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सोमवार, 20 अप्रैल 2020

क्षमा



     मैंने एक दोपहर के दो घंटे एक चित्र-कला प्रदर्शनी, जिसका शीर्षक था ‘पिता और उसके दो पुत्र: क्षमा के चित्र’ के चित्र देखने में बिताए; इस प्रदर्शनी के सभी चित्र परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दिए गए उड़ाऊ पुत्र के दृष्टांत (लूका 15:11-31) पर आधारित थे। मुझे एडवर्ड रिओजस द्वारा बनाए गए चित्र ने विशेषतः प्रभावित किया। उस चित्र में उड़ाऊ पुत्र घर की ओर लौट रहा है, उसके सिर झुका हुआ है और उसने चिथड़े पहने हुए हैं। उसके पीछे मृत्यु का देश है, और वह जिस मार्ग पर चल रहा है, उसके दूसरे छोर पर उसका पिता उसकी ओर दौड़ा चला आ रहा है। चित्र के नीचे प्रभु यीशु द्वारा कहे गए शब्द, “तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा” (लूका 15:20) लिखे हुए हैं।

     एक बार फिर मेरा हृदय, परमेश्वर के उस अपरिवर्तनीय प्रेम का एहसास करने के द्वारा, जिसने मेरा जीवन बदल दिया है, बहुत गहराई से द्रवित हुआ। जब मैं उससे मुँह मोड़कर चला गया, तब परमेश्वर ने मुझ से मुँह नहीं मोड़ा, वरन वह मेरी प्रतीक्षा करता रहा, मेरी राह देखता रहा। हम उसके प्रेम के योग्य तो नहीं हैं, फिर भी उसका प्रेम हमारे प्रति कभी कम नहीं होता है। चाहे हम अकसर परमेश्वर की उपेक्षा करते रहते हैं, फिर भी वह कभी हमसे दूर नहीं जाता है।

     हम सभी उसके सामने दोषी हैं, फिर भी हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता हमारी ओर हाथ बढ़ाकर, हमें गले लगाकर, हमारा स्वागत ऐसे ही करता है जैसे प्रभु द्वारा सुनाए गए दृष्टांत में पिता करता है। उड़ाऊ पुत्र के लौट आने पर उस पिता ने अपने सेवकों से कहा, “और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनाएं। क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे” ( पद 23, 24)।

     आज भी जो भी जन प्रभु परमेश्वर की ओर लौट कर आता है, परमेश्वर उसे क्षमा करता है, उसका स्वागत करता है। और यह क्षमा प्राप्ती, आनन्द मनाने योग्य बात है। - डेविड सी. मेक्कैसलैंड

हम चाहे उसके प्रेम के योग्य नहीं हैं, 
फिर भी हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम बदलता नहीं है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
लूका 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
लूका 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
लूका 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
लूका 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
लूका 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
लूका 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
लूका 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
लूका 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है।
लूका 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर के समान रख ले।
लूका 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
लूका 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
लूका 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
लूका 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनाएं।
लूका 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 9-11
  • लूका 15:11-32



रविवार, 19 अप्रैल 2020

उतावली



     जब मेरे दो मित्रों ने मुझे बुद्धिमान डैलेस विल्लर्ड के शब्द, “उतावलेपन को कठोरता पूर्वक निकाल डालो” कहे, तो मैं समझ गई कि मुझे इस बात पर विचार करना पड़ेगा। मैं किन बातों में उतावली करके अपनी शक्ति और समय बर्बाद करने में लगी हुई थी? इससे भी महत्वपूर्ण बात, ऐसा क्या था मैं जिसके पीछे इतनी उतावली होकर भाग रही थी और परमेश्वर से मार्गदर्शन तथा सहायता के लिए भी नहीं पूछ रही थी? इसके बाद के सप्ताहों और महीनों में मैंने विल्लर्ड की उस बात को याद रखा और अपने आप को फिर से प्रभु परमेश्वर तथा उसके वचन बाइबल की और मोड़ा तथा उनके साथ अपना तालमेल बैठाया जिससे मैं प्रभु और उसकी बुद्धिमता पर निर्भर रहूं। मैं अपने आप को यही स्मरण दिलाती रही कि मैं परमेश्वर पर भरोसा रखूँ, न कि अपनी बुद्धि और सामर्थ्य पर।

     उतावले होकर इधर से उधर भागादौड़ी करना, यशायाह भविष्यद्वक्ता द्वारा कही गई “पूर्ण शान्ति” का विपरीत है। यशायाह ने कहा कि “जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है” (यशायाह 26:3)। और प्रभु परमेश्वर आज, कल और हमेशा भरोसा रखने योग्य है, “यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है” (पद 4)। अपने मन, विचारों और बुद्धि को परमेश्वर पर लगाए रखना ही उतावलेपन का जीवन जीने का समाधान है।

     आज हमारा हाल क्या है? क्या हमें लगता है की हम भी उतावले रहते हैं, या अधीर रहते हैं? या हो सकता है कि हम पूर्ण शान्ति का अनुभव कर रहे हों। या फिर हम इन दोनों चरम सीमाओं के बीच की किसी स्थिति में हों। हम चाहे जहां भी हों, मेरी यही प्रार्थना है कि हम हर उतावली को अपने से दूर कर के प्रभु पर भरोसा बनाए रखें, जो हमें कभी निराश नहीं करेगा, और अपनी शान्ति में बनाए रखेगा। - एमी बाउचर पाई

परमेश्वर की शान्ति हमें उतावलेपन से बचाती है।

[प्रभु यीशु ने कहा:] मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: यशायाह 26:1-4
 यशायाह 26:1 उस समय यहूदा देश में यह गीत गाया जाएगा, हमारा एक दृढ़ नगर है; उद्धार का काम देने के लिये वह उसकी शहरपनाह और गढ़ को नियुक्त करता है।
यशायाह 26:2 फाटकों को खोलो कि सच्चाई का पालन करने वाली एक धर्मी जाति प्रवेश करे।
यशायाह 26:3 जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।
यशायाह 26:4 यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 6-8
  • लूका 15:1-10



शनिवार, 18 अप्रैल 2020

विश्वासयोग्यता



     बहुत बार हम प्रश्न, “आप कहाँ से हैं?” के द्वारा किसी को और बेहतर जानने का प्रयास करते हैं। किन्तु हम में से अनेकों के लिएकभी-कभी, यह प्रश्न अटपटा होता है, उसका उत्तर दे पाना जटिल होता है, और कभी-कभी हम सारा विवरण हर किसी के साथ बाँटना भी नहीं चाहते हैं। मनुष्य चाहे हमारा आँकलन तथा हमारे विषय अपने निर्णय हमारी पृष्ठभूमि के आधार पर करें किन्तु परमेश्वर के लिए इसका कोई महत्त्व नहीं होता है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में न्यायियों की पुस्तक का एक पात्र, यिप्ताह भी संभवतः इस प्रश्न से बचना चाहता होगा। यिप्ताह के सौतेले भाइयों ने उसे उसके गिलाद के घर से उसे “तू तो पराई स्त्री का बेटा है” (न्यायियों 11:2) कह कर निकला दिया था। लेख निःसंकोच कहता है कि “वह वेश्या का बेटा था” (पद 1)।

     परन्तु यिप्ताह शूरवीर था (पद 1), और जब एक विरोधी जाति ने गिलाद पर आक्रमण किया, तो वही लोग जिन्होंने उसे निकाल दिया था, अब उसे ढूँढ़ कर वापस लाना चाहते थे। उन लोगों ने यिप्ताह से कहा, “चलकर हमारा प्रधान हो जा, कि हम अम्मोनियों से लड़ सकें” (पद 6)। यिप्ताह ने प्रश्न किया, “क्या तुम ने मुझ से बैर कर के मुझे मेरे पिता के घर से निकाल न दिया था? फिर अब संकट में पड़कर मेरे पास क्यों आए हो?” (पद 7)। उन सभी से इस का आश्वासन लेने के पश्चात कि अब उसके साथ परिस्थितयाँ और व्यवहार भिन्न रखा जाएगा, यिप्ताह ने उनका नेतृत्व करना स्वीकार कर लिया। पवित्र शास्त्र बताता है कि “तब यहोवा का आत्मा यिप्तह में समा गया...” (पद 29)। यिप्ताह ने परमेश्वर पर विश्वास के साथ उन लोगों का कुशल नेतृत्व किया, और उन्हें एक बड़ी विजय दिलवाई। बाइबल के नए नियम में इब्रानियों में दिए गए विश्वास के नायकों में एक नाम यिप्ताह का भी है (इब्रानियों 11:32)।

     बहुत बार परमेश्वर अपने कार्य को करवाने के लिए बिलकुल अनपेक्षित लोगों को चुन लेता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि हम कहाँ से हैं, यहाँ तक कैसे पहुंचे हैं, हमने क्या कुछ किया अथवा नहीं किया है। जिस एक बात का फर्क पड़ता है वह है कि हम परमेश्वर की बुलाहट का क्या और कैसे प्रत्युत्तर देते हैं। यदि हम परमेश्वर के प्रेम के प्रति विश्वासयोग्यता के साथ प्रत्युत्तर देते हैं, तो वह हमें अपनी सामर्थ्य से भरकर बहुतायत से प्रयोग करता है। - टिम गुस्ताफासन

परन्तु बहुतेरे जो पहिले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, पहिले होंगे। - मत्ती 19:30

बाइबल पाठ: न्यायियों 11:1-8, 29
न्यायियों 11:1 यिप्तह नाम गिलादी बड़ा शूरवीर था, और वह वेश्या का बेटा था; और गिलाद से यिप्तह उत्पन्न हुआ था।
न्यायियों 11:2 गिलाद की स्त्री के भी बेटे उत्पन्न हुए; और जब वे बड़े हो गए तब यिप्तह को यह कहकर निकाल दिया, कि तू तो पराई स्त्री का बेटा है; इस कारण हमारे पिता के घराने में कोई भाग न पाएगा।
न्यायियों 11:3 तब यिप्तह अपने भाइयों के पास से भागकर तोब देश में रहने लगा; और यिप्तह के पास लुच्चे मनुष्य इकट्ठे हो गए; और उसके संग फिरने लगे।
न्यायियों 11:4 और कुछ दिनों के बाद अम्मोनी इस्राएल से लड़ने लगे।
न्यायियों 11:5 जब अम्मोनी इस्राएल से लड़ते थे, तब गिलाद के वृद्ध लोग यिप्तह को तोब देश से ले आने को गए;
न्यायियों 11:6 और यिप्तह से कहा, चलकर हमारा प्रधान हो जा, कि हम अम्मोनियों से लड़ सकें।
न्यायियों 11:7 यिप्तह ने गिलाद के वृद्ध लोगों से कहा, क्या तुम ने मुझ से बैर कर के मुझे मेरे पिता के घर से निकाल न दिया था? फिर अब संकट में पड़कर मेरे पास क्यों आए हो?
न्यायियों 11:8 गिलाद के वृद्ध लोगों ने यिप्तह से कहा, इस कारण हम अब तेरी ओर फिरे हैं, कि तू हमारे संग चलकर अम्मोनियों से लड़े; तब तू हमारी ओर से गिलाद के सब निवासियों का प्रधान ठहरेगा।
न्यायियों 11:29 तब यहोवा का आत्मा यिप्तह में समा गया, और वह गिलाद और मनश्शे से हो कर गिलाद के मिस्पे में आया, और गिलाद के मिस्पे से हो कर अम्मोनियों की ओर चला।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 3-5
  • लूका 14:25-35



शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

चिंतित



     मुझे जहाँ तक भी याद आता है, मेरा हमेशा से ही माँ बनने का सपना रहा है। मैं विवाह करने, गर्भवती होने, और अपने बच्चे को पहली बार अपने हाथों में उठाने के बारे में सोचा करती थी। जब मेरा विवाह हुआ तो मैंने और मेरे पति ने कभी बच्चों के होने को टालने के बारे में नहीं सोचा। परन्तु मैं कभी गर्भवती नहीं हो सकी, और हमें यह एहसास हो गया की हम बाँझपन के साथ संघर्ष कर रहे हैं। महीनों तक डॉक्टरों के पास जांच और इलाज के लिए जाना, कई प्रकार के परीक्षण करवाना, आँसू बहाना, यही सिलसिला चलता रहा; हम चिंताओं के तूफ़ान से जूझते रहे। बाँझ होना स्वीकार करना बहुत कडुवा घूँट था, और मेरे मन में परमेश्वर की भलाई और विश्वासयोग्यता को लेकर प्रश्न उठने लगे।

     अब जब मैं अपनी जीवन यात्रा के उस भाग को मुड़ कर देखती हूँ और उसके बारे में विचार करती हूँ, तो मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना 6 अध्याय में दिए गए प्रभु यीशु के शिष्यों के तूफ़ान में फंसे होने की घटना स्मरण हो आती है। जब वे शिष्य नाव से होकर, झील पार कर रहे थे, और अचानक उठे तूफ़ान ने उन्हें आ घेरा, तो उनकी यात्रा लहरों और तूफानी हवाओं के साथ होने वाला संघर्ष बन गई। ऐसे में प्रभु यीशु उन तूफानी लहरों पर चलते हुए उनके पास आए, और अपनी उपस्थिति से उन्हें शांत किया, उन्हें आश्वस्त किया, “परन्तु उसने उन से कहा, कि मैं हूं; डरो मत” (पद 20)।

     उन शिष्यों के समान, मुझे और मेरे पति को भी हमारे जीवन में आने वाले इस तूफ़ान का कोई अंदेशा नहीं था, और न ही उन बातों का जो इस तूफ़ान के साथ हमारे जीवनों में आएंगी। परन्तु हमें भी शांति और आश्वासन मिला जब हम ने उन परिस्थितियों में भी परमेश्वर को और अधिक गहराई से जाना, और समझा कि वह सदा ही विश्वासयोग्य और सच्चा बना रहता है। हमने जिस बच्चे का सपना देखा था, यद्यपि वह तो हमें नहीं मिला, परन्तु हमने सीखा कि अपने सभी संघर्षों में हम उसकी शान्ति देने वाली उपस्थिति को अनुभव कर सकते हैं। और क्योंकि वह हमारे जीवनों में सदैव उपस्थित तथा कार्यरत है, इसलिए हमें चिंतित रहने की आवश्यकता नहीं है। - कैरेन वुल्फ

हम जीवन के तूफानों में ही परमेश्वर की शांतिदायक उपस्थिति का अनुभव करते हैं।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:16-21
यूहन्ना 6:16 फिर जब संध्या हुई, तो उसके चेले झील के किनारे गए।
यूहन्ना 6:17 और नाव पर चढ़कर झील के पार कफरनहूम को जाने लगे: उस समय अन्‍धेरा हो गया था, और यीशु अभी तक उन के पास नहीं आया था।
यूहन्ना 6:18 और आन्‍धी के कारण झील में लहरे उठने लगीं।
यूहन्ना 6:19 सो जब वे खेते खेते तीन चार मील के लगभग निकल गए, तो उन्होंने यीशु को झील पर चलते, और नाव के निकट आते देखा, और डर गए।
यूहन्ना 6:20 परन्तु उसने उन से कहा, कि मैं हूं; डरो मत।
यूहन्ना 6:21 सो वे उसे नाव पर चढ़ा लेने के लिये तैयार हुए और तुरन्त वह नाव उस स्थान पर जा पहुंची जहां वह जाते थे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 1-2
  • लूका 14:1-24



गुरुवार, 16 अप्रैल 2020

समय



     वैज्ञानिक समय को लेकर बहुत मीन-मेख निकालने वाले होते हैं। सन 2016 के अन्त में, मेरीलैंड में स्थित गोडार्ड स्पेस फ्लाईट सेंटर के लोगों ने वर्ष में एक अतिरिक्त सेकेण्ड जोड़ दिया। इसलिए यदि आपको वह वर्ष कुछ लंबा लगा हो, तो आप सही थे। उन्होंने ऐसा क्यों किया? क्योंकि पृथ्वी की अपनी धुरी पर घूमने की गति धीरे-धीरे कम होती जा रही है, इसलिए वर्ष धीरे-धीरे लम्बे होते जा रहे हैं। जब वैज्ञानिक मनुष्यों द्वारा अंतरिक्ष में छोड़ी गई वस्तुओं की स्थिति, गति, मार्ग आदि पर ध्यान रखे हैं तो उन्हें मिली-सेकेण्ड तक सही होना पड़ता है, नहीं तो उन वस्तुओं की एक दूसरे से टकरा जाने की संभावना रहती है। उस सेकेण्ड को 2016 में जोड़ने के विषय एक वैज्ञानिक ने कहा, “यह इसलिए है जिससे कि हमारे वस्तुओं को टकराने से बचाने के प्रोग्राम सही कार्य करते रहें।”

     हम में से लगभग सभी के लिए एक सेकेण्ड के इधर या उधर होने से कुछ फर्क नहीं पड़ता है। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल के अनुसार, हमारा समय और हम उसका उपयोग कैसे करते हैं, महत्वपूर्ण है। प्रेरित पौलुस ने 1 कुरिन्थियों 7:29 में लिखा, “समय कम है।” हमारे पास परमेश्वर के लिए कार्य करने का समय सीमित है, इसलिए हमें उसका सदुपयोग करना चाहिए। उसने यह भी कहा कि, “अवसर को बहुमूल्य समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं” (इफिसियों 5:16)।

     इसका यह अभिप्राय नहीं है कि हमें भी वैज्ञानिकों के समान प्रत्येक सेकेण्ड का हिसाब और गिनती रखनी चाहिए, परन्तु जब हम जीवन की अनिश्चितता पर ध्यान करते हैं (भजन 39:4), तो जो समय हमें दिया गया है, उसके सदुपयोग करने को लेकर सतर्क रहें। - डेव ब्रैनन

समय का निवेश करें, उसे खर्च मत करें।

तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा। क्योंकि ऐसा समय आएगा, कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुतेरे उपदेशक बटोर लेंगे। - 2 तीमुथियुस 4:2-3

बाइबल पाठ: भजन 39:4-6
भजन संहिता 39:4 हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं!
भजन संहिता 39:5 देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं।
भजन संहिता 39:6 सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 30-31
  • लूका 13:23-35



बुधवार, 15 अप्रैल 2020

गाना



     मैं जब तेरह वर्ष की थी तो हमारे स्कूल में सभी विद्यार्थियों को कुछ निर्धारित कोर्स लेना अनिवार्य होता था, जिनमें से एक था गायन का कोर्स। उस कोर्स के पहले दिन, गायन प्रशिक्षक हमें बारी-बारी प्यानो के निकट बुलाते, और प्यानो पर जो सुर वे बजाते थे, उसके अनुसार हम विद्यार्थियों को गा कर सुर निकालना होता था, और हमारे सुर और गायन क्षमता के अनुसार वह हमें गायन मंडली में स्थान प्रदान करते थे। जब मेरी बारी आई, तो मैंने उनके द्वारा प्यानो पर बजाए जा रहे सुरों को अनेकों बार गाया, परन्तु उन्होंने मुझे गायन मंडली में नहीं भेजा। वरन, कई बार प्रयास करने के पश्चात, उन्होंने मुझे परामर्श देने वालों के पास भेज दिया, जिससे कि वे मुझे कोई भिन्न कोर्स करने को दें। उस पल से मुझे यह लगने लगा कि मुझे कभी गाना नहीं चाहिए।

     मैं इस विचार के साथ लगभग एक दशक तक जीती रही, जब तक कि एक युवती के रूप में मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 98 को नहीं पढ़ा। इस भजन का आरंभ भजनकार प्रभु के लिए गाने का आह्वान करने के साथ करता है। उसके द्वारा भजन गाने के कारण में हमारी आवज़ की मधुरता या गुणवत्ता का कुछ उल्लेख नहीं है। परमेश्वर तो अपने बच्चों के आराधना और स्तुति के सभी गानों से आनंदित होता है। हमें तो इस लिए गाने के लिए कहा जा रहा है क्योंकि परमेश्वर ने अद्भुत कार्य किए हैं (भजन 98:1)।

     भजनकार गाने और व्यवहार के द्वारा परमेश्वर की स्तुति करने के दो अद्भुत कारण बताता है: हमारे जीवनों में उसके द्वारा किया गया उद्धार का कार्य, और हमारे प्रति उसकी लगातार बनी रहने वाली विश्वासयोग्यता। परमेश्वर की संगीत मंडली में हम सभी को स्थान और अवसर है कि हम उसके महान कार्यों के लिए परमेश्वर की स्तुति और प्रशंसा के गीत गाएँ। - कर्स्टन होल्मबर्ग

परमेश्वर अपने बच्चों की आवाज़ सुनने से प्रसन्न होता है।

याह की स्तुति करो! यहोवा के लिये नया गीत गाओ, भक्तों की सभा में उसकी स्तुति गाओ! - भजन संहिता 149:1

बाइबल पाठ: भजन 98
भजन संहिता 98:1 यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, क्योंकि उसने आश्चर्यकर्म किए है! उसके दाहिने हाथ और पवित्र भुजा ने उसके लिये उद्धार किया है!
भजन संहिता 98:2 यहोवा ने अपना किया हुआ उद्धार प्रकाशित किया, उसने अन्यजातियों की दृष्टि में अपना धर्म प्रगट किया है।
भजन संहिता 98:3 उसने इस्राएल के घराने पर की अपनी करूणा और सच्चाई की सुधि ली, और पृथ्वी के सब दूर दूर देशों ने हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार देखा है।
भजन संहिता 98:4 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो; उत्साहपूर्वक जयजयकार करो, और भजन गाओ!
भजन संहिता 98:5 वीणा बजा कर यहोवा का भजन गाओ, वीणा बजा कर भजन का स्वर सुनाओ।
भजन संहिता 98:6 तुरहियां और नरसिंगे फूंक फूंककर यहोवा राजा का जयजयकार करो।
भजन संहिता 98:7 समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें; जगत और उसके निवासी महाशब्द करें!
भजन संहिता 98:8 नदियां तालियां बजाएं; पहाड़ मिलकर जयजयकार करें।
भजन संहिता 98:9 यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है। वह धर्म से जगत का, और सीधाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 27-29
  • लूका 13:1-22



मंगलवार, 14 अप्रैल 2020

तूफान



     अन्धकार में तेज़ आंधी का शोर, कौंधती हुई बिजली, नाव से टकराती हुई लहरें, मुझे लग रहा था की मैं मर ही जाऊँगा। मैं अपने दादा-दादी के साथ झील में मछली पकड़ने गया था, किन्तु हमने लौटने में कुछ विलम्ब कर दिया, और सूर्यास्त के साथ ही आए एक तेज़ तूफ़ान ने हमारी छोटी नौका को झकझोर दिया। मेरे दादा ने मुझे कहा कि मैं नाव में संतुलन बनाए रखने के लिए आगे जाकर बैठूँ, जिससे नाव पलट न जाए। हालात देखकर मेरा दिल दहशत से डूबा जा रहा था; परन्तु न जाने कैसे, मैंने प्रार्थना करनी आरंभ कर दी; उस समय मैं चौदह वर्ष का था।

     मैंने परमेश्वर से उसकी सुरक्षा और आश्वासन माँगा। तूफ़ान तो हलका नहीं पड़ा, किन्तु हम सकुशल किनारे पर पहुँच गए। आज दिन तक मुझे अपने जीवन के ऐसे किसी अन्य दिन का पता नहीं है जिसमें मैंने परमेश्वर की अपने साथ बनी हुई उपस्थिति को इतनी निकटता से अनुभव किया हो।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह भी तूफानों से अनजान नहीं थे। हम मरकुस 4:35-41 में देखते हैं कि प्रभु ने अपने शिष्यों से कहा कि वे झील के उस पार जाएँ; और जब शिष्य नाव खे कर जा रहे थे तो एक तेज़ तूफ़ान ने उन्हें घेर लिया। वे शिष्य अनुभवी मछुआरे थे परन्तु तूफ़ान की तीव्रता के आगे उनकी कुछ नहीं चल रही थी; उन्हें भी लग रहा था की वे मरने वाले हैं। परन्तु प्रभु यीशु ने तूफ़ान को शांत कर दिया और उनके विश्वास की गहराई को बढ़ाया।

     इसी प्रकार से आज प्रभु यीशु हमें भी हमारे जीवनों के तूफानों में उस पर भरोसा बनाए रखने के लिए कहता है। हमारी विकट और विपरीत परिस्थितियों में कभी तो वह आश्चर्यजनक रीति से हमारे उठते तूफानों को शांत कर देता है; और कभी और भी अधिक आश्चर्यजनक रीति से हमारे मनों को शांत करके, उस तूफ़ान के होते हुए भी उसमें अपना भरोसा बनाए रखने में और अधिक दृढ़ कर देता है। वह चाहता है कि हम आश्वस्त रहें कि हमारे जीवन की हर परिस्थिति और परेशानी में वह हमारे साथ है, और उसमें सामर्थ्य है की जब भी वह कहे, “शांत हो; थम जाओ”, यह हो जाएगा। - एडम होल्ज़

परमेश्वर के हमारे निकट होने से अधिक निकट कोई खतरा हम पर नहीं आ सकता है।

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: मरकुस 4:35-41
मरकुस 4:35 उसी दिन जब सांझ हुई, तो उसने उन से कहा; आओ, हम पार चलें,
मरकुस 4:36 और वे भीड़ को छोड़कर जैसा वह था, वैसा ही उसे नाव पर साथ ले चले; और उसके साथ, और भी नावें थीं।
मरकुस 4:37 तब बड़ी आन्‍धी आई, और लहरें नाव पर यहां तक लगीं, कि वह अब पानी से भरी जाती थी।
मरकुस 4:38 और वह आप पिछले भाग में गद्दी पर सो रहा था; तब उन्होंने उसे जगाकर उस से कहा; हे गुरू, क्या तुझे चिन्‍ता नहीं, कि हम नाश हुए जाते हैं?
मरकुस 4:39 तब उसने उठ कर आन्‍धी को डांटा, और पानी से कहा; “शान्‍त रह, थम जा”: और आन्‍धी थम गई और बड़ा चैन हो गया।
मरकुस 4:40 और उन से कहा; तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं?
मरकुस 4:41 और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 25-26
  • लूका 12:32-59