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सोमवार, 3 फ़रवरी 2020

शब्द



      कभी-कभी हमारे जीवन किसी के प्रबल प्रभाव के द्वारा पल भर में बदल सकते हैं। रॉक एंड रोल के प्रसिद्द कलाकार ब्रूस स्प्रिंग्सटीन के लिए, ऐसा संगीत कलाकारों के कार्य के द्वारा हुआ, जिनकी सहायता से वह एक कठिन बचपन और हताशा से लगातार संघर्ष से ऊपर उठ सका। उसे अपने ही कार्य से प्रोत्साहन मिला, जब उसने इस सत्य का स्वयं व्यावाहारिक अनुभव किया कि “आप किसी सही गाने के द्वारा तीन मिनिट में किसी का जीवन बदल सकते हैं।”

      एक अर्थपूर्ण गाने के समान, औरों के अच्छे शब्द हमें आशा दे सकते हैं, और हमारे जीवनों की दिशा बदल सकते हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम में से अधिकाँश के पास ऐसे लोगों से संबंधित कहानियां होंगी जिनके साथ हुए किसी वार्तालाप ने हमारे जीवनों पर स्थाई प्रभाव डाला – किसी शिक्षक के शब्द जिनसे हमने संसार के प्रति अपने दृष्टिकोण को बदला, किसी के द्वारा कहे गए प्रोत्साहन के शब्द जिनसे हमने अपने आत्मविश्वास को पुनः प्राप्त किया, किसी मित्र के कोमल शब्द जिन्होंने हमें किसी कठिन समय में सहायता प्रदान की।

      संभवतः इसीलिए, परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन की पुस्तक में इतना बल दिया गया है कि हम अपने शब्दों को नाप-तौल कर तथा बुद्धिमानी के साथ प्रयोग करें। पवित्र-शास्त्र कभी भी वार्तालाप को यूं ही की गई “बातचीत” नहीं मानता है। वरन, हमें सिखाया गया है कि शब्दों के मृत्यु और जीवन के परिणाम हो सकते हैं (18:21)। थोड़े शब्दों से हम किसी की आत्मा को कुचल सकते हैं, या बुद्धि और आशा के शब्दों के साथ औरों का मनोबल बढ़ा कर उन्हें दृढ़ कर सकते हैं (15:4)।

      हम सभी के पास प्रभावी संगीत बनाने का कौशल नहीं है। परन्तु हम में से प्रत्येक परमेश्वर से यह बुद्धिमता माँग सकता है कि अपने शब्दों के द्वारा औरों की सेवा कर सकें (यशायाह 50:4)। परमेश्वर हमें, थोड़े से चुनिन्दा शब्दों के सही प्रयोग द्वारा, औरों के जीवनों को बदलने के लिए उपयोग कर सकता है। - मोनिका ब्रैंड्स

परमेश्वर ने हमें सक्षम किया है कि हम अपने 
शब्दों और व्यवहार के द्वारा औरों के जीवनों को प्रभावित कर सकें।

प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं। - यशायाह 50:4

बाइबल पाठ: नीतिवचन 15:4; 16:24; 18:21
Proverbs 15:4 शान्ति देने वाली बात जीवन-वृक्ष है, परन्तु उलट फेर की बात से आत्मा दु:खित होती है।
Proverbs 16:24 मन भावने वचन मधु भरे छते की नाईं प्राणों को मीठे लगते, और हड्डियों को हरी-भरी करते हैं।
Proverbs 18:21 जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 31-33
  • मत्ती 22:1-22



रविवार, 2 फ़रवरी 2020

अवसर



      अनेकों लोगों के समान मैं भी व्यायाम करने से कतराता हूँ। इसलिए हाल ही में मैंने अपने आप को व्यायाम के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पेडोमीटर नामक एक उपकरण ले लिया, जो मेरे द्वारा कदमों के प्रयोग की गिनती करता रहता है। यह एक साधारण सा उपकरण है, परन्तु इस छोटे से उपकरण ने मेरे जीवन में जो परिवर्तन किया है वह अद्भुत है। अब सोफा से उतरकर कुछ काम करना हो तो उसके लिए खिसियाने और कुड़कुड़ाने के स्थान पर मैं उसे कुछ और क़दमों की गिनती बढ़ाने का अवसर देखता हूँ। उबाऊ और साधारण से काम करना, जैसे कि किसी के लिए एक ग्लास पानी लाकर देना, अब मेरे लिए अवसर हैं एक बड़े लक्ष्य तक पहुँचने में योगदान के लिए। मेरे पेडोमीटर ने मेरे दृष्टिकोण और उत्साह को बदल दिया है। अब मैं उन अवसरों की तलाश में रहता हूं जिनसे मुझे कदमों की गिनती बढ़ाने का कारण मिलेगा।

      क्या हमारा मसीही जीवन भी कुछ इसी के समान नहीं है? प्रतिदिन हमारे पास लोगों से मिलने, उनसे प्रेम करने, उनकी सेवा करने के अवसर होते हैं, जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में, कुलुस्सियों 4:5 में प्रेरित पौलुस कहता है। परन्तु क्या मैं सदा उन अवसरों के प्रति सजग रहता हूँ? क्या मैं साधारण सी बातों में भी लोगों को प्रोत्साहित करने के अवसर ढूँढ़ता हूँ? मैं जितने भी लोगों के संपर्क में आता हूँ, परमेश्वर उन सभी के जीवनों में भी कार्यरत है, वे चाहे मेरे परिवार जन हों या फिर किसी दुकान में काम करने वाला कोई कर्मचारी हो। प्रत्येक संपर्क मेरे लिए एक अवसर है इसका ध्यान करने का कि ऐसे में प्रभु परमेश्वर क्या करता – चाहे वह एक “छोटी” सी बात, जैसे कि रेस्टोरां के वेटर से उसका हाल-चाल पूछना ही क्यों न हो।

      कौन जाने कि ऐसे अवसरों में परमेश्वर क्या कार्य कर जाए, जब हम उन अवसरों के प्रति सचेत रहते हैं, जो वह हमारी ओर भेजता है। - एडम होल्ज़

किसी की सेवा करने के प्रत्येक अवसर का सदुपयोग करें।

पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 4:1-6
Colossians 4:1 हे स्‍वामियों, अपने अपने दासों के साथ न्याय और ठीक ठीक व्यवहार करो, यह समझकर कि स्वर्ग में तुम्हारा भी एक स्‍वामी है।
Colossians 4:2 प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो।
Colossians 4:3 और इस के साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें जिस के कारण मैं कैद में हूं।
Colossians 4:4 और उसे ऐसा प्रगट करूं, जैसा मुझे करना उचित है।
Colossians 4:5 अवसर को बहुमूल्य समझ कर बाहर वालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो।
Colossians 4:6 तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 29-30
  • मत्ती 21:23-46



शनिवार, 1 फ़रवरी 2020

प्रेम



      जब एक विज्ञापन बनाने वाले ने माइकलएंजलो द्वारा संगमरमर में बनाई गई दाऊद की मूर्ति के चित्र में फेर बदल करके दिखाया तो इटली की सरकार और संग्रहालय के अद्धिकारियों ने आपत्ति की। दाऊद को उसके गोफन के स्थान पर एक सैनिक के समान कंधे पर राइफल लिए हुए दिखाना उस कलाकृति का उल्लंघन करना था – मानो उस पर हथौड़े से प्रहार, या उससे भी बदतर कुछ किया गया।

      प्रथम शताब्दी के यरूशलेम में दाऊद को एक चरवाहे-भजनकार और सैनिक-राजा के रूप में स्मरण किया जाता था, और इस्राएल के लोगों की महानतम आशाएं इस्राएल के उस प्रीय जन के वंशज से गहराई से जुड़ी हुई थीं। परमेश्वर के वचन बाइबल में इस्राएल के भविष्यद्वाकताओं ने भविष्यवाणी की थी कि दाऊद का वंशज इस्राएल के शत्रुओं को सदा के लिए पराजित कर देगा। इसलिए जब सदियों के बाद, जब भीड़ ने प्रभु यीशु मसीह का “दाऊद की संतान” (मत्ती 21:6-9) के रूप में स्वागत किया, तो उनकी आशा थी कि वह रोमी साम्राज्य के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व करेगा और उनकी सत्ता को पलट देगा। परन्तु प्रभु यीशु ने मंदिर में जाकर वहाँ व्यापार करने वालों की चौकियाँ पलट दीं जिससे परमेश्वर पिता का वह भवन सभी के लिए प्रार्थना का घर बन कर रहे। यह वो मसीहा और “दाऊद की संतान” नहीं था जिसकी उन्हें प्रतीक्षा थी। इसलिए बिना इस बात पर ध्यान किए कि वे क्या कर रहे हैं, उन्होंने प्रभु को पकड़कर रोमी शासकों के हवाले कर दिया जिससे इस्राएल की वास्तविक महिमा, प्रभु यीशु, के हाथों और पांवों पर हथोड़े चला कर उसे कीलों से क्रूस पर ठोक दिया जाए।

      प्रभु ने भी उन्हें रोकने के स्थान पर, अपने आप को क्रूस पर ठोके जाने, अपने आप को अपमानित किया जाने, और अपना स्वरूप बिगाड़े दिया जाने दिया। प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा ही लोगों को पता चला कि वास्तव में दाऊद की उस संतान ने शत्रु शैतान की सभी योजनाओं को, सभी मनुष्यों के प्रति अपने प्रेम और बलिदान के द्वारा, पराजित कर दिया, और अपने अनुयायियों को यह बीड़ा दिया कि वे सारे संसार में जाकर उनके इस प्रेम और उद्धार के सुसमाचार को लोगों को बताएं। - मार्ट डी हॉन

प्रभु यीशु दिखाते हैं कि परमेश्वर सदा ही हमारी अपेक्षाओं से कहीं बढ़कर अच्छा रहता है।

और जो भीड़ आगे आगे जाती और पीछे पीछे चली आती थी, पुकार पुकार कर कहती थी, कि दाऊद की सन्तान को होशाना; धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है, आकाश में होशाना। - मत्ती 21:9

बाइबल पाठ: मत्ती 21:12-16
Matthew 21:12 यीशु ने परमेश्वर के मन्दिर में जा कर, उन सब को, जो मन्दिर में लेन देन कर रहे थे, निकाल दिया; और सर्राफों के पीढ़े और कबूतरों के बेचने वालों की चौकियां उलट दीं।
Matthew 21:13 और उन से कहा, लिखा है, कि मेरा घर प्रार्थना का घर कहलाएगा; परन्तु तुम उसे डाकुओं की खोह बनाते हो।
Matthew 21:14 और अन्धे और लंगड़े, मन्दिर में उसके पास लाए, और उसने उन्हें चंगा किया।
Matthew 21:15 परन्तु जब महायाजकों और शास्‍त्रियों ने इन अद्भुत कामों को, जो उसने किए, और लड़कों को मन्दिर में दाऊद की सन्तान को होशाना पुकारते हुए देखा, तो क्रोधित हो कर उस से कहने लगे, क्या तू सुनता है कि ये क्या कहते हैं?
Matthew 21:16 यीशु ने उन से कहा, हां; क्या तुम ने यह कभी नहीं पढ़ा, कि बालकों और दूध पीते बच्‍चों के मुंह से तु ने स्‍तुति सिद्ध कराई?

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 27-28
  • मत्ती 21:1-22



शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

शुद्ध और स्वच्छ



      पिछले दिसंबर में हम सपरिवार पहाड़ों में गए। हमने सारा जीवन  गरम इलाकों में निवास करते बिताया है, इसलिए यह पहली बार था जब हम ने इतनी शानदार बर्फ देखी। हम जब खेतों, मैदानों, और पेड़-पौधों पर बिछी बर्फ की सफ़ेद चादर पर ध्यान कर रहे थे, तो मेरे पति ने परमेश्वर के वचन बाइबल में से यशायाह 1:18 उद्धृत किया, “...तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम के समान उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।”

      हमारी तीन वर्षीय बेटी ने लाल रंग का अर्थ पूछने के बाद, प्रश्न किया, “क्या लाल रंग बुरा होता है?” वह यह तो जानती है कि परमेश्वर को पाप बिलकुल पसंद नहीं है; परन्तु यह पद किसी रंग के बारे में नहीं है। यहाँ भविष्यद्वाकता एक छोटे से कीड़े के अण्डों से निकलने वाले चमकदार लाल रंग के लिए कह रहा था, जिसका प्रयोग कपड़े रंगने के लिए किया जाता था। इस रंग को पक्का चढ़ाने के लिए कपड़ों को दो बार इसमें डाला जाता था। तब रंग इतना पक्का चढ़ जाता था कि फिर धुलने से भी वह हटाया नहीं जा सकता था। पाप का प्रभाव भी ऐसा ही है; मनुष्य का कोई भी प्रयास उसके प्रभाव को मिटा नहीं सकता है। पाप तो मन में जड़ पकड़कर रहता है।

      केवल परमेश्वर ही है जो मन को पाप से साफ़ कर सकता है। जब हम बर्फ से ढके पहाड़ों को देख रहे थे, तो हम उस स्वच्छ और शुद्ध सफेदी की सराहना कर रहे थे जो कैसी भी धुलाई और रगड़ाई करने पर भी उस लाल रंग चढ़े कपड़े पर कभी नहीं आ सकती थी। जब हम पतरस द्वारा लिखी गई शिक्षा, “इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं” (प्रेरितों 3:19) का पालन करते हैं, तब परमेश्वर हमारे पाप क्षमा कर के हमें एक नया और स्वच्छ जीवन प्रदान करता है। केवल प्रभु यीशु मसीह के बलिदान के द्वारा ही हमें वह मिलता है जो कोई और कभी नहीं दे सकता है – एक शुद्ध और स्वच्छ मन; परमेश्वर के उपहार के रूप में।

परमेश्वर जब क्षमा करता है, तो साथ ही स्वच्छ भी कर देता है।

जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा। - भजन 51:7

बाइबल पाठ: यशायाह 1:16-20
Isaiah 1:16 अपने को धोकर पवित्र करो: मेरी आंखों के साम्हने से अपने बुरे कामों को दूर करो; भविष्य में बुराई करना छोड़ दो,
Isaiah 1:17 भलाई करना सीखो; यत्न से न्याय करो, उपद्रवी को सुधारो; अनाथ का न्याय चुकाओ, विधवा का मुकद्दमा लड़ो।।
Isaiah 1:18 यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम के समान उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।
Isaiah 1:19 यदि तुम आज्ञाकारी हो कर मेरी मानो,
Isaiah 1:20 तो इस देश के उत्तम से उत्तम पदार्थ खाओगे; और यदि तुम ना मानो और बलवा करो, तो तलवार से मारे जाओगे; यहोवा का यही वचन है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 25-26
  • मत्ती 20:17-34



गुरुवार, 30 जनवरी 2020

सक्षम और उपलब्ध



      जिस समय मुझे पता चला कि मेरी माँ को कैंसर है, उस समय मेरे पति काम पर बाहर गए हुए थे। मैंने यह बताने के लिए उन्हें एक सन्देश भेजा और फिर अपने मित्रों तथा परिवार जनों से संपर्क करने लगी, उन्हें बताने और उनसे प्रार्थना की सहायता का निवेदन करने के लिए; किन्तु कोई भी उपलब्ध नहीं था। थरथराते हुए हाथों से अपने चहरे को ढांपते हुए मैं सुबकने लगी और परमेश्वर से कहने लगी, “परमेश्वर मेरी सहायता कीजिए।” उस समय में जब मैं बिलकुल अकेली थी, मैंने एक आश्वासन अनुभव किया कि परमेश्वर मेरे साथ है और मुझे शान्ति दे रहा है।

      मैंने प्रभु परमेश्वर का धन्यवाद किया जब मेरे पति घर आए तथा औरों से भी प्रोत्साहन के समाचार आने लगे। परन्तु फिर भी उन अकेले पलों में परमेश्वर की शांत करने वाली उपस्थिति जो मैंने अनुभव की थी, उससे मैं आश्वस्त हुई कि परमेश्वर सहजता से उपलब्ध है और मैं उस पर भरोसा रख सकती हूँ, जब भी और जहां भी मुझे उसकी सहायता की आवश्यकता हो।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार, भजन 46 में कहता है कि परमेश्वर हमारा शरणस्थान है, ऊंचा गढ़, और भरोसेमंद सहायक है (पद 1)। जब हमें ऐसा लगे कि हम अराजकता से घिरे हुए हैं, या, हम जिसे स्थिर समझे हुए थे वह हमारे चारों ओर ढहता जा रहा है, तब भी हमें भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है (पद 2-3)। परमेश्वर कभी लड़खड़ाता नहीं है (पद 4-7)। उसकी सामर्थ्य प्रगट एवं प्रभावी है (पद 8-9)। हमारा सदा संभालने वाला हमें अपने अपरिवर्तनीय चरित्र के द्वारा आश्वस्त करता है (पद 10)। हमारा प्रभु, हमारा सुरक्षित शरणस्थान, सदा हमारे साथ बना रहता है (पद 11)।

      प्रभु ने अपने अनुयायियों को एक दूसरे के साथ बने रहने और सहायता तथा प्रोत्साहित करने का दायित्व दिया है। परन्तु साथ ही वह यह भी आश्वासन देता है कि हमारी हर परिस्थिति के लिए वह सदा उपलब्ध और सक्षम है। वह न केवल अपने अनुयायियों के द्वारा वरन अपनी व्यक्तिगत उपस्थिति के द्वारा भी हमें शान्ति देता है। - जोशील डिक्सन

परमेश्वर हमारे सहायता के लिए सदा उपलब्ध और सक्षम है।

यहोवा के भय मानने से दृढ़ भरोसा होता है, और उसके पुत्रों को शरणस्थान मिलता है। - नीतिवचन 14:26

बाइबल पाठ: भजन 46
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है।
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है!
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 23-24
  • मत्ती 20:1-16



बुधवार, 29 जनवरी 2020

बालक



      बहुत वर्ष पहले की बात है, मेरी पत्नी ने हमारी दो वर्षीय बेटी के साथ उसे सुलाने से पहले रात्रि की प्रार्थना की, और उसे बिस्तर में लेटा रही थी, कि उसने प्रश्न पूछा, “मम्मी, यीशु कहाँ हैं?” मेरी पत्नी ने उत्तर दिया, “यीशु स्वर्ग में हैं, और सभी स्थानों पर भी हैं; वे अभी हमारे साथ भी हैं; और यदि तुम उन्हें आने के लिए कहोगी, तो वे तुम्हारे हृदय में भी आ कर रह सकते हैं।” बेटी ने उत्तर दिया, “मैं चाहती हूँ कि यीशु मेरे हृदय में आएं।”

      जब मेरी पत्नी ने कहा, “ठीक है; किसी दिन तुम उन्हें आने के लिए कह सकती हो;” तो हमारी बेटी बोली, “मैं उन्हें अभी अपने हृदय में आने के लिए कहना चाहती हूँ।” तब हमारी बेटी ने प्रार्थना की, “यीशु, कृपया मेरे हृदय में आएं और मेरे साथ रहें।” और यहाँ से उसके मसीही विश्वास की यात्रा का आरंभ हुआ।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि जब प्रभु यीशु के शिष्यों ने उससे पूछा कि स्वर्ग के राज्य में कौन बड़ा है, तो प्रभु ने एक छोटे बालक को अपने पास बुलाया (मत्ती 18:1-2) और शिष्यों से कहा, “मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा। और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है” (पद 3-5)।

      प्रभु यीशु के दृष्टिकोण से हम एक भरोसा करने वाले बालक को विश्वास के उदाहरण के रूप में देख सकते हैं। और हम से कहा गया है कि जो भी प्रभु के लिए अपने हृदय को खोलता है, हमें उसका स्वागत करना है, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है (मत्ती 19:14)। - डेविड मैक्कैसलैंड

प्रभु यीशु मसीह में हमारा विश्वास, बालक द्वारा किए गए भरोसे के समान है।

यीशु ने कहा, बालकों को मेरे पास आने दो: और उन्हें मना न करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है। - मत्ती 19:14

बाइबल पाठ: मत्ती 18:1-5
Matthew 18:1 उसी घड़ी चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, कि स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है?
Matthew 18:2 इस पर उसने एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया।
Matthew 18:3 और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे।
Matthew 18:4 जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा।
Matthew 18:5 और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 21-22
  • मत्ती 19



मंगलवार, 28 जनवरी 2020

आनन्द



      मैं जीवन की एक नई ऋतु की ओर बढ़ रही हूँ – वृद्धावस्था की “शरद” ऋतु – किन्तु अभी वहाँ पहुँची नहीं हूँ। यद्यपि मेरे वर्ष तेज़ी से बीतते चले जा रहे हैं, और कभी-कभी मैं उनकी गति को कम भी करना चाहती हूँ, फिर भी मुझ में एक आनन्द है जो मुझे संभाले रहता है। हर दिन मुझे प्रभु परमेश्वर द्वारा दिया गया एक नया दिन है। मैं भी परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार के साथ कह सकती हूँ, “यहोवा का धन्यवाद करना भला है, हे परमप्रधान, तेरे नाम का भजन गाना; प्रात:काल को तेरी करूणा, और प्रति रात तेरी सच्चाई का प्रचार करना” (भजन 92:1-2)।

      चाहे मेरे जीवन में कई संघर्ष हों; और चाहे कभी औरों के दुःख और कठिनाइयाँ मुझे अभिभूतित करें, किन्तु प्रभु परमेश्वर मुझे सक्षम करता है कि मैं भी भजनकार के साथ कह सकती हूँ, “हे यहोवा, तू ने मुझ को अपने काम से आनन्दित किया है; और मैं तेरे हाथों के कामों के कारण जयजयकार करूंगा” (पद 4)। जो आशीषें उसने मुझे दी हैं: परिवार, मित्र, संतोषजनक व्यवसाय – वह सब मेरे लिए आनन्द का कारण है। मैं आनन्दित हूँ परमेश्वर की अद्भुत सृष्टि और उसके प्रेरित जीवते वचन के लिए। इसलिए भी आनन्दित हूँ क्योंकि प्रभु यीशु ने मुझ से इतना प्रेम किया कि मेरे पापों के बदले अपने आप को बलिदान कर दिया। मैं आनन्दित हूँ क्योंकि प्रभु परमेश्वर ने हमें अपना पवित्र आत्मा दिया है जो सच्चे आनन्द का स्त्रोत है (रोमियों 15:13)। प्रभु परमेश्वर के अनुग्रह के कारण, उस पर विश्वास रखने वाले, “धर्मी लोग खजूर के समान फूले फलेंगे, और लबानोन के देवदार के समान बढ़ते रहेंगे। वे यहोवा के भवन में रोपे जा कर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे। वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे” (भजन 92:12-14)।

      यह कौन सा फल है भजनकार जिसके लिए कह रहा है? हमारे जीवन की परिस्थितियाँ या जीवन की ऋतु चाहे जो भी हो, हम अपनी जीवन शैली, अपनी बोलचाल, तथा अपने व्यावहार के द्वारा प्रभु परमेश्वर के प्रेम के उदाहरण हो सकते हैं। प्रभु को जानने, उसके बारे में औरों को बताने, और उसके लिए जीवन जीने में सच्चा और स्थाई आनन्द है। - एलिसन कीडा

परमेश्वर ही सब आनन्द का दाता है।

सो परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्र आत्मा की सामर्थ से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए। - रोमियों 15:13

बाइबल पाठ: भजन 92
Psalms 92:1 यहोवा का धन्यवाद करना भला है, हे परमप्रधान, तेरे नाम का भजन गाना;
Psalms 92:2 प्रात:काल को तेरी करूणा, और प्रति रात तेरी सच्चाई का प्रचार करना,
Psalms 92:3 दस तार वाले बाजे और सारंगी पर, और वीणा पर गम्भीर स्वर से गाना भला है।
Psalms 92:4 क्योंकि, हे यहोवा, तू ने मुझ को अपने काम से आनन्दित किया है; और मैं तेरे हाथों के कामों के कारण जयजयकार करूंगा।
Psalms 92:5 हे यहोवा, तेरे काम क्या ही बड़े हैं! तेरी कल्पनाएं बहुत गम्भीर हैं!
Psalms 92:6 पशु समान मनुष्य इस को नहीं समझता, और मूर्ख इसका विचार नहीं करता:
Psalms 92:7 कि दुष्ट जो घास के समान फूलते- फलते हैं, और सब अनर्थकारी जो प्रफुल्लित होते हैं, यह इसलिये होता है, कि वे सर्वदा के लिये नाश हो जाएं,
Psalms 92:8 परन्तु हे यहोवा, तू सदा विराजमान रहेगा।
Psalms 92:9 क्योंकि हे यहोवा, तेरे शत्रु, हां तेरे शत्रु नाश होंगे; सब अनर्थकारी तित्तर बित्तर होंगे।
Psalms 92:10 परन्तु मेरा सींग तू ने जंगली सांढ़ का सा ऊंचा किया है; मैं टटके तेल से चुपड़ा गया हूं।
Psalms 92:11 और मैं अपने द्रोहियों पर दृष्टि कर के, और उन कुकर्मियों का हाल मेरे विरुद्ध उठे थे, सुनकर सन्तुष्ट हुआ हूं।
Psalms 92:12 धर्मी लोग खजूर के समान फूले फलेंगे, और लबानोन के देवदार के समान बढ़ते रहेंगे।
Psalms 92:13 वे यहोवा के भवन में रोपे जा कर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे।
Psalms 92:14 वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे,
Psalms 92:15 जिस से यह प्रगट हो, कि यहोवा सीधा है; वह मेरी चट्टान है, और उस में कुटिलता कुछ भी नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 19-20
  • मत्ती 18:21-35