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मंगलवार, 30 अप्रैल 2019

प्रेम



      हम अपने दैनिक जीवन में देखते हैं कि शायद ही कभी कोई ऐसा दिन होता होगा जिसमें हमें अपमान, उपेक्षा, या अनादर का सामना न करना पड़ता हो। कभी-कभी हम स्वयँ ही यह अपने प्रति कर लेते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि दाऊद के शत्रु उसके साथ ऐसा ही व्यवहार कर रहे थे – वे उसे धमका रहे थे, डरा रहे थे, उसकी निन्दा कर रहे थे। इस कारण उसका आत्म-सम्मान और अपने प्रति भाव बहुत गिर गिया (भजन 4:1-2) और वह इस परेशानी की स्थिति में से निकलने का मार्ग ढूँढ़ रहा था।

      फिर दाऊद को स्मरण आया कि, “यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा” (पद 3)। दाऊद के इस  दृढ़ कथन के भाव को समझाने के लिए भिन्न अंग्रेज़ी अनुवाद भिन्न शब्द प्रयोग करते हैं। यहाँ पर जिस शब्द का अनुवाद “भक्त” हुआ है, मूल इब्रानी भाषा मैं वह है ‘हेसेद’ जिसका अर्थ होता है परमेश्वर द्वारा वाचा में बाँधा गया प्रेम, अर्थात दाऊद के कहने का अभिप्राय था “वह जिससे परमेश्वर सदा काल तक प्रेम करता ही रहेगा।”

      आज हम मसीही विश्वासियों को भी यही बात सदैव स्मरण रखनी चाहिए: परमेश्वर हम से सदा काल का प्रेम करता है, उसने हमें प्रभु यीशु मसीह में होकर एक विशेष स्थान प्रदान किया है, जहाँ हम उसके लिए उतने ही प्रिय हैं जितना प्रभु यीशु। उसने हमें अनन्तकाल के लिए अपनी सन्तान होने के लिए बुलाया है।

      इसलिए परिस्थितियों के कारण निराश होने के स्थान पर, हम अपने आप को परमेश्वर के उस प्रेम के विषय जो वह हमसे करता है, सदा स्मरण दिला सकते हैं। हम परमेश्वर की अति प्रिय सन्तान हैं, और हमारे लिए निराशा नहीं वरन आनन्द और शान्ति निर्धारित है (पद 6, 7)। हमारे प्रति परमेश्वर की आशा सदा बनी रहती है, उसका प्रेम कभी कम नहीं होता है। - डेविड रोपर


परमेश्वर के प्रेम की वास्तविकता है कि उसका प्रेम असीम होता है। - बर्नार्ड क्लैरवौक्स

यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है। - यिर्मयाह 31:3

बाइबल पाठ: भजन 4:1-8
Psalms 4:1 हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।
Psalms 4:2 हे मनुष्यों के पुत्रों, कब तक मेरी महिमा के बदले अनादर होता रहेगा? तुम कब तक व्यर्थ बातों से प्रीति रखोगे और झूठी युक्ति की खोज में रहोगे?
Psalms 4:3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा।
Psalms 4:4 कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो।
Psalms 4:5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ, और यहोवा पर भरोसा रखो।
Psalms 4:6 बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका!
Psalms 4:7 तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था।
Psalms 4:8 मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 8-9
  • लूका 21:1-19



रविवार, 6 जनवरी 2019

आराधना



      प्रभु यीशु मसीह के जन्म से संबंधित चरनी के दृश्यों में अकसर ज्योतिषियों को चरवाहों के साथ ही बेतलहम में शिशु यीशु से मिलने आया हुआ दिखाया जाता है। परंतु परमेश्वर के वचन बाइबल में, मत्ती रचित सुसमाचार में, वह एकमात्र स्थान जहाँ उनके आने का वृतान्त दिया गया है, यह बताया गया है कि जब ज्योतिषी पहुँचे तब यीशु सराय की गौशाला की चरनी में नहीं वरन घर में थे: “और उस घर में पहुंचकर उस बालक को उस की माता मरियम के साथ देखा, और मुंह के बल गिरकर उसे प्रणाम किया; और अपना अपना यैला खोल कर उसे सोना, और लोहबान, और गन्‍धरस की भेंट चढ़ाई” (मत्ती 2:11)।

      इस बात पर विचार करना कि ज्योतिषियों का पहुंचना उस समय के काफी बाद हुआ जिसे हम सामान्यतः सोचते हैं, हमें इस नव-वर्ष के आरंभ में एक महत्वपूर्ण बात का स्मरण करवाता है – प्रभु यीशु सदैव ही आराधना के योग्य हैं। छुट्टियों के समाप्त हो जाने पर जब हम वापस अपने-अपने कार्यों तथा दैनिक जीवन की दिनचर्या को लौटते हैं, तब भी हम प्रभु की आराधना में लगे रह सकते हैं।

      प्रभु यीशु मसीह इम्मानुएल, “परमेश्वर हमारे साथ” हैं (मत्ती 1:23), प्रत्येक समय और अवसर पर। हम मसीही विश्वासियों से प्रभु की प्रतिज्ञा है कि वे सदा हमारे साथ रहेंगे (मत्ती 28:20)। क्योंकि प्रभु सदा हमारे साथ हैं इसलिए अपने-अपने हृदयों में हम उनकी आराधना निरन्तर करते रह सकते हैं और भरोसा रख सकते हैं कि आने वाले समयों और वर्षों में वह अपने आप को हमारे प्रति विश्वासयोग्य बनाए रखेंगे।

      जिस प्रकार उन ज्योतिषियों ने उन्हें ढूँढा और उनकी आराधना की, जहाँ भी हम रहते हैं वहीं पर हम भी उनके खोजी बनकर उनकी आराधना करें। - जेम्स बैंक्स


मसीह यीशु हर समय, हर स्थान पर, हमारी आराधना के सर्वथा योग्य हैं।

इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:19-20

बाइबल पाठ: मत्ती 2:1-12
Matthew 2:1 हेरोदेस राजा के दिनों में जब यहूदिया के बैतलहम में यीशु का जन्म हुआ, तो देखो, पूर्व से कई ज्योतिषी यरूशलेम में आकर पूछने लगे।
Matthew 2:2 कि यहूदियों का राजा जिस का जन्म हुआ है, कहां है? क्योंकि हम ने पूर्व में उसका तारा देखा है और उसको प्रणाम करने आए हैं।
Matthew 2:3 यह सुनकर हेरोदेस राजा और उसके साथ सारा यरूशलेम घबरा गया।
Matthew 2:4 और उसने लोगों के सब महायाजकों और शास्‍त्रियों को इकट्ठे कर के उन से पूछा, कि मसीह का जन्म कहाँ होना चाहिए?
Matthew 2:5 उन्होंने उस से कहा, यहूदिया के बैतलहम में; क्योंकि भविष्यद्वक्ता के द्वारा यों लिखा है।
Matthew 2:6 कि हे बैतलहम, जो यहूदा के देश में है, तू किसी रीति से यहूदा के अधिकारियों में सब से छोटा नहीं; क्योंकि तुझ में से एक अधिपति निकलेगा, जो मेरी प्रजा इस्राएल की रखवाली करेगा।
Matthew 2:7 तब हेरोदेस ने ज्योतिषियों को चुपके से बुलाकर उन से पूछा, कि तारा ठीक किस समय दिखाई दिया था।
Matthew 2:8 और उसने यह कहकर उन्हें बैतलहम भेजा, कि जा कर उस बालक के विषय में ठीक ठीक मालूम करो और जब वह मिल जाए तो मुझे समाचार दो ताकि मैं भी आकर उसको प्रणाम करूं।
Matthew 2:9 वे राजा की बात सुनकर चले गए, और देखो, जो तारा उन्होंने पूर्व में देखा था, वह उन के आगे आगे चला, और जंहा बालक था, उस जगह के ऊपर पंहुचकर ठहर गया।
Matthew 2:10 उस तारे को देखकर वे अति आनन्‍दित हुए।
Matthew 2:11 और उस घर में पहुंचकर उस बालक को उस की माता मरियम के साथ देखा, और मुंह के बल गिरकर उसे प्रणाम किया; और अपना अपना यैला खोल कर उसे सोना, और लोहबान, और गन्‍धरस की भेंट चढ़ाई।
Matthew 2:12 और स्‍वप्‍न में यह चितौनी पाकर कि हेरोदेस के पास फिर न जाना, वे दूसरे मार्ग से हो कर अपने देश को चले गए।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 16-17
  • मत्ती 5:27-48