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शुक्रवार, 8 जून 2018

बेहतर



   एक छोटे बच्चे के घर के बाहर साइरन बजने की आवाज़ आने लगी। क्योंकि वह उस आवाज़ से अपरिचित था, इसलिए उसने अपनी माँ से उसके बारे में पूछा। उसकी माँ ने उसे समझाया कि वह लोगों को आने वाले खतरनाक तूफ़ान से सचेत करने के लिए था; यदि लोग तूफ़ान से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों में चले नहीं जाएँगे तो उनकी जान जोखिम में होगी और वे तूफ़ान से मर भी सकते हैं। तो बच्चे ने पूछा, “माँ तो यह बुरा क्यों है? यदि हमें मर जाएँगे तो क्या हम प्रभु यीशु से नहीं मिलेंगे?”

   छोटे बच्चे मरना क्या होता है अकसर समझ नहीं पाते हैं। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र, पौलुस प्रेरित ने भी, जीवन का लंबा अनुभव होने के बावजूद, अपने विषय कुछ ऐसा ही लिखा: “क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है” (फिलिप्पियों 1:23)। उसने जब यह लिखा उस समय वह घर में नज़रबंद था, परन्तु उसका यह कथन किसी निराशा के कारण नहीं था। वह तो आनन्दित था क्योंकि उसका परेशानी और पीड़ा सहना सुसमाचार के प्रसार का कारण हो रहा था (पद 12-14)।

   तो फिर पौलुस क्यों जीवन और मृत्यु की इच्छा के मध्य अधर में था? क्योंकि जीवित रहने का अर्थ था “फलवन्त परिश्रम”; परन्तु यदि वह मर जाता तो उसे पता था कि वह प्रभु यीशु के साथ एक विशेष निकटता के सुखदायक अनुभव में पहुंच जाएगा। हम मसीही विश्वासियों के लिए यह तय है कि शरीर से अनुपस्थित होते ही हम प्रभु यीशु के सम्मुख उपस्थित हो जाएँगे (2 कुरिन्थियों 5:6-8)।

   जो लोग प्रभु यीशु मसीह की मृत्यु और पुनरुत्थान के बचाने वाले सामर्थ्य में विश्वास रखते हैं, वे सदा प्रभु के साथ ही रहेंगे। ऐसा कहा गया है कि “जो कुछ स्वर्ग में अन्त होता है,वह सब भला है।” इसलिए हम मसीही विश्वासी, चाहे जीएँ या मरें, हमारे लिए तो बेहतर ही है, जैसा पौलुस ने कहा है: “क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है” (फिलिप्पियों 1:21)।


प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनारुथान में लाया गया विश्वास, 
उसके साथ अनन्त जीवन के आश्वासन को लाता है।

इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं। - 2 कुरिन्थियों 5:8

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:12-26
Philippians 1:12 हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है।
Philippians 1:13 यहां तक कि कैसरी राज्य की सारी पलटन और शेष सब लोगों में यह प्रगट हो गया है कि मैं मसीह के लिये कैद हूं।
Philippians 1:14 और प्रभु में जो भाई हैं, उन में से बहुधा मेरे कैद होने के कारण, हियाव बान्‍ध कर, परमेश्वर का वचन निधड़क सुनाने का और भी हियाव करते हैं।
Philippians 1:15 कितने तो डाह और झगड़े के कारण मसीह का प्रचार करते हैं और कितने भली मनसा से।
Philippians 1:16 कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं।
Philippians 1:17 और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्‍लेश उत्पन्न करें।
Philippians 1:18 सो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्‍दित हूं, और आनन्‍दित रहूंगा भी।
Philippians 1:19 क्योंकि मैं जानता हूं, कि तुम्हारी बिनती के द्वारा, और यीशु मसीह की आत्मा के दान के द्वारा इस का प्रतिफल मेरा उद्धार होगा।
Philippians 1:20 मैं तो यही हादिर्क लालसा और आशा रखता हूं, कि मैं किसी बात में लज्ज़ित न होऊं, पर जैसे मेरे प्रबल साहस के कारण मसीह की बड़ाई मेरी देह के द्वारा सदा होती रही है, वैसा ही अब भी हो चाहे मैं जीवित रहूं या मर जाऊं।
Philippians 1:21 क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।
Philippians 1:22 पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं।
Philippians 1:23 क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है।
Philippians 1:24 परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है।
Philippians 1:25 और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, वरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्‍दित रहो।
Philippians 1:26 और जो घमण्‍ड तुम मेरे विषय में करते हो, वह मेरे फिर तुम्हारे पास आने से मसीह यीशु में अधिक बढ़ जाए।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 30-31
  • यूहन्ना 18:1-18



रविवार, 1 जनवरी 2017

बेहतर या बदतर


   सभी पाठकों को नव-वर्ष की शुभ-कामनाएं

   प्रत्येक नए वर्ष के आरंभ होने पर, विशेषज्ञ उस वर्ष के लिए अर्थव्यवस्था, राजनीति, मौसम और अनेकों अन्य विषयों के बारे में अपनी भविष्यवाणियाँ देते हैं। क्या युद्ध होंगे या शान्ति रहेगी? दरिद्रता होगी या समृद्धि? विकास होगा या नहीं? सभी स्थानों पर लोगों की आशा है कि यह वर्ष पिछले वर्ष से बेहतर हो, परन्तु कोई नहीं जानता कि वास्तव में क्या होगा।

   परन्तु कुछ है जिसके बारे में हम निश्चित रह सकते हैं। हमारे चर्च में आए एक अतिथि उपदेशक ने राय दी कि यदि कोई पूछे कि संसार बेहतर होगा या बदतर, तो उत्तर होना चाहिए, दोनों ही होंगे!

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने तिमुथियुस को संसार के अन्तिम दिनों के विषय में लिखा कि, "पर यह जान रख, कि अन्‍तिम दिनों में कठिन समय आएंगे।...दुष्‍ट, और बहकाने वाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएंगे। पर तू इन बातों पर जो तू ने सीखीं हैं और प्रतीति की थी, यह जानकर दृढ़ बना रह; कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था" (2 तिमुथियुस 3:1, 13-14)।

   परमेश्वर की प्रेरणा से लिखा गया यह पवित्र वचन हमें समझाता, सुधारता और सचेत करता है, हमें प्रोत्साहित करता है कि हम परमेश्वर के मार्ग पर चलें (पद 16-17)। जे. बी. फिलिप्स ने पवित्र शास्त्र को परमेश्वर द्वारा हमारे लिए दिया गया ऐसा व्यापक उपकरण बताया जो हमें परमेश्वर के कार्य के प्रत्येक भाग के लिए हमें पूर्णतया तैयार करता है।

   पाप से भरे हमारे संसार का आत्मिक अंधकार जैसे जैसे और गहरा होता जाता है, मसीह यीशु में प्राप्त होने वाले अनन्त आनन्द की ज्योति और भी अधिक ज्योतिर्मय होती जाती है, तथा उनके जीवनों से होकर संसार को रौशन करती रहती है जिन्होंने मसीह यीशु को जाना है, और अपना जीवन उसे समर्पित किया है, उसे अपना निज उद्धारकर्ता स्वीकार कर लिया है। प्रभु के लोगों के लिए मसीह यीशु ही, आज, कल और युगानुयुग तक आनन्द और आशा है।

   जो संसार के साथ और संसार के अनुसार जीना चाहते हैं, उनके लिए यह वर्ष और बदतर होगा; परन्तु जो प्रभु यीशु के साथ और प्रभु यीशु के अनुसार जीना चाहते हैं, उनके लिए यह वर्ष और बेहतर होगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


आपके चारों ओर विद्यमान बुराई की शक्तियाँ, 
आपके अन्दर विद्यमान यीशु के सामर्थ के सामने कुछ भी नहीं हैं।

हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है। - 1 यूहन्ना 4:4

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 3:1-5, 10-17
2 Timothy 3:1 पर यह जान रख, कि अन्‍तिम दिनों में कठिन समय आएंगे। 
2 Timothy 3:2 क्योंकि मनुष्य अपस्‍वार्थी, लोभी, डींगमार, अभिमानी, निन्‍दक, माता-पिता की आज्ञा टालने वाले, कृतघ्‍न, अपवित्र। 
2 Timothy 3:3 दयारिहत, क्षमारिहत, दोष लगाने वाले, असंयमी, कठोर, भले के बैरी। 
2 Timothy 3:4 विश्वासघाती, ढीठ, घमण्‍डी, और परमेश्वर के नहीं वरन सुखविलास ही के चाहने वाले होंगे। 
2 Timothy 3:5 वे भक्ति का भेष तो धरेंगे, पर उस की शक्ति को न मानेंगे; ऐसों से परे रहना। 
2 Timothy 3:10 पर तू ने उपदेश, चाल चलन, मनसा, विश्वास, सहनशीलता, प्रेम, धीरज, और सताए जाने, और दुख उठाने में मेरा साथ दिया। 
2 Timothy 3:11 और ऐसे दुखों में भी जो अन्‍ताकिया और इकुनियुम और लुस्‍त्रा में मुझ पर पड़े थे और और दुखों में भी, जो मैं ने उठाए हैं; परन्तु प्रभु ने मुझे उन सब से छुड़ा लिया। 
2 Timothy 3:12 पर जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएंगे। 
2 Timothy 3:13 और दुष्‍ट, और बहकाने वाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएंगे। 
2 Timothy 3:14 पर तू इन बातों पर जो तू ने सीखीं हैं और प्रतीति की थी, यह जानकर दृढ़ बना रह; कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था 
2 Timothy 3:15 और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। 
2 Timothy 3:16 हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। 
2 Timothy 3:17 ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 1-3
  • मत्ती 1


मंगलवार, 6 दिसंबर 2016

बेहतर


   शिशु अवस्था में मेरे बच्चों की तवचा लगभग सर्वोत्तम थी। उनकी माँसपेशियाँ मुलायम थीं, उनकी कोहनियाँ सूखी और रूखी नहीं थीं और ना ही पैरों में कोई दाग़-धब्बे थे। उनके वे कोमल और नए शरीर मेरे वर्षों पुराने शरिर से, जिसमें कई स्थानों पर निशान और ठेठ पड़ गए थे, एक तुलना प्रस्तुत करते थे।

   संभव है कि परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र, नामान, जो एक महान योद्धा और आराम की सेना का सेनापति था, की त्वचा रूखी तथा युद्ध के घावों के चिन्हों से भरी हो; परन्तु उसे त्वचा की एक गंभीर बीमारी और भी थी - कोढ़। जब उसकी एक दासी लड़की ने उसे बताया कि इस्त्राएल का भविष्यद्वक्ता एलीशा उसे चंगा कर सकता है, तो नामान एलीशा के पास गया। एलीशा द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने के पश्चात उसका रोगी शरीर "...छोटे लड़के का सा हो गया; उौर वह शुद्ध हो गया" (2 राजा 5:14)। यह चंगाई प्राप्त करने से नामान शारीरिक और आत्मिक रीति से पहल से बेहतर हो गया; और उसने कहा, "...अब मैं ने जान लिया है, कि समस्त पृथ्वी में इस्राएल को छोड़ और कहीं परमेश्वर नहीं है..." (2 राजा 5:15)।

   नामान के समान हम भी अपने अनुभवों के द्वारा परमेश्वर के बारे में महत्वपूर्ण पाठ सीख सकते हैं। परमेश्वर की आशीष पाने से हम उसकी करुणा एवं भलाई के बारे में सीख सकते हैं (मत्ती 7:11)। किसी कठिन परीक्षा से सुरक्षित निकल पाना हमें परमेश्वर के प्रावधानों और देख-भाल के बारे में सिखाता है। उसके ज्ञान में बढ़ना सदा ही हमें पहले से बेहतर करेगा (2 पतरस 1:3)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


जीवन के अनुभवों में परमेश्वर की शिक्षाएं छिपी होती हैं।

क्योंकि उसके ईश्वरीय सामर्थ ने सब कुछ जो जीवन और भक्ति से सम्बन्‍ध रखता है, हमें उसी की पहचान के द्वारा दिया है, जिसने हमें अपनी ही महिमा और सद्गुण के अनुसार बुलाया है। - 2 पतरस 1:3

बाइबल पाठ: 2 राजा 5:1-15
2 Kings 5:1 अराम के राजा का नामान नाम सेनापति अपने स्वामी की दृष्टि में बड़ा और प्रतिष्ठित पुरुष था, क्योंकि यहोवा ने उसके द्वारा अरामियों को विजयी किया था, और यह शूरवीर था, परन्तु कोढ़ी था। 
2 Kings 5:2 अरामी लोग दल बान्ध कर इस्राएल के देश में जा कर वहां से एक छोटी लड़की बन्धुवाई में ले आए थे और वह नामान की पत्नी की सेवा करती थी। 
2 Kings 5:3 उसने अपनी स्वामिन से कहा, जो मेरा स्वामी शोमरोन के भविष्यद्वक्ता के पास होता, तो क्या ही अच्छा होता! क्योंकि वह उसको कोढ़ से चंगा कर देता। 
2 Kings 5:4 तो किसी ने उसके प्रभु के पास जा कर कह दिया, कि इस्राएली लड़की इस प्रकार कहती है। 
2 Kings 5:5 अराम के राजा ने कहा, तू जा, मैं इस्राएल के राजा के पास एक पत्र भेजूंगा; तब वह दस किक्कार चान्दी और छ: हजार टुकड़े सोना, और दस जोड़े कपड़े साथ ले कर रवाना हो गया। 
2 Kings 5:6 और वह इस्राएल के राजा के पास वह पत्र ले गया जिस में यह लिखा था, कि जब यह पत्र तुझे मिले, तब जानना कि मैं ने नामान नाम अपने एक कर्मचारी को तेरे पास इसलिये भेजा है, कि तू उसका कोढ़ दूर कर दे। 
2 Kings 5:7 इस पत्र के पढ़ने पर इस्राएल का राजा अपने वस्त्र फाड़ कर बोला, क्या मैं मारने वाला और जिलाने वाला परमेश्वर हूँ कि उस पुरुष ने मेरे पास किसी को इसलिये भेजा है कि मैं उसका कोढ़  दूर करूं? सोच विचार तो करो, वह मुझ से झगड़े का कारण ढूंढ़ता होगा।
2 Kings 5:8 यह सुनकर कि इस्राएल के राजा ने अपने वस्त्र फाड़े हैं, परमेश्वर के भक्त एलीशा ने राजा के पास कहला भेजा, तू ने क्यों अपने वस्त्र फाड़े हैं? वह मेरे पास आए, तब जान लेगा, कि इस्राएल में भविष्यद्वक्ता तो है। 
2 Kings 5:9 तब नामान घोड़ों और रथों समेत एलीशा के द्वार पर आकर खड़ा हुआ। 
2 Kings 5:10 तब एलीशा ने एक दूत से उसके पास यह कहला भेजा, कि तू जा कर यरदन में सात बार डुबकी मार, तब तेरा शरीर ज्यों का त्यों हो जाएगा, और तू शुद्ध होगा। 
2 Kings 5:11 परन्तु नामान क्रोधित हो यह कहता हुआ चला गया, कि मैं ने तो सोचा था, कि अवश्य वह मेरे पास बाहर आएगा, और खड़ा हो कर अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर के कोढ़ के स्थान पर अपना हाथ फेर कर कोढ़ को दूर करेगा! 
2 Kings 5:12 क्या दमिश्क की अबाना और पर्पर नदियां इस्राएल के सब जलाशयों से अत्तम नहीं हैं? क्या मैं उन में स्नान कर के शुद्ध नहीं हो सकता हूँ? इसलिये वह जलजलाहट से भरा हुआ लौट कर चला गया। 
2 Kings 5:13 तब उसके सेवक पास आकर कहने लगे, हे हमारे पिता यदि भविष्यद्वक्ता तुझे कोई भारी काम करने की आज्ञा देता, तो क्या तू उसे न करता? फिर जब वह कहता है, कि स्नान कर के शुद्ध हो जा, तो कितना अधिक इसे मानना चाहिये। 
2 Kings 5:14 तब उसने परमेश्वर के भक्त के वचन के अनुसार यरदन को जा कर उस में सात बार डुबकी मारी, और उसका शरीर छोटे लड़के का सा हो गया; उौर वह शुद्ध हो गया। 
2 Kings 5:15 तब वह अपने सब दल बल समेत परमेश्वर के भक्त के यहां लौट आया, और उसके सम्मुख खड़ा हो कर कहने लगा सुन, अब मैं ने जान लिया है, कि समस्त पृथ्वी में इस्राएल को छोड़ और कहीं परमेश्वर नहीं है। इसलिये अब अपने दास की भेंट ग्रहण कर।

एक साल में बाइबल: 
  • दान्नियेल 3-4
  • 1 यूहन्ना 5