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शनिवार, 1 दिसंबर 2018

जीवन



      अंतरिक्ष यान दल के एक सदस्य चार्ल्स फ्रैंक बोल्डन जूनियर ने कहा कि “मेरे पहली बार अंतरिक्ष में जाने पर ही पृथ्वी के प्रति मेरा दृष्टिकोण एकदम बदल गया।” पृथ्वी से चार सौ मील की दूरी पर उन्हें पृथ्वी पर सब कुछ शान्त और सुन्दर दिखाई दे रहा था। किन्तु बोल्डन ने बताया कि जब उनका यान मध्य-पूर्व पर से गुज़र रहा था तो उनका ध्यान “वहाँ की वास्तविकता के द्वारा झकझोर दिया गया।” फिल्म निर्माता जारेड लेटो को दिए जाने वाले एक साक्षात्कार में बोल्डन ने कहा कि उस पल उन्होंने पृथ्वी को उस दृष्टिकोण से देखा जैसी वह होनी चाहिए – और उससे उन्हें एक चुनौती की अनुभूति हुई कि पृथ्वी को एक बेहतर स्थान बनाने के लिए जो कुछ संभव होगा उन्हें वह करना है।

      जब प्रभु यीशु का जन्म यरूशलेम में हुआ था तब भी पृथ्वी वैसी नहीं थी जैसी परमेश्वर चाहता था कि हो। पृथ्वी पर पाप के कारण छाए नैतिक और आत्मिक अन्धकार में प्रभु यीशु मसीह सँसार के सभी लोगों के लिए जीवन की ज्योति बनकर आए (यूहन्ना 1:4)। यद्यपि सँसार ने प्रभु को नहीं पहचाना, परन्तु “परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं” (पद 12)।

      जब भी जीवन वैसा नहीं होता है जैसा हम चाहते हैं कि वह हो, जब परिवारों में विच्छेद होते हैं, जब बच्चे भूखे रहते हैं, जब सँसार में युद्ध होते हैं, तो हमारा उदास या निराश होना स्वाभाविक होता है। परन्तु परमेश्वर का यह वायदा है कि प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा प्रत्येक मसीही विश्वासी एक नई और सही दिशा में बढ़ सकता है।

      क्रिसमस का यह समय हमें स्मरण दिलाता है कि सँसार का उद्धारकर्ता प्रभु यीशु हर उस व्यक्ति को जीवन की ज्योति देता है जो उसे स्वीकार करता है, उसपर विश्वास करता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


हमें वैसा बनाने के लिए, जैसा वह चाहता है, परमेश्वर निरन्तर कार्यरत रहता है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-14
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 40-41
  • 2 पतरस 3



शुक्रवार, 30 नवंबर 2018

मोल



      एक कहानी है कि 75 ईसवीं पूर्व में एक धनी परिवार का रोमी युवक, जूलियस सीज़र, समुद्री डाकुओं द्वारा अगुवा कर लिया गया, और उसे छोड़ने के लिए उन डाकुओं ने 20 तोड़े चांदी, जिसका मूल्य आज 600,000 अमेरिकी डॉलर होता, माँगी। यह सुनकर सीज़र हंसा और उसने उन डाकुओं से कहा कि प्रकट है कि वे नहीं जानते हैं कि वह कौन है। उसने बल दिया कि वे फिरौती की रकम को बढ़ाकर 50 तोड़े चांदी कर दें। ऐसा क्यों? क्योंकि उसे पूरा विश्वास था कि उसकी कीमत 20 तोड़ों से कहीं बढ़कर थी।

      सीज़र के द्वारा अभिमान और अपने मूल्याँकन, तथा परमेश्वर द्वारा हम में से प्रत्येक के मूल्याँकन में हम कितनी भिन्नता देखते है। परमेश्वर हमारे मोल का आँकलन सांसारिक धन से नहीं वरन जो उसने हमारे लिए किया है, उससे करता है। हमारे छुड़ाए जाने के लिए उसने फिरौती में क्या दिया? उसने अपने एकलौते पुत्र को क्रूस पर बलिदान होने के लिए दे दिया, और प्रभु यीशु के इस बलिदान के द्वारा सँसार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए पापों से क्षमा और उद्धार का मार्ग सेंत-मेंत उपलब्ध हो गया है। इसके विषय प्रेरित पतरस लिखता है, “क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्‍तुओं के द्वारा नहीं हुआ। पर निर्दोष और निष्‍कलंक मेम्ने अर्थात मसीह के बहुमूल्य लोहू के द्वारा हुआ” (1 पतरस 1:18-19)।

      परमेश्वर हम सब से इतना अधिक प्रेम करता है कि हमारी फिरौती के लिए उसने अपने पुत्र को क्रूस पर मारे जाने के लिए दे दिया, और वह हमारे छुटकारे के लिए मृतकों में से तीसरे दिन जी भी उठा। प्रभु परमेश्वर की दृष्टि में हमारा यही मोल है। - बिल क्राउडर


हमारे मोल का आँकलन हमारे लिए परमेश्वर द्वारा चुकाई गई कीमत से होता है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:17-23
1 Peter 1:17 और जब कि तुम, हे पिता, कह कर उस से प्रार्थना करते हो, जो बिना पक्षपात हर एक के काम के अनुसार न्याय करता है, तो अपने परदेशी होने का समय भय से बिताओ।
1 Peter 1:18 क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्‍तुओं के द्वारा नहीं हुआ।
1 Peter 1:19 पर निर्दोष और निष्‍कलंक मेम्ने अर्थात मसीह के बहुमूल्य लोहू के द्वारा हुआ।
1 Peter 1:20 उसका ज्ञान तो जगत की उत्‍पत्ति के पहिले ही से जाना गया था, पर अब इस अन्‍तिम युग में तुम्हारे लिये प्रगट हुआ।
1 Peter 1:21 जो उसके द्वारा उस परमेश्वर पर विश्वास करते हो, जिसने उसे मरे हुओं में से जिलाया, और महिमा दी; कि तुम्हारा विश्वास और आशा परमेश्वर पर हो।
1 Peter 1:22 सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्‍कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो।
1 Peter 1:23 क्योंकि तुम ने नाशमान नहीं पर अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीवते और सदा ठहरने वाले वचन के द्वारा नया जन्म पाया है।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 37-39
  • 2 पतरस 2



गुरुवार, 29 नवंबर 2018

धनवान



      संभव है कि आपने टेलिविज़न पर दिखाया जाने वाला वह विज्ञापन देखा होगा जिसमें एक व्यक्ति घर के दरवाज़े पर होने वाली दस्तक के प्रत्युत्तर में दरवाज़ा खोलता है और बाहर खड़ा एक जन उसे एक बहुत बड़ी रकम का चेक पकड़ाता है, जिसे लेकर वह दरवाज़ा खोलने वाला व्यक्ति आनन्द के मारे यह कहते हुए कि “मैं जीत गया, मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा है, मेरी सभी समस्याओं का समाधान हो गया है!” चिल्लाना, उछालना, और सभी को गले लगाने लगता है। धनवान हो जाना बहुत भावनात्मक हो सकता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 119 में, जो बाइबल का सबसे लंबा अध्याय भी है, हम यह अद्भुत वाक्य पढ़ते हैं: “मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं” (पद 14)। कैसी विलक्षण तुलना है; जीवन के लिए परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करना भी धनवान हो जाने के समान ही हर्षित करने वाला हो सकता है। इससे आगे पद 16 में भी भजनकार इसी बात को बल देता है, यह कहते हुए कि “मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा” (पद 16)।

      परन्तु यदि हम ऐसा अनुभव नहीं करें तो क्या? जीवन के लिए परमेश्वर के निर्देशों में आनदित होना धनावान हो जाने के समान ही उत्साहवर्द्धक कैसे हो सकता है? इसका आरंभ कृतज्ञ होने से होता है, और यह करना रवैया भी हो सकता है और चुनाव भी। हम जिसे मूल्यवान आंकते हैं, उस पर ध्यान भी देते हैं। इसलिए हम उन उपहारों पर ध्यान करके जो परमेश्वर ने हमें प्रदान किए हैं, उसका आभारी और धन्यवादी होने के द्वारा आरंभ कर सकते हैं। फिर हम प्रभु परमेश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं कि उसने अपने वचन बाइबल में जो बुद्धिमता, ज्ञान और शान्ति के खज़ाने हमारे लिए रखें हैं, उन्हें पहिचानने के लिए हमारी आँखों को खोल दे।

      प्रभु परमेश्वर के वचन के अध्ययन के साथ जैसे जैसे उसके प्रति हमारा प्रेम बढ़ता जाएगा, हम उसकी निकटता में बढ़ते जाएँगे, उसकी आशीषों और बातों में धनवान होते चले जाएँगे। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर के वचन बाइबल में अद्भुत खज़ाने खोजे जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

जैसे कोई बड़ी लूट पा कर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूं। - भजन 119:162

बाइबल पाठ: भजन 119:9-16
Psalms 119:9 जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से।
Psalms 119:10 मैं पूरे मन से तेरी खोज मे लगा हूं; मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे!
Psalms 119:11 मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं।
Psalms 119:12 हे यहोवा, तू धन्य है; मुझे अपनी विधियां सिखा!
Psalms 119:13 तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैं ने अपने मुंह से किया है।
Psalms 119:14 मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं।
Psalms 119:15 मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा।
Psalms 119:16 मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 35-36
  • 2 पतरस 1



बुधवार, 28 नवंबर 2018

समान



      दो किशोरियों की कलपना कीजिए; उनमें से एक स्वस्थ और सबल है, परन्तु दूसरे ने अपने आप से विचरण करने की स्वतंत्रता को कभी अनुभव नहीं किया। अपनी पहियों वाली कुर्सी पर बैठे-बैठे वह न केवल जीवन में सामान्यतः आने वाली भावनात्मक चुनौतियों का सामना करती रहती है, वरन शारीरिक कष्ट और संघर्षों का भी सामना करती है। परन्तु वे दोनों किशोर युवतियां मुस्कुरा रही हैं, एक दूसरे की संगति का आनन्द ले रही हैं, एक दूसरे में मित्रता के खजाने को देख रही हैं।

      प्रभु यीशु मसीह ने अपना बहुत समय और ध्यान पहियों वाली कुर्सी पर बैठी हुई उस किशोरी के समान लोगों पर लगाया। ऐसे लोगों पर जिन्हें किसी प्रकार की जीवन भर की अयोग्यता थी अथवा शारीरिक विकार था, या समाज के लोग जिन्हें किसी कारण से तिरिस्कार की नज़रों से देखते थे। वास्तव में प्रभु यीशु ने एक “ऐसी” महिला को अपने ऊपर तेल उंडेलने दिया, जिसे देखकर उस समय के धार्मिक अगुवे घृणा से विचलित हो गए (लूका 7:39)। एक अन्य अवसर पर जब एक अन्य महिला ने प्रभु के प्रति अपने प्रेम को इसी प्रकार से व्यक्त किया, तो आलोचना करने वालों से प्रभु यीशु ने कहा “उसे छोड़ दो; उसे क्यों सताते हो? उसने तो मेरे साथ भलाई की है” (मरकुस 14:6)।

      परमेश्वर प्रत्येक को समान महत्व देता है; उसकी दृष्टि में कोई भेद-भाव नहीं है। सत्य यही है कि हम सब को प्रभु यीशु मसीह के प्रेम और क्षमा की बहुत आवश्यकता है; और इसी कारण उसने सारे सँसार के सभी लोगों के लिए अपने आप को बलिदान किया। हमें भी सभी लोगों को प्रभु के समान दृष्टि से देखना चाहिए – परमेश्वर के स्वरूप में सृजे गए और उसके प्रेम के पात्र।

      हम जितने भी लोगों से मिलें, उन सभी को मसीह यीशु के समान ही देखें और उसके समान ही सब में कुछ सुन्दर एवँ आकर्षक देखने पाएँ। - डेव ब्रैनन


हम जिस से भी मिलें, ध्यान रखें कि वह परमेश्वर के स्वरूप में सृजा गया है।

क्योंकि जो अपनी बड़ाई करता है, वह नहीं, परन्तु जिस की बड़ाई प्रभु करता है, वही ग्रहण किया जाता है। - 2 कुरिन्थियों 10:18

बाइबल पाठ: लूका 7:36-50
Luke 7:36 फिर किसी फरीसी ने उस से बिनती की, कि मेरे साथ भोजन कर; सो वह उस फरीसी के घर में जा कर भोजन करने बैठा।
Luke 7:37 और देखो, उस नगर की एक पापिनी स्त्री यह जानकर कि वह फरीसी के घर में भोजन करने बैठा है, संगमरमर के पात्र में इत्र लाई।
Luke 7:38 और उसके पांवों के पास, पीछे खड़ी हो कर, रोती हुई, उसके पांवों को आंसुओं से भिगाने और अपने सिर के बालों से पोंछने लगी और उसके पांव बारबार चूमकर उन पर इत्र मला।
Luke 7:39 यह देखकर, वह फरीसी जिसने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान लेता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है? क्योंकि वह तो पापिनी है।
Luke 7:40 यह सुन यीशु ने उसके उत्तर में कहा; कि हे शमौन मुझे तुझ से कुछ कहना है वह बोला, हे गुरू कह।
Luke 7:41 किसी महाजन के दो देनदार थे, एक पांच सौ, और दूसरा पचास दीनार धारता था।
Luke 7:42 जब कि उन के पास पटाने को कुछ न रहा, तो उसने दोनों को क्षमा कर दिया: सो उन में से कौन उस से अधिक प्रेम रखेगा।
Luke 7:43 शमौन ने उत्तर दिया, मेरी समझ में वह, जिस का उसने अधिक छोड़ दिया: उसने उस से कहा, तू ने ठीक विचार किया है।
Luke 7:44 और उस स्त्री की ओर फिरकर उसने शमौन से कहा; क्या तू इस स्त्री को देखता है मैं तेरे घर में आया परन्तु तू ने मेरे पांव धाने के लिये पानी न दिया, पर इस ने मेरे पांव आंसुओं से भिगाए, और अपने बालों से पोंछा!
Luke 7:45 तू ने मुझे चूमा न दिया, पर जब से मैं आया हूं तब से इस ने मेरे पांवों का चूमना न छोड़ा।
Luke 7:46 तू ने मेरे सिर पर तेल नहीं मला; पर इस ने मेरे पांवों पर इत्र मला है।
Luke 7:47 इसलिये मैं तुझ से कहता हूं; कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।
Luke 7:48 और उसने स्त्री से कहा, तेरे पाप क्षमा हुए।
Luke 7:49 तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने अपने मन में सोचने लगे, यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है?
Luke 7:50 पर उसने स्त्री से कहा, तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया है, कुशल से चली जा।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 33-34
  • 1 पतरस 5



मंगलवार, 27 नवंबर 2018

वृद्धावस्था



      कुछ वर्ष पहले मैंने दूसरी ईसवीं के यूनानी लेखक एलियन द्वारा लिखित एक कृति, On The Nature of Animals में मछली पकड़ने की एक विधि को पढ़ा था। एलियन ने लिखा था, “बोरोका और थिस्सलुनीके के मध्य एस्ट्रैकस नामक एक नदी बहती है, और उसमें चितकबरी खाल वाली मछलियाँ (ट्राउट) पाई जाती हैं।” फिर उसने उन मछलियों को पकड़ने की एक विधि का वर्णन किया, जिससे मछलियाँ सरलता से पकड़ी जाती हैं। मछली पकड़ने वाले सुर्ख लाल ऊन को कांटे पर लपेटते हैं और उसमें पक्षियों के दो पंख फंसा देते हैं, और फिर इसे पानी में फेंक देते हैं। मछलियाँ उस सुर्ख रंग से आकर्षित होकर कांटे पर आती हैं और उसमें फंस जाती हैं।

      मछुआरे आज भी 2,200 वर्ष से उपयोग होती आ रही इस विधि का उपयोग करते हैं और मछलियाँ पकड़ने के लिए यह विधि अभी भी कारगर है।

      जब मैंने उस प्राचीन कृति को पढ़ा, तो मेरे मन में विचार आया, सभी पुरानी बातें व्यर्थ नहीं हैं – विशेषकर वृद्ध लोग। यदि संतुष्ट और प्रसन्न वृद्धावस्था के द्वारा हम औरों को परमेश्वर की परिपूर्णता और गंभीरता को प्रदर्शित करने पाते हैं, तो हम अपने दिनों के अन्त तक परमेश्वर के लिए उपयोगी बने रहेंगे। यह आवश्यक नहीं कि वृद्धावस्था का अर्थ ढलता हुआ स्वास्थ्य, और जो कभी था वैसा फिर से हो जाने की लालसा का जीवन जीना हो। वृद्धावस्था, उनके लिए जो परमेश्वर के साथ चलकर वृद्ध हुए हैं, शान्त चित्त, आनन्द, साहस, और दयालुता एवँ कृपा दिखाने का समय भी हो सकता है।

      इसीलिए भजनकार कहता है, “वे यहोवा के भवन में रोपे जा कर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे। वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे” (भजन 92:13-14)। - डेविड रोपर


आयु बढ़ने के साथ परमेश्वर की विश्वासयोग्यता कई गुणा बढ़ती जाती है।

धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा। - यिर्मयाह 17:7-8

बाइबल पाठ: भजन 92:12-15
Psalms 92:12 धर्मी लोग खजूर के समान फूले फलेंगे, और लबानोन के देवदार के समान बढ़ते रहेंगे।
Psalms 92:13 वे यहोवा के भवन में रोपे जा कर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे।
Psalms 92:14 वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे,
Psalms 92:15 जिस से यह प्रगट हो, कि यहोवा सीधा है; वह मेरी चट्टान है, और उस में कुटिलता कुछ भी नहीं।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 30-32
  • 1 पतरस 4



सोमवार, 26 नवंबर 2018

पहरा



      क्या आपने कभी कोई ऐसी ई-मेल भेजी है जिसे भेजते ही आपको एहसास हुआ हो कि वह किसी गलत व्यक्ति को चली गई है, या उसमें कुछ ऐसा लिखा है जो कि कटु और हानिकारक है, और आप नहीं चाहते हैं कि वह पढ़ा जाए? काश कि ऐसा कोई प्रावधान होता कि हम ऐसे संदेशों को रोकने पाते। अब ऐसा संभव हो गया है। अनेकों कंपनियां अब आपको यह सुविधा प्रदान करती हैं कि ई-मेल भेजने के कुछ समय पश्चात तक आप उसे अपने कंप्यूटर से आगे जाने से रोके रख सकते हैं। किन्तु प्रेषित हो जाने के पश्चात फिर वह सन्देश मुँह से निकले शब्द के समान है जिसे वापस लौटाया नहीं जा सकता है। ई-मेल को रोक कर रखने के प्रावधान को समस्याओं के समाधान की बजाए एक ऐसी स्मृति के रूप में देखना चाहिए जो हमें सचेत करती है कि हम जो भी कहें पहले उसके विषय में सावधानीपूर्वक विचार अवश्य कर लें।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस की पहली पत्री में उसने प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों से कहा,कि वे अपने प्रति की गई बुराई का प्रत्युत्तर बुराई से न दें, वरन भलाई से दें, अपनी जुबां को बुरा कहने से रोक कर रखें, और बुराई का नहीं वरन भलाई और शान्ति की बातों के खोजी हों (1 पतरस 3:9-11)। भजनकार दाऊद ने लिखा, “हे यहोवा, मेरे मुख का पहरा बैठा, मेरे हाठों के द्वार पर रखवाली कर!” (भजन 141:3)। दिन आरंभ करने के लिए, तथा प्रत्येक उस परिस्थिति के लिए जिसमें हम अपने शब्दों के द्वारा किसी पर प्रहार करना चाहते हैं, किसी से बदला लेना चाहते हैं, यह एक बहुत अच्छी प्रार्थना है।

      हे प्रभु हमारे शब्दों की रखवाली करें और हमारे मुँह पर पहरा लगाएँ जिससे हम अपने शब्दों के द्वारा किसी की कोई हानि न करें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा। - नीतिवचन 18:21

बाइबल पाठ: 1 पतरस 3:8-18
1 Peter 3:8 निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
1 Peter 3:9 बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
1 Peter 3:10 क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्‍छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।
1 Peter 3:11 वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्‍न में रहे।
1 Peter 3:12 क्योंकि प्रभु की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उन की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करने वालों के विमुख रहता है।
1 Peter 3:13 और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है?
1 Peter 3:14 और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
1 Peter 3:15 पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
1 Peter 3:16 और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में तुम्हारी बदनामी होती है उनके विषय में वे, जो तुम्हारे मसीही अच्‍छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्ज़ित हों।
1 Peter 3:17 क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।
1 Peter 3:18 इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 27-29
  • 1 पतरस 3



रविवार, 25 नवंबर 2018

प्रसिद्धि



      हम में से अनेकों प्रसिद्धि से आसक्त हैं – या तो स्वयं प्रसिद्ध होने के लिए या फिर प्रसिद्ध लोगों के जीवनों के ब्यौरे की प्रत्येक जानकारी, जैसे कि उन लोगों के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म या पुस्तक दौरे, उनके द्वारा रेडियो अथवा टेलिविज़न कार्यक्रमों में उपस्थिति और कथन, सोशल मीडिया जैसे कि ट्विटर, फेसबुक आदि पर उनके लेख और उनके प्रशंसकों की संख्या आदि की जानकारी रखना, आदि।

      हाल ही में अमेरिका में किए गए एक शोध में शोधकर्ताओं ने इंटरनेट के माध्यम से विशेष रीति से बनाए गए कार्यक्रम द्वारा संसार के लोगों द्वारा इंटरनेट के माध्यम से प्रसिद्ध लोगों की खोज को सूचीबद्ध किया। उनके इस शोध में इतिहास में सबसे अधिक प्रसिद्ध हस्ती प्रभु यीशु मसीह थे।

      परन्तु फिर भी तथ्य यही है कि प्रभु यीशु मसीह ने कभी अपनी प्रसिद्धि नहीं चाही। जब वे पृथ्वी पर थे, तब भी उन्होंने प्रसिद्धि नहीं चाही (मत्ती 9:30; यूहन्ना 6:15); परन्तु फिर भी प्रसिद्धि उनके पीछे-पीछे आती थी, और उनके विषय जानकारी उनके इलाके में तुरंत फैल गई (मरकुस 1:28; लूका 4:37)।

      प्रभु यीशु जहाँ भी जाते थे, भीड़ उनके पीछे हो लेती थी; जो आश्चर्यकर्म वे करते थे, उससे लोग उनकी ओर आकर्षित होते थे। परन्तु जब उन लोगों ने उन्हें जबरन अपना राजा बनाना चाहा, तो तब प्रभु यीशु चुपचाप उनके मध्य में से निकल गए (यूहन्ना 6:15)। अपने पृथ्वी पर आने के उद्देश्य के विषय वे स्वर्गीय पिता से एक मन रहकर, सदा हर बात को पिता ही की इच्छा और समय पर छोड़ देते थे (यूहन्ना 4:34; 8:29; 12:23)। और पिता की इसी इच्छा के अन्तर्गत उन्होंने “मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली” (फिलिप्पियों 2:8)।

      प्रसिद्धि पाना कभी भी प्रभु यीशु का उद्देश्य नहीं था; उनका तो सीधा सा उद्देश्य था: परमेश्वर का पुत्र होने के नाते उन्होंने नम्रता और समर्पण के साथ अपने आप को परमेश्वर पिता का आज्ञाकारी बनाए रखा और सँसार के सभी लोगों के उद्धार एवँ पापों की क्षमा के लिए अपने आप को बलिदान कर दिया। वे सँसार के पापों के लिए मारे गए, गाड़े गए और तीसरे दिन मृतकों में से जी भी उठे। प्रभु यीशु का उद्देश्य प्रसिद्धि नहीं, पापियों का उद्धार तथा पापों की क्षमा प्रदान करना था। - सिंडी हैस कैस्पर


प्रभु यीशु मसीह प्रसिद्ध होने के लिए नहीं, 
वरन सँसार के पापों के लिए बलिदान होने के लिए आए थे।

इसी कारण वह जगत में आते समय कहता है, कि बलिदान और भेंट तू ने न चाही, पर मेरे लिये एक देह तैयार किया। होम-बलियों और पाप-बलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ। तब मैं ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूं। - इब्रानियों 10:5-7

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
Philippians 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे।
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो।
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 24-26
  • 1 पतरस 2