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बुधवार, 15 अगस्त 2012

सबसे सामर्थी


   ब्राज़ील और आर्जेंटीना की सीमा पर स्थित इगाज़ू जलप्रपात एक बहुत ही अद्भुत और मनोहर जलप्रपात समूह है। यह प्रपात समूह इगाज़ू नदी पर २.७ कि०मी० की दूरी में स्थित २७५ जलप्रपातों से मिलकर बना है। इस प्रपात समूह के ब्राज़ील वाले किनारे की एक दीवार पर परमेश्वर के वचन बाइबल से लिए गए भजन ९३:४ के शब्द खोद कर लिखे गए हैं : "महासागर के शब्द से, और समुद्र की महातरंगों से, विराजमान यहोवा अधिक महान है" और उनके नीचे लिखा है "परमेश्वर हमारी सब समस्याओं से अधिक सामर्थी है।"

   भजन ९३ का लेखक, जिसने राजाओं के समय में यह भजन लिखा था, जानता था कि परमेश्वर ही सब राजाओं के ऊपर राजाधिराज है। उसने लिखा, "यहोवा राजा है; उस ने माहात्म्य का पहिरावा पहिना है; यहोवा पहिरावा पहिने हुए, और सामर्थ्य का फेंटा बान्धे है। इस कारण जगत स्थिर है, वह नहीं टलने का। हे यहोवा, तेरी राजगद्दी अनादिकाल से स्थिर है, तू सर्वदा से है" (पद १-२)। चाहे बाढ़ का जल या पानी की लहरें कितनी भी ऊँची क्यों ना हों परमेश्वर उन सबसे ऊपर है।

   जलप्रपात का गर्जन वास्तव में प्रभावशाली होता है; किंतु जल में अनियंत्रित बहते हुए गिरने को किसी प्रपात की ओर जाना प्रभावशाली नहीं अति भयावह होता है। हो सकता है कि यही आज आपकी स्थिति भी हो। हो सकता है कि आर्थिक परिस्थितियां, शारिरिक असमर्थता, रोग और दुर्बलता, तथा पारिवार या संबंधों से जुड़ी समस्याएं आज आपको परेशान कर रही हों और आपको लग रहा हो कि आप अनियंत्रित बहते जा रहे हैं और किसी भी समय किसी विनाश में गिर सकते हैं। ऐसे में प्रत्येक मसीही विश्वासी के पास सहायता के लिए एक आसरा है - उसका उद्धारकर्ता प्रभु यीशु, जो "...कि हमारी विनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है" (इफीसियों३:२०), क्योंकि वह हर समस्या से ऊपर है, सबसे सामर्थी है। - सी. पी. हीया


परमेश्वर की असीम सामर्थ को कभी अपनी सीमित संभावनाओं के आधार पर ना आंकें।

यहोवा राजा है; उस ने माहात्म्य का पहिरावा पहिना है; यहोवा पहिरावा पहिने हुए, और सामर्थ्य का फेंटा बान्धे है। इस कारण जगत स्थिर है, वह नहीं टलने का। - भजन ९३:१

बाइबल पाठ: भजन ९३
Psa 93:1  यहोवा राजा है; उस ने माहात्म्य का पहिरावा पहिना है; यहोवा पहिरावा पहिने हुए, और सामर्थ्य का फेंटा बान्धे है। इस कारण जगत स्थिर है, वह नहीं टलने का। 
Psa 93:2  हे यहोवा, तेरी राजगद्दी अनादिकाल से स्थिर है, तू सर्वदा से है।
Psa 93:3  हे यहोवा, महानदों का कोलाहल हो रहा है, महानदों का बड़ा शब्द हो रहा है, महानद गरजते हैं। 
Psa 93:4  महासागर के शब्द से, और समुद्र की महातरंगों से, विराजमान यहोवा अधिक महान है।
Psa 93:5  तेरी चितौनियां अति विश्वासयोग्य हैं; हे यहोवा तेरे भवन को युग युग पवित्रता ही शोभा देती है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन ९१-९३ 
  • रोमियों १५:१-१३

शुक्रवार, 2 सितंबर 2011

उपलब्ध सामर्थ

एक रात एक निष्क्रीय और छोटी सी मण्डली के सभा स्थल में आग लग गई। आग की लपटों से वह इलाका रौशन हो गया और आग बुझाने के लिए आस-पास के लोग एकत्रित हो गए। मण्डली के सदस्यों में से एक ने वहां उस भीड़ में नगर के एक अविश्वासी और मण्डली के आलोचक को भी खड़ा देखा, तो उससे कहा, "मैंने आप को पहले कभी मण्डली के इतने समीप नहीं देखा?" उस व्यक्ति ने उत्तर दिया, "आपने ठीक कहा, क्योंकि पहले मैंने कभी मण्डली को इतना रौशन और सक्रीय भी नहीं देखा।"

प्रभु की मण्डली आज एक चुनौती के दौर से निकल रही है, लेकिन इस चुनौती का सामना करने की सामर्थ उसे सुन्दर दिखने वाले भवनों या अच्छे प्रतीत होने वाले कार्यक्रमों में नहीं मिलेगी। केवल परमेश्वर का पवित्र आत्मा ही प्रभु के विश्वासियों को परमेश्वर की आज्ञाओं के पालन और पूर्ति की सामर्थ दे सकता है।

पिन्तेकुस्त के दिन पवित्र आत्मा का दिया जाना प्रभु की मण्डली स्थापना का सूचक था। उस दिन, मृत्यु पर जयवन्त और पुनरुत्थान हुए प्रभु यीशु मसीह ने, सारे संसार के लिए पापों की क्षमा उपलब्ध होने के सुसमाचार को संसार के हर स्थान तक ले जा सकने की सामर्थ उपलब्ध कर दी। प्रभु के विश्वासियों का समूह, जिन से मण्डली बनी, तब से प्रभु की आज्ञा, "परन्‍तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह हो्गे (प्रेरितों १:८)" को पूरा करते आ रहे हैं। तब से ही उनके अन्दर बसने वाला परमेश्वर का पवित्र आत्मा, संसार के हर भाग और बस्ती में इस सुसमाचार को ले जाने की सामर्थ और प्रेरणा देने वाला उनकी प्रबल शक्ति बन गया।

अब कभी पिन्तेकुस्त के दिन को दोहराने की आवश्यक्ता नहीं है, क्योंकि उस दिन जो पवित्र आत्मा दिया गया, वह आज भी प्रत्येक विश्वासी में विद्यमान है, वापस नहीं गया। वह सामर्थ का अत्मा है और प्रत्येक उस विश्वासी में होकर अपनी सामर्थ के कार्य करता है जो उसके आधीन और उसका आज्ञाकारी रहता है। जिस सामर्थ द्वारा "प्रेरित बड़ी सामर्थ से प्रभु यीशु के जी उठने की गवाही देते रहे और उन सब पर बड़ा अनुग्रह था" (प्रेरितों ४:३३), वही सामर्थ आज भी प्रत्येक मसीही विश्वासी को उपलब्ध है। - पौल वैन गोर्डर


जो आत्मा हमारे अन्दर बसता है, वही बाहर कार्य करने की सामर्थ भी देता है।

परन्‍तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह हो्गे। - प्रेरितों १:८


बाइबल पाठ: लूका २४:४४-४९

Luk 24:44 फिर उस ने उन से कहा, ये मेरी वे बातें हैं, जो मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए, तुम से कही थीं, कि अवश्य है, कि जितनी बातें मूसा की व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं और भजनों की पुस्‍तकों में, मेरे विषय में लिखी हैं, सब पूरी हों।
Luk 24:45 तब उस ने पवित्र शास्‍त्र बूझने के लिये उन की समझ खोल दी।
Luk 24:46 और उन से कहा, यों लिखा है कि मसीह दु:ख उठाएगा, और तीसरे दिन मरे हुओं में से जी उठेगा।
Luk 24:47 और यरूशलेम से लेकर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा।
Luk 24:48 तुम इन सब बातें के गवाह हो।
Luk 24:49 और देखो, जिस की प्रतिज्ञा मेरे पिता ने की है, मैं उस को तुम पर उतारूंगा और जब तक स्‍वर्ग में सामर्थ न पाओ, तब तक तुम इसी नगर में ठहरे रहो।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १३७-१३९
  • १ कुरिन्थियों १३

गुरुवार, 1 सितंबर 2011

दोहरी सामर्थ

मेरी मेज़ पर एक पेन-नाईफ (मोड़कर बन्द हो सकने वाले बहुत से छोटे औज़ारों से मिलकर बना चाकू) है, जिसके किनारे गोलाकार हैं। मैं कितनी भी सावधानी से, कितना भी प्रयास करूं, यह पेन-नाईफ अपने सिरे पर खड़ा नहीं किया जा सकता, छोड़ते ही वह लुढ़क कर गिर जाता है। यदि मैं आप से कहूँ कि पेन-नाईफ को खड़ा करना कठिन है, तो आप कहेंगे, "कठिन नहीं असंभव है; क्यों व्यर्थ परिश्रम करते हो।" लेकिन लीजिए, यह तो खड़ा हो गया; आप उत्तर देंगे, "अवश्य खड़ा हो गया, क्योंकि आपने उस खड़ा पकड़ा हुआ है, यह आपके सहारे से खड़ा है, और केवल तब तक खड़ा रहेगा जब तक आप इसे सहारा दिए रहेंगे।"

हाल ही में मैं एक आटा पीसने की चक्की पर गया। वहाँ एक कोने में खाली बोरियाँ रखीं थीं। यदि मैं खाली बोरी को खड़ी करता तो वह मुड़कर गिर जाती। लेकिन जब वहाँ काम करने वाले मज़दूर ने उस बोरी को आटे से भर दिया, तो भरी हुई बोरी बिना किसी अन्य सहारे के खड़ी रह सकी।
ये दोनो उदाहरण हमें परमेश्वर के पवित्र आत्मा के कार्य को समझाते हैं। प्रत्येक मसीही विश्वासी में परमेश्वर का पवित्र आत्मा वास करता है, जो उसे अन्दर से सहारा देता है और जीवन की परिस्थितियों में खड़ा रखता है। प्रत्येक मसीही विश्वासी प्रभु की मण्डली का सदस्य है और मण्डली के सदस्य एक दूसरे को बाहर से संभालते हैं। परमेश्वर द्वारा, उसकी प्रत्येक संतान की सहायता के लिए यह दोहरी सामर्थ सदा उपलब्ध रहती है।

मसीही विश्वासी जब कभी कठिनाईयों में पड़े, या उसका प्रलभनों से सामना हो, तो उसे दो बातें ध्यान रखनी चाहिएं - अपनी असमर्थता और परमेश्वर की उपलब्ध सामर्थ। अगर हम अपनी असमर्थता को ही देखते रहेंगे तो पेन-नाईफ के समान कभी खड़े नहीं रह सकेंगे। लेकिन अपनी ओर देखना छोड़कर हम मण्डली और परमेश्वर की ओर देखेंगे तो पवित्र आत्मा की भीतरी सामर्थ तथा दूसरे विश्वासियों की सहायता हमें हर विपरीत परिस्थिति में भी खड़ा रख सकेगी।

हम अपने आप में कमज़ोर हो सकते हैं, लेकिन घबाराइए नहीं, हमारी रक्षा के लिए परमेश्वर ने दोहरी सामर्थ का प्रबंध कर रखा है - भीतरी भी और बाहरी भी। - पौल वैन गोर्डर


परमेश्वर के साधन हमारी हर आवश्यक्ता की पूर्ति के लिए काफी हैं।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह ४१:१०

बाइबल पाठ: यशायाह ४१:८-१४

Isa 41:8 हे मेरे दास इस्राएल, हे मेरे चुने हुए याकूब, हे मेरे प्रेमी इब्राहीम के वंश;
Isa 41:9 तू जिसे मैं ने पृथ्वी के दूर दूर देशों से लिया और पृथ्वी की छोर से बुला कर यह कहा, तू मेरा दास है, मैं ने तुझे चुना है और तजा नहीं;
Isa 41:10 मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा।
Isa 41:11 देख, जो तुझ से क्रोधित हैं, वे सब लज्जित होंगे; जो तुझ से झगड़ते हैं उनके मुंह काले होंगे और वे नाश होकर मिट जाएंगे।
Isa 41:12 जो तुझ से लड़ते हैं उन्हें ढूंढने पर भी तू न पाएगा; जो तुझ से युद्ध करते हैं वे नाश होकर मिट जाएंगे।
Isa 41:13 क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़ कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा।
Isa 41:14 हे कीड़े सरीखे याकूब, हे इस्राएल के मनुष्यों, मत डरो! यहोवा की यह वाणी है, मैं तेरी सहायता करूंगा; इस्राएल का पवित्र तेरा छुड़ाने वाला है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १३५-१३६
  • १ कुरिन्थियों १२

सोमवार, 2 मई 2011

कठिनाइयों का सामना

गोल्फ खेलने वाले जानते हैं कि किसी कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए वे कोई आसान मार्ग नहीं अपना सकते। यदि गोल्फ की गेंद समतल स्थल से लुढ़क कर ऊबड़खाबड़ स्थल पर चली जाए तो खेलने में आसानी के लिए खिलाड़ी उसे उठा कर वापस समतल स्थल पर नहीं रख सकता, उसे ऊबड़खाबड़ स्थान से ही आगे खेलना होता है।

युवा तीतुस ने भी अपने आप को कठिनाईयों में पाया। उसे क्रेते में रखा गया था कि वहाँ पर प्रभु के कार्य को बढ़ाए, लेकिन उसे कठिन समस्याओं का सामना करना पड़ा। क्रेते के निवासी सामान्यतः धोखेबाज़, अनैतिक और आलसी होते थे, और यही दुर्गुण वहाँ की मण्डली में भी प्रगट होने लगे थे। पौलुस को जब इसका पता चला तो अपने मित्र को प्रोत्साहित करने के लिए उसने तीतुस को पत्री लिखी। इस पत्री का सार इस प्रकार था, "हाँ, क्रेते में परिस्थिति काफी खराब है। लेकिन इसी लिए तो मैं ने तुम्हें वहाँ रखा है। परमेश्वर तुम्हें वहाँ एक बड़ा, महत्वपूर्ण और आवशयक परिवर्तन लाने के लिए प्रयोग कर सकता है।"

तीतुस ने अपने मित्र की सलाह को स्वीकार किया, और वह सफल हुआ। यद्यपि बाइबल इस प्रोत्साहन की पत्री के नतीजे तो नहीं बताती लेकिन पुरातत्व विशेष्ज्ञों ने क्रेते में विशाल चर्च भवनों के खण्डर पाए हैं और इन चर्च भवनों के कोने के पत्थरों पर "तीतुस" नाम खुदा हुआ है।

जब कभी हम कठिनाईयों का सामना कर रहे होते हैं तो किसी आसान मार्ग के तलाश करने के प्रयास से कोई लाभ होने वाला नहीं है। सही तरीका यह है कि परमेश्वर पर विश्वास बनाए रखें तथा चुनौतियों का खुलकर सामना करें, तब ही हम उन परिस्थितियों पर जयवन्त हो सकेंगे।

इससे न केवल हम बेहतर व्यक्ति बनेंगे, वरन साथ ही हमारा विश्वास भी दृढ़ होगा कि हमारा परमेश्वर हमें विजयी रख सकता है। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


समस्या जितनी बड़ी होगी, उतनी ही बड़ा परमेश्वर की सामर्थ को प्राप्त करने का अवसर भी होगा।

मैं इसलिये तुझे क्रेते में छोड़ आया था, कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारे, और मेरी आज्ञा के अनुसार नगर नगर प्राचीनों को नियुक्त करे। - तीतुस १:५


बाइबल पाठ: तीतुस १

Tit 1:1 पौलुस की ओर से जो परमेश्वर का दास और यीशु मसीह का प्रेरित है, परमेश्वर के चुने हुए लोगों के विश्वास, और भक्ति के अनुसार है।
Tit 1:2 उस अनन्‍त जीवन की आशा पर, जिस की प्रतिज्ञा परमेश्वर ने, जो झूठ बोल नहीं सकता, सनातन से की है।
Tit 1:3 पर ठीक समय पर अपने वचन को उस प्रचार के द्वारा प्रगट किया, जो हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार मुझे सौंपा गया।
Tit 1:4 तीतुस के नाम जो विश्वास की सहभागिता के विचार से मेरा सच्‍चा पुत्र है: परमेश्वर पिता और हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु से अनुग्रह और शान्‍ति होती रहे।
Tit 1:5 मैं इसलिये तुझे क्रेते में छोड़ आया था, कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारे, और मेरी आज्ञा के अनुसार नगर नगर प्राचीनों को नियुक्त करे।
Tit 1:6 जो निर्दोष और एक ही पत्‍नी के पति हों, जिन के लड़केबाले विश्वासी हों, और जिन्‍हें लुचपन और निरंकुशता का दोष नहीं।
Tit 1:7 क्‍योंकि अध्यक्ष को परमेश्वर का भण्‍डारी होने के कारण निर्दोष होना चाहिए; न हठी, न क्रोधी, न पियक्कड़, न मारपीट करने वाला, और न नीच कमाई का लोभी।
Tit 1:8 पर पहुनाई करने वाला, भलाई का चाहने वाला, संयमी, न्यायी, पवित्र और जितेन्‍द्रिय हो।
Tit 1:9 और विश्वासयोग्य वचन पर जो धर्मोपदेश के अनुसार है, स्थिर रहे कि खरी शिक्षा से उपदेश दे सके और विवादियों का मुंह भी बन्‍द कर सके।
Tit 1:10 क्‍योंकि बहुत से लोग निरंकुश बकवादी और धोखा देने वाले हैं विशेष करके खतना वालों में से।
Tit 1:11 इन का मुंह बन्‍द करना चाहिए: ये लोग नीच कमाई के लिये अनुचित बातें सिखा कर घर के घर बिगाड़ देते हैं।
Tit 1:12 उन्‍हीं में से एक जन ने जो उन्‍हीं का भविष्यद्क्ता हैं, कहा है, कि क्रेती लोग सदा झूठे, दुष्‍ट पशु और आलसी पेटू होते हैं।
Tit 1:13 यह गवाही सच है, इसलिये उन्हें कड़ाई से चितौनी दिया कर, कि वे विश्वास में पक्के हो जाएं।
Tit 1:14 और वे यहूदियों की कथा कहानियों और उन मनुष्यों की आज्ञाओं पर मन न लगाएं, जो सत्य से भटक जाते हैं।
Tit 1:15 शुद्ध लोगों के लिये सब वस्‍तु शुद्ध हैं, पर अशुद्ध और अविश्वासियों के लिये कुछ भी शुद्ध नहीं: वरन उन की बुद्धि और विवेक दोनों अशुद्ध हैं।
Tit 1:16 वे कहते हैं, कि हम परमेश्वर को जानते हैं: पर अपने कामों से उसका इन्‍कार करते हैं, क्‍योंकि वे घृणित और आज्ञा न मानने वाले हैं: और किसी अच्‍छे काम के योग्य नहीं।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १२-१३
  • लूका २२:१-२०

रविवार, 1 मई 2011

खुलते द्वार

हमारे शहर के एक अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार में स्वचलित द्वार खोलने वाला यंत्र लगा है। जब मैं अपनी कार द्वार की ओर लेकर बढ़ता हूँ तब द्वार बन्द रहता है, लेकिन जैसे ही कार द्वार के निकट आती है तो द्वार के निकट लगा संवेदक यंत्र द्वार खोल देता है। यदि मैं द्वार के निकट आकर कार को खड़ी कर दूँ तो भी द्वार बन्द रहता है, संवेदक यंत्र केवल चलती हुई कार को पहचान कर ही द्वार खोलता है।

परमेश्वर के साथ विश्वास में चलना भी कुछ ऐसा ही है। जब हम परमेश्वर की आज्ञाकारिता में चलते हों और हमारे सामने कोई बन्द द्वार दिखाई पड़े तो भी हम अपने कदम आगे बढ़ा सकते हैं पूरे विश्वास के साथ कि परमेश्वर सही समय पर द्वार खोल देगा, लेकिन अविश्वास में कदम रोक देना द्वार को खुलने नहीं देगा।

प्रत्येक मसीही विश्वासी अपने जीवन काल में बाधाओं का सामना करता है। परमेश्वर की इच्छा में चलना इस बात की गारण्टी नहीं है कि हमारा मार्ग आसान होगा; लेकिन चाहे कैसा भी कठिन मार्ग हो, हम विश्वास रख सकते हैं कि हमारा प्रभु हमारे साथ हर एक परिस्थिति में बना रहता है और हम विश्वास में आगे बढ़ सकते हैं।

स्तुति के गीतों के एक लेखक ऑस्कर एलिसन ने अपने एक गीत में लिखा, "क्या आप के सामने कोई ऐसी नदी है जिसे पार करना असंभव लगता है? क्या आप के सामने कोई ऐसा पहाड़ है जिसे लांघना असंभव लगता है? परमेश्वर को सौंप दीजिए, वह असंभव को संभव बनाने का विशेष्ज्ञ है!"

किसी ने कहा है कि, "यदि परमेश्वर आपके कदम रखने के एक गज़ आगे तक का भी मार्ग आपको दिखा दे, तो वह मार्ग विश्वास का मार्ग नहीं रहेगा।" अन्जाने मार्ग पर आज्ञाकारिता और विश्वास में उठाया गया कदम ही प्रमाणित करता है कि हम परमेश्वर पर विश्वास में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं। उदाहरण स्वरूप इब्राहिम को ही लीजिए, "विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया" (इब्रानियों ११:८)

जैसे जैसे हम उसकी आज्ञाकारिता और उस पर विश्वास में कदम आगे बढ़ाते रहेंगे, वह हमारे हर कदम के लिए मार्ग बनाता रहेगा और बाधाओं के हर द्वार खोलता रहेगा। - पौल वैन गोर्डर


जोखिम और परमेश्वर की सामर्थ के बीच का द्वार ही विश्वास है।

अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है। - इब्रानियों ११:१


बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:१-१२

Heb 11:1 अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है।
Heb 11:2 क्‍योंकि इसी के विषय में प्राचीनों की अच्‍छी गवाही दी गई।
Heb 11:3 विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्‍टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्‍तुओं से बना हो।
Heb 11:4 विश्वास ही से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिये चढ़ाया, और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई: क्‍योंकि परमेश्वर ने उस की भेंटों के विषय में गवाही दी और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है।
Heb 11:5 विश्वास ही से हनोक उठा लिया गया, कि मृत्यु को न देखे, और उसका पता नहीं मिला क्‍योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया था, और उसके उठाए जाने से पहिले उस की यह गवाही दी गई थी, कि उस ने परमेश्वर को प्रसन्न किया है।
Heb 11:6 और विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्‍योंकि परमेश्वर के पास आने वाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है और अपने खोजने वालों को प्रतिफल देता है।
Heb 11:7 विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
Heb 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।
Heb 11:9 विश्वास ही से उस ने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया।
Heb 11:10 क्‍योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है।
Heb 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई क्‍योंकि उस ने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्‍चा जाना था।
Heb 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्‍पन्न हुआ।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १०-११
  • लूका २१:२०-३८

शनिवार, 30 अप्रैल 2011

विजयी जीवन का आधार

मैंने एक रिपोर्ट पढ़ी जिसमें दो तथाकथित "विशेष्ज्ञ" इस निष्कर्ष पर पहुँचे थे कि दैत्याकार और अति सामर्थी समझे जाने वाला गोलियत, जिसे दाउद ने युद्ध में हराया और मार डाला, वासत्व में एक कमज़ोर और रोगी व्यक्ति था; उसे मस्तिष्क के अन्दर एक ग्रंथी में रसौली थी जिसके कारण उसका शरीर दैत्याकार हो गया और उसकी नज़र कमज़ोर हो गई, इस कारण वह दाउद द्वारा गोफन से फेंका हुआ पत्थर नहीं देख सका और माथे पर लगी उस पत्थर की चोट से मारा गया।

लेकिन यथार्थ इससे बिलकुल भिन्न है। जिस मस्तिष्क रोग की बात ये तथाकथित "विशेष्ज्ञ" कर रहे हैं, उससे पीड़ित रोगी ठीक से चल नहीं सकता और शरीर के विशाल हो जाने के बावजूद इन रोगियों में एक साधारण मनुष्य के बाराबर भी ताकत नहीं रह जाती। लेकिन गोलियत कोई कमज़ोर मनुष्य नहीं था - वह जो कवच पहनता था केवल उसीका वज़न लगभग ६० किलो था, और उसके भाले के सिरे का वज़न लगभग ७ किलो था। यदि गोलियत वासत्व में रोग से ग्रसित कमज़ोर मनुष्य होता तो इतना वज़न उठा कर चलना उसके लिए संभव नहीं होता।

इस संदर्भ में गोलियत से संबंधित कुछ अन्य बातें भी विचारने योग्य हैं, वह एक प्रबल योद्धा था और समस्त इस्त्राएली उससे डरे हुए थे और उसकी लकार का सामना करने की उनमें हिम्मत नहीं थी। इस्त्राएलियों के दुश्मन फिलिस्तियों ने गोलियत को अपना नायक बना कर युद्ध में उतारा और इस्त्राएलियों को चुनौती दी। कोई सेनापति किसी बीमार और कमज़ोर नज़र वाले व्यक्ति को कभी इस तरह युद्ध में नहीं उतारता और न ही ऐसे बीमार योद्धा की चुनौती से कोई विरोधी भयभीत होता।

अवश्य ही परमेश्वर की सहायता के बिना दाउद के लिए गोलियत को मारना संभव नहीं था, और परमेश्वर में विश्वास के बिना दाउद के लिए गोलियत की चुनौती स्वीकार करके उससे लड़ने युद्ध में उतरना भी संभव नहीं था। दाउद ने केवल परमेश्वर पर विश्वास और परमेश्वर की सहायता के द्वारा गोलियत पर अद्भुत विजय प्राप्त करी।

प्रभु यीशु के अनुयायी चाहे दैत्याकार मनुष्यों अथवा शत्रुओं से शारीरिक युद्ध में संलग्न नहीं हैं, लेकिन उनका एक ऐसा युद्ध है जो निरंतर चलता रहता है और वह भी एक ऐसे शत्रु से जो गोलियत से कहीं अधिक सामर्थी है - वे अपने विरुद्ध शैतान के हमलों का आत्मिक युद्ध अविराम लड़ते रहते हैं, क्योंकि शैतान बार बार और अनेक उपायों से उन्हें पाप और परमेश्वर विरोधी कार्यों में फंसाना चाहता है।

हमारा परमेश्वर सर्वसामर्थी है। दाउद के समान हमें भी उसपर और उसकी सामर्थ पर विश्वास रखना है और तब हम शैतान और उसके षड़यंत्रों पर विजयी हो सकेंगे। जिसने दाउद को दैत्याकार गोलियत पर विजयी किया वही हमें शैतान पर भी विजयी करेगा।

हमारा परमेश्वर और उस पर हमारा विश्वास ही हमारे विजयी होने का आधार है। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


हमारे विरुद्ध उठने वाली कोई भी परिस्थिति हमारी सामर्थ के बाहर तो हो सकती है, लेकिन हमारे परमेश्वर के संसाधानों के बाहर कभी नहीं हो सकती।

दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिए हुए मेरे पास आता है परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है। - १ शमूएल १७:४५


बाइबल पाठ: १ शमूएल १७:३२-५४

1Sa 17:32 तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो; तेरा दास जाकर उस पलिश्ती से लड़ेगा।
1Sa 17:33 शाऊल ने दाऊद से कहा, तू जाकर उस पलिश्ती के विरूद्ध नहीं युद्ध कर सकता क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है।
1Sa 17:34 दाऊद ने शाऊल से कहा, तेरा दास अपने पिता की भेड़ बकरियां चराता था, और जब कोई सिंह वा भालू झुंड में से मेम्ना उठा ले गया,
1Sa 17:35 तब मैं ने उसका पीछा करके उसे मारा, और मेम्ने को उसके मुंह से छुड़ाया और जब उस ने मुझ पर चढ़ाई की, तब मैं ने उसके केश को पकड़कर उसे मार डाला।
1Sa 17:36 तेरे दास ने सिंह और भालू दोनों को मार डाला और वह खतनारहित पलिश्ती उनके समान हो जाएगा, क्योंकि उस ने जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारा है।
1Sa 17:37 फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिस ने मुझे सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे।
1Sa 17:38 तब शाऊल ने अपने वस्त्र दाऊद को पहिनाए, और पीतल का टोप उसके सिर पर रख दिया, और झिलम उसको पहिनाया।
1Sa 17:39 और दाऊद ने उसकी तलवार वस्त्र के ऊपर कसी, और चलने का यत्न किया, उस ने तो उनको न परखा था। इसलिथे दाऊद ने शाऊल से कहा, इन्हें पहिने हुए मुझ से चला नहीं जाता, क्योंकि मैं ने नहीं परखा। और दाऊद ने उन्हें उतार दिया।
1Sa 17:40 तब उस ने अपनी लाठी हाथ में ले नाले में से पांच चिकने पत्थर छांट कर अपनी चरवाही की थैली, अर्थात अपने झोले में रखे और अपना गोफन हाथ में लेकर पलिश्ती के निकट चला।
1Sa 17:41 और पलिश्ती चलते चलते दाऊद के निकट पहुंचने लगा, और जो जन उसकी बड़ी ढाल लिए था वह उसके आगे आगे चला।
1Sa 17:42 जब पलिश्ती ने दृष्टि करके दाऊद को देखा, तब उसे तुच्छ जाना क्योंकि वह लड़का ही था, और उसके मुख पर लाली झलकती थी, और वह सुन्दर था।
1Sa 17:43 तब पलिश्ती ने दाऊद से कहा, क्या मैं कुत्ता हूं, कि तू लाठी लेकर मेरे पास आता है? तब पलिश्ती अपने देवताओं के नाम लेकर दाऊद को कोसने लगा।
1Sa 17:44 फिर पलिश्ती ने दाऊद से कहा, मेरे पास आ, मैं तेरा मांस आकाश के पक्षियों और बनपशुओं को दे दूंगा।
1Sa 17:45 दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिए हुए मेरे पास आता है परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है।
1Sa 17:46 आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा और मैं आज के दिन पलिश्ती सेना की लोथें आकाश के पक्षियों और पृथ्वी के जीव जन्तुओं को दे दूंगा; तब समस्त पृथ्वी के लोग जान लेंगे कि इस्राएल में एक परमेश्वर है।
1Sa 17:47 और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार वा भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा।
1Sa 17:48 जब पलिश्ती उठकर दाऊद का साम्हना करने के लिये निकट आया, तब दाऊद सेना की ओर पलिश्ती का साम्हना करने के लिये फुर्ती से दौड़ा।
1Sa 17:49 फिर दाऊद ने अपनी थैली में हाथ डालकर उस में से एक पत्थर निकाला, और उसे गोफन में रखकर पलिश्ती के माथे पर ऐसा मारा कि पत्थर उसके माथे के भीतर घुस गया, और वह भूमि पर मुंह के बल गिर पड़ा।
1Sa 17:50 यों दाऊद ने पलिश्ती पर गोफन और एक ही पत्थर के द्वारा प्रबल होकर उसे मार डाला परन्तु दाऊद के हाथ में तलवार न थी।
1Sa 17:51 तब दाऊद दौड़कर पलिश्ती के ऊपर खड़ा हुआ, और उसकी तलवार पकड़कर मियान से खींची, और उसको घात किया, और उसका सिर उसी तलवार से काट डाला। यह देखकर कि हमारा वीर मर गया पलिश्ती भाग गए।
1Sa 17:52 इस पर इस्राएली और यहूदी पुरूष ललकार उठे, और गत और एक्रोन से फाटकों तक पलिश्तियों का पीछा करते गए, और घायल पलिश्ती शारैम के मार्ग में और गत और एक्रोन तक गिरते गए।
1Sa 17:53 तब इस्राएली पलिश्तियों का पीछा छोड़कर लौट आए, और उनके डेरों को लूट लिया।
1Sa 17:54 और दाऊद पलिश्ती का सिर यरूशलेम में ले गया और उसके हथियार अपने डेरे में धर लिए।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा ८-९
  • लूका २१:१-१९

गुरुवार, 28 अप्रैल 2011

शांत समय

खान में कठिन परिश्रम करने वाले कुछ मज़दूरों ने शाम के समय काम करते हुए एक पक्षी की मधुर चहचहाहट सुनी। उसे सुनकर वे एकदम शांत हो गए; उस शांत वातवरण में उनके मनों में बचपन की यादें ताज़ा हो गईं, जब वे इसी चहचहाहट का आनन्द लेते थे। इसी प्रकार जब हम शांत होते हैं तभी परमेश्वर की आवाज़ को सबसे साफ और प्रभावी रूप में सुन सकते हैं।

सर्दीयों की सुबह के शांत वातवरण में उठकर पाले की सफेद चादर से ढंके खेतों और मकानों का दृश्य अविस्मरणीय होता है। कब और कैसे रात के सन्नाटे में बर्फ खामोशी से आई और चांदी की सी परत से सब कुछ ढक दिया, पता ही नहीं चलता। किसी की अदृश्य उंगलियाँ प्रकृति को छू देती हैं और कायाकल्प हो जाता है। यह स्मरण दिलाता है भजन ४६:१० की पंक्ति को, "चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं।" तथा हबक्कूक की बात को, "परन्तु यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे।" (हबक्कूक २:२०)

न केवल प्रकृति के शांत वातावारण में, वरन हमारे जीवन के अन्य शांत समयों में भी हम परमेश्वर की वाणी सुन सकते हैं। सभी के जीवन में ऐसे समय आते हैं जब किसी बिमारी, दुख या परेशानी के कारण नींद आंखों से दूर हो जाती है और वे बिसतर पर चुपचाप लेटे होते हैं; ये बहुमूल्य पल होते हैं जब हम परमेश्वर से बातें कर सकते हैं, उससे अपने दिल का हाल बयान कर सकते हैं, उससे कह सकते हैं कि हम उसे प्रेम करते हैं तथा अपने प्रति उसके प्रेम से आनन्दित हो सकते हैं। इन शांत समयों में जो हम सीख सकते हैं, वह किसी अन्य रीति से संभव नहीं है।

परमेश्वर के साथ शांत समय बिताने के खोजी बनें; ये शांत समय हमें एक नई शांति और स्फूर्ति से भर देते हैं, हमारे जीवनों में उसकी उपस्थिति का एक नया एहसास हमारे साथ होता है। इन अनमोल पलों को पाने के लिए आपको किसी अनिद्रा की रात की प्रतीक्षा करने की आवश्यक्ता नहीं है। बस अपने व्यस्त जीवन से बाहर निकलकर कुछ समय परमेश्वर के साथ बिताएं। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


परमेश्वर के साथ बिताया शांत समय सामर्थ और शक्ति संजोने का समय है।

परन्तु यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे। - हबक्कूक २:२०

बाइबल पाठ: हबक्कूक २:१५-२०

Hab 2:15 हाय उस पर, जो अपने पड़ोसी को मदिरा पिलाता, और उस में विष मिलाकर उसको मतवाला कर देता है कि उसको नंगा देखे।
Hab 2:16 तू महिमा की सन्ती अपमान ही से भर गया है। तू भी पी, और अपने को खतनाहीन प्रगट कर! जो कटोरा यहोवा के दाहिने हाथ में रहता है, सो घूमकर तेरी ओर भी जाएगा, और तेरा विभव तेरी छांट से अशुद्ध हो जाएगा।
Hab 2:17 क्योंकि लबानोन में तेरा किया हुआ उपद्रव और वहां के पशुओं पर तेरा किया हुआ उत्पात, जिन से वे भयभीत हो गए थे, तुझी पर आ पड़ेंगे। यह मनुष्यों की हत्या और उस उपद्रव के कारण होगा, जो इस देश और राजधानी और इसके सब रहने वालों पर किया गया है।
Hab 2:18 खुदी हुई मूरत में क्या लाभ देखकर बनाने वाले ने उसे खोदा है? फिर झूठ सिखाने वाली और ढली हुई मूरत में क्या लाभ देखकर ढालने वाले ने उस पर इतना भरोसा रखा है कि न बोलने वाली और निकम्मी मूरत बनाए?
Hab 2:19 हाय उस पर जो काठ से कहता है, जाग; वा अबोल पत्थर से, उठ! क्या वह सिखाएगा? देखो, वह सोने चान्दी में मढ़ा हुआ है, परन्तु उस में आत्मा नहीं है।
Hab 2:20 परन्तु यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा ३-५
  • लूका २०:१-२६

मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

शांत हो जाओ

कुछ लोग शांत वातावरण सहन नहीं कर सकते - सुबह उठते ही वे रेडियो चालु कर देते हैं; यदि वे टी.वी. नहीं देख रहे होते तो घर में ऊंची आवाज़ में संगीत बज रहा होता है। परन्तु वे कभी प्रकृति के शांत मधुर संगीत का आनन्द नहीं उठाते। उन्हें परमेश्वर की शांत और धीमी आवाज़ सुनाई नहीं देती।

इस शोर भरे संसार में एकांत में बिताए शांत समय की आशीशों का उल्लेख भजन ४६ में मिलता है। भजनकार भजन का आरंभ सामर्थ से बाहर विनाशकारी शक्तियों का सामना करते हुए भी परमेश्वर मे अटल विश्वास से करता है; वो पृथ्वी के उलट-पुलट होने, गरजते समुद्र की विशाल उफनती लहरों, पहाड़ों के डोलने और कांप कर समुद्र में गिर जाने के बारे में लिखता है। फिर वह शांत नदी के प्रवाह की बात करता है जो जीवनदाई जल लेकर आती है। इसके बाद भजनकार वर्णन करता है परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह करने वाली उग्र सांसारिक शक्तियों का जिनका विनाश होता है। तब लेखक परमेश्वर की महान विजय का चित्रण करके परमेश्वर का सन्देश कहता है, "चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं।" पूरा भजन शांत होकर अशांत संसार की उथल-पुथल में भी परमेश्वर के कार्य को होता हुए देखने का आहावन है - परमेश्वर किसी परिस्थिति से हारता नहीं, उसका कार्य निरंतर होता रहता है।

हम परमेश्वर की आवाज़ प्रकृति की मधुर तथा सौम्य आवाज़ में और उसके वचन में दिये गई प्रतिज्ञाओं में सुनते हैं। वह चाहता है कि हम जाने कि वो उपस्थित है और सब कुछ उसके नियंत्रण में है। लेकिन उसकी आवाज़ कोलाहल में नहीं सुनाई देती; उसकी आवाज़ सुनने के लिए हमें बाहर से ही नहीं, अन्दर से भी शांत होना होगा। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


परमेश्वर की शांत और धीमी आवाज़ वे ही सुन सकते हैं जो शांत होकर उसकी सुनने के लिए समय देते हैं।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। - भजन ४६:१०


बाइबल पाठ: भजन ४६

Psa 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।
Psa 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
Psa 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।
Psa 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
Psa 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
Psa 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।
Psa 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psa 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उस ने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है।
Psa 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है, वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है!
Psa 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!
Psa 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है, याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल:
  • २ शमूएल २३-२४
  • लूका १९:१-२७