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गुरुवार, 29 जुलाई 2021

व्यर्थ

 

          मादक पदार्थ हीरोइन की लत बहुत मार्मिक और दुखद होती है। इस का सेवन करने वाले इसके आदि होते चले जाते हैं, इसलिए उसके नशे का वही अनुभव प्राप्त करने के लिए उन्हें और भी अधिक मात्रा में हिरोइन को लेना पड़ता है; और शीघ्र ही उनकी लत और पदार्थ का आदि होना इतनी बढ़ जाते हैं, कि नशे का पर्याप्त अनुभव करने के लिए जिस मात्रा में हिरोइन की उन्हें आवश्यकता महसूस होती है, वह उन्हें मार डालने के लिए काफी होती है। जब इस लत के आदि किसी व्यक्ति को पता चलता है कि इस लत में पड़ा हुआ कोई अन्य व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में हिरोइन लेने से मर गया है, तो उनके मन में पहला विचार उस लत के लिए भय का नहीं, वरन उतनी मात्रा में हिरोइन को प्राप्त करने का होता है – “मुझे इतनी हिरोइन कहाँ से मिलेगी?”

          सुप्रसिद्ध मसीही लेखक सी. एस. ल्युईस ने अपनी पुस्तक ‘स्क्रू टेप लेटर्स’ में इस निरंतर पतन की ओर जाते हुए चक्र के विषय में चेतावनी दी। उनकी यह पुस्तक एक काल्पनिक वर्णन है, कैसे एक दुष्टात्मा दूसरी दुष्टात्मा को विभिन्न दुष्टताओं में लोगों को फंसाने के बारे में सिखा रही है। शिक्षक दुष्टात्मा कहती है कि किसी सुख की अभिलाषा के साथ आरंभ करो – यदि संभव हो तो परमेश्वर द्वारा दिए जाने वाले किसी सुख के साथ – और उसे उस व्यक्ति को एक ऐसे तरीके से परोसो, जिसे परमेश्वर ने वर्जित किया हो। एक बार व्यक्ति जाल में आ जाए, तो उसे और अधिक पाने के प्रलोभन में फंसाओ, किन्तु पहले से कम मात्रा में उसका सुख प्रदान करो। इस व्यर्थता के चक्र में उसे फंसाकर ऐसा प्रयोजन करो कि उसकी लालसा बढ़ती जाए, किन्तु जो उसे मिलता है, वह घटता चला जाए, और अन्ततः हम उसकी आत्मा तक पहुँच जाएंगे और बदले में उसे कुछ नहीं देंगे।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 7 अध्याय में इसी विनाशकारी व्यर्थता के चक्र का वर्णन यौन पापों के विषय किया गया है। यौन संबंध परमेश्वर द्वारा हमें दिया गया एक अच्छा उपहार है, किन्तु जब हम इसके सुख की अभिलाषा वैवाहिक बंधनों के बाहर रखने लगते हैं, तो हम वध के लिए ले जाए जा रहे बैल के समान हो जाते हैं (पद 22)। हम से भी अधिक शक्तिशाली लोगों ने अपने आप को यौन दुराचार में फंसाकर बर्बाद कर लिया है। इसलिए ध्यान दें और अपने मनों को गलत मार्गों पर न जाने दें (पद 24-25)। पाप मोहित करने वाला और लत में फंसाने वाला हो सकता है, किन्तु सदा ही उसकी अभिलाषा व्यर्थ ही होती ही, उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है (पद 27)।

          परमेश्वर की सामर्थ्य और मार्गदर्शन के द्वारा पाप करने के प्रलोभन से बचने से हम व्यर्थ की हानिकारक बातों से बचकर, परमेश्वर में सच्चे आनन्द और संतुष्टि को प्राप्त कर सकते हैं। - माइक व्हिटमर

 

प्रभु पवित्र आत्मा, मैं अपने आप में प्रलोभनों पर जयवंत नहीं हो सकता हूँ; 

मुझे आपके सामर्थ्य और मार्गदर्शन की आवश्यकता है।


तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ्य से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: नीतिवचन 7:10-27

नीतिवचन 7:10 और उस से एक स्त्री मिली, जिस का भेष वेश्या का सा था, और वह बड़ी धूर्त थी।

नीतिवचन 7:11 वह शान्ति रहित और चंचल थी, और अपने घर में न ठहरती थी;

नीतिवचन 7:12 कभी वह सड़क में, कभी चौक में पाई जाती थी, और एक एक कोने पर वह बाट जोहती थी।

नीतिवचन 7:13 तब उसने उस जवान को पकड़ कर चूमा, और निर्लज्जता की चेष्टा कर के उस से कहा,

नीतिवचन 7:14 मुझे मेलबलि चढ़ाने थे, और मैं ने अपनी मन्नतें आज ही पूरी की हैं;

नीतिवचन 7:15 इसी कारण मैं तुझ से भेंट करने को निकली, मैं तेरे दर्शन की खोजी थी, सो अभी पाया है।

नीतिवचन 7:16 मैं ने अपने पलंग के बिछौने पर मिस्र के बेल-बूटे वाले कपड़े बिछाए हैं;

नीतिवचन 7:17 मैं ने अपने बिछौने पर गन्घरस, अगर और दालचीनी छिड़की है।

नीतिवचन 7:18 इसलिये अब चल हम प्रेम से भोर तक जी बहलाते रहें; हम परस्पर की प्रीति से आनन्दित रहें।

नीतिवचन 7:19 क्योंकि मेरा पति घर में नहीं है; वह दूर देश को चला गया है;

नीतिवचन 7:20 वह चान्दी की थैली ले गया है; और पूर्णमासी को लौट आएगा।

नीतिवचन 7:21 ऐसी ही बातें कह कह कर, उसने उसको अपनी प्रबल माया में फंसा लिया; और अपनी चिकनी चुपड़ी बातों से उसको अपने वश में कर लिया।

नीतिवचन 7:22 वह तुरन्त उसके पीछे हो लिया, और जैसे बैल कसाई-खाने को, या जैसे बेड़ी पहने हुए कोई मूढ़ ताड़ना पाने को जाता है।

नीतिवचन 7:23 अन्त में उस जवान का कलेजा तीर से बेधा जाएगा; वह उस चिडिय़ा के समान है जो फन्दे की ओर वेग से उड़े और न जानती हो कि उस में मेरे प्राण जाएंगे।

नीतिवचन 7:24 अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों पर मन लगाओ।

नीतिवचन 7:25 तेरा मन ऐसी स्त्री के मार्ग की ओर न फिरे, और उसकी डगरो में भूल कर न जाना;

नीतिवचन 7:26 क्योंकि बहुत से लोग उस के द्वारा मारे पड़े हैं; उसके घात किए हुओं की एक बड़ी संख्या होगी।

नीतिवचन 7:27 उसका घर अधोलोक का मार्ग है, वह मृत्यु के घर में पहुंचाता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 49-50
  • रोमियों 1

गुरुवार, 1 दिसंबर 2016

लत


   एरिक जानता था कि वह एक बुरी लत से संघर्ष कर रहा है। उसके मित्रों और परिवार जनों ने उसे प्रेरित किया कि वह उस लत को छोड़ सके; एरिक ने भी माना कि उस लत को छोड़ना ही उसके स्वास्थ्य और संबंधों के लिए भला होगा, परन्तु वह अपने आप को उस लत के सामने असहाय अनुभव कर रहा था। जब और लोग उसे बताते कि कैसे उन्होंने अपनी लत को छोड़ा, तो वह उत्तर देता, "मैं आपके लिए प्रसन्न हूँ, पर स्वयं इस लत को छोड़ नहीं पा रहा हूँ! काश कि मैं कभी इसे आरंभ करने के प्रलोभन में पड़ा ही ना होता। मैं तो चाहता हूँ कि परमेश्वर इस लत की इच्छा को मेरे अन्दर से अभी, तुरंत हटा दे।"

   तुरंत ही किसी व्यसन से छुटकारा पाना कुछ ही लोगों के लिए संभव होने पाता है, अधिकांश को प्रतिदिन के संघर्ष का सामना करना पड़ता है। चाहे हम यह समझ नहीं पाएं कि लत हमसे दूर क्यों नहीं हो जाती, परन्तु हम जिस भी स्थिति में हों, परमेश्वर की ओर मुड़ सकते हैं, उसकी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। शायद यही हमारे संघर्ष का सबसे महत्वपूर्ण भाग है - अपने व्यर्थ प्रयासों के स्थान पर पूर्णतया परमेश्वर पर विश्वास करके उसके मार्गों और विधियों पर भरोसा करना, उन्हें स्वीकार करना, उनका पालन करना, पूर्णतया परमेश्वर पर निर्भर होना सीखना।

   हमारे समान ही हमारे और जगत के उद्धारकर्ता की भी परीक्षा हुई थी: "और जंगल में चालीस दिन तक शैतान ने उस की परीक्षा की; और वह वन पशुओं के साथ रहा; और स्वर्गदूत उस की सेवा करते रहे" (मरकुस 1:13), इसलिए वह हमारी भावनाओं को भली-भांति समझता है, हमारे साथ सहानुभूति रखता है, "क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारी नाईं परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला। इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे" (इब्रानियों 4:15-16)। वह हमारी सहायता के लिए और लोगों को, जैसे कि इस कार्य के लिए प्रशिक्षित लोग, तथा अन्य सहायकों का भी प्रयोग करता है, जिससे कि आअवश्यकतानुसार हमारी सहायता और सहारे के लिए लोग उपलब्ध हों।

   आज हम चाहे जिस संघर्ष का सामना कर रहे हों, हम यह जानते हैं कि हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम हमारी कल्पना से भी कहीं अधिक बढ़कर है, और परमेश्वर हमारे प्रति विश्वासयोग्य बना रहता है, हमारी सहायता के लिए जो कुछ आवश्यक है वह करता है। - ऐनी सेटास


हमारी परीक्षा इसलिए नहीं होती है क्योंकि हम बुरे हैं; 
हमारी परीक्षा इसलिए होती है क्योंकि हम मनुष्य हैं।

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: इब्रानियों 4:9-16
Hebrews 4:9 सो जान लो कि परमेश्वर के लोगों के लिये सब्त का विश्राम बाकी है। 
Hebrews 4:10 क्योंकि जिसने उसके विश्राम में प्रवेश किया है, उसने भी परमेश्वर की नाईं अपने कामों को पूरा कर के विश्राम किया है। 
Hebrews 4:11 सो हम उस विश्राम में प्रवेश करने का प्रयत्न करें, ऐसा न हो, कि कोई जन उन की नाईं आज्ञा न मान कर गिर पड़े। 
Hebrews 4:12 क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग कर के, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है। 
Hebrews 4:13 और सृष्‍टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है वरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं।
Hebrews 4:14 सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है, जो स्‍वर्गों से हो कर गया है, अर्थात परमेश्वर का पुत्र यीशु; तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहे। 
Hebrews 4:15 क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारी नाईं परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला। 
Hebrews 4:16 इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजेकल 40-41
  • 2 पतरस 3