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बुधवार, 8 जून 2016

बर्ताव


   सुप्रसिद्ध मसीही विश्वासी और लेखक सी. एस. ल्युईस ने अपनी जानी-मानी पुस्तक Mere Christianity में लिखा: "बचपन में मुझे अकसर दाँत में दर्द होता था, और मैं जानता था कि यदि मैं अपनी मां के पास गया तो वे मुझे कुछ ऐसा देंगी जिससे उस रात के लिए दर्द दब जाएगा और मैं सो सकूँगा। लेकिन मैं अपनी माँ के पास केवल तब ही जाता था जब दर्द बहुत बढ़ जाता था और सहना कठिन हो जाता था....क्योंकि मैं यह भी जानता था कि अगले दिन प्रातः ही मेरी माँ मुझे दाँतों के डॉक्टर के पास भी ले जाएंगी...मुझे दर्द से तुरंत राहत तो चाहिए होती थी लेकिन स्थाई राहत के लिए मेरे दाँतों को अन्दर गहराई से सही करवाने की भी आवश्यकता होती थी जो मैं नहीं करवाना चाहता था।"

   कुछ ऐसा ही हमारे साथ हमारे जीवनों में भी होता है: जब हम किसी समस्या में होते हैं, किसी बात को लेकर संघर्ष कर रहे होते हैं, तब अकसर हम तुरंत ही उसके निवारण के लिए परमेश्वर के पास नहीं जाते। हम जानते हैं कि परमेश्वर हमारी उस समस्या या संघर्ष का समाधान दे सकता है, लेकिन साथ ही हम यह भी जानते हैं कि वह केवल अस्थायी समाधानों से संतुष्ट नहीं होता, वह हमारे जीवनों में उस समस्या या संघर्ष की तह तक जाकर जड़ से उसका समाधान और निवारण करना चाहता है; और इस बात से हम डरते हैं क्योंकि ऐसा करने में वे बातें भी खुल कर सामने आ सकती हैं जिनका हम सामना नहीं करना चाहते या जिन्हें हम सबकी नज़रों से छिपाए या दबाए रखना चाहते हैं।

   ऐसे समयों में हमें अपने आप को यह स्मरण दिलाना चाहिए कि "तुम दुख को ताड़ना समझकर सह लो: परमेश्वर तुम्हें पुत्र जान कर तुम्हारे साथ बर्ताव करता है, वह कौन सा पुत्र है, जिस की ताड़ना पिता नहीं करता?" (इब्रानियों 12:7)। परमेश्वर का अनुशासन, चाहे हमें कष्टप्रद लगे, परन्तु वह बुद्धिमतापूर्ण, हमारी भलाई के लिए (रोमियों 8:28) और हमारे प्रति उसके प्रेम से भरा होता है। वह हमसे इतना प्रेम करता है कि हमें ऐसे ही अपनी समस्याओं और संघर्षों में पड़े देखना नहीं चाहता; वह हमारे स्वरूप को बदल कर हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की समानता में लाना चाहता है (रोमियों 8:9)।

   हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम भरे बर्ताव तथा हर बात द्वारा हमारी भलाई करने के उद्देश्यों पर हम अपनी किसी भी भावना और भय से कहीं अधिक बढ़कर भरोसा कर सकते हैं। - पोह फैंग चिया


परमेश्वर के अनुशासन का हाथ उसके प्रेम और भलाई का हाथ होता है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:28-29

बाइबल पाठ: इब्रानियों 12:1-14
Hebrews 12:1 इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। 
Hebrews 12:2 और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। 
Hebrews 12:3 इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो। 
Hebrews 12:4 तुम ने पाप से लड़ते हुए उस से ऐसी मुठभेड़ नहीं की, कि तुम्हारा लोहू बहा हो। 
Hebrews 12:5 और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों की नाईं दिया जाता है, भूल गए हो, कि हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान, और जब वह तुझे घुड़के तो हियाव न छोड़। 
Hebrews 12:6 क्योंकि प्रभु, जिस से प्रेम करता है, उस की ताड़ना भी करता है; और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको कोड़े भी लगाता है। 
Hebrews 12:7 तुम दुख को ताड़ना समझकर सह लो: परमेश्वर तुम्हें पुत्र जान कर तुम्हारे साथ बर्ताव करता है, वह कौन सा पुत्र है, जिस की ताड़ना पिता नहीं करता? 
Hebrews 12:8 यदि वह ताड़ना जिस के भागी सब होते हैं, तुम्हारी नहीं हुई, तो तुम पुत्र नहीं, पर व्यभिचार की सन्तान ठहरे! 
Hebrews 12:9 फिर जब कि हमारे शारीरिक पिता भी हमारी ताड़ना किया करते थे, तो क्या आत्माओं के पिता के और भी आधीन न रहें जिस से जीवित रहें। 
Hebrews 12:10 वे तो अपनी अपनी समझ के अनुसार थोड़े दिनों के लिये ताड़ना करते थे, पर यह तो हमारे लाभ के लिये करता है, कि हम भी उस की पवित्रता के भागी हो जाएं। 
Hebrews 12:11 और वर्तमान में हर प्रकार की ताड़ना आनन्द की नहीं, पर शोक ही की बात दिखाई पड़ती है, तौभी जो उसको सहते सहते पक्के हो गए हैं, पीछे उन्हें चैन के साथ धर्म का प्रतिफल मिलता है। 
Hebrews 12:12 इसलिये ढीले हाथों और निर्बल घुटनों को सीधे करो। 
Hebrews 12:13 और अपने पांवों के लिये सीधे मार्ग बनाओ, कि लंगड़ा भटक न जाए, पर भला चंगा हो जाए।
Hebrews 12:14 सब से मेल मिलाप रखने, और उस पवित्रता के खोजी हो जिस के बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 30-31
  • यूहन्ना 18:1-18


मंगलवार, 7 जून 2016

चाह


   मेरी एक सहेली ने एक बार मुझे बताया कि वह चर्च में गाए जाने वाले स्तुति-गीतों की प्रत्येक पंक्ति या कोरस नहीं गा पाती है; उसने समझाया, "मुझे गाने में यह कहना ईमानदारी नहीं लगती कि ’मैं केवल यीशु की चाह रखती हूँ’ जबकि मेरे जीवन में कई और बातों की चाह है। क्योंकि मैं इस पंक्ति को और ऐसे ही अन्य गीतों की कुछ पंक्तियों को ईमानदारी से नहीं गा पाती हूँ इसलिए उन्हें गाती ही नहीं हूँ।" मैंने अपनी सहेली की इस ईमानदारी की सराहना करी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 73 के 25वें पद में भजनकार आसफ एक ऐसा आत्मिक व्यक्ति प्रतीत होता है जिसे केवल परमेश्वर ही की चाह है: "स्वर्ग में मेरा और कौन है? तेरे संग रहते हुए मैं पृथ्वी पर और कुछ नहीं चाहता" (भजन 73:25)। लेकिन उसके इस भजन का आरंभ ऐसी भावना के साथ नहीं हुआ है; भजन के आरंभ में आसफ ने स्वीकार किया कि "क्योंकि जब मैं दुष्टों का कुशल देखता था, तब उन घमण्डियों के विषय डाह करता था" (पद 3) अर्थात अपने आस-पास के लोगों के समान उसे भी वैसी ही संपन्नता की चाह थी, और ना होने के कारण वह उनके प्रति डाह रखता था। लेकिन जब वह परमेश्वर की निकटता में आया तो उसे एहसास हुआ कि उसका डाह रखना व्यर्थ और मूर्खता है (पद 21-22, 28)।

   अनेकों बार, यद्यपि हम परमेश्वर को जानते हैं, तो भी दूसरों की समृद्धि के कारण भटक जाते हैं। सुप्रसिद्ध मसीही विश्वासी और लेखक सी. एस. ल्यूईस ने लिखा, "ऐसा लगता है कि हमारा प्रभु हमारी चाह को बहुत मज़बूत या बड़ा नहीं वरन बहुत कमज़ोर और छोटा पाता है...हम बहुत शीघ्र ही व्यर्थ और छोटी बातों से, उनसे जो उस से कमतर हैं, संतुष्ट और प्रसन्न हो जाते हैं।"

   आसफ के इस भजन से हम ऐसा क्या सीख सकते हैं जो हमारा तब सहायक हो सकता है जब हमारी चाह हमारा ध्यान हमारे प्रभु परमेश्वर के सर्वोत्तम से भटकाती है? यहां हम पाते हैं कि दूसरों की समृद्धि को देखकर चाहे लालच और डाह के कारण हमारा ध्यान परमेश्वर से और उसके वचन से हट सकता है, लेकिन परमेश्वर का ध्यान हम पर से कभी नहीं हटता। वह लगातार हमारा मार्गदर्शन करता रहता है और हमारे ध्यान अपनी ओर केंद्रित करे रखने में लगा रहता है। इसीलिए हम आसफ के साथ कह सकते हैं: "मेरे हृदय और मन दोनों तो हार गए हैं, परन्तु परमेश्वर सर्वदा के लिये मेरा भाग और मेरे हृदय की चट्टान बना है" (पद 26)। - ऐनी सेटास


परमेश्वर के वचन की दैनिक खुराक ही मन में लगे लोभ और डाह के रोग का इलाज है।

क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा। - हबकुक 3:17-18

बाइबल पाठ: भजन 73:1-3; 21-28
Psalms 73:1 सचमुच इस्त्राएल के लिये अर्थात शुद्ध मन वालों के लिये परमेश्वर भला है। 
Psalms 73:2 मेरे डग तो उखड़ना चाहते थे, मेरे डग फिसलने ही पर थे। 
Psalms 73:3 क्योंकि जब मैं दुष्टों का कुशल देखता था, तब उन घमण्डियों के विषय डाह करता था।
Psalms 73:21 मेरा मन तो चिड़चिड़ा हो गया, मेरा अन्त:करण छिद गया था, 
Psalms 73:22 मैं तो पशु सरीखा था, और समझता न था, मैं तेरे संग रह कर भी, पशु बन गया था। 
Psalms 73:23 तौभी मैं निरन्तर तेरे संग ही था; तू ने मेरे दाहिने हाथ को पकड़ रखा। 
Psalms 73:24 तू सम्मति देता हुआ, मेरी अगुवाई करेगा, और तब मेरी महिमा कर के मुझ को अपने पास रखेगा। 
Psalms 73:25 स्वर्ग में मेरा और कौन है? तेरे संग रहते हुए मैं पृथ्वी पर और कुछ नहीं चाहता। 
Psalms 73:26 मेरे हृदय और मन दोनों तो हार गए हैं, परन्तु परमेश्वर सर्वदा के लिये मेरा भाग और मेरे हृदय की चट्टान बना है।
Psalms 73:27 जो तुझ से दूर रहते हैं वे तो नाश होंगे; जो कोई तेरे विरुद्ध व्यभिचार करता है, उसको तू विनाश करता है। 
Psalms 73:28 परन्तु परमेश्वर के समीप रहना, यही मेरे लिये भला है; मैं ने प्रभु यहोवा को अपना शरणस्थान माना है, जिस से मैं तेरे सब कामों का वर्णन करूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 28-29
  • यूहन्ना 17


सोमवार, 6 जून 2016

निर्णय


   हाल ही में मैंने अपनी बड़ी बहिन से पूछा कि क्या उसे हमारे परिवार के उस घर में आने के बारे में कुछ याद है जिसमें हमने बचपन बिताया और अनेक वर्ष तक रहे थे। मेरी बहिन ने कहा, "तुम उस समय 9 माह के थे, और मुझे याद है कि हमारे माता-पिता सारी रात जाग कर सामान डब्बों में भरते रहे थे, तथा नौरमैन्डी के आक्रमण के रेडियो पर चल रहे सजीव प्रसारण को सुनते रहे थे - वह दिन था जून 6, 1944।" 

   यह दिन दूसरे विश्वयुद्ध का बहुत महत्वपूर्ण दिन था जहाँ से उस युद्ध का रुख मुड़ गया था। इस दिन को युद्ध इतिहास में "डी-डे" भी कहते हैं और इसी से सैनिक एवं सामान्य प्रयोग के लिए यह वाक्यांश बन गया है जिसका तात्पर्य होता है किसी निर्धारित कार्यवाही को कार्यान्वित करने का दिन। हमारे व्यक्तिगत जीवनों में भी यह वाक्यांश - "डी-डे", किसी निर्णय लेने या समर्पण करने के समय को दिखा सकता है।

   प्राचीन इस्त्राएल में एक ऐसा ही "डी-डे" आया जब उनके अगुवे यहोशु ने उन्हें एक निर्णय लेने, समर्पण करने की चुनौती दी। जिस समय की यह बात है, यहोशु बूढ़ा हो चुका था; उसने कई साल इस्त्राएलियों को परमेश्वर द्वारा उनसे वाचा करी हुई भूमि को दिलवाने के लिए कठिन परिश्रम तथा अनेकों युद्धों में अगुवाई करी थी। अब जब वे अपने-अपने स्थानों को प्राप्त करके उनमें बस गए थे, तो यहोशू ने उनके सामने उस परमेश्वर के लिए एक निर्णय लेने की चुनौती रखी, जो उनके साथ हर परिस्थिति में विश्वासयोग्य बना रहा था। यहोशु ने उनसे कहा: "और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो कि तुम किस की सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा की सेवा नित करूंगा" (यहोशु 24:15)।

   आज भी प्रति दिन हम सब के लिए एक "डी-डे" है - क्या हम अपने जीवनों को पाप के दास्तव से निकालकर परमेश्वर प्रभु यीशु के हाथों में समर्पित करने का निर्णय लेने को तैयार हैं? जिस दिन हम यह निर्णय लेते हैं, वह दिन हमारे जीवनों के रुख को बदल देने वाला दिन होता है; उस दिन से हम अनन्त जीवन के वारिस और परमेश्वर की सन्तान बन जाते हैं। उस दिन के बाद से हम अपने जीवन का प्रत्येक दिन सहर्ष समर्पण के साथ परमेश्वर की महिमा के लिए उपयोग कर सकते हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रत्येक के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा निर्णय, 
प्रभु यीशु के साथ संबंध का निर्णय है।

और एलिय्याह सब लोगों के पास आकर कहने लगा, तुम कब तक दो विचारों में लटके रहोगे, यदि यहोवा परमेश्वर हो, तो उसके पीछे हो लो; और यदि बाल हो, तो उसके पीछे हो लो। लोगों ने उसके उत्तर में एक भी बात न कही। - 1 राजा 18:21

बाइबल पाठ: यहोशू 24:14-25
Joshua 24:14 इसलिये अब यहोवा का भय मानकर उसकी सेवा खराई और सच्चाई से करो; और जिन देवताओं की सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार और मिस्र में करते थे, उन्हें दूर कर के यहोवा की सेवा करो। 
Joshua 24:15 और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो कि तुम किस की सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा की सेवा नित करूंगा। 
Joshua 24:16 तब लोगों ने उत्तर दिया, यहोवा को त्यागकर दूसरे देवताओं की सेवा करनी हम से दूर रहे; 
Joshua 24:17 क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा वही है जो हम को और हमारे पुरखाओं को दासत्व के घर, अर्थात मिस्र देश से निकाल ले आया, और हमारे देखते बड़े बड़े आश्चर्य कर्म किए, और जिस मार्ग पर और जितनी जातियों के मध्य में से हम चले आते थे उन में हमारी रक्षा की; 
Joshua 24:18 और हमारे साम्हने से इस देश में रहने वाली एमोरी आदि सब जातियों को निकाल दिया है; इसलिये हम भी यहोवा की सेवा करेंगे, क्योंकि हमारा परमेश्वर वही है। 
Joshua 24:19 यहोशू ने लोगों से कहा, तुम से यहोवा की सेवा नहीं हो सकती; क्योंकि वह पवित्र परमेश्वर है; वह जलन रखने वाला ईश्वर है; वह तुम्हारे अपराध और पाप क्षमा न करेगा। 
Joshua 24:20 यदि तुम यहोवा को त्यागकर पराए देवताओं की सेवा करने लगोगे, तो यद्दपि वह तुम्हारा भला करता आया है तौभी वह फिरकर तुम्हारी हानि करेगा और तुम्हारा अन्त भी कर डालेगा। 
Joshua 24:21 लोगों ने यहोशू से कहा, नहीं; हम यहोवा ही की सेवा करेंगे। 
Joshua 24:22 यहोशू ने लोगों से कहा, तुम आप ही अपने साक्षी हो कि तुम ने यहोवा की सेवा करनी अंगीकार कर ली है। उन्होंने कहा, हां, हम साक्षी हैं। 
Joshua 24:23 यहोशू ने कहा, अपने बीच पराए देवताओं को दूर कर के अपना अपना मन इस्राएल के परमेश्वर की ओर लगाओ। 
Joshua 24:24 लोगों ने यहोशू से कहा, हम तो अपने परमेश्वर यहोवा ही की सेवा करेंगे, और उसी की बात मानेंगे। 
Joshua 24:25 तब यहोशू ने उसी दिन उन लोगों से वाचा बन्धाई, और शकेम में उनके लिये विधि और नियम ठहराया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 16


रविवार, 5 जून 2016

निकट


   परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा ने व्यव्स्थाविवरण 32:7-14 में परमेश्वर की अपने बच्चों की देखभाल और सहनशीलता को समझाया है। मूसा ने उस समय के इस्त्राएलियों को उकाब पक्षी के उदाहरण द्वारा समझाया कि जैसे उकाब पक्षी अपने बच्चों को संभाले रहता है, वैसे ही परमेश्वर भी उन्हें उठाए चल रहा है (पद 11-12)। 

   तीन महीनों तक मुझे और अनेकों अन्य पक्षी-प्रेमियों को उकाबों के एक जोड़े में होकर परमेश्वर की अद्भुत कारिगरी का नज़ारा निकट से देखने का अवसर मिला। नॉरफोक बोटैनिकल गार्डन्स में काम करने वालों ने ज़मीन से 90 फुट ऊँचे मचान पर एक कैमरा लगा कर उकाब जाति के एक जोड़े के घोंसले में चल रही गतिविधियों का सजीव प्रसारण किया। जब घोंसले में अण्डे फूटे और बच्चे निकले तो सब देख पा रहे थे कि नर और मादा उकाब कैसे उनकी देखभाल कर रहे थे; एक वहां घोंसले की रखवाली करने के लिए तैनात रहता और दूसरा जाकर भोजन जुटा कर लाता। लेकिन एक दिन, जबकि वे बच्चे अभी छोटे ही थे, घोंसले में से दोनों ही उकाब नदारद दिखे; हमें लगा कि वे किसी मुसीबत में पड़ गए हैं। लेकिन हमारा यह शक बेबुनियाद था; कैमरा संचालित करने वाले ने कैमरा घुमा कर पास ही की एक शाखा पर केंद्रित किया तो हम देखने पाए कि मादा उकाब वहीं बच्चों के निकट ही उस शाखा पर बैठी थी, बच्चों पर नज़रें जमाए हुए थी। क्योंकि कैमरा एक सीमित भाग का दृश्य ही दिखा पाता है, इसलिए देखने वालों को लगा कि माता-पिता उकाब कहीं चले गए हैं, जबकि वे वहीं निकट ही थे।

   मैं इस घटना पर विचार कर रही थी तो मुझे वे समय स्मरण हो आए जब मैंने यह समझ लिया था कि परमेश्वर ने मुझे अकेला छोड़ दिया है। उन उकाबों के उस दृश्य के समान, क्योंकि मेरी भी दृष्टि सीमित ही है, इसलिए मुझे भी यह भ्रम हुआ कि मैं अकेली रह गई हूँ। लेकिन हमें चाहे जैसा भी प्रतीत हो, सच तो यह है कि वह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता (भजन 145:18), चाहे हमें यह लगे कि हम अकेले रह गए हैं किंतु परमेश्वर सदा हमारे निकट रहता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


क्योंकि परमेश्वर सदैव हमारी निगरानी करता रहता है, 
इसलिए हमें अपने आस-पास के खतरों से डरने की आवश्यकता नहीं है।

जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है। - भजन 145:18

बाइबल पाठ: व्यव्स्थाविवरण 32:7-14
Deuteronomy 32:7 प्राचीनकाल के दिनों को स्मरण करो, पीढ़ी पीढ़ी के वर्षों को विचारो; अपने बाप से पूछो, और वह तुम को बताएगा; अपने वृद्ध लोगों से प्रश्न करो, और वे तुझ से कह देंगे।
Deuteronomy 32:8 जब परमप्रधान ने एक एक जाति को निज निज भाग बांट दिया, और आदमियों को अलग अलग बसाया, तब उसने देश देश के लोगों के सिवाने इस्राएलियों की गिनती के अनुसार ठहराए।
Deuteronomy 32:9 क्योंकि यहोवा का अंश उसकी प्रजा है; याकूब उसका नपा हुआ निज भाग है।
Deuteronomy 32:10 उसने उसको जंगल में, और सुनसान और गरजने वालों से भरी हुई मरूभूमि में पाया; उसने उसके चंहु ओर रहकर उसकी रक्षा की, और अपनी आंख की पुतली की नाईं उसकी सुधि रखी।
Deuteronomy 32:11 जैसे उकाब अपने घोंसले को हिला हिलाकर अपने बच्चों के ऊपर ऊपर मण्डलाता है, वैसे ही उसने अपने पंख फैलाकर उसको अपने परों पर उठा लिया।
Deuteronomy 32:12 यहोवा अकेला ही उसकी अगुवाई करता रहा, और उसके संग कोई पराया देवता न था।
Deuteronomy 32:13 उसने उसको पृथ्वी के ऊंचे ऊंचे स्थानों पर सवार कराया, और उसको खेतों की उपज खिलाई; उसने उसे चट्टान में से मधु और चकमक की चट्ठान में से तेल चुसाया।
Deuteronomy 32:14 गायों का दही, और भेड़-बकरियों का दूध, मेम्नों की चर्बी, बकरे और बाशान की जाति के मेढ़े, और गेहूं का उत्तम से उत्तम आटा भी; और तू दाखरस का मधु पिया करता था।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 23-24
  • यूहन्ना 15


शनिवार, 4 जून 2016

अनुग्रह


   हाल ही के अपने इंगलैंड के भ्रमण के दौरान, मेरी पत्नि और मैं विख्यात अंग्रज़ी नाटककार विलियम शेक्सपीयर की पत्नि ऐने हैथवे के पारिवारिक तथा बचपन के निवास्थान को देखने गए, जो अब 400 वर्ष से भी अधिक पुराना हो गया है। हमारे गाईड ने हमारा ध्यान लकड़ी के चौड़े बोर्ड अर्थात तख्ते से बनी मेज़ की ओर खींचा, जिसका एक सिरा भोजन खाने के लिए और दूसरा भोजन-सामग्री को काटने के लिए प्रयोग होता था। बोर्ड के अनेकों उपयोगों, जैसे कि भोजन, घर, ईमानदारी, अधिकार आदि में प्रयोग के कारण अंग्रेज़ी भाषा में इससे जुड़े कुछ वाक्यांश आ गए। क्योंकि सराय में रहने-सोने और भोजन की सुविधा मिलती थी इसलिए उस संदर्भ में "रूम एंड बोर्ड" आ गया; मनोरंजन स्थलों पर जहाँ ताश खेले जाते थे, खेल में ईमानदारी दिखाने के लिए हाथों को तख्ते की मेज़ के ऊपर रखना होता था, जिससे ईमानदारी का सूचक "अबव बोर्ड" आ गया; परिवार में पिता के अधिकार को दिखाने के लिए भोजन के समय वे तख्ते की मेज़ के सिरे पर बैठते थे और गतिविधियों को संचालित करते थे जिससे "चेयरमैन ऑफ द बोर्ड" आ गया।

   मैं जब इन बातों के बारे में सोच रहा था तो मेरा ध्यान प्रभु यीशु के द्वारा हमें उपलब्ध करवाई गई भिन्न आशीषों की ओर गया: "रूम एंड बोर्ड" - हम मसीही विश्वासी प्रभु में हैं (रोमियों 8:1), वे हमारे लिए अनन्तकाल का निवास स्थान तैयार कर रहे हैं (यूहन्ना 14:2; 14:1-4, 23) और प्रभु हमारे आत्मिक भोजन का स्त्रोत हैं (यूहन्ना 6:35, 54); "अबव बोर्ड" - वे हमें ईमानदारी का जीवन जीने की सामर्थ देते हैं (यूहन्ना 14:21); "चेयरमैन ऑफ द बोर्ड" - वे हमारी प्रत्येक गतिविधि संचालित करने वाले प्रेमी स्वामी हैं (फिलिप्पियों 2:11)।

   प्रभु यीशु के अनुग्रह से ही हमें पापों से क्षमा, उद्धार और स्वर्ग में परमेश्वर के साथ अनन्त निवास स्थान मिला है: "यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे" (यूहन्ना 14:23)। - डेनिस फिशर


मसीह यीशु अपने अनुयायियों की आवश्यकताएं आज से लेकर अनन्तकाल तक पूरी करता है।

कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए। क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। - इफिसियों 2:7-9

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-11
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। 
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। 
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। 
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो। 
John 14:5 थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू हां जाता है तो मार्ग कैसे जानें? 
John 14:6 यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। 
John 14:7 यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते, और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है। 
John 14:8 फिलेप्पुस ने उस से कहा, हे प्रभु, पिता को हमें दिखा दे: यही हमारे लिये बहुत है। 
John 14:9 यीशु ने उस से कहा; हे फिलेप्पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूं, और क्या तू मुझे नहीं जानता? जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है: तू क्यों कहता है कि पिता को हमें दिखा। 
John 14:10 क्या तू प्रतीति नहीं करता, कि मैं पिता में हूं, और पिता मुझ में हैं? ये बातें जो मैं तुम से कहता हूं, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है। 
John 14:11 मेरी ही प्रतीति करो, कि मैं पिता में हूं; और पिता मुझ में है; नहीं तो कामों ही के कारण मेरी प्रतीति करो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 21-22
  • यूहन्ना 14


शुक्रवार, 3 जून 2016

शिक्षा


   एक साल के अन्दर रिचर्ड लेम्यूकस का प्रकाशन करने का लाभदायक व्यवसाय धाराशायी हो गया; शीघ्र ही उसकी संपत्ति भी जाती रही, वह हताश होकर नशे की लत में पड़ गया, और उसके परिवार ने भी उसका साथ छोड़ दिया। अपने जीवन के सबसे निम्न बिंदु पर वह अकेला, बेघर, टूटा हुआ और निस्सहाय था। लेकिन जीवन के इस हाल ही में वह परमेश्वर की ओर मुड़ा, और फिर उसने अपने अनुभवों से मिली शिक्षाओं पर एक पुस्तक लिखी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि इस्त्राएलियों ने भी कुछ महत्वपूर्ण आत्मिक शिक्षाएं प्रापत करीं जब परमेश्वर ने उन्हें अनिश्चितता, खतरे और यात्रा में रहने जैसी परिस्थितियों का सामना करने दिया। उनकी कठिनाईयों ने उन्हें नम्र कर दिया (व्यवस्थाविवरण 8:1-20)। उन कठिनाईयों में जाने से ही उन्होंने सीखा कि परमेश्वर हर परिस्थिति में उनके साथ बना रहता है और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करता है। जब वे भूखे हुए तो परमेश्वर ने उन्हें मन्ना दिया, जब प्यासे हुए तो चट्टान में से पानी पिलाया। परमेश्वर ने उन्हें सिखाया कि कठिनाईयों के बावजूद वह उन्हें आशीष देने में सक्षम है (पद 1)। अन्ततः वे इस्त्राएली सीख सके कि परेशानियों में होना इस बात का सूचक नहीं है कि परमेश्वर ने उन्हें छोड़ दिया है। मूसा ने उन्हें स्मरण करवाया कि उनकी हर परिस्थिति में, उन चालीस वर्षों में परमेश्वर ही उन्हें लिए चल रहा था, उस बियाबान की यात्रा में उनका मार्गदर्शक था।

   जब हम जीवन में कठिन और निराशाजनक परिस्थितियों से होकर निकलें, तो वे समय होते हैं कुछ कठिन आत्मिक शिक्षाओं को सीखने के, जीवन को संवारने के। ऐसे समयों में ही हम शिक्षा ले पाते हैं कि परमेश्वर, जो सब कुछ को संचालित और नियंत्रित करता है, हमारा साथ कभी नहीं छोड़ता वरन हर परिस्थिति से अन्ततः हमारे लिए भला ही उत्पन्न करता है (रोमियों 8:28)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


जो कुछ हो रहा है या होता है उसका सबसे स्पष्ट और उत्तम दृष्टिकोण स्वर्गीय दृष्टिकोण है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 8:1-20
Deuteronomy 8:1 जो जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं उन सभों पर चलने की चौकसी करना, इसलिये कि तुम जीवित रहो और बढ़ते रहो, और जिस देश के विषय में यहोवा ने तुम्हारे पूर्वजों से शपथ खाई है उस में जा कर उसके अधिकारी हो जाओ। 
Deuteronomy 8:2 और स्मरण रख कि तेरा परमेश्वर यहोवा उन चालीस वर्षों में तुझे सारे जंगल के मार्ग में से इसलिये ले आया है, कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के यह जान ले कि तेरे मन में क्या क्या है, और कि तू उसकी आज्ञाओं का पालन करेगा वा नहीं। 
Deuteronomy 8:3 उसने तुझ को नम्र बनाया, और भूखा भी होने दिया, फिर वह मन्ना, जिसे न तू और न तेरे पुरखा ही जानते थे, वही तुझ को खिलाया; इसलिये कि वह तुझ को सिखाए कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं जीवित रहता, परन्तु जो जो वचन यहोवा के मुंह से निकलते हैं उन ही से वह जीवित रहता है। 
Deuteronomy 8:4 इन चालीस वर्षों में तेरे वस्त्र पुराने न हुए, और तेरे तन से भी नहीं गिरे, और न तेरे पांव फूले। 
Deuteronomy 8:5 फिर अपने मन में यह तो विचार कर, कि जैसा कोई अपने बेटे को ताड़ना देता है वैसे ही तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को ताड़ना देता है। 
Deuteronomy 8:6 इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं का पालन करते हुए उसके मार्गों पर चलना, और उसका भय मानते रहना। 
Deuteronomy 8:7 क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे एक उत्तम देश में लिये जा रहा है, जो जल की नदियों का, और तराइयों और पहाड़ों से निकले हुए गहिरे गहिरे सोतों का देश है। 
Deuteronomy 8:8 फिर वह गेहूं, जौ, दाखलताओं, अंजीरों, और अनारों का देश है; और तेलवाली जलपाई और मधु का भी देश है। 
Deuteronomy 8:9 उस देश में अन्न की महंगी न होगी, और न उस में तुझे किसी पदार्थ की घटी होगी; वहां के पत्थर लोहे के हैं, और वहां के पहाड़ों में से तू तांबा खोदकर निकाल सकेगा। 
Deuteronomy 8:10 और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसका धन्य मानेगा। 
Deuteronomy 8:11 इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे; 
Deuteronomy 8:12 ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे, 
Deuteronomy 8:13 और तेरी गाय-बैलों और भेड़-बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए, 
Deuteronomy 8:14 तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है, 
Deuteronomy 8:15 और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विष वाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उसने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला, 
Deuteronomy 8:16 और तुझे जंगल में मन्ना खिलाया, जिसे तुम्हारे पुरखा जानते भी न थे, इसलिये कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के अन्त में तेरा भला ही करे। 
Deuteronomy 8:17 और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई। 
Deuteronomy 8:18 परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है। 
Deuteronomy 8:19 यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर दूसरे देवताओं के पीछे हो लेगा, और उसकी उपासना और उन को दण्डवत करेगा, तो मैं आज तुम को चिता देता हूं कि तुम नि:सन्देह नष्ट हो जाओगे। 
Deuteronomy 8:20 जिन जातियों को यहोवा तुम्हारे सम्मुख से नष्ट करने पर है, उन्ही की नाईं तुम भी अपने परमेश्वर यहोवा का वचन न मानने के कारण नष्ट हो जाओगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 19-20
  • यूहन्ना 13:21-38


गुरुवार, 2 जून 2016

सावधानी


   जैमाइका में देखने वाले स्थलों में से मेरा सबसे पसंदीदा स्थल है ओको रियोस - डन्न नदी जल प्रपात का स्थान। उस जल प्रपात को देखना एक ऐसा अद्भुत दृश्य है जिसकी विलक्षण्ता कभी समाप्त नहीं होती। नदी का पानी क्रमवार अनेकों चट्टानों की लंबी श्रंखला पर से होकर बहता हुआ नीचे कैरिबियन सागर की ओर बहता है। दुस्साहसी सैलानी उस प्रपात के मार्ग पर उन गोल चट्टानों और पत्थरों पर नीचे से ऊपर की ओर की एक रोमांचक चढ़ाई का आनन्द भी ले सकते हैं। बहता हुआ पानी, पत्थरों की चिकनी फिसलन भरी सतह, ऊँचाई के खड़े कोण आदि मिलकर इस चढ़ाई को धीमा और खतरनाक बनाते हैं। ऊपर तक पहुँचने के लिए चढ़ने वालों को प्रत्येक कदम देखभाल कर सावधानी से लेना होता है; ज़रा सी चूक से गिर जाने की संभावना लगातार बनी रहती है। सफलता-पूर्वक ऊपर पहुँचने की कुँजी है एकाग्रता तथा सावधानी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में इफसुस के मसीही विश्वासियों को प्रेरित पौलुस ने उनके मसीही विश्वास की यात्रा के संबंध में जो सचेत किया है, मेरे विचार से डन्न नदी के जल-प्रपात की चढ़ाई से बेहतर उसका चित्रण अन्य कोई नहीं हो सकता है। पौलुस ने लिखा, "इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो" (इफिसियों 5:15)। स्पष्ट है कि जीवन मार्ग में हमारे विरोध में आने वाले अनेकों खतरों का सामना करते हुए जब हम ऊँचाईयों पर पहुँचने के लिए चढ़ते हैं तो अपने प्रभु यीशु के मार्गदर्शन में हम अपना प्रत्येक कदम बुद्धिमता एवं सावधानी से उठाएं और फिर उसे वहीं जमाएं जहाँ हमारा प्रभु चाहता है। पौलुस की यह चेतावनी साफ बताती है कि निर्बुद्धि लोग असावधानी से जीवन जीते हैं, किंतु बुद्धिमान लोग हर कदम सचेत और सावधान होकर बढ़ाते हैं जिससे वे ना तो लड़खड़ाएं और ना ही गिरें।

   जब पौलुस हमें कहता है कि हम परमेश्वर का अनुकरण करें (पद 1), तो यह उद्देश्य हमारे सावधानी और प्रेम में होकर चलने से पूरा होता है (पद 2, 15)। प्रत्येक मसीही विश्वासी में निवास करने वाले परमेश्वर के पवित्र-आत्मा की सहायता से हम सावधानी पूर्वक यह यात्रा परमेश्वर की महिमा के लिए पूरी कर सकते हैं। - डेव बैनन

यदि हम परमेश्वर को अपने मन-मस्तिष्क पर राज करने देंगे, 
तो वह हमारे कदमों को अपने सही मार्गों ले जाता रहेगा।

अपने पांव धरने के लिये मार्ग को समथर कर, और तेरे सब मार्ग ठीक रहें। - नीतिवचन 4:26

बाइबल पाठ: इफिसियों 5:1-17
Ephesians 5:1 इसलिये प्रिय, बालकों की नाईं परमेश्वर के सदृश बनो। 
Ephesians 5:2 और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। 
Ephesians 5:3 और जैसा पवित्र लोगों के योग्य है, वैसा तुम में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो। 
Ephesians 5:4 और न निर्लज्ज़ता, न मूढ़ता की बातचीत की, न ठट्ठे की, क्योंकि ये बातें सोहती नहीं, वरन धन्यवाद ही सुना जाएं। 
Ephesians 5:5 क्योंकि तुम यह जानते हो, कि किसी व्यभिचारी, या अशुद्ध जन, या लोभी मनुष्य की, जो मूरत पूजने वाले के बराबर है, मसीह और परमेश्वर के राज्य में मीरास नहीं। 
Ephesians 5:6 कोई तुम्हें व्यर्थ बातों से धोखा न दे; क्योंकि इन ही कामों के कारण परमेश्वर का क्रोध आज्ञा ने मानने वालों पर भड़कता है। 
Ephesians 5:7 इसलिये तुम उन के सहभागी न हो। 
Ephesians 5:8 क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाईं चलो। 
Ephesians 5:9 (क्योंकि ज्योति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)। 
Ephesians 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है 
Ephesians 5:11 और अन्धकार के निष्‍फल कामों में सहभागी न हो, वरन उन पर उलाहना दो। 
Ephesians 5:12 क्योंकि उन के गुप्‍त कामों की चर्चा भी लाज की बात है। 
Ephesians 5:13 पर जितने कामों पर उलाहना दिया जाता है वे सब ज्योति से प्रगट होते हैं, क्योंकि जो सब कुछ को प्रगट करता है, वह ज्योति है। 
Ephesians 5:14 इस कारण वह कहता है, हे सोने वाले जाग और मुर्दों में से जी उठ; तो मसीह की ज्योति तुझ पर चमकेगी।
Ephesians 5:15 इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो। 
Ephesians 5:16 और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। 
Ephesians 5:17 इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्छा क्या है?

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 17-18
  • यूहन्ना 13:1-20