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बुधवार, 15 दिसंबर 2010

परमेश्वर का अद्भुत वचन

सन १९४७ में इस्त्राएल के लवण सागर (Dead Sea) के आस पास के इलाके में स्थित कुमरान गुफाओं में, मिट्टी के बरतनों में बन्द, चर्मपत्रों पर लिखी कई प्राचीन पुस्तकें मिलीं जिन्हें Dead Sea Scrolls के नाम से जाना जाता है। पुरातत्व विज्ञान में इन्हें बीसवीं सदी की सबसे महान खोज माना जाता है। इन पुस्तकों को खोलने पर पता चला कि वे बाइबल के पुराने नियम की कई महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं। सन २००७ में सैन डियेगो प्राकृतिक इतिहास के अजायबघर में बाइबल की पुस्तकों की इन सबसे प्राचीन प्रतियों में से २४ की प्रदर्शनी लगी। इस प्रदर्शनी में जो बात बार बार सामने आ रही थी वह थी कि लगभग २००० साल पुरानी इन पुस्तकों और वर्तमान बाइबल की उन्ही पुस्तकों के लेखों में कोई फर्क नहीं है! अर्थात, हज़ारों साल से इन प्राचीन पुस्तकों की हाथों द्वारा बार बार बनाई गई प्रतियों के लेखों में कोई त्रुटि नहीं आई। यह बात और भी विशिष्ट हो जाती है जब ध्यान किया जाए कि इन हज़ारों सालों में बाइबल को नाश करने के अनगिनित प्रयत्न किये गए। बिना छपाई की सुविधा या आधुनिक कंप्यूटर संसाधनों के, केवल हाथों द्वारा नाशमान चर्मपत्रों पर छिप छिप कर इनकी प्रतियां बनानी पड़ती थीं, और इन प्रतियों की संख्या भी बहुत सीमित रहती थी, जिन्हें फिर बहुत संभाल कर रखा जाता था, फिर भी ये सुरक्षित और त्रुटि रहित रही हैं।

मसीह यीशु के विश्वासियों के लिये, जो बाइबल को परमेश्वर का शाश्वत वचन मानते हैं, यह अद्भुत संरक्षण केवल संयोग मात्र नहीं है। भजनकार ने लिखा "हे यहोवा, तेरा वचन, आकाश में सदा तक स्थिर रहता है। तेरी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।" (भजन ११९:८९, ९०)

प्रभु यीशु ने कहा "आकाश और पृथ्वी टल जाएंगे, परन्‍तु मेरी बातें कभी न टलेंगी।" (मती २४:३५)

बाइबल केवल एक ऐतिहासिक स्मृतिचिन्ह नहीं है, यह परमेश्वर का जीवित और सामर्थी वचन है जो मनों को जांचने और सच्चाई को प्रगट करने की क्षमता रखता है - "क्‍योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव और आत्मा को, और गांठ गांठ और गूदे गूदे को अलग करके, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है।" (इब्रानियों ४:१२)

बाइबल से हम सीखते हैं कि परमेश्वर कौन है, कैसा है और क्या चाहता है; उसके साथ कैसे चलना चाहिये, कैसे उसे आदर देना चाहिये। बाइबल हमें सृष्टि और समय के आरंभ से लेकर समय के अन्त और अनन्त की बात बताती है। भजनकार इसीलिये कहता है "मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूंगा क्योंकि उन्हीं के द्वारा तू ने मुझे जिलाया है।" (भजन ११९:९३) प्रभु यीशु के चेले पतरस ने कहा "...हे प्रभु हम किस के पास जाएं अनन्‍त जीवन की बातें तो तेरे ही पास हैं। और हम ने विश्वास किया, और जान गए हैं, कि परमेश्वर का पवित्र जन तू ही है।" (यूहन्ना ६:६८, ६९)

परमेश्वर के जीवते और शाश्वत वचन से प्रतिदिन सीख पाने वालों का यह सौभाग्य कितना महान है। - डेविड मैककैसलैन्ड


लिखित वचन बाइबल को जानने से ही, जीवित वचन प्रभु यीशु मसीह से प्रेम रखा जा सकता है।

हे यहोवा, तेरा वचन, आकाश में सदा तक स्थिर रहता है। - भजन ११९:८९


बाइबल पाठ: भजन ११९:८९-९६

हे यहोवा, तेरा वचन, आकाश में सदा तक स्थिर रहता है।
तेरी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है। तू ने पृथ्वी को स्थिर किया, इसलिये वह बनी है।
वे आज के दिन तक तेरे नियमों के अनुसार ठहरे हैं, क्योंकि सारी सृष्टि तेरे अधीन है।
यदि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी न होता, तो मैं दु:ख के समय नाश हो जाता।
मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूंगा क्योंकि उन्हीं के द्वारा तू ने मुझे जिलाया है।
मैं तेरा ही हूं, तू मेरा उद्धार कर, क्योंकि मैं तेरे उपदेशों की सुधि रखता हूं।
दुष्ट मेरा नाश करने के लिये मेरी घात में लगे हैं, परन्तु मैं तेरी चितौनियों पर ध्यान करता हूं।
जितनी बातें पूरी जान पड़ती हैं, उन सब को तो मैं ने अधूरी पाया है, परन्तु तेरी आज्ञा का विस्तार बड़ा है।

एक साल में बाइबल:
  • अमोस १-३
  • प्रकाशितवाक्य ६

मंगलवार, 14 दिसंबर 2010

चेतावनी के संकेत

जब मैंने अपनी कार चालू करने को चाबी घुमाई तो उसे चालू होने में थोड़ा सा वक्त लगा और एक छोटी पीली बत्ती संकेत देने लगी "अपना इंजन जांचिये"; मुझे नहीं लगा कि यह कोई ऐसी गम्भीर समस्या है जिस पर मुझे तुरंत ध्यान देने की आवश्यक्ता है। मैंने कार चालू करी और अपने काम पर निकल गया। लेकिन अगली सुबह जब मैंने कार चालू करने की कोशिश करी तो वह चालू नहीं हुई। इस बात पर मेरी पहली प्रतिक्रिया थी खिसियाहट की, यह सोच कर कि अब इससे मुझे समय और पैसे का नुकसान तथा असुविधा का सामना करना पड़ेगा। कुछ समय के बाद मेरी दूसरी प्रतिक्रिया विधिसंगत थी - मैंने निर्णय लिया कि अब से मैं चेतावनी के संकेतों को नज़रांदाज़ नहीं करूंगा, वे वास्तव में किसी गंभीर समस्या के सूचक हो सकते हैं।

बाइबल में परमेश्वर ने योएल नबी के द्वारा अपने लोगों को उनके आत्मिक जीवन से संबंधित उसकी चेतावनियों पर ध्यान देने के लिये उकसाया (योएल २:१२-१७)। समृद्धी के कारण वे लोग परमेश्वर के प्रति उदासीन और लापरवाह हो गए थे। उनका विश्वास खोखला तथा ऊपरी तौर से केवल रिवाज़ों को मनाने तक सीमित रह गया था, और उनके जीवन में आत्मिक दिवालियापन तथा नैतिक पतन आ गया था। उन्हें चिताने के लिये परमेश्वर ने उनकी फसल को टिड्डियों से बरबाद होने दिया, जिससे वे अपने व्यवहार को बदलें और परमेश्वर की ओर सच्चे मन से फिरें।

प्रभु यीशु मसीह ने अपने चेलों को चिताया "...चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्‍योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता। उस ने उन से एक दृष्‍टान्‍त कहा, कि किसी धनवान की भूमि में बड़ी उपज हुई। तब वह अपने मन में विचार करने लगा, कि मैं क्‍या करूं, क्‍योंकि मेरे यहां जगह नहीं, जहां अपनी उपज इत्यादि रखूं। और उस ने कहा मैं यह करूंगा: मैं अपनी बखारियां तोड़ कर उन से बड़ी बनाऊंगा और वहां अपना सब अन्न और संपत्ति रखूंगा: और अपने प्राण से कहूंगा, कि प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह। परन्‍तु परमेश्वर ने उस से कहा हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा? ऐसा ही वह मनुष्य भी है जो अपने लिये धन बटोरता है, परन्‍तु परमेश्वर की दृष्‍टि में धनी नहीं।" (लूका १२:१५-२१)

क्या आपके जीवन में परमेश्वर की ओर से कोई चेतावनी का संकेत आ रहा है? क्या आपके जीवन में ऐसा कुछ है जिसे परमेश्वर के सन्मुख अंगीकार और पश्चाताप द्वारा ठीक करना बाकी है? समय रहते चेत जाइये और सब कुछ परमेश्वर के साथ ठीक कर लीजिये; बात को नज़रंदाज़ करना या टालना नुकसानदेह या घातक भी हो सकता है। - मार्विन विलियम्स


मन की बेचैनी परमेश्वर की ओर से चेतावनी का संकेत भी हो सकती है।

तौभी यहोवा की यह वाणी है, अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते-पीटते अपने पूरे मन से फिर कर मेरे पास आओ। - योएल २:१२


बाइबल पाठ: योएल २:१२-१७

तौभी यहोवा की यह वाणी है, अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते-पीटते अपने पूरे मन से फिर कर मेरे पास आओ।
अपने वस्त्र नहीं, अपने मन ही को फाड़ कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछतानेहारा है।
क्या जाने वह फिर कर पछताए और ऐसी आशीष दे जिस से तुम्हारे परमेश्वर यहोवा को अन्नबलि और अर्घ दिया जाए।
सिय्योन में नरसिंगा फूंको, उपवास का दिन ठहराओ, महासभा का प्रचार करो;
लोगों को इकट्ठा करो। सभा को पवित्र करो, पुरनियों को बुला लो, बच्चों और दूधपीउवों को भी इकट्ठा करो। दुल्हा अपनी कोठरी से, और दुल्हिन भी अपने कमरे से निकल आएं।
याजक[पुरोहित] जो यहोवा के टहलुए हैं, वे आंगन और वेदी के बीच में रो रोकर कहें, हे यहोवा अपनी प्रजा पर तरस खा और अपने निज भाग की नामधराई न होने दे, न अन्यजातियां उसकी उपमा देने पाएं। जाति जाति के लोग आपस में क्यों कहने पाएं, कि उनका परमेश्वर कहां रहा?

एक साल में बाइबल:
  • योएल १-३
  • प्रकाशितवाक्य ५

सोमवार, 13 दिसंबर 2010

विश्राम का समय

पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा करने में ३६५ और १/४ दिन लगते हैं। इस कारण हर चौथे साल वर्ष में ३६६ दिन गिने जाते हैं और यह अतिरिक्त दिन फरवरी महीने में जोड़ दिया जाता है। इस प्रकार हमारा कैलेन्डर का नक्षत्रों से निर्धारित समय से सामन्जस्य बना रहता है।

प्राचीन इस्त्राएल के कैलेन्डर में प्रमेश्वर ने एक अद्भुत रीति से सामाजिक बातों को फिर से सही सामन्जस्य में लाने की विधि ठहराई थी। जैसे मनुष्य के लिये सप्ताह का सातवां दिन विश्राम का दिन निर्धारित किया गया (निर्गमन २०:८-१०), वैसे ही भूमि के लिये भी सातवां वर्ष विश्राम का वर्ष ठहराया गया (लैव्यवस्था २५:४) जिससे उसकी उर्वरता की परिपूर्ति हो सके। इसके साथ ही इस विश्राम के सातवें वर्ष में लोगों के कर्ज़ भी माफ होने थे (व्यवस्थाविवरण १५:१-११) और इब्रानी दास भी स्वतंत्र किये जाने थे। अर्थात, यह विश्राम का वर्ष, भूमि और समाज को एक नई शुरूआत देता था।

हमारे व्यस्त कार्यक्रमों और भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में हमें भी जीवन की कई बातों में सामन्जस्य बैठाने और व्यवसाय, परिवार, मण्डली के कामों को सुचारू रूप से चलाने के लिये उनका पुनःअवलोकन करने की आवश्यक्ता होती है। इसके लिये परमेश्वर की इस विश्राम विधि का पालन करना लाभदायक है; इसके द्वारा अपने लिये विश्राम और प्रार्थना सहित अपने कार्यों और अपनी प्रथमिकताओं पर विचार करके आगे बढ़ने के लिये सामर्थ पुनः प्राप्त करी जा सकती है। प्रभु यीशु ने अपने जीवन से इसे दिखाया - वह स्वयं प्रार्थना करने के लिये एकान्त में जाया करता था (लूका ६:१२, मरकुस १:३५) और उसने अपने चेलों को भी ऐसा करने की शिक्षा दी "प्रेरितों ने यीशु के पास इकट्ठे होकर, जो कुछ उन्‍होंने किया, और सिखाया था, सब उस को बता दिया। उस ने उन से कहा, तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्‍योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्‍हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। (मरकुस ६:३०, ३१)

ये विश्राम और प्रार्थना के समय हमारे थकित जीवनों में नई जान डालने और हमें अपने कार्य तथा ज़िम्मेदारियों के निर्वाह में और अधिक कार्यकुशल बनाने के लिये आवश्यक हैं, क्योंकि ये हमारे शरीरों की रचना में परमेश्वर द्वारा स्थापित किये गये हैं।

अपने जीवन में विश्राम के उचित समय बनाए रखिये - ये आपके, आपके परिवार के और समाज के भले के लिये परमेश्वर की व्यवस्था हैं। - डेनिस फिशर


अपने समय का सर्वोत्तम प्रयोग करने के लिये प्रार्थना में समय लगाना सीखिये।

परन्तु सातवें वर्ष भूमि को यहोवा के लिये परमविश्रामकाल मिला करे। - लैव्यवस्था २५:४


बाइबल पाठ: लैव्यवस्था २५:१-७

फिर यहोवा ने सीनै पर्वत के पास मूसा से कहा,
इस्त्राएलियों से कह, कि जब तुम उस देश में प्रवेश करो जो मैं तुम्हें देता हूं, तब भूमि को यहोवा के लिये विश्राम मिला करे।
छ: वर्ष तो अपना अपना खेत बोया करना, और छहों वर्ष अपनी अपनी दाख की बारी छांट छांटकर देश की उपज इकट्ठी किया करना;
परन्तु सातवें वर्ष भूमि को यहोवा के लिये परमविश्रामकाल मिला करे। उस में न तो अपना खेत बोना और न अपनी दाख की बारी छांटना।
जो कुछ काटे हुए खेत में अपने आप से उगे उसे न काटना, और अपनी बिन छांटी हुई दाखलता की दाखों को न तोड़ना; क्योंकि वह भूमि के लिये परमविश्राम का वर्ष होगा।
और भूमि के विश्रामकाल ही की उपज से तुम को, और तुम्हारे दास-दासी को, और तुम्हारे साथ रहने वाले मजदूरों और परदेशियों को भी भोजन मिलेगा;
और तुम्हारे पशुओं का और देश में जितने जीवजन्तु हों उनका भी भोजन भूमि की सब उपज से होगा।

एक साल में बाइबल:
  • होशै १२-१४
  • प्रकाशितवाक्य ४

रविवार, 12 दिसंबर 2010

प्रार्थना का बोझ

अपने बाइबल अध्ययन में हम इफिसियों ४:१७-२४ ऊंची आवाज़ में पढ़ रहे थे, कि अलीसा रोने लगी। हम उसके रोने से विसमित थे और उसके रोने का कारण जानना चाहते। जब उसका रोना बंद हुआ तो उसने बताया कि "मैं रोई क्योंकि इस खंड को ऊंची आवाज़ में सुनने से मुझे पाप की दशा में खोए हुए लोगों की दशा समझ में आई। वे न केवल परमेश्वर से दूर हैं, वरन उसके बारे में अंधे भी हैं! इससे मेरा दिल टूट गया।

बाद में एक अन्य व्यक्ति ने लज्जित होकर कहा कि उसे ग्लानि हुई क्योंकि मसीह पर विश्वास न रखने वालों के विषय में सोच कर वह कभी उदास नहीं हुआ, अपितु हाल ही में वह उन पर परमेश्वर के आने वाले न्याय को लेकर उत्तेजित था।

प्रेरित पौलुस ने पाप और अविश्वास में खोए हुओं की दशा के बारे में लिखा: "... उनकी बुद्धि अन्‍धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं।" (इफिसियों ४:१८) एक अन्य स्थान पर पौलुस ने अपने अविश्वासी देशवासियों के लिये, क्योंकि उन्होंने मसीह के प्रेम को नहीं जाना था, लिखा: "मैं मसीह में सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता और मेरा विवेक भी पवित्र आत्मा में गवाही देता है कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है। क्‍योंकि मैं यहां तक चाहता था, कि अपने भाईयों, के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, आप ही मसीह से शापित हो जाता।" (रोमियों ९:१-३)

मसीह के प्रति अविश्वासियों की दशा के बारे में सोचने से यदि हम दुखी हो सकते हैं, तो हमें उनके संबंध में परमेश्वर के हृदय पर भी ध्यान करना चाहिये, जिसने कहा: " सो तू ने उन से यह कह, परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मैं दुष्ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न नहीं होता, परन्तु इस से कि दुष्ट अपने मार्ग से फिरकर जीवित रहे। हे इस्राएल के घराने, तुम अपने अपने बुरे मार्ग से फिर जाओ; तुम क्यों मरो?" (यहेजेकेल ३३:११)

लोगों को दुष्टों के प्रति परमेश्वर के न्याय में विलम्ब समझ में नहीं आता; उसका यह विलम्ब अन्याय का विलम्ब नहीं वरन उनके प्रति भी उसके प्रेम, धीरज और मनफिराव का यथासंभव अवसर देने का विलम्ब है - " प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं, पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो, वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले।" (२ पतरस ३:९)

जब हम सच्चे और बोझिल मन से पाप और अविश्वास में खोए हुओं के लिये प्रार्थनाएं करेंगे, तो उनकी आंखें भी परमेश्वर के प्रेम के प्रति खुल जाएंगी। - एनी सेटास


अपना मन प्रभु के लिये खोलिये; वह आपकी आंखें खोए हुओं के लिये खोल देगा।

मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है। - रोमियों ९:२


बाइबल पाठ: इफिसियों ४:१७-२४

इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अप्ने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो।
क्‍योंकि उनकी बुद्धि अन्‍धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं।
और वे सुन्न हो कर, लुचपन में लग गए हैं, कि सब प्रकार के गन्‍दे काम लालसा से किया करें।
पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई।
वरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु में सत्य है, उसी में सिखाए भी गए।
कि तुम पिछले चाल चलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो।
और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ।
और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।

एक साल में बाइबल:
  • होशै ९-११
  • प्रकाशितवाक्य ३

शनिवार, 11 दिसंबर 2010

पश्चाताप के आंसू

मेरे पति ने, जो कंप्यूटर के इस्तेमाल से बिलकुल अन्जान थे, अपने व्यवसाय में सहायता के लिये एक कंप्यूटर खरीदा। उनको उसके उपयोग करने के बारे में कुछ सिखाने के बाद मैंने उन्हें खुद प्रयोग करने के लिये अकेला छोड़ दिया। कुछ देर बाद मुझे उनकी घबराई हुई आवाज़ सुनाई दी, "अरे इसमें वह ’अह-हो’ वाला बटन कहां है?"

जिसे वे ढूंढ रहे थे वह कंप्यूटर में कुछ गलत करने के बाद उसे वापस पलट कर ठीक करने वाली कुंजी थी। क्या आपने जीवन में ऐसी किसी कुंजी की इच्छा करी है - किसी ऐसे उपाय की जो पाप द्वारा टूटे या बिगड़े संबंधों को बहाल करने, जोड़ने या ठीक करने के काम आ सके?

प्रभु यीशु के पकड़वाए जाने के बाद, उनके प्रिय शिष्यों में से एक - पतरस ने, तीन बार इस बात से इंकार किया कि वह उन्हें जानता है। उसके बाद हम पढ़ते हैं कि प्रभु यीशु ने मुड़ कर उसकी ओर देखा, और पतरस बाहर जा कर फूट फूट कर रोने लगा। (लूका २२:६१, ६२) निसन्देह ये ग्लानि और पश्चाताप के आंसू थे, और पतरस उस समय सोच रहा होगा कि कोई ज़रिया होता जिससे वह अपने किये को पलट सकता। लेकिन पतरस को प्रभु ने उसकी ग्लानि की इस दुर्दशा में नहीं छोड़ दिया। मृतकों में से अपने पुनरुत्थान के बाद प्रभु यीशु ने पतरस को मौका दिया कि वह अपने प्रेम को प्रदर्शित करे, और उसे बहाल कर दिया। (यूहन्ना२१:१५-१७)

जब आप अपने जीवन में पाप के लिये दुखी होते हैं तो स्मरण रखिये कि परमेश्वर ने बहाल होने का तरीका भी दिया है "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।" (१ युहन्ना १:९) - "क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है, और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।" (भजन १०३:१४)

परमेश्वर का प्रभु यीशु में होकर पाप क्षमा का यह प्रस्ताव समस्त मानव जाति के लिये है। जैसे ही आप सच्चे पश्चाताप के साथ उसके सन्मुख आएंगे और उससे क्षमा मांगेंगे, वह आपके जीवन की आशीशों को बहाल कर देगा। - सिंडी हैस कैसपर


परमेश्वर के पास लौट आने का मार्ग टूटे और पश्चतापी हृदय से आरंभ होता है।

और पतरस बाहर निकलकर फूट फूट कर रोने लगा। - लूका २२:६२


बाइबल पाठ: लूका २२:५४-६२

फिर वे उसे पकड़ कर ले चले, और महायाजक के घर में लाए और पतरस दूर ही दूर उसके पीछे पीछे चलता था।
और जब वे आंगन में आग सुलगा कर इकट्ठे बैठे, तो पतरस भी उन के बीच में बैठ गया।
और एक लौंडी उसे आग के उजियाले में बैठे देख कर और उस की ओर ताक कर कहने लगी, यह भी तो उसके साथ था।
परन्तु उस ने यह कह कर इन्‍कार किया, कि हे नारी, मैं उसे नहीं जानता।
थोड़ी देर बाद किसी और ने उसे देख कर कहा, तू भी तो उन्‍हीं में से है: पतरस ने कहा, हे मनुष्य मैं नहीं हूं।
कोई घंटे भर के बाद एक और मनुष्य दृढ़ता से कहने लगा, निश्‍चय यह भी तो उसके साथ था, क्‍योंकि यह गलीली है।
पतरस ने कहा, हे मनुष्य, मैं नहीं जानता कि तू क्‍या कहता है वह कह ही रहा था कि तुरन्‍त मुर्ग ने बांग दी।
तब प्रभु ने घूम कर पतरस की ओर देखा, और पतरस को प्रभु की वह बात याद आई जो उस ने कही थी, कि आज मुर्ग के बांग देने से पहिले, तू तीन बार मेरा इन्‍कार करेगा।
और पतरस बाहर निकल कर फूट फूट कर रोने लगा।

एक साल में बाइबल:
  • होशै ५-८
  • प्रकाशितवाक्य २

शुक्रवार, 10 दिसंबर 2010

संयोग मात्र?

चीन से आया हुआंग, जो १९९४ में मिनिसोटा विश्वविद्यालय में अतिथी वैज्ञानिक था, प्रभु यीशु पर विश्वास नहीं करता था। वहां उसकी भेंट कुछ मसीही विश्वासियों से हुई और उसे उनकी संगति पसन्द आई। जब वह वापस अपने देश जाने लगा और उसके मसीही मित्रों को पता चला कि वह बेजिंग में रहेगा, तो उन्होंने उसे बेजिंग जाने वाले एक और मसीही विश्वासी का पता दिया, जिससे वह संपर्क कर सकता था।

बेजिंग वापसी की उड़ान में वायु यान में कुछ खराबी आई और यात्रियों को एक रात सीएटल में गुज़ारनी पड़ी। हवाई यात्रा वाली कम्पनी ने यात्रियों के लिये रात बिताने का प्रबंध एक होटल में किया, और हुआंग को मालुम हुआ कि उसे उसी व्यक्ति के संग कमरा मिला है जिसके साथ उसे बेजिंग में संपर्क करना था! बेजिंग वापस पहुंचने के बाद वे दोनो प्रति सप्ताह बाइबल अध्ययन के लिये मिलने लगे। इसके लगभग एक वर्ष पश्चात हुआंग ने प्रभु यीशु को अपना हृदय समर्पण कर दिया। यह सारी घटना महज़ संयोग नहीं थी, यह परमेश्वर का इंतज़ाम था।

बाइबल में रूत की पुस्तक में हम विध्वा होकर इस्त्राएल में आई रूत की कहानी में पढ़ते हैं " सो वह जाकर एक खेत में लवने वालों के पीछे बीनने लगी, और जिस खेत में वह संयोग से गई थी वह एलीमेलेक के कुटुम्बी बोअज का था।" (रूत २:३) बोअज़ ने अपने मज़दूरों से पूछा कि वह कौन थी और उसके बारे में जानने के बाद फिर उसने अपने मज़दूरों को उसका विशेष ध्यान रखने को कहा। जब विध्वा रूत ने बोअज़ से इस विशेष कृपा का कारण पूछा तो "बोअज ने उत्तर दिया, जो कुछ तू ने पति मरने के पीछे अपनी सास से किया है, और तू किस रीति अपने माता पिता और जन्म भूमि को छोड़ कर ऐसे लोगों में आई है जिनको पहिले तू न जानती थी, यह सब मुझे विस्तार के साथ बताया गया है। यहोवा तेरी करनी का फल दे, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके पंखों के तले तू शरण लेने आई है तुझे पूरा बदला दे।" (रूत २:११, १२) आगे चलकर बोअज़ और रूत की शादी हुई और उनका पड़पोता राजा दाऊद हुआ, जिसके वंश मे प्रभु यीशु मसीह का जन्म हुआ।

क्या हुआंग और रूत के जीवन की घटनाएं मात्र संयोग हैं? नहीं, परमेश्वर का कोई जन ऐसा नहीं जिसके जीवन में परमेश्वर का मार्गदर्शन और प्रबन्ध नहीं होता। पौलुस रोमियों की पत्री में लिखता है "और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिल कर भलाई ही को उत्‍पन्न करती है; अर्थात उन्‍हीं के लिये जो उस की इच्‍छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। क्‍योंकि जिन्‍हें उस ने पहिले से जान लिया है उन्‍हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्‍वरूप में होंता कि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। फिर जिन्‍हें उस ने पहिले से ठहराया, उन्‍हें बुलाया भी, और जिन्‍हें बुलाया, उन्‍हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्‍हें धर्मी ठहराया, उन्‍हें महिमा भी दी है। सो हम इन बातों के विषय में क्‍या कहें यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?" (रोमियों ८:२८-३१)

क्या आपने परमेश्वर की इस बुलाहट पर ध्यान दिया? - एलबर्ट ली


जो मात्र संयोग लगता है वह परमेश्वर की योजना भी हो सकती है।

तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। - नीतिवचन ३:५, ६


बाइबल पाठ: रूत २:१-१२

नाओमी के पति एलीमेलेक के कुल में उसका एक बड़ा धनी कुटुम्बी था, जिसका नाम बोअज था।
और मोआबिन रूत ने नाओमी से कहा, मुझे किसी खेत में जाने दे, कि जो मुझ पर अनुग्रह की दृष्टि करे, उसके पीछे पीछे मैं सिला बीनती जाऊं। उस ने कहा, चली जा, बेटी।
सो वह जाकर एक खेत में लवने वालों के पीछे बीनने लगी, और जिस खेत में वह संयोग से गई थी वह एलीमेलेक के कुटुम्बी बोअज का था।
और बोअज बेतलेहेम से आकर लवने वालों से कहने लगा, यहोवा तुम्हारे संग रहे, और वे उस से बोले, यहोवा तुझे आशीष दे।
तब बोअज ने अपने उस सेवक से जो लवने वालों के ऊपर ठहराया गया था पूछा, वह किस की कन्या है?
जो सेवक लवने वालों के ऊपर ठहराया गया था उस ने उत्तर दिया, वह मोआबिन कन्या है, जो नाओमी के संग मोआब देश से लौट आई है।
उस ने कहा था, मुझे लवने वालों के पीछे पीछे पूलों के बीच बीनने और बालें बटोरने दे। तो वह आई, और भोर से अब तक यहीं है, केवल थोड़ी देर तक घर में रही थी।
तब बोअज ने रूत से कहा, हे मेरी बेटी, क्या तू सुनती है? किसी दूसरे के खेत में बीनने को न जाना, मेरी ही दासियों के संग यहीं रहना।
जिस खेत को वे लवतीं हों उसी पर तेरा ध्यान बन्धा रहे, और उन्हीं के पीछे पीछे चला करना। क्या मैं ने जवानों को आज्ञा नहीं दी, कि तुझ से न बोलें? और जब जब तुझे प्यास लगे, तब तब तू बरतनों के पास जाकर जवानों का भरा हुआ पानी पीना।
तब वह भूमि तक झुक कर मुंह के बल गिरी, और उस से कहने लगी, क्या कारण है कि तू ने मुझ परदेशिन पर अनुग्रह की दृष्टि कर के मेरी सुधि ली है?
बोअज ने उत्तर दिया, जो कुछ तू ने पति मरने के पीछे अपनी सास से किया है, और तू किस रीति अपने माता पिता और जन्म भूमि को छोड़ कर ऐसे लोगों में आई है जिनको पहिले तू ने जानती थी, यह सब मुझे विस्तार के साथ बताया गया है।
यहोवा तेरी करनी का फल दे, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके पंखों के तले तू शरण लेने आई है तुझे पूरा बदला दे।

एक साल में बाइबल:
  • होशै १-४
  • प्रकाशितवाक्य १

गुरुवार, 9 दिसंबर 2010

जटिल जीवन

जिम्मी कारटर अपनी युवावस्था में अमेरीकी नौसेना में एक कनिष्ठ अफसर था। अपने नौसेना के काल में वह अमेरीकी नौसेना के परमाणु पनडुबि बेड़े के सर्वोच्च अधिकारी एडमिरल हैमएन रिकोवर की प्रखर बुद्धिमता और क्षमता से बहुत प्रभावित हुआ।

कारटर के अमेरिका का राष्ट्रपति चुने जाने के थोड़े समय बाद उन्होंने एडमिरल रिकोवर को अपने राष्ट्रपति भवन "व्हाईट हाउस" में अपने साथ भोजन के लिये आमंत्रित किया। भोजन पर आए एडमिरल ने राष्ट्रपति को एक अलंक्रण पटिया भेंट करी जिस पर प्रार्थना का एक छोटा वाक्य लिखा था "हे परमेश्वर, आपका समुद्र इतना विशाल है और मेरी नाव बहुत छोटी है।" यह प्रार्थना का वाक्य जीवन के विस्तार और जटिलताओं, और उसके समक्ष हमारी अपनी छोटी सी क्षमताओं को परिपेक्ष में रखता है।

राजा सुलेमान भी जानता था कि जीवन की जटिलताएं उसकी क्षमता से बाहर हो सकती हैं। जब अपने पिता दाऊद के उत्तराधिकारी के रूप में उसने इस्त्राएल की बागडोर संभाली, तब उसने अपनी यह असमर्थता परमेश्वर के सन्मुख स्वीकार करी "और अब हे मेरे परमेश्वर यहोवा ! तू ने अपने दास को मेरे पिता दाऊद के स्थान पर राजा किया है, परन्तु मैं छोटा लड़का सा हूँ जो भीतर बाहर आना जाना नहीं जानता।" (१ राजा ३:७)

तब सुलेमान ने परमेश्वर से मांगा कि वह उसे ऐसी बुद्धि दे जिससे वह परमेश्वर की प्रजा के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को परमेश्वर की सामर्थ से भली भांति निभा सके " तू अपने दास को अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये समझने की ऐसी शक्ति दे, कि मैं भले बुरे को परख सकूं; क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके?" (१ राजा ३:९) और परमेश्वर उसकी इस प्रार्थना से प्रसन्न हुआ और उसे न केवल बुद्धि वरन धन संपत्ति के अपार खज़ाने दिये। (१ राजा ३:१०-१४)

क्या आप जीवन की जटिलताओं से अपने को अभिभूत पाते हैं? हो सकता है कि आप की समस्याओं का कोई आसान समाधान न हो, लेकिन कोई भी समस्या परमेश्वर के सामर्थ और समाधान से बाहर नहीं है। परमेश्वर ने अपने बच्चों से वायदा किया है " पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है, और उस को दी जाएगी। पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे..." (याकूब १:५, ६)

जीवन की परिस्थितियों और परेशानियों में प्रभु आपके साथ चलना और आपकी सहायता करना चाहता है; उसे केवल आपके निमंत्रण का इंतिज़ार है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर के सन्मुख अपनी क्षमताओं की गौणता को अंगीकार करना हमारे जीवन में परमेश्वर की महान सामर्थ को उपलब्ध करा देता है।

हे मेरे परमेश्वर यहोवा ! तू ने अपने दास को मेरे पिता दाऊद के स्थान पर राजा किया है, परन्तु मैं छोटा लड़का सा हूँ जो भीतर बाहर आना जाना नहीं जानता। - १ राजा ३:७


बाइबल पाठ: १ राजा ३:३-१४

सुलैमान यहोवा से प्रेम रखता था और अपने पिता दाऊद की विधियों पर चलता तो रहा, परन्तु वह ऊंचे स्थानों पर भी बलि चढ़ाया और धूप जलाया करता था।
और राजा गिबोन को बलि चढ़ाने गया, क्योंकि मुख्य ऊंचा स्थान वही था, तब वहां की वेदी पर सुलैमान ने एक हज़ार होमबलि चढ़ाए।
गिबोन में यहोवा ने रात को स्वप्न के द्वारा सुलैमान को दर्शन देकर कहा, जो कुछ तू चाहे कि मैं तुझे दूं, वह मांग।
सुलैमान ने कहा, तू अपने दास मेरे पिता दाऊद पर बड़ी करुणा करता रहा, क्योंकि वह अपने को तेरे सम्मुख जान कर तेरे साथ सच्चाई और धर्म और मन की सीधाई से चलता रहा। और तू ने यहां तक उस पर करुणा की, कि उसे उसकी गद्दी पर विराजने वाला एक पुत्र दिया है, जैसा कि आज वर्तमान है।
और अब हे मेरे परमेश्वर यहोवा ! तू ने अपने दास को मेरे पिता दाऊद के स्थान पर राजा किया है, परन्तु मैं छोटा लड़का सा हूँ जो भीतर बाहर आना जाना नहीं जानता।
फिर तेरा दास तेरी चुनी हुई प्रजा के बहुत से लोगों के मध्य में है, जिनकी गिनती बहुतायत के मारे नहीं हो सकती।
तू अपने दास को अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये समझने की ऐसी शक्ति दे, कि मैं भले बुरे को परख सकूं; क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके?
इस बात से प्रभु प्रसन्न हुआ, कि सुलैमान ने ऐसा वरदान मांगा है।
तब परमेश्वर ने उस से कहा, इसलिये कि तू ने यह वरदान मांगा है, और न तो दीर्घायु और न धन और न अपने शत्रुओं का नाश मांगा है, परन्तु समझने के विवेक का वरदान मांगा है इसलिये सुन,
मैं तेरे वचन के अनुसार करता हूँ, तुझे बुद्धि और विवेक से भरा मन देता हूँ, यहा तक कि तेरे समान न तो तुझ से पहिले कोई कभी हुआ, और न बाद में कोई कभी होगा।
फिर जो तू ने नहीं मांगा, अर्थात धन और महिमा, वह भी मैं तुझे यहां तक देता हूँ, कि तेरे जीवन भर कोई राजा तेरे तुल्य न होगा।
फिर यदि तू अपने पिता दाऊद की नाई मेरे मार्गों में चलता हुआ, मेरी विधियों और आज्ञाओं को मानता रहेगा तो मैं तेरी आयु को बढ़ाऊंगा।

एक साल में बाइबल:
  • दानियेल ११-१२
  • यहूदा