ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

सोमवार, 8 अगस्त 2011

ईमानदारी की सच्चाई

दफतर के अधीक्षक ने अपनी सेक्रटेरी को निर्देश दिए कि कुछ वित्तीय काग़ज़ातों के आँकड़ों में फेर-बदल करे। सेक्रटेरी मसीही विश्वासी थी; उस ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। अधीक्षक नाराज़ हुआ और पूछा, "क्यों, क्या तुम ने अपने किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए कभी झूठ नहीं बोला?" अधीक्षक को सुनकर विसमय हुआ, क्योंकि सेक्रटरी का उत्तर फिर से "नहीं" था।

साद, मिस्त्र की राजधानी कायरो के ज़ारेयेद इलाके में रहता है, जो वहाँ का कूड़ा डालने का इलाका है। साद मसीही विश्वासी है और अपनी जीविका दिन भर कूड़ा बीन कर और उससे मिलने वाली चीज़ों को बेचकर चलाता है। साधारणतया वह दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद लगभग २०-२५ रुपए के बराबर ही कमा पाता है। एक दिन उसे कूड़ा बीनते हुए, सोने की बनी एक कीमती घड़ी मिली। साद उस घड़ी को बेच कर अपने तथा अपने परिवार के लिए बहुत कुछ खरीद सकता था। वह तर्क दे सकता था कि उसे इस घड़ी की आवश्यक्ता इसके असली मालिक से अधिक है; या यह कि परमेश्वर ने उसकी सहायता के लिए इस घड़ी को उस तक पहुँचाया है। लेकिन वह न लालच में पड़ा और न उसने कोई तर्क दिया। उसने घड़ी के मलिक का पता लगा कर घड़ी उसे वापस कर दी। साद का विश्वास उसे सिखाता है जो उसका नहीं है, उसपर उसका कोई हक भी नहीं है, इसलिए ऐसी चीज़ों को अपने पास रखना उसके लिए गलत है।

ईमानदारी केवल झूठ बोलने से इन्कार मात्र नहीं है। ईमानदारी का अर्थ है सच्चाई के लिए अपनी आवाज़ उठाना तब भी जब खामोशी का गलत अभिप्राय निकलना संभव हो; ईमनदारी का अर्थ है सच्च के लिए बोलना चाहे इस कारण व्यक्तिगत हानि ही क्यों ना उठानी पड़े। लेकिन आज के समय में बहुत से लोगों के लिए ईमानदारी एक अप्रचलित पुराना रिवाज़ है, बीते दिनों का निर्थक आचरण है।

मसीही विश्वासी होने के नाते यदि उस सेक्रटेरी और साद के समान ईमानदारी हमारे जीवनों में नहीं है तो हमें परमेश्वर के सामने अपने आप को जाँचने की आवश्यक्ता है। प्रभु यीशु ने कहा, "मार्ग, सच्चाई और जीवन मैं ही हूँ" (यूहन्ना १४:६)। यदि हमारा प्रभु सत्य का प्रतिरूप है, तो हम जो उसके अनुयायी हैं, उनके लिए हर बात और हर कार्य में सत्य का उनके जीवन का अभिन्न अंग होना स्वाभाविक तथा अनिवार्य है। हमारे जीवन की हर बात में यही ईमानदारी संसार के सामने हमारी गवाही है और यही हमें संसार के लोगों से भिन्न करती है। - डेनिस डी हॉन


कुछ लोग इसलिए ईमानदार रहते हैं क्योंकि बेईमान होने का कोई उचित मौका उन्हें नहीं मिला।

निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगया करो। - फिलिप्पियों ४:८

बाइबल पाठ:१ पतरस २:११-१९
1Pe 2:11 हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जान कर उन सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो।
1Pe 2:12 अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्‍टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें।
1Pe 2:13 प्रभु के लिये मनुष्यों के ठहराए हुए हर एक प्रबन्‍ध के आधीन में रहो, राजा के इसलिये कि वह सब पर प्रधान है।
1Pe 2:14 और हाकिमों के, क्‍योंकि वे कुकिर्मयों को दण्‍ड देने और सुकिर्मयों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं।
1Pe 2:15 क्‍योंकि परमेश्वर की इच्‍छा यह है, कि तुम भले काम करने से निर्बुद्धि लोगों की अज्ञानता की बातों को बन्‍द कर दो।
1Pe 2:16 और अपने आप को स्‍वतंत्र जानो पर अपनी इस स्‍वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्‍तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझ कर चलो।
1Pe 2:17 सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।
1Pe 2:18 हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्‍वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी।
1Pe 2:19 क्‍योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार करके अन्याय से दुख उठाता हुआ क्‍लेश सहता है, तो यह सुहावना है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ७४-७६
  • रोमियों ९:१६-३३

रविवार, 7 अगस्त 2011

नदीयाँ और मसीही विश्वासी

वायुयान में यात्रा करते हुए नीचे धरती के कई आकर्षक दृश्य दिखाई पड़ते हैं। उन दृश्यों में से एक होता है किसी नदी का मार्ग। कोई दो नदी एक समान नहीं दीखतीं; लेकिन सभी नदियों के मार्गों में एक समानता रहती है - वे सब टेढ़े-मेढ़े मार्ग बनाती हैं। यह इसलिए क्योंकि जल अपने प्रवाह के लिए सदा सबसे कम प्रतिरोध का मार्ग लेता है, इसी कारण नदी भी कभी सीधी नहीं बहती - टेढ़ी ही रहती है!

मसीही विश्वासी भी इसी कारण अपने व्यवहार में टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं। जब हम विश्वासी अपने जीवनों में प्रलोभनों पर विजयी होने, शत्रु शैतान का सामना करने और उसे हराने का प्रयास नहीं करते तो हम भी परमेश्वर द्वारा निर्धारित अपने सीधे मार्ग से भटक कर कम प्रतिरोध के टेढ़े-मेढ़े मार्गों में वैसे ही हो जाते हैं। लेकिन दानिएल ऐसा नहीं था; उसने अपने मन में ठान लिया था कि वह सांसारिक दबावों और परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने देगा।

यही दृढ़ निश्चय प्रत्येक विश्वासी को भी अपने जीवन में रखना और दिखाना चाहिए। किसी भी प्रलोभन को हम इतना प्रबल न होने दें कि वह हमें हमारे मार्ग से भटका सके। मसीही विश्वासियों को अपनी पत्री में प्रेरित युहन्ना ने लिखा, "हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है, क्‍योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है" (१ युहन्ना ४:४)। मसीही विश्वासियों को प्रलोभनों से हारने वाला नहीं उन्हें हराने वाला होना चाहिए। हमारी मसीही यात्रा से हमें भटका पाने की सामर्थ किसी भी बात में नहीं होने चाहिए। किसी प्रलोभन में गिरने या शैतान कि किसी योजना में फंसने का अवसर हमें कभी प्रदान नहीं करना चाहिए।

नदियों के पास अपने मार्ग के चुनाव का कोई विकल्प नहीं होता, लेकिन हमारे पास होता है, इसलिए सबसे कम प्रतिरोध के मार्ग पर चलने के बजाए, हमें परमेश्वर द्वारा निर्धारित सीधे मार्ग पर दृढ़ता से डटे रहना चाहिए। - रिचर्ड डी हॉन


जो संकरे और सीधे मार्ग पर चलता रहेगा वह कभी टेढ़ा नहीं होगा।

परन्तु दानिएल ने अपने मन में ठान लिया कि वह राजा का भोजन खाकर, और उसके पीने का दाखमधु पीकर अपवित्र न होए; इसलिये उस ने खोजों के प्रधान से बिनती की कि उसे अपवित्र न होना पड़े। - दानिएल १:८

बाइबल पाठ: दानिएल १:१-८
Dan 1:1 यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के तीसरे वर्ष में बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने यरूशेलम पर चढ़ाई करके उसको घेर लिया।
Dan 1:2 तब परमेश्वर ने यहूदा के राजा यहोयाकीम को परमेश्वर के भवन के कई पात्रों सहित उसके हाथ में कर दिया; और उस ने उन पात्रों को शिनार देश में अपने देवता के मन्दिर में ले जाकर, अपने देवता के भण्डार में रख दिया।
Dan 1:3 तब उस राजा ने अपने खोजों के प्रधान अशपनज को आज्ञा दी कि इस्राएली राजपुत्रों और प्रतिष्ठित पुरूषों में से ऐसे कई जवानों को ला,
Dan 1:4 जो निर्दोष, सुन्दर और सब प्रकार की बुद्धि में प्रवीण, और ज्ञान में निपुण और विद्वान्‌ और राजमन्दिर में हाजिर रहने के योग्य हों; और उन्हें कसदियों के शास्त्र और भाषा की शिक्षा दे।
Dan 1:5 और राजा ने आज्ञा दी कि उसके भोजन और पीने के दाखमधु में से उन्हें प्रतिदिन खाने-पीने को दिया जाए। इस प्रकार तीन वर्ष तक उनका पालन पोषण होता रहे; तब उसके बाद वे राजा के साम्हने हाजिर किए जाएं।
Dan 1:6 उन में यहूदा की सन्तान से चुने हुए, दानिएल, हनन्याह, मीशाएल, और अजर्याह नाम यहूदी थे।
Dan 1:7 और खोजों के प्रधान ने उनके दूसरे नाम रखें, अर्थात दानिएल का नाम उस ने बेलतशस्सर, हनन्याह का शद्रक, मीशाएल का मेशक, और अजर्याह का नाम अबेदनगो रखा।
Dan 1:8 परन्तु दानिएल ने अपने मन में ठान लिया कि वह राजा का भोजन खाकर, और उसके पीने का दाखमधु पीकर अपवित्र न होए; इसलिये उस ने खोजों के प्रधान से बिनती की कि उसे अपवित्र न होना पड़े।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ७२-७३
  • रोमियों ९:१-१५

शनिवार, 6 अगस्त 2011

निर्दोष

एक सुसमाचार प्रचारक हर्ब टेलर एक रात अपने प्रचार के बाद पैसे देकर टेलिफोन करने की सुविधा देने वाली एक दुकान पर गए और टेलिफोन मशीन में पैसे डालकर नियत समय तक किसी से टेलिफोन पर बात करी। जब उन्होंने टेलिफोन का रिसीवर वापस मशीन पर रखा तो मशीन से उनके पैसे वापस बाहर आ गए। उन्होंने वे पैसे लिए और दुकान में बैठी लड़की के पास गए और उसे इसके बारे में बताया। उस लड़की ने कहा "मुझे पता है; आज जब आप ईमानदारी पर प्रचार कर रहे थे तो मैं वहाँ उपस्थित थी और सुन रही थी। मैं देखना चाहती थी कि जो आप प्रचार करते हैं, क्या उसे अपने जीवन में लागू भी करते हैं या नहीं। मैंने ही मशीन को उलटा चलाकर आपके पैसे वापस बाहर किये थे।" टेलर ने वे पैसे उस लड़की को पकड़ाए और उससे फिर मिलने का समय लिया। वे उस लड़की से फिर मिले और प्रभु यीशु के बारे में बातचीत करी। शीघ्र ही उस लड़की ने प्रभु यीशु में विश्वास करके उसको अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता ग्रहण कर लिया।

हमारे जीवनों की छोटी छोटी बातें दिखा देती हैं कि हम में कितनी ईमानदारी है। परमेश्वर के वचन बाइबल का एक पात्र दानिएल इस का सजीव उदाहरण है। दानिएल दारा राजा के १२० अधिपत्तियों और अध्यक्षों में से एक था और अपने यहूदी होने के कारण सभी उस पर कड़ी नज़र रखते थे, लेकिन किसी को कभी उस पर किसी बात में दोष देने का कारण नहीं मिला। उसके अन्दर की "उत्तम आत्मा" उसके सभी कार्यों में विदित थी और राजा ने उसे सबसे अधिक प्रतिष्ठित भी किया (दानिएल ६:३)। अपने प्रतिदिन के जीवन द्वारा दानिएल ने दिखा दिया कि वह परमेश्वर यहोवा का सच्चा अनुयायी है।

अपने विश्वास की वास्तविकता हम दूसरों के सामने अपने प्रतिदिन के जीवन के कार्यों द्वारा रखते हैं। यदि हम अपने कार्यों को ईमानदारी के साथ अपने घर, अपने व्यावसायिक क्षेत्र, अपने समाज में करते रहेंगे तो किसी को हम पर दोष लगाने का कोई कारण नहीं मिलेगा और हमारा यह निर्दोष चरित्र हमारे प्रभु के लिए हमारी सच्ची गवाही और हमारे विश्वास की खराई का प्रमाण होगा। - पौल वैन गोर्डर

जो परमेश्वर के प्रति खरे होंगे, वे मनुष्यों के प्रति भी खरे रहेंगे।

तब अध्यक्ष और अधिपति राजकार्य के विषय में दानिएल के विरूद्ध दोष ढूंढ़ने लगे; परन्तु वह विश्वासयोग्य था, और उसके काम में कोई भूल वा दोष न निकला, और वे ऐसा कोई अपराध वा दोष न पा सके। - दानिएल ६:४

बाइबल पाठ: दानिएल ६:१-४
Dan 6:1 दारा को यह अच्छा लगा कि अपने राज्य के ऊपर एक सौ बीस ऐसे अधिपति ठहराए, जो पूरे राज्य में अधिकार रखें।
Dan 6:2 और उनके ऊपर उस ने तीन अध्यक्ष, जिन में से दानिएल एक था, इसलिये ठहराए, कि वे उन अधिपतियों से लेखा लिया करें, और इस रीति राजा की कुछ हानि न होने पाए।
Dan 6:3 जब यह देखा गया कि दानिएल में उत्तम आत्मा रहती है, तब उसको उन अध्यक्षों और अधिपतियों से अधिक प्रतिष्ठा मिली; वरन राजा यह भी सोचता था कि उसको सारे राज्य के ऊपर ठहराए।
Dan 6:4 तब अध्यक्ष और अधिपति राजकार्य के विषय में दानिएल के विरूद्ध दोष ढूंढ़ने लगे; परन्तु वह विश्वासयोग्य था, और उसके काम में कोई भूल वा दोष न निकला, और वे ऐसा कोई अपराध वा दोष न पा सके।

एक साल में बाइबल: भजन ७०-७१ रोमियों ८:२२-३९

शुक्रवार, 5 अगस्त 2011

बहाने ही बहाने

मेरे एक मित्र ने मुझे कुछ बहानों की सूचि भेजी, जो दुर्घटना-ग्रस्त कार चालकों ने अपनी गलती से बचने के लिए वास्तव में बनाए थे:
  • बिना अपने किसी इरादे की कोई पूर्व सूचना दिए, दूसरी गाड़ी आकर मेरी गाड़ी से टकरा गई।
  • वो पैदल यात्री स्वयं आकर मेरी गाडी से टकराया और गाड़ी के नीचे चला गया।
  • घर आते समय मैं गलत घर की ओर मुड़ गया और एक ऐसे पेड़ से टकरा गया जो मेरे अपने घर में विद्यमान नहीं है।
  • मैं घर से गाड़ी लेकर निकला ही था कि मुझे मेरी सास दिखाई दे गई और गाड़ी अनायास ही सड़क के किनारे की पटरी पर चढ़ गई।
  • पैदल चल रहा व्यक्ति निर्णय ही नहीं कर पा रहा था कि किस ओर मुड़े और इसलिए मेरी गाड़ी उस पर चढ़ गई।
ये बहाने दिखाते हैं कि हम अपनी गलतियों की ज़िम्मेदारी लेने में कितनी आनाकानी करते हैं और बहाने बनाना हमारे लिए कितना आसान होता है। लेकिन अपनी ज़िम्मेदारी दूसरों पर डालने या बहाने बनाने से हम अपने किए से बच नहीं सकते।

ऐसे ही बहाने हम तब भी बनाते हैं जब हम परमेश्वर की इच्छा को पूरा करने में कमज़ोर रहते हैं। हमें लगता है कि परमेश्वर को हम अपने बहानों से मना लेंगे; लेकिन यदि उन्हीं बहानों को हम परमेश्वर के दृष्टिकोण से देखें तब हमे पता लगेगा कि हमारे बहाने कितने बचकाने होते हैं।

परमेश्वर के वचन में इस्त्राएल के प्रथम राजा, राजा शाऊल को परमेश्वर ने आज्ञा दी थी कि उसे अमालेकियों पर हमला करना है और उनकी हर चीज़ नष्ट कर देनी है, कुछ भी बचाना नहीं है। युद्ध में विजयी सेना पराजित लोगों से उनकी संपत्ति अपने लिए लूट लिया करती थी। शाऊल ने अपनी सेना के लोगों के डर में होकर बजाए सब कुछ नाश करने के, कुछ भाग लोगों को लूट लेने दिया और जब परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता ने उस से इस विष्य में पूछा तो बहाना बनाया कि उन्होंने अच्छी अच्छी चीज़ें परमेश्वर को भेंट और बलिदान के लिए बचा लीं। उसकी यह अनाज्ञाकारिता उसे बहुत भारी पड़ी और इस्त्राएल का राज्य उसके हाथ और वंश से ले लिया गया।

यदि बहाने खोजने कि बजाए हम परमेश्वर की इच्छा को पूरा करने के मार्गों के खोजी होंगे तो बहाने खोजने की आवश्यक्ता भी नहीं रहेगी। - पौल वैन गौर्डर


बहाने चाहे सुनने में सही लगें लेकिन कभी सही होते नहीं हैं।

परन्तु प्रजा के लोग लूट में से भेड़-बकरियों, और गाय-बैलों, अर्थात सत्यानाश होने की उत्तम उत्तम वस्तुओं को गिलगाल में तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये बलि चढ़ाने को ले आए हैं। - १ शमुएल १५:२१


बाइबल पाठ: १ शमुएल १५:१०-२६

1Sa 15:10 तब यहोवा का यह वचन शमूएल के पास पहुंचा,
1Sa 15:11 कि मैं शाऊल को राजा बना के पछताता हूं क्योंकि उस ने मेरे पीछे चलना छोड़ दिया, और मेरी आज्ञाओं का पालन नहीं किया। तब शमूएल का क्रोध भड़का; और वह रात भर यहोवा की दोहाई देता रहा।
1Sa 15:12 बिहान को जब शमूएल शाऊल से भेंट करने के लिये सवेरे उठा तब शमूएल को यह बताया गया, कि शाऊल कर्म्मेल को आया था, और अपने लिये एक निशानी खड़ी की, और घूम कर गिलगाल को चला गया है।
1Sa 15:13 तब शमूएल शाऊल के पास गया, और शाऊल ने उस से कहा, तुझे यहोवा की ओर से आशीष मिले; मैं ने यहोवा की आज्ञा पूरी की है।
1Sa 15:14 शमूएल ने कहा, फिर भेड़-बकरियों का यह मिमियाना, और गय-बैलों का यह रंबाना जो मुझे सुनाई देता है, यह क्यों हो रहा है?
1Sa 15:15 शाऊल ने कहा, वे तो अमालेकियों के यहां से आए हैं; अर्थात प्रजा के लोगों ने अच्छी से अच्छी भेड़-बकरियों और गाय-बैलों को तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये बलि करने को छोड़ दिया है और बाकी सब को तो हम ने सत्यानाश कर दिया है।
1Sa 15:16 तब शमूएल ने शाऊल से कहा, ठहर जा! और जो बात यहोवा ने आज रात को मुझ से कही है वह मैं तुझ को बताता हूं। उस ने कहा, कह दे।
1Sa 15:17 शमूएल ने कहा, जब तू अपनी दृष्टि में छोटा था, तब क्या तू इस्राएली गोत्रों का प्रधान न हो गया, और क्या यहोवा ने इस्राएल पर राज्य करने को तेरा अभिषेक नहीं किया?
1Sa 15:18 और यहोवा ने तुझे यात्रा करने की आज्ञा दी, और कहा, जाकर उन पापी अमालेकियों को सत्यानाश कर, और जब तक वे मिट न जाएं, तब तक उन से लड़ता रह।
1Sa 15:19 फिर तू ने किस लिये यहोवा की वह बात टाल कर लूट पर टूट के वह काम किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है?
1Sa 15:20 शाऊल ने शमूएल से कहा, नि:सन्देह मैं ने यहोवा की बात मानकर जिधर यहोवा ने मुझे भेजा उधर चला, और अमालेकियों को सत्यानाश किया है।
1Sa 15:21 परन्तु प्रजा के लोग लूट में से भेड़-बकरियों, और गाय-बैलों, अर्थात सत्यानाश होने की उत्तम उत्तम वस्तुओं को गिलगाल में तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये बलि चढ़ाने को ले आए हैं।
1Sa 15:22 शमूएल ने कहा, क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन मानना तो बलि चढ़ाने और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है।
1Sa 15:23 देख बलवा करना और भावी कहने वालों से पूछना एक ही समान पाप है, और हठ करना मूरतों और गृहदेवताओं की पूजा के तुल्य है। तू ने जो यहोवा की बात को तुच्छ जाना, इसलिये उस ने तुझे राजा होने के लिये तुच्छ जाना है।
1Sa 15:24 शाऊल ने शमूएल से कहा, मैं ने पाप किया है; मैं ने तो अपनी प्रजा के लोगों का भय मान कर और उनकी बात सुन कर यहोवा की आज्ञा और तेरी बातों का उल्लंघन किया है।
1Sa 15:25 परन्तु अब मेरे पाप को क्षमा कर, और मेरे साथ लौट आ, कि मैं यहोवा को दण्डवत करूं।
1Sa 15:26 शमूएल ने शाऊल से कहा, मैं तेरे साथ न लौटूंगा; क्योंकि तू ने यहोवा की बात को तुच्छ जाना है, और यहोवा ने तुझे इस्राएल का राजा होने के लिये तुच्छ जाना है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ६८-६९
  • रोमियों ८:१-२१

गुरुवार, 4 अगस्त 2011

निष्कर्ष तथा मापदण्ड

अपनी पुस्तक Illustrations of Bible Truths में लेखक H. A. Ironside ने एक रोचक घटना प्रस्तुत करी। वर्च के शीर्ष धर्मगुरू बिशप पौटर अमेरिका से यूरोप की यात्रा पर एक आलीशान यात्री जहाज़ पर निकले। जब वे जहाज़ पर पहुँचे तो उन्हें मालूम पड़ा कि उनके कमरे में एक और यात्री भी उनके साथ यात्रा करेगा। अपने कमरे का निरीक्षण करने और सह यात्री से मिलने के बाद वे जहाज़ के सुरक्षा अधिकारी के पास आए और कहने लगे कि "साधारणतया मैं ऐसा नहीं करता हूँ, लेकिन क्या मैं अपनी सोने की घड़ी और अन्य कीमती सामान जहाज़ की तिजोरी में रखवा सकता हूँ क्योंकि मुझे अपने साथ वाला यात्री देखने में कुछ अटपटा सा लग रहा है और मैं उस पर विश्वास नहीं कर पा रहा हूँ"। सुरक्षा अधिकारी ने उन से उन की कीमती चीज़ें लेते हुए आश्वासन दिया कि उनका सामान पूरी यात्रा में तिजोरी में सुरक्षित रहेगा, और कहा कि "आप निश्चिंत रहिए, आपके साथ वाला यात्री भी कि कुछ देर पहले अपनी कीमती चीज़ें बिलकुल यही बात कहते हुए मेरे पास तिजोरी में रखवा कर गया है"!

किसी के बारे में गलत धारणा बना लेना या गलत अफवाह पर विश्वास कर लेना, उसके बारे में किसी भली बात को स्वीकार करने की अपेक्षा बहुत सहज होता है। लेकिन जो गलतियाँ हमें दूसरों में देखाई देती हैं वे अकसर हमारे अपने चरित्र का प्रतिबिंब होती हैं। परमेश्वर ने अपने वचन में अपने लोगों को चिताया कि "किसी मनुष्य के विरूद्ध किसी प्रकार के अधर्म वा पाप के विषय में, चाहे उसका पाप कैसा ही क्यो न हो, एक ही जन की साक्षी न सुनना, परन्तु दो वा तीन साक्षीयों के कहने से बात पक्की ठहरे" (व्यवस्थाविवरण १९:१५)। इसी प्रकार किसी अगुवे पर भी यदि कोई दोष लगाए तो "कोई दोष किसी प्राचीन पर लगाया जाए तो बिना दो या तीन गवाहों के उस को न सुन" (१ तिमुथियुस ५:१९)।

किसी के विरुद्ध कोई बात स्वीकार करने से पहले हमें सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उस बात और उस व्यक्ति से संबंधित सभी तथ्य हमारे समक्ष हैं और जल्दबाज़ी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। जो मापदण्ड हम दूसरों को नापने के लिए प्रयोग करेंगे, वही हमारे लिए भी उपयोग किया जाएगा। - डेव एग्नर


शीघ्र ही आलोचना करना यथार्त जानने और मानने से कहीं अधिक सहज होता है।

दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए। - मत्ती ७:१


बाइबल पाठ: मत्ती ७:१-४

Mat 7:1 दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए।
Mat 7:2 क्‍योंकि जिस प्रकार तुम दोष लगाते हो, उसी प्रकार तुम पर भी दोष लगाया जाएगा और जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा।
Mat 7:3 तू क्‍यों अपने भाई की आंख के तिनके को देखता है, और अपनी आंख का लट्ठा तुझे नहीं सूझता? और जब तेरी ही आंख मे लट्ठा है, तो तू अपने भाई से क्‍योंकर कह सकता है, कि ला मैं तेरी आंख से तिनका निकाल दूं?
Mat 7:4 हे कपटी, पहले अपनी आंख में से लट्ठा निकाल ले, तब तू अपने भाई की आंख का तिनका भली भांति देखकर निकाल सकेगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ६६-६७
  • रोमियों ७

बुधवार, 3 अगस्त 2011

दोषी मैं हूँ!

जौन और जो ने मिलकर चोरी करी, परन्तु जब पकड़े गए तो दोनो की प्रतिक्रियाएं बिलकुल भिन्न थीं। जौन ने अपनी गलती तुरंत मान ली और उसके लिए पछतावा किया और नुकसान की भरपाई के लिए पैसा भरने की पेशकश करी। किन्तु जो ने इस कार्य के लिए अपने ऊपर कोई ज़िम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया, वरन अपने साथी को ही पूरी रीति से ज़िम्मेदार बनाया। बाद में जो के माता-पिता ने भी जो का ही साथ दिया और जो को निर्दोष बताते हुए उसके इस व्यवहार के लिए उसकी मित्र मण्डली को दोषी ठहराया; उनके अनुसार क्योंकि जो के वे साथी जो को पूरी रीति से अपने साथ स्वीकार नहीं करते थे, इसलिए जो यह कार्य करने पर मजबूर हुआ।

कई लोग यह नहीं पहचान पाते कि अपनी गलतियों को स्वीकार करने की बजाए जब वे उनके लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं तो वे स्वयं अपना ही नुकसान कर रहे हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि यदि हम अपने पाप ढांपने के प्रयास करेंगे तो कभी उन्नति नहीं करेंगे, लेकिन यदि हम उन्हें मान लेंगे तो हम पर दया करी जाएगी, "जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सफल नहीं होता, परन्तु जो उनको मान लेता और छोड़ भी देता है, उस पर दया की जायेगी" (नीतिवचन २८:१३)।

बाइबल की पुस्तक १ राजा के २१ अध्याय में हम अहाब राजा का वृतांत पाते हैं जो अपने पड़ौसी नाबोत की पैत्रिक दाख की बारी लेना चाहता था किन्तु नाबोत उसे बेचने से इन्कार कर रहा था। अहाब की पत्नि को जब यह बात मालुम चली तो उसने मामले को अपनी युक्ति से सुलझाने का निर्णय लिया और अहाब के नाम से राजआज्ञा निकलवा कर नाबोत को मरवा डाला। जब अहाब को इस बात का पता चला तो इस जघन्य अपराध के लिए उसने अपनी पत्नि को दोषी नहीं ठहराया, वरन अपना नाम प्रयोग करने देने के कारण सारा दोष और सारी ज़िम्मेदारी अपने ऊपर ले ली, दुख जताया, पश्चाताप किया और उसपर अदभुत रीति से दया करी गई।

जब कभी हम गलती करें, भला होगा कि हम उसके दोष को स्वीकार कर लें और परमेश्वर से क्षमा मांग लें, क्योंकि वह पहले ही से सारी सच्चाई जानता है और हम उसको कभी मूर्ख नहीं बना सकते।

हम और बेहतर लोग बननेंगे जब हम कहना सीख लेंगे, "दोषी मैं हूँ।" - हर्ब वैण्डर लुग्ट


जो स्वयं का दोष स्वीकार करने वाला होगा, वह अधिक ज़िम्मेदारी उठाने के योग्य भी होगा।

एलिय्याह के ये वचन सुन कर अहाब ने अपने वस्त्र फाड़े, और अपनी देह पर टाट लपेट कर उपवास करने और टाट ही ओढ़े पड़ा रहने लगा, और दबे पांवों चलने लगा। - १ राजा २१:२७


बाइबल पाठ: १ राजा २१:१६-२९

1Ki 21:16 यिज्रेली नाबोत की मृत्यु का समाचार पाते ही अहाब उसकी दाख की बारी अपने अधिकार में लेने के लिये वहां जाने को उठ खड़ा हुआ।
1Ki 21:17 तब यहोवा का यह वचन तिशबी एलिय्यह के पास पहुंचा, कि चल,
1Ki 21:18 शोमरोन में रहने वाले इस्राएल के राजा अहाब से मिलने को जा; वह तो नाबोत की दाख की बारी में है, उसे अपने अधिकार में लेने को वह वहां गया है।
1Ki 21:19 और उस से यह कहना, कि यहोवा यों कहता है, कि क्या तू ने घात किया, और अधिकारी भी बन बैठा? फिर तू उस से यह भी कहना, कि यहोवा यों कहता है, कि जिस स्थान पर कुत्तों ने नाबोत का लोहू चाटा, उसी स्थान पर कुत्ते तेरा भी लोहू चाटेंगे।
1Ki 21:20 एलिय्याह को देख कर अहाब ने कहा, हे मेरे शत्रु! क्या तू ने मेरा पता लगाया है? उस ने कहा हां, लगाया तो है; और इसका कारण यह है, कि जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, उसे करने के लिये तू ने अपने को बेच डाला है।
1Ki 21:21 मैं तुझ पर ऐसी विपत्ति डालूंगा, कि तुझे पूरी रीति से मिटा डालूंगा; और अहाब के घर के एक एक लड़के को और क्या बन्धुए, क्या स्वाधीन इस्राएल में हर एक रहने वाले को भी नाश कर डालूंगा।
1Ki 21:22 और मैं तेरा घराना नबात के पुत्र यारोबाम, और अहिय्याह के पुत्र बाशा का सा कर दूंगा, इसलिये कि तू ने मुझे क्रोधित किया है, और इस्राएल से पाप करवाया है।
1Ki 21:23 और हेज़ेबेल के विषय में यहोवा यह कहता है, कि यिज्रेल के किले के पास कुत्ते हेज़ेबेल को खा डालेंगे।
1Ki 21:24 अहाब का जो कोई नगर में मर जाएगा उसको कुत्ते खा लेंगे और जो कोई मैदान में मर जाएगा उसको आकाश के पक्षी खा जाएंगे।
1Ki 21:25 सचमुच अहाब के तुल्य और कोई न था जिसने अपनी पत्नी हेज़ेबेल के उकसाने पर वह काम करने को जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, अपने को बेच डाला था।
1Ki 21:26 वह तो उन एमोरियों की नाईं जिनको यहोवा ने इस्राएलियों के साम्हने से देश से निकाला था बहुत ही घिनौने काम करता था, अर्थात मूरतों की उपासना करने लगा था।
1Ki 21:27 एलिय्याह के ये वचन सुन कर अहाब ने अपने वस्त्र फाड़े, और अपनी देह पर टाट लपेट कर उपवास करने और टाट ही ओढ़े पड़ा रहने लगा, और दबे पांवों चलने लगा।
1Ki 21:28 और यहोवा का यह वचन तिशबी एलिय्याह के पास पहुंचा,
1Ki 21:29 कि क्या तू ने देखा है कि अहाब मेरे साम्हने नम्र बन गया है? इस कारण कि वह मेरे साम्हने नम्र बन गया है मैं वह विपत्ति उसके जीते जी उस पर न डालूंगा परन्तू उसके पुत्र के दिनों में मैं उसके घराने पर वह विपत्ति भेजूंगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ६३-६५
  • रोमियों ६

मंगलवार, 2 अगस्त 2011

सही नज़रिया

कभी कभी हमारे अपने दोष और कमियाँ हमें दूसरों में ऐसे दोष और कमियाँ दिखाते हैं जो वास्तव में होते नहीं हैं। एक औरत हमेशा अपने घर आने जाने वालों से अपनी पड़ौसन की गन्दी खिड़कियों के बारे में बातें करती थी। एक दिन एक मेहमान ने उसे सलाह दी कि क्यों नहीं वह अपनी खिड़कियाँ धो कर देखे। उस औरत ने अपने मेहमान की बात मान ली और ऐसा ही किया, और फिर विसमय से बोली, "मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा, जैसे ही मैंने अपनी खिड़कियाँ धोईं, लगता है साथ ही पड़ौसन ने भी अपनी खिड़कियाँ धो लीं; देखो तो उसकी खिड़कियाँ कैसी चमक रही हैं!

आलोचना की प्रवृति दूसरों द्वारा किए जा रहे भले कार्यों के प्रति हमें अन्धा बना देती है। एक आदमी ने शहर के मुख्य चौक में पानी पीने के लिए स्थान का निर्माण करवाया। उस स्थान को देखकर शहर के कला समीक्षक ने उस निर्माण की वस्तुकला की आलोचना करी। निर्माण करवाने वाले आदमी को इस आलोचना से दुख हुआ, लेकिन उसने उससे केवल एक ही प्रश्न पूछा, "क्या जिस उद्देश्य के लिए यह बनाया गया है, वह पूरा हुआ है कि नहीं?" अब उत्तर सुनकर उसके प्रसन्न होने की बारी थी क्योंकि वह स्थान शहर के लोगों को बहुत लाभ पहुँचा रहा था और उनकी प्यास बुझा रहा था। कला समीक्षक ने निर्मित स्थान की कला को तो परखा किन्तु उपयोगिता की ओर ध्यान नहीं दिया, जबकि महत्व उपयोगिता का था, कला का नहीं।

प्रभु यीशु ने अपने चेलों को चिताया, "दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए" (मत्ती ७:१)। प्रभु भोज मे सम्मिलित होने से पहले के लिए भी परमेश्वर की चेतावनी है कि "इसलिये मनुष्य अपने आप को जांच ले और इसी रीति से इस रोटी में से खाए, और इस कटोरे में से पीए" (१ कुरिन्थियों ११:२८)। प्रभु के विश्वासियों से प्रभु का आत्मा कहता है, "अपने प्राण को परखो, कि विश्वास में हो कि नहीं? अपने आप को जांचो, क्‍या तुम अपने विषय में यह नहीं जानते, कि यीशु मसीह तुम में है? नहीं तो तुम निकम्मे निकले हो" (२ कुरिन्थियों १३:५)।

दूसरों की गलतियाँ ढूंढना बहुत आसान है, परन्तु अपनी गलतियाँ पहिचानने के लिए अपने अन्दर झाँकना होता है और संसार के मापदण्ड को नहीं परमेश्वर के मापदण्ड - परमेश्वर के वचन को उपयोग करना पड़ता है। परमेश्वर का वचन ही हमें वह सही नज़रिया प्रदान कर सकता है जिससे हम दूसरों के आलोचक बनने की बजाए स्व्यं अपने आप को जांचने वाले और अपनी गलतियों को पहचान कर उन्हें सुधारने वाले बन सकते हैं, जो परमेश्वर हम से चाहता है।


जब कभी आलोचना करने का मन हो तो ध्यान रखिए कि परमेश्वर सुन रहा है।

व्यवस्था देने वाला और हाकिम तो एक ही है, जिसे बचाने और नाश करने की सामर्थ है? तू कौन है, जो अपने पड़ोसी पर दोष लगाता है? - याकूब ४:१२


बाइबल पाठ: लूका ६:३७-४२

Luk 6:37 दोष मत लगाओ, तो तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा: दोषी न ठहराओ, तो तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे: क्षमा करो, तो तुम्हारी भी क्षमा की जाएगी।
Luk 6:38 दिया करो, तो तुम्हें भी दिया जाएगा: लोग पूरा नाप दबा दबाकर और हिला हिलाकर और उभरता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे, क्‍योंकि जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा।
Luk 6:39 फिर उस ने उन से एक दृष्‍टान्‍त कहा; क्‍या अन्‍धा, अन्‍धे को मार्ग बता सकता है? क्‍या दोनो गड़हे में नहीं गिरेंगे?
Luk 6:40 चेला अपने गुरू से बड़ा नहीं, परन्‍तु जो कोई सिद्ध होगा, वह अपने गुरू के समान होगा।
Luk 6:41 तू अपने भाई की आंख के तिनके को क्‍यों देखता है, और अपनी ही आंख का लट्ठा तुझे नहीं सूझता?
Luk 6:42 और जब तू अपनी ही आंख का लट्ठा नहीं देखता, तो अपने भाई से क्‍योंकर कह सकता है, हे भाई, ठहर जा तेरी आंख से तिनके को निकाल दूं? हे कपटी, पहिले अपनी आंख से लट्ठा निकाल, तब जो तिनका तेरे भाई की आंख में है, भली भांति देखकर निकाल सकेगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ६०-६२
  • रोमियों ५