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शुक्रवार, 10 मई 2019

आश्वासन



      हम पारिवारिक अवकाश का समय बिता कर घर लौट रहे थे, और हमारा मार्ग एक वीरान क्षेत्र से होकर जाता था। सूर्यास्त के भी लगभग दो घंटे बाद तक हम गहरी घाटियों और बंजर पठारों से होकर निकलते रहे। उस अन्धकार में, उस मार्ग पर चलने वाली बीस से भी कम गाड़ियों की हेडलाइट्स दिखाई पड़ रही थीं। कुछ समय बाद चन्द्रमा उदय हुआ, जो हमको तभी दिखाई देता था जब हम पहाड़ियों पर होते थे; जब मार्ग घाटी से होकर निकलता था तो चन्द्रमा भी दिखना बन्द हो जाता था। मेरी बेटी ने चाँद की ज्योति पर टिप्पणी करते हुए उसे परमेश्वर की उपस्थिति की स्मृति बताया। मैंने उससे पूछा कि क्या परमेश्वर की उपस्थति के बोध के लिए उसे चाँद को देखना आवश्यक था, तो उसने उत्तर दिया, “नहीं, किन्तु देखने से अच्छा अवश्य लगता है।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि मूसा की मृत्यु के पश्चात इस्राएलियों का नेतृत्व करने का दायित्व यहोशू पर आया, और उसे परमेश्वर के लोगों को वाचा किए हुए देश में लेकर जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। यद्यपि उसे यह दायित्व ईश्वरीय अधिकार से मिला था, किन्तु इस कार्य को करना यहोशू के लिए चुनौती पूर्ण अवश्य था। परमेश्वर ने अपने अनुग्रह में यहोशू को आश्वासन प्रदान किया कि वह इस कार्य में सहायक बनकर उसके साथ रहेगा (यहोशू 1:9)।

      जीवन का मार्ग बहुधा अनजाने मार्गों से होकर जाता है। हमें ऐसे क्षेत्रों से निकलना पड़ता है जहाँ आगे का मार्ग स्पष्ट दिखाई नहीं देता है। परमेश्वर की योजना सदा ही हमें दिखाई नहीं देती है, परन्तु हम मसीही विश्वासियों से उसका वायदा है कि “जगत के अन्त तक” (मत्ती 28:20) भी वह सदा हमारे साथ बना रहेगा। इससे बढ़कर और क्या आश्वासन हो सकता है कि हमारे सामने चाहे कोई भी अनिश्चितता, कोई भी चुनौती क्यों न हो, हमारा सहायक और मार्गदर्शक परमेश्वर सदा हमारे साथ है। चाहे मार्ग अंधकारमय हो, किन्तु जगत की ज्योति के साथ बने रहने का आश्वासन हमारे साथ है। - कर्स्टेन होम्बर्ग


वह चाहे हमें दिखाई न दे, परन्तु परमेश्वर सदा हमारे साथ रहता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: यहोशू 1:1-9
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा,
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं।
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं।
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा।
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा।
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा।
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा।
Joshua 1:8 व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा।
Joshua 1:9 क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51



गुरुवार, 9 मई 2019

गवाह



      न्यायालय की कार्यवाही में गवाह केवल मूक दर्शक नहीं होते हैं, वरन वे सक्रीय भागीदार होते हैं, उनकी बात और सहायता से मुक़दमे का निर्णय होता है। यही बात प्रभु यीशु के विषय हम मसीही विश्वासियों की गवाही पर भी लागू होती है। हमें एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य – प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान, प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा उद्धार के सुसमाचार के विषय सक्रीय भागीदार बनना है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि जब यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला लोगों को जगत की ज्योति प्रभु यीशु के विषय बताने आया, तो उसने यह कार्य प्रभु के विषय अपनी जानकारी लोगों के साथ साझा करके किया। और प्रभु यीशु के शिष्य यूहन्ना ने इन बातों को लिखा और प्रभु यीशु के साथ अपने अनुभवों की गवाही दी: “और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा” (यूहन्ना 1:14)। प्रेरित पौलुस ने अपने युवा सहकर्मी तिमुथियुस से कहा, “और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों” (2 तिमुथियुस 2:2)।

      प्रत्येक मसीही विश्वासी को सँसार रूपी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। बाइबल बताती है कि हम मूक दर्शक नहीं, वरन सक्रीय भागीदार हैं, और हम मसीही विश्वासियों को अपनी यह भूमिका निभानी है। हम प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान के विषय अपने जीवनों में प्रभु के प्रभावों द्वारा गवाही देते हैं। यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला जंगल में एक पुकारने वाले की आवाज़ था। हमारी आवाज़ हमारे कार्यस्थल, पड़ौस, चर्च, और हमारे परिवार तथा मित्रजनों में सुनाई देनी चाहिए। हमउन्हें हमारे जीवनों में प्रभु यीशु की वास्तविकता की गवाही देने वाले सक्रीय गवाह होना है। - लौरेंस दरमानी


प्रभु यीशु में उद्धार का सुसमाचार बाँटने के लिए है।

और वे मेम्ने के लोहू के कारण, और अपनी गवाही के वचन के कारण, उस पर जयवन्‍त हुए, और उन्होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहां तक कि मृत्यु भी सह ली। - प्रकाशितवाक्य 12:11

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:6-14
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 7-9
  • यूहन्ना 1:1-28



बुधवार, 8 मई 2019

आशा



      पिछले कुछ वर्षों में, मेरे परिवार के दो सदस्यों को घातक बीमारियों का सामना करना पड़ा है। मेरे लिए, उनके इलाज के दौरान उनकी देखभाल करते हुए सबसे कठिन बात उनकी सेहत की अनिश्चितता रही है। मैं सदा ही डॉक्टर से कोई निश्चित बात पता पड़ने की लालसा में रही हूँ, परन्तु शायद ही कभी बात इतनी सीधी और स्पष्ट रही होगी। कोई स्पष्ट बात बताने के स्थान पर बहुधा हम से प्रतीक्षा करने के लिए ही कहा जाता है।

      अनिश्चितता का बोझ उठाना कठिन होता है, सदा आशंका बनी रहती है कि अगली जाँच में क्या निकल कर आएगा; इससे पहले कि मृत्यु हमें पृथक कर दे, हमारे पास साथ रहने के लिए कितना समय शेष है – क्या कुछ सप्ताह, या महीने, या वर्ष? किन्तु बीमारी या इलाज चाहे कोई भी हो, हम में से प्रत्येक को एक-न-एक दिन तो मरना ही है – बस कैंसर जैसी बीमारियाँ हमारी नश्वरता को हमारे मस्तिष्क के छिपे स्थानों से निकालकर उन्हें हमारे समक्ष ले आती हैं।

      हमारी नश्वरता की गंभीर स्मृतियों के सामने, मैं अपने आप को परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा द्वारा की गई प्रार्थना को दोहराते हुए पाती हूँ। बाइबल में भजन 90 हमें स्मरण दिलाता है कि हमारे जीवन घास के समान हैं जो मुरझा और सूख जाती है (पद 5-6), परन्तु हमारे लिए परमेश्वर के पास एक अनन्त निवास-स्थान तैयार है (पद 1)। मूसा के समान ही हम भी परमेश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं कि हमें अपने दिन गिनना सिखाए जिससे हम बुद्धिमानी के साथ निर्णय ले सकें (पद 12), और ऐसा जीवन व्यतीत करें जो परमेश्वर के लिए उपयोगी और सार्थक हो (पद 17)। अन्ततः, भजन हमें स्मरण करवाता है कि, हमारी आशा किसी डॉक्टर द्वारा किए गए बीमारी के निदान या उपचार पर नहीं है, परन्तु उस परमेश्वर पर है जो “अनादिकाल से अनन्तकाल” का है। - एमी पीटरसन


क्योंकि हमारी आशा परमेश्वर पर है 
इसलिए हम अपने नश्वर होने की वास्तविकता का सामना कर सकते हैं।

हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! – भजन 39:4

बाइबल पाठ: भजन 90
Psalms 90:1 हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है।
Psalms 90:2 इस से पहिले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, वा तू ने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही ईश्वर है।
Psalms 90:3 तू मनुष्य को लौटा कर चूर करता है, और कहता है, कि हे आदमियों, लौट आओ!
Psalms 90:4 क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, वा रात का एक पहर।
Psalms 90:5 तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़ने वाली घास के समान होते हैं।
Psalms 90:6 वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक कट कर मुर्झा जाती है।
Psalms 90:7 क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं।
Psalms 90:8 तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।
Psalms 90:9 क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाईं बिताते हैं।
Psalms 90:10 हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
Psalms 90:11 तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य तेरे रोष को कौन समझता है?
Psalms 90:12 हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।
Psalms 90:13 हे यहोवा लौट आ! कब तक? और अपने दासों पर तरस खा!
Psalms 90:14 भोर को हमें अपनी करूणा से तृप्त कर, कि हम जीवन भर जयजयकार और आनन्द करते रहें।
Psalms 90:15 जितने दिन तू हमें दु:ख देता आया, और जितने वर्ष हम क्लेश भोगते आए हैं उतने ही वर्ष हम को आनन्द दे।
Psalms 90:16 तेरा काम तेरे दासों को, और तेरा प्रताप उनकी सन्तान पर प्रगट हो।
Psalms 90:17 और हमारे परमेश्वर यहोवा की मनोहरता हम पर प्रगट हो, तू हमारे हाथों का काम हमारे लिये दृढ़ कर, हमारे हाथों के काम को दृढ़ कर।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 4-6
  • लूका 24:36-53



मंगलवार, 7 मई 2019

आराधना



      यद्यपि मेरे मित्र मिकी की दृष्टि क्षीण होती चली जा रही थी, और जाने पर थी, फिर भी उसने कहा कि वह प्रतिदिन परमेश्वर की आराधना करता रहेगा क्योंकि परमेश्वर ने उसके लिए बहुत कुछ किया है।

      प्रभु यीशु ने मिकी को तथा हम को ऐसी अविरल आराधना करते रहने का कारण दिया है। परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती रचित सुसमाचार का छबीस्वां अध्याय हमें बताता है कि किस प्रकार प्रभु यीशु ने क्रूसित होने से पहले की रात को अपने शिष्यों के साथ फसह का पर्व खाया था। उस अध्याय का पद 30 बताता है कि उन्होंने उस भोज का अन्त किस प्रकार से किया: “फिर वे भजन गाकर जैतून पहाड़ पर गए।

      जो प्रभु और उनके शिष्यों ने गाया था वह कोई भी स्तुति का भजन नहीं था – वह आराधना का भजन था। हज़ारों वर्षों से यहूदी बाइबल में भजन संहिता में दिए हुए “हल्लेल” भजनों के संग्रह में से फसह के पर्व के समय गाया करते हैं। “हल्लेल” इब्रानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है “परमेश्वर की आराधना या स्तुति।” इन भजनों के अंतिम तीन भजन, भजन 113-118 परमेश्वर के उद्धारकर्ता होने के लिए उसकी आराधना और स्तुति करते हैं (118:21)। भजन 118 उस निकम्मे ठहराए गए पत्थर के बारे में कहता है जो कोने के सिरे का पत्थर बन गया (पद 22), और उसके विषय जो प्रभु के नाम में आता है (पद 26)। संभव है कि प्रभु और शिष्यों ने यह भी गाया हो, “आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इस में मगन और आनन्दित हों” (पद 24)।

      जब प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों के साथ उस फसह के पर्व की रात को भजन गाए, तब वह हमें अपनी परिस्थितियों पर से अपनी आँखें उठाकर उसकी ओर देखने के लिए सर्वोत्तम कारण प्रदान कर रहे थे। वे परमेश्वर के अनन्त प्रेम और विश्वासयोग्यता के लिए उसकी आराधना और स्तुति करने में हमारी अगुवाई कर रहे थे। - जेम्स बैंक्स


परमेश्वर की आराधना करने से हम उसके अनन्त भलाई को स्मरण करते हैं।

इसलिये हम उसके द्वारा स्‍तुति रूपी बलिदान, अर्थात उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें। - इब्रानियों 13:15

बाइबल पाठ: मत्ती 26:17-30
Matthew 26:17 अखमीरी रोटी के पर्व्‍व के पहिले दिन, चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे; तू कहां चाहता है कि हम तेरे लिये फसह खाने की तैयारी करें?
Matthew 26:18 उसने कहा, नगर में फलाने के पास जा कर उस से कहो, कि गुरू कहता है, कि मेरा समय निकट है, मैं अपने चेलों के साथ तेरे यहां पर्व्‍व मनाऊंगा।
Matthew 26:19 सो चेलों ने यीशु की आज्ञा मानी, और फसह तैयार किया।
Matthew 26:20 जब सांझ हुई, तो वह बारहों के साथ भोजन करने के लिये बैठा।
Matthew 26:21 जब वे खा रहे थे, तो उसने कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम में से एक मुझे पकड़वाएगा।
Matthew 26:22 इस पर वे बहुत उदास हुए, और हर एक उस से पूछने लगा, हे गुरू, क्या वह मैं हूं?
Matthew 26:23 उसने उत्तर दिया, कि जिसने मेरे साथ थाली में हाथ डाला है, वही मुझे पकड़वाएगा।
Matthew 26:24 मनुष्य का पुत्र तो जैसा उसके विषय में लिखा है, जाता ही है; परन्तु उस मनुष्य के लिये शोक है जिस के द्वारा मनुष्य का पुत्र पकड़वाया जाता है: यदि उस मनुष्य का जन्म न होता, तो उसके लिये भला होता।
Matthew 26:25 तब उसके पकड़वाने वाले यहूदा ने कहा कि हे रब्बी, क्या वह मैं हूं?
Matthew 26:26 उसने उस से कहा, तू कह चुका: जब वे खा रहे थे, तो यीशु ने रोटी ली, और आशीष मांग कर तोड़ी, और चेलों को देकर कहा, लो, खाओ; यह मेरी देह है।
Matthew 26:27 फिर उसने कटोरा ले कर, धन्यवाद किया, और उन्हें देकर कहा, तुम सब इस में से पीओ।
Matthew 26:28 क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लोहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है।
Matthew 26:29 मैं तुम से कहता हूं, कि दाख का यह रस उस दिन तक कभी न पीऊंगा, जब तक तुम्हारे साथ अपने पिता के राज्य में नया न पीऊं।।
Matthew 26:30 फिर वे भजन गाकर जैतून पहाड़ पर गए।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 1-3
  • लूका 24:1-35



सोमवार, 6 मई 2019

क्षमा



      एक कार्यक्रम की तैयारी करने के लिए मैं अपने चर्च कुछ जल्दी पहुँच गई थी। चर्च की वेदी की दूसरी ओर एक महिला खड़ी रो रही थी। बीते समय में वह मेरे प्रति निर्दयी रही थी और मेरी पीठ पीछे मेरे विषय में उल्टी-सीधी बातें करती रही थी, इसलिए मैंने वैक्यूम क्लीनर लिया और उसकी सिसकियों की आवाज़ को उस क्लीनर की आवाज़ से दबा दिया। मैं क्यों उस व्यक्ति की परवाह करूं जो मुझे पसन्द नहीं करता था।

      फिर परमेश्वर पवित्र आत्मा ने मुझे स्मरण दिलाया कि परमेश्वर ने मुझे कितना अधिक क्षमा किया था, और मैं उस महिला के पास गई और उससे उसके दुःख का कारण पूछा। उसने बताया कि उसकी बच्ची कई महीनों से अस्पताल में भर्ती थी। हम दोनों गले मिलकर रोए,और हमने साथ मिलकर उस बच्ची के लिए प्रार्थना की। कुछ समय में हमने परस्पर मतभेदों और गलतफहमियों को भी मिटा लिया, और अब हम अच्छे मित्र हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती 18 में प्रभु यीशु ने परमेश्वर के राज्य के संबंध में एक दृष्टांत बताया; एक राजा ने अपने कर्मचारियों के लेन-देन का हिसाब किया। एक कर्मचारी ऐसा पाया गया जिसे राजा का बहुत बड़ा क़र्ज़ चुकाना शेष था, किन्तु वह चुका नहीं पा रहा था। उस कर्मचारी ने राजा से क्षमा माँगी, और राजा ने उसका क़र्ज़ क्षमा कर दिया। तब वह कर्मचारी जब बाहर निकला तो उसका सामना उसके अन्य सह-कर्मचारी से हुआ, जिसे उसका थोड़ा सा क़र्ज़ चुकाना था। उसने अपने साथी से तुरंत क़र्ज़ चुकाने की माँग की, और उसके न चुका पाने पर उसे बंदीगृह में डलवा दिया। जब राजा को यह बात पता चली तो राजा ने उस क्षमा न करने वाले कर्मचारी को भी पकड़ कर बंदीगृह में डाल देने की आज्ञा दी (पद 23-34)।

      क्षमा कर देने का अर्थ पाप की, या हमारे प्रति की गई गलतियों की अनदेखी करना नहीं है, और न ही इससे हमें पहुंचाया गया दुःख कम हो जाता है। क्षमा करने से हम परमेश्वर की क्षमा का आनन्द लेने योग्य हो जाते हैं, वह हमारे जीवन में अपने अनुग्रह, शान्ति और संबंधों की बहाली को करने पाता है। - जोशील डिक्सन


औरों को क्षमा करने से हम उसकी सिद्धता तथा भलाई के अनुसार 
परमेश्वर द्वारा न्याय किए जाने में भरोसा व्यक्त करते हैं।

इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा। - मत्ती 6:14-15

बाइबल पाठ: मत्ती 18:23-35
Matthew 18:23 इसलिये स्वर्ग का राज्य उस राजा के समान है, जिसने अपने दासों से लेखा लेना चाहा।
Matthew 18:24 जब वह लेखा लेने लगा, तो एक जन उसके साम्हने लाया गया जो दस हजार तोड़े धारता था।
Matthew 18:25 जब कि चुकाने को उसके पास कुछ न था, तो उसके स्‍वामी ने कहा, कि यह और इस की पत्‍नी और लड़के बाले और जो कुछ इस का है सब बेचा जाए, और वह कर्ज चुका दिया जाए।
Matthew 18:26 इस पर उस दास ने गिरकर उसे प्रणाम किया, और कहा; हे स्‍वामी, धीरज धर, मैं सब कुछ भर दूंगा।
Matthew 18:27 तब उस दास के स्‍वामी ने तरस खाकर उसे छोड़ दिया, और उसका धार क्षमा किया।
Matthew 18:28 परन्तु जब वह दास बाहर निकला, तो उसके संगी दासों में से एक उसको मिला, जो उसके सौ दीनार धारता था; उसने उसे पकड़कर उसका गला घोंटा, और कहा; जो कुछ तू धारता है भर दे।
Matthew 18:29 इस पर उसका संगी दास गिरकर, उस से बिनती करने लगा; कि धीरज धर मैं सब भर दूंगा।
Matthew 18:30 उसने न माना, परन्तु जा कर उसे बन्‍दीगृह में डाल दिया; कि जब तक कर्ज को भर न दे, तब तक वहीं रहे।
Matthew 18:31 उसके संगी दास यह जो हुआ था देखकर बहुत उदास हुए, और जा कर अपने स्‍वामी को पूरा हाल बता दिया।
Matthew 18:32 तब उसके स्‍वामी ने उसको बुलाकर उस से कहा, हे दुष्‍ट दास, तू ने जो मुझ से बिनती की, तो मैं ने तो तेरा वह पूरा कर्ज क्षमा किया।
Matthew 18:33 सो जैसा मैं ने तुझ पर दया की, वैसे ही क्या तुझे भी अपने संगी दास पर दया करना नहीं चाहिए था?
Matthew 18:34 और उसके स्‍वामी ने क्रोध में आकर उसे दण्‍ड देने वालों के हाथ में सौंप दिया, कि जब तक वह सब कर्जा भर न दे, तब तक उन के हाथ में रहे।
Matthew 18:35 इसी प्रकार यदि तुम में से हर एक अपने भाई को मन से क्षमा न करेगा, तो मेरा पिता जो स्वर्ग में है, तुम से भी वैसा ही करेगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 21-22
  • लूका 23:26-56



रविवार, 5 मई 2019

स्मृति



      कठिनाइयों तथा हानि के हमारे अनुभव हमें असमंजस में, क्रोधित, और दोषी कर सकते हैं। चाहे हमारे द्वारा किए गए चुनावों ने हमारे लिए कुछ द्वार बन्द कर दिए हों जो अब फिर कभी नहीं खुल सकेंगे, या, हमारा कोई दोष न होते हुए भी हमारे जीवनों में कोई त्रासदी आ गई हो; जो भी हो, परिणाम वही होता है जिसे ओस्वौल्ड चैम्बर्स ने “‘हो सकता था’ का अगाध दुःख कहा।” हम उन दुखदायी स्मृतियों को दबाने के प्रयास तो कर सकते हैं किन्तु पाते हैं कि ऐसा कर नहीं पाते हैं।

      चैम्बर्स हमें स्मरण करवाते हैं कि प्रभु हमारे जीवनों में सदा सक्रीय रहते हैं। उन्होंने कहा, “जब परमेश्वर बीते समय की स्मृतियाँ जीवन में लाए तो कभी भयभीत न हों। उस स्मृति को अपना कार्य करने दें। उसके साथ जुड़ी डाँट, ताड़ना, और दुःख के साथ वह परमेश्वर की सेवक है। परमेश्वर ‘हो सकता था’ को अद्भुत भविष्य के निर्माण के लिए प्रयोग कर सकता है।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पुराने नियम के दिनों में जब परमेश्वर ने इस्राएल को देश से निष्कासित कर के बाबुल में भेजा, तब उसने उन से उस परदेश में भी तब तक उसकी उपासना करते रहने और विश्वास में बढ़ते रहने के लिए कहा, जब तक कि वह उन्हें वापस उनके देश लौटा नहीं लाता। परमेश्वर ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन परिस्थितियों में भी, जिनमें वे थे, वह उनकी भलाई की योजनाएं रखता था, “क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा” (यिर्मयाह 29:11)।

      परमेश्वर ने अपने लोगों से कहा कि वे बीते समय की घटनाओं को न तो नज़रंदाज़ करें, और न ही उनमें फंसे रहें; परन्तु केवल परमेश्वर ही पर अपना ध्यान केंद्रित करें और आगे की ओर देखते रहें। परमेश्वर की क्षमा दुःख की स्मृतियों को भी उसके अनन्त प्रेम में भरोसा करने का माध्यम बना सकती है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर हमारे गहरी निराशाओं को भी 
हमारे विश्वास को उसमें पोषित करने के लिए प्रयोग कर सकता है।

क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है। - यशायाह 55:8-9

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 29:4-14
Jeremiah 29:1 उसी वर्ष यिर्मयाह नबी ने इस आशय की पत्री, उन पुरनियों और भविष्यद्वक्ताओं और साधारण लोगों के पास भेजीं जो बंधुओं में से बचे थे, जिन को नबूकदनेस्सर यरूशलेम से बाबुल को ले गया था।
Jeremiah 29:2 यह पत्री उस समय भेजी गई, जब यकोन्याह राजा और राजमाता, खोजे, यहूदा और यरूशलेम के हाकिम, लोहार और अन्य कारीगर यरूशलेम से चले गए थे।
Jeremiah 29:3 यह पत्री शापान के पुत्र एलासा और हिल्किय्याह के पुत्र गमर्याह के हाथ भेजी गई, जिन्हें यहूदा के राजा सिदकिय्याह ने बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के पास बाबुल को भेजा।
Jeremiah 29:4 उस में लिखा था कि जितने लोगों को मैं ने यरूशलेम से बंधुआ कर के बाबुल में पहुंचवा दिया है, उन सभों से इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता हे:
Jeremiah 29:5 घर बना कर उन में बस जाओ; बारियां लगा कर उनके फल खाओ।
Jeremiah 29:6 ब्याह कर के बेटे-बेटियां जन्माओ; और अपने बेटों के लिये स्त्रियां ब्याह लो और अपनी बेटियां पुरुषों को ब्याह दो, कि वे भी बेटे-बेटियां जन्माएं; और वहां घटो नहीं वरन बढ़ते जाओ।
Jeremiah 29:7 परन्तु जिस नगर में मैं ने तुम को बंधुआ करा के भेज दिया है, उसके कुशल का यत्न किया करो, और उसके हित के लिये यहोवा से प्रार्थना किया करो। क्योंकि उसके कुशल से तुम भी कुशल के साथ रहोगे।
Jeremiah 29:8 क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा तुम से यों कहता है कि तुम्हारे जो भविष्यद्वक्ता और भावी कहने वाले तुम्हारे बीच में हैं, वे तुम को बहकाने न पाएं, और जो स्वप्न वे तुम्हारे निमित्त देखते हैं उनकी ओर कान मत धरो,
Jeremiah 29:9 क्योंकि वे मेरे नाम से तुम को झूठी भविष्यद्वाणी सुनाते हैं; मैं ने उन्हें नहीं भेजा, मुझ यहोवा की यह वाणी है।
Jeremiah 29:10 यहोवा यों कहता है कि बाबुल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूंगा, और अपना यह मनभवना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊंगा, पूरा करूंगा।
Jeremiah 29:11 क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा।
Jeremiah 29:12 तब उस समय तुम मुझ को पुकारोगे और आकर मुझ से प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूंगा।
Jeremiah 29:13 तुम मुझे ढूंढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि तुम अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे।
Jeremiah 29:14 मैं तुम्हें मिलूंगा, यहोवा की यह वाणी है, और बंधुआई से लौटा ले आऊंगा; और तुम को उन सब जातियों और स्थानों में से जिन में मैं ने तुम को बरबस निकाल दिया है, और तुम्हें इकट्ठा कर के इस स्थान में लौटा ले आऊंगा जहां से मैं ने तुम्हें बंधुआ करवा के निकाल दिया था, यहोवा की यही वाणी है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 19-20
  • लूका 23:1-25



शनिवार, 4 मई 2019

प्रार्थना



      मैंने एक माँ द्वारा अपने परिवार में लागू किए गए पाँच-मिनिट के नियम के बारे में पढ़ा। उस परिवार के बच्चों को रोज सुबह स्कूल जाने से पाँच मिनिट पहले माँ के पास एकत्रित होना होता था और फिर माँ उन सब के लिए नाम ले-लेकर प्रार्थना करती थी, उन पर परमेश्वर की सुरक्षा और आशीष मांगती थी, और फिर प्यार करके उन्हें स्कूल के लिए रवाना कर देती थी। यदि उस समय पड़ौस का कोई बच्चा आया हुआ होता था, तो उसके लिए भी वैसे ही प्रार्थना की जाती थी। एक बच्चे ने वर्षों बाद बताया कि उसने इस अनुभव से सीखा था कि प्रार्थना उसके लिए कितनी आवश्यक है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 102 का लेखक प्रार्थना के महत्व को जानता था। इस भजन का शीर्षक है “दीन जन की उस समय की प्रार्थना जब वह दुःख का मारा अपने शोक की बातें यहोवा के सामने खोलकर कहता हो।” उस भजनकार ने परमेश्वर को पुकार कर कहा, “हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे! मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले” (पद 1-2), और बताया कि, “यहोवा ने अपने ऊंचे और पवित्र स्थान से दृष्टि कर के स्वर्ग से पृथ्वी की ओर देखा है” (पद 19)।

      परमेश्वर आपकी चिंता करता है और आपकी बात को सुनना चाहता है। चाहे आप अपने दिन पर आशीष माँगने के लिए पाँच-मिनिट के नियम का पालन करें, या गहरी परेशानी में उसके सामने अपनी बात कहने में अधिक समय लगाना चाहें, परन्तु परमेश्वर के साथ प्रार्थना में समय अवश्य बिताएं। आपकी प्रार्थना न केवल आपके लिए सहायक होगी, वरन उससे आपके परिवार या किसी अन्य व्यक्ति पर गहरा प्रभाव भी पड़ सकता है। - ऐनी सेटास


प्रार्थना इसकी स्वीकृति है कि हमें परमेश्वर की आवश्यकता है।

निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो। - 1 थिस्सलुनीकियों 5:17

बाइबल पाठ: भजन 102:1-17
Psalms 102:1 हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे!
Psalms 102:2 मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले!
Psalms 102:3 क्योंकि मेरे दिन धुएं की नाईं उड़े जाते हैं, और मेरी हडि्डयां लुकटी के समान जल गई हैं।
Psalms 102:4 मेरा मन झुलसी हुई घास की नाईं सूख गया है; और मैं अपनी रोटी खाना भूल जाता हूं।
Psalms 102:5 कराहते कराहते मेरा चमड़ा हडि्डयों में सट गया है।
Psalms 102:6 मैं जंगल के धनेश के समान हो गया हूं, मैं उजड़े स्थानों के उल्लू के समान बन गया हूं।
Psalms 102:7 मैं पड़ा पड़ा जागता रहता हूं और गौरे के समान हो गया हूं जो छत के ऊपर अकेला बैठता है।
Psalms 102:8 मेरे शत्रु लगातार मेरी नामधराई करते हैं, जो मेरे विराध की धुन में बावले हो रहे हैं, वे मेरा नाम ले कर शपथ खाते हैं।
Psalms 102:9 क्योंकि मैं ने रोटी की नाईं राख खाई और आंसू मिला कर पानी पीता हूं।
Psalms 102:10 यह तेरे क्रोध और कोप के कारण हुआ है, क्योंकि तू ने मुझे उठाया, और फिर फेंक दिया है।
Psalms 102:11 मेरी आयु ढलती हुई छाया के समान है; और मैं आप घास की नाईं सूख चला हूं।
Psalms 102:12 परन्तु हे यहोवा, तू सदैव विराजमान रहेगा; और जिस नाम से तेरा स्मरण होता है, वह पीढ़ी से पीढ़ी तक बना रहेगा।
Psalms 102:13 तू उठ कर सिय्योन पर दया करेगा; क्योंकि उस पर अनुग्रह करने का ठहराया हुआ समय आ पहुंचा है।
Psalms 102:14 क्योंकि तेरे दास उसके पत्थरों को चाहते हैं, और उसकी धूलि पर तरस खाते हैं।
Psalms 102:15 इसलिये अन्यजातियां यहोवा के नाम का भय मानेंगी, और पृथ्वी के सब राजा तेरे प्रताप से डरेंगे।
Psalms 102:16 क्योंकि यहोवा ने सिय्योन को फिर बसाया है, और वह अपनी महिमा के साथ दिखाई देता है;
Psalms 102:17 वह लाचार की प्रार्थना की ओर मुंह करता है, और उनकी प्रार्थना को तुच्छ नहीं जानता।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 16-18
  • लूका 22:47-71