ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

मीठा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मीठा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

स्वाद



     कुछ लोगों को चॉकलेट मीठी अच्छी लगती है तो औरों को कडुवी। मध्य अमेरिका के प्राचीन मूल निवासी, माया जनजाति के लोग, चॉकलेट को पेय पदार्थ के रूप में लेते थे, और वे इसमें मिर्च मिलाया करते थे; उन्हें यह “कडुवा पानी”, जैसा वह उसे कहते थे, पसंद था। कई वर्षों के पश्चात चॉकलेट स्पेन पहुँचा, परन्तु स्पेन के लोगों ने इसे मीठा पसंद किया, इसलिए उसकी स्वाभाविक कडुवाहट को छिपाने के लिए वे चॉकलेट में चीनी और शहद मिलाने लगे।

     चॉकलेट ही के समान, दिन भी कडुवे या मीठे हो सकते हैं। सत्रहवीं शताब्दी के एक सुप्रसिद्ध मसीही सन्यासी, ब्रदर लॉरेंस ने लिखा, “यदि हम जानते कि [परमेश्वर] हम से कितना प्रेम करता है तो हम उसके हाथ से, मीठा और कडुवा, बराबर मात्राओं में, लेने के लिए सदा तैयार रहते। मीठा और कडुवा लेने, बराबर मात्राओं में? यह तो कठिन है! ब्रदर लॉरेंस क्या कह रहे थे? कुंजी परमेश्वर के चरित्र में है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने परमेश्वर के विषय कहा, “तू भला है, और भला करता भी है; मुझे अपनी विधियां सिखा” (पद 68)।

     माया लोग कडुवे चॉकलेट को उसकी चंगा करने और औषधीय गुणों के लिए भी पसंद करते थे। कडुवे समयों का भी महत्त्व होता है। वे हमें हमारी कमज़ोरियों को दिखाते हैं, तथा हमें परमेश्वर पर और भी अधिक निर्भर रहने में सहायता करते हैं। भजनकार ने लिखा, “मुझे जो दु:ख हुआ वह मेरे लिये भला ही हुआ है, जिस से मैं तेरी विधियों को सीख सकूं” (पद 71)। आज हम जीवन को उसके हर भिन्न स्वाद के साथ अपनाएं। जीवन के प्रत्येक स्वाद में परमेश्वर से मिलने वाली भलाई के लिए आश्वस्त रहते हुए, हम भी भजनकार के साथ कहें, “हे यहोवा, तू ने अपने वचन के अनुसार अपने दास के संग भलाई की है” (पद 65)। - कीला ओकोआ

हर परिस्थिति में, परमेश्वर सदा भला है।

क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करने वाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है। - भजन 86:5

बाइबल पाठ: भजन 119:65-72
भजन संहिता 119:65 हे यहोवा, तू ने अपने वचन के अनुसार अपने दास के संग भलाई की है।
भजन संहिता 119:66 मुझे भली विवेक- शक्ति और ज्ञान दे, क्योंकि मैं ने तेरी आज्ञाओं का विश्वास किया है।
भजन संहिता 119:67 उस से पहिले कि मैं दु:खित हुआ, मैं भटकता था; परन्तु अब मैं तेरे वचन को मानता हूं।
भजन संहिता 119:68 तू भला है, और भला करता भी है; मुझे अपनी विधियां सिखा।
भजन संहिता 119:69 अभिमानियों ने तो मेरे विरुद्ध झूठ बात गढ़ी है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों को पूरे मन से पकड़े रहूंगा।
भजन संहिता 119:70 उनका मन मोटा हो गया है, परन्तु मैं तेरी व्यवस्था के कारण सुखी हूं।
भजन संहिता 119:71 मुझे जो दु:ख हुआ वह मेरे लिये भला ही हुआ है, जिस से मैं तेरी विधियों को सीख सकूं।
भजन संहिता 119:72 तेरी दी हुई व्यवस्था मेरे लिये हजारों रूपयों और मुहरों से भी उत्तम है।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 19-21
  • लूका 7:31-50



मंगलवार, 10 अप्रैल 2018

मधु



   जब सन 1922 में मिस्र के राजा तूतनखामेन की कब्र मिली, तो उसके अन्दर साथ ही अनेकों ऐसी अन्य वस्तुएँ भी रखी हुई थीं जिन्हें मिस्री परलोक के जीवन के लिए आवश्यक समझते थे, जैसे कि सोने की बनी वेदियाँ, आभूषण, वस्त्र, फर्नीचर, हथियार, और मधु से भरा हुआ एक बर्तन, और 3200 वर्ष के बाद भी वह मधु खाने योग्य था!

   आज हम मधु को मुख्यतः मीठा करने वाली वस्तु समझते हैं, परन्तु प्राचीन सँसार में, उसके अन्य भी उपयोग थे। मधु ही एकमात्र ऐसा भोजन है जिसमें जीवन के लिए आवश्यक सभी तत्व एक साथ मिलते हैं, इसलिए वह पोषण के लिए प्रयोग होता था। इसके अतिरिक्त, मधु में चिकित्सीय गुण भी पाए जाते हैं; इसमें संक्रमण को रोकने की क्षमता होती है, इसलिए इसे घावों की मरहम-पट्टी के लिए भी प्रयोग किया जाता था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब परमेश्वर ने इस्राएलियों को मिस्र से छुड़ाया, तो उसने उनके साथ उन्हें एक ऐसे देश में ले जाकर बसाने की वाचा बांधी जिसमें दूध और मधु की धाराएं बहती थीं (निर्गमन 3:8, 17), जो कि बहुतायत को दिखाने वाला अलंकार है। जब इस्राएलियों के पाप के कारण उनकी यात्रा का समय बढ़ गया, तब जंगल की यात्रा में परमेश्वर ने उन्हें मन्ना खिलाया, जिसका स्वाद मधु के समान था (निर्गमन 16:31)। बाद में इस्राएली एक ही प्रकार के भोजन को लेकर कुड़कड़ाए, परन्तु संभव है कि परमेश्वर उन्हें उस वस्तु के स्वाद का आदि करना चाह रहा था, जिसे वे उस वाचा किए हुए देश में बहुतायत से पाने और उपयोग करने वाले थे।

   परमेश्वर आज भी मधु को अपने वचन और गुणों को हमें स्मरण दिलाने के लिए प्रयोग करता है: “तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं!” (भजन 119:103)। इसलिए हम मसीही विश्वासियों द्वारा बोले गए शब्द भी परमेश्वर द्वारा हमें दिए जाने वाले उसके वचन के मधु के समान ही होने चाहिएँ। - जूली ऐकैर्मैन लिंक


अपना समय अपनी आशीषों को गिनने में लगाएं
 न कि अपनी शिकायतों को व्यक्त करने में।

मन भावने वचन मधु भरे छते के समान प्राणों को मीठे लगते, और हड्डियों को हरी-भरी करते हैं। - नीतिवचन 16:24

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:7-17
Exodus 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है ;
Exodus 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।
Exodus 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाईं पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है,
Exodus 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए।
Exodus 3:11 तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं?
Exodus 3:12 उसने कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा भेजने वाला मैं हूं, तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि जब तू उन लोगों को मिस्र से निकाल चुके तब तुम इसी पहाड़ पर परमेश्वर की उपासना करोगे।
Exodus 3:13 मूसा ने परमेश्वर से कहा, जब मैं इस्राएलियों के पास जा कर उन से यह कहूं, कि तुम्हारे पितरों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, तब यदि वे मुझ से पूछें, कि उसका क्या नाम है? तब मैं उन को क्या बताऊं?
Exodus 3:14 परमेश्वर ने मूसा से कहा, मैं जो हूं सो हूं। फिर उसने कहा, तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।
Exodus 3:15 फिर परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा, कि तू इस्राएलियों से यह कहना, कि तुम्हारे पितरों का परमेश्वर, अर्थात इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर और याकूब का परमेश्वर, यहोवा उसी ने मुझ को तुम्हारे पास भेजा है। देख सदा तक मेरा नाम यही रहेगा, और पीढ़ी पीढ़ी में मेरा स्मरण इसी से हुआ करेगा।
Exodus 3:16 इसलिये अब जा कर इस्राएली पुरनियों को इकट्ठा कर, और उन से कह, कि तुम्हारे पितर इब्राहीम, इसहाक, और याकूब के परमेश्वर, यहोवा ने मुझे दर्शन देकर यह कहा है, कि मैं ने तुम पर और तुम से जो बर्ताव मिस्र में किया जाता है उस पर भी चित लगाया है;
Exodus 3:17 और मैं ने ठान लिया है कि तुम को मिस्र के दुखों में से निकाल कर कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी हिब्बी, और यबूसी लोगों के देश में ले चलूंगा, जो ऐसा देश है कि जिस में दूध और मधु की धारा बहती है।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42