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मंगलवार, 9 मार्च 2021

देखभाल

 

          मेरे मित्र जब यूरोप के सबसे निर्धन देशों में से एक, मोलदोवा, में रहते थे, तब वे वहाँ के लोगों, विशेषकर मसीही विश्वासियों के द्वारा, उनका गर्मजोशी और खुले दिल के साथ स्वागत-सत्कार देखकर बहुत प्रभावित हुए। एक बार वे अपने चर्च के एक दंपति के घर उनसे मिलने गए और साथ में उनके लिए कुछ कपड़े और भोजन-सामग्री भी ले गए। जिनसे वे मिलने गए थे, वे बहुत गरीब थी, लेकिन उन्होंने कई बच्चों को उनकी देखभाल के लिए गोद ले रखा था। उस दंपति ने मेरे उन मित्रों के साथ बहुत आदरणीय मेहमानों के समान व्यवहार किया, उनके बहुत मना करने के बाद भी उन्हें मीठी चाय और साथ में कुछ खाने के लिए भी दिया। जब मेरे मित्र उनके घर से उन्हें अपने द्वारा लाई गई सामग्री को उन्हें देने के बाद वहाँ से जाने लगे, तो वे उन्हें मिले उस अतिथि सत्कार से बहुत प्रभावित थे।

          उन विश्वासियों ने वह साक्षात कर के दिखाया, जिसकी आज्ञा परमेश्वर ने अपने लोगों, इस्राएलियों को दी थी। परमेश्वर ने उनसे कहा था, “और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे” (व्यवस्थाविवरण 10:12)। इस्राएलियों को इसका पालन कैसे करना था? उत्तर इससे कुछ आगे के पदों में दिया गया है: “इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे” (व्यवस्थाविवरण 10:19)। परमेश्वर के दृष्टिकोण से, अजनबियों का स्वागत और सत्कार करने के द्वारा वे परमेश्वर की सेवा और आदर करेंगे; और उन्हें प्रेम तथा देखभाल दिखाने के द्वारा, वे परमेश्वर में अपने विश्वास को भी व्यक्त करेंगे।

          हमारी परिस्थितियाँ उन मोलदोविया के लोगों से भिन्न हो सकती हैं, किन्तु हम भी प्रभु परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को औरों के प्रति अपने अतिथि सत्कार के द्वारा दिखा सकते हैं। चाहे हम उनका अपने घरों में स्वागत करें, या मार्ग में चलते समय मिलने वाले लोगों का मुस्कराहट के साथ अभिनंदन करें, हम इस अकेलेपन और दुखों से भरे संसार को परमेश्वर की प्रेम भरी देखभाल को दिखा सकते हैं। - एमी बाउचर पाई

 

सत्कार के वरदान के उपयोग के द्वारा मसीही विश्वासी परमेश्वर के प्रेम को प्रकट करते हैं।


पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 10:12-19

व्यवस्थाविवरण 10:12 और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे,

व्यवस्थाविवरण 10:13 और यहोवा की जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उन को ग्रहण करे, जिस से तेरा भला हो?

व्यवस्थाविवरण 10:14 सुन, स्वर्ग और सब से ऊंचा स्वर्ग भी, और पृथ्वी और उस में जो कुछ है, वह सब तेरे परमेश्वर यहोवा ही का है;

व्यवस्थाविवरण 10:15 तौभी यहोवा ने तेरे पूर्वजों से स्नेह और प्रेम रखा, और उनके बाद तुम लोगों को जो उनकी सन्तान हो सर्व देशों के लोगों के मध्य में से चुन लिया, जैसा कि आज के दिन प्रगट है।

व्यवस्थाविवरण 10:16 इसलिये अपने अपने हृदय का खतना करो, और आगे को हठीले न रहो।

व्यवस्थाविवरण 10:17 क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा वही ईश्वरों का परमेश्वर और प्रभुओं का प्रभु है, वह महान्‌ पराक्रमी और भय योग्य ईश्वर है, जो किसी का पक्ष नहीं करता और न घूस लेता है।

व्यवस्थाविवरण 10:18 वह अनाथों और विधवा का न्याय चुकाता, और परदेशियों से ऐसा प्रेम करता है कि उन्हें भोजन और वस्त्र देता है।

व्यवस्थाविवरण 10:19 इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 8-10
  • मरकुस 11:19-33

बुधवार, 7 अक्टूबर 2020

स्वागत


         हाल ही में, छुट्टियों के समय में, मैं अपनी पत्नी के साथ एक स्थान पर घूमने के लिए गया। वहाँ एक प्रसिद्ध खेल-कूद आयोजित करने का विशाल स्थान है, और हम उसे भी देखने गए। उस समय वहाँ कोई खेल-कूद नहीं चल रहे थे, परन्तु जब हम वहाँ पहुंचे तो दरवाज़े पूरे खुले हुए थे, और हमें लगा कि हम अन्दर जाकर उसे देख सकते हैं। हम अन्दर चले गए, और वहाँ के खेल स्थलों, तथा अच्छे से रखे हुए घास के मैदान की सराहना करते हुए, जब हम बाहर की ओर चलने लगे तो किसी ने हमें रोक कर बड़े रूखी आवाज़ में कहा कि हमें अन्दर नहीं आना चाहिए था। तुरंत ही हमें लगा कि हम वहाँ परदेशी हैं, और हमें बुरा भी लगा।

         उन्हीं छुट्टियों में, एक दिन हम एक चर्च को देखने गए। वहाँ भी हमें दरवाज़े खुले हुए मिले, इसलिए हम वहां भी अन्दर चले गए। यह हमारे पहले अनुभव से बहुत भिन्न था। अन्दर कई स्थानीय लोग थे, जिन्होंने बड़ी आत्मीयता से हमारा स्वागत किया, और हमें अपने घर जैसा अनुभव करवाया। जब चर्च की सभा का समापन हुआ तो हम वहाँ से एक अपनेपन और स्वागत की अनुभूति लेकर निकले।

         लेकिन यह भी एक कटु सत्य है कि अनेकों बार जब कोई बाहरी व्यक्ति चर्च सभाओं में आते हैं, तो उन्हें एक ठंडेपन का व्यवहार और एक अनकहे सन्देश “आपको यहाँ नहीं होना चाहिए” की अनुभूति होती है। परन्तु पवित्र शास्त्र, परमेश्वर का वचन बाइबल, हमें सब की पहुनाई करने वाले होने के लिए कहती है। प्रभु यीशु ने कहा, हमें अपने पड़ौसियों से अपने समान प्रेम रखना चाहिए, जिसका अभिप्राय उनका अपने घरों और चर्चों में स्वागत करना भी होता है (मत्ती 22:39)। इब्रानियों की पत्री में हमें स्मरण कराया गया है कि अतिथि सत्कार करना न भूलें (13:2)।

         दोनों, लूका तथा पौलुस हमें निर्देश देते हैं कि हम सामाजिक तथा शारीरिक आवश्यकताओं वाले लोगों के प्रति  सक्रिय प्रेम प्रदर्शित करें (लूका 14:13-14; रोमियों 12:13); और मसीही विश्वासियों के समुदाय में हमें विशेषतः प्रेम दिखाने के लिए कहा गया है (गलातियों 6:10)।

         जब हम सभी लोगों का मसीह के समान प्रेम के साथ खुले दिल से स्वागत करते हैं, तो हम अपने तथा संपूर्ण जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के प्रेम और अनुग्रह को प्रदर्शित करते हैं। - डेव ब्रैनन

 

जब हम अतिथि सत्कार करते हैं, हम परमेश्वर की भलाइयों को बांटते हैं।


इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ। - गलतियों 6:10

बाइबल पाठ: इब्रानियों 13:1-3

इब्रानियों 13:1 भाईचारे की प्रीति बनी रहे।

इब्रानियों 13:2 पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।

इब्रानियों 13:3 कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 28-29
  • फिलिप्पियों 3

मंगलवार, 22 मार्च 2011

मार्गदर्शन या भावनाएं?

कई मसीही परमेश्वर के मार्गदर्शन को अपनी भावनाओं या भीतरी अनुभूतियों से जोड़ते हैं। किन्तु ये भावनाएं और अनुभूतियाँ परमेश्वर के मार्गदर्शन का प्रमाण नहीं हैं। प्रिंस्टन विश्वविद्यालय के एक भूत्पूर्व अधिपति, जौन हिबेन ने एक अतिथिति श्रीमान ब्युकमन को अपने घर भोज पर बुलाया। यह अतिथिति परमेश्वर के मार्गदर्शन को लेकर कुछ अपनी ही धारणाएं रखता था। भोजन के लिए न सिर्फ वह देर से पहुंचा वरन अपने साथ तीन बिन बुलाए मेहमानों को भी भोज के लिए ले आया। उस ने श्रिमति हिबेन को सफाई देते हुए कहा, "परमेश्वर ने मुझे इन तीनों को भी भोज पर लाने के लिए कहा!" श्रीमति हिबेन ने उत्तर दिया, "जी नहीं; मुझे नहीं लगता कि परमेश्वर का इससे कोई संबंध है।" ब्युकमन ने तिलमिला कर पूछा, "आप यह कैसे कह सकतीं हैं?" श्रीमति हिबेन ने उत्तर दिया, "क्योंकि मैं जानती हूँ कि परमेश्वर संभ्रांत है।"

यह किस्सा परमेश्वर के मार्गदर्शन के बारे में एक महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत करता है। विभिन्न परिस्थितियों को लेकर हमारे अन्दर कई सशक्त भावनाएं आ सकती हैं, परन्तु हमें उन्हें परमेश्वर का मार्गदर्शन मानने से पहले सदा परमेश्वर की प्रगट इच्छा के सामने रखकर जाँचना चाहिए। परमेश्वर का मार्गदर्शन कभी उसके वचन के प्रतिकूल अथवा उससे भिन्न नहीं होगा। परमेश्वर के वचनों को उनके संदर्भ में अध्ययन करने से हमें सही पहचान की सूझबूझ मिलती है, और उनका मनन करने से हम अपनी भावनाओं को जाँच पाते हैं।

अपनी पुस्तक "Knowing God" में जे. आई. पैकर चेतावनी देते हैं, "यदि कोई भावना हमारे अहम को उभारती है, या हमें अपनी मनमर्ज़ी करने को उकसाती है, या अपनी ज़िम्मेदारी से बच कर निकलने को प्रोत्साहित करती है, या हमें अपने आप को बढ़ा-चढ़ा कर प्रस्तुत करने की ओर ले चलती है, तो तुरंत उसे पहचान कर निषक्रीय कर देना चाहिए, उसे परमेश्वर का मार्गदर्शन समझने की गलती नहीं करनी चाहिए।"

यह एक अच्छी सलाह है, खासकर तब जब हमारे पास परमेश्वर का वचन है जो हमारे मार्ग का दीपक और राह का उजियला है। - डेनिस डी हॉन


भावनाएं तथ्यओं एवं विश्वास का स्थान कभी नहीं ले सकतीं।

उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। - नीतिवचन ३:६



बाइबल पाठ: नीतिवचन ३:१-१०

Pro 3:1 हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना, अपने ह्रृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना;
Pro 3:2 क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा।
Pro 3:3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं वरन उनको अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदय रूपी पटिया पर लिखना।
Pro 3:4 और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।
Pro 3:5 तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना।
Pro 3:6 उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
Pro 3:7 अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना, यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना।
Pro 3:8 ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा, और तेरी हड्डियां पुष्ट रहेंगी।
Pro 3:9 अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना;
Pro 3:10 इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रस कुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा।

एक साल में बाइबल:
  • यहोशू १०-१२
  • लूका १:३९-५६