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शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019

स्पर्श



      कैनाडा की एक ट्रेन में यात्रा कर रहे लोगों ने एक तनावपूर्ण स्थिति का मार्मिक अन्त होते हुए देखा। एक जवान व्यक्ति ट्रेन में ऊँची आवाज़ में बोल रहा था, औरों को भयभीत तथा अशांत कर रहा था। एक 70 वर्षीय वृद्ध महिला ने अपने हाथ बढ़ाकर कोमलता से उसे स्पर्श किया, अपना हाथ उसे थामने के लिए दिया। उस महिला की दयालुता से वह जवान शान्त हो गया, आँखों में आँसुओं के साथ नीचे बैठ गया। उसने कहा, “दादी, धन्यवाद” फिर खड़ा हुआ और चुपचाप चला गया। बाद में उस महिला ने स्वीकार किया कि वह भी भयभीत हुई थी; उसने यह भी कहा, “मैं एक माँ भी हूँ, और मुझे लगा कि उसे किसी के स्पर्श की आवश्यकता है।” यद्यपि अकलमंदी उस जवान से दूरी बनाए रखने का कारण देती, उस महिला ने प्रेम का जोखिम उठाया।

      प्रभु यीशु भी ऐसी करुणा को समझते हैं। जब कोढ़ से भरा हुआ एक मजबूर और परेशान व्यक्ति उनके पास चँगा होने की माँग करता हुआ आया, तो प्रभु ने विचलित हो रही भीड़ के लोगों के समान प्रतिक्रया नहीं दी। न ही प्रभु यीशु ने धार्मिक अगुवों के समान असहाय होकर उस कोढ़ी को नगर में रोग को लेकर आने के लिए दुत्कारा (लैव्यवस्था 13:45-46)। वरन प्रभु यीशु ने हाथ बढ़ाकर उसे स्पर्श किया; ऐसे व्यक्ति को स्पर्श किया जिसे संभवतः वर्षों से किसी ने स्पर्श नहीं किया होगा, और उसे चँगा कर दिया।

      वह व्यक्ति भी धन्यवादी हुआ और आज हम भी धन्यादी हों कि प्रभु यीशु हमें वह प्रदान करने के लिए आए जो कोई भी व्यवस्था कभी नहीं दे सकती है – हमारे दुखी जीवनों में प्रभु परमेश्वर के हाथ और हृदय का स्पर्श। - मार्ट डीहॉन


कोई भी इतना अस्वच्छ या परेशान नहीं है कि, प्रभु यीशु द्वारा स्पर्श न किया जा सके।

परन्तु इसलिये कि तुम जानो कि मनुष्य के पुत्र को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का भी अधिकार है (उसने उस झोले के मारे हुए से कहा), मैं तुझ से कहता हूं, उठ और अपनी खाट उठा कर अपने घर चला जा। - लूका 5:24

बाइबल पाठ: लूका 5:12-16
Luke 5:12 जब वह किसी नगर में था, तो देखो, वहां कोढ़ से भरा हुआ एक मनुष्य था, और वह यीशु को देखकर मुंह के बल गिरा, और बिनती की; कि हे प्रभु यदि तू चाहे हो मुझे शुद्ध कर सकता है।
Luke 5:13 उसने हाथ बढ़ाकर उसे छूआ और कहा मैं चाहता हूं तू शुद्ध हो जा: और उसका कोढ़ तुरन्त जाता रहा।
Luke 5:14 तब उसने उसे चिताया, कि किसी से न कह, परन्तु जा के अपने आप को याजक को दिखा, और अपने शुद्ध होने के विषय में जो कुछ मूसा ने चढ़ावा ठहराया है उसे चढ़ा; कि उन पर गवाही हो।
Luke 5:15 परन्तु उस की चर्चा और भी फैलती गई, और भीड़ की भीड़ उस की सुनने के लिये और अपनी बिमारियों से चंगे होने के लिये इकट्ठी हुई।
Luke 5:16 परन्तु वह जंगलों में अलग जा कर प्रार्थना किया करता था।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 शमूएल 23-24
  • लूका 19:1-27



रविवार, 1 मई 2016

चाहें तो


   मौली को अपने पिताजी की सहायता की आवश्यकता थी किंतु वह सहायता माँगने से डर रही थी, क्योंकि वह जानती थी कि जब उसके पिताजी अपने कंप्यूटर पर बैठकर कार्य कर रहे होते हैं तो उन्हें किसी प्रकार का हस्तक्षेप पसंद नहीं। क्योंकि मौली को डर था कि कहीं उसके पिताजी से सहायता माँगने पर नाराज़ ना हो जाएं; इसलिए उसने उनसे सहायाता माँगी ही नहीं।

   लेकिन हमें प्रभु यीशु के पास आने के लिए ऐसे किसी भय में पड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है (यूहन्ना 6:37)। परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती 8:4 में हम पढ़ते हैं कि एक कोढ़ी भिखारी ने प्रभु यीशु के पास आकर उसे अपनी परेशानी और आवश्यकता बताने में कोई संकोच नहीं किया और ना ही प्रभु यीशु ने अपने कार्य में आए इस विघ्न के कारण उस भिखारी पर कोई नाराज़गी दिखाई। उस भिखारी की बीमारी ने उसे दुस्साहसिक बना दिया था - वह समाज से बहिष्कृत और मान्सिक पीड़ा में था। प्रभु यीशु बड़ी भीड़ के साथ व्यस्त थे, लेकिन वह भिखारी जानता था कि उसकी स्थिति के निवारण की एकमात्र आशा प्रभु यीशु द्वारा है।

   इसलिए वह उस भीड़ में से होता हुआ प्रभु यीशु के पास आया; मत्ती रचित सुसमाचार बताता है कि पास आकर सर्वप्रथम उस भिखारी ने प्रभु यीशु को प्रणाम किया (पद 2)। वह आदर के साथ प्रभु यीशु के पास आया, उसने प्रभु यीशु की सामर्थ पर विश्वास किया, उसने अपनी दशा के लिए अन्तिम निर्णय प्रभु यीशु पर छोड़ दिया और नम्रता से निवेदन किया, "...हे प्रभु यदि तू चाहे, तो मुझे शुद्ध कर सकता है" (मत्ती 8:2)। कोढ़ की बीमारी के कारण, तत्कालीन यहूदी व्यवस्था के अनुसार वह भिखारी अछूत था, लेकिन प्रभु यीशु ने बड़ी करुणा और दया के साथ उसे छूआ तथा उसे चंगाई प्रदान करी, और वह तुरंत अपने रोग से चंगा हो गया, उसका सारा कोढ़ जाता रहा।

   उस कोढ़ी भिखारी के समान, यदि हम यह मान लेते हैं कि हमारे पाप के कोढ़ का निवारण केवल प्रभु यीशु में है और उससे सहायता के लिए नम्रता तथा समर्पण के साथ उसके पास आते हैं, उससे सहायता का निवेदन करते हैं, तो प्रभु यीशु हमें कभी निराश नहीं करेंगे। जब हम उसे अपने जीवन में आदर का स्थान देंगे, उसे हमारी समस्याओं का समाधन करने का समपूर्ण अधिकार देकर उसके आज्ञाकरी हो जाएंगे, तो हम निश्चिंत रह सकते हैं कि जो भी हमारे लिए सबसे अच्छा है, प्रभु यीशु वही हमारे लिए करेगा, हमारा भला ही करेगा।

   यदि आप चाहें तो प्रभु यीशु आपका सहायक और उद्धारकर्ता आज और अभी बन सकता है; यदि आप चाहें तो प्रभु यीशु आपको आपके पापों से मुक्त कर सकता है। - ऐनी सेटास

इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, 
कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, 
जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे। - इब्रानियों 4:16

जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा। - यूहन्ना 6:37

बाइबल पाठ: मत्ती 8:1-4
Matthew 8:1 जब वह उस पहाड़ से उतरा, तो एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली। 
Matthew 8:2 और देखो, एक कोढ़ी ने पास आकर उसे प्रणाम किया और कहा; कि हे प्रभु यदि तू चाहे, तो मुझे शुद्ध कर सकता है। 
Matthew 8:3 यीशु ने हाथ बढ़ाकर उसे छूआ, और कहा, मैं चाहता हूं, तू शुद्ध हो जा और वह तुरन्त कोढ़ से शुद्ध हो गया। 
Matthew 8:4 यीशु ने उस से कहा; देख, किसी से न कहना परन्तु जा कर अपने आप को याजक को दिखला और जो चढ़ावा मूसा ने ठहराया है उसे चढ़ा, ताकि उन के लिये गवाही हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 10-11
  • लूका 21:20-38