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मंगलवार, 19 मार्च 2013

पहन लो


   जब बचपन में मैंने अमेरिकन फुटबॉल खेलना आरंभ किया था तो एक बात जिसके आदी होने में कुछ समय लगा वह थी उस खेल से संबंधित वेश-भूषा। सिर पर हेल्मेट, कंधों और छाती पर मोटी गद्दीयाँ और अन्य सुरक्षात्मक वस्तुएं पहन कर खेल के मैदान में दौड़ना अटपटा लगता था किंतु कुछ समय बीतने पर यह सब एक अच्छे मित्र के समान लगने लगा जो मेरी सुरक्षा के लिए साथ रहता हो। जब इस खेल का खिलाड़ी यह सब वस्तुएं पहनता है तो वह जानता है कि यह खतरनाक प्रतिद्वन्दीयों से उसकी रक्षा के लिए और उसकी अपनी भलाई के लिए हैं।

   मसीह यीशु के अनुयायी होने के कारण हमारा भी एक बहुत खतरनाक प्रतिद्वन्दी है - शैतान, जो सदा हमें गिराने और हानि पहूँचाने के प्रयासों में लगा रहता है। इसीलिए प्रभु यीशु ने हमारी सुरक्षा के लिए कुछ वस्तुएं दीं हैं जिन्हें हमें पहने रहना है, जिससे उस आत्मिक युद्ध में जिसमें हर मसीही विश्वासी रहता है, हम सुरक्षित रहें: "इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा कर के स्थिर रह सको" (इफीसियों 6:13)।

   परमेश्वर ने हमारी सुरक्षा के लिए हमें टोप, झिलम, ढाल, तलवार, कमरबन्द और जूते सभी दीए हैं। लेकिन ये सब हमारी सुरक्षा तभी कर सकेंगे जब हम इन्हें पहने कर रखेंगे - चाहे यह हमें आरामदायक ना भी लगें, तौभी इन सभी को पहने रहना हमारी सुरक्षा के लिए आवश्यक है। हमारा परमेश्वर के वचन के अध्ययन में विश्वासयोग्य, प्रार्थना में संलग्न, मसीही जीवन की गवाही में तत्पर होना ही हमारे इस सुरक्षा कवच को हमारा अभिन्न अंग बनाएगा।

   परमेश्वर के लिए कार्यकारी होना है तो परमेश्वर के हथियार और कवच को पहन लो। - बिल क्राउडर


परमेश्वर के हथियार और कवच आपके लिए ही बनाए गए हैं, लेकिन उन्हें पहिने रहना आपका दायित्व है।

निदान, प्रभु में और उस की शक्ति के प्रभाव में बलवन्‍त बनो। - इफिसीयों 6:10

बाइबल पाठ: इफिसीयों 6:11-19
Ephesians 6:11 परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो; कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको।
Ephesians 6:12 क्योंकि हमारा यह मल्लयुद्ध, लोहू और मांस से नहीं, परन्तु प्रधानों से और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्धकार के हाकिमों से, और उस दुष्‍टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं।
Ephesians 6:13 इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा कर के स्थिर रह सको।
Ephesians 6:14 सो सत्य से अपनी कमर कसकर, और धार्मीकता की झिलम पहिन कर।
Ephesians 6:15 और पांवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहिन कर।
Ephesians 6:16 और उन सब के साथ विश्वास की ढाल ले कर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्‍ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको।
Ephesians 6:17 और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो।
Ephesians 6:18 और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
Ephesians 6:19 और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 1-3 
  • मरकुस 16

सोमवार, 18 मार्च 2013

रोष


   मेरा एक मित्र है जिसने अपने परिचय कार्ड पर विख्यात मूर्तीकार रोडिन द्वारा बनाई मूर्ति The Thinker (विचारक) का चित्र बनवा रखा है और उसके नीचे लिखवाया है "जीवन निष्पक्ष नहीं है"।

   यह सच है, जीवन सचमुच में निष्पक्ष नहीं है, और यदि कोई सिद्धांत जीवन के निष्पक्ष होने पर अड़ा रहता है तो वह सिद्धांत भ्रामिक है, असत्य है।

   जीवन के निष्पक्ष ना होने के कारण जो अति-महत्वपुर्ण बात सामने आती है, वह है जीवन की बातों और उतार-चढ़ाव के प्रति हमारा रवैया और प्रतिक्रीया। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार दाऊद ने भजन 37 में कहा कि वह बदला नहीं लेगा वरन धैर्य से परमेश्वर के न्याय और समय की प्रतीक्षा करेगा "क्योंकि कुकर्मी लोग काट डाले जाएंगे; और जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वही पृथ्वी के अधिकारी होंगे" (भजन 37:9)।

   हमारा प्रतिशोध तो बदले की भावना और चोट पहुँचाने के उद्देश्य से प्रेरित हो सकता है, लेकिन परमेश्वर का क्रोध उसकी करुणा की सीमाओं के अन्दर और किसी बदले की भावना से बाहर होता है। उसके क्रोध का उद्देश्य भलाई होता है, तथा माध्यम और विधि विरोधियों को पश्चाताप और विश्वास में लाने के लिए होते हैं। इसीलिए हमें अपना पलटा आप नहीं लेना है: "हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो" (रोमियों 12:19, 21)।

   इस बात को जीवन में सार्थक होने के लिए यह भाव हृदय में होना चाहिए, जहाँ से जीवन की बातों का उद्गम है: "सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है" (नीतिवचन 4:23)। यह हमारा कर्तव्य है कि हम रोष से बचें, क्रोध ना करें और धैर्य के साथ परमेश्वर के न्याय की प्रतीक्षा करें। - डेविड रोपर


बदला ना लेना विजयी होना है।

अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा। - भजन 37:5

बाइबल पाठ: भजन 37:7-11
Psalms 37:7 यहोवा के साम्हने चुपचाप रह, और धीरज से उसका आसरा रख; उस मनुष्य के कारण न कुढ़, जिसके काम सफल होते हैं, और वह बुरी युक्तियों को निकालता है!
Psalms 37:8 क्रोध से परे रह, और जलजलाहट को छोड़ दे! मत कुढ़, उस से बुराई ही निकलेगी।
Psalms 37:9 क्योंकि कुकर्मी लोग काट डाले जाएंगे; और जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वही पृथ्वी के अधिकारी होंगे।
Psalms 37:10 थोड़े दिन के बीतने पर दुष्ट रहेगा ही नहीं; और तू उसके स्थान को भलीं भांति देखने पर भी उसको न पाएगा।
Psalms 37:11 परन्तु नम्र लोग पृथ्वी के अधिकारी होंगे, और बड़ी शान्ति के कारण आनन्द मनाएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34 
  • मरकुस 15:26-47

रविवार, 17 मार्च 2013

उपलब्ध


   "क्या आप मेरी बहन के लिए प्रार्थना करेंगे?" उस हृष्ट-पुष्ट और कद्दावर कर्मी ने हिचकिचाते हुए मुझसे प्रश्न किया, और मैंने बड़े ग़ौर से उसकी ओर शक भरी नज़रों से देखा।

   कुछ महीने पहले की बात है, जिस फैकट्री में मैं कार्य करता हूँ, वहाँ कर्मीयों द्वारा हड़ताल की संभावना बढ़ती जा रही थी। गर्मी के मौसम की परेशानियों ने लोगों के स्वभाव को चिड़-चिड़ा बना रखा था। फैकट्री के प्रबन्धक कार्य तथा उत्पादन को तेज़ी से बढ़ाने पर ज़ोर दे रहे थे तो मज़दूर संघ के नेता इसका विरोध कर रहे थे। काम के समय के अवकाशों में उन नेताओं द्वारा हमें कहा जाता कि उत्पादन को कम ही रखें। मैं अपने मसीही विश्वास तथा आदर्शवादिता में होकर अधिक से अधिक परिश्रम करना परमेश्वर की ओर से अपना दायित्व समझता था, और मैंने यह बात अपने सहकर्मीयों और मज़दुर संघ के नेताओं को समझाने का व्यर्थ प्रयत्न भी किया। मेरी इस विचारधारा और प्रयास के कारण मुझे अपने सहकर्मियों से घोर विरोध एवं परेशानियों का सामना करना पड़ा; और यह कर्मी जो अब मेरे पास प्रार्थना की विनती लेकर आया था, उन तंग करने वालों में प्रमुख हुआ करता था।

   इसलिए उसकी इस प्रार्थना की विनती पर मुझे एकाएक विश्वास नहीं हुआ, मुझे लगा जैसे मेरे उपहास के लिए यह उसका कोई नया प्रयास है। मैंने उस से पूछा, "मैं क्यों?" उसके उत्तर ने मुझे झकझोर दिया, उसने रुंधे गले से कहा "क्योंकि उसे कैंसर है और मुझे कोई ऐसा व्यक्ति प्रार्थना के लिए चाहिए जिसकी परमेश्वर सुनता हो।" हमारे बीच की कड़ुवाहट जाती रही, और मैंने उसकी बहन के लिए प्रार्थना करी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के लूका ७ अध्याय में एक सूबेदार का उल्लेख है जिसने प्रभु यीशु के पास सहायता के लिए कुछ प्रमुख लोगों को भेजा। जब लोग परेशानी में होते हैं तो ना वे अपना समय और ना ही अपने शब्द व्यर्थ करते हैं; वे निवारण के लिए तुरंत उस व्यक्ति के पास जाते हैं जिसके विश्वास को उन्होंने सार्थक और खरा पाया हो।

   प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से कहा "तुम पृथ्वी के नमक हो"; "तुम जगत की ज्योति हो" (मत्ती 5:13, 14) - थोडा सा नमक भोजन का स्वाद बढ़ा देता है; ज्योति चाहे हल्की ही हो किंतु अन्धकार में सांत्वना देती है, मनों को शांत रखती है। पाप से बिगड़े हुए और अन्धकार में पड़े संसार में हम मसीही विश्वासी प्रभु यीशु की ओर से ठहराए हुए वे लोग हैं जो बिगड़ों को संवारने और परेशानों को शांति तथा सांत्वना देने वाले हों, उनकी सहायता के लिए तत्पर और उपलब्ध हों। हमारे विश्वास और मसीही जीवन को देखकर वे प्रभु यीशु की ओर आकर्षित हों।

   क्या आप के आस-पास के लोग आपको ऐसे मसीही विश्वासी के रूप में जानते हैं जो उनकी परेशानियों में उनकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं? क्या आप अपने स्थान पर संसार के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु द्वारा दी गई ’नमक’ और ’ज्योति’ होने की ज़िम्मेदारी को निभा रहे हैं? - रैंडी किलगोर


जब कोई प्रीय जन जोखिम में हो तो कठोर मन वाले को भी सहायता चाहिए होती है।

उसने यीशु की चर्चा सुनकर यहूदियों के कई पुरनियों को उस से यह बिनती करने को उसके पास भेजा, कि आकर मेरे दास को चंगा कर। - लूका 7:3

बाइबल पाठ: लूका 7:1-10
Luke 7:1 जब वह लोगों को अपनी सारी बातें सुना चुका, तो कफरनहूम में आया।
Luke 7:2 और किसी सूबेदार का एक दास जो उसका प्रिय था, बीमारी से मरने पर था।
Luke 7:3 उसने यीशु की चर्चा सुनकर यहूदियों के कई पुरनियों को उस से यह बिनती करने को उसके पास भेजा, कि आकर मेरे दास को चंगा कर।
Luke 7:4 वे यीशु के पास आकर उस से बड़ी बिनती कर के कहने लगे, कि वह इस योग्य है, कि तू उसके लिये यह करे।
Luke 7:5 क्योंकि वह हमारी जाति से प्रेम रखता है, और उसी ने हमारे आराधनालय को बनाया है।
Luke 7:6 यीशु उन के साथ साथ चला, पर जब वह घर से दूर न था, तो सूबेदार ने उसके पास कई मित्रों के द्वारा कहला भेजा, कि हे प्रभु दुख न उठा, क्योंकि मैं इस योग्य नहीं, कि तू मेरी छत के तले आए।
Luke 7:7 इसी कारण मैं ने अपने आप को इस योग्य भी न समझा, कि तेरे पास आऊं, पर वचन ही कह दे तो मेरा सेवक चंगा हो जाएगा।
Luke 7:8 मैं भी पराधीन मनुष्य हूं; और सिपाही मेरे हाथ में हैं, और जब एक को कहता हूं, जा, तो वह जाता है, और दूसरे से कहता हूं कि आ, तो आता है; और अपने किसी दास को कि यह कर, तो वह उसे करता है।
Luke 7:9 यह सुनकर यीशु ने अचम्भा किया, और उसने मुंह फेरकर उस भीड़ से जो उसके पीछे आ रही थी कहा, मैं तुम से कहता हूं, कि मैं ने इस्राएल में भी ऐसा विश्वास नहीं पाया।
Luke 7:10 और भेजे हुए लोगों ने घर लौटकर, उस दास को चंगा पाया।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 30-31 
  • मरकुस 15:1-25