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रविवार, 27 जून 2021

क्षमा

 

          एक मसीही संस्था का ध्येय है कि वह क्षमा प्रदान करने से आने वाली मन की चंगाई का प्रसार करे। वे यह अनेकों तरीकों से  समझाने के प्रयास करते हैं, जिनमें से एक है एक लघु-नाटिका। इस नाटिका में दो व्यक्ति होते हैं, एक जिसके साथ बुरा हुआ, और दूसरा वह जिसने वह बुरा किया। बुरा करने वाले को उसकी पीठ से पीठ मिलाकर उसके साथ बाँध दिया जाता है,जिसके साथ बुरा हुआ; और केवल जिसके साथ बुरा हुआ है, वही क्षमा करने के द्वारा, उन बंधनों को खोल सकता है। अब जिसके साथ बुरा हुआ है, वह जहाँ भी जाए, जो भी करे, उसकी पीठ पर बुरा करने वाले के रूप में एक बोझ लदा हुआ है, और जब तक वह क्षमा नहीं करेगा, वह बोझ उस पर बंधा ही रहेगा। उस बोझ से मुक्त होने के लिए उसे क्षमा करने के द्वारा ही उन बंधनों को खोलना होगा।

          किसी ऐसे जन को क्षमा प्रदान करना जो हमारे पास अपने किए के लिए पश्चाताप के साथ आता है, हमारे तथा उसके जीवन में कडुवाहट और दुःख से मुक्ति पाकर शान्ति का जीवन जीने की प्रक्रिया को आरंभ करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में उत्पत्ति की पुस्तक में, हम दो भाइयों, याकूब और एसाव को देखते हैं। याकूब ने एसाव के जन्म-अधिकार की आशीषों को उससे ठग लिया था, और फिर उसके क्रोध से बचकर अपने मामा के घर भाग गया था। अब बीस वर्ष के बाद, परमेश्वर के कहने पर वह अपने घर वापस लौट रहा है (उत्पत्ति 31:3)। उसने परमेश्वर की आज्ञा तो मान ली, किन्तु उसे अपने किए का एहसास और भय बना हुआ था (32:13-15)। एसाव को जब मालूम चला कि याकूब घर वापस आ रहा है, तो वह भी एक बड़े दल के साथ उससे मिलने के लिए निकला। याकूब ने एसाव के संभावित क्रोध को शांत करने के प्रयास में, पशुओं के एक के बाद एक कई दल उपहार-स्वरूप उसके पास भेजे, और अन्ततः जब एसाव उसके सामने आया तो याकूब सात बार दण्डवत करता हुआ उसके पास आया (33:3)। याकूब के अचरज की कल्पना कीजिए, कि एसाव ने दौड़कर उसे गले लगाया, और दोनों इस मेल-मिलाप के पुनःस्थापित हो जाने से आनन्दित होकर रोने लगे (पद 4)। याकूब अब अपने भाई के प्रति किए गए पाप के बंधन से मुक्त हो गया था।

          क्या आप भी क्षमा न करने के बंधन से बंधे हुए, क्रोध, भय, या लज्जा की मजबूरी का जीवन जी रहे हैं? आप जान लीजिए कि परमेश्वर अपने पुत्र प्रभु यीशु के बलिदान और अपनी पवित्र-आत्मा के कार्य के द्वारा आपको उन बंधनों से मुक्त हो पाने की सामर्थ्य दे सकता है, यदि आप उसकी सहायता लेने को तैयार हों, और उससे ऐसा करने के लिए कहें; अपने पापों को स्वीकार करके, प्रभु यीशु से उनके लिए क्षमा मांगें और अपना जीवन उसे समर्पित कर दें।

          क्षमा प्राप्त होते ही आप बंधनों को खोलने और अपने आप को बोझों से मुक्त कर देने की प्रक्रिया को आरंभ कर देंगे। - एमी बाउचर पाई

 

प्रभु परमेश्वर, जैसे आपने मेरे पाप क्षमा किए हैं, 

मैं भी औरों के अपराध क्षमा करने वाला व्यक्ति बनूँ।


क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढाँपा गया हो। क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो। - भजन 32:1-2

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 33:1-11

उत्पत्ति 33:1 और याकूब ने आंखें उठा कर यह देखा, कि ऐसाव चार सौ पुरुष संग लिये हुए चला जाता है। तब उसने लड़के बालों को अलग अलग बांट कर लिआः, और राहेल, और दोनों दासियों को सौंप दिया।

उत्पत्ति 33:2 और उसने सब के आगे लड़कों समेत लौंडियों को उसके पीछे लड़कों समेत लिआः को, और सब के पीछे राहेल और यूसुफ को रखा,

उत्पत्ति 33:3 और आप उन सब के आगे बढ़ा, और सात बार भूमि पर गिर के दण्डवत की, और अपने भाई के पास पहुंचा।

उत्पत्ति 33:4 तब ऐसाव उस से भेंट करने को दौड़ा, और उसको हृदय से लगा कर, गले से लिपट कर चूमा: फिर वे दोनों रो पड़े।

उत्पत्ति 33:5 तब उसने आँखें उठा कर स्त्रियों और लड़के बालों को देखा; और पूछा, ये जो तेरे साथ हैं सो कौन हैं? उसने कहा, ये तेरे दास के लड़के हैं, जिन्हें परमेश्वर ने अनुग्रह कर के मुझ को दिया है।

उत्पत्ति 33:6 तब लड़कों समेत दासियों ने निकट आकर दण्डवत की।

उत्पत्ति 33:7 फिर लड़कों समेत लिआः निकट आई, और उन्होंने भी दण्डवत की: पीछे यूसुफ और राहेल ने भी निकट आकर दण्डवत की।

उत्पत्ति 33:8 तब उसने पूछा, तेरा यह बड़ा दल जो मुझ को मिला, उसका क्या प्रयोजन है? उसने कहा, यह कि मेरे प्रभु की अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर हो।

उत्पत्ति 33:9 ऐसाव ने कहा, हे मेरे भाई, मेरे पास तो बहुत है; जो कुछ तेरा है सो तेरा ही रहे।

उत्पत्ति 33:10 याकूब ने कहा, नहीं नहीं, यदि तेरा अनुग्रह मुझ पर हो, तो मेरी भेंट ग्रहण कर: क्योंकि मैं ने तेरा दर्शन पाकर, मानो परमेश्वर का दर्शन पाया है, और तू मुझ से प्रसन्न हुआ है।

उत्पत्ति 33:11 सो यह भेंट, जो तुझे भेजी गई है, ग्रहण कर: क्योंकि परमेश्वर ने मुझ पर अनुग्रह किया है, और मेरे पास बहुत है। जब उसने उस को दबाया, तब उस ने भेंट को ग्रहण किया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 8-10
  • प्रेरितों 8:26-40


मंगलवार, 1 जून 2021

पीछे

 

          1993 की फिल्म, ज्यूरैसिक पार्क का एक जाना-माना दृश्य है जिसमें तीन लोग एक जीप में बैठकर उनका पीछा कर रहे हमलावर डायनासौर से बचने का प्रयास कर रहे हैं, और उनमें से एक कहता है, “और भी तेज़ी से चलो”; जब जीप का चालाक पीछे देखने वाले आईने में देखता है तो उसे उस डायनासौर के खुले हुए जबड़े और तीखे दांत अपने ठीक पीछे दिखाई देते हैं, और वहीं पर उस आईने पर यह भी लिखा दिखता ही कि “दिखने वाली वस्तुएँ प्रतीत होने वाली दूरी से अधिक निकट हो सकती हैं।” वह दृश्य उग्रता और भयानक परिहास का एक कुशल मिश्रण है।

          लेकिन वास्तविक जीवन में भी कई बार हमें लगता है कि हमारे अतीत के “राक्षस” कभी हमारा पीछा करना नहीं छोड़ेंगे। हम अपने जीवन के आईने में देखते हैं और हमारी बीते समय की गलतियाँ हमें बिलकुल अपने पीछे ही दिखाई देती हैं, हमें दोष और लज्जा में डुबो देने को तैयार।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस अतीत की पंगु बना देने वाली शक्ति को समझता था। उसने कई वर्ष इसी प्रयास में बिताए थे कि मसीह से बिलकुल पृथक होकर रहे, और मसीही विश्वासियों को सताता भी रहता था (फिलिप्पियों 3:1-9)। यदि वह अपने अतीत के दोष-बोध में फँस जाता तो बिलकुल निष्क्रिय हो जाता।

          लेकिन प्रभु यीशु मसीह के साथ उसके संबंध में पौलुस को ऐसी मनोहरता और सामर्थ्य मिली कि वह अपने पुराने जीवन को पीछे छोड़ देने के लिए बाध्य हो गया (पद 8-9)। इससे अब वह पीछे की ओर देखते रहने के स्थान पर, आगे ही की ओर देखते रहने के लिए स्वतंत्र हो गया। अब उसमें अतीत का कोई भय या पंगु करने वाला उसका पछतावा नहीं था: “” (पद 13-14)।

          प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा हम उसमें पाप और भय पर जयवंत जीवन जीने के लिए स्वतंत्र कर दिए गए हैं। अब हमने पीछे की बातों के नियंत्रण में होकर कुण्ठित जीवन जीने की आवश्यकता नहीं है। अब हम आगे की ओर देखते हुए जीवन में बढ़ते जा सकते हैं, न कि पीछे की ओर देखते हुए। - एडम होल्ज़

 

प्रभु यीशु मसीह में हम बीते हुए जीवन के बंधनों से स्वतंत्र कर दिए गए हैं।


सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:7-14

फिलिप्पियों 3:7 परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।

फिलिप्पियों 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं।

फिलिप्पियों 3:9 और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।

फिलिप्पियों 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ्य को, और उसके साथ दुखों में सहभागी होने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं।

फिलिप्पियों 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।

फिलिप्पियों 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।

फिलिप्पियों 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।

फिलिप्पियों 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 15-16
  • यूहन्ना 12:27-50

शनिवार, 27 जून 2020

मुक्त


     एक लड़का, जौनाथन, मस्तिष्क के एक ऐसे रोग के साथ पैदा हुआ था, जिसके कारण वह बोल नहीं सकता था, अपने आप को व्यक्त नहीं कर सकता था। परन्तु उसकी माँ ने हार नहीं मानी, और वह प्रयास करती रही कि किसी प्रकार वह उसे अपने आप को व्यक्त करना सिखा सके। वह दस वर्ष का था जब उसकी माँ की समझ में आया कि वह अपनी आँखों और अक्षरों की एक पटिया की सहायता से अपनी बात व्यक्त कर सकता है। एक बार जब उसे यह समझ मिल गई तो वह मुक्त हो गया, अपने आप को व्यक्त करने लग गया, उसकी माँ कहती है, “वह मुक्त हो गया, अब हम उस से कुछ भी पूछ सकते हैं।” जौनाथन अब पढ़ता है, लिखता है, कविता भी लिखता है, सब अपनी आँखों के संकेत के द्वारा। जब जौनाथन से पूछा गया कि अपने परिवार और मित्र जनों के साथ ‘बात’ कर पाना कैसा लगता है, तो उसने कहा, “उन्हें यह बता पाना कि मैं उन्हें प्रेम करता हूँ, अद्भुत है।”

     जौनाथन की कहानी बहुत दिल को छू लेने वाली है, और मुझे इस पर विचार करने के लिए बाध्य करती है कि परमेश्वर किस प्रकार से हमें पाप के बंधनों से मुक्त करता है। जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को अपनी पत्री में लिखा, एक समय था जब हम परमेश्वर की उपस्थिति से निष्कासित थे (कुलुस्सियों 1:21); हम अपने पापमय व्यवहार के कारण उसके विरोधी थे, परन्तु क्रूस पर मसीह की मृत्यु और उसके मृतकों में से पुनरुत्थान के कारण अब हम परमेश्वर के सामने पवित्र करके प्रस्तुत किए जाते हैं (पद 22)। अब हम प्रभु के योग्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं, उसके ज्ञान और निकटता में बढ़ सकते हैं, उसके लिए फल ला सकते हैं (आयतें 10-11)।

     हम अपने मुक्त किए गए कंठ को परमेश्वर की स्तुति करने और उसके सुसमाचार को लोगों के साथ बाँटने के लिए प्रयोग कर सकते हैं, जिससे और लोग भी पाप से बंधे न रहें, वे भी मुक्त हो जाएँ। - एमी बाउचर पाई

 

प्रभु हमें हमारे पाप की कैद से मुक्त करता है।


इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे। और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले। - इब्रानियों 2:14-15

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:13-23

कुलुस्सियों 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।

कुलुस्सियों 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है।

कुलुस्सियों 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।

कुलुस्सियों 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।

कुलुस्सियों 1:17 और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।

कुलुस्सियों 1:18 और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।

कुलुस्सियों 1:19 क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे।

कुलुस्सियों 1:20 और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की।

कुलुस्सियों 1:21 और उसने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।

कुलुस्सियों 1:22 ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे।

कुलुस्सियों 1:23 यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 8-10
  • प्रेरितों 8:26-40 


गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

छुडाए गए



     पूर्वी अफ्रीका के देश जैनज़िबार, में स्टोन टाउन के विशाल क्राइस्ट चर्च भवन की हमारी यात्रा, हमारे लिए बहुत हृदयस्पर्शी थी। वह चर्च भवन आज उस स्थान पर स्थित है जहां कभी पूर्वी अफ्रीका की सबसे बड़ी दास-मंडी हुआ करती थी। इस चर्च भवन के बनाने वाले, एक भौतिक चिन्ह के द्वारा, दिखाना चाहते थे कि प्रभु यीशु में उद्धार के सुसमाचार के द्वारा किस प्रकार से दासता की बेड़ियाँ तोड़ दी जाती हैं। वह स्थान अब फिर कभी उस वीभत्स अत्याचार और बुराई का स्थान नहीं होगा, वरन परमेश्वर के अवतरित अनुग्रह की महिमा का स्थान होगा।

     जिन्होंने उस चर्च भवन को बनवाया, वे यह व्यक्त करना चाहते थे कि प्रभु यीशु द्वारा क्रूस पर दिया गया बलिदान किस प्रकार से पाप के बंधनों से छुड़ा लेता है। इसी बात को परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफसुस की मसीही मंडली को लिखी अपनी पत्री में कहा: “हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है” (इफिसियों 1:7)। यहाँ पर प्रयुक्त शब्द छुटकारा, पुराने नियम में बेचने-खरीदने की मंडी का अभिप्राय देता है, जहां पर किसी व्यक्ति अथवा वस्तु को खरीद लिया जाता था। प्रभु यीशु ने अपने प्राणों की कीमत के द्वारा पाप तथा बुराई के दासत्व से छुड़ा लेने के लिए संसार के सभी लोगों के लिए कीमत चुका दी है; अब बस संसार के प्रत्येक जन को स्वेच्छा से पाप और बुराई को छोड़कर, प्रभु यीशु के साथ हो लेने का निर्णय लेना है।

     इफसुस को लिखी इस पत्री के आरंभिक शब्दों (पद 3-14) में, वह मसीह यीशु में मिली इस स्वतंत्रता का विचार करके आनन्द से उमंडने लगता है। वह आराधना और स्तुति में होकर प्रभु यीशु की मृत्यु द्वारा हमारे प्रति परमेश्वर के अनुग्रह का बखान करता है, जिसके फलस्वरूप हम पाप के बंधनों से छुडाए गए।

     अब संसार के किसी भी व्यक्ति को पाप के दासत्व में बने रहने की कोई अनिवार्यता अथवा आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हम प्रभु यीशु द्वारा परमेश्वर के लिए जीने और उसकी महिमा करने के लिए छुड़ा लिए गए हैं। - एमी बाउचर पाई

प्रभु यीशु हमें पाप के दासत्व से छुड़ाता है।

जिसने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध कर के अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले भले कामों में सरगर्म हो। - तीतुस 2:14

बाइबल पाठ: इफिसियों 1:3-14
इफिसियों 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है।
इफिसियों 1:4 जैसा उसने हमें जगत की उत्‍पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों।
इफिसियों 1:5 और अपनी इच्छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों,
इफिसियों 1:6 कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्‍तुति हो, जिसे उसने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया।
इफिसियों 1:7 हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।
इफिसियों 1:8 जिसे उसने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।
इफिसियों 1:9 कि उसने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उसने अपने आप में ठान लिया था।
इफिसियों 1:10 कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्‍ध हो कि जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे।
इफिसियों 1:11 उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जा कर मीरास बने।
इफिसियों 1:12 कि हम जिन्हों ने पहिले से मसीह पर आशा रखी थी, उस की महिमा की स्‍तुति के कारण हों।
इफिसियों 1:13 और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी।
इफिसियों 1:14 वह उसके मोल लिये हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्‍तुति हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 8-9
  • लूका 21:1-19



शुक्रवार, 28 दिसंबर 2018

प्रेम



      जून 2015 में पैरिस शहर के अधिकारियों ने पदयात्रियों के प्रयोग के लिए बने पुल पोंट-डे-आर्ट्स के किनारों की सांकलों पर से पैंतालीस टन वजन के ताले हटाए। प्रेमी जोड़े, अपने प्रेम भाव के प्रदर्शन के तौर पर तालों पर अपने नाम खरोंच कर उसे पुल की सांकलों पर लगा देते हैं और चाबी को नीचे बह रही सीएन नदी में फेंक देते हैं। हज़ारों बार इस परंपरा के निर्वाह के कारण वह पुल उस “प्रेम” के भार से इतना बोझिल हो गया कि अधिकारियों को उसके बने रहने पर शंका होने लगी, और उन्हें वे “प्रेम के बंधन” वहाँ से हटाने पड़े।

      उन तालों का उद्देश्य चिर-स्थाई प्रेम को व्यक्त करना था, परन्तु मानवीय प्रेम सदा ही बना नहीं रहता है। अंतरंग मित्रों में परस्पर मतभेद हो जाते हैं, संभव है कि जिन्हें वे कभी नहीं सुलझाएं। परिवार के सदस्यों में वाद-विवाद हो जाते हैं और वे एक दूसरे को कभी क्षमा न करें। एक पति और पत्नि एक-दूसरे से अलग होकर अपने अपने रास्तों पर इतनी दूर चले जा सकते हैं कि उन्हें स्मरण ही न आए कि उन्होंने विवाह किया ही क्यों था। मानवीय प्रेम अस्थिर हो सकता है।

      परन्तु एक स्थिर और सदा बने रहने वाला प्रेम  है – परमेश्वर का प्रेम। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने भजन 106:1 में कहा है “याह की स्तुति करो! यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा की है!” समस्त पवित्र शास्त्र के प्रत्येक भाग में परमेश्वर के कभी न बदलने वाले और अटल प्रेम की प्रतिज्ञाएँ विद्यमान हैं। उसके इस प्रेम का सबसे महान प्रमाण है परमेश्वर द्वारा अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह का बलिदान देना ताकि जो कोई उसपर विश्वास करे वह नाश न हो परन्तु अनन्त जीवन पाए। साथ ही उसकी यह भी प्रतिज्ञा है कि ऐसी कोई भी बात, कोई भी वस्तु नहीं है जो हमें उसके प्रेम से अलग कर सके (रोमियों 8:38-39)।

      हम मसीही विश्वासी परमेश्वर के साथ उसके प्रेम के बंधन में सदा के लिए बन्ध गए हैं। - सिंडी हैस कैस्पर


मसीह यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान मेरे लिए परमेश्वर के प्रेम का माप हैं।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।  - यूहन्ना  3:16

बाइबल पाठ: रोमियों 8: 29-39
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे।
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा?
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है।
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है।
Romans 8:35 कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार?
Romans 8:36 जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होने वाली भेंडों के समान गिने गए हैं।
Romans 8:37 परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं।
Romans 8:38 क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ्य, न ऊंचाई,
Romans 8:39 न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।
                                                                                                                                                        

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 19



रविवार, 18 दिसंबर 2016

मित्र


   कॉन्सटैनटिनोपोल के प्रधान बिशप जौन क्राएसोस्तोम (347-407 ई०) ने मित्रता के बारे कहा: "मित्रता ऐसी होती है कि उसके द्वारा हम स्थानों और ऋतुओं को भी चाहने लगते हैं; जैसे कि फूल अपने नीचे की ज़मीन पर अपनी सुगन्धित पंखुड़ियाँ बिखेर देते हैं, उसी प्रकार मित्र जन, जहाँ भी वे रहते हैं, उन स्थानों पर अपनी कृपादृष्टि बिखेर देते हैं।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में योनातान और दाऊद सच्ची मित्रता की मधुर उदाहरण हैं। बाइबल बताती है कि उन दोनों के एक दुसरे से मिलने के साथ ही उनमें एक बंधन बंध गया (1 शमूएल 18:1-4)। उन्होंने एक दूसरे की देखभाल और चिंता के द्वारा, एक दूसरे के प्रति अपनी वफादारी को दिखाने के द्वारा अपनी मित्रता को ना केवल जीवित रखा वरन उसे बढ़ाया भी (18:3; 20:16, 42; 23:18)। योनातान ने दाऊद को उपहार दिए (18:4) और अनेक कठिन परिस्थितियों में उसका ध्यान रखा (19:1-2; 20:12-13)।

   उनकी मित्रता की पराकाष्ठा को हम 1 शमूएल 23:16-17 में देखते हैं जब दाऊद शाऊल से अपनी जान बचा कर भाग रहा था और "शाऊल का पुत्र योनातन उठ कर उसके पास होरेश में गया, और परमेश्वर की चर्चा कर के उसको ढाढ़स दिलाया"। जब आप अपने जीवन के किसी निम्न बिन्दु में होते हैं तब मित्र आपको परमेश्वर में सामर्थी होने में सहायक होते हैं।

   आज के इस संसार में जहाँ अधिकांश संबंध कुछ प्राप्त कर लेने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं, हम मसीही विश्वासी, अपने प्रभु परमेश्वर के समान, ऐसे मित्र बनें जो दूसरों को कुछ देने पर ध्यान लगाते हैं; क्योंकि हमारे प्रभु यीशु ने कहा है, "इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्र हो" (यूहन्ना 15:13-14)। - पोह फैंग चिया


जीवन की महिमा प्रेम तथा सेवा देने में है ना कि लेने में।

मित्र सब समयों में प्रेम रखता है, और विपत्ति के दिन भाई बन जाता है। - नीतिवचन 17:17

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 18:1-4; 23:15-18
1 Samuel 18:1 जब वह शाऊल से बातें कर चुका, तब योनातान का मन दाऊद पर ऐसा लग गया, कि योनातान उसे अपने प्राण के बराबर प्यार करने लगा। 
1 Samuel 18:2 और उस दिन से शाऊल ने उसे अपने पास रखा, और पिता के घर को फिर लौटने न दिया। 
1 Samuel 18:3 तब योनातान ने दाऊद से वाचा बान्धी, क्योंकि वह उसको अपने प्राण के बराबर प्यार करता था। 
1 Samuel 18:4 और योनातान ने अपना बागा जो वह स्वयं पहिने था उतारकर अपने वस्त्र समेत दाऊद को दे दिया, वरन अपनी तलवार और धनुष और कटिबन्ध भी उसको दे दिए। 
1 Samuel 23:15 और दाऊद ने जान लिया कि शाऊल मेरे प्राण की खोज में निकला है। और दाऊद जीप नाम जंगल के होरेश नाम स्थान में था; 
1 Samuel 23:16 कि शाऊल का पुत्र योनातन उठ कर उसके पास होरेश में गया, और परमेश्वर की चर्चा कर के उसको ढाढ़स दिलाया। 
1 Samuel 23:17 उसने उस से कहा, मत डर; क्योंकि तू मेरे पिता शाऊल के हाथ में न पड़ेगा; और तू ही इस्राएल का राजा होगा, और मैं तेरे नीचे हूंगा; और इस बात को मेरा पिता शाऊल भी जानता है। 
1 Samuel 23:18 तब उन दोनों ने यहोवा की शपथ खाकर आपस में वाचा बान्धी; तब दाऊद होरेश में रह गया, और योनातन अपने घर चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • ओबद्याह
  • प्रकाशितवाक्य 9


बुधवार, 3 अगस्त 2016

बन्धन


   मेरी गाड़ी के दरवाज़े का ताला दिक्कत दे रहा था और मुझे तालों की मरम्मात करने वाले कारीगर को बुलाना पड़ा। जब वह अपना काम कर रहा था तो हम बातचीत भी करने लगे और मुझे उसके बात करने का अंदाज़ बड़ा स्नेहिल और पहिचाना हुआ सा लगा। फिर बातचीत के दौरान मुझे यह जान कर सुखद आश्चर्य हुआ कि वह भी मूलतः जमाईका से है - ऐसे स्थान से, जहाँ मैं अनेकों बार गया हूँ और जिसे मैं चाहने लगा हूँ। उस सुन्दर द्वीप-राष्ट्र जमाईका के प्रति हमारे व्यक्तिगत प्रेम ने परस्पर हम दोनों को जोड़ने वाले एक समान बन्धन की पहिचान करवाई।

   इस घटना से मुझे एक और भी अधिक प्रगाढ़ सौहार्द के बन्धन की याद करवाई - किसी अन्य मसीही विश्वासी से मिलने और पहिचानने का आनन्द की; कि वह भी मसीह यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा हम से जुड़ा हुआ है। उन जगहों पर जहाँ अनेकों मसीही विश्वासी रहते हैं, इस बन्धन का आनन्द वैसा अभिभूत कर देने वाला अनुभव नहीं होता जैसा कि वहाँ होता है जहाँ मसीही विश्वासी कम हैं, लेकिन फिर भी अनायास ही किसी विश्वासी से मुलाकात हो जाती है। तब मसीह यीशु में लाए गए विश्वास द्वारा मिली पापों की क्षमा और स्वतंत्रता तथा विश्वास के जीवन के अनुभव एक दूसरे के साथ बाँटना बड़ा रोमांचकारी होता है।

   जितने भी जन मसीह यीशु के विश्वासी हैं, उनमें परस्पर संबंध का एक बन्धन है; मसीह यीशु में होकर बनने वाला समानता का यह संबंध (गलतियों 3:27-28), संगति का ऐसा आनन्द प्रदान करता है जो हरेक अन्धकार में भी आशा की अद्भुत ज्योति प्रज्जवलित कर देता है।

   परमेश्वर का शत-शत धन्यवाद हो कि जितनों ने मसीह यीशु को स्वेच्छा से अपना उद्धारकर्ता ग्रहण किया है और अपना जीवन उसे समर्पित किया है, उन्हें वह अपने साथ तथा परस्पर एक अनन्तकाल के प्रेम तथा आनन्द के बन्धन में ले आता है। - डेव ब्रैनन


मसीह यीशु की संगति हमें परस्पर प्रेम के बन्धन में बाँधती, बनाती और बढ़ाती है।

और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है। अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो। - गलतियों 3:27-28

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:10-18
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।
Ephesians 2:11 इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतना वाले कहलाते हैं, वे तुम को खतना रहित कहते हैं)। 
Ephesians 2:12 तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्‍त्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वर रहित थे। 
Ephesians 2:13 पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो। 
Ephesians 2:14 क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। 
Ephesians 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। 
Ephesians 2:16 और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। 
Ephesians 2:17 और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। 
Ephesians 2:18 क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 63-65
  • रोमियों 6