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सोमवार, 18 जनवरी 2016

महान


   कुछ लोग अपने आप को एक विशाल खाई में कहीं खोए हुए एक छोटे से कंकड़ के समान देखते हैं; परन्तु हम अपने आप को चाहे जितना भी नगण्य समझें, हम सभी परमेश्वर द्वारा बहुतायत से प्रयोग किए जाने की क्षमता रखते हैं। सुप्रसिद्ध मसीही प्रचार्क मार्टिन लूथर किंग ने 1968 के आरंभ में, परमेश्वर के वचन बाइबल में मरकुस 10 में प्रभु यीशु द्वारा कही गई बातों पर आधारित एक सन्देश में कहा था, "प्रत्येक जन महान हो सकता है, क्योंकि प्रत्येक जन मसीही सेवकाई कर सकता है। मसीही सेवकाई के लिए आपके पास किसी कॉलेज की कोई डिग्री होने की आवश्यकता नहीं है; आपको अपनी भाषा के व्याकरण में अच्छा होने की आवश्यकता नहीं है; आपको प्रसिद्ध दार्शनिकों प्लेटो और सुकरात के बारे में जानने की आवश्यकता नहीं है...आपके पास केवल अनुग्रह से भरा हृदय और प्रेम से जन्मी आत्मा होनी चाहिए।"

   जब प्रभु यीशु के शिष्य आपस में विवाद कर रहे थे कि स्वर्ग में अधिक आदर के स्थान किसे मिलेंगे, तो प्रभु ने उन से कहा, "...जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने। और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने। क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे" (मरकुस 10:43-45)।

   मैं अपने और हम सब के बारे में सोचता हूँ; क्या महानता के विषय में हमारी समझ प्रभु की समझ के अनुरूप है? क्या हम खुशी से सेवा करने और ऐसे कार्य करने को तैयार रहते हैं जहाँ हमें कोई नहीं देखता, जिसके बारे में कोई नहीं जानता? हमारी सेवा का उद्देश्य क्या है - प्रभु को प्रसन्न करना या लोगों से प्रशंसा प्राप्त करना? प्रभु हमारे हर छोटे से छोटे कार्य की भी जानकारी रखता है और उसके लिए किया गया कोई कार्य बिना प्रतिफल नहीं जाएगा: "जो कोई एक कटोरा पानी तुम्हें इसलिये पिलाए कि तुम मसीह के हो तो मैं तुम से सच कहता हूं कि वह अपना प्रतिफल किसी रीति से न खोएगा" (मरकुस 9:41)।

   यदि हम समर्पित सेवक बनकर अपने स्वामी की सच्ची सेवा करेंगे, तो हमारे जीवन प्रभु यीशु की ओर संकेत करेंगे जो वास्तव में महान है, और अपने समय तथा तरीके से वह अपने सेवकों को भी महान करता है। - वैर्नन ग्राउंड्स


मसीह यीशु के नाम में किए गए छोटे छोटे कार्य भी प्रभु की दृष्टि में महान होते हैं।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। - 1 पतरस 5:6 

बाइबल पाठ: मरकुस 10:35-45
Mark 10:35 तब जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना ने उसके पास आकर कहा, हे गुरू, हम चाहते हैं, कि जो कुछ हम तुझ से मांगे, वही तू हमारे लिये करे। 
Mark 10:36 उसने उन से कहा, तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिये करूं? 
Mark 10:37 उन्होंने उस से कहा, कि हमें यह दे, कि तेरी महिमा में हम में से एक तेरे दाहिने और दूसरा तेरे बांए बैठे। 
Mark 10:38 यीशु ने उन से कहा, तुम नहीं जानते, कि क्या मांगते हो? जो कटोरा मैं पीने पर हूं, क्या पी सकते हो? और जो बपतिस्मा मैं लेने पर हूं, क्या ले सकते हो? 
Mark 10:39 उन्होंने उस से कहा, हम से हो सकता है: यीशु ने उन से कहा: जो कटोरा मैं पीने पर हूं, तुम पीओगे; और जो बपतिस्मा मैं लेने पर हूं, उसे लोगे। 
Mark 10:40 पर जिन के लिये तैयार किया गया है, उन्हें छोड़ और किसी को अपने दाहिने और अपने बाएं बिठाना मेरा काम नहीं। 
Mark 10:41 यह सुन कर दसों याकूब और यूहन्ना पर रिसयाने लगे। 
Mark 10:42 और यीशु ने उन को पास बुला कर उन से कहा, तुम जानते हो, कि जो अन्यजातियों के हाकिम समझे जाते हैं, वे उन पर प्रभुता करते हैं; और उन में जो बड़ें हैं, उन पर अधिकार जताते हैं। 
Mark 10:43 पर तुम में ऐसा नहीं है, वरन जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने। 
Mark 10:44 और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने। 
Mark 10:45 क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 43-45
  • मत्ती 12:24-50


रविवार, 17 जनवरी 2016

दृष्टिकोण


   शिशु अवस्था में ही फैनी क्रौसबी ने अपनी आखों की दृष्टि खो दी थी, परन्तु फिर भी, आश्चर्यजनक रीति से, वे मसीही गीत लिखने वाले सबसे प्रसिद्ध गीतकारों में से एक थीं। अपने जीवन काल में उन्होंने नौ हज़ार से अधिक गीत लिखे, जिनमें से कुछ अविस्मर्णीय गीत "Bessed Assuranace" और "To God be the Glory" हैं।

   कुछ लोग फैनी के अंधेपन लिए शोकित होते थे; एक बार एक नेकनियत प्रचारक ने उन से कहा, "मेरे विचार से यह बड़ी दयनीय बात है कि हमारे स्वामी ने आपको इतने गुण देते समय दृष्टि का गुण नहीं दिया।" यह मानना बहुत कठिन लगता है कि उस प्रचार्क को फैनी का उत्तर था, "क्या आप जानते हैं कि जन्म के समय यदि मैं किसी एक बात को माँग पाती तो वह होती कि मैं अंधी जन्मूँ?...क्योंकि जब मैं स्वर्ग पहुँचुंगी तो सबसे पहला चेहरा जो मैं देखूंगी और जो मुझे अनन्तकाल तक हर्षित करता रहेगा, वह होगा मेरे उद्धारकर्ता का।"

   फैनी ने जीवन को स्वर्गीय दृष्टिकोण से देखा। अनन्तकाल के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान की हमारी समस्याएं बहुत भिन्न लगने लगती हैं, जैसा प्रेरित पौलुस ने लिखा: "इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है। और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं" (2 कुरिन्थियों 4:16-18)।

   हमारी सारी परीक्षाएं, क्लेष और विपरीत परिस्थितियाँ गौण हो जाती हैं जब हम अनन्तकाल का स्वर्गीय दृष्टिकोण रखकर स्मरण करते हैं कि एक दिन हम प्रभु यीशु मसीह को देखेंगे और फिर अनन्तकाल के आनन्द में उसके साथ रहेंगे। - डेनिस फिशर


अनन्तकाल के प्रति हमारा दृष्टिकोण वर्तमान के हमारे जीवन को प्रभावित करता है।

अब हमें दर्पण में धुंधला सा दिखाई देता है; परन्तु उस समय आमने साम्हने देखेंगे, इस समय मेरा ज्ञान अधूरा है; परन्तु उस समय ऐसी पूरी रीति से पहिचानूंगा, जैसा मैं पहिचाना गया हूं। - 1 कुरिन्थियों 13:12

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 11:22-33
2 Corinthians 11:22 क्या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही इस्त्राएली हैं? मैं भी हूँ: क्या वे ही इब्राहीम के वंश के हैं ?मैं भी हूं: क्या वे ही मसीह के सेवक हैं? 
2 Corinthians 11:23 (मैं पागल की नाईं कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाने में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में। 
2 Corinthians 11:24 पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्‍तालीस उन्‍तालीस कोड़े खाए। 
2 Corinthians 11:25 तीन बार मैं ने बेंतें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक रात दिन मैं ने समुद्र में काटा। 
2 Corinthians 11:26 मैं बार बार यात्राओं में; नदियों के जोखिमों में; डाकुओं के जोखिमों में; अपने जाति वालों से जोखिमों में; अन्यजातियों से जोखिमों में; नगरों में के जाखिमों में; जंगल के जोखिमों में; समुद्र के जाखिमों में; झूठे भाइयों के बीच जोखिमों में; 
2 Corinthians 11:27 परिश्रम और कष्‍ट में; बार बार जागते रहने में; भूख-पियास में; बार बार उपवास करने में; जाड़े में; उघाड़े रहने में। 
2 Corinthians 11:28 और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रति दिन मुझे दबाती है। 
2 Corinthians 11:29 किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता? किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता? 
2 Corinthians 11:30 यदि घमण्ड करना अवश्य है, तो मैं अपनी निर्बलता की बातों पर करूंगा। 
2 Corinthians 11:31 प्रभु यीशु का परमेश्वर और पिता जो सदा धन्य है, जानता है, कि मैं झूठ नहीं बोलता। 
2 Corinthians 11:32 दमिश्क में अरितास राजा की ओर से जो हाकिम था, उसने मेरे पकड़ने को दमिश्कियों के नगर पर पहरा बैठा रखा था। 
2 Corinthians 11:33 और मैं टोकरे में खिड़की से हो कर भीत पर से उतारा गया, और उसके हाथ से बच निकला।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 41-42
  • मत्ती 12:1-23


शनिवार, 16 जनवरी 2016

प्रार्थना


   सुप्रसिद्ध सुसमाचार प्रचारक बिल्ली ग्राहम के 1949 में लॉस एन्जेलेस के एतिहासिक प्रचार अभियान में श्रोताओं के लिए एक विशाल तम्बू लगाया गया था जिसमें 6000 लोग आ सकते थे और 8 सप्ताह चले इस अभियान की प्रत्येक संध्या वह तम्बू अपनी क्षमता से अधिक लोगों से भरा रहता था। उसके निकट ही एक छोटा तम्बू भी था जहाँ प्रार्थना और परामर्श का कार्य होता था। बिल्ली ग्राहम के निकट मित्र एवं सहयोगी तथा उनकी सभाओं में संगीत संचालक क्लिफ बैरोस अकसर कहते थे कि सुसमाचार का असली कार्य उस छोटे तम्बू में होता था, जहाँ लोग जमा हो कर, अपने घुटने टेक कर, बड़े तम्बू की सुसमाचार सभा के लिए सभा से पहले और सभा के दौरान प्रार्थना करते रहते थे। लॉस एन्जेलेस की एक स्थानीय महिला, पर्ल गुड उस तथा उसके बाद की अनेक प्रार्थना सभाओं की जान थी।

   प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें आश्वस्त किया कि वह और उसके साथी सदा उनके लिए प्रार्थना करते रहते थे (कुलुस्सियों 1:3, 9)। पत्री को अन्त करते हुए पौलुस ने इपफ्रास का भी उल्लेख किया जिसकी सेवकाई से कुलुस्से में मसीही विश्वासियों की मण्डली स्थापित हुई थी: "इपफ्रास जो तुम में से है, और मसीह यीशु का दास है, तुम से नमस्‍कार कहता है और सदा तुम्हारे लिये प्रार्थनाओं में प्रयत्न करता है, ताकि तुम सिद्ध हो कर पूर्ण विश्वास के साथ परमेश्वर की इच्छा पर स्थिर रहो" (कुलुस्सियों 4:12)।

   "बड़े तम्बू" का सा सर्वविदित कार्य - सुसमाचार प्रचार करना, कुछ ही लोगों को दिया गया है। लेकिन परमेश्वर ने हम सभी मसीही विश्वासियों को, पर्ल गुड और इप्रफास के समान, "छोटे तम्बू" का आदर तथा ज़िम्मेदरी दी है - कि वे प्रार्थना में उसके सामने घुटने टेकें और लोगों को प्रार्थना में उसके अनुग्रह के सिंहासन के सामने लाएं जिससे उन लोगों के कार्य और सेवकाई प्रभावी एवं सफल हो सके। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रार्थना कार्य के लिए तैयारी करना नहीं, कार्य करना ही है। - ओस्वॉल्ड चैम्बर्स

और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो। - इफिसियों 6:18

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:1-12
Colossians 1:1 पौलुस की ओर से, जो परमेश्वर की इच्छा से मसीह यीशु का प्रेरित है, और भाई तीमुथियुस की ओर से। 
Colossians 1:2 मसीह में उन पवित्र और विश्वासी भाइयों के नाम जो कुलुस्‍से में रहते हैं। हमारे पिता परमेश्वर की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति प्राप्त होती रहे। 
Colossians 1:3 हम तुम्हारे लिये नित प्रार्थना कर के अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं। 
Colossians 1:4 क्योंकि हम ने सुना है, कि मसीह यीशु पर तुम्हारा विश्वास है, और सब पवित्र लोगों से प्रेम रखते हो। 
Colossians 1:5 उस आशा की हुई वस्तु के कारण जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी हुई है, जिस का वर्णन तुम उस सुसमाचार के सत्य वचन में सुन चुके हो। 
Colossians 1:6 जो तुम्हारे पास पहुंचा है और जैसा जगत में भी फल लाता, और बढ़ता जाता है; अर्थात जिस दिन से तुम ने उसको सुना, और सच्चाई से परमेश्वर का अनुग्रह पहिचाना है, तुम में भी ऐसा ही करता है। 
Colossians 1:7 उसी की शिक्षा तुम ने हमारे प्रिय सहकर्मी इपफ्रास से पाई, जो हमारे लिये मसीह का विश्वास योग्य सेवक है। 
Colossians 1:8 उसी ने तुम्हारे प्रेम को जो आत्मा में है हम पर प्रगट किया। 
Colossians 1:9 इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ।
Colossians 1:10 ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ। 
Colossians 1:11 और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्‍त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको। 
Colossians 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 39-40
  • मत्ती 11


शुक्रवार, 15 जनवरी 2016

चिंता


   मेरी मित्र मार्सिया ने, जो बधिरों के जमाइका क्रिश्चियन स्कूल की निर्देशिका है, हाल ही में परिस्थितियों के प्रति एक महतवपूर्ण दृष्टिकोण को दर्शाया। अपने कार्य के विषय में भेजे गए समाचार के पत्र में उसने "एक धन्य आरंभ" शीर्षक के अन्तर्गत एक लेख लिखा, जिसमें उसने बताया कि 7 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ कि उन्होंने नए वर्ष का आरंभ एक "अधिकाई" से किया। क्या थी वह "अधिकाई"? क्या बैंक में हज़ार डॉलर की रकम? नहीं। क्या साल भर के लिए स्कूल की आवश्यकताओं की आपूर्ति? नहीं। वह "अधिकाई" केवल एक माह की भोजन सामग्री अलमारी में विद्यमान होना थी।

   जब 30 भूखे बच्चों को, बहुत कम पैसों के सहारे, भोजन उपलब्ध करवाना आपकी ज़िम्मेदारी हो तो भोजन सामग्री की यह मात्रा बड़ी बात है। मार्सिया ने अपने लेख में परमेश्वर के वचन बाइबल में से 1 इतिहास 16:34 को भी लिखा: "यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; उसकी करुणा सदा की है।"

   साल-ब-साल मार्सिया परमेश्वर पर भरोसा रखती है कि वह उसके स्कूल के बच्चों एवं कर्मचारियों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। उसके पास कभी अधिक नहीं होता - वह चाहे पानी या भोजन सामग्री या स्कूल की आवश्यकता की कोई वस्तु हो। लेकिन जो भी परमेश्वर उसे भेजता है, उसके लिए वह परमेश्वर की धन्यवादी रहती है, और साथ ही विश्वासयोग्य भी रहती है कि आते समय में भी परमेश्वर उसकी आवश्यकताओं को पूरा करता रहेगा।

   नए साल के आरंभ में क्या हमारे पास मार्सिया के समान विश्वास है कि परमेश्वर हमारी प्रत्येक आवश्यकता को पूरा करेगा? यह विश्वास रखना हमारे प्रभु के आश्वासन को मानना है कि हम ना तो अपने जीवन और ना कल की कोई चिंता करें क्योंकि परमेश्वर हमारी चिंता करता है, हमारे लिए उपलब्ध करवाता है (मत्ती 6:25, 34)। - डेव ब्रैनन


चिंता कल के दुःख को तो समाप्त नहीं करती, परन्तु आज की सामर्थ को अवश्य समाप्त कर देती है। - कोरी टेन बूम

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: मत्ती 6:25-34
Matthew 6:25 इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्‍ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्‍त्र से बढ़कर नहीं? 
Matthew 6:26 आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते। 
Matthew 6:27 तुम में कौन है, जो चिन्‍ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है 
Matthew 6:28 और वस्‍त्र के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं। 
Matthew 6:29 तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में उन में से किसी के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था। 
Matthew 6:30 इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्‍त्र पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा? 
Matthew 6:31 इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे? 
Matthew 6:32 क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए। 
Matthew 6:33 इसलिये पहिले तुम उसके राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। 
Matthew 6:34 सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 36-38
  • मत्ती 10:21-42


गुरुवार, 14 जनवरी 2016

नींद और आराम


   कभी कभी हम चाहे जितना प्रयत्न कर लें, अपने तकिए को सही करें या उसे दबाएं-पीटें, करवटें बदलें लेकिन हमें नींद नहीं आती। एक अखबार में छपे लेख ने अच्छी नींद सोने के कुछ सुझाव देने के बाद अन्त में कहा कि अच्छी नींद प्राप्त करने का कोई "सही उपाय" नहीं है।

   नींद ना आने के कई कारण हो सकते हैं, और उन कारणों में से अनेक के बारे में हम कुछ नहीं कर सकते। लेकिन कई बार ना सो पाने का कारण होते हैं हमारी चिन्ताएं, व्याकुलता या दोषी मन। ऐसे में परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 4 में दिए गए दाऊद के उदाहरण से हम सहायता पा सकते हैं। भजन के आरंभ में ही दाऊद ने परमेश्वर से उसकी प्रार्थना सुनने और उस पर करुणा करने की याचना करी (पद 1)। दाऊद ने अपने आप को भी यह स्मरण कराया कि जब भी वह परमेश्वर को पुकारता है, वह उसकी सुनता है (पद 3)। दाऊद हमें प्रोत्साहित करता है: "कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो" (भजन 4:4)। अपने मनों को जब हम परमेश्वर की भलाईओं, करुणा और प्रेम पर लगाते हैं, जो उसने हमारे और हमारे प्रीय जनों के प्रति तथा संसार के प्रति करी हैं, तो यह हमारे विश्वास को बढ़ाता है (पद 5)।

   परमेश्वर हमारी सहायता करना चाहता है जिससे हम अपनी चिन्ताएं और उनके समाधान उस पर छोड़ कर अपना विश्वास उस पर बनाए रखें कि वह हमारे लिए मार्ग निकालेगा। जब हम ऐसा करेंगे तो परमेश्वर के आनन्द से हमारे हृदय भर जाएंगे और हम दाऊद के समान पाएंगे कि "मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है" (भजन 4:8)। - डेव एगनर


चाहे हम सोने ना भी पाएं, तो भी परमेश्वर हमें विश्राम दे सकता है।

तुम जो सवेरे उठते और देर कर के विश्राम करते और दु:ख भरी रोटी खाते हो, यह सब तुम्हारे लिये व्यर्थ ही है; क्योंकि वह अपने प्रियों को यों ही नींद दान करता है। - भजन 127:2

बाइबल पाठ: भजन 4
Psalms 4:1 हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।
Psalms 4:2 हे मनुष्यों के पुत्रों, कब तक मेरी महिमा के बदले अनादर होता रहेगा? तुम कब तक व्यर्थ बातों से प्रीति रखोगे और झूठी युक्ति की खोज में रहोगे? 
Psalms 4:3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा।
Psalms 4:4 कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो। 
Psalms 4:5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ, और यहोवा पर भरोसा रखो।
Psalms 4:6 बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका! 
Psalms 4:7 तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था। 
Psalms 4:8 मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 33-35
  • मत्ती 10:1-20


बुधवार, 13 जनवरी 2016

विश्वासयोग्य


   अप्रैल 1937 में मुसुलोनी की आक्रमणकारी सेना ने इथियोपिया के वालामो क्षेत्र में काम कर रहे सभी मसीही मिशनरी सेवकों को छोड़कर जाने पर विवश कर दिया। वे अपने पीछे 48 जन जिन्होंने मसीह यीशु को अपना उद्धाकर्ता माना था छोड़कर गए। उन पीछे छोड़े गए लोगों के पास उनके आत्मिक पोषण के लिए केवल मरकुस रचित सुसमाचार ही था और उन में से बहुत थोड़े ही थे जिन्हें पढ़ना आता था। लेकिन 4 वर्ष पश्चात जब वे मसीही मिशनरी उस इलाके में लौट कर आए तो ना केवल वह चर्च बचा हुआ था, वरन अब उसके 10,000 सदस्य थे!

   जब प्रेरित पौलुस को थिस्सलुनीके छोड़ने को विवश किया गया (प्रेरितों 17:1-10) उसकी लालसा रही कि वह उन थोड़े से मसीही विश्वासियों के हाल-चाल को जाने जिन्हें वह पीछे छोड़ कर आया था (1 थिस्स्लुनिकीयों 2:17)। बाद में तिमुथियुस थिस्स्लुनीके की मसीही मण्डली से मिला और पौलुस के पास उनके विश्वास और प्रेम का समाचार लाया (1 थिस्स्लुनिकीयों 3:6)। तब तक वे लोग अन्य मसीही विश्वासियों और मकिदूनिया तथा अखया के क्षेत्र के लोगों के लिए उदाहरण और मसीही विश्वास के प्रचार का माध्यम बन चुके थे (1 थिस्स्लुनिकीयों 1:8)।

   पौलुस ने कभी अपनी सेवकाई में लोगों की संख्या की किसी वृद्धि के लिए कोई श्रेय नहीं लिया, और ना ही उसने यह श्रेय किसी अन्य मनुष्य को दिया, वरन उसने इसका सारा श्रेय परमेश्वर को ही दिया। उसने अपनी सेवकाई से मसीही विश्वासियों की बढ़ोतरी के संबंध में लिखा: "मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया" (1 कुरिन्थियों 3:6)।

   कठिन परिस्थितियाँ हमारे अच्छे से अच्छे इरादों को भी बाधित कर सकती हैं, मित्रों और संबंधियों को एक दूसरे से पृथक कर सकती हैं, लेकिन परमेश्वर के इरादों को कभी बाधित नहीं कर सकतीं, उसकी योजनाओं को पनपने और बढ़ने से कभी रोक नहीं सकतीं। परमेश्वर अपनी मण्डली को बना और बढ़ा रहा है; हमें केवल विश्वासयोग्य रहकर, परिणामों की चिन्ता किए बगैर, उसका आज्ञाकारी बने रहना है और उसे अपना कार्य करने का अवसर प्रदान करते रहना है। - सी. पी. हिया


...मैं इस पत्थर पर अपनी कलीसिया बनाऊंगा: और अधोलोक के फाटक उस पर प्रबल न होंगे। - प्रभु यीशु (मत्ती 16:18)

क्योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं। - 1 थिस्सलुनीकियों 1:8 

बाइबल पाठ: 1 थिस्स्लुनिकीयों 2:17-3:7
1 Thessalonians 2:17 हे भाइयों, जब हम थोड़ी देर के लिये मन में नहीं वरन प्रगट में तुम से अलग हो गए थे, तो हम ने बड़ी लालसा के साथ तुम्हारा मुंह देखने के लिये और भी अधिक यत्‍न किया। 
1 Thessalonians 2:18 इसलिये हम ने (अर्थात मुझ पौलुस ने) एक बार नहीं, वरन दो बार तुम्हारे पास आना चाहा, परन्तु शैतान हमें रोके रहा। 
1 Thessalonians 2:19 भला हमारी आशा, या आनन्द या बड़ाई का मुकुट क्या है? क्या हमारे प्रभु यीशु के सम्मुख उसके आने के समय तुम ही न होगे? 
1 Thessalonians 2:20 हमारी बड़ाई और आनन्द तुम ही हो।
1 Thessalonians 3:1 इसलिये जब हम से और भी न रहा गया, तो हम ने यह ठहराया कि एथेन्‍स में अकेले रह जाएं। 
1 Thessalonians 3:2 और हम ने तीमुथियुस को जो मसीह के सुसमाचार में हमारा भाई, और परमेश्वर का सेवक है, इसलिये भेजा, कि वह तुम्हें स्थिर करे; और तुम्हारे विश्वास के विषय में तुम्हें समझाए। 
1 Thessalonians 3:3 कि कोई इन क्‍लेशों के कारण डगमगा न जाए; क्योंकि तुम आप जानते हो, कि हम इन ही के लिये ठहराए गए हैं। 
1 Thessalonians 3:4 क्योंकि पहिले भी, जब हम तुम्हारे यहां थे, तो तुम से कहा करते थे, कि हमें क्‍लेश उठाने पड़ेंगे, और ऐसा ही हुआ है, और तुम जानते भी हो। 
1 Thessalonians 3:5 इस कारण जब मुझ से और न रहा गया, तो तुम्हारे विश्वास का हाल जानने के लिये भेजा, कि कहीं ऐसा न हो, कि परीक्षा करने वाले ने तुम्हारी परीक्षा की हो, और हमारा परिश्रम व्यर्थ हो गया हो। 
1 Thessalonians 3:6 पर अभी तीमुथियुस ने जो तुम्हारे पास से हमारे यहां आकर तुम्हारे विश्वास और प्रेम का सुसमाचार सुनाया और इस बात को भी सुनाया, कि तुम सदा प्रेम के साथ हमें स्मरण करते हो, और हमारे देखने की लालसा रखते हो, जैसा हम भी तुम्हें देखने की। 
1 Thessalonians 3:7 इसलिये हे भाइयों, हम ने अपनी सारी सकेती और क्‍लेश में तुम्हारे विश्वास से तुम्हारे विषय में शान्‍ति पाई।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 31-32
  • मत्ती 9:18-38


मंगलवार, 12 जनवरी 2016

संबंध


   हमारे घर के आहते का एक ओर का बाड़ा कमज़ोर होकर टूट रहा था, और मैंने तथा मेरे पति कार्ल ने निर्णय लिया कि इससे पहले कि वह बाड़ा गिर जाए, उसे हटा देना चाहिए। क्योंकि उसे हटाना कोई कठिन कार्य नहीं था इसलिए हमने एक दोपहर को उसे आसानी से हटा भी दिया। इसके कुछ सप्ताह के बाद, कार्ल जब हमारे बाग़ में काम कर रहे थे तो पड़ौस की एक महिला, जो अपने कुत्ते को टहलाने के लिए निकली थी, कार्ल से बात करने को रुक गई और बोली: "आपका आहता बिना उस बाड़े के बहुत अच्छा लग रहा है; वैसे भी, मैं बाड़ों में विश्वास नहीं रखती। मुझे लोगों के बीच बिना किसी बाधा के संबंध होना, उनका एकजुट होकर एक समूह में रहना मुझे अच्छा लगता है।"

   यद्यपि बाड़े लगाने के कुछ वाजिब कारण होते हैं, लेकिन हमें अपने पड़ौसियों से अलग करके रखना उन कारणों में से एक नहीं है, इसलिए अपनी उस पड़ौसन के दृष्टिकोण को समझना मेरे लिए कठिन नहीं था। जिस चर्च में मैं जाती हूँ उसमें कुछ समूह बने हुए हैं जो सप्ताह में एक बार एकत्रित होते और मिलते हैं, एक दुसरे से संबंध बनाने और बढ़ाने के लिए, और परमेश्वर के साथ अपनी जीवन यात्रा में एक दूसरे को प्रोत्साहित करने के लिए। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रथम चर्च के लोग प्रतिदिन मन्दिर में एकत्रित हुआ करते थे (प्रेरितों 2:44, 46)। इस प्रकार इकठ्ठे होकर संगति रखने और प्रार्थना करने से वे अपने उद्देश्यों और मनसा में एकजुट हो गए; इसका एक और लाभ यह हुआ कि जब भी उन पर परेशानी आती तो उसे झेलने में सहायता के लिए उनके पास साथी होते थे, जैसा बाइबल के सभोपदेशक 4:9-10 में लिखा है।

   मसीही विश्वासियों का अन्य विश्वासियों के समूह के साथ संबंध बनाए रखना उनकी मसीही जीवन यात्रा का एक महत्वपूर्ण भाग है; परस्पर संबंध के द्वारा एक दूसरे से दिखाया गया प्रेम, परमेश्वर के द्वारा हमें किए जाने वाले प्रेम को दर्शाता है। - ऐनी सेटास


हम सभी मसीही विश्वासियों को मसीही संगति की आवश्यकता है जिससे हम एक दूसरे को उठाए रखें और मसीही जीवन यात्रा में आगे बढ़ते रहें।

एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है। क्योंकि यदि उन में से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा; परन्तु हाय उस पर जो अकेला हो कर गिरे और उसका कोई उठाने वाला न हो। - सभोपदेशक 4:9-10

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:41-47
Acts 2:41 सो जिन्हों ने उसका वचन ग्रहण किया उन्होंने बपतिस्मा लिया; और उसी दिन तीन हजार मनुष्यों के लगभग उन में मिल गए। 
Acts 2:42 और वे प्रेरितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने में और रोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे। 
Acts 2:43 और सब लोगों पर भय छा गया, और बहुत से अद्भुत काम और चिन्ह प्रेरितों के द्वारा प्रगट होते थे। 
Acts 2:44 और वे सब विश्वास करने वाले इकट्ठे रहते थे, और उन की सब वस्तुएं साझे की थीं। 
Acts 2:45 और वे अपनी अपनी सम्पत्ति और सामान बेच बेचकर जैसी जिस की आवश्यकता होती थी बांट दिया करते थे। 
Acts 2:46 और वे प्रति दिन एक मन हो कर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सीधाई से भोजन किया करते थे। 
Acts 2:47 और परमेश्वर की स्‍तुति करते थे, और सब लोग उन से प्रसन्न थे: और जो उद्धार पाते थे, उन को प्रभु प्रति दिन उन में मिला देता था।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 29-30
  • मत्ती 9:1-17