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रविवार, 22 मार्च 2020

विरासत



      मेरे फोन पर संदेश प्राप्त होने का संकेत बजा; मेरी बेटी को मेरी दादी द्वारा बनाए जाने वाले पेपरमिंट आईसक्रीम पाई बनाने की विधि चाहिए थी। मैंने उसे ढूँढ़ने के लिए विभिन भोजन वस्तुओं को बनाने के लिखित पारिवारिक नुस्खों के डब्बे को निकाला और उस नुस्खे को ढूँढने लगी। मुझे उस नुस्खे के कागज़ पर अपनी दादी की विशिष्ट लिखाई तुरंत पहचान में आ गई और उसके साथ ही मेरी माँ के द्वारा उनकी अपनी विशिष्ट लिखाई में लिखे गए कुछ नोट्स भी थे। मुझे आभास हुआ कि मेरी बेटी के इस अनुरोध के साथ, पेपरमिंट आईसक्रीम पाई बनाने का वह नुस्खा हमारे परिवार की चौथी पीढ़ी में प्रवेश करेगा।

      साथ ही मैं यह भी सोचने लगी, परिवार की ऐसी और क्या बातें हैं जिन्हें विरासत में एक से दूसरी पीढ़ी को दिया जाना चाहिए? हमारे मसीही विश्वास से संबंधित विकल्पों और चुनाव की बातों को बताना क्या हमारा दायित्व नहीं है? उस मिठाई के अतिरिक्त, क्या मेरी दादी, और मेरा अपने मसीही विश्वास की बातें मेरी बेटी और उसकी संतानों के जीवनों में स्थान पाएंगे?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, भजन 79 में, भजनकार पथ-भ्रष्ट इस्राएल को लेकर दुखी होता है क्योंकि वे अपने विश्वास से भटक गए थे, इधर-उधर बहकने लगे थे। भजनकार परमेश्वर से विनती करता है कि वह अपने लोगों की अन्यजाति लोगों से रक्षा करे और यरूशलेम की सुरक्षा को पुनः लौटा कर दे। ऐसा होने के बाद, वह परमेश्वर के मार्गों पर लौट आने और उन पर बने रहने के प्रतिबद्धता होने की प्रतिज्ञा करता है, “तब हम जो तेरी प्रजा और तेरी चराई की भेड़ें हैं, तेरा धन्यवाद सदा करते रहेंगे; और पीढ़ी से पीढ़ी तक तेरा गुणानुवाद करते रहेंगें” (पद 13)।

      मैंने बड़ी खुशी के साथ अपनी दादी का वह नुस्खा अपने बेटी के साथ साझा किया, यह जानते हुए कि मेरी दादी की यह मीठी विरासत हमारे परिवार की एक और पीढ़ी को आनन्द प्रदान करेगी। साथ ही मैंने बड़ी लगन से यह प्रार्थना भी की, कि हमारे परिवार की सबसे महत्वपूर्ण विरासत, हमारा मसीही विश्वास में रहना, भी हमारे परिवार में हर पीढ़ी में बनी रहे। - एलिसा मॉर्गन

अपने विश्वास को जी कर दिखाना और उसे बाँटना, 
विरासत कायम रखने की सर्वोत्तम विधि है।

मैं ऐसा करूंगा, कि तेरी नाम की चर्चा पीढ़ी से पीढ़ी तक होती रहेगी; इस कारण देश देश के लोग सदा सर्वदा तेरा धन्यवाद करते रहेंगे। - भजन 45:17

बाइबल पाठ: भजन 79:8-13
भजन संहिता 79:8 हमारी हानि के लिये हमारे पुरखाओं के अधर्म के कामों को स्मरण न कर; तेरी दया हम पर शीघ्र हो, क्योंकि हम बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं।
भजन संहिता 79:9 हे हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, अपने नाम की महिमा के निमित हमारी सहायता कर; और अपने नाम के निमित हम को छुड़ा कर हमारे पापों को ढांप दे।
भजन संहिता 79:10 अनयजातियां क्यों कहने पाएं कि उनका परमेश्वर कहां रहा? अन्यजातियों के बीच तेरे दासों के खून का पलटा लेना हमारे देखते उन्हें मालूम हो जाए।
भजन संहिता 79:11 बन्धुओं का कराहना तेरे कान तक पहुंचे; घात होने वालों को अपने भुजबल के द्वारा बचा।
भजन संहिता 79:12 और हे प्रभु, हमारे पड़ोसियों ने जो तेरी निन्दा की है, उसका सातगुणा बदला उन को दे!
भजन संहिता 79:13 तब हम जो तेरी प्रजा और तेरी चराई की भेड़ें हैं, तेरा धन्यवाद सदा करते रहेंगे; और पीढ़ी से पीढ़ी तक तेरा गुणानुवाद करते रहेंगें।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 10-12
  • लूका 1:39-56



मंगलवार, 30 जुलाई 2019

पीढ़ीयाँ



      मेरे माता-पिता का विवाह 1933 में हुआ जो आर्थिक महा-मंदी का समय था। मैं और मेरी पत्नि तब जन्मे थे जब द्वितीय विश्व-युद्ध के पश्चात बच्चों के जन्म-दर में नाटकीय उछाल आया था। हमारी चार बेटियों ने, सत्तर और अस्सी के दशकों के भिन्न-भिन्न वातावरण में जन्म लिया। क्योंकि हम सब इतने भिन्न समयों और परिस्थितियों में जन्मे और बड़े हुए, इसलिए इसमें अचंभे की कोई बात नहीं है कि अनेकों बातों के बारे में हम भिन्न राय रखते हैं।

      जीवन के अनुभवों और और मूल्यों में पीढ़ियों के दृष्टिकोणों में बहुत अन्तर होते हैं। यही बात प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों में भी देखी जाती है। किन्तु हम चाहे जैसे भी वस्त्र पहनना या संगीत सुनना पसन्द करते हों, हमारा आत्मिक संबंध उन भिन्नताओं से अधिक सुदृढ़ है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 145 परमेश्वर की स्तुति और प्रशंसा का एक महान भजन है जो हमारे विश्वास के बंधनों को बताता है, “तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा” (पद 4)। आयु और अनुभवों की बहुत भिन्नता के बावजूद, हम प्रभु को आदर देने के द्वारा साथ हो जाते हैं, और “वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे” (पद 11)।

      हो सकता है कि इन भिन्नताओं और व्यक्तिगत पसंदों के कारण हम विभाजित हों, परन्तु प्रभु यीशु मसीह में लाए गए साझा विश्वास के कारण, परस्पर विश्वास, प्रोत्साहन, और आराधना में हम एक साथ हो जाते हैं। हम चाहे किसी भी पीढ़ी के क्यों न हों, हम एक-दूसरे से सीख सकते हैं और साथ मिलकर परमेश्वर को आदर और महिमा दे सकते हैं, “कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें” (पद 12)। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर का राज्य सभी पीढ़ियों में सजीव और सक्रीय बना रहता है।

हे परमेश्वर, तेरा सिंहासन सदा सर्वदा बना रहेगा; तेरा राजदण्ड न्याय का है। - भजन 45:6

बाइबल पाठ: भजन 145:1-13
Psalms 145:1 हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूंगा।
Psalms 145:2 प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा।
Psalms 145:3 यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है।
Psalms 145:4 तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा।
Psalms 145:5 मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
Psalms 145:6 लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा।
Psalms 145:7 लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण कर के उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे।
Psalms 145:8 यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करूणामय है।
Psalms 145:9 यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है।
Psalms 145:10 हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे!
Psalms 145:11 वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे;
Psalms 145:12 कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें।
Psalms 145:13 तेरा राज्य युग युग का और तेरी प्रभुता सब पीढ़ियों तक बनी रहेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 51-53
  • रोमियों 2



मंगलवार, 2 मई 2017

पीढ़ी


   बच्चों का अपने माता-पिता के परमेश्वर में विश्वास के उदाहरण का अनुसरण न करना आश्चर्यजनक हो सकता है। ऐसे ही अनेपक्षित उस व्यक्ति का मसीह यीशु में विश्वास तथा प्रतिबध्ता होती है जो किसी ऐसे परिवार से आया है जहाँ यह विश्वास कभी था ही नहीं। प्रत्येक पीढ़ी के प्रत्येक जन के पास इस विश्वास के प्रति निर्णय लेने के लिए चुनाव करने की स्वतंत्रता होती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि शमूएल परमेश्वर का महान जन था, जिसने अपने दो बेटों, योएल और अबिय्याह को इस्त्राएल पर अगुवे बनाकर नियुक्त किया (1 शमूएल 8:1-2)। परन्तु अपने पिता के चरित्र के विपरीत वे दोनों भ्रष्ट थे: "परन्तु उसके पुत्र उसकी राह पर न चले, अर्थात लालच में आकर घूस लेते और न्याय बिगाड़ते थे" (1 शमूएल 8:3)। लेकिन फिर भी कई वर्ष पश्चात हम पाते हैं कि योएल का पुत्र हेमन को परमेश्वर के भवन में संगीतज्ञ नियुक्त किया गया (1 इतिहास 6:31-33)। शमूएल का पोता हेमन, और उसका प्रमुख सहायक आसप - जिसने अनेक भजनों की रचना की - परमेश्वर के भवन में स्तुतिगान के द्वारा परमेश्वर की सेवकाई करते थे (1 इतिहास 15:16-17)।

   चाहे कोई व्यक्ति अपने माता-पिता के लिए अत्यंत मूल्यवान मसीही विश्वास के प्रति उदासीन भी रहे, तो भी इससे यह नहीं समझना चाहिए कि परमेश्वर उसके जीवन में कार्यरत नहीं है। बाद के वर्षों में हालात के साथ ही उसका मन भी बदल सकता है और वर्षों पहले बोए गए विश्वास के बीज आने वाली पीढ़ी में अंकुरित हो सकते हैं।

   परिवार की वर्तमान परिस्थिति चाहे जो भी हो, हम मसीही विश्वासी भली-भांति जानते हैं कि, "यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है" (भजन 100:5)। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

इन बातों को जिनकी आज्ञा मैं तुझे सुनाता हूं चित्त लगाकर सुन, कि जब तू वह काम करे जो तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में भला और ठीक है, तब तेरा और तेरे बाद तेरे वंश का भी सदा भला होता रहे। - व्यवस्थाविवरण 12:28

बाइबल पाठ: भजन 100 
Psalms 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो! 
Psalms 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ! 
Psalms 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
Psalms 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो! 
Psalms 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 12-13
  • लूका 22:1-20


शुक्रवार, 9 दिसंबर 2016

पाठ्यपुस्तक


   द न्यू इंगलैंड प्राइमर नामक आरंभिक पाठ्यपुस्तिका सर्वप्रथम सन 1600 के अन्त के समय में प्रकाशित हुई थी। उन सभी उपनिवेशों में, जो बाद में संगठित होकर ’संयुकत राज्य अमेरिका’ बने यह पुस्तक आरंभिक पढ़ना-लिखना सीखने के लिए बहुतायत से उपयोग होने वाला स्त्रोत बनी। यह प्राचीन अमेरिकी पाठ्यपुस्तक मुख्यतः परमेश्वर के वचन बाइबल पर आधारित थी, और इसमें बाइबल की घटनाओं को आधार बना कर चित्र और बच्चों की कविताएं थीं जिनके द्वारा बच्चे पढ़ना-लिखना सीखते थे। इसमें स्मरण करने के लिए प्रार्थनाएं भी थीं, जैसे कि वर्तमान में भी बच्चों को बहुधा सिखाई जाने वाली यह प्रार्थना: "सोने अब मैं जाता हूँ, प्रार्थना यह मैं करता हूँ; मेरी आत्मा का रखवाला हो, जो मैं जागूँ तो, मेरी आत्मा स्वीकार करना तू।"

   उपनिवेशिक अमेरिका में एक से दूसरी पीढ़ी को अपने मसीही विश्वास की बातें पहुँचाने का यह एक कारगर तरीका बन गया। यह उस बात के साथ बहुत मेल खाता है जो परमेश्वर अपनी प्रजा प्राचीन इस्त्राएलियों से चाहता था, जैसा कि व्यवस्थाविवरण 6:6-7 में लिखा है: "और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें;और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना।"

   जब हम अपनी अगली पीढ़ी से परमेश्वर की हस्ती, अस्तित्व और कार्यों के बारे में बातचीत करते हैं, उन्हें हमारे प्रति उसके प्रेम, देखभाल, प्रावधान और चिंता के बारे में बताते हैं और उन्हें उस आज्ञाकारिता तथा समर्पण को समझाते हैं जो वह हम से चाहता है, तो हम अपनी अगली पीढ़ी के लिए वह आरंभिक पाठ्यपुस्तक बन जाते हैं जिसके द्वारा वह पीढ़ी परमेश्वर के साथ चलने और उसके कार्यों को करने के लिए तैयार होती है। परमेश्वर हमें औरों को सिखाने के लिए इस्तेमाल करता है। - डेनिस फिशर


हम जब औरों को मसीह यीशु के बारे में सिखाते हैं तो 
हम केवल समय व्यतीत नहीं करते हैं, हम समय का निवेश करते हैं।

व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। - यहोशु 1:8

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 6:1-9
Deuteronomy 6:1 यह वह आज्ञा, और वे विधियां और नियम हैं जो तुम्हें सिखाने की तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने आज्ञा दी है, कि तुम उन्हें उस देश में मानो जिसके अधिकारी होने को पार जाने पर हो; 
Deuteronomy 6:2 और तू और तेरा बेटा और तेरा पोता यहोवा का भय मानते हुए उसकी उन सब विधियों और आज्ञाओं पर, जो मैं तुझे सुनाता हूं, अपने जीवन भर चलते रहें, जिस से तू बहुत दिन तक बना रहे। 
Deuteronomy 6:3 हे इस्राएल, सुन, और ऐसा ही करने की चौकसी कर; इसलिये कि तेरा भला हो, और तेरे पितरों के परमेश्वर यहोवा के वचन के अनुसार उस देश में जहां दूध और मधु की धाराएं बहती हैं तुम बहुत हो जाओ। 
Deuteronomy 6:4 हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है; 
Deuteronomy 6:5 तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना। 
Deuteronomy 6:6 और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें; 
Deuteronomy 6:7 और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। 
Deuteronomy 6:8 और इन्हें अपने हाथ पर चिन्हानी कर के बान्धना, और ये तेरी आंखों के बीच टीके का काम दें। 
Deuteronomy 6:9 और इन्हें अपने अपने घर के चौखट की बाजुओं और अपने फाटकों पर लिखना।

एक साल में बाइबल: 
  • दान्नियेल 11-12
  • यहूदा