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गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

फल


   मैं अपने किए को पलट नहीं सकती थी। एक महिला ने मेरे आगे अपनी कार को मार्ग में खड़ा किया और पास रखे डिब्बे में कुछ चीज़ों को डालने के लिए चली गई, जिससे पेट्रोल भरवाने के पम्प तक पहुँचाने का मेरा मार्ग अवरुद्ध हुआ। क्योंकि मैं प्रतीक्षा नहीं करना चाहती थी, इसलिए मैंने क्रोधावेश में जोर से हॉर्न बजाया और अपने गाड़ी को पीछे कर के घुमा कर पेट्रोल पम्प की ओर चली गई। तुरंत ही मुझे अपने इस प्रकार अधीर और क्रोधित होने का बुरा लगा, कि मैं उस महिला के लौटकर अपनी कार को आगे बढ़ा लेने का, जिसमें उसे 30 सेकेंड से अधिक नहीं लगते, प्रतीक्षा नहीं कर सकी। मैंने परमेश्वर से क्षमा माँगी। यह ठीक है कि उसे अपनी गाड़ी निर्धारित स्थान पर खड़ी करनी चाहिए थी, परन्तु मुझे भी तो उस कड़ुवाहट के स्थान पर नम्रता और धीरज दिखाना चाहिए था। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी, वह महिला जा चुकी थी, और अब मैं उससे अपने इस कठोर व्यवहार के लिए क्षमा नहीं माँग सकती थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन नामक पुस्तक में अनेकों ऐसी शिक्षाएँ दी गई हैं जो हमें सिखाती हैं कि जब औरों के द्वारा हमारे मार्ग या योजनाएं बाधित हों, तो हमें कैसे प्रत्युत्तर देना चाहिए। एक स्थान पर लिखा है, “मूढ़ की रिस उसी दिन प्रगट हो जाती है, परन्तु चतुर अपमान को छिपा रखता है” (नीतिवचन 12:16)। एक अन्य में कहा गया है, “मुकद्दमे से हाथ उठाना, पुरूष की महिमा ठहरती है; परन्तु सब मूढ़ झगड़ने को तैयार होते हैं” (20:3)। और यह भी है जो सीधे हृदय को स्पर्श करती है, “मूर्ख अपने सारे मन की बात खोल देता है, परन्तु बुद्धिमान अपने मन को रोकता, और शान्त कर देता है” (29:11)।

   कभी-कभी नम्रता और धैर्य में बढना बहुत कठिन लगता है, परन्तु पौलुस प्रेरित ने बताया है कि ये गुण विक्सित करना परमेश्वर द्वारा संभव है; क्योंकि ये परमेश्वर के पवित्र आत्मा के फल है (गलतियों 5:22-23)। हम अपने व्यवहार में जितना अधिक परमेश्वर के आत्मा के साथ सहयोग करते हैं, उस पर निर्भर होते हैं, उतना अधिक वह हमारे अन्दर अपने फल उत्पन्न करता जाता है।

   हे प्रभु हमें अन्दर से परिवर्तित कीजिए, हमारे अन्दर बहुतायत से अपनी आत्मा के फल उत्पन्न कीजिए! – ऐनी सेटास

                  
परमेश्वर हमारे हृदयों को विशाल करने के लिए हमारे धैर्य की परिक्षा लेता है।

तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जा कर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे। - यूहन्ना 15:16

बाइबल पाठ: गलतियों 5:13-26
Galatians 5:13 हे भाइयों, तुम स्‍वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्‍वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन प्रेम से एक दूसरे के दास बनो।
Galatians 5:14 क्योंकि सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।
Galatians 5:15 पर यदि तुम एक दूसरे को दांत से काटते और फाड़ खाते हो, तो चौकस रहो, कि एक दूसरे का सत्यानाश न कर दो।
Galatians 5:16 पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे।
Galatians 5:17 क्योंकि शरीर आत्मा के विरोध में, और आत्मा शरीर के विरोध में लालसा करती है, और ये एक दूसरे के विरोधी हैं; इसलिये कि जो तुम करना चाहते हो वह न करने पाओ।
Galatians 5:18 और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के आधीन न रहे।
Galatians 5:19 शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात व्यभिचार, गन्‍दे काम, लुचपन।
Galatians 5:20 मूर्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म।
Galatians 5:21 डाह, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के जैसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करने वाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे।
Galatians 5:22 पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
Galatians 5:23 और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं।
Galatians 5:24 और जो मसीह यीशु के हैं, उन्होंने शरीर को उस की लालसाओं और अभिलाषाओं समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।
Galatians 5:25 यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी।
Galatians 5:26 हम घमण्‍डी हो कर न एक दूसरे को छेड़ें, और न एक दूसरे से डाह करें।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 4-5
  • मत्ती 24:29-51



बुधवार, 7 फ़रवरी 2018

शान्ति


   क्लीवलैंड ब्राउन फुटबॉल कल्ब का आजीवन समर्थक होने के कारण मैं निराशाओं से होकर निकलना जानता हूँ। मेरी यह टीम, प्रतिस्पर्धाओं में इस खेल के सर्वोच्च स्तर की चैम्पियनशिप पर कभी न पहुंच पाने वाली चार टीमों में से एक है। परन्तु फिर भी इस टीम के अपने वफादार समर्थक हैं जो वर्ष-प्रतिवर्ष इसके साथ बने रहते हैं। परन्तु क्योंकि इन समर्थकों को अकसर निराशा ही का सामना करना पड़ता है, इसलिए इस टीम के गृह-स्टेडियम को “उदासी का कारखाना” कहा जाता है।

   पाप और निराशाओं से टूटा हुआ यह सँसार भी “उदासी का कारखाना” हो सकता है। यहाँ दिल दुखाने या निराश करने वाली बातों की उपलब्धता का कोई अन्त नहीं है। ये बातें चाहे हमारे अपने चुनावों के कारण हों या हमारे नियंत्रण से बाहर की बातों के कारण।

   परन्तु प्रभु यीशु मसीह के शिष्यों के पास एक अद्भुत आशा है, जो न केवल आने वाले जीवन के लिए है वरन आज के दिन के लिए भी है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से कहा, “मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है” (यूहन्ना 16:33)। प्रभु यीशु मसीह द्वारा कहे गए इस कथन में ध्यान कीजिए कि उन्होंने किसी के भी द्वारा अनुभव हो सकने वाले संघर्षों या दुखों में किसी प्रकार की कोई भी कमी के किए जाने का आश्वासन दिए बिना, उन विपरीत और दुखदायी परिस्थितियों का प्रतिरोध, प्रभु से मिलने वाली शान्ति, आनन्द, और अंतिम विजय की प्रतिज्ञाओं से किया है।

   प्रभु यीशु में महान शान्ति उपलब्ध है; इतनी कि सँसार और जीवन से मिलने वाली कितनी भी, किसी भी विचलित या दुखदायी परिस्थिति में से होकर हम सुरक्षित और विजयी निकल सकें। - बिला क्राऊडर


हमारी आशा और शान्ति प्रभु यीशु मसीह में होकर हमें मिलती है।

और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। - प्रकाशितवाक्य 21:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 16:28-33
John 16:28 मैं पिता से निकलकर जगत में आया हूं, फिर जगत को छोड़कर पिता के पास जाता हूं।
John 16:29 उसके चेलों ने कहा, देख, अब तो तू खोल कर कहता है, और कोई दृष्‍टान्‍त नहीं कहता।
John 16:30 अब हम जान गए, कि तू सब कुछ जानता है, और तुझे प्रयोजन नहीं, कि कोई तुझ से पूछे, इस से हम प्रतीति करते हैं, कि तू परमेश्वर से निकला है।
John 16:31 यह सुन यीशु ने उन से कहा, क्या तुम अब प्रतीति करते हो?
John 16:32 देखो, वह घड़ी आती है वरन आ पहुंची कि तुम सब तित्तर बित्तर हो कर अपना अपना मार्ग लोगे, और मुझे अकेला छोड़ दोगे, तौभी मैं अकेला नहीं क्योंकि पिता मेरे साथ है।
John 16:33 मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है।


एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 1-3
  • मत्ती 24:1-28



मंगलवार, 6 फ़रवरी 2018

सिद्ध स्थान


   मुझमें और आप में कुछ बात समान है – हम दोनों ही बिगड़े हुए, परेशान और दूषित संसार में रहते हैं, और हमने इसे इससे भिन्न कभी नहीं देखा-जाना है। परन्तु हमारे आदि माता-पिता, आदम और हव्वा के लिए ऐसा नहीं था; वे जानते थे कि उनके पाप के कारण सृष्टि पर आए श्राप से पहले सृष्टि तथा जीवन कैसा था। वे याद कर सकते थे कि सँसार को परमेश्वर ने कैसा बनाया और रखा था – मृत्यु, कठिनाई, और पीड़ा से मुक्त (उत्पत्ति 3:16-19)। पाप के प्रवेश से पहले अदन की वाटिका में भूख, बीमारी, बेरोजगारी आदि नहीं थे; उन दिनों में कोई परमेश्वर की सृजन-शक्ति पर संदेह नहीं करता था, और न ही कोई मानवीय व्यवहार तथा संबंधों के लिए उसकी योजनाओं के विषय प्रश्न करता था।

   जिस सँसार में हम अब हैं वह परमेश्वर द्वारा बनाए गए उस सिद्ध सँसार के बहुत ही कम समान है। सुप्रसिद्ध मसीही लेखक सी. एस. ल्युईस ने लिखा, “यह एक अच्छा सँसार है जो बुरा हो गया है, परन्तु अभी भी यह, जैसा उसे होना चाहिए था, उसकी याद को संजोए हुए है।” सौभाग्यवश, सँसार को जैसा होना चाहिए था, उसकी यह धूमिल सी याद भी आने वाले भविष्य की एक झलक प्रदान करती है। जैसे अदन की वाटिका में आदम और हव्वा परमेश्वर के साथ स्वच्छानन्द घूमते थे, उससे आमने-सामने बात-चीत करते थे, वैसे ही उस आने वाले अनन्तकाल में मसीही विश्वासी भी परमेश्वर को आमने-सामने देखेंगे और सीधे उसकी सेवा करेंगे। वहाँ परमेश्वर और उसके बच्चों के बीच में आने वाला कोई भी, कुछ भी नहीं होगा। वहाँ पाप के श्राप का कोई प्रभाव नहीं होगा (प्रकाशितवाक्य 22:3); वहाँ कोई पाप, भय, या लज्जा नहीं होगी।

   बीते समय के पाप की परछाईं हमारे आज पर तो है, परन्तु मसीही विश्वासी की नियति में उसके लिए एक अच्छे स्थान की दृढ़ प्रतिज्ञा है – अदन की वाटिका के समान सिद्ध स्थान की! – जेनिफर बेन्सन शुल्ट


एक दिन परमेश्वर सब कुछ ठीक कर देगा।

और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं। - 2 कुरिन्थियों 4:18

बाइबल पाठ: प्रकाशिवाक्य 22:1-5
Revelation 22:1 फिर उसने मुझे बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के जल की एक नदी दिखाई, जो परमेश्वर और मेंम्ने के सिंहासन से निकल कर उस नगर की सड़क के बीचों बीच बहती थी।
Revelation 22:2 और नदी के इस पार; और उस पार, जीवन का पेड़ था: उस में बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था; और उस पेड़ के पत्तों से जाति जाति के लोग चंगे होते थे।
Revelation 22:3 और फिर श्राप न होगा और परमेश्वर और मेम्ने का सिंहासन उस नगर में होगा, और उसके दास उस की सेवा करेंगे।
Revelation 22:4 और उसका मुंह देखेंगे, और उसका नाम उन के माथों पर लिखा हुआ होगा।
Revelation 22:5 और फिर रात न होगी, और उन्हें दीपक और सूर्य के उजियाले का प्रयोजन न होगा, क्योंकि प्रभु परमेश्वर उन्हें उजियाला देगा: और वे युगानुयुग राज्य करेंगे।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 39-40
  • मत्ती 23:23-39



सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

सेवक


   पारंपरिक अफ्रीकी समाज में, नेतृत्व के लिए उत्तराधिकारी का चयन गंभीर निर्णय होता है। राजा के देहांत के पश्चात अगले अगुवे को चुनने में बहुत सावधानी बरती जाती है। उस नए अगुवे को न केवल राजसी परिवार में से होना होता है, वरन उसे बलवान, निर्भीक और समझदार भी होना होता है। निर्णय करने के लिए पदाभिशिलाषियों से पूछ-ताछ की जाती है, यह जानने के लिए कि वे  प्रजा की सेवा करेंगे या उन पर कठोरता से शासन करेंगे। राजा के उत्तराधिकारी को ऐसा होना चाहिए जो नेतृत्व भी प्रदान करे और सेवा भी करे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि राजा सुलेमान ने अनेकों व्यक्तिगत गलत निर्णय लिए, गलत चुनाव किए, परन्तु वह अपने उत्तराधिकारी को लेकर चिन्तित था। उसने अपनी इस चिंता के विषय लिखा “मैं ने अपने सारे परिश्रम के प्रतिफल से जिसे मैं ने धरती पर किया था घृणा की, क्योंकि अवश्य है कि मैं उसका फल उस मनुष्य के लिये छोड़ जाऊं जो मेरे बाद आएगा। यह कौन जानता है कि वह मनुष्य बुद्धिमान होगा वा मूर्ख? तौभी धरती पर जितना परिश्रम मैं ने किया, और उसके लिये बुद्धि प्रयोग की उस सब का वही अधिकारी होगा। यह भी व्यर्थ ही है” (सभोपदेशक 2:18-19)। सुलेमान के बाद उसका पुत्र रहूबियाम उसकी गद्दी पर बैठा; परन्तु उसने नासमझी से काम लिया और उसका पिता जिस बात के होने से डरता था, वही कर बैठा।

   जब प्रजा के लोगों ने रहूबियाम से कार्य स्थिति को सुधार कर उसे और मानवीय बनाने की माँग की, तो यह उसके पास अवसर था कि वह सेवक और अगुवा होने की दोनों ही जिम्मेदारियों को निभाए। राज्य के प्राचीनों ने उसे परामर्श दिया, “...यदि तू अभी प्रजा के लोगों का दास बनकर उनके आधीन हो और उन से मधुर बातें कहे, तो वे सदैव तेरे आधीन बने रहेंगे” (1 राजा 12:7), किंतु उसने उनकी इस नेक सलाह को नहीं माना। रहूबियाम ने परमेश्वर की इच्छा भी जानने का प्रयास नहीं किया। प्रजा के प्रति उसके कठोर प्रत्युत्तर के कारण राज्य विभाजित हो गया और परमेश्वर के लोगों का आत्मिक पतन गतिमान हो गया (12:14-19)।

   हमारे परिवारों, कार्यस्थल, चर्च, पड़ौस इत्यादि की बातों और निर्णयों में हमें परमेश्वर से मिलने वाली इस समझ-बूझ की बहुत आवश्यकता होती है, जिससे नम्रता के साथ और सेवक बन कर निर्णय लें और कार्य करें न कि रौब गाँठ कर और कठोरता से। - लौरेंस दरामानी


अच्छा अगुवा अच्छा सेवक भी होता है।

यीशु ने उन्हें पास बुलाकर कहा, तुम जानते हो, कि अन्य जातियों के हाकिम उन पर प्रभुता करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकार जताते हैं। परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने। और जो तुम में प्रधान होना चाहे वह तुम्हारा दास बने। जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल करी जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे। - मत्ती 20: 25-28

बाइबल पाठ: 1 राजा 12:1-15
1 Kings 12:1 रहूबियाम तो शकेम को गया, क्योंकि सब इस्राएली उसको राजा बनाने के लिये वहीं गए थे।
1 Kings 12:2 और जब नबात के पुत्र यारोबाम ने यह सुना, (जो अब तक मिस्र में रहता था, क्योंकि यारोबाम सुलैमान राजा के डर के मारे भगकर मिस्र में रहता था।
1 Kings 12:3 सो उन लोगों ने उसको बुलवा भेजा) तब यारोबाम और इस्राएल की समस्त सभा रहूबियाम के पास जा कर यों कहने लगी,
1 Kings 12:4 कि तेरे पिता ने तो हम लोगों पर भारी जूआ डाल रखा था, तो अब तू अपने पिता की कठिन सेवा को, और उस भारी जूए को, जो उसने हम पर डाल रखा है, कुछ हलका कर; तब हम तेरे आधीन रहेंगे।
1 Kings 12:5 उसने कहा, उभी तो जाओ, और तीन दिन के बाद मेरे पास फिर आना। तब वे चले गए।
1 Kings 12:6 तब राजा रहूबियाम ने उन बूढ़ों से जो उसके पिता सुलैमान के जीवन भर उसके साम्हने उपस्थित रहा करते थे सम्मति ली, कि इस प्रजा को कैसा उत्तर देना उचित है, इस में तुम क्या सम्मति देते हो?
1 Kings 12:7 उन्होंने उसको यह उत्तर दिया, कि यदि तू अभी प्रजा के लोगों का दास बनकर उनके आधीन हो और उन से मधुर बातें कहे, तो वे सदैव तेरे आधीन बने रहेंगे।
1 Kings 12:8 रहूबियाम ने उस सम्मति को छोड़ दिया, जो बूढ़ों ने उसको दी थी,और उन जवानों से सम्मति ली, जो उसके संग बड़े हुए थे, और उसके सम्मुख उपस्थित रहा करते थे।
1 Kings 12:9 उन से उसने पूछा, मैं प्रजा के लोगों को कैसा उत्तर दूं? उस में तुम क्या सम्मति देते हो? उन्होने तो मुझ से कहा है, कि जो जूआ तेरे पिता ने हम पर डाल रखा है, उसे तू हलका कर।
1 Kings 12:10 जवानों ने जो उसके संग बड़े हुए थे उसको यह उत्तर दिया, कि उन लोगों ने तुझ से कहा है, कि तेरे पिता ने हमारा जूआ भारी किया था, परन्तु तू उसे हमारे लिऐ हलका कर; तू उन से यों कहना, कि मेरी छिंगुलिया मेरे पिता की कमर से भी मोटी है।
1 Kings 12:11 मेरे पिता ने तुम पर जो भारी जूआ रखा था, उसे मैं और भी भारी करूंगा; मेरा पिता तो तुम को कोड़ों से ताड़ना देता था, परन्तु मैं बिच्छुओं से दूंगा।
1 Kings 12:12 तीसरे दिन, जैसे राजा ने ठहराया था, कि तीसरे दिन मेरे पास फिर आना, वैसे ही यारोबाम और समस्त प्रजागण रहूबियाम के पास उपस्थित हुए।
1 Kings 12:13 तब राजा ने प्रजा से कड़ी बातें कीं,
1 Kings 12:14 और बूढ़ों की दी हुई सम्मति छोड़कर, जवानों की सम्मति के अनुसार उन से कहा, कि मेरे पिता ने तो तुम्हारा जूआ भारी कर दिया, परन्तु मैं उसे और भी भारी कर दूंगा: मेरे पिता ने तो कोड़ों से तुम को ताड़ना दी, परन्तु मैं तुम को बिच्छुओं से ताड़ना दूंगा।
1 Kings 12:15 सो राजा ने प्रजा की बात नहीं मानी, इसका कारण यह है, कि जो वचन यहोवा ने शीलोवासी अहिय्याह के द्वारा नबात के पुत्र यारोबाम से कहा था, उसको पूरा करने के लिये उसने ऐसा ही ठहराया था।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 36-38
  • मत्ती 23:1-22



रविवार, 4 फ़रवरी 2018

खज़ाना


   मेरे पति टौम और मैं पढ़ने के लिए भिन्न विधियाँ प्रयोग करते हैं। क्योंकि टौम के लिए अंग्रेज़ी प्रथम भाषा नहीं है इसलिए उनकी प्रवृत्ति है कि वे धीरे-धीरे, प्रत्येक शब्द को पढ़ते हुए आगे बढ़ें। लेकिन मैं बहुधा लेख पर सरसरी तौर से नज़रें दौड़ा कर, द्रुत गति से पढ़ लेती हूँ। परन्तु टौम को पढ़ा हुआ मुझसे अधिक स्मरण रहता है; वे बड़ी सरलता से सप्ताह भर पहले पढ़े हुए को भी अद्धृत कर देते हैं, जबकि मेरा पढ़ा हुआ, पुस्तक से ध्यान हटाने के कुछ ही सेकेंडों में गायब हो जाता है।

   ऐसे सरसरी तौर से परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ना मेरे लिए समस्या होता है – और यह केवल वंशावलियों ही के लिए नहीं है। मेरी प्रवृत्ति रहती है कि मैं परिचित परिच्छेदों को, उन कहानियों को जिन्हें मैं बचपन से सुनती आई हूँ, या किसी भजन के भाग को जो अक्सर गए जाने वाले स्तुति गीतों में पाए जाते हैं, ऐसे ही सरसरी तौर से पढ़ लूँ, बस उनपर नज़र दौड़ा लूँ।

   बाइबल में नीतिवचन 2 हमें प्रोत्साहित करता है कि हम समझ-बूझ के मन के साथ परमेश्वर को और अधिक निकटता से, और गहराई से जाननें के प्रयास करें। जब हम बाइबल को ध्यानपूर्वक पढ़ते हैं, उस में समय बिताते हैं, उसे स्मरण करने के प्रयास करते हैं तब हम उसकी सच्चाईयों को बेहतर, तथा और गहराई से जानने पाते हैं (पद 1-2)। कभी-कभी वचन को ऊँची आवाज़ में पढ़ने से हम परमेश्वर की बुद्धिमता को और भरपूरी से समझने पाते हैं। और जब हम परमेश्वर के वचन को प्रार्थना में परमेश्वर के सामाने उद्धृत करते हैं, और उसके लिए परमेश्वर से समझा-बूझ माँगते हैं (पद 3), तो हम उस वचन के लेखक के साथ वार्तालाप का भी आनन्द लेने पाते हैं।

   हम परमेश्वर और उसकी बुद्धिमता को तब जानने पाते हैं जब हम उसे पूरे हृदय से खोजते हैं। जब हम परमेश्वर के वचन को चांदी और छिपे हुए खजाने के समान खोजते हैं तब हमें उसकी समझ मिलती है। - सिंडी हैस कैस्पर


बाइबल को ध्यान के साथ पढ़ें, और प्रार्थनापूर्वक उसका अध्ययन करें।

मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। - कुलुस्सियों 3:16

बाइबल पाठ: नीतिवचन 2:1-5
Proverbs 2:1 हे मेरे पुत्र, यदि तू मेरे वचन ग्रहण करे, और मेरी आज्ञाओं को अपने हृदय में रख छोड़े,
Proverbs 2:2 और बुद्धि की बात ध्यान से सुने, और समझ की बात मन लगा कर सोचे;
Proverbs 2:3 और प्रवीणता और समझ के लिये अति यत्न से पुकारे,
Proverbs 2:4 ओर उसको चान्दी के समान ढूंढ़े, और गुप्त धन के समान उसी खोज में लगा रहे;
Proverbs 2:5 तो तू यहोवा के भय को समझेगा, और परमेश्वर का ज्ञान तुझे प्राप्त होगा।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 34-35
  • मत्ती 22:23-46



शनिवार, 3 फ़रवरी 2018

प्रशिक्षण


   हाल ही में मैं एक ऐसी महिला से मिली जिसने अपने शरीर और मन को सीमा तक धकेल रखा है। उसने पहाड़ चढ़े हैं, मृत्यु का सामना किया है, और गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का एक रिकॉर्ड भी थोड़ा है। अब वह एक भिन्न चुनौती से जूझ रही है – विशेष आवश्यकताओं वाले अपने बच्चे की देखाभाल और परवरिश में। जिस विश्वास और साहस का प्रयोग उसने पहाड़ चढ़ने के लिए किया था उसे अब वह मात्रत्व में लगा रही है।

            परमेश्वर के वचन बाइबल के 1 कुरिन्थियों में, प्रेरित पौलुस एक ऐसे धावक की उपमा देता है जो दौड़ प्रतिस्पर्धा में है। एक ऐसी कलीसिया को संबोधित करते हुए जो अपने अधिकारों के प्रति आसक्त थी (अध्याय 8), वह उन से आग्रह करता है कि वे एक दूसरे की भलाई का ध्यान करें। मसीह यीशु के अनुयायी होने के नाते, उन्हें मसीह की आज्ञाकारिता के प्रति अपने अधिकारों का त्याग करना है। वह उन्हें समझाता है कि कैसे प्रेम और स्वयं के बलिदान का जीवन जीने को वह धीरज की लंबी दौड़ मानता है (अध्याय 9)।

   जैसे खिलाड़ी अपने शरीरों को प्रशिक्षित करते हैं जिससे कि वे मुकुट को जीत सकें, हमें भी अपने शरीरों और मनों को प्रशिक्षित करना है कि हम अपनी आत्माओं की उन्नति कर सकें। हम हमारे अन्दर निवास करने वाले परमेश्वर पवित्र-आत्मा से विनती करते हैं कि पल-पल हमें हमारे उद्धारकर्ता प्रभु के स्वरूप में परिवर्तित करते रहें, जिससे हम अपने पुराने मनुष्यत्व को पीछे छोड़ सकें। इस प्रकार, परमेश्वर से सामर्थ्य प्राप्त कर के, आवेश और क्रोध के समय में हम कोई कठोर शब्द बोलने से अपने आप को रोक लेते हैं; जब अपने मित्रों के साथ संगति में हों तो अपने इलेक्ट्रौनिक उपकरणों को बन्द करके उनके प्रति अपने ध्यान को लगाते हैं; किसे चर्चा या असहमति में अंतिम शब्द कहने की होड़ में नहीं रहते हैं।

   हम जब प्रभु यीशु मसीह की आत्मा में होकर आज के दिन की अपनी दौड़ को दौड़ने की तैयारी में हैं, तो परमेश्वर से क्या चाहेंगे कि वह हमारे अन्दर सुधारे और हमें किस रीति से ढाले? – एमी बाउचर पाई


प्रशिक्षण से परिवर्तन ता है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 9:24-27
1 Corinthians 9:24 क्या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो।
1 Corinthians 9:25 और हर एक पहलवान सब प्रकार का संयम करता है, वे तो एक मुरझाने वाले मुकुट को पाने के लिये यह सब करते हैं, परन्तु हम तो उस मुकुट के लिये करते हैं, जो मुरझाने का नहीं।
1 Corinthians 9:26 इसलिये मैं तो इसी रीति से दौड़ता हूं, परन्तु बेठिकाने नहीं, मैं भी इसी रीति से मुक्कों से लड़ता हूं, परन्तु उस के समान नहीं जो हवा पीटता हुआ लड़ता है।
1 Corinthians 9:27 परन्तु मैं अपनी देह को मारता कूटता, और वश में लाता हूं; ऐसा न हो कि औरों को प्रचार कर के, मैं आप ही किसी रीति से निकम्मा ठहरूं।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 31-33
  • मत्ती 22:1-22



शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2018

विरासत


   जब एक सड़क-निर्माण कंपनी के कर्मचारी, टिम, का एक दुर्घटना में निधन हुआ, तो इस व्यक्ति के अपने परिवार-जनों, सहकर्मियों, और समाज के लोगों के प्रति प्रेम के कारण सब को अभिभूत कर देने वाली हानि उठाने का अनुभव हुआ। उसकी अंत्येष्ठी सभा के लिए एकत्रित होने वालों की संख्या इतनी थी कि उनके कसबे के छोटे चर्च में सब लोग नहीं आ सकते थे, इसलिए प्रबंधन करने वालों को उस सभा के स्थान को एक बड़े स्थान पर स्थानांतरित करना पड़ा। परिवार जनों और मित्रों से वह बड़ा सभा घर भी खचा-खच भरा हुआ था। सन्देश स्पष्ट था : टिम ने अपनी अनोखी रीति से बहुतेरे जीवनों को छुआ था। ऐसे बहुतेरे थे जो अब उसकी कृपा, हंसमुख प्रवृत्ति, और जीवन के प्रति उमंग की कमी अनुभव करेंगे।

   जब मैं उसकी अंत्येष्ठी से लौटा तो मेरा ध्यान परमेश्वर के वचन बाइबल में उल्लेखित राजा यहोराम के जीवन की ओर गया। टिम के और उस राजा के जीवन में कितना अन्तर था। उस राजा के अल्पकालीन आतंकपूर्ण शासन का उल्लेख 2 इतिहास 21 अध्याय में दिया गया है। अपने राज्य को स्थिर करने के उद्देश्य से येहोराम ने अपने ही भाइयों और अन्य अगुवों की हत्या करवा दी (पद 4)। इसके बाद वह यहूदा की अपनी प्रजा को अनेकों बुराईयों की ओर ले गया, परमेश्वर से विमुख किया। उसके उल्लेख के अन्त में उसके विषय आया है : “और सब को अप्रिय हो कर जाता रहा। और उसको दाऊदपुर में मिट्टी दी गई, परन्तु राजाओं के कब्रिस्तान में नहीं” (पद 20)। येहोराम ने सोचा था कि क्रूर बल के प्रयोग से उसकी विरासत बनी रहेगी। उसकी विरासत बनी तो रही, परंतु बदनामी और बुराई के साथ – परमेश्वर के वचन में अनन्त काल तक वह एक बुरा और स्वार्थी व्यक्ति कहलाया जाएगा।

   प्रभु यीशु भी एक राजा थे, परन्तु वे पृथ्वी पर दास का स्वरुप धारण कर के आ गए। वे सब की भलाई करते हुए फिरे, और जो लोगों पर नियंत्रण रखना और बलवान होना चाहते थे, उनकी घृणा को सहा। उन्होंने सबकी भलाई और सँसार के प्रत्येक व्यक्ति के उद्धार के लिए अपने प्राण बलिदान होने के लिए दे दिए।

   आज प्रभु यीशु की भी एक विरासत है, जिसके साथ वे अपने अनुयायियों में जीवित हैं। उस विरासत में वे सभी जन सम्मिलित हैं जो यह जानते हैं कि जीवन केवल अपने बारे में सोचने, करने के लिए नहीं है। सच्चा आनंदमय और अनन्त जीवन प्रभु यीशु के साथ होने में है; उस प्रभु परमेश्वर के साथ जो अपनी सामर्थी भुजाओं में प्रत्येक उस व्यक्ति भर लेना चाहता है जो स्वेच्छा से उसकी ओर मुड़ता है, अनन्त जीवन पा लेने के उसके निमंत्रण को स्वीकार करता है। - टिम गुस्टाफसन


प्रभु परमेश्वर के लिए जिया गया जीवन स्थाई विरासत छोड़ जाता है।

क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे। - मरकुस 10:45

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 21:4-20
2 Chronicles 21:4 जब यहोराम अपने पिता के राज्य पर नियुक्त हुआ और बलवन्त भी हो गया, तब उसने अपने सब भाइयों को और इस्राएल के कुछ हाकिमों को भी तलवार से घात किया।
2 Chronicles 21:5 जब यहोराम राजा हुआ, तब वह बत्तीस वर्ष का था, और वह आठ वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा।
2 Chronicles 21:6 वह इस्राएल के राजाओं की सी चाल चला, जैसे अहाब का घराना चलता था, क्योंकि उसकी पत्नी अहाब की बेटी थी। और वह उस काम को करता था, जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
2 Chronicles 21:7 तौभी यहोवा ने दाऊद के घराने को नाश करना न चाहा, यह उस वाचा के कारण था, जो उसने दाऊद से बान्धी थी। और उस वचन के अनुसार था, जो उसने उसको दिया था, कि में ऐसा करूंगा कि तेरा और तेरे वंश का दीपक कभी न बुझेगा।
2 Chronicles 21:8 उसके दिनों में एदोम ने यहूदा की आधीनता छोड़ कर अपने ऊपर एक राजा बना लिया।
2 Chronicles 21:9 सो यहोराम अपने हाकिमों और अपने सब रथों को साथ ले कर उधर गया, और रथों के प्रधानों को मारा।
2 Chronicles 21:10 यों एदोम यहूदा के वश से छूट गया और आज तक वैसा ही है। उसी समय लिब्ना ने भी उसकी आधीनता छोड़ दी, यह इस कारण हुआ, कि उसने अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा को त्याग दिया था।
2 Chronicles 21:11 और उसने यहूदा के पहाड़ों पर ऊंचे स्थान बनाए और यरूशलेम के निवासियों व्यभिचार कराया, और यहूदा को बहका दिया।
2 Chronicles 21:12 तब एलिय्याह नबी का एक पत्र उसके पास आया, कि तेरे मूलपुरुष दाऊद का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि तू जो न तो अपने पिता यहोशापात की लीक पर चला है और न यहूदा के राजा आसा की लीक पर,
2 Chronicles 21:13 वरन इस्राएल के राजाओं की लीक पर चला है, और अहाब के घराने के समान यहूदियों और यरूशलेम के निवासियों व्यभिचार कराया है और अपने पिता के घराने में से अपने भाइयों को जो तुझ से अच्छे थे, घात किया है,
2 Chronicles 21:14 इस कारण यहोवा तेरी प्रजा, पुत्रों, स्त्रियों और सारी सम्मत्ति को बड़ी मार से मारेगा।
2 Chronicles 21:15 और तू अंतडिय़ों के रोग से बहुत पीड़ित हो जाएगा, यहां तक कि उस रोग के कारण तेरी अंतडिय़ां प्रतिदिन निकलती जाएंगी।
2 Chronicles 21:16 और यहोवा ने पलिश्तियों को और कूशियों के पास रहने वाले अरबियों को, यहोराम के विरुद्ध उभारा।
2 Chronicles 21:17 और वे यहूदा पर चढ़ाई कर के उस पर टूट पड़े, और राजभवन में जितनी सम्पत्ति मिली, उस सब को और राजा के पुत्रों और स्त्रियों को भी ले गए, यहां तक कि उसके लहुरे बेटे यहोआहाज को छोड़, उसके पास कोई भी पुत्र न रहा।
2 Chronicles 21:18 इन सब के बाद यहोवा ने उसे अंतडिय़ों के असाध्यरोग से पीड़ित कर दिया।
2 Chronicles 21:19 और कुछ समय के बाद अर्थात दो वर्ष के अन्त में उस रोग के कारण उसकी अंतडिय़ां निकल पड़ीं, ओर वह अत्यन्त पीड़ित हो कर मर गया। और उसकी प्रजा ने जैसे उसके पुरखाओं के लिये सुगन्धद्रव्य जलाया था, वैसा उसके लिये कुछ न जलाया।
2 Chronicles 21:20 वह जब राज्य करने लगा, तब बत्तीस वर्ष का था, और यरूशलेम में आठ वर्ष तक राज्य करता रहा; और सब को अप्रिय हो कर जाता रहा। और उसको दाऊदपुर में मिट्टी दी गई, परन्तु राजाओं के कब्रिस्तान में नहीं।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 29-30
  • मत्ती 21:23-46