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गुरुवार, 6 सितंबर 2018

अनुग्रह



      स्कूल से अपना परिक्षा परिणाम ला कर मुझे दिखाते समय मेरे बेटे की आँखें उत्साह से चमक रही थीं। परिक्षा गणित की थी और उसने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे, तथा उसे इस उपलब्धि के लिए एक बड़ा सा लाल सितारा भी परीक्षाफल पर लगाकर दिया गया था। उसने अपनी इस परीक्षा के विषय बताते हुए कहा कि उसे अभी तीन प्रश्नों का उत्तर देना शेष था, जब समय समाप्त हो गया। मैंने विस्मित होकर उससे पूछा, तो फिर उसे पूरे अंक कैसे मिल गए? उसने कहा कि “शिक्षिका ने मुझ पर अनुग्रह किया; उसने मुझे प्रश्न पूरे करने दिए यद्यपि मेरा समय समाप्त हो गया था।”
      मैंने इस अवसर का लाभ उठाकर अपने बेटे के साथ परमेश्वर के हम मनुष्यों के प्रति किए गए अनुग्रह के बारे में चर्चा की। मैंने उसे ध्यान करवाया कि परमेश्वर ने प्रभु यीशु मसीह में होकर हमें उससे कहीं बढ़कर दिया है, जिसके हम योग्य हैं। वास्तव में हम अपने पापों के कारण, परमेश्वर की पवित्रता और न्याय के समक्ष, दण्ड के, मृत्यु के, योग्य थे (रोमियों 6:23)। परन्तु, “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा” (5:8)। हम मनुष्य तो सर्वथा अयोग्य थे, परन्तु प्रभु यीशु ने, जो पवित्र और निष्पाप था, सभी मनुष्यों के सभी पापों को अपने ऊपर ले लिया और सबके बदले में उन पापों के दण्ड, उस मृत्यु को सह लिया। इसलिए अब जो भी उसके इस बलिदान को स्वीकार करता है, प्रभु से अपने पापों की क्षमा माँगता है, अपना जीवन स्वेच्छा से प्रभु को समर्पित करता है, उसे पापों के दण्ड से क्षमा मिल जाती है, उसे अब उन पापों के दण्ड को सहने की आवश्यकता नहीं रह जाती है। इस कारण अब प्रभु यीशु मसीह के विश्वासियों के लिए, प्रभु के साथ स्वर्ग में अनन्त जीवन की आशीष रखी है।

      अनन्त जीवन परमेश्वर से मिलने वाला उपहार है, जिसे हम किसी रीति से अपने कर्मों द्वारा कमा नहीं सकते हैं, बस हमारे प्रति उसके प्रेम और अनुग्रह के अन्तर्गत उससे प्राप्त कर सकते हैं। हम, प्रभु यीशु मसीह पर लाए गए विश्वास के द्वारा, परमेश्वर के अनुग्रह के अन्तर्गत, पापों के मृत्यु दण्ड में जाने से बचाए जाते हैं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट

अनुग्रह और दया कमाई नहीं जातीं, परमेश्वर से उपहार स्वरूप प्राप्त की जाती हैं।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: रोमियों 5:6-15
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा।
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी साहस करे।
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे?
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे?
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं।
Romans 5:12 इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया।
Romans 5:13 क्योंकि व्यवस्था के दिए जाने तक पाप जगत में तो था, परन्तु जहां व्यवस्था नहीं, वहां पाप गिना नहीं जाता।
Romans 5:14 तौभी आदम से ले कर मूसा तक मृत्यु ने उन लोगों पर भी राज्य किया, जिन्हों ने उस आदम के अपराध के समान जो उस आने वाले का चिन्ह है, पाप न किया।
Romans 5:15 पर जैसा अपराध की दशा है, वैसी अनुग्रह के वरदान की नहीं, क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध से बहुत लोग मरे, तो परमेश्वर का अनुग्रह और उसका जो दान एक मनुष्य के, अर्थात यीशु मसीह के अनुग्रह से हुआ बहुतेरे लागों पर अवश्य ही अधिकाई से हुआ।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58



बुधवार, 5 सितंबर 2018

क्षणिक



      हम एटलांटिक सिटी में सागर के किनारे के मार्ग पर टहल रहे थे कि एक छोटा लड़का दौड़ता हुआ आया और हम पर साबुन के पानी के बुलबुलों की बौछार करता हुआ चला गया। उस कठिन दिन में यह मेरे तथा मेरे पति, कार्ल, के लिए एक हल्का और आनंदायक क्षण था। हम इस शहर में कार्ल की बहन और बहनोई से मिलने आए थे जो दोनों ही अस्वस्थ थे, बहनोई तो अस्पताल में भर्ती था। जब हम उन परिस्थितियों से हटकर बाहर टहलने निकले, तब हम अपने परिवार की आवश्यकताओं तथा परेशानियों को लेकर थोड़ा अभिभूतित थे।

      और तभी वे बुलबुले हम पर आ गए, एक छोटे लडके द्वारा ऐसे ही उड़ा दिए गए बुलबुले – परन्तु मेरे लिए उनका विशेष महत्व था। मुझे साबुन के पानी के बुलबुले उड़ाना बहुत पसन्द है, और मैं अपने दफतर में भी एक बोतल में बुलबुले बनाने का पानी और सामान रखती हूँ; और जब कभी कठिन परिस्थितियों से निकलती हूँ तो अपने आप को हल्का करने के लिए मैं बुलबुले उड़ाती हूँ।

      उस दिन उन बुलबुलों और विशाल एटलांटिक सागर ने मुझे स्मरण करवाया कि मैं किस पर भरोसा कर सकती हूँ: परमेश्वर पर जो सदा मेरे साथ रहता है। वह बहुत सामर्थी है; वह सदा देखभाल करता रहता है; और वह हमारे छोटे से छोटे अनुभव को भी हमें यह स्मरण करवाने के लिए प्रयोग कर सकता है कि हमारे साथ हमारी कठिनाइयों और परिस्थितियों में भी बनी रहने वाली उसकी उपस्थिति अनुग्रह के विशाल सागर के समान है।

      एक ऐसा दिन भी आएगा जब हमारी ये कठिनाइयाँ और परेशानियां, अनन्तकाल की तुलना में उन बुलबुलों के समान क्षणिक और महत्वहीन लगेंगी, क्योंकि परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि , “और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं” (2 कुरिन्थियों 4:18)। - ऐनी सेटास


परीक्षाओं की मरुभूमि में प्रभु यीशु हमें अनुग्रह का सागर उपलब्ध करवाता है।

क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं। - 2 कुरिन्थियों 5:7

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:7-18
2 Corinthians 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
2 Corinthians 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
2 Corinthians 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
2 Corinthians 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
2 Corinthians 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
2 Corinthians 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।
2 Corinthians 4:18 और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 146-147
  • 1 कुरिन्थियों 15:1-28



मंगलवार, 4 सितंबर 2018

आज्ञाकारिता


      मुझे एक भूमिगत पानी की टंकी की आवश्यकता थी, और मुझे यह भी बिलकुल स्पष्ट पता था कि मुझे वह कैसे बनी हुई चाहिए। इसलिए मैंने मिस्त्री को अपनी आवश्यकतानुसार उस टंकी को बनाने के लिए बिलकुल स्पष्ट निर्देश दिए। मैंने जब अगले दिन जाकर देखा कि काम कैसा चल रहा है तो मुझे देख कर क्रोध आया कि मिस्त्री ने मेरे कहे के अनुसार नहीं किया था, उसने योजना को बदल दिया था, इससे वे प्रभाव भी नहीं होने पाते जो मैं उस टंकी के द्वारा चाहता था। मेरे निर्देशों का पालन न करने के लिए जो बहाने वह मुझे सुना रहा था वे उसकी अनाज्ञाकारिता के समान ही खिसियाने वाले थे।

      मैं बैठकर उसे फिर से टंकी को दोबारा बनाते हुए देखने लगा, और मेरी खिसियाहट तथा क्रोध के धीरे-धीरे शान्त होने के साथ ही मुझे अपने दोष का भी बोध होने लगा, कि मैंने भी परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता कितनी ही बार की है, और कितनी ही बार अपने जीवन में उसके निर्देशों का पालन न करने के कारण उसके काम को फिर से दोबारा से करना पड़ा है।

      प्राचीन इस्त्राएलियों के समान, जो अकसर परमेश्वर के निर्देशों की आज्ञाकारिता न करने के दोषी रहते थे, हम भी अकसर अपने ही मार्ग पर चलते रहते हैं। किन्तु उसकी आज्ञाकारिता ही परमेश्वर के साथ प्रगाढ़ संबंध बनाने का मार्ग है। जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, मूसा ने इस्त्राएलियों से कहा था, “इसलिये तुम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार करने में चौकसी करना; न तो दाहिने मुड़ना और न बांए। जिस मार्ग में चलने की आज्ञा तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम को दी है उस सारे मार्ग पर चलते रहो, कि तुम जीवित रहो, और तुम्हारा भला हो, और जिस देश के तुम अधिकारी होगे उस में तुम बहुत दिनों के लिये बने रहो” (व्यवस्थाविवरण 5:32-33)। मूसा के सदियों बाद, प्रभु यीशु ने भी अपने शिष्यों से कहा कि वे उसपर भरोसा, और परस्पर प्रेम बनाए रखें।

      हमारे मनों का यह समर्पण और इसके साथ उसके प्रति पूर्ण आज्ञाकारिता ही है जो हमारे लिए भला ही उत्पन्न करती है। हम मसीही विश्वासियों के अन्दर निवास करने वाला परमेश्वर का आत्मा हमारी सहायता करता है कि हम परमेश्वर के आज्ञाकारी बने रहें, और स्मरण रखें कि “क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्‍छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है” (फिलिप्पियों 2:13)। - लॉरेंस दरमानी


हम परमेश्वर के जितना निकट चलेंगे, 
उसके मार्गदर्शन को उतनी स्पष्टता से अनुभव करेंगे।

शमूएल ने कहा, क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन मानना तो बलि चढ़ाने और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है। - 1 शमूएल 15:22

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 5: 28-33
Deuteronomy 5:28 जब तुम मुझ से ये बातें कह रहे थे तब यहोवा ने तुम्हारी बातें सुनीं; तब उसने मुझ से कहा, कि इन लोगों ने जो जो बातें तुझ से कही हैं मैं ने सुनी हैं; इन्होंने जो कुछ कहा वह ठीक ही कहा।
Deuteronomy 5:29 भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे!
Deuteronomy 5:30 इसलिये तू जा कर उन से कह दे, कि अपने अपने डेरों को लौट जाओ।
Deuteronomy 5:31 परन्तु तू यहीं मेरे पास खड़ा रह, और मैं वे सारी आज्ञाएं और विधियां और नियम जिन्हें तुझे उन को सिखाना होगा तुझ से कहूंगा, जिस से वे उन्हें उस देश में जिसका अधिकार मैं उन्हें देने पर हूं मानें।
Deuteronomy 5:32 इसलिये तुम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार करने में चौकसी करना; न तो दाहिने मुड़ना और न बांए।
Deuteronomy 5:33 जिस मार्ग में चलने की आज्ञा तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम को दी है उस सारे मार्ग पर चलते रहो, कि तुम जीवित रहो, और तुम्हारा भला हो, और जिस देश के तुम अधिकारी होगे उस में तुम बहुत दिनों के लिये बने रहो।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 143-145
  • 1 कुरिन्थियों 14:21-40


सोमवार, 3 सितंबर 2018

नकल



      बच्चों को सिखा रहे पास्टर ने  उसके चारों ओर एकत्रित हुए बच्चों से कहा के वे एक खेल खेलेंगे जिसका नाम है “नकल”; पास्टर ने बच्चों को समझाया, “मैं कोई नाम लूंगा, और तुम्हें उस नाम वाली वस्तु के अनुसार उसकी नकल करके दिखानी होगी। क्या तुम तैयार हो?” पास्टर ने पहला नाम लिया, मुर्गी! बच्चों ने अपनी बाहों से पंख फड़फड़ाने, मुँह से कुड़कुड़ाने की नकल उतारी। फिर आया हाथी, उसके बाद फुटबॉल का खिलाड़ी, और फिर नर्तकी अन्त में पास्टर ने नाम लिया यीशु ; अधिकांश बच्चे सकपका गए, फिर एक छः वर्षीय बच्चे ने खड़े होकर, चहरे पर बड़ी सी मुस्कराहट के साथ, स्वागत में अपनी बाहें फैला दीं। सभी लोगों ने ताली बजाकर उसकी प्रशंसा की।

      हम कितनी सरलता से यह भूल जाते हैं कि हमारी बुलाहट प्रतिदिन के जीवन में मसीह यीशु के समान बनने की है। “इसलिये प्रिय, बालकों की नाईं परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया” (इफिसियों 5:1-2)।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने थिस्सलूनिकिया के मसीही विश्वासियों की सराहना की, क्योंकि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने मसीही विश्वास का व्यावाहारिक प्रदर्शन किया था। पौलुस ने लिखा, “और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे। यहां तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने” (1 थिस्सलुनीकियों 1:6-7)।

      यह हमारे अन्दर प्रभु यीशु का जीवन ही है जो हमें प्रोत्साहित एवँ योग्य करता है कि हम इस सँसार में प्रभु के समान चलें, और सारे सँसार के समस्त लोगों के लिए परमेश्वर के प्रेम के सुसमाचार को बताएँ, सबके स्वागत के लिए अपनी बाहों को खुला रखें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु की बाहें स्वागत में सदा खुली रहती हैं।

प्रभु यीशु ने कहा: “क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो।” - यूहन्ना 13:15

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 1:1-10
1 Thessalonians 1:1 पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्‍सलुनिकियों की कलीसिया के नाम जो परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह में है। अनुग्रह और शान्‍ति तुम्हें मिलती रहे।
1 Thessalonians 1:2 हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
1 Thessalonians 1:3 और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
1 Thessalonians 1:4 और हे भाइयो, परमेश्वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।
1 Thessalonians 1:5 क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन सामर्थ और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्‍चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
1 Thessalonians 1:6 और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।
1 Thessalonians 1:7 यहां तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने।
1 Thessalonians 1:8 क्योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं।
1 Thessalonians 1:9 क्योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ; और तुम कैसे मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरे ताकि जीवते और सच्चे परमेश्वर की सेवा करो।
1 Thessalonians 1:10 और उसके पुत्र के स्वर्ग पर से आने की बाट जोहते रहो जिसे उसने मरे हुओं में से जिलाया, अर्थात यीशु की, जो हमें आने वाले प्रकोप से बचाता है।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 140-142
  • 1 कुरिन्थियों 14:1-20



रविवार, 2 सितंबर 2018

कारीगर



      फिप्प्स फेस्टस बोर्न, जिसकी 2002 में मृत्यु हो गई, लकड़ी पर नक्काशी करने वाला एक उस्ताद कारीगर था। वह अपनी नक्काशी द्वारा लकड़ी पर वस्तुओं के इतने सजीव कृतियाँ बनाता था कि वे वास्तविक वस्तुओं की हू-ब-हू प्रतीक लगती थीं। उसने कहा, “बत्तख की नक्काशी करना सरल है। लकड़ी के एक टुकड़े को ध्यान से देखिए, अपने मन में बैठा लीजिए कि बत्तख कैसी दिखती है, फिर उस लकड़ी में से वह सब हटा दीजिए जो उस बत्तख जैसा नहीं दिखाई देता है।”

      यही बात परमेश्वर के साथ भी है। वह आपको और मुझे देखता है – लकड़ी के टेढ़े-मेढ़े, खुरदुरे टुकड़े के समान; वह हम में मसीह की समानता का अपना विचार देखता है, और फिर हम में से वह सब हटाता चला जाता है जो उसके विचार के अनुसार मसीह की समानता में नहीं है। जब वह अपनी कारीगरी कर चुकेगा तो हम अपनी उस सुंदरता को देखकर दंग रह जाएँगे।

      परन्तु इसके लिए हमें सबसे पहले यह स्वीकार करना होगा कि हम बेडौल और बिगड़े हुए हैं, और उस महान कारीगर को हम पर कार्य करने की आवश्यकता है, और फिर अपने आप को उसके हाथों में पूर्णतः समर्पित करना होगा जिससे वह अपना कार्य अच्छे से कर सके – हमें आवश्यकतानुसार काट, छांट, तराश और रगड़ सके। इसका अर्थ है हमें अपनी परिस्थितियों को – सुखद अथवा दुखद, परमेश्वर के औज़ार स्वीकार करना होगा, जिनके द्वारा वह हमें संवार रहा है। हमारे विषय अपनी कल्पना के अनुसार वह हमें तराशता जाता है, आकार देता जाता है। यह प्रक्रिया कभी अद्भुत होती है तो कभी  कष्टदायक, परन्तु अन्ततः वह हमें अपने पुत्र हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की समानता में ढाल देता है (रोमियों 8:29)।

      क्या आप उस समानता में ढलने की लालसा रखते हैं? अपने आप को महान कारीगर के हाथों में समर्पित कर दीजिए। - डेविड रोपर

मसीह में बढ़ना उसके साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के द्वारा होता है।

क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: भजन 138:7-8; इफिसियों 2:6-10
Psalms 138:7 चाहे मैं संकट के बीच में रहूं तौभी तू मुझे जिलाएगा, तू मेरे क्रोधित शत्रुओं के विरुद्ध हाथ बढ़ाएगा, और अपने दाहिने हाथ से मेरा उद्धार करेगा।
Psalms 138:8 यहोवा मेरे लिये सब कुछ पूरा करेगा; हे यहोवा तेरी करुणा सदा की है। तू अपने हाथों के कार्यों को त्याग न दे।
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 137-139
  • 1 कुरिन्थियों 13



शनिवार, 1 सितंबर 2018

प्रार्थना



      आप अपनी चिंताओं का क्या करते हैं? क्या आप उन्हें अपने मन में रख लेते हैं, या फिर आप उन्हें ऊपर की ओर मोड़ देते हैं?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम अश्शूर के क्रूर राजा सन्हेरीब के विषय पढ़ते हैं, वह यरूशलेम को नाश करने की योजना बना कर आया था। उसने राजा हिजकिय्याह को सन्देश भेजा कि उसका हाल भी उन सभी अन्य राजाओं के समान ही होगा जिन पर सन्हेरीब ने विजय प्राप्त की थी। हिजकिय्याह ने उसे कोई प्रत्युत्तर नहीं दिया, वरन सन्हेरीब के सन्देश को यरूशलेम में स्थित परमेश्वर के मंदिर में ले जाकर रख दिया और सर्वशक्तिमान परमेश्वर से अपनी तथा अपने राज्य की रक्षा की प्रार्थना की।

      कुछ समय पश्चात परमेश्वर का नबी यशायाह हिजकिय्याह राजा के पास आया और परमेश्वर से मिले उत्तर को उसे बताया, और कहा: “तब आमोस के पुत्र यशायाह ने हिजकिय्याह के पास यह कहला भेजा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू ने जो अश्शूर के राजा सन्हेरीब के विषय में मुझ से प्रार्थना की है” (यशायाह 37:21)। पवित्र-शास्त्र हमें बताता है कि राजा हिजकिय्याह की प्रार्थना का उसी रात्रि उत्तर आ गया। परमेश्वर ने आश्चर्यजनक रीति से हस्तक्षेप किया, यरूशलेम के बाहर ही शत्रु सेना का नाश कर दिया और अश्शूर की सेना एक तीर भी नहीं चला सकी (पद 33), और सन्हेरीब यरूशलेम से लौट गया, और उसके अपने ही पुत्रों ने, उसके देवता के मंदिर में उपासना करते समय, उसकी हत्या कर दी गई।

      हिजकिय्याह को पहुँचे परमेश्वर के सन्देश में तीन शब्द महत्वपूर्ण हैं – “क्योंकि प्रार्थना की”; और ये शब्द हमें दिखाते हैं कि चिंताओं को लेकर जाने का सर्वोत्तम स्थान क्या है। क्योंकि हिजकिय्याह परमेश्वर की ओर मुड़ा, और उसे ही अपनी समस्या का समाधान तथा अपना बल-मूल माना, इसलिए परमेश्वर ने उसकी तथा उसकी प्रजा की रक्षा की। जब हम अपनी चिंताओं को विश्वास की अपनी प्रार्थनाएं बना लेते हैं, तब हम देखते हैं कि परमेश्वर अनपेक्षित रीतियों से हमारे प्रति विश्वासयोग्य होता है, और अद्भुत रीति से समाधान प्रदान करता है। - जेम्स बैंक्स


प्रार्थना उस हाथ को चलाती है जो हाथ सँसार को चलाता है। - ई. एम. बाउनड्स

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। - फिलिप्पियों 4:6-7

बाइबल पाठ: यशायाह 37: 10-22, 33
Isaiah 37:10 कि तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना, तेरा परमेश्वर जिस पर तू भरोसा करता है, यह कहकर तुझे धोखा न देने पाए कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
Isaiah 37:11 देख, तू ने सुना है कि अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया कि उन्हें सत्यानाश ही कर दिया।
Isaiah 37:12 फिर क्या तू बच जाएगा? गोज़ान और हारान और रेसेप में रहने वाली जिन जातियों को और तलस्सार में रहने वाले एदेनी लोगों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उनके देवताओं ने उन्हें बचा लिया?
Isaiah 37:13 हमात का राजा, अर्पाद का राजा, सपर्वैम नगर का राजा, और हेना और इव्वा के राजा, ये सब कहां गए?
Isaiah 37:14 इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से ले कर पढ़ा; तब उसने यहोवा के भवन में जा कर उस पत्री को यहोवा के साम्हने फैला दिया।
Isaiah 37:15 और यहोवा से यह प्रार्थना की,
Isaiah 37:16 हे सेनाओं के यहोवा, हे करूबों पर विराजमान इस्राएल के परमेश्वर, पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है; आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है।
Isaiah 37:17 हे यहोवा, कान लगाकर सुन; यहोवा आंख खोल कर देख; और सन्हेरीब के सब वचनों को सुन ले, जिसने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को लिख भेजा है।
Isaiah 37:18 हे यहोवा, सच तो है कि अश्शूर के राजाओं ने सब जातियों के देशों को उजाड़ा है
Isaiah 37:19 और उनके देवताओं को आग में झोंका है; क्योंकि वे ईश्वर न थे, वे केवल मनुष्यों की कारीगरी, काठ और पत्थर ही थे; इस कारण वे उन को नाश कर सके।
Isaiah 37:20 अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा, तू हमें उसके हाथ से बचा जिस से पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।
Isaiah 37:21 तब आमोस के पुत्र यशायाह ने हिजकिय्याह के पास यह कहला भेजा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू ने जो अश्शूर के राजा सन्हेरीब के विषय में मुझ से प्रार्थना की है,
Isaiah 37:22 उसके विषय यहोवा ने यह वचन कहा है, सिय्योन की कुमारी कन्या तुझे तुच्छ जानती है और ठट्ठों में उड़ाती है; यरूशलेम की पुत्री तुझ पर सिर हिलाती है।
Isaiah 37:33 इसलिये यहोवा अश्शूर के राजा कि विषय यों कहता है कि वह इस नगर में प्रवेश करने, वरन इस पर एक तीर भी मारने न पाएगा; और न वह ढाल ले कर इसके साम्हने आने वा इसके विरुद्ध दमदमा बान्धने पाएगा।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 135-136
  • 1 कुरिन्थियों 12



शुक्रवार, 31 अगस्त 2018

स्वतंत्र


      औलूडा इक्कविआनो (1745-1796) केवल 11 वर्ष का था जब  उसे अगुवा करके दासत्व में बेच दिया गया। उसने दास के रूप में पश्चिमी अफ्रीका से वेस्ट इंडीज़, और उसके बाद अमेरिका के विरजीनिया प्रांत, और फिर इंग्लैण्ड तक की कठोर तथा दुखदायी यात्रा की। 20 वर्ष की आयु में उसने अपनी स्वतंत्रता मोल ले ली, किन्तु उसमें दासत्व में सहे अमानवीय बर्ताव के शारीरिक और मानसिक दाग़ बने रहे। औरों को दासत्व में देखने के कारण वह अपनी स्वतंत्रता का आनन्द  नहीं उठा पा रहा था, इसलिए इक्कविआनो इंग्लैण्ड में दासत्व को समाप्त करवाने के आन्दलोन में सक्रीय हो गया। उसने अपनी आत्मकथा लिखी, जो उस समय में एक दास द्वारा किया जाने वाला अति अनपेक्षित कार्य था। उसने अपनी आत्मकथा में उस निर्मम एवं अमानवीय व्यवहार का विवरण दिया जो उसने सहा था।

      प्रभु यीशु ने सँसार में अवतरित होकर समस्त मानव जाति के लिए, उनके पाप और शैतान के दासत्व से छुड़ाए जाने की जंग लड़ी, और हम सबके लिए, जो इस लड़ाई को लड़ने तथा जीतने में असमर्थ थे, स्वतंत्रता का मार्ग बना कर दे दिया। हम मनुष्यों का दासत्व बाहरी नहीं है; हम अपने पाप और आत्मिक टूटेपन के दास हैं। प्रभु यीशु ने कहा, “यीशु ने उन को उत्तर दिया; मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है। सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे” (यूहन्ना 8:34, 36)।

      सँसार में जहाँ भी प्रभु यीशु में मिलने वाली पाप से स्वतंत्रता का यह समाचार अभी तक नहीं पहुँचा है, हमें वहाँ तक इसे पहुँचाना है। हम मसीही विश्वासियों को सँसार के सभी लोगों को बताना है कि हम पाप के दोष, निन्दा, और निराशा से छुड़ाए जा सकते हैं – प्रभु यीशु पर विश्वास लाने, उससे अपने पापों के लिए क्षमा माँगने और अपना जीवन उसे समर्पित करने के द्वारा सँसार का कोई भी जन, वास्तव में स्वतंत्र हो सकता है। - बिल क्राउडर


हमारी स्वतंत्रता की कीमत प्रभु यीशु के लहू द्वारा चुकाई गई।

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? – रोमियों 5:8-9

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:31-37
John 8:31 तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्हों ने उन की प्रतीति की थी, कहा, यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे।
John 8:32 और सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा।
John 8:33 उन्होंने उसको उत्तर दिया; कि हम तो इब्राहीम के वंश से हैं और कभी किसी के दास नहीं हुए; फिर तू क्योंकर कहता है, कि तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे?
John 8:34 यीशु ने उन को उत्तर दिया; मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है।
John 8:35 और दास सदा घर में नहीं रहता; पुत्र सदा रहता है।
John 8:36 सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे।
John 8:37 मैं जानता हूं कि तुम इब्राहीम के वंश से हो; तौभी मेरा वचन तुम्हारे हृदय में जगह नहीं पाता, इसलिये तुम मुझे मार डालना चाहते हो।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34