ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

गोल्फ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गोल्फ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 26 मार्च 2016

गर्व


   मैं 1993 के ईस्टर इतवार को कभी नहीं भूला सकता, जब बर्नहार्ड लैंगर ने मास्टर्स गोल्फ टूर्नामेंट जीता था। गोल्फ के मैदान से बाहर आकर जब लैंगर, गोल्फ स्पर्धा जीतने की सूचक और गोल्फ का सबसे चहेता पुरुस्कार, अपनी हरे रंग की जैकेट लेने के लिए आगे बढ़े तो एक समाचार संवाददाता ने उन से पूछा, "यह अवश्य ही आपके जीवन का सबसे महान दिन होगा?" लैंगर ने बिना किसी हिचकिचाहट के उत्तर दिया, "सबसे उत्कृष्ट टूर्नामेंट जीतना अवश्य ही बड़ा अद्भुत अनुभव है, लेकिन ईस्टर के दिन जीतना - मेरे प्रभु और उद्धारकर्ता के पुनरुत्थान का उत्सव मनाना, इसे और भी अधिक महत्वपूर्ण बना देता है।"

   लैंगर के पास अपनी तारीफ के पुल बाँधने का अवसर था किंतु उन्होंने अपनी प्रशंसा करने की बजाए अपने प्रभु यीशु मसीह की ओर ध्यान मोड़ दिया। प्रेरित पौलुस भी यही बात कह रहा था जब उसने लिखा, "और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं" (रोमियों 5:11)। अपनी उपलब्धियों की ओर लोगों का ध्यान खींचना, और अपनी अच्छाईयों की सूची बनाए रखना सरल होता है। पौलुस ने भी कहा कि वह चाहे तो उसके पास अपनी बड़ाई करने के लिए अनेक बातें हैं, लेकिन प्रभु यीशु मसीह की पहचान के आगे वह अपनी उन बातों को कूड़ा समझता था (फिलिप्पियों 3:8); और उसकी इस बात का अनुसरण करना हमारे लिए भी लाभकारी रहेगा।

   इसलिए यदि आप वास्तव में किसी बात पर गर्व करना चाहते हैं, तो प्रभु यीशु पर जो उसने आप के लिए किया है, उसपर गर्व कीजिए; और ऐसे अवसरों की खोज में रहें जिनके द्वारा आप प्रभु यीशु की ओर लोगों का ध्यान खींच सकें। - जो स्टोवैल


यदि आप अपने आप को लेकर व्यस्त रहेंगे तो फिर ना तो प्रभु यीशु पर गर्व कर सकेंगें और ना ही किसी का ध्यान प्रभु की ओर खींच सकेंगे।

वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं। - फिलिप्पियों 3:8

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-11
Romans 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें।
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें। 
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। 
Romans 5:4 और धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। 
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है। 
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। 
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। 
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। 
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? 
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? 
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं। 

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 22-24
  • लूका 3


बुधवार, 3 नवंबर 2010

भय से सहायता

विभिन्न लोगों के लिये, भय विभिन्न अर्थ रखता है। पेशावर गोल्फ खिलाड़ी पैडरैग हैरिंगटन के लिये, भय प्रेरणा का कारण है जो उसे अपना सर्वोतम प्रदर्शन करने को उकसाता है। सन २००८ में, जब हैरिंगटन ने दो बड़ी प्रतियोगिताएं जीतीं, British Open और PGA Championship, तब उसने बताया " हां, भय मेरे जीवन का एक मुख्य भाग है। यद्यपि मैं कहना चाहुंगा कि मेरे पास विश्वास और धैर्य है तथा मैं शांत रहता हूँ, लेकिन वास्तविकता यह नहीं है। भय ही है जो मुझे आगे धकेलता है, भय ही है जो मुझे व्ययाम करने और अभ्यास करने को उकसाता है। मैं भय का उपयोग करके ही आगे बढ़ पाता हूँ।"

हो सकता है कि हैरिंगटन का यह भय असफलता का भय हो , या फिर अपने वर्चस्व को खोने का। उस भय का आधार जो भी हो, हैरिंगटन ने उसे अपने व्यवसायिक जीवन के लिये फायदेमन्द बना लिया है।

मसीही विश्वासी भी भय द्वारा सहायता पा सकते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें चिताती है कि हम परमेश्वर के प्रति श्रद्धापूर्ण भय में जीवन व्यतीत करें। यह भय वह भय है जो सब प्रकार के भय से शेष्ट है। परमेश्वर का भय हमें उसके अनाज्ञाकारी होने या उसके मार्गों के विरोध में चलने के प्रति सचेत करता है। इस भय का अर्थ है हमारे महान परमेश्वर के प्रति आदर और श्रद्धा रखना, उसकी सिद्ध इच्छा की पूर्ति को समर्पित रहना और उसके ज्ञान और समझ के खोजी रहना और उनके अनुसार अपना जीवन चलाना। इसी कारण नीतिवचन ९:१० में लिखा है "यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्र ईश्वर को जानना ही समझ है।"

परमेश्वर के सही भय में रहकर हम इस अनिश्चित संसार में बुद्धिमानी से रह सकते हैं। - बिल क्राउडर


यदि परमेश्वर के भय में रहोगे तो फिर किसी अन्य भय से कभी भयभीत नहीं रहोगे।

यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्र ईश्वर को जानना ही समझ है। - नीतिवचन ९:१०


बाइबल पाठ: नीतिवचन ९:१-१२

बुद्धि ने अपना घर बनाया और उसके सातों खंभे गढ़े हुए हैं।
उस ने अपने पशु वध करके, अपने दाखमधु में मसाला मिलाया है, और अपनी मेज़ लगाई है।
उस ने अपनी सहेलियां, सब को बुलाने के लिये भेजी हैं; वह नगर के ऊंचे स्थानों की चोटी पर पुकारती है,
जो कोई भोला है वह मुड़कर यहीं आए! और जो निर्बुद्धि है, उस से वह कहती है,
आओ, मेरी रोटी खाओ, और मेरे मसाला मिलाए हुए दाखमधु को पीओ।
भोलों का संग छोड़ो, और जीवित रहो, समझ के मार्ग में सीधे चलो।
जो ठट्ठा करने वाले को शिक्षा देता है, सो अपमानित होता है, और जो दुष्ट जन को डांटता है वह कलंकित होता है।
ठट्ठा करने वाले को न डांट ऐसा न हो कि वह तुझ से बैर रखे, बुद्धिमान को डांट, वह तो तुझ से प्रेम रखेगा।
बुद्धिमान को शिक्षा दे, वह अधिक बुद्धिमान होगा; धर्मी को चिता दे, वह अपनी विद्या बढ़ाएगा।
यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्र ईश्वर को जानना ही समझ है।
मेरे द्वारा तो तेरी आयु बढ़ेगी, और तेरे जीवन के वर्ष अधिक होंगे।
यदि तू बुद्धिमान हो, तो बुद्धि का फल तू ही भोगेगा, और यदि तू ठट्ठा करे, तो दण्ड केवल तू ही भोगेगा।

एक साल में बाइबल:
  • यर्मियाह ३०, ३१
  • फिलेमौन