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रविवार, 6 दिसंबर 2020

अकेले

 

         मेरे जीवन का सबसे अकेला क्रिसमस तब था जब मैं केवल पंद्रह वर्ष का था, और अफ्रीका के घाना देश में अपने दादा के घर में था, जबकि मेरे माता-पिता तथा भाई-बहनें एक हज़ार किलोमीटर दूर एक अन्य स्थान पर थे। इससे पहले के वर्षों में जब मैं उनके और अपने गाँव के मित्रों के साथ होता था, तो हमारे लिए क्रिसमस सदा ही एक बड़ा और यादगार उत्सव हुआ करता था। परन्तु यह क्रिसमस शांत और अकेलेपन के साथ था। मैं क्रिसमस की प्रातः अपनी चटाई पर लेटा हुआ था, मुझे एक स्थानीय गीत: “वर्ष का अन्त हुआ है; क्रिसमस आ गया है; परमेश्वर के पुत्र का जन्म हुआ है; सभी के लिए शान्ति और आनन्द हो”, स्मरण हो आया, और मैं दुखी मन के साथ उसे बार-बार गाने लगा।

         मेरी दादी ने आकर मुझसे पूछा, “यह क्या गाना है?” मेरे दादा-दादी क्रिसमस के बारे में नहीं जानते थे, और न ही मसीह यीशु के बारे में जानते थे। इसलिए मैं जो कुछ क्रिसमस के बारे में जानता था, मैंने उसे उन्हें बताया। इससे मुझे मेरे अकेलेपन में शान्ति मिली।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद, जो लड़कपन में एक चरवाहा था, मैदानों में भेड़ों के साथ अकेला होता था। उसके लिए जीवन में अकेलापन अनुभव करने के केवल वही समय नहीं थे। उसने बाद में अपने एक भजन में लिखा, “  हे यहोवा मेरी ओर फिरकर मुझ पर अनुग्रह कर; क्योंकि मैं अकेला और दीन हूं” (25:16)। किन्तु दाऊद ने अकेलेपन को उसे निराश नहीं करने दिया। वरन उसने गाया, “खराई और सिधाई मुझे सुरक्षित रखें, क्योंकि मुझे तेरे ही आशा है” (25:21)।

         समय-समय पर हम सभी को अकेलेपन का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष क्रिसमस पर आप चाहे जहाँ भी हों, अकेले हों या किसी के साथ हों, आप हर समय मसीह के साथ आनन्दित हो सकते हैं; वह आपको कभी अकेले नहीं रहने देता है।

 

जब प्रभु यीशु हमारे साथ है, तो हम कभी अकेले नहीं हैं।


मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं। - यूहन्ना 14:18

बाइबल पाठ: भजन 25:14-22

भजन संहिता 25:14 यहोवा के भेद को वही जानते हैं जो उस से डरते हैं, और वह अपनी वाचा उन पर प्रगट करेगा।

भजन संहिता 25:15 मेरी आँखें सदैव यहोवा पर टकटकी लगाए रहती हैं, क्योंकि वही मेरे पांवों को जाल में से छुड़ाएगा।

भजन संहिता 25:16 हे यहोवा मेरी ओर फिरकर मुझ पर अनुग्रह कर; क्योंकि मैं अकेला और दीन हूं।

भजन संहिता 25:17 मेरे हृदय का क्लेश बढ़ गया है, तू मुझ को मेरे दु:खों से छुड़ा ले।

भजन संहिता 25:18 तू मेरे दु:ख और कष्ट पर दृष्टि कर, और मेरे सब पापों को क्षमा कर।

भजन संहिता 25:19 मेरे शत्रुओं को देख कि वे कैसे बढ़ गए हैं, और मुझ से बड़ा बैर रखते हैं।

भजन संहिता 25:20 मेरे प्राण की रक्षा कर, और मुझे छुड़ा; मुझे लज्जित न होने दे, क्योंकि मैं तेरा शरणागत हूं।

भजन संहिता 25:21 खराई और सिधाई मुझे सुरक्षित रखें, क्योंकि मुझे तेरे ही आशा है।

भजन संहिता 25:22 हे परमेश्वर इस्राएल को उसके सारे संकटों से छुड़ा ले।

 

एक साल में बाइबल: 

  • दानिय्येल 3-4
  • 1 यूहन्ना 5

शुक्रवार, 3 मई 2019

साथ



      अपोलो 15 के अंतरिक्षयात्री एल वॉर्डन को चन्द्रमा की पिछली ओर रहकर अकेले होने का अनुभव था। जब 1971 में उनके दो साथी, हज़ारों मील दूर, चन्द्रमा की सतह पर कार्य कर रहे थे तो एल अकेले ही तीन दिन तक उनके अंतरिक्ष यान को चला रहे थे। उस समय में उनका साथ केवल अंतरिक्ष में स्थित सितारे ही दे रहे थे, और एल को वे इतने घने लगे मानों उन सितारों ने उन्हें रौशनी की एक चादर में लपेट लिया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल का एक प्रमुख पात्र, याकूब, भी बिलकुल अकेले रात बिता रहा था, परन्तु एक भिन्न कारण से। वह अपने बड़े भाई एसव से जान बचा कर भाग रहा था, क्योंकि पहलौठे के लिए निर्धारित आशीषों को याकूब ने अपने लगभग अंधे हो चुके पिता से, धोखे से चुरा लिया था और एसव के स्थान पर स्वयं के लिए ले लिया था। लेकिन सो जाने के पश्चात, याकूब ने पृथ्वी से स्वर्ग तक जाने वाली सीढ़ी का दर्शन देखा। उसने उस सीढ़ी पर स्वर्गदूतों को चढ़ते-उतारते देखा और उससे परमेश्वर ने बात की। परमेश्वर ने याकूब को आश्वस्त किया कि वह सदा उसके साथ रहेगा और उसके वंशजों के द्वारा समस्त पृथ्वी को आशीषित करेगा। जब याकूब नींद से उठा तो उसने कहा, “निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था” (उत्पत्ति 28:16)।

      याकूब ने अपने आप को अपने धोखे के कारण अकेला कर लिया था। किन्तु उसके अकेलेपन की उस अंधेरी रात में भी परमेश्वर उसके साथ था, और परमेश्वर की मनुष्यों की योजनाओं से बहुत अधिक बेहतर और भलाई की दूरगामी योजनाएं उसके साथ थीं। प्रभु यीशु मसीह में होकर आज स्वर्ग हमारे लिए बहुत निकट है, और “याकूब का परमेश्वर” हमारे साथ रहता है। - मार्ट डीहॉन



परमेश्वर हमारे सोचने से अधिक निकट है।

यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है। - भजन 34:18

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 28:10-17
Genesis 28:10 सो याकूब बेर्शेबा से निकल कर हारान की ओर चला।
Genesis 28:11 और उसने किसी स्थान में पहुंच कर रात वहीं बिताने का विचार किया, क्योंकि सूर्य अस्त हो गया था; सो उसने उस स्थान के पत्थरों में से एक पत्थर ले अपना तकिया बना कर रखा, और उसी स्थान में सो गया।
Genesis 28:12 तब उसने स्वप्न में क्या देखा, कि एक सीढ़ी पृथ्वी पर खड़ी है, और उसका सिरा स्वर्ग तक पहुंचा है: और परमेश्वर के दूत उस पर से चढ़ते उतरते हैं।
Genesis 28:13 और यहोवा उसके ऊपर खड़ा हो कर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा।
Genesis 28:14 और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे।
Genesis 28:15 और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा।
Genesis 28:16 तब याकूब जाग उठा, और कहने लगा; निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था।
Genesis 28:17 और भय खा कर उसने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 14-15
  • लूका 22:21-46



बुधवार, 3 अप्रैल 2019

साथ



      अपोलो 15 के अंतरिक्षयात्री एल वॉर्डन को चन्द्रमा की पिछली ओर रहकर अकेले होने का अनुभव था। जब 1971 में उनके दो साथी, हज़ारों मील दूर, चन्द्रमा की सतह पर कार्य कर रहे थे तो एल अकेले ही तीन दिन तक उनके अंतरिक्ष यान को चला रहे थे। उस समय में उनका साथ केवल अंतरिक्ष में स्थित सितारे ही दे रहे थे, और एल को वे इतने घने लगे मानों उन सितारों ने उन्हें रौशनी की एक चादर में लपेट लिया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल का एक प्रमुख पात्र, याकूब, भी बिलकुल अकेले रात बिता रहा था, परन्तु एक भिन्न कारण से। वह अपने बड़े भाई एसव से जान बचा कर भाग रहा था, क्योंकि पहलौठे के लिए निर्धारित आशीषों को याकूब ने अपने लगभग अंधे हो चुके पिता से, धोखे से चुरा लिया था और एसव के स्थान पर स्वयं के लिए ले लिया था। लेकिन सो जाने के पश्चात, याकूब ने पृथ्वी से स्वर्ग तक जाने वाली सीढ़ी का दर्शन देखा। उसने उस सीढ़ी पर स्वर्गदूतों को चढ़ते-उतारते देखा और उससे परमेश्वर ने बात की। परमेश्वर ने याकूब को आश्वस्त किया कि वह सदा उसके साथ रहेगा और उसके वंशजों के द्वारा समस्त पृथ्वी को आशीषित करेगा। जब याकूब नींद से उठा तो उसने कहा, “निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था” (उत्पत्ति 28:16)।

      याकूब ने अपने आप को अपने धोखे के कारण अकेला कर लिया था। किन्तु उसके अकेलेपन की उस अंधेरी रात में भी परमेश्वर उसके साथ था, और परमेश्वर की मनुष्यों की योजनाओं से बहुत अधिक बेहतर और भलाई की दूरगामी योजनाएं उसके साथ थीं। प्रभु यीशु मसीह में होकर आज स्वर्ग हमारे लिए बहुत निकट है, और “याकूब का परमेश्वर” हमारे साथ रहता है। - मार्ट डीहॉन


परमेश्वर हमारे सोचने से अधिक निकट है।

यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है। - भजन 34:18

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 28:10-17
Genesis 28:10 सो याकूब बेर्शेबा से निकल कर हारान की ओर चला।
Genesis 28:11 और उसने किसी स्थान में पहुंच कर रात वहीं बिताने का विचार किया, क्योंकि सूर्य अस्त हो गया था; सो उसने उस स्थान के पत्थरों में से एक पत्थर ले अपना तकिया बना कर रखा, और उसी स्थान में सो गया।
Genesis 28:12 तब उसने स्वप्न में क्या देखा, कि एक सीढ़ी पृथ्वी पर खड़ी है, और उसका सिरा स्वर्ग तक पहुंचा है: और परमेश्वर के दूत उस पर से चढ़ते उतरते हैं।
Genesis 28:13 और यहोवा उसके ऊपर खड़ा हो कर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा।
Genesis 28:14 और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे।
Genesis 28:15 और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा।
Genesis 28:16 तब याकूब जाग उठा, और कहने लगा; निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था।
Genesis 28:17 और भय खा कर उसने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 14-15
  • लूका 22:21-46



शनिवार, 25 नवंबर 2017

प्रावधान


   हमारे बेटे ने नर्सरी स्कूल जाना आरंभ ही किया था। पहले दिन वह बहुत रोया, और कहा, "मुझे स्कूल पसन्द नहीं है।" मेरे पति और मैंने उससे उसे समझाया, और आश्वस्त किया, कि हम चाहे शरीर में उसके निकट न भी हों, परन्तु हम उसके लिए प्रार्थना करते रहते हैं; और प्रभु यीशु तो सदा उसके साथ बने रहते हैं। उसने प्रश्न किया, "किंतु प्रभु यीशु मुझे दिखाई तो नहीं देते हैं?" मेरे पति ने उसे गले लगाते हुए कहा, "प्रभु तुम्हारे हृदय के अन्दर वास करते हैं; वे तुम्हें कभी नहीं छोड़ते हैं।" मेरे बेटे ने आशवस्त होकर अपने हृदय पर हाथ रखकर कहा, "हाँ, प्रभु यीशु मेरे अन्दर वास करते हैं।"

   केवल बच्चे ही अपनों से अलग होने पर चिंतित नहीं होते हैं, जीवन के हर चरण में हमें उनसे अलग होने की स्थितियों का सामना करते हैं जिनसे हम प्रेम करते हैं। यह भौगोलिक दूरियों के कारण हो सकता है या कभी मृत्यु के कारण। परन्तु हमें सदा स्मरण रखना चाहिए कि चाहे और कोई मनुष्य किसी भी कारणवश हमें छोड़ भी दे, तो भी हमारा प्रभु परमेश्वर हमें कभी नहीं छोड़ता है। उसने सदा हमारे साथ बने रहने का वायदा किया है। प्रभु ने हमारी सहायाता के लिए अपने पवित्र आत्मा को हमें सहायक और मार्गदर्शक के रूप में दिया है, और वह सदा हम में वास करता है (यूहन्ना 14:15-18)। हम उसकी प्रीय सन्तान हैं।

   हमारा बेटा भरोसा रखना सीख रहा है, और मैं भी। मेरे बेटे के समान ही मैं भी अपने अन्दर निवास करने वाले पवित्र-आत्मा को अपनी शारीरिक आँखों से देख नहीं पाती हूँ, परन्तु मैं अपने में और अपने लिए उसके कार्यों को अनुभव करती और देखती हूँ। वह प्रतिदिन मेरा मार्गदर्शन करता है, मुझे प्रोत्साहित करता है, परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ने, समझने और जीवन में उपयोगी करने में मेरी सहायता करता है।

   हमें प्रभु परमेश्वर के इस अद्भुत प्रावधान, उसके पवित्र-आत्मा, के लिए सदा धन्यवादी रहना चाहिए, जिसके कारण हम मसीही विश्वासी कभी भी अकेले नहीं हो सकते हैं। - कीला ओकोआ


हम कभी अकेले नहीं हैं।

क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? - 1 कुरिन्थियों 3:16

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:15-21
John 14:15 यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे। 
John 14:16 और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। 
John 14:17 अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। 
John 14:18 मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं। 
John 14:19 और थोड़ी देर रह गई है कि फिर संसार मुझे न देखेगा, परन्तु तुम मुझे देखोगे, इसलिये कि मैं जीवित हूं, तुम भी जीवित रहोगे। 
John 14:20 उस दिन तुम जानोगे, कि मैं अपने पिता में हूं, और तुम मुझ में, और मैं तुम में। 
John 14:21 जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 24-26
  • 1 पतरस 2


सोमवार, 8 अगस्त 2016

अकेले


   अफ्रीका की एक दंत-कथा के अनुसार, चार उँगलियाँ और अंगूठा हाथ पर साथ-साथ रहा करते थे, बड़े घनिष्ठ अविभाज्य मित्र थे। एक दिन उन्होंने देखा कि उनके पास ही सोने की एक अंगूठी पड़ी है और उँगलियों ने उसे अपना लेने की योजना बनाई। लेकिन अंगूठे ने एतराज़ किया और कहा कि उनके लिए उस अंगूठी को चोरी करना सही नहीं है। चारों उँगलियों ने अंगूठे को स्वधर्मी और कायर बताते हुए उसे अपने से अलग कर दिया। क्योंकि अंगूठा भी उनकी बुराई में उनका साथ देना नहीं चाहता था, इसलिए वह भी अलग हो गया। और तब से अंगूठा हाथ पर बाकी उँगलियों से अलग ही रहता है।

   इस दंत-कथा से मुझे ऐसे समय स्मरण हो आते हैं जब हमें लगता है कि हमारे चारों ओर बुराई पनप रही है और हम बुराई से अलग होने के प्रयासों में अकेले ही खड़े हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में नूह के दिनों के समय के वर्णन में हम पाते हैं कि पृथ्वी बुराई और उपद्रव से भर गई थी, और मनुष्यों के मनों में बुरा ही उत्पन्न होता था (उत्पत्ति 6:5, 11); "परन्तु यहोवा के अनुग्रह की दृष्टि नूह पर बनी रही" (उत्पत्ति 6:8)। उस बुराई और उपद्रव से भरे समय में भी नूह परमेश्वर को संपूर्णतः समर्पित और परमेश्वर का आज्ञाकारी बना रहा, परमेश्वर के कहने पर और उसके निर्देशों के अनुसार नूह ने जहाज़ बनाया, जिसमें होकर परमेश्वर ने नूह और उसके परिवार को अपने अनुग्रह द्वारा बचा लिया।

   प्रभु यीशु के जीवन, बलिदान और पुनरुत्थान में होकर परमेश्वर ने हम पर भी अपना अनुग्रह किया है। नूह के समान ही अपने जीवनों में परमेश्वर के लिए दृढ़ होकर खड़े रहना और अपने जीवनों से उसे आदर देने के पर्याप्त कारण हमारे पास भी हैं। परमेश्वर सदा हमारे साथ बना रहता है, पवित्र-आत्मा के रूप में हमारे अन्दर विद्यमान रहता है; इसलिए हम कभी अकेले नहीं है। उसके कान हमारी पुकार के लिए सदा खुले रहते हैं (भजन 34:15-17)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


भीड़ के साथ खड़े होना आसान है; 
भीड़ से अलग अकेले खड़े होने के लिए साहस चाहिए।

यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं। यहोवा बुराई करने वालों के विमुख रहता है, ताकि उनका स्मरण पृथ्वी पर से मिटा डाले। धर्मी दोहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उन को सब विपत्तियों से छुड़ाता है। - भजन 34:15-17

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 6:11-22
Genesis 6:11 उस समय पृथ्वी परमेश्वर की दृष्टि में बिगड़ गई थी, और उपद्रव से भर गई थी। 
Genesis 6:12 और परमेश्वर ने पृथ्वी पर जो दृष्टि की तो क्या देखा, कि वह बिगड़ी हुई है; क्योंकि सब प्राणियों ने पृथ्वी पर अपनी अपनी चाल चलन बिगाड़ ली थी। 
Genesis 6:13 तब परमेश्वर ने नूह से कहा, सब प्राणियों के अन्त करने का प्रश्न मेरे साम्हने आ गया है; क्योंकि उनके कारण पृथ्वी उपद्रव से भर गई है, इसलिये मैं उन को पृथ्वी समेत नाश कर डालूंगा। 
Genesis 6:14 इसलिये तू गोपेर वृक्ष की लकड़ी का एक जहाज बना ले, उस में कोठरियां बनाना, और भीतर बाहर उस पर राल लगाना। 
Genesis 6:15 और इस ढंग से उसको बनाना: जहाज की लम्बाई तीन सौ हाथ, चौड़ाई पचास हाथ, और ऊंचाई तीस हाथ की हो। 
Genesis 6:16 जहाज में एक खिड़की बनाना, और इसके एक हाथ ऊपर से उसकी छत बनाना, और जहाज की एक अलंग में एक द्वार रखना, और जहाज में पहिला, दूसरा, तीसरा खण्ड बनाना। 
Genesis 6:17 और सुन, मैं आप पृथ्वी पर जलप्रलय कर के सब प्राणियों को, जिन में जीवन की आत्मा है, आकाश के नीचे से नाश करने पर हूं: और सब जो पृथ्वी पर हैं मर जाएंगे। 
Genesis 6:18 परन्तु तेरे संग मैं वाचा बान्धता हूं: इसलिये तू अपने पुत्रों, स्त्री, और बहुओं समेत जहाज में प्रवेश करना। 
Genesis 6:19 और सब जीवित प्राणियों में से, तू एक एक जाति के दो दो, अर्थात एक नर और एक मादा जहाज में ले जा कर, अपने साथ जीवित रखना। 
Genesis 6:20 एक एक जाति के पक्षी, और एक एक जाति के पशु, और एक एक जाति के भूमि पर रेंगने वाले, सब में से दो दो तेरे पास आएंगे, कि तू उन को जीवित रखे। 
Genesis 6:21 और भांति भांति का भोज्य पदार्थ जो खाया जाता है, उन को तू ले कर अपने पास इकट्ठा कर रखना सो तेरे और उनके भोजन के लिये होगा। 
Genesis 6:22 परमेश्वर की इस आज्ञा के अनुसार नूह ने किया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 74-76
  • रोमियों 9:16-33



शनिवार, 1 नवंबर 2014

त्यागा हुआ?


   क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में कौन से भजन का सबसे अधिक बार उद्धरण हुआ है? शायद आपने भजन 23 सोचा होगा जो बहुत लोकप्रीय और अकसर प्रयोग किया जाने वाला भजन है; लेकिन नए नियम में सबसे अधिक उद्धरण भजन 22 का हुआ है। भजन 22 आरंभ होता है भजन के लेखक दाऊद के मार्मिक तथा हृदयविदारक शब्दों से जिन्हें प्रभु यीशु मसीह ने क्रूस पर उद्धरित किया, "हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?" (मत्ती 27:46; मरकुस 15:34); दाऊद ने अनुभव किया कि वह त्यागा हुआ है, अकेला पड़ गया है, क्योंकि वह आगे कहता है: "तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है?" (भजन 22:1)। साथ ही दाऊद ने यह भी अनुभव किया कि वह नज़रन्दाज़ किया हुआ है: "हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता" (भजन 22:2)।

   ज़रा उस परिस्थिति की कल्पना कीजिए जिस में दाऊद ने अपने आप को पाया होगा और उसके मन से परमेश्वर को संबोधित यह वेदना की पुकार निकली होगी। लेकिन इस भजन में एक और विलक्षण बात है, इस में वर्णित बातें प्रभु यीशु के जीवन और क्रूस पर चढ़ाए जाने और वहाँ उनके अनुभवों की भविष्यवाणी भी हैं जो प्रभु यीशु के जन्म से लगभग 1000 वर्ष पूर्व दाऊद ने लिखीं, वह भी तब जब क्रूस पर चढ़ाकर दीया जाने वाला मृत्युदण्ड आरंभ भी नहीं हुआ था, और प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के समय पूरी हुईं!

   क्या आप भी कभी ऐसी किसी परिस्थिति और अनुभव से होकर निकले हैं? क्या आपने भी कभी आकाश की ओर देखकर यह सोचा है कि क्यों परमेश्वर आपकी नहीं सुन रहा है, आपको नज़रन्दाज़ कर रहा है? यदि ऐसा है तो दाऊद के अनुभवों के संसार में आपका भी स्वागत है! लेकिन इस भजन में एक और बात है - दाऊद की प्रत्येक दुखभरी फरियाद के साथ, परमेश्वर का एक गुण भी दिया गया है जो दाऊद को निराशा से निकालकर लाता है। अपने इस अनुभव में होकर दाऊद ने जाना कि परमेश्वर पवित्र है (पद 3), भरोसेमन्द है (पद 4-5), छुड़ाने और बचानेवाला है (पद 8, 20-21), और उसका सामर्थी सहायक है (पद 19)।

   क्या आप भी अपने आपको त्यागा हुआ और अकेला पड़ा हुआ समझते हैं? परमेश्वर पर भरोसा रखिए, दाऊद के समान उसे पुकारिए और उसके गुणों को दोहराईए, और फिर दाउद के समान ही आप भी उसकी स्तुति करने लगेंगे (पद 26)। - डेव ब्रैनन


चाहे हम परमेश्वर की उपस्थिति महसूस ना भी करें, उसकी प्रेम भरी देखभाल हमें सदा ढाँपे रहती है।

क्योंकि वह अभिलाषी जीव को सन्तुष्ट करता है, और भूखे को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है। - भजन 107:9

बाइबल पाठ: भजन 22
Psalms 22:1 हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? 
Psalms 22:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता। 
Psalms 22:3 परन्तु हे तू जो इस्राएल की स्तुति के सिहांसन पर विराजमान है, तू तो पवित्र है। 
Psalms 22:4 हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था। 
Psalms 22:5 उन्होंने तेरी दोहाई दी और तू ने उन को छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।
Psalms 22:6 परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है। 
Psalms 22:7 वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं, 
Psalms 22:8 कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है। 
Psalms 22:9 परन्तु तू ही ने मुझे गर्भ से निकाला; जब मैं दूधपिउवा बच्च था, तब ही से तू ने मुझे भरोसा रखना सिखलाया। 
Psalms 22:10 मैं जन्मते ही तुझी पर छोड़ दिया गया, माता के गर्भ ही से तू मेरा ईश्वर है। 
Psalms 22:11 मुझ से दूर न हो क्योंकि संकट निकट है, और कोई सहायक नहीं। 
Psalms 22:12 बहुत से सांढ़ों ने मुझे घेर लिया है, बाशान के बलवन्त सांढ़ मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए हैं। 
Psalms 22:13 वह फाड़ने और गरजने वाले सिंह की नाईं मुझ पर अपना मुंह पसारे हुए है।
Psalms 22:14 मैं जल की नाईं बह गया, और मेरी सब हडि्डयों के जोड़ उखड़ गए: मेरा हृदय मोम हो गया, वह मेरी देह के भीतर पिघल गया। 
Psalms 22:15 मेरा बल टूट गया, मैं ठीकरा हो गया; और मेरी जीभ मेरे तालू से चिपक गई; और तू मुझे मारकर मिट्टी में मिला देता है। 
Psalms 22:16 क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मण्डली मेरी चारों ओर मुझे घेरे हुए है; वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं। 
Psalms 22:17 मैं अपनी सब हडि्डयां गिन सकता हूं; वे मुझे देखते और निहारते हैं; 
Psalms 22:18 वे मेरे वस्त्र आपस में बांटते हैं, और मेरे पहिरावे पर चिट्ठी डालते हैं। 
Psalms 22:19 परन्तु हे यहोवा तू दूर न रह! हे मेरे सहायक, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर! 
Psalms 22:20 मेरे प्राण को तलवार से बचा, मेरे प्राण को कुत्ते के पंजे से बचा ले! 
Psalms 22:21 मुझे सिंह के मुंह से बचा, हां, जंगली सांढ़ों के सींगो में से तू ने मुझे बचा लिया है।
Psalms 22:22 मैं अपने भाइयों के साम्हने तेरे नाम का प्रचार करूंगा; सभा के बीच में तेरी प्रशंसा करूंगा। 
Psalms 22:23 हे यहोवा के डरवैयों उसकी स्तुति करो! हे याकूब के वंश, तुम सब उसकी महिमा करो! हे इस्त्राएल के वंश, तुम उसका भय मानो! 
Psalms 22:24 क्योंकि उसने दु:खी को तुच्छ नहीं जाना और न उस से घृणा करता है, ओर न उस से अपना मुख छिपाता है; पर जब उसने उसकी दोहाई दी, तब उसकी सुन ली।
Psalms 22:25 बड़ी सभा में मेरा स्तुति करना तेरी ही ओर से होता है; मैं अपने प्रण को उस से भय रखने वालों के साम्हने पूरा करूंगा 
Psalms 22:26 नम्र लोग भोजन कर के तृप्त होंगे; जो यहोवा के खोजी हैं, वे उसकी स्तुति करेंगे। तुम्हारे प्राण सर्वदा जीवित रहें! 
Psalms 22:27 पृथ्वी के सब दूर दूर देशों के लोग उसको स्मरण करेंगे और उसकी ओर फिरेंगे; और जाति जाति के सब कुल तेरे साम्हने दण्डवत करेंगे। 
Psalms 22:28 क्योंकि राज्य यहोवा की का है, और सब जातियों पर वही प्रभुता करता है।
Psalms 22:29 पृथ्वी के सब हृष्टपुष्ट लोग भोजन कर के दण्डवत करेंगे; वह सब जितने मिट्टी में मिल जाते हैं और अपना अपना प्राण नहीं बचा सकते, वे सब उसी के साम्हने घुटने टेकेंगे। 
Psalms 22:30 एक वंश उसकी सेवा करेगा; दूसरा पीढ़ी से प्रभु का वर्णन किया जाएगा। 
Psalms 22:31 वह आएंगे और उसके धर्म के कामों को एक वंश पर जो उत्पन्न होगा यह कहकर प्रगट करेंगे कि उसने ऐसे ऐसे अद्भुत काम किए।

एक साल में बाइबल: 
  • लूका 22-24