेगा, तो वह आदर का बरतन, और पवित्र ठहरेगा; और स्‍वामी के काम आएगा, और हर भले काम के लिये तैयार होगा। - 2 तिमुथियुस 2:21

बाइबल पाठ: यर्मियाह 18:1-10
Jeremiah 18:1 यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा, उठ कर कुम्हार के घर जा,
Jeremiah 18:2 और वहां मैं तुझे अपने वचन सुनवाऊंगा।
Jeremiah 18:3 सो मैं कुम्हार के घर गया और क्या देखा कि वह चाक पर कुछ बना रहा है!
Jeremiah 18:4 और जो मिट्टी का बासन वह बना रहा था वह बिगड़ गया, तब उसने उसी का दूसरा बासन अपनी समझ के अनुसार बना दिया।
Jeremiah 18:5 तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, हे इस्राएल के घराने,
Jeremiah 18:6 यहोवा की यह वाणी है कि इस कुम्हार की नाईं तुम्हारे साथ क्या मैं भी काम नहीं कर सकता? देख, जैसा मिट्टी कुम्हार के हाथ में रहती है, वैसा ही हे इस्राएल के घराने, तुम भी मेरे हाथ में हो।
Jeremiah 18:7 जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि उसे उखाड़ूंगा वा ढा दूंगा अथवा नाश करूंगा,
Jeremiah 18:8 तब यदि उस जाति के लोग जिसके विषय मैं ने कह बात कही हो अपनी बुराई से फिरें, तो मैं उस विपत्ति के विषय जो मैं ने उन पर डालने को ठाना हो पछताऊंगा।
Jeremiah 18:9 और जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि मैं उसे बनाऊंगा और रोपूंगा;
Jeremiah 18:10 तब यदि वे उस काम को करें जो मेरी दृष्टि में बुरा है और मेरी बात न मानें, तो मैं उस भलाई के विष्य जिसे मैं ने उनके लिये करने को कहा हो, पछताऊंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 87-88 
  • रोमियों 13