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मंगलवार, 3 मार्च 2020

मूल्यवान



      उसका नाम डेविड था, परन्तु अधिकाँश लोग उसे “बाजा बजाने वाला” ही बुलाते थे। डेविड एक वृद्ध, बिखरे बालों, और बिना संवरे रहने वाला व्यक्ति था, जो सड़क के किनारे खड़ा हुआ आने-जाने वालों का अपने वायलिन बजाने के असाधारण कौशल द्वारा मनोरंजन करता रहता था, और यदि सुनने वालों में से कोई, कभी-कभी उसके वायलिन के खुले हुए डिब्बे में कुछ पैसे डाला देता था; तब डेविड मुस्कुरा कर उसकी ओर देखता धन्यवाद के लिए अपना सिर झुकाता और वायलिन बजाता रहता।

      हाल ही में डेविड का देहांत हो गया, और स्थानीय अखबार में उसके निधन की सूचना छपी, जिसमें उसके बारे में कुछ बताया गया। लोगों को पढ़कर अचंभा हुआ कि वह एक प्रसिद्द विश्वविद्यालय का स्नातक था, कई भाषाएँ बोल लेता था, और कई वर्ष पहले उसने अपने क्षेत्र से राज्यसभा के लिए चुनाव भी लड़ा था। लोग चकित थे कि केवल उसके बाहरी स्वरूप पर ही वे उसका आंकलन करते रहे थे, उन्होंने उसके स्वरूप के कारण उसे कोई विशेष मूल्य नहीं दिया।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि, “परमेश्वर ने मनुष्य को अपने ही स्वरूप में बनाया है” (उत्पत्ति 1:27)। यह हम सभी के अन्दर विद्यमान एक निहित मूल्य का सूचक है, चाहे हमारा बाहरी स्वरूप कैसा भी हो, हमारी उपलब्धियां या हमारे बारे में लोगों के विचार जो भी हों। परमेश्वर के लिए हम इतने मूल्यवान हैं की उसने अपने एकलौते पुत्र को हमारे लिए बलिदान होने, हमारे उद्धार का मार्ग तैयार करने और हमारे उसके साथ अनन्त जीवन बिताने का माध्यम बनने के लिए भेजा। जब हमने अपने पापों से परमेश्वर की ओर मुड़ने का निर्णय लेते हैं, तब वह हमें इसी मूल्य के अंतर्गत स्वीकार करता है।

      परमेश्वर हमसे प्रेम करता है, और हमारे चारों ओर ऐसे अनेकों लोग हैं जो परमेश्वर के लिए मूल्यवान हैं। हम परमेश्वर द्वारा मनुष्यों को मूल्यवान समझने का आदर करें, और उसके प्रेम, क्षमा और उद्धार के सन्देश को उन्हें बाँटें। - जेम्स बैंक्स

परमेश्वर का प्रेम बांटे जाने के लिए है।

हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए। - 1 यूहन्ना 4:11

बाइबल पाठ: यूहन्ना 3:14-21
John 3:14 और जिस रीति से मूसा ने जंगल में सांप को ऊंचे पर चढ़ाया, उसी रीति से अवश्य है कि मनुष्य का पुत्र भी ऊंचे पर चढ़ाया जाए।
John 3:15 ताकि जो कोई विश्वास करे उस में अनन्त जीवन पाए।
John 3:16 क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।
John 3:17 परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।
John 3:18 जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहर चुका; इसलिये कि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया।
John 3:19 और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे।
John 3:20 क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए।
John 3:21 परन्तु जो सच्चाई पर चलता है वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 28-30
  • मरकुस 8:22-38



मंगलवार, 10 मार्च 2015

भेंट


   बात उस समय की है जब मैं एक छोटे से चर्च का पास्टर था; हम अचानक ही एक बड़े संकट में आ गए। हमें उस चर्च भवन को, लागू स्थानीय भवन सुरक्षा मानकों के अनुरूप करने के लिए भवन के नवीनिकरण की आज्ञा मिली, जिसे एक निर्धारित समय सीमा में किया जाना था, अन्यथा वह भवन हम से ले लिया जाता और हमारे पास आराधना के लिए कोई स्थान नहीं रह जाता। इस बड़े कार्य के लिए पर्याप्त धन हमारे पास नहीं था इसलिए चर्च के लोगों से भेंट और दान द्वारा आवश्यक धन को एकत्रित करने के लिए आहवाहन होने लगे। जो भेंट और दान आए उन में से एक ने हमारे चर्च के नेतृत्व करने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

   एक व्रुद्ध महिला ने इस विशेष कार्य के लिए कई सौ डॉलर दान किए, और हम सब जानते थे कि इतना पैसा देना उसकी क्षमता के बाहर था। वास्तव में वो महिला इस पैसे को कई वर्षों से थोड़ा थोड़ा कर के जमा कर रही थी क्योंकि उसे घर के लिए एक अच्छा स्टोव खरीदना था, जबकि अभी तक वह एक छोटी सी हॉट-प्लेट पर ही खाना बनाने का कार्य कर रही थी। हम सब ने उस दान के लिए उसका बहुत धन्यवाद किया और वह पैसा उसे लौटाना चाहा, यह मानते हुए कि उसकी अपनी आवश्यकताएं चर्च की आवश्यकताओं से बढ़कर थीं। लेकिन उस ने पैसा वापस लेने से इन्कार कर दिया क्योंकि उसका मानना था कि चर्च की आवश्यकताएं उसके घर की आवश्यक्ताओं से अधिक महत्वपूर्ण थीं और उसके लिए स्टोव की बजाए यह अधिक आवश्यक था कि उसके परिवार के पास परमेश्वर की आराधना करने के लिए एक स्थान हो। हम सब उसके द्वारा अपनी सीमा से परे दी गई भेंट से स्तब्ध रह गए।

   जब प्रभु यीशु ने एक विधवा को मन्दिर की दान पेटी में दो दमड़ी, जो उस समय का सबसे छोटा सिक्का था, डालते देखा तो प्रभु ने भी उसकी दानवीरता के लिए उस विधवा की प्रशंसा करी (लूका 21:3-4)। क्यों? जितना उस ने दिया था उसके लिए नहीं, वरन इसलिए क्योंकि उसने जो कुछ उसके पास था, वह सब दे दिया था। इस तरह की भेंट देना ना केवल परमेश्वर को आदर देता है, वरन हमें परमेश्वर द्वारा सारे संसार के उद्धार तथा पापों की क्षमा के लिए दी गई उसकी सब से मूल्यवान भेंट - प्रभु यीशु मसीह की भी याद दिलाता है।

   परमेश्वर ने हमारे लिए अपना सर्वोत्तम न्योछावर कर दिया; उसकी इस भेंट का आदर करें और परमेश्वर के समान परमेश्वर के कार्य के लिए अपना सर्वोत्त्म भेंट में देना भी सीखें। - बिल क्राउडर


मन की कृतज्ञता एक उदार आत्मा द्वारा भी प्रदर्शित की जाती है।

परन्तु बात तो यह है, कि जो थोड़ा बोता है वह थोड़ा काटेगा भी; और जो बहुत बोता है, वह बहुत काटेगा। हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे न कुढ़ कुढ़ के, और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देने वाले से प्रेम रखता है। - 2 कुरिन्थियों 9:6-7

बाइबल पाठ: लूका 21:1-4
Luke 21:1 फिर उसने आंख उठा कर धनवानों को अपना अपना दान भण्‍डार में डालते देखा। 
Luke 21:2 और उसने एक कंगाल विधवा को भी उस में दो दमडिय़ां डालते देखा। 
Luke 21:3 तब उसने कहा; मैं तुम से सच कहता हूं कि इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़कर डाला है। 
Luke 21:4 क्योंकि उन सब ने अपनी अपनी बढ़ती में से दान में कुछ डाला है, परन्तु इस ने अपनी घटी में से अपनी सारी जीविका डाल दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 11-13
  • मरकुस 12:1-27