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Saturday, October 31, 2015

प्रेम-दृष्टि


   मार्क सालेम के कार्यक्रमों में आने वाले अनेक लोग यह मानते हैं कि वह उनके मन को पढ़ लेता है; लेकिन मार्क ऐसा कोई दावा नहीं करता। मार्क का कहना है कि वह ना तो कोई जादूगर है और ना ही उसमें लोगों के अन्दर देख पाने की क्षमता है, वह तो केवल उसके पास आने वाले लोगों की हर बात को बारीकी से देखता है और उसका आंकलन करता है। मार्क ने लेखिका जेनिफर मुलसन से एक साक्षात्कार में कहा, "हम एक ऐसे संसार में रहते हैं जो हमारे लिए प्रायः अदृश्य है क्योंकि हम बातों पर ध्यान नहीं देते हैं...मैं लोगों द्वारा प्रगट करी जा रही बातों के प्रति अति संवेदनशील रहता हूँ।"

   यह जानना रुचिकर है कि प्रभु यीशु लोगों में क्या देखते थे। अनन्त जीवन के खोजी एक धनी जवान व्यक्ति से हुई प्रभु यीशु की बातचीत इसका एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह बातचीत परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती, मरकुस और लूका नामक तीन पुस्तकों में दर्ज है। मरकुस ने अपने विवरण में एक रोचक बात लिखी है, "यीशु ने उस पर दृष्टि कर के उस से प्रेम किया..." (मरकुस 10:21)। क्योंकि यह जवान व्यक्ति धनवान था, संभवतः कुछ लोग उससे ईर्ष्या करते होंगे; या उसके आज्ञाओं को लड़कपन से मानते आने (मरकुस10:19-20) के दावे को लेकर उसे घमण्डी समझते होंगे, लेकिन प्रभु यीशु मे उसे प्रेम-दृष्टि से देखा।

   इस घटना को पढ़ते समय हम अकसर उस अमीर जवान व्यक्ति के अपने धनसंपत्ति को त्यागकर प्रभु यीशु के पीछे हो लेने से इंकार करने और वापस लौट जाने (पद 22) पर ध्यान करते हैं; प्रभु यीशु के चेलों ने भी ऐसा ही किया और किसी धनी व्यक्ति के परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर पाने की कठिनाई से चकित हुए (पद 26), लेकिन प्रभु यीशु ने फिर से अपने प्रेम का उदाहरण देते हुए चेलों से कहा, "...मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है" (पद 27)।

   आज भी प्रभु यीशु संसार के हर जन को प्रेम-दृष्टि से देखता है, हर जन को अपने पास आमंत्रित करता है, सभी को उसके पास लौट आने की प्रतीक्षा करता है। प्रभु यीशु के इस निमंत्रण के प्रति आपका प्रत्युत्तर क्या है? - डेविड मैक्कसलैंड


परमेश्वर के पास सब कुछ देखने और जानने वाली दृष्टि और सबको क्षमा कर देने वाला मन है।

यह हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर को अच्छा लगता, और भाता भी है। वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें। - 1 तिमुथियुस 2:3-4

बाइबल पाठ: मरकुस 10:17-27
Mark 10:17 और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उस से पूछा हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूं? 
Mark 10:18 यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात परमेश्वर। 
Mark 10:19 तू आज्ञाओं को तो जानता है; हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना, छल न करना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना। 
Mark 10:20 उसने उस से कहा, हे गुरू, इन सब को मैं लड़कपन से मानता आया हूं। 
Mark 10:21 यीशु ने उस पर दृष्टि कर के उस से प्रेम किया, और उस से कहा, तुझ में एक बात की घटी है; जा, जो कुछ तेरा है, उसे बेच कर कंगालों को दे, और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा, और आकर मेरे पीछे हो ले। 
Mark 10:22 इस बात से उसके चेहरे पर उदासी छा गई, और वह शोक करता हुआ चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था। 
Mark 10:23 यीशु ने चारों ओर देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है! 
Mark 10:24 चेले उस की बातों से अचंभित हुए, इस पर यीशु ने फिर उन को उत्तर दिया, हे बालको, जो धन पर भरोसा रखते हैं, उन के लिये परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है! 
Mark 10:25 परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है! 
Mark 10:26 वे बहुत ही चकित हो कर आपस में कहने लगे तो फिर किस का उद्धार हो सकता है? 
Mark 10:27 यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 22-23
  • तीतुस 1


Friday, October 30, 2015

अन्तिम अध्याय


   मेरी एक सहेली, जब भी कोई नई रोमांचक किताब पढ़ना आरंभ करती है, वह अन्तिम अध्याय को पहले पढ़ लेती है; उसका कहना है कि ऐसा करने से कथानक से संबंधित उत्सुकता समाप्त हो जाती है और फिर वह शान्त होकर किताब को पढ़ सकती है। ऐसा ही हम मसीही विश्वासियों के साथ भी है; क्योंकि प्रभु यीशु द्वारा संसार की गाथा का अन्त हम पर प्रगट कर दिया गया है इसलिए वर्तमान की सभी अशान्ति, विपित्तियों और अव्यवस्था के बीच हम शान्ति के केंद्र बनकर जी सकते हैं।

   प्रभु यीशु ने हमें आश्वस्त किया है, "मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है" (यूहन्ना 16:33)। प्रभु यीशु का यह आश्वासन हमें हमारी प्रतिदिन की समस्याओं पर जयवन्त करता है। हमारे चारों ओर चाहे राज्य गिरें, चाहे हमारे मित्र बदल जाएं, या हमारे अराधनालय बन्द कर दिए जाएं, या फिर समुद्र चढ़ आए अथवा पर्वत हम पर टूट जाएं, लेकिन प्रभु यीशु में होकर हम शान्त बने रह सकते हैं - कैसे? यह स्मरण करते हुए कि प्रभु यीशु का आगमन निकट है (याकूब 5:8)।

   प्रभु यीशु ने अपने दूसरे आगमन के जो चिन्ह अपने चेलों को बताए थे वे सब पूरे हो चले हैं; इससे हम जानते हैं कि अब उसका आगमन बहुत निकट है, वरन वह द्वार ही पर है। प्रभु किसी भी क्षण आ सकता है और उसके आगमन के साथ हर गलत बात ठीक कर दी जाएगी, यह संसार और इसकी हर बात प्रभु की आधीनता में हो जाएगी, वह सब कुछ ठीक और सही कर देगा, और तब "पृथ्वी यहोवा की महिमा के ज्ञान से ऐसी भर जाएगी जैसे समुद्र जल से भर जाता है" (हबकुक 2:14)।

   प्रभु यीशु ने कहा, "...हां मैं शीघ्र आने वाला हूं" (प्रकाशितवाक्य 22:20)। आज प्रभु यीशु के आगमन का दिन हो सकता है! परमेश्वर के वचन बाइबल के अन्तिम अध्याय में प्रभु द्वारा कही गई अन्तिम बात यही है; यह पूरी अवश्य ही होगी, संभवतः आज ही! - डेविड रोपर


प्रभु यीशु के पुनःआगमन से अधिक व्यावाहरिक दैनिक मसीही जीवन को प्रभावित करने वाला सिद्धांत कोई अन्य नहीं है।

तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है। - याकूब 5:8

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 22:6-20
Revelation 22:6 फिर उसने मुझ से कहा, ये बातें विश्वास के योग्य, और सत्य हैं, और प्रभु ने जो भविष्यद्वक्ताओं की आत्माओं का परमेश्वर है, अपने स्वर्गदूत को इसलिये भेजा, कि अपने दासों को वे बातें जिन का शीघ्र पूरा होना अवश्य है दिखाए। 
Revelation 22:7 देख, मैं शीघ्र आने वाला हूं; धन्य है वह, जो इस पुस्‍तक की भविष्यद्वाणी की बातें मानता है।
Revelation 22:8 मैं वही यूहन्ना हूं, जो ये बातें सुनता, और देखता था; और जब मैं ने सुना, और देखा, तो जो स्वर्गदूत मुझे ये बातें दिखाता था, मैं उसके पांवों पर दण्‍डवत करने के लिये गिर पड़ा। 
Revelation 22:9 और उसने मुझ से कहा, देख, ऐसा मत कर; क्योंकि मैं तेरा और तेरे भाई भविष्यद्वक्ताओं और इस पुस्‍तक की बातों के मानने वालों का संगी दास हूं; परमेश्वर ही को दण्‍डवत कर।
Revelation 22:10 फिर उसने मुझ से कहा, इस पुस्‍तक की भविष्यद्ववाणी की बातों को बन्‍द मत कर; क्योंकि समय निकट है।
Revelation 22:11 जो अन्याय करता है, वह अन्याय ही करता रहे; और जो मलिन है, वह मलिन बना रहे; और जो धर्मी है, वह धर्मी बना रहे; और जो पवित्र है, वह पवित्र बना रहे। 
Revelation 22:12 देख, मैं शीघ्र आने वाला हूं; और हर एक के काम के अनुसार बदला देने के लिये प्रतिफल मेरे पास है। 
Revelation 22:13 मैं अलफा और ओमिगा, पहिला और पिछला, आदि और अन्‍त हूं। 
Revelation 22:14 धन्य वे हैं, जो अपने वस्‍त्र धो लेते हैं, क्योंकि उन्हें जीवन के पेड़ के पास आने का अधिकार मिलेगा, और वे फाटकों से हो कर नगर में प्रवेश करेंगे। 
Revelation 22:15 पर कुत्ते, और टोन्‍हें, और व्यभिचारी, और हत्यारे और मूर्तिपूजक, और हर एक झूठ का चाहने वाला, और गढ़ने वाला बाहर रहेगा।
Revelation 22:16 मुझ यीशु ने अपने स्वर्गदूत को इसलिये भेजा, कि तुम्हारे आगे कलीसियाओं के विषय में इन बातों की गवाही दे: मैं दाऊद का मूल, और वंश, और भोर का चमकता हुआ तारा हूं।
Revelation 22:17 और आत्मा, और दुल्हिन दोनों कहती हैं, आ; और सुनने वाला भी कहे, कि आ; और जो प्यासा हो, वह आए और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंतमेंत ले।
Revelation 22:18 मैं हर एक को जो इस पुस्‍तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूं, कि यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए, तो परमेश्वर उन विपत्तियों को जो इस पुस्‍तक में लिखीं हैं, उस पर बढ़ाएगा। 
Revelation 22:19 और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्‍तक की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो परमेश्वर उस जीवन के पेड़ और पवित्र नगर में से जिस की चर्चा इस पुस्‍तक में है, उसका भाग निकाल देगा।। 
Revelation 22:20 जो इन बातों की गवाही देता है, वह यह कहता है, हां मैं शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 20-21
  • 2 तिमुथियुस 4