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शनिवार, 23 फ़रवरी 2019

दौड़



      मेरे सबसे पसंदीदा टेलिविज़न प्रोग्रामों में से एक है The Amazing Race जो वास्तविकता में होने वाली एक प्रतिस्पर्धा दौड़ का प्रसारण है। इस रियालिटी शो में दस जोड़ों को विदेश भेजा जाता है जहाँ उन्हें ट्रेन, बस, टैक्सी, बाईक्स, और पैदल यात्रा करके एक से दूसरे स्थान तक पहुँचाना होता है, जहाँ से उन्हें फिर उससे अगले स्थान के लिए निर्देश मिलते हैं। दौड़ का उद्देश्य है कि एक जोड़ा अन्य सभी से पहले अंतिम स्थान पर पहुँचे, और जीतने वाले को दसलाख अमेरिकी डॉलर ईनाम में मिलते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने मसीही जीवन की तुलना भी एक दौड़ से की, और कहा कि वह अब तक समापन रेखा तक नहीं पहुँचा है, वरन दौड़ को पूरा करने में प्रयासरत है – “हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह ईनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है” (फिलिप्पियों 3:13-14)।

      पौलुस ने बीते समय की अपनी असफलताओं के दोष-बोध को उसे अपनी इस दौड़ में दौड़ने से बाधित नहीं करने दिया; और न ही उसने अपनी वर्तमान सफलताओं को उसे इस दौड़ में ढीला पड़ने दिया। वह बस मसीह यीशु की समानता में ढलते जाने की इस दौड़ में निरन्तर प्रयास करता रहा।

      हम सभी मसीही विश्वासी पौलुस के समान इस दौड़ में हैं। अपनी असफलताओं या सफलताओं के बावजूद, हम मसीह यीशु की समानता में ढलते जाने के उस अंतिम लक्ष्य की ओर बढ़ने में लगे रहें। हम किसी सांसारिक ईनाम के लिए नहीं दौड़ रहे हैं, वरन मसीह यीशु के साथ अनन्त काल के लिए रहने और आनदित होने के ईनाम के लिए दौड़ रहे हैं। - मारविन विलियम्स


मसीह यीशु का अनुसरण करते रहने को कभी छोड़ न दें।

मैं अच्छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं। - 2 तिमुथियुस 4:7-8

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों  3:12-21
Philippians 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।
Philippians 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।
Philippians 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।
Philippians 3:15 सो हम में से जितने सिद्ध हैं, यही विचार रखें, और यदि किसी बात में तुम्हारा और ही विचार हो तो परमेश्वर उसे भी तुम पर प्रगट कर देगा।
Philippians 3:16 सो जहां तक हम पहुंचे हैं, उसी के अनुसार चलें।
Philippians 3:17 हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो, और उन्हें पहिचान रखो, जो इस रीति पर चलते हैं जिस का उदाहरण तुम हम में पाते हो।
Philippians 3:18 क्योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार की है और अब भी रो रोकर कहता हूं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।
Philippians 3:19 उन का अन्‍त विनाश है, उन का ईश्वर पेट है, वे अपनी लज्ज़ा की बातों पर घमण्‍ड करते हैं, और पृथ्वी की वस्‍तुओं पर मन लगाए रहते हैं।
Philippians 3:20 पर हमारा स्‍वदेश स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं।
Philippians 3:21 वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिस के द्वारा वह सब वस्‍तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन-हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 7-8
  • मरकुस 4:12-41



शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

सिद्ध



      मुझे प्रभु यीशु द्वारा दी गई शिक्षाओं में परमेश्वर के सिद्ध आदर्शों और परमेश्वर के सिद्ध अनुग्रह में विरोधाभास प्रतीत होता था। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने कभी परमेश्वर के आदर्शों के स्तर को कम नहीं किया। प्रभु ने अपने शिष्यों से कहा, “इसलिये चाहिये कि तुम सिद्ध बनो, जैसा तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता सिद्ध है” (मत्ती 5:48)। उन्होंने व्यवस्था में सबसे बड़ी आज्ञा के विषय पूछने वाले व्यवस्थापक से कहा “उसने उस से कहा, तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख” (मत्ती 22:37)। प्रभु परमेश्वर की इन आज्ञाओं को कोई भी कभी भी पूर्णतः नहीं निभाने पाया है।

      किन्तु यही प्रभु यीशु बड़ी कोमलता से सँसार के सभी लोगों को अपना अनुग्रह प्रदान करता है। उन्होंने व्यभिचार में पकड़ी गई स्त्री को, क्रूस पर उनके साथ चढ़ाए गए और पश्चाताप करने वाले एक डाकू को, अपने उस शिष्य को भी जिसने उनका तीन बार इन्कार किया था, शाऊल (पौलुस) को जो कि मसीही विश्वासियों को सताने के लिए जाना जाता था, अपने अनुग्रह में क्षमा किया। प्रभु का अनुग्रह सिद्ध है, सभी के लिए उनके सभी पापों के लिए है, उनके लिए भी जिन्होंने प्रभु को क्रूस पर ठोका था, “हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहें हैं” (लूका 23:34)।

      वर्षों तक मैं प्रभु के सिद्ध आदर्शों के समक्ष, अपने आप को प्रभु के सर्वथा अयोग्य समझता था; मैंने प्रभु के सिद्ध अनुग्रह पर कभी विचार ही नहीं किया था। एक बार जब मैंने इस दोहरी सिद्धता के सन्देश को समझ लिया, तो मैंने प्रभु यीशु के जीवन और शिक्षाओं का पुनरवलोकन करने पर पाया कि उनके अनुग्रह का सन्देश उनके संपूर्ण जीवन और शिक्षाओं में विद्यमान है।

      प्रभु यीशु का यह सिद्ध अनुग्रह सँसार के उस प्रत्येक आशाहीन, ज़रूरतमंद, टूटे हुए व्यक्ति के लिए जो अपने आप से पाप पर विजयी होने में असमर्थ होना स्वीकार करता है, और सहायता के लिए प्रभु की ओर हाथ बढ़ाता है, उन्हें अपना हाथ थमा देता है, सदा उपलब्ध है।

      प्रभु का सिद्ध अनुग्रह हम सभी के लिए उपलब्ध है। - फिलिप येन्सी


प्रभु यीशु ने व्यवस्था की सिद्ध अनिवार्यताओं को पूरा कर दिया, 
जिससे हम उसके अनुग्रह की सिद्ध शान्ति का आनन्द ले सकें।

क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। - इफिसियों 2:8-9

बाइबल पाठ: मत्ती 5:43-48; यूहन्ना 8:9-11
Matthew 5:43 तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था; कि अपने पड़ोसी से प्रेम रखना, और अपने बैरी से बैर।
Matthew 5:44 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो।
Matthew 5:45 जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है।
Matthew 5:46 क्योंकि यदि तुम अपने प्रेम रखने वालों ही से प्रेम रखो, तो तुम्हारे लिये क्या फल होगा? क्या महसूल लेने वाले भी ऐसा ही नहीं करते?
Matthew 5:47 और यदि तुम केवल अपने भाइयों ही को नमस्‍कार करो, तो कौन सा बड़ा काम करते हो? क्या अन्यजाति भी ऐसा नहीं करते?
Matthew 5:48 इसलिये चाहिये कि तुम सिद्ध बनो, जैसा तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता सिद्ध है।

John 8:9 परन्तु वे यह सुनकर बड़ों से ले कर छोटों तक एक एक कर के निकल गए, और यीशु अकेला रह गया, और स्त्री वहीं बीच में खड़ी रह गई।
John 8:10 यीशु ने सीधे हो कर उस से कहा, हे नारी, वे कहां गए? क्या किसी ने तुझ पर दंड की आज्ञा न दी।
John 8:11 उसने कहा, हे प्रभु, किसी ने नहीं: यीशु ने कहा, मैं भी तुझ पर दंड की आज्ञा नहीं देता; जा, और फिर पाप न करना।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 4-6
  • मरकुस 4:1-20



गुरुवार, 21 फ़रवरी 2019

सन्देश



      बॉस्टन शहर की नॉर्थईस्टर्न विश्वविद्यालय का ‘वायरल टेक्स्ट्स प्रोजेक्ट’ इस बात का अध्ययन कर रहा है कि सन 1800 में छापी गई लेख सामग्री समाचारपत्रों – जो उस समय के ‘सोशल मीडिया’ थे, के द्वारा कैसे प्रसारित हुई। ‘सोशल मीडिया’ पर किसी बात का ‘वायरल’ होने से अभिप्राय होता है उसे थोड़े ही समय में बहुत अधिक बार देखा अथवा सुना अथवा पढ़ा गया हो। उस समय में यदि कोई लेख 50 या अधिक बार पुनः छापा जाता था तो उसे ‘वायरल’ समझा जाता था। स्मिथसोनियन पत्रिका में लिखते हुए, ब्रिट पीटरसन ने ध्यान किया कि उन्नीसवीं सदी का एक लेख जिसमें प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों में से कौन-कौन से उनके मसीही विश्वास के लिए घात किए गए थे, कम से कम 110 भिन्न प्रकाशनों में प्रकाशित हुआ था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब प्रेरित पौलुस ने थिस्सलुनीके के मसीही विश्वासियों को पत्री लिखी तो उसमें प्रभु यीशु मसीह के लिए साहस और आनंद के साथ साक्षी देने के लिए उनकी प्रशंसा की। पौलुस ने उन्हें लिखा, “क्योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं” (1 थिस्सलुनीकियों 1:8)। इन लोगों में होकर, जिनके जीवन प्रभु यीशु द्वारा बदल दिए गए थे, सुसमाचार का सन्देश ‘वायरल’ हो गया। कठिनाइयों और सताव के बावजूद वे लोग अपने जीवन में आए इस आनन्द और परिवर्तन के प्रति शान्त नहीं रह सके।

      हम मसीह यीशु में होकर मिलने वाली पापों की क्षमा और अनन्त जीवन के वरदान की साक्षी अपने करुणामय हृदयों, सहायता के लिए बढ़े हाथों, और ईमानदारों शब्दों के प्रयोग के द्वारा सँसार के समक्ष रखते हैं। प्रभु यीशु मसीह में क्षमा और उद्धार का सुसमाचार सन्देश हमारे तथा हमारे संपर्क में आने वाले लोगों के जीवनों में परिवर्तन लाता है। यह सुसमाचार संदेश हमारे द्वारा सदा वायरल होता रहे, जीवनों को परिवर्तित करता रहे। - डेविड मैक्कैस्लैंड


सुसमाचार से बढ़कर कोई सन्देश नहीं है – इसे फैलाते रहें।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 1: 1-10
1 Thessalonians 1:1 पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्‍सलुनिकियों की कलीसिया के नाम जो परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह में है। अनुग्रह और शान्‍ति तुम्हें मिलती रहे।
1 Thessalonians 1:2 हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
1 Thessalonians 1:3 और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
1 Thessalonians 1:4 और हे भाइयो, परमेश्वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।
1 Thessalonians 1:5 क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन सामर्थ और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्‍चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
1 Thessalonians 1:6 और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।
1 Thessalonians 1:7 यहां तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने।
1 Thessalonians 1:8 क्योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं।
1 Thessalonians 1:9 क्योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ; और तुम कैसे मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरे ताकि जीवते और सच्चे परमेश्वर की सेवा करो।
1 Thessalonians 1:10 और उसके पुत्र के स्वर्ग पर से आने की बाट जोहते रहो जिसे उसने मरे हुओं में से जिलाया, अर्थात यीशु की, जो हमें आने वाले प्रकोप से बचाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 1-3
  • मरकुस 3



बुधवार, 20 फ़रवरी 2019

आग्रह



      यह ईर्ष्या करने योग्य वृक्ष था। वह नदी के किनारे उगा हुआ था, उसे मौसम, झुलसा देने वाली गर्मी, या अनिश्चित भविष्य के विषय चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। नदी के द्वारा उसे पोषण और ठंडक मिलती थी, वह अपने दिन को सूर्य की ओर अपनी टहनियों को फैलाए हुई बिताता था, अपनी जड़ों से धरती को थामे रहता था, अपने पत्तों द्वारा हवा को स्वच्छ करता रहता था, और जिसे भी छाया की आवश्यकता होती थी उसका अपनी छाया में स्वागत करता था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इसकी तुलना में यिर्मयाह नबी ने एक झाड़ी के बारे में लिखा (यिर्मयाह 17:6)। जब वर्षा समाप्त हो जाती और सूर्य की गर्मी धरती को सुखा कर धूल उड़ाने लगते, तो वह झाड़ी भी मुरझा जाती, उससे कभी किसी को न तो छाया और न ही फल प्राप्त होता था।

      नबी एक फलते-फूलते वृक्ष की एक मुरझाने वाली झाड़ी से तुलना क्यों करेगा? वह परमेश्वर की ओर से अपने लोगों को स्मरण करवा रहा था कि उनके मिस्र की गुलामी से निकलने के बाद से क्या हो गया था। चालीस वर्ष की जंगल की यात्रा में वे नदी के किनारे लगाए गए वृक्ष के समान रहे थे (2:4-6)। परन्तु प्रतिज्ञा किए हुए देश में आ जाने के पश्चात, अपनी समृद्धि और सुख-शान्ति में वे अपनी ही कहानी भूल बैठे थे; वे परमेश्वर की बजाए अपने आप और अपने ही बनाए हुए देवताओं पर निर्भर होने लग गए थे (पद 7-8), यहाँ तक कि सहायता के लिए वापस मिस्र को जाने को भी तियार थे (42:14)।

      इसलिए परमेश्वर ने यिर्मयाह के द्वारा इस्राएल के अपने लोगों से आग्रह किया कि वे उसी पर भरोसा बनाए रखें, और उस वृक्ष के समान बनें; न कि उस झाड़ी के समान। - मार्ट डीहान


हम अपने अच्छे दिनों में, परेशानियों के दिनों में सीखे गए पाठों को स्मरण रखें।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 17:5-10
Jeremiah 17:5 यहोवा यों कहता है, श्रापित है वह पुरुष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है।
Jeremiah 17:6 वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा।
Jeremiah 17:7 धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो।
Jeremiah 17:8 वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।
Jeremiah 17:9 मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है?
Jeremiah 17:10 मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल-चलन के अनुसार अर्थात उसके कामों का फल दूं।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 26-27
  • मरकुस 2



मंगलवार, 19 फ़रवरी 2019

अनुग्रह



      मेक्सिको में कोई भी उत्सव पिनाटा के बिना नहीं मनाया जा सकता है। पिनाटा मिट्टी या गत्ते का बना एक पात्र होता है जिसमें टॉफियां और अन्य मिट्ठाइयाँ रखी हुई होती हैं, और बच्चे उसे एक डंडे से मारकर तोड़ने तथा उन टॉफियों और मिट्ठाइयों को पाने का प्रयास करते हैं।

      सोलहवीं शताब्दी में भिक्षुओं ने पिनाटा को मेक्सिको के मूल निवासियों को शिक्षा देने के लिए प्रयोग करना आरंभ किया था। उनके पिनाटा सात कोनों वाले सितारों के जैसे होते थे, जो सात घातक पापों के प्रतीक थे। पिनाटा को मारना बुराई के विरुद्ध संघर्ष को दिखाता था, और एक बार पिनाटा के टूटने पर उसके अन्दर की मिट्ठाइयाँ निकल पड़ती थीं तो लोग उन्हें घर लेजा सकते थे, विश्वास को रखने के उपहार के स्मृति के रूप में।

      बुराई के एक प्रतीक को मारना और तोड़ना, सांकेतिक रीति से संभव हो सकता है, किन्तु वास्तविकता में हम मनुष्य पाप और शैतान को अपनी सामर्थ्य और युक्तियों से नहीं हरा सकते हैं। न ही परमेश्वर इस प्रतीक्षा में है कि हम अपने प्रयासों से बुराई को हराएं और वह हम पर कृपा करे। परमेश्वर के वचन बाइबल में इफिसियों की पत्री हमें सिखाती है कि “क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है” (इफिसियों 2:8)। हमें पाप से संघर्ष करके उसे हारने का प्रयास करने की आवश्यकता नहीं है, मसीह यीशु ने हमारे लिए यह कर दिया है।

      पिनाटा से निकलने वाली टॉफियों और मिट्ठाइयों के लिए बच्चे आपस में लड़ भी पड़ते हैं, परन्तु परमेश्वर के उपहार और वरदान सभी मसीही विश्वासियों के लिए बिना किसी संघर्ष के उपलब्ध रहते हैं – “हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है” (इफिसियों 1:3)। प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करने और उससे अपने पापों की क्षमा मांगकर अपना जीवन उसे समर्पित करने से हमें पापों की क्षमा, छुटकारा, लेपालकपन, नया जीवन, आनन्द, प्रेम, और अन्य बहुत सी आशीषें मिलती हैं।

      हमें ये आशीषें विश्वास को रखने और विश्वास में दृढ़ होने के कारण, हमारे किन्हीं कर्मों के कारण नहीं मिलती हैं; वरन वे सभी आशीषें मसीह यीशु में लाए गए विश्वास के परिणामस्वरूप परमेश्वर के अनुग्रह के द्वारा हमारे उद्धार के साथ ही हमें मिल जाती हैं। आत्मिक आशीषें केवल परमेश्वर के अनुग्रह के द्वारा, उस अनुग्रह के द्वारा जिसके हम योग्य नहीं थे, विश्वास लाने से मिलती हैं। - कीला ओकोआ


हमने अनुग्रह द्वारा उद्धार पाया है। 
अब उस अनुग्रह से मिलने वाली आशीषों का भी आनन्द उठाते हैं।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। - यूहन्ना 1:12

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया।
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 25
  • मरकुस 1:23-45



सोमवार, 18 फ़रवरी 2019

ज्योति



      अपने अस्तित्व से ही अफ्रीका के रवाण्डा देश में स्थित मसीही सेवकाई का एक केन्द्र, जिसका नाम “Lighthouse (प्रकाशस्तंभ)” है, छुटकारे को दर्शाता है। यह उस भूमि पर स्थित है जहाँ 1994 में हुए जातिवाद पर आधारित नरसंहार के समय राष्ट्रपति का भव्य घर था। परन्तु यह नया भवन अब मसीहियों द्वारा ज्योति और आशा का प्रकाशस्तंभ होने के लिए बनाया गया है। वहाँ पर एक बाइबल शिक्षण संस्थान स्थित है जहाँ से नई पीढ़ी के लिए मसीही अगुवे प्रशिक्षित किए जाते हैं, और साथ ही वहाँ के समाज के लिए उस भवन में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उपयोगी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उस नरसंहार की राख में से नया जीवन निकल कर आया है। जिन्होंने Lighthouse (प्रकाशस्तंभ) को बनाया है वे प्रभु यीशु को अपनी आशा और छुटकारे का स्त्रोत मानते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में आया है कि जब प्रभु यीशु नासरत के आराधनालय में गए, तो उन्होंने यशायाह नबी की पुस्तक से पढ़ा, और घोषणा की, कि परमेश्वर की प्रसन्नता की घोषणा के लिए अभिषिक्त जन वे ही हैं (लूका 4:14-21)। वे कुचले हुओं को छुटकारा और क्षमा देने के लिए आए थे। प्रभु यीशु में हम राख में से सुंदरता को निकलकर आते हुए देखते हैं (यशायाह 61:3)।

      हम जब कबीलों और जनजातियों के परस्पर लड़ाई के कारण हुए नरसंहार में मारे गए पाँच लाख से भी अधिक लोगों के बारे में सोचते हैं तो यह हमारे मन-मस्तिष्क को झकझोर देने वाला होता है, और हम समझ नहीं पाते हैं कि उसके विषय हम क्या कहें। परन्तु फिर भी हम यह जानते हैं कि प्रभु परमेश्वर ऐसी क्रूरताओं और अत्याचारों से छुटकारा दे सकता है – चाहे यहाँ पृथ्वी पर, अथवा स्वर्ग में। वह जो शोक के स्थान पर हर्ष का तेल हमें दे सकता है, वही हमारे सबसे अंधकारमय पलों में आशा के ज्योति भी लेकर आता है। - एमी बाउचर पाई


प्रभु यीशु हमारी सबसे अंधकारमय परिस्थिति में भी आशा की ज्योति दें के लिए आए थे।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: यशायाह 61:1-6
Isaiah 61:1 प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं; कि बंधुओं के लिये स्वतंत्रता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूं;
Isaiah 61:2 कि यहोवा के प्रसन्न रहने के वर्ष का और हमारे परमेश्वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूं; कि सब विलाप करने वालों को शान्ति दूं
Isaiah 61:3 और सिय्योन के विलाप करने वालों के सिर पर की राख दूर कर के सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर कर के हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो।
Isaiah 61:4 तब वे बहुत काल के उजड़े हुए स्थानों को फिर बसाएंगे, पूर्वकाल से पड़े हुए खण्डहरों में वे फिर घर बनाएंगे; उजड़े हुए नगरों को जो पीढ़ी पीढ़ी में उजड़े हुए हों वे फिर नये सिरे से बसाएंगे।
Isaiah 61:5 परदेशी आ खड़े होंगे और तुम्हारी भेड़-बकरियों को चराएंगे और विदेशी लोग तुम्हारे चरवाहे और दाख की बारी के माली होंगे;
Isaiah 61:6 पर तुम यहोवा के याजक कहलाओगे, वे तुम को हमरो परमेश्वर के सेवक कहेंगे; और तुम अन्यजातियों की धन-सम्पत्ति को खाओगे, उनके वैभव की वस्तुएं पाकर तुम बड़ाई करोगे।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 23-24
  • मरकुस 1:1-22



रविवार, 17 फ़रवरी 2019

कल



      मुझे खुला नीला आकाश देखना अच्छा लगता है। आकाश हमारे महान सृष्टिकर्ता की अतिउत्तम कृतियों का एक सुन्दर भाग है जिसे हमें आनन्द प्रदान करने के लिए दिया गया है। कल्पना कीजिए कि वायुयान चालक उसके दृश्य को कितना पसन्द करते होंगे। वे उड़ने के लिए खुले आकाश का वर्णन करने के लिए उड़ान से संबंधित अनेकों अभिव्यक्तियों का प्रयोग करते हैं, जिनमें से मेरी पसंदीदा अभिव्यक्ति है “आप कल तक देख सकते हैं।”

      “कल को देखना” हमारी दृष्टि से परे है। कभी-कभी तो हम वह भी नहीं देख या समझ पाते हैं जो जीवन आज हमारी ओर भेज रहा है; हम हमारे आज के साथ भी संघर्ष करते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि “और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है” (याकूब 4:14)।

      परन्तु भविष्य को लेकर हमारी यह सीमित दृष्टि किसी चिंता का कारण नहीं है। वरन इसके ठीक विपरीत, क्योंकि हम मसीही विश्वासी उस परमेश्वर में विश्वास करते हैं जो हमारे कल को भली-भांति देख सकता है, इसलिए हम यह भी विश्वास करते हैं कि उसे यह भी पता है कि कल की चुनौतियों का सामना करने के लिए किन बातों की आवश्यकता होगी। प्रेरित पौलुस यह जानता था। इसीलिए उसने हमें आशापूर्णा शब्दों के द्वारा प्रोत्साहित किया: “क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं” (2 कुरिन्थियों 5:7)।

      जब हम परमेश्वर पर हमारे आज के दिन तथा हमारे अनदेखे कल की बातों के लिए भरोसा रखते हैं, तो फिर हमें जीवन द्वारा हमारी ओर भेजी जाने वाली किसी भी परिस्थिति के विषय चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है। हम बस अपने परमेश्वर पिता के साथ चलते रहें, क्योंकि वह जानता है कि कल क्या होगा; और वह हमारे कल की प्रत्येक परिस्थिति के लिए सामर्थी एवँ बुद्धिमान है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर आरंभ से ही अन्त तक देख लेता है।

सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है। - मत्ती 6:34

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:1-9
2 Corinthians 5:1 क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है।
2 Corinthians 5:2 इस में तो हम कराहते, और बड़ी लालसा रखते हैं; कि अपने स्‍वर्गीय घर को पहिन लें।
2 Corinthians 5:3 कि इस के पहिनने से हम नंगे न पाए जाएं।
2 Corinthians 5:4 और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कराहते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, वरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।
2 Corinthians 5:5 और जिसने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिसने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है।
2 Corinthians 5:6 सो हम सदा ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं और यह जानते हैं; कि जब तक हम देह में रहते हैं, तब तक प्रभु से अलग हैं।
2 Corinthians 5:7 क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं।
2 Corinthians 5:8 इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं।
2 Corinthians 5:9 इस कारण हमारे मन की उमंग यह है, कि चाहे साथ रहें, चाहे अलग रहें पर हम उसे भाते रहें।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 21-22
  • मत्ती 28