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शुक्रवार, 6 जून 2014

बेहतर स्थान


   मेरी सहेली मार्सी के ससुर के देहांत के पश्चात मार्सी ने उनकी मन-पसन्द मिठाई पाइनैप्पल सैलड बनाना बन्द कर दिया। एक दिन उसके छोटे बेटे ने उससे पूछा कि अब वह उस मिठाई को बनाकर भोजन के साथ क्यों नहीं परोसती है? मार्सी ने उत्तर दिया, "उससे मुझे पापा की याद हो आती है और मैं दुखी होती हूँ; उन्हें वह बहुत पसन्द थी।" उसके बेटे ने तुरंत मासूमियत से उत्तर दिया, "स्वर्ग से अधिक तो पसन्द नहीं होगी!"

   उस छोटे बच्चे का विचार सही था; स्वर्ग वास्तव में एक बहुत बेहतर स्थान है। जब कभी हम अपने किसी दिवंगत प्रीय जन को याद करके दुखी हों तो स्वर्ग का यह दृष्टिकोण हमारे दुख को कम कर सकता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि स्वर्ग पृथ्वी से बेहतर क्यों है, और हमारे दिवंगत प्रीय जन जो वहाँ पहुँचे हैं वे वहाँ पर अधिक प्रसन्न क्यों होंगे:
  • स्वर्ग परमेश्वर का घर है जहाँ परमेश्वर के अनुयायी अनन्त काल तक उसकी उपस्थिति में आनन्दित रहेंगे (प्रकाशितवाक्य 21:3-4)।
  • स्वर्ग हर तरह से अधिक आरामदेह है, वहाँ के निवासी ना तो बीमार होते हैं और ना परेशान (प्रकाशितवाक्य 21:4), और ना ही वे भूखे या प्यासे होते हैं (प्रकाशितवाक्य 7:16)।
  • स्वर्ग एक अति सुन्दर स्थान है, वहाँ परमेश्वर के सिंहासन से "...बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के जल की एक नदी..." बहती है (प्रकाशितवाक्य 22:1), और परमेश्वर स्वयं ही वहाँ की ज्योति है (प्रकाशितवाक्य 22:5)।

   क्या इस संसार की चीज़ें कभी आपको उन मसीही विश्वासियों का स्मरण कराती हैं जो अगली दुनिया में चले गए हैं? यदि हाँ, तो साथ ही यह भी ध्यान रखिए कि वे लोग एक बेहतर स्थान में हैं, अधिक प्रसन्न हैं। - जेनिफर बेनसन शुल्ट


पृथ्वी के सुखों की तुलना स्वर्ग के आनन्द से कभी करी नहीं जा सकती।

तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है। - भजन 16:11

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:4-11
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। 
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं। 
Revelation 21:6 फिर उसने मुझ से कहा, ये बातें पूरी हो गई हैं, मैं अलफा और ओमिगा, आदि और अन्‍त हूं: मैं प्यासे को जीवन के जल के सोते में से सेंतमेंत पिलाऊंगा। 
Revelation 21:7 जो जय पाए, वही इन वस्‍तुओं का वारिस होगा; और मैं उसका परमेश्वर होऊंगा, और वह मेरा पुत्र होगा। 
Revelation 21:8 पर डरपोकों, और अविश्वासियों, और घिनौनों, और हत्यारों, और व्यभिचारियों, और टोन्‍हों, और मूर्तिपूजकों, और सब झूठों का भाग उस झील में मिलेगा, जो आग और गन्‍धक से जलती रहती है: यह दूसरी मृत्यु है।
Revelation 21:9 फिर जिन सात स्‍वर्गदूतों के पास सात पिछली विपत्तियों से भरे हुए सात कटोरे थे, उन में से एक मेरे पास आया, और मेरे साथ बातें कर के कहा; इधर आ: मैं तुझे दुल्हिन अर्थात मेम्ने की पत्‍नी दिखाऊंगा। 
Revelation 21:10 और वह मुझे आत्मा में, एक बड़े और ऊंचे पहाड़ पर ले गया, और पवित्र नगर यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते दिखाया। 
Revelation 21:11 परमेश्वर की महिमा उस में थी, ओर उस की ज्योति बहुत ही बहुमूल्य पत्थर, अर्थात बिल्लौर के समान यशब की नाईं स्‍वच्‍छ थी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 37-39


गुरुवार, 5 जून 2014

बस एक बार


   अपने लड़कपन में मैं गो-कार्ट चलाया करता था, जो लकड़ी के तखते पर लगा एक छोटा ईंजन, चार पहिए और उसे दाएं-बाएं मोड़ने के लिए एक हत्था होता था। यह गो-कार्ट कुछ खास गति से तो नहीं चल पाती थी, लेकिन बच्चों को गाड़ी चलाने का सा अनुभव अवश्य कराती थी। मेरे माता-पिता के कड़े निर्देश थे कि गो-कार्ट चलाते हुए अपने घर की गली से सड़क पर आते समय मैं सड़क पर दोनों तरफ देखकर सुनिश्चित कर लूँ कि कोई अन्य गाड़ी तो नहीं आ रही है, तभी अपनी गो-कार्ट को सड़क पर मोड़ूँ। एक दिन जब मैं गो-कार्ट चलाते हुए गली से सड़क पर मुड़ने लगा तो मेरे मन में आया, "क्या फर्क पड़ता है, बस एक बार आज ऐसे ही मोड़ लेता हूँ" और मैंने बिना सड़क पर ध्यान करे अपनी गो-कार्ट सड़क पर मोड़ ली। तुरंत ही बड़े ज़ोर से ब्रेक लगने की आवाज़ आई और एक कार मुझसे टकराते टकराते बची। अपने माता-पिता के निर्देशों की अवहेलना करना मेरे लिए घातक होते होते रह गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में ऐसे अनेक उदाहरण हैं जहाँ लोगों ने, यह जानते हुए भी कि ऐसा करना परमेश्वर के निर्देशों के खिलाफ है, सोचा बस एक बार ऐसा कर लेने से कुछ होने वाला नहीं है, कुछ गलत किया और फिर अपने जीवन में उस अनाज्ञाकारिता के बड़े दुषपरिणाम उन्हें उठाने पड़े।

   दाऊद बचपन से ही, जब वह अपनी भेड़ें चरा रहा होता था, परमेश्वर की आज्ञाओं और बातों पर मनन करता आया था। वह जानता था कि परमेश्वर द्वारा दी गई दस आज्ञाओं में से सातवीं आज्ञा सिखाती है कि व्यभिचार गलत है और परमेश्वर उसकी भर्तसना करता है। लेकिन राजा बन जाने के बाद जब दाऊद ने एक सुन्दर स्त्री को स्नान करते देखा तो उसने अपनी राजसी ताकत का दुरुपयोग किया और उस स्त्री को अपने पास बुलवा लिया और व्यभिचार में पड़ गया। वह स्त्री उसके एक सेनापति उरियाह की पत्नि थी, इसलिए अपने पाप को छुपाने के लिए दाऊद ने उरियाह को युद्ध में घात भी करवा दिया। उसके ये पाप उसे बहुत भारी पड़े और परिणामस्वरूप उसे अपने परिवार तथा राज्य में बहुत मुसीबतों और ताड़नाओं का सामना करना पड़ा (2 शमूएल 11-12)। इसीलिए वह अपने एक भजन में लिखता है, "तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वह मुझ पर प्रभुता करने न पाएं! तब मैं सिद्ध हो जाऊंगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूंगा" (भजन 19:13)।

   क्या कभी आप इस प्रलोभन में पड़े हैं कि "बस एक बार" यह करके देखते हैं, यह जानते हुए भी कि जो आप करना चाह रहे हैं वह गलत है, अनुचित है? यह उन सामन्य सी लगने वाली बातों के लिए हो सकता है जैसे कि इंटरनैट पर अश्लील चित्रों पर एक झलक मार लेना, किसी के द्वारा या दफतर से कार्य करने के लिए दिए गए पैसों में से अपने कार्यों के लिए कुछ पैसे "उधार" ले लेना, या किसी सत्य को वैसा ना बता कर उसे बढ़ा-चढ़ा कर या फिर गोल-मोल करके बयान करना, आदि। इनमें से या इनके समान कोई भी गलत कार्य अपने आप में किया गया अकेला ही कार्य हो सकता है, लेकिन उसके दुषपरिणाम बहुत बड़े और परेशान करने वाले हो जाएंगे।

   परमेश्वर और उसके वचन बाइबल के आधीन रहें, पापों से पश्चाताप करें और परमेश्वर द्वारा दिए गए मार्ग - प्रभु यीशु मसीह में होकर उन दुषपरिणामों से निकलें। - डेनिस फिशर


प्रलोभन तो आपका द्वार खटखटाएंगे ही, उनके लिए ना तो द्वार खोलें और ना ही उन्हें अन्दर आने का अवसर दें।

वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है। इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा। - याकूब 4:6-7

बाइबल पाठ: भजन 19:7-14
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; 
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है; 
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। 
Psalms 19:10 वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। 
Psalms 19:11 और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है। 
Psalms 19:12 अपनी भूलचूक को कौन समझ सकता है? मेरे गुप्त पापों से तू मुझे पवित्र कर। 
Psalms 19:13 तू अपने दास को ढिठाई के पापों से भी बचाए रख; वह मुझ पर प्रभुता करने न पाएं! तब मैं सिद्ध हो जाऊंगा, और बड़े अपराधों से बचा रहूंगा।
Psalms 19:14 मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करने वाले!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 34-36


बुधवार, 4 जून 2014

अन्दरूनी परिवर्तन


   मुझे नाटकीय मोड़ों और जीवन के लिए बहुमूल्य शिक्षाओं से भरी हुई योना नबी की कहानी बहुत पसन्द है। परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई इस कहानी का नायक, परमेश्वर का नबी योना, परमेश्वर से निर्देश पाता है कि गैरयहूदी और दुष्ट निनवे-वासियों के पास जाए और उन्हें पश्चाताप कर के परमेश्वर की ओर मुड़ने को कहे क्योंकि उनकी दुष्टता बहुत बढ़ गई है और परमेश्वर का न्याय उन पर आने वाला है। योना, जो निनवे-वासियों से बैर रखता था, अपनी ढिठाई में परमेश्वर के निर्देश की अवहेलना करता है, परन्तु परमेश्वर उसे उस ज़िम्मेदारी से भागने नहीं देता और अन्ततः योना निनवे जाकर वहाँ पापों से पश्चाताप और परमेश्वर की ओर मुड़ने का प्रचार करता है। उसके एक ही प्रचार से वहाँ बड़ा परिवर्तन आता है और वहाँ के राजा से लेकर प्रजा तक का हर व्यक्ति पश्चाताप में परमेश्वर के सामने झुक जाता है। उनके इस पश्चाताप को देख कर परमेश्वर उन पर आने वाले दण्ड की अपनी आज्ञा रोक लेता है और उन्हें क्षमा कर देता है।

   योना के इस प्रचार और उसके अद्भुत प्रभाव से निश्चय ही वह अपने समय का सफलतम प्रचारक बन गया होगा, और हर कोई यह आशा रखेगा कि निनवे के लोगों के पश्चाताप और परमेश्वर की ओर मुड़ने तथा परमेश्वर के उन्हें क्षमा कर देने को देख कर योना बहुत प्रसन्न हुआ होगा; लेकिन इसके विपरीत योना परमेश्वर की इस क्षमा को देखकर बहुत खिसिया! यद्यपि योना ने बाहर से परिवर्तित प्रतीत होकर परमेश्वर के निर्देशानुसार सही स्थान पर सही कार्य तो करा, लेकिन उसका व्यवहार दिखाता है कि योना में अन्दरूनी परिवर्तन नहीं हुआ था; वह निनवे के लोगों के प्रति अपने बैर को दबाए नहीं रख सका, और परमेश्वर के महान कार्य को वहाँ होता देख कर भी वह निनवे-वासियों के प्रति अपने बैर में बना ही रहा।

   यदि हम मसीही विश्वासी भी सचेत ना रहें तो हम भी योना के समान ही बाहर से परमेश्वर के आज्ञाकारी दिखने वाले किंतु अन्दर से परमेश्वर से दूर रहने वाले हो सकते हैं। परमेश्वर हमारे बाहरी स्वरूप और कार्यों को नहीं देखता वरन हमारे हृदय की दशा और अन्दरूनी विचार-व्यवहार पर नज़र रखता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि, "क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग कर के, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है" (इब्रानियों 4:12); और परमेश्वर अपने इसी वचन से हमारी आत्मिक शल्य-चिकित्सा करता है, हमारे हृदय की गहराइयों में छिपे और बसे लोभ, बेईमानी, घृणा, घमण्ड, स्वार्थ आदि दुर्भावनाओं को प्रकट करता, उन्हें काटता तथा बाहर निकालता है।

   इसलिए जब अगली बार परमेश्वर का वचन आपकी वास्तविकता आपको दिखाए तथा परमेश्वर का पवित्र आत्मा आपको किसी बात के लिए कायल करे तो अपनी आत्मिक-शल्यचिकित्सा के लिए अपने आप को उसे पूर्ण रूप से सौंप दीजिए, उसकी बातों को ध्यान पूर्वक सुनिए और जो कुछ दूर करना है उसे कीजिए जिससे वह अन्दरूनी परिवर्तन के द्वारा आपको वास्तविक रीति से और भी बेहतर एवं आशीशित बना सके। - जो स्टोवैल


जब परमेश्वर आपको अन्दर से नियंत्रित करेगा तब ही आप बाहर से खरे रहेंगे।

हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए। - 2 तिमिथियुस 3:16-17

बाइबल पाठ: योना 4:1-11
Jonah 4:1 यह बात योना को बहुत ही बुरी लगी, और उसका क्रोध भड़का। 
Jonah 4:2 और उसने यहोवा से यह कह कर प्रार्थना की, हे यहोवा जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैं ने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है, विलम्ब से कोप करने वाला करूणानिधान है, और दु:ख देने से प्रसन्न नहीं होता। 
Jonah 4:3 सो अब हे यहोवा, मेरा प्राण ले ले; क्योंकि मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही भला है। 
Jonah 4:4 यहोवा ने कहा, तेरा जो क्रोध भड़का है, क्या वह उचित है? 
Jonah 4:5 इस पर योना उस नगर से निकल कर, उसकी पूरब ओर बैठ गया; और वहां एक छप्पर बना कर उसकी छाया में बैठा हुआ यह देखने लगा कि नगर को क्या होगा? 
Jonah 4:6 तब यहोवा परमेश्वर ने एक रेंड़ का पेड़ लगा कर ऐसा बढ़ाया कि योना के सिर पर छाया हो, जिस से उसका दु:ख दूर हो। योना उस रेंड़ के पेड़ के कारण बहुत ही आनन्दित हुआ। 
Jonah 4:7 बिहान को जब पौ फटने लगी, तब परमेश्वर ने एक कीड़े को भेजा, जिसने रेंड़ का पेड़ ऐसा काटा कि वह सूख गया। 
Jonah 4:8 जब सूर्य उगा, तब परमेश्वर ने पुरवाई बहा कर लू चलाई, और घाम योना के सिर पर ऐसा लगा कि वह मूर्च्छा खाने लगा; और उसने यह कह कर मृत्यु मांगी, मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही अच्छा है। 
Jonah 4:9 परमेश्वर ने योना से कहा, तेरा क्रोध, जो रेंड़ के पेड़ के कारण भड़का है, क्या वह उचित है? उसने कहा, हां, मेरा जो क्रोध भड़का है वह अच्छा ही है, वरन क्रोध के मारे मरना भी अच्छा होता। 
Jonah 4:10 तब यहोवा ने कहा, जिस रेंड़ के पेड़ के लिये तू ने कुछ परिश्रम नहीं किया, न उसको बढ़ाया, जो एक ही रात में हुआ, और एक ही रात में नाश भी हुआ; उस पर तू ने तरस खाई है। 
Jonah 4:11 फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिस में एक लाख बीस हजार से अधिक मनुष्य हैं, जो अपने दाहिने बाएं हाथों का भेद नहीं पहिचानते, और बहुत घरेलू पशु भी उस में रहते हैं, तो क्या मैं उस पर तरस न खाऊं?

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 31-33


मंगलवार, 3 जून 2014

शब्द एवं व्यवहार


   मैं अपनी पत्नि के साथ एक विशेष मसीही संगीत कार्यक्रम देखने के लिए एक चर्च में गया। वहाँ बैठने के लिए अच्छा स्थान लेने के उद्देश्य से हम कार्यक्रम आरंभ होने के समय से पहले ही पहुँच गए और स्थान ग्रहण कर लिए। हमारे निकट ही उस चर्च के दो सदस्य बैठे थे जो आपस में बातचीत कर रहे थे और उनकी बातचीत हम तक स्पष्ट सुनाई दे रही थी। उनकी बातचीत अपने चर्च और उसकी हर बात से संबंधित आलोचना थी। उन्होंने वहाँ के पादरियों की, नेतृत्व की, संगीत की, सेवकाई प्राथमिकताओं की और चर्च के कार्य से संबंधित अन्य सभी बातों की, सभी की आलोचना करी। अपनी इस आलोचना और कटुता को करते हुए वे या तो अपने मध्य हम दो आगन्तुकों के बारे में बेपरवाह थे या फिर अनभिज्ञ।

   मैं सोचने लगा कि यदि हम इस शहर में नए होते तथा आराधना और संगति के लिए कोई स्थान ढूँढ़ रहे होते तो उनकी यह आलोचनात्मक बातचीत सुनकर इस चर्च से चले जाते। इससे भी बुरी बात यह कि यदि हम परमेश्वर के खोजी होकर इस चर्च में आए होते तो फिर परमेश्वर के संबंध में हमारे विचारों और हमारी खोज का क्या परिणाम होता? उनकी यह आलोचना तथा कटुता केवल शब्द एवं व्यवहार की ही बात नहीं थी, वरन और भी गंभीर बात यह थी कि उन्होंने अपने शब्दों के दूसरों पर होने वाले दुषप्रभाव की भी कोई परवाह नहीं करी।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि हमें अपने शब्दों को कैसे प्रयोग करना चाहिए; राजा सुलेमान ने नीतिवचनों में लिखा, "जो संभल कर बोलता है, वही ज्ञानी ठहरता है; और जिसकी आत्मा शान्त रहती है, वही समझ वाला पुरूष ठहरता है" (नीतिवचन 17:27)। कहने का तात्पर्य यह है कि हम ऐसे शब्द बोलें और ऐसा व्यवहार करें जो शांति और मेल-मिलाप को बढ़ावा दें ना कि नासमझी के साथ वह सब कुछ बोलते रहें जो हम सोचते हैं या जानते हैं या समझते हैं कि हम जानते हैं, क्योंकि कौन हमारे शब्द सुन रहा है और उनका क्या प्रभाव होगा संभवतः हम इस बात से अनभिज्ञ हों! - बिल क्राउडर


सावधानी और सोच-समझ कर कहे गए शब्द वाकपटुता से कहीं भले होते हैं।

जहां बहुत बातें होती हैं, वहां अपराध भी होता है, परन्तु जो अपने मुंह को बन्द रखता है वह बुद्धि से काम करता है। - नीतिवचन 10:19

बाइबल पाठ: याकूब 3:1-12
James 3:1 हे मेरे भाइयों, तुम में से बहुत उपदेशक न बनें, क्योंकि जानते हो, कि हम उपदेशक और भी दोषी ठहरेंगे। 
James 3:2 इसलिये कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं: जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है। 
James 3:3 जब हम अपने वश में करने के लिये घोड़ों के मुंह में लगाम लगाते हैं, तो हम उन की सारी देह को भी फेर सकते हैं। 
James 3:4 देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचण्‍ड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं। 
James 3:5 वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े वन में आग लग जाती है। 
James 3:6 जीभ भी एक आग है: जीभ हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। 
James 3:7 क्योंकि हर प्रकार के बन-पशु, पक्षी, और रेंगने वाले जन्‍तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। 
James 3:8 पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रुकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है। 
James 3:9 इसी से हम प्रभु और पिता की स्‍तुति करते हैं; और इसी से मनुष्यों को जो परमेश्वर के स्‍वरूप में उत्पन्न हुए हैं श्राप देते हैं। 
James 3:10 एक ही मुंह से धन्यवाद और श्राप दोनों निकलते हैं। 
James 3:11 हे मेरे भाइयों, ऐसा नहीं होना चाहिए। 
James 3:12 क्या सोते के एक ही मुंह से मीठा और खारा जल दोनों निकलते हैं? हे मेरे भाइयों, क्या अंजीर के पेड़ में जैतून, या दाख की लता में अंजीर लग सकते हैं? वैसे ही खारे सोते से मीठा पानी नहीं निकल सकता।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 28-30


सोमवार, 2 जून 2014

बोझ


   डोलोरेस बड़ी सतर्कता से सड़क पर गाड़ी चला रही थी। उसका ध्यान पीछे आ रही एक और कार पर गया जो उसके बहुत निकट चल रही थी। डोलोरेस के सावधानी और धीमी गति से चलने और मोड़ काटने से होने वाली उस दूसरी गाड़ी के चालक की खिसियाहट और बेसब्री को वह अनुभव करने पा रही थी जो उसके आगे अपनी कार निकाल नहीं पा रहा था, और उस मार्ग पर डोलोरेस की सी गति पर चलने को मजबूर था। उस दूसरी गाड़ी के चालक को यह पता नहीं था कि डोलोरेस का इस प्रकार धीमी गति से चलने का कारण था 200 से अधिक लोगों के लिए तैयार करी गई भोजन सामग्री; जिसे वह उन प्रतीक्षा कर रहे लोगों को भोजन कराने के लिए लेकर जा रही थी, और उसे ध्यान रखना था कि वह भोजन वस्तुएं ना गिरें और ना छलकें। चलते चलते डोलोरेस के मन में विचार आया, यदि वह दूसरा कार चालक जानता कि मैं क्या लेकर जा रही हूँ और वह सब कितना नाज़ुक है, तो वह मेरे धीरे चलने को समझ पाता और इस तरह से खिसियता नहीं।

   लेकिन साथ ही डोलोरेस के मन में यह भी विचार आया, मैं स्वयं ही कितनी ही बार लोगों पर इसी प्रकार खिसियाती रहती हूँ, यह जाने बिना कि वे कौन सा नाज़ुक बोझ अपने जीवन में लिए चल रहे हैं, जिसके प्रभाव से वो वैसा नहीं कर पा रहे जैसा मैं चाहती हूँ कि वे करें।

   हमारे लिए कितना सरल होता है दूसरों पर ऊँगुली उठा देना, इस भ्रम में कि हम उनकी परिस्थिति के बारे में सब कुछ जानते हैं और हमारी सभी जानकारी सही है, वास्तविक है। लेकिन परमेश्वर का वचन बाइबल हमें एक दूसरे दिशा में देखने को कहती है - हम दूसरों के साथ नम्रता, प्रेम और धैर्य के साथ व्यवहार करें (कुलुस्सियों 3:12)। जब हम दूसरों के प्रति इस प्रकार से सहनशील और उन्हें क्षमा करने वाले होते हैं तो हम कितना अधिक प्रेम करने वाले भी हो जाते हैं (पद 13)।

   प्रभु यीशु मसीह ने कहा, "और जैसा तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो" (लूका 6:31)। हमें कभी इस बात को नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए कि हम हमेशा ही दूसरे के बोझ के बारे में सब कुछ नहीं जानते, इसलिए उसके आलोचक नहीं वरन सहायक बनें, अगर हो सके तो उसके बोझ को बाँटने वाले बनें। - सिंडी हैस कैसपर

   
जब कभी आप दूसरे के प्रति अधीर होकर कटु होने लगें, तो एक पल को रुक कर विचार कीजिए कि परमेश्वर आपके साथ कितना धीरजवन्त और प्रेमी बना रहता है।

क्योंकि सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। - गलतियों 5:14

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:12-17
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। 
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। 
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। 
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 25-27


रविवार, 1 जून 2014

केंद्रित


   व्यावासायिक गोल्फ में मास्टर्स टूर्नमेंट सबसे अधिक प्रतिष्ठित होता है। सन 2009 में इस प्रतियोगिता के अन्तिम राउंड में कैनी पैरी सबसे आगे चल रहे थे किंतु अन्ततः वे दूसरे स्थान पर रहे। न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार के लिए लिखने वाले बिल पैनिंगटन ने अपने विशलेषण में पैरी के बारे में लिखा कि अपनी हार के बाद "वे निराश तो थे किंतु मायूस नहीं थे"। अपनी हार के बारे में पैरी का कहना था, "मैं कभी कभी इसे याद करूँगा और सोचूँगा कि मैं और क्या कर सकता था, परन्तु इस पर सदा ही ध्यान लगाए नहीं रहूँगा। यदि मेरे जीवन की यह सबसे खराब बात भी हो, तो भी मैंने खासा अच्छा किया है; मैं इसे अपने पीछे पड़ने नहीं दूँगा। जीवन में और बहुत सी बातें हैं जो इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं....अब बस मैं घर जाऊँगा और अपने परिवार के साथ एक अच्छी शाम बिताऊँगा, उनके साथ मज़ा करूँगा"।

   अपनी निराशाओं से आगे देख पाना मसीही विश्वासियों के लिए अति आवश्यक है। हम जिन बातों पर अपने ध्यान और विचार केंद्रित रखते हैं वह निर्धारित करता है कि हम जीवन के उतार-चढ़ाव, जय-पराजय का सामना कैसे करते हैं। प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में ध्यान केंद्रित रखने के विषय में लिखा, "सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ" (कुलुस्सियों 3:1-2)। पौलुस के इस कथन के अनुसार सोच रखने से, हम हर बात की सार्थकता और पुष्टि के लिए मसीह यीशु की ओर देखते है ना कि अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों या निराशाओं तथा क्षमताओं की ओर; ऐसा करने से हम मसीह के खोजी बने रहते हैं ना कि सांसारिक सफलता के।

   जब हम उत्तमता के लिए यत्न करते हैं, उसके लिए भरसक प्रयत्न करते हैं परन्तु फिर भी वैसे सफल नहीं हो पाते जैसा चाहते थे तो यह अवश्य ही दुखदायी होता है, लेकिन यह हमारे लिए हानिकारक भी हो जाए इस बात पर निर्भर करेगा कि हम अपने मन और मस्तिष्क को कहाँ केंद्रित रखते हैं। जो मन स्वर्ग और स्वर्ग की वस्तुओं पर केंद्रित है वह सांसारिक बातों की हार से कभी हानि नहीं उठा सकता। - डेविड मैक्कैसलैंड


यदि मसीह यीशु आपके जीवन और विचारों का केंद्रबिंदु है तो बाकी सब बातें स्वतः ही सही परिपेक्ष में आ जाती हैं।

मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे। मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला। - भजन 119:36-37

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:1-12
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। 
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। 
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। 
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे। 
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 22-24


शनिवार, 31 मई 2014

गलत सोच


   एक प्रचलित हास्य लघु कथा है: एक छोटे हवाई जहाज़ में चार लोग यात्रा कर रहे थे - जहाज़ का पायलेट, एक विद्वान, एक पादरी और एक सामान्य व्यक्ति। हवाई जहाज़ में कुछ खराबी आ गई और उसके इंजन चलने बन्द हो गए। पायलेट ने कहा, "अब कुछ नहीं हो सकता, अपनी जान बचाने के लिए पैराशूट के सहारे कूद जाईए, लेकिन पैराशूट केवल तीन हैं, एक को तो मरना ही होगा" और यह कहकर वह एक पैराशूट के साथ कूद गया; तुरंत ही विद्वान बोला, "संसार को मेरे ज्ञान और काबलियत की बहुत आवश्यकता है, इसलिए मेरा ज़िंदा रहना तो बहुत ही आवश्यक है", और वह भी दूसरा पैराशूट लेकर कूद गया; पादरी ने संगी यात्री से कहा, "मैं स्वार्थी नहीं हूँ, तुम वह अन्तिम पैराशूट लेकर अपनी जान बचा लो", यात्री ने मुस्कुराते हुए कहा, "नहीं, हम दोनों ही बच सकते हैं क्योंकि पैराशूट तो दो हैं; वह विद्वान पैराशूट की बजाए मेरा थैला लेकर कूद गया था!"

   उस विद्वान ने सोचा कि वह बुद्धिमता कर रहा है और सुरक्षित बच जाएगा, लेकिन उसका सोचना गलत था; जब तक सच उसके सामने आया तब तक बहुत देर हो चुकी थी, कुछ बदल नहीं सकता था; जिसे उसने जीवन का मार्ग समझा था वह वास्तव में उसके विनाश का मार्ग निकला। इसी प्रकार बहुत से लोगों को यह लगता है कि वे अपने ज्ञान, युक्ति, विधियों, धर्म के तथा भले कार्यों आदि के करने से उद्धार पा सकते हैं, इसलिए वे परमेश्वर द्वारा प्रभु यीशु में सारे जगत को सेंत-मेंत उपलब्ध कराए गए पाप क्षमा और उद्धार का तिरिस्कार कर, अपने ही तरीकों से उद्धार पाने के असफल यत्न करते रहते हैं। अनेक इसाई धर्म के मानने वाले भी यह मानते हैं कि चर्च जाने, बप्तिस्मा लेने, रीति-रिवाज़ों और अनुष्ठानों को पूरा करते रहने, भले कार्य करने, आदि के कारण वे परमेश्वर के राज्य में प्रवेश पा लेंगे, लेकिन यह सब गलत सोच है जो परमेश्वर के वचन बाइबल की शिक्षाओं के अनुसार नहीं है और किसी को भी परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं दिला सकती।

   बाइबल बताती है कि सब मनुष्यों ने पाप किया है और इस कारण सब परमेश्वर से दूर और परमेश्वर से बैर की दशा में हैं। लेकिन साथ ही बाइबल यह भी बताती है कि प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति के समस्त पापों के लिए अपने आप को बलिदान किया और अब जो कोई प्रभु यीशु के इस बलिदान पर विश्वास करके उससे अपने पापों की क्षमा माँग लेता है, अपना जीवन उसे समर्पित कर देता है, उसके पाप क्षमा हो जाते हैं तथा उसका मेल-मिलाप परमेश्वर से हो जाता है और वह परमेश्वर की सन्तान हो जाता है (रोमियों 3:23; 5:8-10; यूहन्ना1:12-13)। जो प्रभु यीशु ने हमारे लिए किया, उस अपना लेने के द्वारा ही हम पापों के दोष से मुक्त, परमेश्वर की नज़रों में धर्मी तथा उसके स्वर्ग के राज्य में प्रवेश के योग्य ठहरते हैं; प्रभु यीशु ही स्वर्ग में हमारे अनन्त जीवन का आश्वासन है।

   आज आपकी सोच क्या है? क्या आपने प्रभु यीशु में पापों की क्षमा और उद्धार पर विश्वास किया है? यदि नहीं, तो गलत सोच में पड़े ना रहें; अपने अनन्त को सही करने के लिए आज और अभी ही प्रभु यीशु पर विश्वास लाएं, उसे अपना निज उद्धारकर्ता स्वीकार करें, उस से पापों की क्षमा माँगकर अपना जीवन उसे समर्पित करें। - ऐनी सेटास


यदि मनुष्य अपने प्रयत्नों और साधनों से मोक्ष या उद्धार पा सकता तो प्रभु यीशु को यह प्रदान करने के लिए अपना बलिदान कभी देना नहीं पड़ता।

ऐसा भी मार्ग है, जो मनुष्य को सीधा देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है। - नीतिवचन 16:25

बाइबल पाठ: रोमियों 5:6-12, 17-19
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। 
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। 
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। 
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? 
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? 
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं। 
Romans 5:12 इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया।
Romans 5:17 क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कराण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्म रूपी वरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे। 
Romans 5:18 इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वैसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ। 
Romans 5:19 क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे। 

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 19-21