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रविवार, 5 फ़रवरी 2017

आशापूर्ण जीवन


   आज कल सेहत सुधारने के लिए सकारात्मक तथा आशावादी होने के बारे में बहुत कुछ कहा जाता है, चाहे हम किसी कठिन बिमारी का सामना कर रहे हों या ढेरों गन्दे कपड़ों को धोने की कठिनाई का। नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान की प्रोफेसर, बारबरा फ्रेड्रिकसन (पी.एच.डी.) का कहना है कि हमें उन गतिविधियों में संलग्न रहने का प्रयास करना चाहिए जो आनन्द, प्रेम और अन्य सकारात्मक भावनाओं को विकसित करती हैं। लेकिन हम यह भी जानते हैं कि ऐसी अच्छी भावनाओं के लिए केवल इच्छा रखना ही काफी नहीं है। हमारे अन्दर एक बहुत मज़बूत निश्चय भी होना चाहिए कि आनन्द, शांति और प्रेम का कोई ऐसा स्त्रोत भी है जिसपर हम विश्वास कर सकते हैं, निर्भर रह सकते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 37:1-8 में दी गई सकारात्मक क्रियाओं को हम निराशा और नकारात्मक सोच के प्रतिरोध के लिए प्रयोग कर सकते हैं। इस खंड में मनोदशा सुधारने वाली दी गई कुछ बातों पर ध्यान कीजिए: प्रभु में भरोसा बनाए रखो, भलाई करो, देश में बने रहो, सच्चाई में मन लगाओ (पद 3); प्रभु में आनन्दित रहो (पद 4); अपने मार्गों को प्रभु पर छोड़ दो, उस पर भरोसा रखो (पद 5); प्रभु के सामने शांत रहो, धैर्य के साथ उसकी प्रतीक्षा करो, कुड़कुड़ाओ मत (पद 7); क्रोध से परे रहो, जलजलाहट को छोड़ दो (पद 8)।

   क्योंकि उपरोक्त सभी कार्य प्रभु परमेश्वर के साथ जुड़े हुी हैं, इसलिए इन्हें महज़ काल्पनिक अथवा अव्यावहारिक सुझाव नहीं समझना चाहिए। ये सब केवल प्रभु यीशु और उससे मिलने वाली सामर्थ के कारण हमारे लिए संभव होते हैं। हमारे आशापूर्ण होने तथा रहने का सच्चा और खरा स्त्रोत है हमें पापों से मिला वह छुटकारा जो प्रभु यीशु ने क्रूस पर दिए गए अपने बलिदान द्वारा संभव करवाया है, हम सब के लिए उपलब्ध करवाया है। हमारे आशापूर्ण जीवन का भरोसेमन्द स्त्रोत केवल प्रभु यीशु ही है। - डेविड मैक्कैसलैंड


संसार की बुराईयों से होने वाली निराशा में 
प्रभु यीशु में मिलने वाली आनन्त आशा भलाई का सुसमाचार है।

तू पापियों के विषय मन में डाह न करना, दिन भर यहोवा का भय मानते रहना। क्योंकि अन्त में फल होगा, और तेरी आशा न टूटेगी। - नीतिवचन 23:17-18

बाइबल पाठ: भजन 37:1-15
Psalms 37:1 कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करने वालों के विषय डाह न कर! 
Psalms 37:2 क्योंकि वे घास की नाईं झट कट जाएंगे, और हरी घास की नाईं मुर्झा जाएंगे। 
Psalms 37:3 यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह। 
Psalms 37:4 यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा।
Psalms 37:5 अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा। 
Psalms 37:6 और वह तेरा धर्म ज्योति की नाईं, और तेरा न्याय दोपहर के उजियाले की नाईं प्रगट करेगा।
Psalms 37:7 यहोवा के साम्हने चुपचाप रह, और धीरज से उसका आसरा रख; उस मनुष्य के कारण न कुढ़, जिसके काम सफल होते हैं, और वह बुरी युक्तियों को निकालता है! 
Psalms 37:8 क्रोध से परे रह, और जलजलाहट को छोड़ दे! मत कुढ़, उस से बुराई ही निकलेगी। 
Psalms 37:9 क्योंकि कुकर्मी लोग काट डाले जाएंगे; और जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वही पृथ्वी के अधिकारी होंगे। 
Psalms 37:10 थोड़े दिन के बीतने पर दुष्ट रहेगा ही नहीं; और तू उसके स्थान को भलीं भांति देखने पर भी उसको न पाएगा। 
Psalms 37:11 परन्तु नम्र लोग पृथ्वी के अधिकारी होंगे, और बड़ी शान्ति के कारण आनन्द मनाएंगे। 
Psalms 37:12 दुष्ट धर्मी के विरुद्ध बुरी युक्ति निकालता है, और उस पर दांत पीसता है; 
Psalms 37:13 परन्तु प्रभु उस पर हंसेगा, क्योंकि वह देखता है कि उसका दिन आने वाला है।
Psalms 37:14 दुष्ट लोग तलवार खींचे और धनुष बढ़ाए हुए हैं, ताकि दीन दरिद्र को गिरा दें, और सीधी चाल चलने वालों को वध करें। 
Psalms 37:15 उनकी तलवारों से उन्हीं के हृदय छिदेंगे, और उनके धनुष तोड़े जाएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 36-38
  • मत्ती 23:1-22


शनिवार, 4 फ़रवरी 2017

कीमत


   लेखक माइकल सैंडल ने अपनी पुस्तक "What Money Can't Buy" में लिखा है कि कुछ चीज़ें हैं जो पैसे से खरीदी नहीं जा सकती हैं - लेकिन आजकल उनकी संख्या बहुत कम है। बन्दीगृह में सज़ा काटने वाला 90 डॉलर प्रति रात्रि के दर से अपनी कैद-कोठरी में बेहतर सुविधाएं प्राप्त कर सकता है, विलुप्त होने की कगार पर आए हुए काले गेंडे का शिकार 250,000 डॉलर में किया जा सकता है, आपके डॉक्टर के सेल फोन का नंबर 1500 डॉलर में प्राप्त किया जा सकता है। लगता है कि जैसे हर चीज़ बिकाऊ हो गई है।

   लेकिन एक चीज़ है जिसे पैसे से कभी खरीदा नहीं जा सकता है - उद्धार अर्थात पापों से छुटकारा, पाप के चँगुल से स्वतंत्रता। यह छुटकारा, यह स्वतंत्रता केवल प्रभु यीशु मसीह ही दे सकता है, और वह संसार के सभी लोगों को इसे सेंत-मेंत देना भी चाहता है, यदि वे इसे लेने के लिए तैयार हों तो। परमेश्वर के वचन बाइबल में जब पौलुस ने हमारे उद्धार के लिए परमेश्वर की अद्भुत योजना के बारे में लिखना आरंभ किया तो उसका हृदय प्रशंसा से भर उठा, और उसने लिखा, "हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। जिसे उसने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया" (इफिसियों 1:7-8)।

   क्रूस पर प्रभु यीशु मसीह का बलिदान वह कीमत थी जो हमारे उद्धार के लिए परमेश्वर ने हमारे लिए चुका दी है। पापों से छुटकारे की यह कीमत केवल प्रभु यीशु ही चुका सकता था क्योंकि वही एकमात्र है जो निष्पाप, निष्कलंक, सिद्ध है, परमेश्वर का पुत्र है। ऐसे कीमती, परन्तु हमारे लिए बिना किसी कीमत उपलब्ध करवाए गए उद्धार के लिए हमारी स्वाभाविक प्रतिक्रिया हृदयों से निकली कृतज्ञता और धन्यवाद की भेंट होनी चाहिए, उस परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह के प्रति जिसने अपने जीवन से कीमत चुका कर हमें शैतान के चँगुल में से छुड़ा लिया है (इफिसियों 1:13-14)।

   हमारे महान प्रभु परमेश्वर की स्तुति और प्रशंसा हो - हमें छुड़ाने के लिए वह पृथ्वी पर आ गया और हमारे छुटकारे की पूरी कीमत चुका दी। - मार्विन विलियम्स


केवल प्रभु यीशु की मृत्यु ही हमारे छुटकारे की कीमत चुका सकती थी।

क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो? क्योंकि दाम देकर मोल लिये गए हो, इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो। - 1 कुरिन्थियों 6:19-20

बाइबल पाठ: इफिसियों 1:3-14
Ephesians 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है। 
Ephesians 1:4 जैसा उसने हमें जगत की उत्‍पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों। 
Ephesians 1:5 और अपनी इच्छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों, 
Ephesians 1:6 कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्‍तुति हो, जिसे उसने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया। 
Ephesians 1:7 हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। 
Ephesians 1:8 जिसे उसने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया। 
Ephesians 1:9 कि उसने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उसने अपने आप में ठान लिया था। 
Ephesians 1:10 कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्‍ध हो कि जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे। 
Ephesians 1:11 उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जा कर मीरास बने। 
Ephesians 1:12 कि हम जिन्हों ने पहिले से मसीह पर आशा रखी थी, उस की महिमा की स्‍तुति के कारण हों। 
Ephesians 1:13 और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी। 
Ephesians 1:14 वह उसके मोल लिये हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्‍तुति हो।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 34-35
  • मत्ती 22:23-46


शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2017

बढ़ोतरी


   चीन में मुहावरों का प्रयोग आम बात है, और उनके मुहावरों के पीछे बहुधा कुछ नीति-कथाएं होती हैं। ऐसा ही एक मुहावरा "बढ़ने के लिए फसल को खींचना" सौंग राजवंश के शासन काल के समय के एक किसान से संबंधित है। वह किसान बहुत आतुर था कि चावल के पौधों की उसकी फसल तेज़ी से बढ़े; इसके लिए उसे एक उपाय सूझा - वह पौधों को थोड़ा सा खींचकर उन्हें लंबा कर देगा। दिन भर ऐसा करने के बाद उस किसान ने अपने चावल के खेत पर दृष्टि की, और देखकर प्रसन्न हुआ कि उसके खेत के पौधे पहले से कुछ बढ़े हुए दिखाई दे रहे थे। लेकिन उसका यह आनन्द थोड़े ही समय का था; क्योंकि अगले ही दिन उसने देखा कि सारे पौधे मुर्झा गए हैं, क्योंकि उसके कार्य से उनकी जड़ों को क्षति पहुँची थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में तिमुथियुस को लिखी अपनी पत्री में प्रभु यीशु में मिलने वाले उद्धार के सुसमाचार के प्रचार का कार्य करने वाले सेवक को किसान के समान बताया है। पौलुस ने तिमुथियुस को प्रोत्साहित करने के लिए लिखा कि खेती के समान, प्रभु यीशु के चेले बनाना एक लगातार चलते रहने वाला कठिन मेहनत का कार्य है। किसान के समान ही सेवक भी लोगों के जीवनों में हल जोतता है, परमेश्वर के वचन के बीज बोता है, उन बीजों के अंकुरित होने की प्रतीक्षा करता है, उनके लिए प्रार्थना करता है। हम सभी चाहते हैं कि हमारे परिश्रम का फल भी शीघ्र दिखाई दे, परन्तु बढ़ोतरी समय लेती है। और जैसा उपरोक्त चीनी मुहावरे की कहानी सिखाती है, उस बढ़ोतरी में तेज़ी लाने के प्रयास बहुधा लाभदायक नहीं वरन नुकसानदेह ही होते हैं। बाइबल टीकाकार विलियम हैंड्रिकसन ने लिखा: "यदि तिमुथियुस...परमेश्वर द्वारा उसे दिए गए कार्य को अच्छे से करने के लिए पूरा-पूरा प्रयास करेगा...तो वह दूसरों के जीवनों में उसे...उन महिमामय फलों का आरंभ दिखेगा जिनका उल्लेख गलतियों 5:22-23 में है।"

   जब हम विश्वासयोग्यता के साथ परिश्रम करते हैं, धीरज के साथ प्रभु परमेश्वर के समय की प्रतीक्षा करते हैं, तो परमेश्वर से मिलने वाली बढ़ोतरी और फल भी देखने पाते हैं। - पोह पैंग चिया


खेत जोतना तथा बीज बोना हमारा कार्य है;
उस परिश्रम से फसल उत्पन्न करना परमेश्वर का।

पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं। - गलतियों 5:22-23

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 2:1-6; 1 कुरिन्थियों 3:5-9
2 Timothy 2:1 इसलिये हे मेरे पुत्र, तू उस अनुग्रह से जो मसीह यीशु में है, बलवन्‍त हो जा। 
2 Timothy 2:2 और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों। 
2 Timothy 2:3 मसीह यीशु के अच्‍छे योद्धा की नाईं मेरे साथ दुख उठा। 
2 Timothy 2:4 जब कोई योद्धा लड़ाई पर जाता है, तो इसलिये कि अपने भरती करने वाले को प्रसन्न करे, अपने आप को संसार के कामों में नहीं फंसाता 
2 Timothy 2:5 फिर अखाड़े में लड़ने वाला यदि विधि के अनुसार न लड़े तो मुकुट नहीं पाता। 
2 Timothy 2:6 जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए।

1 Corinthians 3:5 अपुल्लोस क्या है? और पौलुस क्या है? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। 
1 Corinthians 3:6 मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। 
1 Corinthians 3:7 इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है। 
1 Corinthians 3:8 लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:9 क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 31-33
  • मत्ती 22:1-22


गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

धन्यवादी


   ड्यूक यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के एक सुविख्यात शोधकर्ता के अनुसार, "यदि धन्यवादी होना कोई दवा होती तो हमारे शरीरों के प्रत्येक अंग पर भला प्रभाव डालने की क्षमता रखने के कारण वह संसार में सबसे अधिक बिकने वाली दवा बन जाती।"

   कुछ लोगों के लिए धन्यवादी होने का अर्थ होता है कि अपने विचारों को उन वस्तुओं पर केंद्रित करके उलझे रहने की बजाए जो हमारे पास नहीं हैं, जो हमारे पास हैं उन पर ध्यान केंद्रित कर के उनके लिए कृतज्ञ रहने के भाव के साथ जीवन व्यतीत करना। लेकिन परमेश्वर का वचन बाइबल हमें धन्यवादी होने के इससे भी अधिक गहरे अर्थ को समझाती है। हमारा धन्यवादी होना हमारा ध्यान वहाँ लेकर जाता है जो हमारी हर आशीष का स्त्रोत है (याकूब 1:17)।

   बाइबल में अनेकों भजनों का लिखने वाला, राजा दाऊद जानता था कि वाचा के सन्दूक को सुरक्षित यरूशलेम पहुँचाने वाला वह नहीं वरन परमेश्वर था (1 इतिहास 15:26)। इसलिए उसने इस घटना को लेकर परमेश्वर के लिए धन्यवाद का भजन लिखा जो केवल कार्य सफलतापूर्वक होने के कारण आनन्दित होने पर नहीं परन्तु परमेश्वर के गुणों पर आधारित है। इस भजन के आरंभिक भाग में दाऊद कहता है: "यहोवा का धन्यवाद करो, उस से प्रार्थना करो; देश देश में उसके कामों का प्रचार करो" (1 इतिहास 16:8)। इससे आगे दाऊद का यह भजन परमेश्वर की महानता में आनन्दित होने, उसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले उद्धार, सृष्टि करने की उसकी सामर्थ और मनुष्यों के प्रति उसकी करुणा को प्रमुख करता है (पद 25-36)।

   आज हम हमें मिलने वाले उपहारों पर ध्यान केंद्रित करने की बजाए उन्हें देने वाले की आराधना और महिमा करने के द्वारा वास्तव में उसके धन्यवादी हो सकते हैं। हमारे जीवन की अच्छी बातों पर ध्यान लगाना हमारे शरीरों के लिए लाभकारी हो सकता है, परन्तु परमेश्वर पर ध्यान लगाना और सदा उसके प्रति धन्यवादी रहना हमारे प्राण-देह-आत्मा के लिए लाभकारी होता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


सच्चा धन्यवादी मन देने वाले को महत्व देता है ना कि उससे मिलने वाले उपहारों को।

क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है। - याकूब 1:17

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 16:7-14
1 Chronicles 16:7 तब उसी दिन दाऊद ने यहोवा का धन्यवाद करने का काम आसाप और उसके भाइयों को सौंप दिया। 
1 Chronicles 16:8 यहोवा का धन्यवाद करो, उस से प्रार्थना करो; देश देश में उसके कामों का प्रचार करो। 
1 Chronicles 16:9 उसका गीत गाओ, उसका भजन करो, उसके सब आश्चर्य-कर्मों का ध्यान करो। 
1 Chronicles 16:10 उसके पवित्र नाम पर घमंड करो; यहोवा के खोजियों का हृदय आनन्दित हो। 
1 Chronicles 16:11 यहोवा और उसकी सामर्थ की खोज करो; उसके दर्शन के लिये लगातार खोज करो। 
1 Chronicles 16:12 उसके किए हुए आश्चर्यकर्म, उसके चमत्कार और न्यायवचन स्मरण करो। 
1 Chronicles 16:13 हे उसके दास इस्राएल के वंश, हे याकूब की सन्तान तुम जो उसके चुने हुए हो! 
1 Chronicles 16:14 वही हमारा परमेश्वर यहोवा है, उसके न्याय के काम पृथ्वी भर में होते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 29-30
  • मत्ती 21:23-46


बुधवार, 1 फ़रवरी 2017

एक साथ


   मेरी पत्नी जैनेट ने मेरे 65वें जन्मदिन के उपल्क्ष में मेरे लिए एक नया ड्रैडनॉट डी-35 गिटार खरीदा। इस गिटार को इसके मूल रूप में 1900 के आरंभ में विकसित किया गया था। उस समय में बनाए गए गिटारों से ड्रैडनॉट कुछ अधिक बड़ा होता है, और अपनी भारी तथा ऊँची आवाज़ के लिए जाना जाता है। इसका नाम प्रथम विश्वयुद्ध में काम देने वाले विशाल युद्धपोत एच.एम.एस. ड्रैडनॉट के नाम पर पड़ा था। डी-35 का पिछला भाग अनुपम है। उच्च गुणवंता की रोज़वुड लकड़ी की चौड़ी तख़्तियों की कमी होने के कारण कारिगरों ने इसे तीन पतली तख़्तियों को एक साथ जोड़कर बनाया, जिससे इससे निकलने वाली ध्वनि और भी बेहतर हो गई।

   परमेश्वर की कारीगरी भी इस गिटार की कारीगरी के समान है। प्रभु यीशु हम बिखरे हुए मनुष्यों को एक साथ जोड़कर ऐसा बना देता है जिससे हम सामूहिक रूप से उसकी महिमा का कारण हो जाते हैं। यदि हम प्रभु यीशु की इस पृथ्वी की सेवकाई के दिनों में उनके चेलों की पृष्ठभूमि को देखें तो पाएंगे कि प्रभु ने चुँगी लेने वालों, यहूदी क्रांतिकारियों और मछुआरों को लेकर अपने चेलों का समूह बनाया, जिन्होंने फिर सारे संसार में प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा मिलने वाली पापों की क्षमा और सेंत-मेंत उद्धार का सुसमाचार फैला दिया। तब से लेकर आज तक भी प्रभु जीवन के हर क्षेत्र से अपने लिए लोगों को बुलाता आ रहा है, उन्हें एक साथ एक देह - उसकी जीवित मण्डली में जोड़कर उनसे अपनी महिमा और सेवा लेता आ रहा है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा, "जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में होता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए" (इफिसियों 4:16)।

   हमारे स्वामी के हाथों में अनेकों प्रकार के लोग एक साथ जुड़कर परमेश्वर की महिमा और आराधना का स्त्रोत बनकर उसकी और अन्य लोगों की सेवा में कार्य करने लग जाते हैं। विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए मसीही विश्वासियों का एक साथ जुड़कर परमेश्वर की महिमा का माध्यम बन जाना परमेश्वर की अद्भुत कारिगरी का उदहारण है। - डेनिस फिशर


जितना हम अकेले रहकर नहीं कर सकते, 
उससे कहीं अधिक हम एक साथ जुड़ जाने से कर पाते हैं।

क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया। - इफिसियों 2:10

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:1-16
Ephesians 4:1 सो मैं जो प्रभु में बन्‍धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, उसके योग्य चाल चलो। 
Ephesians 4:2 अर्थात सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो। 
Ephesians 4:3 और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्‍न करो। 
Ephesians 4:4 एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है। 
Ephesians 4:5 एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बपतिस्मा। 
Ephesians 4:6 और सब का एक ही परमेश्वर और पिता है, जो सब के ऊपर और सब के मध्य में, और सब में है।
Ephesians 4:7 पर हम में से हर एक को मसीह के दान के परिमाण से अनुग्रह मिला है। 
Ephesians 4:8 इसलिये वह कहता है, कि वह ऊंचे पर चढ़ा, और बन्‍धुवाई को बान्‍ध ले गया, और मनुष्यों को दान दिए। 
Ephesians 4:9 (उसके चढ़ने से, और क्या पाया जाता है केवल यह, कि वह पृथ्वी की निचली जगहों में उतरा भी था। 
Ephesians 4:10 और जो उतर गया यह वही है जो सारे आकाश से ऊपर चढ़ भी गया, कि सब कुछ परिपूर्ण करे)। 
Ephesians 4:11 और उसने कितनों को भविष्यद्वक्ता नियुक्त कर के, और कितनों को सुसमाचार सुनाने वाले नियुक्त कर के, और कितनों को रखवाले और उपदेशक नियुक्त कर के दे दिया। 
Ephesians 4:12 जिस से पवित्र लोग सिद्ध हों जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए। 
Ephesians 4:13 जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्र की पहिचान में एक न हो जाएं, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएं और मसीह के पूरे डील डौल तक न बढ़ जाएं। 
Ephesians 4:14 ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग-विद्या और चतुराई से उन के भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक बयार से उछाले, और इधर-उधर घुमाए जाते हों। 
Ephesians 4:15 वरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जो सिर है, अर्थात मसीह में बढ़ते जाएं। 
Ephesians 4:16 जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में होता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 27-28
  • मत्ती 21:1-22


मंगलवार, 31 जनवरी 2017

द्वार


   ट्रेन चलने को थी; ट्रेन के बन्द होते द्वारों की सूचक ध्वनि बजनी आरंभ हो गई थी। लेकिन फिर भी विलंब से आने वाले कुछ लोग भागकर ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करने लगे; उनमें से एक के ऊपर द्वार बन्द भी हुआ, परन्तु उससे टकराकर द्वार फिर से खुल गया, और वह यात्री सुरक्षित ट्रेन के अन्दर आ गया। मैं सोचने लगा कि लोग इतना जोखिम क्यों उठाते हैं जब कि इस से अगली ट्रेन मात्र 4 मिनट में आने वाली थी।

   लेकिन एक द्वार है जो कभी भी, बिना किसी चेतावनी के, सदा के लिए बन्द हो जाएगा और किसी के लिए किसी भी परिस्थिति में फिर कभी नहीं खुलेगा - परमेश्वर के अनुग्रह का द्वार। समस्त मानव जाति को उनके पापों की क्षमा प्रदान करने तथा उन्हें सेंत-मेंत उद्धार का मार्ग देने के लिए परमेश्वर ने प्रभु यीशु मसीह को संसार में भेजा और उन्होंने यह कार्य पूरा करके आज सबके लिए यह मार्ग तैयार करके दे दिया है। अब इसे स्वीकार करना और इसपर अग्रसर होना यह प्रत्येक व्यक्ति का अपना निर्णय है; लेकिन परमेश्वर के इस अनुग्रह का द्वार आज सब के लिए खुला है, उसका निमंत्रण सबके लिए है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा है, "...देखो, अभी वह प्रसन्नता का समय है; देखो, अभी उद्धार का दिन है" (2 कुरिन्थियों 6:2)।

   प्रभु यीशु मसीह ने यह भी बताया कि उनके दूसरे आगमन और अनुग्रह के द्वार के बन्द होने से पहले क्या चिन्ह होंगे (मत्ती 24); और आज हम अपनी आँखों के सामने उन बातों को पूरा होते देख रहे हैं, जो इस द्वार के बन्द होने का समय पूरा होने के सूचक हैं। इसलिए यह निश्चित है कि अनुग्रह का यह समय कभी भी पूरा हो जाएगा, द्वार बन्द हो जाएगा, और संसार अपने न्याय के लिए खड़ा किया जाएगा। जिन्होंने प्रभु यीशु मसीह में विश्वास किया और उससे अपने पापों की क्षमा माँगकर अपना जीवन उसे समर्पित किया है, उन्हें प्रभु यीशु कहेगा, "तब राजा अपनी दाहिनी ओर वालों से कहेगा, हे मेरे पिता के धन्य लोगों, आओ, उस राज्य के अधिकारी हो जाओ, जो जगत के आदि से तुम्हारे लिये तैयार किया हुआ है" (मत्ती 25:34), परन्तु शेष सभी उसके पास से अनन्त विनाश में चले जाएंगे, "तब वह बाईं ओर वालों से कहेगा, हे श्रापित लोगो, मेरे साम्हने से उस अनन्त आग में चले जाओ, जो शैतान और उसके दूतों के लिये तैयार की गई है" (मत्ती 25:41)।

   प्रभु यीशु मसीह के निमंत्रण और कार्य के प्रति हमारा प्रत्युत्तर हमारे अनन्तकाल को निर्धारित करता है। प्रभु यीशु ने कहा: "द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा" (यूहन्ना 10:9); तथा, "यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता" (यूहन्ना 14:6); और उसका यह निमंत्रण आज आपके लिए खुला है। इससे पहले कि द्वार सदा के लिए बन्द हो जाए, परमेश्वर के अनुग्रह का लाभ उठाएं और अपना अनन्तकाल सुनिश्चित कर लें। - पोह फैंग चिया


परमेश्वर के परिवार में सम्मिलित होने के लिए आज के दिन से अच्छा और कोई समय नहीं है।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:14-6:2
2 Corinthians 5:14 क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए। 
2 Corinthians 5:15 और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। 
2 Corinthians 5:16 सो अब से हम किसी को शरीर के अनुसार न समझेंगे, और यदि हम ने मसीह को भी शरीर के अनुसार जाना था, तौभी अब से उसको ऐसा नहीं जानेंगे। 
2 Corinthians 5:17 सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। 
2 Corinthians 5:18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है। 
2 Corinthians 5:19 अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
2 Corinthians 5:20 सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो। 
2 Corinthians 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।
2 Corinthians 6:1 और हम जो उसके सहकर्मी हैं यह भी समझाते हैं, कि परमेश्वर का अनुग्रह जो तुम पर हुआ, व्यर्थ न रहने दो। 
2 Corinthians 6:2 क्योंकि वह तो कहता है, कि अपनी प्रसन्नता के समय मैं ने तेरी सुन ली, और उद्धार के दिन मैं ने तेरी सहायता की: देखो, अभी वह प्रसन्नता का समय है; देखो, अभी उद्धार का दिन है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 25-26
  • मत्ती 20:17-34


सोमवार, 30 जनवरी 2017

प्रार्थना


   जब मिशिगन बर्फ से ढक जाता है, तब मैं अपने नाती-पोतों तथा प्लास्टिक की स्लेज को लेकर घर के पिछवाड़े में बर्फ के टीले पर चढ़ जाता हूँ और फिर हम स्लेज पर बैठ, बर्फ पर फिसल कर टीले के नीचे आते हैं जिस में लगभग दस सेकेंड का समय लगता है; हम फिर अपनी स्लेज लेकर वापस टीले पर चढ़ जाते हैं और इस प्रकार बारंबार स्लेज के साथ बर्फ पर फिसलने का खेल खेलते रहते हैं।

   जब मैं कुछ किशोरों के साथ अलास्का जाता हूँ, जहाँ सारे वर्ष बर्फ छाई रहती है, तब हम वहाँ भी इसी प्रकार स्लेज पर बैठ बर्फ पर फिसलने का खेल खेलते हैं; फर्क यह है कि अलास्का में हम बर्फ के पहाड़ों पर चढ़कर ऐसा करते थे जिन पर से फिसल कर नीचे तक आने में 10-20 मिनट तक लगते हैं और स्लेज बहुत तेज़ी से नीचे की ओर आती हैं जिनमें हम दिल थामे हुए बैठे रहते हैं।

   चाहे मेरे घर के पिछवाड़े में 10 सेकेंड का फिसलना हो या अलास्का में 10 मिनट का, दोनों को ही स्लेजिंग कहा जाता है, दोनों के लिए एक ही उपकरण - स्लेज काम आती है, दोनों ही बर्फ के होने पर निर्भर करते हैं और दोनों ही हमको रोमांचित तथा आनन्दित करते हैं।

   मैं विचार कर रहा था कि प्रार्थना के बारे में भी कुछ ऐसा ही है। कभी-कभी हम "घर के पिछवाड़े के 10 सेकेंड" वाली प्रार्थनाएँ करते हैं - जैसे कि भोजन से पहले धन्यवाद देने की प्रार्थना, या किसी आकस्मिक परिस्थिति के लिए की गई क्षण भर की प्रार्थना। अन्य समयों पर हम "पहाड़ से नीचे जाने के लंबे समय" की प्रार्थनाएँ करते हैं, जिनमें समय, एकाग्रता, लालसा और भावनाएँ सम्मिलित होती हैं। हमें दोनों ही प्रकार की प्रार्थनाओं की आवश्यकता होती है और हमारे जीवनों में दोनों ही का स्थान है।

   हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु प्रार्थना करने में अकसर समय व्यतीत करते थे; कभी लंबे समयों तक (लूका 6:12; मरकुस 14:32-42)। चाहे क्षणिक हों या लंबी, आवश्यकता तथा समयानुसार परमेश्वर के साथ अपने मन की बात साझा करने में समय बिताएँ; परमेश्वर को दोनों ही प्रकार की प्रार्थनाएँ स्वीकार हैं, उसे आपसे दोनों ही की लालसा रहती है। प्रार्थना में जितना अधिक संपर्क उसके साथ बनाकर रखेंगे, उसके साथ आपके संबंध उतने ही अधिक घनिष्ठ होते जाएँगे। - डेव ब्रैनन


प्रार्थना का मर्म, हृदय से निकली प्रार्थना है।

और उन दिनों में वह पहाड़ पर प्रार्थना करने को निकला, और परमेश्वर से प्रार्थना करने में सारी रात बिताई। - लूका 6:12

बाइबल पाठ: मरकुस 14:32-42
Mark 14:32 फिर वे गतसमने नाम एक जगह में आए, और उसने अपने चेलों से कहा, यहां बैठे रहो, जब तक मैं प्रार्थना करूं। 
Mark 14:33 और वह पतरस और याकूब और यूहन्ना को अपने साथ ले गया: और बहुत ही अधीर, और व्याकुल होने लगा। 
Mark 14:34 और उन से कहा; मेरा मन बहुत उदास है, यहां तक कि मैं मरने पर हूं: तुम यहां ठहरो, और जागते रहो। 
Mark 14:35 और वह थोड़ा आगे बढ़ा, और भूमि पर गिरकर प्रार्थना करने लगा, कि यदि हो सके तो यह घड़ी मुझ पर से टल जाए। 
Mark 14:36 और कहा, हे अब्‍बा, हे पिता, तुझ से सब कुछ हो सकता है; इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले: तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, पर जो तू चाहता है वही हो। 
Mark 14:37 फिर वह आया, और उन्हें सोते पाकर पतरस से कहा; हे शमौन तू सो रहा है? क्या तू एक घड़ी भी न जाग सका? 
Mark 14:38 जागते और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, पर शरीर दुर्बल है। 
Mark 14:39 और वह फिर चला गया, और वही बात कहकर प्रार्थना की। 
Mark 14:40 और फिर आकर उन्हें सोते पाया, क्योंकि उन की आंखे नींद से भरी थीं; और नहीं जानते थे कि उसे क्या उत्तर दें। 
Mark 14:41 फिर तीसरी बार आकर उन से कहा; अब सोते रहो और विश्राम करो, बस, घड़ी आ पहुंची; देखो मनुष्य का पुत्र पापियों के हाथ पकड़वाया जाता है। 
Mark 14:42 उठो, चलें: देखो, मेरा पकड़वाने वाला निकट आ पहुंचा है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 23-24
  • मत्ती 20:1-16