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गुरुवार, 19 दिसंबर 2013

सब ठीक है


   हाल ही में मेरी और मेरे पति की पुनःमुलाकात एक जवान व्यक्ति, मैथ्यु, से हुई जिसे हम उसके बचपने में जानते थे। बीती यादों को ताज़ा करते हुए हम ने मैथ्यु द्वारा, उसके लड़कपन के समय, एक क्रिसमस कार्यक्रम में गाए भजन "All is Well" (सब ठीक है) को स्मरण किया। एक सुन्दर भजन को भली भांति गाए जाने की वह एक अच्छी याद थी। यह भजन लोगों को ऊँची आवाज़ में प्रभु यीशु के जन्म की खुशी और सब कुछ ठीक होने के कारण परमेश्वर की स्तुति करने को प्रेरित करता है।

   क्रिसमस के समय इस भजन के बोल बहुत से लोगों के लिए बड़े शांतिदायक होते हैं, लेकिन कुछ लोग इस भजन के सन्देश को ग्रहण नहीं कर पाते क्योंकि उनके जीवनों में सब कुछ ठीक नहीं होता है, वे किसी समस्या, किसी प्रीय जन की मृत्यु के शोक, बेरोज़गारी, किसी गंभीर बीमारी या बनी हुई निराशा से जूझ रहे होते हैं और इस गीत को सुनकर उनके मन से चीत्कार निकलती है - "नहीं! सब ठीक नहीं है!"

   लेकिन उन लोगों के लिए जो प्रभु यीशु के जन्म के आनन्द को मनाते हैं, जो प्रभु यीशु की सामर्थ को जानते हैं, जो प्रभु यीशु को समर्पित जीवन व्यतीत करते हैं, उनके लिए हर प्रतिकूल परिस्थिति में भी मसीह यीशु के उनके जीवन में उपस्थित तथा कार्यरत होने के कारण सब कुछ ठीक रहता है। हम मसीही विश्वासी अपने किसी कष्ट या पीड़ा में कभी अकेले नहीं हैं, परमेश्वर सदैव हमारे साथ रहता है और हमें कभी ना छोड़ने का उसका वायदा है (इब्रानियों 13:5)। परमेश्वर का वायदा है कि हर परिस्थिति में उसका अनुग्रह हमारे लिए काफी है (1 कुरिन्थियों 12:9)। परमेश्वर ने हमारी हर आवश्यकता की पूर्ति का वायदा किया है (फिलिप्पियों 4:19)। और सबसे बढ़कर परमेश्वर का वायदा हमें अनन्त आशीष का जीवन देने का है (यूहन्ना 10:27-28), जो एक ऐसा वायदा है जो कभी किसी और ने अपने किसी अनुयायी से नहीं किया।

   जब हम परमेश्वर की अपने विश्वासियों से करी गई इन प्रतिज्ञाओं को स्मरण करते हैं तो हमारे पास उस भजन के लेखकों के साथ सहमत होने के सिवाए और कुछ करने को नहीं रह जाता, क्योंकि जैसा उस गीत में आया है, "मेरे आगे, मेरे पीछे परमेश्वर है और सब ठीक है"। - सिंडी हैस कैस्पर


जब परमेश्वर की शान्ति मन में होती है तो हम परमेश्वर की उपस्थिति के तकिए पर सर रखकर आराम से सो सकते हैं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 46
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। 
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं; 
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।। 
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है। 
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है। 
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। 
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।। 
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है। 
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है! 
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! 
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • योना 1-4 
  • प्रकाशितवाक्य 10


बुधवार, 18 दिसंबर 2013

यात्रा


   नासरत से बैतलेहम की दूरी कितनी है? गलील के नासरत से, जो प्रभु यीशु के शारीरिक माता-पिता - मरियम और यूसुफ के रहने का स्थान था, बैतलेहम लगभग 80 मील की दूरी पर है। यह यात्रा करने के लिए  यूसुफ और गर्भवती मरियम को लगभग एक सप्ताह लगा होगा। जब वे वहाँ पहुँचे तो उन्हें रहने के लिए कोई अच्छा होटल का कमरा नहीं मिला; जो मिला वह थी एक गौशाला, और वहीं मरियम ने अपने पहिलौठे पुत्र को जन्म दिया (लूका 2:7)।

   लेकिन प्रभु यीशु की यह यात्रा तो 80 मील से कहीं अधिक लंबी है - वे स्वर्ग में परमेश्वर के दाहिने के अपने स्थान से इस पृथ्वी पर आए, मानव रूप स्वीकार किया, लगभग 33 वर्ष का जीवन काल इस पृथ्वी पर बिताया। वे क्रूस पर टाँगे जाकर मारे गए और एक उधार की कब्र में दफनाए गए; लेकिन उनकी यात्रा क यह अन्त नहीं था। वे तीसरे दिन मृतकों में से जी उठे, मनुष्यों के बीच में 40 दिन तक चलते फिरते रहे और फिर अपने चेलों के देखते देखते स्वर्ग पर उठा लिए गए। यह भी उनकी यात्रा का अन्त नहीं है; अभी वे स्वर्ग में हम मसीही विश्वासियों के सहायक हैं, पिता परमेश्वर से हमारे लिए विनती करते हैं और हमारे रहने का स्थान तैयार कर रहे हैं, और बहुत शीघ्र एक दिन वे वापस आएंगे - राजाओं के राजा और प्रभुओं के प्रभु बन कर और अनन्त काल तक उनका राज्य इस सृष्टि पर बना रहेगा, उनके अनुयायी उनके साथ बने रहेंगे।

   इस वर्ष, क्रिसमस के उपलक्ष में जब आप कोई यात्रा करें तो उस यात्रा पर भी विचार करें जो प्रभु यीशु ने आपके लिए करी। वे स्वर्ग की महीमा छोड़कर इस पृथ्वी पर अपमानित होने और श्रापित मृत्यु झेलने आ गए जिससे हम मनुष्यों को पापों की क्षमा और अनन्त काल की महिमा मिल सके। अपने महिमामय पुनरुत्थान के द्वारा उन्होंने अपने परमेश्वरत्व को प्रमाणित किया और अपनी महिमा में संभागी होने का आदर अपने अनुयायियों को भी दिया।

   परमेश्वर का धन्यवाद हो उस पहले क्रिसमस की यात्रा के लिए जिससे समस्त मानव जाति के लिए अनन्त महिमा का मार्ग खुल गया। क्या आपने प्रभु के इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है? - डेव एगनर


प्रभु यीशु हमारे लिए स्वर्ग से पृथ्वी पर आए जिससे हम उनके साथ पृथ्वी से स्वर्ग जा सकें।

वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। - मत्ती 1:21

बाइबल पाठ: गलतियों 4:1-7
Galatians 4:1 मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्‍तुओं का स्‍वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं। 
Galatians 4:2 परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक रक्षकों और भण्‍डारियों के वश में रहता है। 
Galatians 4:3 वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में हो कर दास बने हुए थे। 
Galatians 4:4 परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। 
Galatians 4:5 ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले। 
Galatians 4:6 और तुम जो पुत्र हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को, जो हे अब्‍बा, हे पिता कह कर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है। 
Galatians 4:7 इसलिये तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है; और जब पुत्र हुआ, तो परमेश्वर के द्वारा वारिस भी हुआ। 

एक साल में बाइबल: 
  • ओब्द्याह 
  • प्रकाशितवाक्य 9


मंगलवार, 17 दिसंबर 2013

आशा


   एक शाम मैं और मेरा परिवार एक क्रिसमस पार्टी से वापस लौट रहे थे, हमारे मार्ग में बर्फ से ढकी और चमकती हुई पहाड़ियों के बीच बना हुआ एक छोटा सा चर्च भवन पड़ा। दूर ही से उस चर्च के बाहर लगी सजावट की बत्तियाँ दिखाई दे रही थीं जिस से उस चर्च के लोगों ने अँग्रेज़ी के अक्षर HOPE अर्थात आशा लिखा हुआ था। अन्धकार में चमकते हुए दूर ही से दिख जाने वाले उस शब्द ने मुझे स्मरण दिलाया कि मानवजाति की आशा जो सदा से थी और सदा के लिए है वह प्रभु यीशु ही है।

   प्रभु यीशु के जन्म से पहले भी लोग आने वाले मसीहा की बाट जोह रहे थे - वह मसीहा जो उनके पापों को उठा ले और परमेश्वर के साथ उनके लिए मध्यस्तता करे (यशायाह 53:12)। परमेश्वर ने अपने वचन द्वारा उन्हें बताया हुआ था कि यह मसीहा एक कुँवारी से जन्म लेगा, और उसका जन्म स्थान बैतलेहम होगा तथा वह इम्मैनुएल अर्थात परमेश्वर हमारे साथ कहलाएगा (यशायाह 7:14)। जिस रात प्रभु यीशु का जन्म हुआ, लोगों की यह आशा पूरी हुई (लूका 2:1-14)।

   यद्यपि आज हम प्रभु यीशु के एक शिशु के रूप में आगमन की बाट नहीं जोह रहे हैं, लेकिन वह आज भी हमारी आशा है। अब हम उसके दूसरे आगमन की प्रतीक्षा में हैं (मत्ती 24:30), और हम उस स्वर्गीय निवास स्थान की आशा में हैं जो वह हमारे लिए तैयार कर रहा है और जहाँ वह हमें ले कर जाएगा (यूहन्ना 14:2-3) और फिर उस स्वर्गीय स्थान में हम उसके साथ अनन्त काल तक रहेंगे (1 थिस्सलुनिकीयों 4:16)। हम मसीही विश्वासी बड़े निश्चय से उस भविष्य की बाट जोह सकते हैं क्योंकि वह शिशु जो बैतलेहम की गौशाला की चरनी में जन्मा था वही प्रभु यीशु, हमारी आशा है (1तिमुथियुस 1:1)। - जेनिफर बेनसन शुल्ट


क्रिसमस का सन्देश है: इम्मैनुएल अर्थात परमेश्वर हमारे साथ।

इस कारण प्रभु आप ही तुम को एक चिन्ह देगा। सुनो, एक कुमारी गर्भवती होगी और पुत्र जनेगी, और उसका नाम इम्मानूएल रखेगी। - यशायाह 7:14

बाइबल पाठ: यशायाह 53
Isaiah 53:1 जो समाचार हमें दिया गया, उसका किस ने विश्वास किया? और यहोवा का भुजबल किस पर प्रगट हुआ? 
Isaiah 53:2 क्योंकि वह उसके साम्हने अंकुर की नाईं, और ऐसी जड़ के समान उगा जो निर्जल भूमि में फूट निकले; उसकी न तो कुछ सुन्दरता थी कि हम उसको देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई पड़ा कि हम उसको चाहते। 
Isaiah 53:3 वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना।
Isaiah 53:4 निश्चय उसने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया; तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा-कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा। 
Isaiah 53:5 परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं। 
Isaiah 53:6 हम तो सब के सब भेड़ों की नाईं भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।
Isaiah 53:7 वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला। 
Isaiah 53:8 अत्याचार कर के और दोष लगाकर वे उसे ले गए; उस समय के लोगों में से किस ने इस पर ध्यान दिया कि वह जीवतों के बीच में से उठा लिया गया? मेरे ही लोगों के अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी। 
Isaiah 53:9 और उसकी कब्र भी दुष्टों के संग ठहराई गई, और मृत्यु के समय वह धनवान का संगी हुआ, यद्यपि उसने किसी प्रकार का अपद्रव न किया था और उसके मुंह से कभी छल की बात नहीं निकली थी।। 
Isaiah 53:10 तौभी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी। 
Isaiah 53:11 वह अपने प्राणों का दु:ख उठा कर उसे देखेगा और तृप्त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा। 
Isaiah 53:12 इस कारण मैं उसे महान लोगों के संग भाग दूंगा, और, वह सामर्थियों के संग लूट बांट लेगा; क्योंकि उसने अपना प्राण मृत्यु के लिये उण्डेल दिया, वह अपराधियों के संग गिना गया; तौभी उसने बहुतों के पाप का बोझ उठ लिया, और, अपराधियों के लिये बिनती करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 7-9 
  • प्रकाशितवाक्य 8


सोमवार, 16 दिसंबर 2013

परिणाम


   आहा, सुअर का जीवन! हर दिन का बस एक ही काम - कीचड़ और गन्दगी में लोटते रहना, भोजन भी गन्दगी से ही निकालना और फिर मस्त होकर आवाज़ें निकालना; वाह, क्या जीवन है!

   क्या आपको ऐसा जीवन अच्छा लगेगा? नहीं, कदापि नहीं। और उस उड़ाऊ पुत्र को भी अच्छा नहीं लगा, इसीलिए ऐसे जीवन में आते ही उसे अपना पिछला समय स्मरण हो आया, जब अपने पिता के घर में उसके पास अच्छा स्थान, साफ बिस्तर, पिता का प्रेम, अच्छा भोजन और एक सुरक्षित सुखद भविष्य था। लेकिन तब उस के लिए यह सब पर्याप्त नहीं था, उसे तो मौज-मस्ती करने की स्वतंत्रता चाहिए थी; वह मनमानी करना चाहता था, अपना जीवन को स्वयं निर्धारित करना चाहता था, और उसने ऐसा किया, लेकिन थोड़े समय की मौज मस्ती के बाद अन्ततः परिणाम क्या निकला - सूअरों के साथ रहना और उनके भोजन को भी तरसना। तब उसे अपने पिता और अपने घर की याद आई, वहाँ की बातों की कीमत पता चली।

   जब भी कोई जवान परमेश्वर के भय में चलने वाले माता-पिता के मार्गदर्शन और परमेश्वर के वचन बाइबल के निर्देशों की अवहेलना करता है, तो परिणामस्वरूप कुछ ऐसे ही नतीजे उसे भोगने पड़ते हैं। मुझे सदा ही आश्चर्य होता है जब कोई प्रभु यीशु को जानने का दावा तो करता है लेकिन जीवन शैली ऐसी रखता है जो परमेश्वर के वचन की शिक्षाओं के विपरीत है। चाहे उसके चुनाव यौन संबंधों के अथवा नशीले पदर्थों के सेवन से संबंधित पाप हों; चाहे वह बिना मेहनत किए निठले बैठे बैठे ही दूसरों के सहारे जीवन बिताना चाहता हो या फिर अन्य किसी रीति से बाइबल के निर्देशों की अवहेलना करे - जो भी निर्णय परमेश्वर और उसके वचन के प्रतिकूल होगा, अन्ततः उसका परिणाम बुरा और दुखद ही होगा।

   यदि हम बाइबल की स्पष्ट नैतिक शिक्षाओं तथा परमेश्वर के साथ अपने संबंध को नज़रन्दाज़ करेंगे, तो अपने लिए परेशानी ही उत्पन्न करेंगे। जिस जवान व्यक्ति की बात से हमने आरंभ किया था, जब वह पश्चाताप के साथ अपने पिता के पास लौट आया, तो उसे ना केवल क्षमा मिली वरन उसे वह सब कुछ भी वापस मिल गया जिसे छोड़ कर वह संसार में चला गया था।

   ज़रा अपने बारे में विचार कीजिए - संसार की लालसाओं और अभिलाषाओं की प्राप्ति के लिए कहीं आप भी परमेश्वर की अवाज्ञाकारिता तो नहीं कर रहे हैं? क्या परमेश्वर के साथ आपके संबंध ठीक बने हुए हैं? यदि नहीं, तो अब अवसर है, पश्चाताप के साथ लौट आईए और प्रभु यीशु से पापों की क्षमा माँग लीजिए तथा अपने जीवन की कमान उसे सौंप दीजिए, अन्यथा परिणाम अति कष्टदायक और भयानक होगा। - डेव ब्रैनन


यदि पाप इतना छली ना होता तो इतना लुभावना भी नहीं होता।

क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रीयाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे। - रोमियों 8:13

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
Luke 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे। 
Luke 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी। 
Luke 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी। 
Luke 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया। 
Luke 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा। 
Luke 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था। 
Luke 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं। 
Luke 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है। 
Luke 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले। 
Luke 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा। 
Luke 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं। 
Luke 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ। 
Luke 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें। 
Luke 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 4-6 
  • प्रकाशितवाक्य 7


रविवार, 15 दिसंबर 2013

सहायक भूमिका


   अमेरिका के टी.वी. कलाकार एड मैकमोहन की सन 2009 में हुई मृत्योप्रांत एक समाचार पत्र में उनके प्रति व्यक्त श्रद्धांजलि में लिखा गया, एक सहायक के रूप में कार्य करने में वह नायक से भी उत्तम थे। एड मैकमोहन की ख्याति उनके 30 वर्ष के कार्यकाल में देर रात्रि प्रसारित होने वाले जॉनी कार्सन के कार्यक्रम में जॉनी के सहायक के रूप में सबसे अधिक थी। एड जॉनी के सहायक के रूप में जॉनी को सफलता की सीढ़ीयां चढ़ाने में सदा उनके उत्तम सहयोगी रहे थे। जबकि अधिकांश कलाकार अपने लिए महत्वपूर्ण भूमिकाएं पाने की चेष्टा में लगे रहते हैं, एड सहायक भूमिका में ही संतुष्ट थे।

   जब प्रेरित पौलुस ने निर्देश दिए कि प्रभु यीशु की मण्डली में मण्डली के सदस्यों को परमेश्वर से मिले आत्मिक वरदानों को किस प्रकार उपयोग करना है, तो उसने सब को एक दूसरे का सहायक और पूरक होने को कहा (रोमियों 12:3-8)। उसने अपने इस निर्देश के आरंभ में समझाया कि हम सबको अपनी वस्तविक स्थिति की पहचान रखनी चाहिए (पद 3), और निर्देश का अन्त यह कहते हुए किया: "भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर दया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो" (रोमियों 12:10); या, जैसे बाइबल शिक्षक और अनुवादक जे.बी. फिलिप ने अन्तिम वाक्यांश का अनुवाद किया, "...दूसरों को श्रेय देने को तत्पर रहो"।

   हमारे आत्मिक वरदान हमें परमेश्वर से मिले उपहार हैं जो उसने हमारी किसी योग्यता या सामर्थ के अनुसार नहीं वरन अपने बड़े अनुग्रह में होकर अपनी इच्छा के अनुसार हमें दिए हैं, और हमें इन्हें अपनी इच्छा के अनुसार या अपने स्वार्थ के लिए नहीं वरन प्रेम और विश्वास के साथ मसीह यीशु की सेवा के लिए प्रयोग करना है।

   परमेश्वर हम पर अनुग्रह करे कि हम उससे मिलने वाली सभी सहायक भूमिकाओं को भी उत्साह और समर्पण के साथ उसकी महिमा और उसके गौरव के लिए निभाने वाले बन सकें और तब परमेश्वर हमें अपने समय और रीति से स्वतः ही आदर का पात्र बना देगा (1 पतरस 5:6)। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह की मण्डली सर्वोत्तम रीति से तब ही कार्य सकती है जब सब उसके सदस्य दर्श्क नहीं वरन परस्पर सहयोगी हो कर कार्य करने वाले बनें।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। - 1 पतरस 5:6 

बाइबल पाठ: रोमियों 12:9-21
Romans 12:9 प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो। 
Romans 12:10 भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर दया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो। 
Romans 12:11 प्रयत्न करने में आलसी न हो; आत्मिक उन्माद में भरो रहो; प्रभु की सेवा करते रहो। 
Romans 12:12 आशा मे आनन्दित रहो; क्लेश मे स्थिर रहो; प्रार्थना में नित्य लगे रहो। 
Romans 12:13 पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उस में उन की सहायता करो; पहुनाई करने में लगे रहो। 
Romans 12:14 अपने सताने वालों को आशीष दो; आशीष दो श्राप न दो। 
Romans 12:15 आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ। 
Romans 12:16 आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो। 
Romans 12:17 बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो। 
Romans 12:18 जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। 
Romans 12:19 हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। 
Romans 12:20 परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। 
Romans 12:21 बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 6


शनिवार, 14 दिसंबर 2013

परमेश्वर का महान कार्य


   जब मैं 5 वर्ष का हुआ तो मेरे पिता ने मेरे लिए एक बूढ़ी लाल घोड़ी खरीद कर दी, जिसकी देखभाल करना मेरी ज़िम्मेदारी हो गई। मैंने उसका नाम डिक्सी रख दिया। मेरे छोटे कद और छोटी उम्र के कारण डिक्सी मेरे लिए एक बड़ी समस्या थी। डिक्सी मोटी थी और मैं छोटा। कोई काठी या रकाब या जीन ऐसी नहीं थी जिसे डिक्सी पर लगाने के बाद मैं उस पर आराम से बैठ सकूँ क्योंकि मेरे पाँव उन तक पहुँचते ही नहीं थे, वरन डिक्सी के मोटापे के कारण मेरे पाँव बाहर की ओर निकले रहते थे। इस कारण मुझे डिक्सी की सवारी बिना जीन-काठी बांधे ही करनी पड़ती थी, जिससे मैं अकसर फिसल कर गिर जाता था। लेकिन डिक्सी में एक बहुत अच्छा गुण था, जब भी मैं गिर जाता डिक्सी वहीं ठहर जाती और मुझे देखने लगती और बड़े धीरज के साथ प्रतीक्षा करती रहती जब तक कि मैं किसी प्रकार वापस उस की पीठ पर चढ़कर बैठ नहीं जाता।

   लेकिन मैं डिक्सी के प्रति वैसा ही धीरजवन्त नहीं रह पाता था, लेकिन फिर भी वो मेरी बचकाना हरकतों को बड़े धीरज से सहती रहती और कभी पलट कर मुझे परेशान नहीं करती थी। मैं सोचता हूँ, क्या ही अच्छा होता यदि मैं डिक्सी के समान धीरजवन्त हो कर अनेक प्रकार के प्रतिकूल व्यवहार को शान्ति से झेलने वाली बन सकता। डिक्सी का व्यवहार मुझे अपने आप से पूछने पर मजबूर करता है कि जब लोग मुझे क्रोधित करते हैं तो मैं उनके प्रति कैसी प्रतिक्रिया देता हूँ? क्या मेरी प्रतिक्रिया परमेश्वर के वचन बाइबल की शिक्षानुसार दीनता, नम्रता और धीरज के साथ (कुलुस्सियों 3:12) या फिर असहिशुणता तथा क्रोध के साथ होती है?

   प्रभु यीशु से मिली पापों की क्षमा और उद्धार के द्वारा ही मुझे परमेश्वर से सामर्थ मिली है कि मैं प्रभु यीशु की शिक्षानुसार मेरे प्रति किए गए अपराधों के लिए सहिशुण और उन अपराध करने वालों को 7 के 70 गुणा बार क्षमा कर सकूँ; मानवीय कमज़ोरियाँ एवं असफलताओं को बर्दाशत कर सकूँ; मुझे भड़काने तथा क्रोधित करने वालों के प्रति दया और करुणा दिखा सकूँ। यह सब कर सकने की सामर्थ मेरी अपनी कभी नहीं थी और ना हो सकती थी; यह सारी सामर्थ तो मुझे प्रभु यीशु में हो कर परमेश्वर से मिली है; यह मेरे जीवन हुआ परमेश्वर ही का महान कार्य है।

   क्या आप ने अपने जीवन में परमेश्वर के इस महान कार्य को हो लेने दिया है? - डेविड रोपर


जो प्रेम कलवरी के क्रूस से निकलता है वह सब सहन करता है, सब क्षमा करता है।

और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्‍त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको। - कुलुस्सियों 1:11

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:12-17
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। 
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। 
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। 
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • योएल 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 5


शुक्रवार, 13 दिसंबर 2013

मुफ्त भोजन


   कॉलेज के छात्रों के पास पैसे की कमी अकसर होती है, इसलिए वे पैसा बचाने के प्रत्येक अवसर का भरपूरी से उपयोग करते हैं; तभी यदि किसी सभा में मुफ्त भोजन विज्ञापित किया गया हो तो छात्र वहाँ अवश्य आ जाते हैं। यदि किसी कम्पनी को नए कर्मचारी नियुक्त करने होते हैं तो वह कॉलेज में आयोजित अपनी कंपनी तथा वहाँ उपलब्ध नियुक्तियों की जानकारी देने वाली सभा के अन्त में मुफ्त पीट्ज़ा का प्रचार अवश्य करती है, जिससे छात्र सभा में उपस्थित रहने के लिए आकर्षित हों। कुछ छात्र तो इस मुफ्त मिलने वाले पीट्ज़ा के कारण एक के बाद एक, अनेक ऐसी सभाओं मे पहुँच जाते हैं; उनके लिए वर्तमान में मिलने वाला मुफ्त भोजन भविष्य के लिए उपयोगी नौकरी से अधिक महत्वपूर्ण होता है।

   प्रभु यीशु ने 5000 से अधिक की भीड़ को चम्तकारी रीति से भोजन खिलाया, और उसके अगले दिन बहुत से लोग प्रभु यीशु को ढूंढने निकल पड़े (यूहन्ना 6:10-11, 24-25)। प्रभु उनकी मनशा जानता था और उसने उनसे स्पष्ट कहा: "यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच सच कहता हूं, तुम मुझे इसलिये नहीं ढूंढ़ते हो कि तुम ने अचम्भित काम देखे, परन्तु इसलिये कि तुम रोटियां खाकर तृप्‍त हुए" (यूहन्ना 6:26)। उन लोगों के लिए प्रभु यीशु से मिलने वाली पापों की क्षमा, उद्धार और अनन्त आशीष के जीवन से अधिक महत्वपूर्ण था वह मुफ्त का भोजन जिसकी लालसा वे प्रभु यीशु से रखते थे। प्रभु यीशु ने उनसे कहा कि, "...जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा" (यूहन्ना 6:35)। कुछ ने तो उसपर इस बात के लिए विश्वास किया परन्तु बहुतेरों ने नहीं किया और उससे विवाद करने लगे, फिर अन्ततः उसे छोड़ कर चले गए (पद 66), क्योंकि वे प्रभु यीशु से मुफ्त भोजन तो चाहते थे परन्तु प्रभु को नहीं चाहते थे और ना ही उसके अनुयायी होना चाहते थे।

   प्रभु यीशु आज भी संसार के सभी लोगों को अपने पास बुला रहा है, नाशमान मुफ्त भोजन देने के लिए नहीं वरन प्रभु यीशु में मिलने वाली पापों की क्षमा से प्राप्त होने वाला अनन्त काल की स्वर्गीय आशीष से परिपूर्ण उद्धार पाया हुआ जीवन। आप प्रभु यीशु से क्या चाहते हैं - नाशमान पार्थिव आवश्यकताओं की पूर्ति या अनन्त अविनाशी आशीषें और बेबयान शान्ति? - ऐनी सेटास


केवल जीवन की रोटी प्रभु यीशु ही आत्मा की भूख को मिटा सकता है।

नाशमान भोजन के लिये परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है, जिसे मनुष्य का पुत्र तुम्हें देगा, क्योंकि पिता, अर्थात परमेश्वर ने उसी पर छाप कर दी है। - यूहन्ना 6:27 

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:26-41
John 6:26 यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच सच कहता हूं, तुम मुझे इसलिये नहीं ढूंढ़ते हो कि तुम ने अचम्भित काम देखे, परन्तु इसलिये कि तुम रोटियां खाकर तृप्‍त हुए। 
John 6:27 नाशमान भोजन के लिये परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है, जिसे मनुष्य का पुत्र तुम्हें देगा, क्योंकि पिता, अर्थात परमेश्वर ने उसी पर छाप कर दी है। 
John 6:28 उन्होंने उस से कहा, परमेश्वर के कार्य करने के लिये हम क्या करें? 
John 6:29 यीशु ने उन्हें उत्तर दिया; परमेश्वर का कार्य यह है, कि तुम उस पर, जिसे उसने भेजा है, विश्वास करो। 
John 6:30 तब उन्होंने उस से कहा, फिर तू कौन का चिन्ह दिखाता है कि हम उसे देखकर तेरी प्रतीति करें, तू कौन सा काम दिखाता है? 
John 6:31 हमारे बाप दादों ने जंगल में मन्ना खाया; जैसा लिखा है; कि उसने उन्हें खाने के लिये स्वर्ग से रोटी दी। 
John 6:32 यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं कि मूसा ने तुम्हें वह रोटी स्वर्ग से न दी, परन्तु मेरा पिता तुम्हें सच्ची रोटी स्वर्ग से देता है। 
John 6:33 क्योंकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है। 
John 6:34 तब उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, यह रोटी हमें सर्वदा दिया कर। 
John 6:35 यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। 
John 6:36 परन्तु मैं ने तुम से कहा, कि तुम ने मुझे देख भी लिया है, तोभी विश्वास नहीं करते। 
John 6:37 जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा। 
John 6:38 क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, वरन अपने भेजने वाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं।
John 6:39 और मेरे भेजने वाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उस में से मैं कुछ न खोऊं परन्तु उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊं। 
John 6:40 क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्र को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा। 
John 6:41 सो यहूदी उस पर कुड़कुड़ाने लगे, इसलिये कि उसने कहा था; कि जो रोटी स्वर्ग से उतरी, वह मैं हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 12-14 
  • प्रकाशितवाक्य 4