ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

दुसरा आगमन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
दुसरा आगमन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 20 सितंबर 2013

तैयार?

   सन 2008 की पतझड़ ऋतु के समय से आरंभ होने वाली गंभीर विश्वव्यापि आर्थिक मन्दी से सब अवगत हैं; यह मन्दी सन 1929 की भीष्ण मन्दी के बाद की सर्वाधिक गंभीर मन्दी है, और इसका दुषप्रभाव अभी तक विश्व की अर्थ व्यवस्था पर बना हुआ है, विश्व के किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था इससे अछूती नहीं रही और ना ही अभी तक पूरी रीति से उभरने पाई है। जैसे पहले की मन्दी के लिए सत्य था वैसे ही इस मन्दी के लिए भी सत्य है - इस मन्दी के लिए भी लोग तैयार नहीं थे और इसके आने से बहुत से लोगों की नौकरियाँ जाती रहीं, उनके पूँजीनिवेश समाप्त हो गए और घर उजड़ गए। इस मन्दी के आने के लगभग एक वर्ष बाद बी.बी.सी. को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिका मुद्रा संघ के भूतपूर्व अध्यक्ष एलेन स्पैन ने जताया कि सामन्यतः कोई व्यक्ति यह विश्वास नहीं रखता कि ऐसा समय फिर से आएगा; यह मानव प्रवृति है कि लंबी समृद्धि के समय में वे यह मान बैठते हैं कि समृद्धि का यह दौर कभी समाप्त नहीं होगा, सदा ऐसे ही चलता रहेगा।

   यह मान लेना कि जैसे चल रहा है वैसे ही सदा चलता रहेगा केवल 21वीं शताब्दी की सोच नहीं है। यही प्रवृति प्रथम शताब्दी में भी पाई जाती थी। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने अपनी दूसरी पत्री में उन लोगों के विषय में लिखा जो यह मान कर चल रहे थे कि जैसे चल रहा है, जीवन वैसे ही चलता रहेगा और प्रभु यीशु मसीह दोबारा वापस नहीं आएंगे। यह मानने वालों का कहना था कि "...उसके आने की प्रतिज्ञा कहां गई? क्योंकि जब से बाप-दादे सो गए हैं, सब कुछ वैसा ही है, जैसा सृष्‍टि के आरम्भ से था?" (2 पतरस 3:4)।

   प्रभु यीशु का यह वायदा है कि वह अपने विश्वासियों को अपने साथ ले जाने के लिए जगत के अन्त और न्याय के समय से ठीक पहले आएगा, लेकिन लोग उसकी बात पर विश्वास करने की बजाए, अविश्वास करके उसकी अवज्ञा में जीवन बिताना अधिक पसन्द करते हैं, यह मानते हुए कि वह कभी नहीं आएगा। लेकिन प्रभु यीशु के दोबारा आने में प्रतीत होने वाला विलंब केवल इस लिए है क्योंकि परमेश्वर प्रत्येक जन को अवसर देना चाहता है कि वे समय समाप्त हो जाने से पहले विश्वास और पश्चाताप कर लें क्योंकि परमेश्वर सब से प्रेम रखता है और "प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले" (2 पतरस 3:9)।

   प्रेरित पौलुस ने भी प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के प्रति लोगों, विशेषकर मसीही विश्वासियों को, सचेत रहने के लिए चिताते हुए लिखा कि वे मसीह यीशु के आगमन के लिए अपने आप को तैयार रखते हुए "...अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेर कर इस युग में संयम और धर्म और भक्ति से जीवन बिताएं" (तीतुस 2:12)। प्रभु यीशु मसीह ने जगत के अन्त और अपने दूसरे आगमन के चिन्ह अपने चेलों को दिए थे, और वे सब हमारे सामने पूरे होते चले जा रहे हैं। जगत का अन्त और न्याय तथा प्रभु यीशु का पुनःआगमन अवश्यंभावी है। क्या आप उस दिन, प्रभु यीशु के आगमन तथा होने वाले न्याय के लिए तैयार हैं? - सी.पी. हिया


प्रभु यीशु कभी भी आ सकता है; हमें सदा उसके पुनःआगमन के लिए तैयार रहना चाहिए।

वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें। - 1 तिमुथियुस 2:4 

बाइबल पाठ: 2 पतरस 3:1-13
2 Peter 3:1 हे प्रियो, अब मैं तुम्हें यह दूसरी पत्री लिखता हूं, और दोनों में सुधि दिला कर तुम्हारे शुद्ध मन को उभारता हूं।
2 Peter 3:2 कि तुम उन बातों को, जो पवित्र भविश्यद्वक्ताओं ने पहिले से कही हैं और प्रभु, और उद्धारकर्ता की उस आज्ञा को स्मरण करो, जो तुम्हारे प्रेरितों के द्वारा दी गई थी।
2 Peter 3:3 और यह पहिले जान लो, कि अन्‍तिम दिनों में हंसी ठट्ठा करने वाले आएंगे, जो अपनी ही अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे।
2 Peter 3:4 और कहेंगे, उसके आने की प्रतिज्ञा कहां गई? क्योंकि जब से बाप-दादे सो गए हैं, सब कुछ वैसा ही है, जैसा सृष्‍टि के आरम्भ से था?
2 Peter 3:5 वे तो जान बूझ कर यह भूल गए, कि परमेश्वर के वचन के द्वारा से आकाश प्राचीन काल से वर्तमान है और पृथ्वी भी जल में से बनी और जल में स्थिर है।
2 Peter 3:6 इन्‍हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया।
2 Peter 3:7 पर वर्तमान काल के आकाश और पृथ्वी उसी वचन के द्वारा इसलिये रखे हैं, कि जलाए जाएं; और वह भक्तिहीन मनुष्यों के न्याय और नाश होने के दिन तक ऐसे ही रखे रहेंगे।
2 Peter 3:8 हे प्रियों, यह एक बात तुम से छिपी न रहे, कि प्रभु के यहां एक दिन हजार वर्ष के बराबर है, और हजार वर्ष एक दिन के बराबर हैं।
2 Peter 3:9 प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले।
2 Peter 3:10 परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त हो कर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे।
2 Peter 3:11 तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए।
2 Peter 3:12 और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्‍न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्‍त हो कर गल जाएंगे।
2 Peter 3:13 पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6 
  • 2 कुरिन्थियों 12


गुरुवार, 5 जनवरी 2012

थामे रहो

   अमेरिका के गृह युद्ध के समय केन्सौ पहाड़ पर स्थित एक दुर्ग सेना के रसद और खाद्य सामग्री का स्थान था। सेना के एक जनरल ने एक टुकड़ी को उस दुर्ग की रखवाली का ज़िम्मा सौंपा और युद्ध के लिए आगे बढ़ गया। विरोधी सेनाओं ने उस दुर्ग पर धावा बोला और दुर्ग हथियाने के लिए भीषण युद्ध हुआ। दुर्ग में तैनात सुरक्षा टुकड़ी के एक तिहाई सैनिक या तो मारे गए अथवा बुरी तरह से घायल हो गए; उन घायलों में दुर्ग की रक्षा टुकड़ी का सेनापति भी था। वह सेनापति अब शत्रु सेना को समर्पण करने के बारे में सोचने लगा; वह शत्रु सेनापति को समर्पण का सन्देश भेजने पर ही था कि उसे अपनी सेना के जनरल की ओर से, जो वापस दुर्घ की ओर लौट रहा था और उन से लगभग १५ मील की दूरी पर ही था, सन्देश मिला, "थामे रहो; हम आ रहे हैं।" इन चन्द शब्दों ने दुर्ग के सैनिकों का मनोबल बहुत बढ़ा दिया और वे दुर्ग की रक्षा में जुटे रहे और अपने जनरल के वापस आने तक उसे दुश्मनों के हाथों में पड़ने से बचाए रखा।

   हमारे स्वर्गीय सेनापति ने भी हमें यह आशवासन भेजा है कि वह आ रहा है। प्रभु यीशु ने कहा, "तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्‍योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आ कर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो" (यूहन्ना १४:१-३)। हमारे प्रभु के वापस आने का वायदा हमें आशा देता है; उस के लौटने का तथ्य हमें विश्वास के अपने युद्ध में डटे रहने और लड़ते रहने के लिए उत्साहित करता है और हमें अपने इस युद्ध में अन्ततः विजयी होने का दृढ़ आशवासन देता है।

   शैतान और संसार की ताकतों के विरुद्ध हमारा विश्वास का यह युद्ध कितना भी भीषण और कठिनाईयों से भरा क्यों न हो, हमें जूझते रहना है क्योंकि मसीह विरोधी ताकतों के आगे समर्पण कर देना हमारे लिए विकल्प है ही नहीं, क्योंकि शैतान और उसकी ताकतों पर जयवन्त हमारा सेनापति आने वाला है - शायद आज ही, शायद अभी। - रिचर्ड डी हॉन

जब विश्वासयोग्य बने रहना सबसे कठिन होता है, तब उस का प्रतिफल सबसे अधिक लाभकारी भी होता है।

तू ने मेरे धीरज के वचन को थामा है, इसलिये मैं भी तुझे परीक्षा के उस समय बचा रखूंगा, जो पृथ्वी पर रहने वालों के परखने के लिये सारे संसार पर आने वाला है। मैं शीघ्र ही आने वाला हूं; जो कुछ तेरे पास है, उस थामें रह, कि कोई तेरा मुकुट छीन न ले। - प्रकाशितवाक्य ३:१०, ११

बाइबल पाठ: १ थिस्सुलुनिकीयों ४:१६-५:११
1Th 4:16  क्‍योंकि प्रभु आप ही स्‍वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्‍द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे।
1Th 4:17  तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिए जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।
1Th 4:18  सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो।
1Th 5:1  पर हे भाइयो, इसका प्रयोजन नहीं, कि समयों और कालों के विषय में तुम्हारे पास कुछ लिखा जाए।
1Th 5:2  क्‍योंकि तुम आप ठीक जानते हो कि जैसा रात को चोर आता है, वैसा ही प्रभु का दिन आने वाला है।
1Th 5:3  जब लोग कहते होंगे, कि कुशल है, और कुछ भय नहीं, तो उन पर एकाएक विनाश आ पड़ेगा, जिस प्रकार गर्भवती पर पीड़ा; और वे किसी रीति से ना बचेंगे।
1Th 5:4  पर हे भाइयों, तुम तो अन्‍धकार में नहीं हो, कि वह दिन तुम पर चोर की नाई आ पड़े।
1Th 5:5  क्‍योंकि तुम सब ज्योति की सन्‍तान, और दिन की सन्‍तान हो, हम न रात के हैं, न अन्‍धकार के हैं।
1Th 5:6  इसलिये हम औरों की नाई सोते न रहें, पर जागते और सावधान रहें।
1Th 5:7  क्‍योंकि जो सोते हैं, वे रात ही को सोते हैं, और जो मतवाले होते हैं, वे रात ही को मतवाले होते हैं।
1Th 5:8  पर हम तो दिन के हैं, विश्वास और प्रेम की झिलम पहिन कर और उद्धार का टोप पहिन कर सावधान रहें।
1Th 5:9  क्‍योंकि परमेश्वर ने हमें क्रोध के लिये नहीं, परन्‍तु इसलिये ठहराया कि हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा उद्धार प्राप्‍त करें।
1Th 5:10  वह हमारे लिये इस कारण मरा, कि हम चाहे जागते हों, चाहे सोते हों: सब मिल कर उसी के साथ जीएं।
1Th 5:11  इस कारण एक दूसरे को शान्‍ति दो, और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो, निदान, तुम ऐसा करते भी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति १३-१५ 
  • मत्ती ५:१-२६

मंगलवार, 27 दिसंबर 2011

नियंत्रण

   सन १८५४ में रूसी कवि और राजनितिज्ञ ने उस समय के संसार की स्थिति के अपने भयावह आँकलन के बारे में अपनी पत्नि को एक पत्र में लिखा, "अब जो बात विसमित करती है - और इसके बारे में मेरा निश्चय दृढ़ होता जा रहा है तथा सामन्य लोगों को भी प्रतीत हो रहा है, कि उन सारे खतरों के विषय में जिनका हमें सामना करना पड़ता है, लोगों की विचारधारा ऐसी होती जा रही है जिसमें स्वयं उन्हें परिस्थिति की समझ नहीं रही है। यह ऐसा है मानो हम एक लगातार और भी अधिक ढलुआँ होती जा रही ढाल पर भागती हुई बघ्घी में बैठे हों और अचानक पता चले कि बघ्घी को नियंत्रित करने वाला कोचवान है ही नहीं।"

   ऐसा प्रतीत होत है कि यह संसार एक अनियंत्रित गाड़ी के समान है जो अन्धेरी रात में अपने विनाश की ओर बढ़ती जा रही है, और कोई उसे रोकने या नियंत्रित करने वाला नहीं है। संसार में हर जगह बढ़ते हुए आपसी मतभेद, जातीय तनाव, धर्म के नाम पर झगड़े-फसाद, नई और ला-इलाज बीमारियाँ, स्थान स्थान पर होने वाले युद्ध और अशांति यह सोचने को बाध्य करते हैं कि संसार नियंत्रण से बाहर हो कर विनाश की कगार पर डगमगा रहा है।

   परन्तु मसीही विश्वासी संसार की दशा के इस भयावह दृश्य को अलग परिपेक्ष में देख सकते हैं। हम मसीही विश्वासी जानते हैं कि यद्यपि शैतान को वर्तमान संसार का शासक कहा जाता है, तौ भी अन्तिम नियंत्रण परमेश्वर के हाथों में है। हमें परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता यशायाह द्वारा दीए गए परमेश्वर के वायदे पर भरोसा है कि जो परमेश्वर ने कहा है वह पूरा हो कर रहेगा। परमेश्वर "अपनी इच्‍छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है" (इफीसियों १:११)। परमेश्वर की ओर से "यही युक्ति सारी पृथ्वी के लिये ठहराई गई है; और यह वही हाथ है जो सब जातियों पर बढ़ा हुआ है। क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसको टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है? (यशायाह १४:२६, २७)"

   इस सारी विनाशकारी उथल-पुथल के बीच हम मसीही विश्वासी आश्वस्त रह सकते हैं क्योंकि नियंत्रण अटल परमेश्वर के स्थिर हाथों में है। - डेव एग्नर

पृथ्वी बदलती है परन्तु परमेश्वर और हमारी आत्मा स्थिर और शाश्वत रहते हैं।

मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सफल भी करूंगा। - यशायाह ४६:११

बाइबल पाठ: यशायाह ४६:५-१३
Isa 46:5  मैं तुम्हें उठाए रहूंगा और छुड़ाता भी रहूंगा। तुम किस से मेरी उपमा दोगे और मुझे किस के समान बताओगे, किस से मेरा मिलान करोगे कि हम एक समान ठहरें?
Isa 46:6 जो थैली से सोना उण्डेलते वा कांटे में चान्दी तौलते हैं, जो सुनार को मजदुरी दे कर उस से देवता बनवाते हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन दण्डवत्‌ भी करते हैं!
Isa 46:7  वे उसको कन्धे पर उठा कर लिए फिरते हैं, वे उसे उस के स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।
Isa 46:8  हे अपराधियों, इस बात को स्मरण करो और ध्यान दो, इस पर फिर मन लगाओ।
Isa 46:9  प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है; क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है।
Isa 46:10  मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।
Isa 46:11  मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करने वाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सफल भी करूंगा।
Isa 46:12  हे कठोर मन वालों तुम जो धर्म से दूर हो, कान लगा कर मेरी सुनो।
Isa 46:13  मैं अपनी धामिर्कता को समीप ले आने पर हूं वह दूर नहीं है, और मेरे उद्धार करने में विलम्ब न होगा; मैं सिय्योन का उद्धार करूंगा और इस्राएल को महिमा दूंगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह १-४ 
  • प्रकाशितवाक्य १८