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रविवार, 22 मार्च 2015

दौड़


   प्रति वर्ष मार्च महीने में उत्तरी ध्रुवीय इलाके अलास्का में आएडीटेरोड ट्रेल दौड़ प्रतियोगिता होती है। सारे साल बर्फीले तथा अति ठंडे रहने वाले उस इलाके में, कुत्तों द्वारा बर्फ पर खींची जाने वाली गाड़ियों और उनके चालकों को, जिन्हें ’मुशर्स’ कहा जाता है, ऐंकरेज से नोम नामक स्थान की 1049 मील की दूरी तय करनी होती है। दौड़ में भाग लेने वाली टीमों को यह दूरी तय करने में 8 से 15 दिनों तक का समय लगता है। सन 2011 की दौड़ में मुशर जौन बेकर ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया जब उसने यह दौड़ 8 दिन, 19 घंटे, 46 मिनिट तथा 39 सेकेंड में पूरी करी। इस दौड़ को पूरा करने के लिए गाड़ी खींचने वाले कुत्तों और उनके चालकों के बीच अद्भुत समझ-बूझ तथा सामंजस्य होता है, और भाग लेने वाले सभी प्रतियोगी जीतने के अपने प्रयास में बहुत दृढ़ होते हैं। प्रथम स्थान पाने वाले को नकद पुरुस्कार के अतिरिक्त एक नया पिकअप ट्रक भी ईनाम में दीया जाता है। किंतु इतने अधिक ठंडे वातावरण और जोखिम भरे मार्ग पर दौड़ में दृढ़ता से डटे रहने के पश्चात यह सब शाबाशी और पुरुस्कार क्षणिक तथा महत्वहीन ही प्रतीत होते हैं।

   प्रेरित पौलुस के लिए दौड़ की उत्तेजना एवं रोमांच कोई अनजानी बात नहीं थे; पौलुस ने प्रतियोगिता की भावना को एक अनन्तकालीन बात के बारे में समझाने के लिए उपयोग किया; उसने लिखा, "और हर एक पहलवान सब प्रकार का संयम करता है, वे तो एक मुरझाने वाले मुकुट को पाने के लिये यह सब करते हैं, परन्तु हम तो उस मुकुट के लिये करते हैं, जो मुरझाने का नहीं" (1 कुरिन्थियों 9:25)।

   बहुत बार हमें प्रलोभन रहता है कि हम नश्वर सांसारिक उपलब्धियों पर ध्यान लगाएं, उन बातों को महत्वपूर्ण आँकें जो समय बीतने के साथ नष्ट होती जाती हैं। किंतु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा मिलने वाले चिरस्थाई तथा अविनाशी पुरुस्कार पर मन लगाने की शिक्षा देती है, चाहे इसके लिए हमें संसार से कितना ही कष्ट और कैसी भी परेशानियाँ क्यों ना झेलनी पड़ें। जब हम दृढ़ता से आत्मिक बातों की खोज में रहकर परमेश्वर पिता से प्रभु यीशु में होकर अनन्तकाल तक बने रहने वाली बातों पर पूरी निश्ठा के साथ मन लगाते हैं, उन्हें अपनाते हैं, तब ना केवल हम परमेश्वर को आदर देते हैं वरन उससे अविनाशी तथा चिरस्थाई आदर प्राप्त भी करते हैं। - डेनिस फिशर


अपने जीवन की दौड़ को अनन्तकाल के परिपेक्ष्य में रखकर ही दौड़ें।

विश्वास की अच्छी कुश्‍ती लड़; और उस अनन्त जीवन को धर ले, जिस के लिये तू बुलाया, गया, और बहुत गवाहों के साम्हने अच्छा अंगीकार किया था। - 1 तिमुथियुस 6:12

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 9:24-27
1 Corinthians 9:24 क्या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो। 
1 Corinthians 9:25 और हर एक पहलवान सब प्रकार का संयम करता है, वे तो एक मुरझाने वाले मुकुट को पाने के लिये यह सब करते हैं, परन्तु हम तो उस मुकुट के लिये करते हैं, जो मुरझाने का नहीं। 
1 Corinthians 9:26 इसलिये मैं तो इसी रीति से दौड़ता हूं, परन्तु बेठिकाने नहीं, मैं भी इसी रीति से मुक्कों से लड़ता हूं, परन्तु उस की नाईं नहीं जो हवा पीटता हुआ लड़ता है। 
1 Corinthians 9:27 परन्तु मैं अपनी देह को मारता कूटता, और वश में लाता हूं; ऐसा न हो कि औरों को प्रचार कर के, मैं आप ही किसी रीति से निकम्मा ठहरूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 10-12
  • लूका 1:39-56



मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

धीरज रखने की सामर्थ

व्यवासयिक गोल्फ खिलड़ी पौला क्रीमर ने सारे साल परिश्रम किया जिससे उसे २००८ की ADT प्रतियोगिता में भाग लेने का स्थान मिल सके। जब प्रतियोगिता आरंभ हुई तो पौला पेट के रोग से ग्रसित हो गई और प्रतियोगिता के चारों दिन उसे पेट में सूजन के कारण बहुत दर्द रहा, वह कुछ खा भी नहीं पा रही थी और एक रात उसे अस्पताल में भी बितानी पड़ी। फिर भी वह अन्त तक प्रतियोगिता में बनी रही, और आश्चर्य की बात रही कि उसे प्रतियोगिता में तीसरा स्थान मिला। तकलीफ के बवजूद प्रतियोगिता में बने रहने के उसके दृढ़ निश्चय के कारण उसके कई नये प्रशंसक बन गये।

इस जीवन की चुनौतियां और मुश्किलें हमें हमारी सहने की शक्ति की सीमाओं तक परख सकती हैं, और ऐसे में हार मान लेना और धीरज छोड़ देना बहुत आसान होता है। प्रभु यीशु के अनुयाइयों को याकूब ऐसे में एक और परिप्रेक्ष्य दिखाता है। उसका कहना है कि चाहे जीवन एक संघर्ष हो, परन्तु संघर्ष के साथ आशीष भी है: "देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्युब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है" (याकूब ५:११)।

अय्युब के जीवन से हम जीवन की कठिनतम घड़ियों में भी धीरज बनाए रखने के लिये प्रोत्साहन और सामर्थ पाते हैं - सामर्थ जो ऐसे परमेश्वर से है जो कि दयावन्त और करुणामय है। यद्यपि जीवन कठिन और जटिल हो सकता है, लेकिन हम धीरज सहित परिस्थितियों में दृढ़ बने रह सकते हैं क्योंकि परमेश्वर हमारे साथ है। उसकी करुणा सदा बनी रहती है (भजन १३६)। - बिल क्राउडर


परमेश्वर हमें बने रहने की शक्ति प्रदान करता है।

देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्युब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है - याकूब ५:११

बाइबल पाठ: याकूब ५:१-११

हे धनवानों सुन तो लो, तुम अपने आने वाले क्‍लेशों पर चिल्लाकर रोओ।
तुम्हारा धन बिगड़ गया और तुम्हारे वस्‍त्रों को कीड़े खा गए।
तुम्हारे सोने-चान्‍दी में काई लग गई है, और वह काई तुम पर गवाही देगी, और आग की नाई तुम्हारा मांस खा जाएगी: तुम ने अन्‍तिम युग में धन बटोरा है।
देखो, जिन मजदूरों ने तुम्हारे खेत काटे, उन की वह मजदूरी जो तुम ने धोखा देकर रख ली है चिल्ला रही है, और लवने वालों की दोहाई, सेनाओं के प्रभु के कानों तक पहुंच गई है।
तुम पृथ्वी पर भोग-विलास में लगे रहे और बड़ा ही सुख भोगा, तुम ने इस वध के दिन के लिये अपने हृदय का पालन-पोषण करके मोटा ताजा किया।
तुम ने धर्मी को दोषी ठहराकर मार डाला, वह तुम्हारा साम्हना नहीं करता।
सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्‍तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है।
तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्‍योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है।
हे भाइयों, एक दूसरे पर दोष न लगाओ ताकि तुम दोषी न ठहरो, देखो, हाकिम द्वार पर खड़ा है।
हे भाइयो, जिन भविष्यद्वक्ताओं ने प्रभु के नाम से बातें की, उन्‍हें दुख उठाने और धीरज धरने का एक आदर्श समझो।
देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्युब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है।

एक साल में बाइबल:
  • ज़क्कर्याह ५-८
  • प्रकाशितवाक्य १९