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शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017

संभव


   सन 2008 में, इंगलैण्ड में घरों की कीमतें गिर रही थीं। लेकिन 40 वर्ष के हमारे घर को बेचने की इच्छा को प्रकट करने के दो सप्ताह बाद ही हमें उसे अच्छी कीमत पर खरीदने वाला एक खरीददार मिला और सौदा पक्का हो गया। ऐसा होते ही हमने मुझे विरासत में मिले पुराने घर को गिरा कर उसके स्थान पर नया घर खड़ा करने का काम आरंभ करवा दिया, क्योंकि अब हमें वहीं जाकर उस घर में रहना था। लेकिन घर के बेचने की प्रक्रिया के पूरा होने के कुछ ही दिन पूर्व, उस खरीददार ने हाथ पीछे खींच लिए और सौदे से इन्कार कर दिया। अब हम बड़ी कठिन परिस्थिति में थे - हमारे पास अब दो घर थे, एक की कीमत तेज़ी से गिरती जा रही थी; और दूसरा जीर्ण और रहने के अयोग्य था, हम ना तो उसमें रह सकते थे और ना ही उसे बेच सकते थे। हमारे लिए एक असंभव स्थिति बन गई थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, मूसा के बाद इस्त्राएलियों का नेतृत्व करने का दायित्व प्राप्त करने वाले यहोशू के सामने भी एक असंभव स्थिति थी - कनान में प्रवेश करते ही उनके सामने दृढ़ गढ़ वाला नगर यरीहो था। यहोशु को भी प्रतीत हुआ होगा कि वह असंभव स्थिति का सामना कर रहा है, क्योंकि आगे बढ़ने के लिए उसे यरीहो पर जय पानी थी (यहोशु 5:13-6:27)। ऐसे में उसे तलवार हाथ में लिए एक दिव्य पुरुष ने दर्शन दिया; कुछ धर्मज्ञानियों का मानना है कि वह व्यक्ति स्वयं प्रभु यीशु ही था। यहोशू ने उत्सुकत्ता से उस से पूछा कि आते युध्द में वह इसत्राएलियों की ओर से लड़ेगा या उनके शत्रुओं की ओर से? उसने कहा, "...नहीं; मैं यहोवा की सेना का प्रधान हो कर अभी आया हूं..." (यहोशू 5:14); और यहोशू ने झुक कर उसे दण्डवत की और परमेश्वर की आज्ञा पूछी।

   यहोशु अभी भी नहीं जानता था कि कैसे वह यरीहो पर जय पाएगा, परन्तु उसने विश्वास के साथ परमेश्वर की बात को सुना और स्वीकार किया, तथा परमेश्वर की आराधना की। इसके बाद यहोशु ने परमेश्वर के निर्देषों के अनुसार कार्य किया, और परमेश्वर की सामर्थ्य से असंभव प्रतीत होने वाला विकट कार्य सरल और संभव हो गया; वे अद्भुत रीति से यरीहो पर जयवंत हो गए। मेरियन स्ट्राउड


परमेश्वर के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।

यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है। - मरकुस 10:27

बाइबल पाठ: यहोशू 5:13-6:5
Joshua 5:13 जब यहोशू यरीहो के पास था तब उसने अपनी आंखें उठाई, और क्या देखा, कि हाथ में नंगी तलवार लिये हुए एक पुरूष साम्हने खड़ा है; और यहोशू ने उसके पास जा कर पूछा, क्या तू हमारी ओर का है, वा हमारे बैरियों की ओर का? 
Joshua 5:14 उसने उत्तर दिया, कि नहीं; मैं यहोवा की सेना का प्रधान हो कर अभी आया हूं। तब यहोशू ने पृथ्वी पर मुंह के बल गिरकर दण्डवत किया, और उस से कहा, अपने दास के लिये मेरे प्रभु की क्या आज्ञा है? 
Joshua 5:15 यहोवा की सेना के प्रधान ने यहोशू से कहा, अपनी जूती पांव से उतार डाल, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र है। तब यहोशू ने वैसा ही किया।
Joshua 6:1 और यरीहो के सब फाटक इस्राएलियों के डर के मारे लगातार बन्द रहे, और कोई बाहर भीतर आने जाने नहीं पाता था। 
Joshua 6:2 फिर यहोवा ने यहोशू से कहा, सुन, मैं यरीहो को उसके राजा और शूरवीरों समेत तेरे वश में कर देता हूं। 
Joshua 6:3 सो तुम में जितने योद्धा हैं नगर को घेर लें, और उस नगर के चारों ओर एक बार घूम आएं। और छ: दिन तक ऐसा ही किया करना। 
Joshua 6:4 और सात याजक सन्दूक के आगे आगे जुबली के सात नरसिंगे लिये हुए चलें; फिर सातवें दिन तुम नगर के चारों ओर सात बार घूमना, और याजक भी नरसिंगे फूंकते चलें। 
Joshua 6:5 और जब वे जुबली के नरसिंगे देर तक फूंकते रहें, तब सब लोग नरसिंगे का शब्द सुनते ही बड़ी ध्वनि से जयजयकार करें; तब नगर की शहरपनाह नेव से गिर जाएगी, और सब लोग अपने अपने साम्हने चढ़ जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 12-13
  • लूका 16


शनिवार, 8 मार्च 2014

छंटनी


   सेना के सेनापति निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए सदा ही पर्याप्त संख्या में सैनिक चाहते हैं; अधिकांशतः तो अनुमानित आवश्यकता से अधिक संख्या में सैनिक रखना चाहते हैं ना कि उस से कम संख्या में। लेकिन कितने सैनिक पर्याप्त होंगे, यह अनुमान सबका भिन्न ही होता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल की एक घटना में परमेश्वर ने गिद्दोन को नियुक्त किया कि वह इस्त्राएल के आताताई मिद्यानियों के विरुद्ध युद्ध की तैयारी करे और सेना एकत्रित करे। जब गिद्दोन सेना एकत्रित कर चुका तो उसके पास 32,000 सैनिक थे। उन्हें देखकर परमेश्वर ने गिद्दोन से कहा, "...जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं" (न्यायियों 7:2)। और परमेश्वर ने गिद्दोन से उन सैनिकों की छंटनी के लिए कहा। जितने युद्ध से डर रहे थे जब उनसे वापस घर जाने के लिए कहा गया तो 22,000 लोग वापस लौट गए। बचे हुए 10,000 सैनिक भी परमेश्वर के लिए बहुत अधिक थे, इसलिए एक छंटनी और करी गई और फिर केवल 300 सैनिक ही बचे। उन 300 सैनिकों से ही परमेश्वर ने गिद्दोन को मिद्यानियों पर एक महान विजय दिलवाई।

   हमारे मसीही विश्वास के जीवन में अनेक बार हमारे अपने संसाधन या हमारी अपनी योजनाएं और योग्यताएं परमेश्वर के लिए बाधा बन जातीं हैं और वह पूरी स्वतंत्रता के साथ हमारे जीवनों में तथा हमारे जीवनों के द्वारा कार्य नहीं कर पाता। अपने कार्यों को कर पाने के लिए उसे हमारे जीवन से कई बातों की छंटनी करनी पड़ती है। परमेश्वर चाहता है कि हम केवल उस पर ही निर्भर रहें, ना कि अपनी सामर्थ, अपने संसाधन, अपनी आर्थिक स्थिति, अपनी बुद्धि इत्यादि पर। इसलिए यदि कभी परमेश्वर आपको किसी "छंटनी" से होकर निकाले और आपके संसाधनों तथा सामर्थ को "32,000" से घटा कर "300" कर दे तो उसे परमेश्वर से मिला कोई दण्ड ना समझें, वरन भरोसा रखें कि परमेश्वर आप में तथा आपके द्वारा कुछ बड़ा और अद्भुत करने जा रहा है जिस से अन्ततः उसकी महिमा और आपकी भलाई ही होगी।

   परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखें, उसे अपने कार्य करने दें, नतीजा आपकी आशा और विचारों से भी कहीं अद्भुत होगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब परमेश्वर कोई असंभव कार्य आपको करने के लिए सौंपे, तो भरोसा रखिए कि उसने उसे संभव करने के साधन जुटा दिए हैं।

तब उसने मुझे उत्तर देकर कहा, जरूब्बाबेल के लिये यहोवा का यह वचन है : न तो बल से, और न शक्ति से, परन्तु मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। - ज़कर्याह 4:6

बाइबल पाठ: न्यायियों 7:1-9
Judges 7:1 तब गिदोन जो यरूब्बाल भी कहलाता है और सब लोग जो उसके संग थे सवेरे उठे, और हरोद नाम सोते के पास अपने डेरे खड़े किए; और मिद्यानियों की छावनी उनकी उत्तरी ओर मोरे नाम पहाड़ी के पास तराई में पड़ी थी।
Judges 7:2 तब यहोवा ने गिदोन से कहा, जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं। 
Judges 7:3 इसलिये तू जा कर लोगों में यह प्रचार कर के सुना दे, कि जो कोई डर के मारे थरथराता हो, वह गिलाद पहाड़ से लौटकर चला जाए। तब बाईस हजार लोग लौट गए, और केवल दस हजार रह गए। 
Judges 7:4 फिर यहोवा ने गिदोन से कहा, अब भी लोग अधिक हैं; उन्हें सोते के पास नीचे ले चल, वहां मैं उन्हें तेरे लिये परखूंगा; और जिस जिसके विषय में मैं तुझ से कहूं, कि यह तेरे संग चले, वह तो तेरे संग चले; और जिस जिसके विषय मे मैं कहूं, कि यह तेरे संग न जाए, वह न जाए। 
Judges 7:5 तब वह उन को सोते के पास नीचे ले गया; वहां यहोवा ने गिदोन से कहा, जितने कुत्ते की नाईं जीभ से पानी चपड़ चपड़ कर के पीएं उन को अलग रख; और वैसा ही उन्हें भी जो घुटने टेककर पीएं। 
Judges 7:6 जिन्होंने मुंह में हाथ लगा चपड़ चपड़ कर के पानी पिया उनकी तो गिनती तीन सौ ठहरी; और बाकी सब लोगों ने घुटने टेककर पानी पिया। 
Judges 7:7 तब यहोवा ने गिदोन से कहा, इन तीन सौ चपड़ चपड़ कर के पीने वालों के द्वारा मैं तुम को छुड़ाऊंगा, और मिद्यानियों को तेरे हाथ में कर दूंगा; और सब लोग अपने अपने स्थान को लौट जाएं। 
Judges 7:8 तब उन लोगों ने हाथ में सीधा और अपने अपने नरसिंगे लिये; और उसने इस्राएल के सब पुरूषों को अपने अपने डेरे की ओर भेज दिया, परन्तु उन तीन सौ पुरूषों को अपने पास रख छोड़ा; और मिद्यान की छावनी उसके नीचे तराई में पड़ी थी।
Judges 7:9 उसी रात को यहोवा ने उस से कहा, उठ, छावनी पर चढ़ाई कर; क्योंकि मैं उसे तेरे हाथ कर देता हूं। 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 5-8


बुधवार, 2 फ़रवरी 2011

कुछ भी असंभव नहीं

परमेश्वर हमारी प्रत्येक आवश्यक्ता को पूरी कर सकता है। उसके लिये कुछ भी असंभव नहीं है। सारा को यह सत्य सीखना था।

परमेश्वर द्वारा इब्राहीम से उसकी सन्तान के लिये किया गया वायदा उत्पत्ति १७:२१ में लिखा है। इससे अगले अध्याय में, यही वायदा उससे फिर से दोहराया गया जब इब्राहीम अपने डेरे के बाहर परमेश्वर के तीन दूतों से बात कर रहा था। उस समय सारा डेरे के अन्दर इस वार्तालाप को सुन रही थी। उसे अपने बुढ़ापे की अवस्था में पुत्र होने की बात असंभव लगी, "सो सारा मन में हंस कर कहने लगी, मैं तो बूढ़ी हूं, और मेरा पति भी बूढ़ा है, तो क्या मुझे यह सुख होगा? तब यहोवा ने इब्राहीम से कहा, सारा यह कह कर क्यों हंसी, कि क्या मेरे, जो ऐसी बुढिय़ा हो गई हूं, सचमुच एक पुत्र उत्पन्न होगा? क्या यहोवा के लिये कोई काम कठिन है? नियत समय में, अर्थात वसन्त ऋतु में, मैं तेरे पास फिर आऊंगा, और सारा के पुत्र उत्पन्न होगा। " (उत्पत्ति १८:१२-१४)

मसीही विश्वासी होने के नाते हमें भी परमेश्वर की ओर से यही आश्वासन है - "क्या यहोवा के लिये कोई काम कठिन है?" इब्राहिम का परमेश्वर हमारा भी परमेश्वर है और वह सर्वशक्तिमान है। वह सृष्टि का सृष्टिकर्ता है, उसकी सामर्थ से बढ़कर कोई और सामर्थ नहीं है। कोई समस्या उसे विसमित नहीं कर सकती, कोई अवरोध उसे रोक नहीं सकता। हमारा स्वर्गीय पिता प्रत्येक परिस्थिति को नियंत्रित करता है। इस सत्य से हमें कैसा अद्भुत विश्वास और कैसी अद्भुत दिलासा मिलती है।

हमारा सर्वज्ञानी, सर्वव्यापी और सर्वशक्तिमान सृष्टिकर्ता परमेश्वर सार्वभौमिक है और सब कुछ कर सकता है। जब हम अपनी आवश्यक्ताएं, प्रार्थना में अपने स्वर्गीय पिता के सामने रखते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि वे उसकी इच्छा के अनुरूप हैं, तो उसका आश्वासन हमारे साथ है कि उसका हमारे लिये कुछ भी करना असंभव नहीं है। - रिचर्ड डी हॉन


असंभव के लिये भी परमेश्वर पर भरोसा रखकर ही हम परमेश्वर की सामर्थ को आंक सकते हैं।

क्या यहोवा के लिये कोई काम कठिन है? - उत्पत्ति १८:१४


बाइबल पाठ: उत्पत्ति १८:१-१४

इब्राहीम मम्रे के बांजो के बीच कड़ी धूप के समय तम्बू के द्वार पर बैठा हुआ था, तब यहोवा ने उसे दर्शन दिया:
और उस ने आंख उठाकर दृष्टि की तो क्या देखा, कि तीन पुरूष उसके साम्हने खड़े हैं: जब उस ने उन्हें देखा तब वह उन से भेंट करने के लिये तम्बू के द्वार से दौड़ा, और भूमि पर गिर कर दण्डवत की और कहने लगा,
हे प्रभु, यदि मुझ पर तेरी अनुग्रह की दृष्टि है तो मैं बिनती करता हूं, कि अपने दास के पास से चले न जाना।
मैं थोड़ा सा जल लाता हूं और आप अपने पांव धोकर इस वृक्ष के तले विश्राम करें।
फिर मैं एक टुकड़ा रोटी ले आऊं और उस से आप अपने जीव को तृप्त करें, तब उसके पश्चात्‌ आगे बढें: क्योंकि आप अपने दास के पास इसी लिये पधारे हैं। उन्होंने कहा, जैसा तू कहता है वैसा ही कर।
सो इब्राहीम ने तम्बू में सारा के पास फुर्ती से जाकर कहा, तीन सआ मैदा फुर्ती से गून्ध, और फुलके बना।
फिर इब्राहीम गाय बैल के झुण्ड में दौड़ा, और एक कोमल और अच्छा बछड़ा लेकर अपने सेवक को दिया, और उसने फुर्ती से उसको पकाया।
तब उस ने मक्खन, और दूध, और वह बछड़ा, जो उस ने पकवाया था, लेकर उनके आगे परोस दिया, और आप वृझ के तले उनके पास खड़ा रहा, और वे खाने लगे।
उन्होंने उस से पूछा, तेरी पत्नी सारा कहां है? उस ने कहा, वह तो तम्बू में है।
उस ने कहा मैं वसन्त ऋतु में निश्चय तेरे पास फिर आऊंगा, और तब तेरी पत्नी सारा के एक पुत्र उत्पन्न होगा। और सारा तम्बू के द्वार पर जो इब्राहीम के पीछे था सुन रही थी।
इब्राहीम और सारा दोनो बहुत बूढ़े थे, और सारा का स्त्रीधर्म बन्द हो गया था;
सो सारा मन में हंस कर कहने लगी, मैं तो बूढ़ी हूं, और मेरा पति भी बूढ़ा है, तो क्या मुझे यह सुख होगा?
तब यहोवा ने इब्राहीम से कहा, सारा यह कह कर क्यों हंसी, कि क्या मेरे, जो ऐसी बुढिय़ा हो गई हूं, सचमुच एक पुत्र उत्पन्न होगा?
क्या यहोवा के लिये कोई काम कठिन है? नियत समय में, अर्थात वसन्त ऋतु में, मैं तेरे पास फिर आऊंगा, और सारा के पुत्र उत्पन्न होगा।

एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन २९-३०
  • मत्ती २१:२३-४६