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बुधवार, 8 मई 2019

आशा



      पिछले कुछ वर्षों में, मेरे परिवार के दो सदस्यों को घातक बीमारियों का सामना करना पड़ा है। मेरे लिए, उनके इलाज के दौरान उनकी देखभाल करते हुए सबसे कठिन बात उनकी सेहत की अनिश्चितता रही है। मैं सदा ही डॉक्टर से कोई निश्चित बात पता पड़ने की लालसा में रही हूँ, परन्तु शायद ही कभी बात इतनी सीधी और स्पष्ट रही होगी। कोई स्पष्ट बात बताने के स्थान पर बहुधा हम से प्रतीक्षा करने के लिए ही कहा जाता है।

      अनिश्चितता का बोझ उठाना कठिन होता है, सदा आशंका बनी रहती है कि अगली जाँच में क्या निकल कर आएगा; इससे पहले कि मृत्यु हमें पृथक कर दे, हमारे पास साथ रहने के लिए कितना समय शेष है – क्या कुछ सप्ताह, या महीने, या वर्ष? किन्तु बीमारी या इलाज चाहे कोई भी हो, हम में से प्रत्येक को एक-न-एक दिन तो मरना ही है – बस कैंसर जैसी बीमारियाँ हमारी नश्वरता को हमारे मस्तिष्क के छिपे स्थानों से निकालकर उन्हें हमारे समक्ष ले आती हैं।

      हमारी नश्वरता की गंभीर स्मृतियों के सामने, मैं अपने आप को परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा द्वारा की गई प्रार्थना को दोहराते हुए पाती हूँ। बाइबल में भजन 90 हमें स्मरण दिलाता है कि हमारे जीवन घास के समान हैं जो मुरझा और सूख जाती है (पद 5-6), परन्तु हमारे लिए परमेश्वर के पास एक अनन्त निवास-स्थान तैयार है (पद 1)। मूसा के समान ही हम भी परमेश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं कि हमें अपने दिन गिनना सिखाए जिससे हम बुद्धिमानी के साथ निर्णय ले सकें (पद 12), और ऐसा जीवन व्यतीत करें जो परमेश्वर के लिए उपयोगी और सार्थक हो (पद 17)। अन्ततः, भजन हमें स्मरण करवाता है कि, हमारी आशा किसी डॉक्टर द्वारा किए गए बीमारी के निदान या उपचार पर नहीं है, परन्तु उस परमेश्वर पर है जो “अनादिकाल से अनन्तकाल” का है। - एमी पीटरसन


क्योंकि हमारी आशा परमेश्वर पर है 
इसलिए हम अपने नश्वर होने की वास्तविकता का सामना कर सकते हैं।

हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! – भजन 39:4

बाइबल पाठ: भजन 90
Psalms 90:1 हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है।
Psalms 90:2 इस से पहिले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, वा तू ने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही ईश्वर है।
Psalms 90:3 तू मनुष्य को लौटा कर चूर करता है, और कहता है, कि हे आदमियों, लौट आओ!
Psalms 90:4 क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, वा रात का एक पहर।
Psalms 90:5 तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़ने वाली घास के समान होते हैं।
Psalms 90:6 वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक कट कर मुर्झा जाती है।
Psalms 90:7 क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं।
Psalms 90:8 तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।
Psalms 90:9 क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाईं बिताते हैं।
Psalms 90:10 हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
Psalms 90:11 तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य तेरे रोष को कौन समझता है?
Psalms 90:12 हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।
Psalms 90:13 हे यहोवा लौट आ! कब तक? और अपने दासों पर तरस खा!
Psalms 90:14 भोर को हमें अपनी करूणा से तृप्त कर, कि हम जीवन भर जयजयकार और आनन्द करते रहें।
Psalms 90:15 जितने दिन तू हमें दु:ख देता आया, और जितने वर्ष हम क्लेश भोगते आए हैं उतने ही वर्ष हम को आनन्द दे।
Psalms 90:16 तेरा काम तेरे दासों को, और तेरा प्रताप उनकी सन्तान पर प्रगट हो।
Psalms 90:17 और हमारे परमेश्वर यहोवा की मनोहरता हम पर प्रगट हो, तू हमारे हाथों का काम हमारे लिये दृढ़ कर, हमारे हाथों के काम को दृढ़ कर।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 4-6
  • लूका 24:36-53



शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018

अनिश्चित – निश्चित



   हमारा पुत्र एक व्यावसायिक मछुआरा है। कुछ समय पहले उसने हमें मछली पकड़ने जाने के समय की एक फोटो भेजी, जिसमें उनकी नौका से कुछ आगे एक अन्य छोटी नौका दो चट्टानों के मध्य स्थित संकरे जल-मार्ग से होकर निकल रही है, क्षितिज पर आते हुए तूफ़ान का अंदेशा देने वाले काले घने बादल छाए हुए हैं, और उस छोटी नौका के ऊपर, एक से दूसरी चट्टान तक एक मेघधनुष खिला हुआ है, मानो परमेश्वर के प्रेम, सुरक्षा, और देखभाल के विषय उस छोटी नौका के नाविकों को आश्वस्त कर रहा हो।

   मुझे लगा कि यह फोटो, इस धरती की हमारी जीवन यात्रा को प्रतिबिंबित करती है, जहाँ हम अनजाने भविष्य की ओर जा रहे हैं, परिस्थितयों और परेशानियों की चट्टानें तथा तूफ़ान हमारे आस-पास हैं, परन्तु साथ ही परमेश्वर के लगातार बनी हुई उपस्थिति तथा देख-भाल का प्रत्यक्ष आश्वासन भी हमारे साथ है।

   प्रभु यीशु के शिष्यों को भी प्रभु के साथ होते हुए तूफ़ान का सामना करना पड़ा था, और प्रभु ने उस अवसर का सदुपयोग करते हुए उन्हें परमेश्वर की सामर्थ्य तथा विश्वासयोग्यता के विषय बहुमूल्य शिक्षा प्रदान की थी (मत्ती 8:23-27)। हम जीवन की अनिश्चितताओं के लिए उत्तर खोजते हैं। हम भविष्य को और निकट आते हुए देखते हैं, और सोचते हैं कि वहाँ हमारे लिए क्या रखा हुआ है? धर्मनिष्ठ कवि जौन केबले ने अपनी एक कविता में इस भाव को लिया और कहा, “यह देखने की प्रतीक्षा में हूँ कि परमेश्वर क्या करेगा।”

   हमारी आयु चाहे कुछ भी हो, जवान हों अथवा बूढे, हम सब के सामने, हमारी दृष्टि में अनिश्चित भविष्य है। परन्तु स्वर्ग से परमेश्वर का आश्वासन है कि प्रत्येक परोस्थिति और परेशानी में उसकी भलाई और सुरक्षा हमारे चारों ओर बनी रहती है। हम भरोसे के साथ उस अनिश्चित प्रतीत होने वाले भविष्य में से भी निश्चित भलाई के प्रति आश्वस्त रह सकते हैं।


हम परमेश्वर की विश्वासयोग्यता से ढांपे हुए 
अनिश्चित लगने वाले भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।

क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा। - यिर्मयाह 29:11

बाइबल पाठ: मत्ती 8:23-27
Matthew 8:23 जब वह नाव पर चढ़ा, तो उसके चेले उसके पीछे हो लिए।
Matthew 8:24 और देखो, झील में एक ऐसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था।
Matthew 8:25 तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे प्रभु, हमें बचा, हम नाश हुए जाते हैं।
Matthew 8:26 उसने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उसने उठ कर आन्‍धी और पानी को डांटा, और सब शान्‍त हो गया।
Matthew 8:27 और लोग अचम्भा कर के कहने लगे कि यह कैसा मनुष्य है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 1-2
  • लूका 19:28-48



शुक्रवार, 7 मार्च 2014

चेतावनी


   हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जो चेतावनियों से भरा पड़ा है। चाहे दवाई के पत्ते और बोतलें हों अथवा भोजन सामग्री के डिब्बे, सब पर कोई ना कोई चेतावनी लिखी होती है या उन्हें प्रयोग करने की तिथि की चेतावनी दी हुई होती है। घरेलु काम-काज के सामान पर भी चेतावनी का सूचक लगा होता है, मैंने बिजली से चलने वाली लकड़ी काटने की आरी देखी जिस पर लेबल लगा था कि उसका प्रयोग सावधानी से करें क्योंकि वह खतरनाक हो सकती है! हाल ही में मुझे उपहार का एक डिब्बा मिला जिस के अन्दर कुछ बहुमूल्य रखा था, और भेजने वाले ने एक बड़ा सा लाल रंग का लेबल डिब्बे पर लगा रखा था जिस पर लिखा था "नाज़ुक है: सावधानी बरतें!" 

   जब मैं जीवन और जीवन की अनिश्चितता के बारे में सोचता हूँ तो मुझे लगता है कि ऐसा ही एक बड़ा सा "नाज़ुक है: सावधानी बरतें" वाला लेबल हम सब को भी अपने ऊपर लगाए रखना चाहिए। हमारे डॉक्टर द्वारा कही एक बात कि हमें कोई खतरनाक बिमारी है, हमारे सामने चल रही गाड़ी के चालक की एक लापरवाही, चलते चलते पाँव का अनायस ही फिसलना या ठोकर लगना, या ऐसी ही कोई अन्य घटना अचानक ही हमें एक विकट परिस्थिति में ला कर खड़ा कर सकती है। जीवन अनिश्चितताओं से भरा है, किसी बात की कोई गारंटी नहीं है, हम अपनी अगली सांस के लिए भी पूर्णतयाः निश्चित नहीं है। इसलिए यह विचार रखकर जीवन व्यतीत करना कि हम अजेय हैं और हमें कभी कुछ नहीं होगा मूर्खता है, क्योंकि अगला ही पल प्रगट कर सकता है कि वास्तव में हम कितने नाज़ुक हैं।

   इसी लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने हमें एक प्रकार से चेतावनी देते हुए परमेश्वर से प्रार्थना के रूप में लिखा है, "हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं" (भजन 90:12)। हमें जीवन का हर पल ऐसे जीना चाहिए कि मानों यह हमारा आखिरी पल है, और जो तथा जैसा इसमें कमा लेंगे बस वह ही हमारे साथ जाएगा। इसलिए परमेश्वर प्रभु यीशु से अपने पापों की क्षमा माँगते तथा उसे जीवन समर्पित करते हुए, हम दूसरों से जितना प्रेम दिखा सकते हैं दिखाएं; जितना अधिक लोगों को क्षमा कर सकते हैं करें; जितना अधिक दूसरों की सहायतार्थ दे सकते हैं दें; और जितना नम्रता और आदर का व्यवहार एवं संवाद औरों के साथ रख सकते हैं रखें।

   ऐसा जीवन ही उस चेतावनी - "नाज़ुक है: सावधानी बरतें" के अनुरूप होगी, उसे सार्थक करेगी तथा हमें आने वाले अनन्त काल के लिए सदैव तैयार रखेगी - वह चाहे जब भी आ जाए; और लेखा देने का वह समय प्रत्येक पर आएगा अवश्य, इसलिए सचेत हों और अभी से ही उसके लिए तैयार हो जाएं। - जो स्टोवैल


बीता कल निकल चुका है और आने वाला कल अनिश्चित है; आज ही वर्तमान और उपलब्ध है, उसका भरसक सदुपयोग करें।

हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! - भजन 39:4

बाइबल पाठ: भजन 90:1-12
Psalms 90:1 हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है। 
Psalms 90:2 इस से पहिले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, वा तू ने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही ईश्वर है।
Psalms 90:3 तू मनुष्य को लौटा कर चूर करता है, और कहता है, कि हे आदमियों, लौट आओ! 
Psalms 90:4 क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, वा रात का एक पहर।
Psalms 90:5 तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़ने वाली घास के समान होते हैं। 
Psalms 90:6 वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक कट कर मुर्झा जाती है।
Psalms 90:7 क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं। 
Psalms 90:8 तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।
Psalms 90:9 क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाईं बिताते हैं। 
Psalms 90:10 हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं। 
Psalms 90:11 तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य तेरे रोष को कौन समझता है? 
Psalms 90:12 हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 1-4