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रविवार, 8 जनवरी 2017

आशीष की वर्षा


   मछलियों, मेंढ़कों के बच्चों और मकड़ियों में क्या समान है? पृथ्वी के भिन्न भागों में, ये तीनों ही आकाश से बारिश के समान गिरे हैं! मछलियाँ ऑस्ट्रेलिया के नगर लाजामनु पर गिरीं; मेंढ़क के बच्चे मध्य जापान के इलाकों पर अनेकों अवसरों पर गिरते रहे हैं; और मकड़ियाँ आरजेनटीना के सैन बरनाडो पहाड़ों पर बरसीं। यद्यपि वैज्ञानिकों का मानना है कि इन चकराने वाली बारिशों में हवा की कोई भूमिका है, परन्तु कोई भी आज तक इन्हें पूरी रीति से समझा नहीं पाया है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक अन्य प्रकार की असाधारण वर्षा का उल्लेख है - आशीष की वर्षा (यहेजकेल 34:26)। परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता यहेजकेल ने एक ऐसे समय के बारे में लिखा जब अपने लोगों, इसत्राएल, को तर-ओ-ताज़ा करने के लिए परमेश्वर वर्षा के समान आशीषों को भेजेगा। तब इसत्राएल शत्रु देशों से पूर्णतः सुरक्षित होगा। उनके पास भोजन प्रचुर मात्रा में होगा, वे दासत्व में नहीं होंगे, और निंदा से मुक्त होंगे (पद 27-29)। इन आशीषों से परमेश्वर के साथ इस्त्राएल का संबंध पुनर्जीवित होगा। लोग जानेंगे कि परमेश्वर उनके साथ है, और "वे जो इस्त्राएल का घराना हैं, [परमेश्वर की] प्रजा हैं (पद 30)।

   बाइबल यह भी बताती है कि हम मसीही विश्वासी भी "परमेश्वर का इस्त्राएल" हैं (गलतियों 3:7-9, 29)। आज भी परमेश्वर अपने इस्त्राएल, अपने लोगों को आशीषित करता है (याकूब 1:17)। वर्षा के समान ही, आशीषें भी कभी बहुतायत से, तो कभी हलके हलके एक एक करके आती हैं; परन्तु मात्रा में चाहे वे थोड़ी हों या बहुत, आशीष की वर्षा प्रत्येक बूँद परमेश्वर की ओर से इस सन्देश के साथ आती है: मुझे तुम्हारी आवश्यकताएं पता हैं; तुम मेरे हो और मैं तुम्हारी देख-भाल करता हूँ। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रतिदिन की आशीषें, प्रतिदिन परमेश्वर की देखभाल को स्मरण कराती हैं।

क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है। - याकूब 1:17 

बाइबल पाठ: यहेजकेल 34:25-31
Ezekiel 34:25 मैं उनके साथ शान्ति की वाचा बान्धूंगा, और दुष्ट जन्तुओं को देश में न रहने दूंगा; सो वे जंगल में निडर रहेंगे, और वन में सोएंगे। 
Ezekiel 34:26 और मैं उन्हें और अपनी पहाड़ी के आस पास के स्थानों को आशीष का कारण बना दूंगा; और मेंह को मैं ठीक समय में बरसाया करूंगा; और वे आशीषों की वर्षा होंगी। 
Ezekiel 34:27 और मैदान के वृक्ष फलेंगे और भूमि अपनी उपज उपजाएंगी, और वे अपने देश में निडर रहेंगे; जब मैं उनके जूए को तोड़ कर उन लोगों के हाथ से छुड़ाऊंगा, जो उन से सेवा कराते हैं, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। 
Ezekiel 34:28 वे फिर जाति-जाति से लूटे न जाएंगे, और न वन पशु उन्हें फाड़ खाएंगे; वे निडर रहेंगे, और उन को कोई न डराएगा। 
Ezekiel 34:29 और मैं उनके लिये महान बारियां उपजाऊंगा, और वे देश में फिर भूखों न मरेंगे, और न जाति-जाति के लोग फिर उनकी निन्दा करेंगे। 
Ezekiel 34:30 और वे जानेंगे कि मैं परमेश्वर यहोवा, उनके संग हूँ, और वे जो इस्राएल का घराना है, वे मेरी प्रजा हैं, मुझ परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। 
Ezekiel 34:31 तुम तो मेरी भेड़-बकरियां, मेरी चराई की भेड़-बकरियां हो, तुम तो मनुष्य हो, और मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 20-22
  • मत्ती 6:19-34


शुक्रवार, 20 मार्च 2015

तूफान और बारिश


   जब मूसलाधार बारिश ने मेरे बाग़ीचे के फूलों पर आघात किया, उन्हें झुका दिया तो मुझे उनके लिए बहुत बुरा लगा। मेरा मन हुआ कि मैं उन सभी फूलों को घर के अन्दर तूफान तथा बारिश से सुरक्षित स्थान पर ले आऊँ। बारिश के समाप्त होने तक वे फूल पानी के वज़न से नीचे की ओर झुक गए थे, मुर्झाए हुए, कमज़ोर और दुखी प्रतीत हो रहे थे। लेकिन कुछ ही घंटों में वे वापस ऊपर आकाश की ओर उठने लगे थे, और अगले दिन वे सभी सीधे खड़े और मज़बूत दिखाई दे रहे थे! यह एक अद्भुत परिवर्तन था। बारिश ने उन फूलों तथा उनके पौधों पर प्रहार किया, बारिश का पानी उन पर से बह कर नीचे धरती पर पड़ा, धरती ने उसे सोख लिया, और वही पानी उन पौधों की जड़ों से होकर वापस उन की टहनियों और उन्हीं फूलों में आ गया, उन्हें सीधा खड़ा रहने के लिए मज़बूती और ताकत देने लगा!

   क्योंकि मुझे धूप अच्छी लगती है इसलिए जब भी बारिश मेरे बाहर रहने की योजनाओं में बाधा डालती है, मुझे बहुत बुरा लगता है। लेकिन मेरा लिए बारिश के प्रति नकारात्मक विचार रखना सही नहीं है; जिस किसी ने भी सूखे या अकाल को अनुभव किया है वह जानता है कि बारिश कितनी बड़ी आशीष होती है, धरती पर रहने वालों के लिए कितनी आवश्यक है, और धर्मी हों या अधर्मी वर्षा दोनों ही को लाभ पहुँचाती है।

   यह बात केवल पानी की बारिश के लिए ही सत्य नहीं है। जीवन के तूफान और परिस्थितियों की बारिश भी हम पर आघात कर सकते हैं, ऐसा आघात जो हमें झुका दें, मुर्झाया सा बना दें; लेकिन हम मसीही विश्वासियों के लिए यह हानिकारक कदापि नहीं हो सकता। हमारा प्रेमी परमेश्वर पिता इन सभी बातों के द्वारा हमें और मज़बूत, और बेहतर बनाता है; वह हमें इन सब से टूटने नहीं देता। जो तूफान और परिस्थितियाँ की बारिश हमें बाहर आहत करती हैं, परमेश्वर उन्हीं के द्वारा हमें भीतर से बलवन्त कर देता है, सीधा तथा दृढ़ खड़े रहने के क्षमता प्रदान कर देता है। हम मसीही विश्वासियों को यह परमेश्वर का अद्भुत आश्वासन है कि जीवन के तूफान और परिस्थितियों की बारिश भी हमारे लिए भलाई ही का कारण बन जाएगी।

   किसी भी परिस्थिति में निराश-हताश ना हों, सदैव परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखें, सदा उसके धन्यवादी बने रहें, उसे अपना कार्य करने दें और वह आपको बेहतर तथा सामर्थी करता जाएगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जो तूफान और बारिश हमें तोड़ने के प्रयास करते हैं, परमेश्वर उन्हीं के द्वारा हमें और बलवान बना देता है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: यशायाह 55:8-13
Isaiah 55:8 क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। 
Isaiah 55:9 क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।
Isaiah 55:10 जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोने वाले को बीज और खाने वाले को रोटी मिलती है, 
Isaiah 55:11 उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा।
Isaiah 55:12 क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाडिय़ां गला खोल कर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे। 
Isaiah 55:13 तब भटकटैयों की सन्ती सनौवर उगेंगे; और बिच्छु पेड़ों की सन्ती मेंहदी उगेगी; और इस से यहोवा का नाम होगा, जो सदा का चिन्ह होगा और कभी न मिटेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 4-6
  • लूका 1:1-20