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मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

असहनीय


   किसी ने एक पिता से कहा, "परमेश्वर कभी हमें हमारे झेल पाने की क्षमता से अधिक नहीं देता है।" उसने यह शब्द उस पिता के पाँच वर्षीय बेटे के कैंसर से निधन होने पर उसे सांत्वना देने के लिए कहे थे। परन्तु इन शब्दों से प्रोत्साहन पाने के स्थान पर उस पिता की हताशा और बढ़ गई, क्योंकि अब उसे ना केवल अपने पुत्र की मृत्यु का अत्याधिक दुःख था, परन्तु साथ ही वह इस बात की भी चिन्ता करने लग गया कि वह इस परिस्थिति को क्यों झेल नहीं पा रहा है। बेटे से बिछुड़ जाने के कारण उसका दुःख इतना अधिक था कि वह ठीक से साँस भी नहीं ले पा रहा था। उसे बस इतना पता था कि यह दुःख उसके लिए असहनीय है और उसे अत्यंत आवश्यकता थी कि परमेश्वर उसे दृढ़ता से थामे रहे।

   उस पिता से कहे गए कथन, "परमेश्वर कभी हमें हमारे झेल पाने की क्षमता से अधिक नहीं देता है" की पुष्टि करने के लिए बहुधा लोग परमेश्वर के वचन में कही गई "बात तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको" (1 कुरिन्थियों 10:13) का सहारा लेते हैं। परन्तु इस पद का संदर्भ दुःख उठाना नहीं, प्रलभनों एवं परीक्षाओं में पड़ना है। विपरीत परिस्थितियों से निकालने के लिए जो मार्ग परमेश्वर बना कर देता है, हम उस पर चलना चुन सकते हैं; परन्तु दुःखों से निकलने का मार्ग हम नहीं चुन सकते हैं।

   प्रभु यीशु ने भी अपने आने वाले दुःखों से निकलने के मार्ग के बारे में प्रार्थना की, और पिता परमेश्वर से कहा, "...हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो" (मत्ती 26:39)। लेकिन फिर भी हमारे उद्धार के लिए वह स्वेच्छा से उस दुःख भरे मार्ग से होकर चला, और सारे संसार के सभी लोगों के लिए, अपने बलिदान तथा पुनरुत्थान द्वारा, उद्धार का मार्ग बना कर दे दिया।

   जब जीवन के दुःख असहनीय लगें, तो विश्वास के साथ अपने आप को परमेश्वर की करुणा पर छोड़ दें, और उस असहनीय परिस्थिति में भी वह आपको थामे रखेगा, अपनी शान्ति एवं सांत्वना देगा। - ऐनी सेटास


यदि परमेश्वर आपके पीछे है और उसकी बाहें आपके नीचे हैं 
तो सामने जो कुछ भी हो आप निःसंकोच उसका सामना कर सकते हैं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: मत्ती 26:36-46
Matthew 26:36 तब यीशु अपने चेलों के साथ गतसमनी नाम एक स्थान में आया और अपने चेलों से कहने लगा कि यहीं बैठे रहना, जब तक कि मैं वहां जा कर प्रार्थना करूं। 
Matthew 26:37 और वह पतरस और जब्‍दी के दोनों पुत्रों को साथ ले गया, और उदास और व्याकुल होने लगा। 
Matthew 26:38 तब उसने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो। 
Matthew 26:39 फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो। 
Matthew 26:40 फिर चेलों के पास आकर उन्हें सोते पाया, और पतरस से कहा; क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके? 
Matthew 26:41 जागते रहो, और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है। 
Matthew 26:42 फिर उसने दूसरी बार जा कर यह प्रार्थना की; कि हे मेरे पिता, यदि यह मेरे पीए बिना नहीं हट सकता तो तेरी इच्छा पूरी हो। 
Matthew 26:43 तब उसने आकर उन्हें फिर सोते पाया, क्योंकि उन की आंखें नींद से भरी थीं। 
Matthew 26:44 और उन्हें छोड़कर फिर चला गया, और वही बात फिर कहकर, तीसरी बार प्रार्थना की। 
Matthew 26:45 तब उसने चेलों के पास आकर उन से कहा; अब सोते रहो, और विश्राम करो: देखो, घड़ी आ पहुंची है, और मनुष्य का पुत्र पापियों के हाथ पकड़वाया जाता है। 
Matthew 26:46 उठो, चलें; देखो, मेरा पकड़वाने वाला निकट आ पहुंचा है। 

एक साल में बाइबल: 
  • रूत 1-4
  • लूका 8:1-25


सोमवार, 3 अप्रैल 2017

जीवन


   अमेरिका के अभिनेता और हास्य कलाकार, जॉर्ज बर्न्स ने कहा, "यदि आप मुझसे पूछें कि लंबी आयु तक जीने का सबसे महत्वपूर्ण आधार क्या है, तो मैं कहूँगा चिन्ता और तनाव से मुक्त रहना। परन्तु यदि आप मुझ से यह ना भी पूछें, तो भी मैं आप से यही कहूँगा!" बर्न्स को, जो 100 वर्ष की आयु तक जीवित रहे, लोगों को हंसाना अच्छा लगता था, और प्रकट है कि वे अपने इस परामर्श का स्वयं भी पालन करते थे।

   परन्तु जब हमारे जीवन इतने अनिश्चित हैं, इतनी समस्याओं और आवश्यकताओं से भरे हैं, तो हम चिन्ता एवं तनाव से मुक्त कैसे रह सकते हैं? परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने, उन मसीही विश्वासियों को जिन्हें प्रथम शताब्दी में अपने मसीही विश्वास के कारण सताव में आकर एशिया में स्थान स्थान पर तितर-बित्तर होना पड़ा था, प्रोत्साहित करते हुए लिखा, "इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है" (1 पतरस 5:6-7)।

   पतरस ने यह बात सताव एवं तकलीफों से बचने का मार्ग देने के लिए नहीं कही थी (पद 9), वरन इसलिए जिससे शैतान के हमलों के समय हम मसीही विश्वासी उन हमलों के विरुद्ध जयवंत होकर खड़े रहने की सामर्थ तथा शान्ति पा सकें (पद 8-10)। बजाए इसके कि हम चिन्ता और तनाव से ग्रसित होकर जीवन बिताएं, परमेश्वर ने हमें उसके प्रेम में आनन्दित रहने और उस प्रेम को औरों के साथ बाँटने के लिए चुना है।

   हमारा उद्देश्य यह नहीं होना चाहिए कि हमारा जीवन कितने वर्षों का हो सकता है, वरन यह कि जीवन के जितने भी वर्ष परमेश्वर ने हमें दिए हैं उन्हें परमेश्वर के प्रेम की सेवकाई में भरपूरी से व्यय करें। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर मेरा पिता है, 
मैं अपने बारे में ऐसा कुछ भी नहीं सोच सकता हूँ जिसे वह भूल गया हो;
 इसलिए मुझे चिन्ता करने की क्या आवश्यकता है? - ओस्वॉल्ड चैंबर्स

जिस समय मुझे डर लगेगा, मैं तुझ पर भरोसा रखूंगा। परमेश्वर की सहायता से मैं उसके वचन की प्रशंसा करूंगा, परमेश्वर पर मैं ने भरोसा रखा है, मैं नहीं डरूंगा। कोई प्राणी मेरा क्या कर सकता है? - भजन 56:3-4

बाइबल पाठ: 1 पतरस 5:1-11
1 Peter 5:1 तुम में जो प्राचीन हैं, मैं उन की नाईं प्राचीन और मसीह के दुखों का गवाह और प्रगट होने वाली महिमा में सहभागी हो कर उन्हें यह समझाता हूं। 
1 Peter 5:2 कि परमेश्वर के उस झुंड की, जो तुम्हारे बीच में हैं रखवाली करो; और यह दबाव से नहीं, परन्तु परमेश्वर की इच्छा के अनुसार आनन्द से, और नीच-कमाई के लिये नहीं, पर मन लगा कर। 
1 Peter 5:3 और जो लोग तुम्हें सौंपे गए हैं, उन पर अधिकार न जताओ, वरन झुंड के लिये आदर्श बनो। 
1 Peter 5:4 और जब प्रधान रखवाला प्रगट होगा, तो तुम्हें महिमा का मुकुट दिया जाएगा, जो मुरझाने का नहीं। 
1 Peter 5:5 हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, वरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्‍धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। 
1 Peter 5:6 इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। 
1 Peter 5:7 और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। 
1 Peter 5:8 सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह की नाईं इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए। 
1 Peter 5:9 विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका साम्हना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुख भुगत रहे हैं। 
1 Peter 5:10 अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्‍त करेगा। 
1 Peter 5:11 उसी का साम्राज्य युगानुयुग रहे। आमीन। 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 19-21
  • लूका 7:31-50


रविवार, 2 अप्रैल 2017

प्रार्थना


   जब मैं और मेरे पति मिलकर अपने बेटे के प्यानो सीखने के अभ्यास सत्रों को निरीक्षित करते हैं, तो पहले हम प्रार्थना द्वारा परमेश्वर से इसके लिए सहायता माँगते हैं। हम प्रार्थना इसलिए करते हैं क्योंकि ना तो मुझे और ना ही मेरे पति को प्यानो बजाना आता है। इन अभ्यास सत्रों के द्वारा हम तीनों एक साथ मिलकर संगीत के रहस्यों को समझ रहे हैं, संगीत का वर्णन करने वाले भिन्न शब्दों के अर्थ और प्रयोग को पहचान रहे हैं और कौन सा सुर कब लगाना है सीख रहे हैं।

   जब हम यह पहचान लेते हैं कि हमें परमेश्वर की सहायता की आवश्यकता है, तो प्रार्थना हमारी प्राथमिकता बन जाती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम दाऊद के विषय में देखते हैं कि वह कठिन परिस्थिति में था जब उसे कीला नगर के लिए पलिश्तियों से लड़ना था। युद्ध में जाने से पहले दाऊद ने परमेश्वर से प्रार्थना कर के पूछा, "...क्या मैं जा कर पलिश्तियों को मारूं? यहोवा ने दाऊद से कहा, जा, और पलिश्तियों को मार के कीला को बचा" (1 शमूएल 23:2)। परमेश्वर ने अपनी सहमति दी; परन्तु दाऊद के सैनिकों ने माना कि वे शत्रु की सेना से भयभीत थे (पद 3)। पलिश्तियों के विरुद्ध एक भी तलवार उठाने से पहले दाऊद ने फिर से प्रार्थना की। परमेश्वर ने उसे विजय का आश्वासन दिया, जो फिर उसे प्राप्त हुई (पद 4)।

   क्या प्रार्थना हमारे जीवनों का मार्गदर्शन करती है, या वह हमारे लिए अन्य सब प्रयास कर लेने के पश्चात प्रयोग करने के लिए अंतिम विकल्प होता है? हम कभी कभी पहले अपनी योजनाएं बनाकर फिर उन पर परमेश्वर की आशीष माँगने की; या फिर जब हम बिलकुल ही निराश या असहाय अनुभव करें तब ही प्रार्थना करने की आदत में पड़ जाते हैं। परमेश्वर चाहता है कि हम अपनी हर आवश्यकता के लिए प्रार्थना में उसकी ओर देखें; परन्तु वह यह भी चाहता है कि हम यह समझें कि हमें उसकी तथा उसके मार्गदर्शन की आवश्यकता सदा रहती है; और हर बात के लिए सही मार्गदर्शन केवल उस से ही मिलता है (नीतिवचन 3:5-6)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर चाहता है कि कुछ भी करने से पहले 
हम उस बात के बारे में उससे प्रार्थना करें।

तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। - नीतिवचन 3:5-6

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 23:1-5
1 Samuel 23:1 और दाऊद को यह समाचार मिला कि पलिश्ती लोग कीला नगर से युद्ध कर रहे हैं, और खलिहानों को लूट रहे हैं। 
1 Samuel 23:2 तब दाऊद ने यहोवा से पूछा, कि क्या मैं जा कर पलिश्तियों को मारूं? यहोवा ने दाऊद से कहा, जा, और पलिश्तियों को मार के कीला को बचा। 
1 Samuel 23:3 परन्तु दाऊद के जनों ने उस से कहा, हम तो इस यहूदा देश में भी डरते रहते हैं, यदि हम कीला जा कर पलिश्तियों की सेना का साम्हना करें, तो क्या बहुत अधिक डर में न पड़ेंगे? 
1 Samuel 23:4 तब दाऊद ने यहोवा से फिर पूछा, और यहोवा ने उसे उत्तर देकर कहा, कमर बान्धकर कीला को जा; क्योंकि मैं पलिश्तियों को तेरे हाथ में कर दूंगा। 
1 Samuel 23:5 इसलिये दाऊद अपने जनों को संग ले कर कीला को गया, और पलिश्तियों से लड़कर उनके पशुओं को हांक लाया, और उन्हें बड़ी मार से मारा। यों दाऊद ने कीला के निवासियों बचाया। 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 16-18
  • लूका 7:1-30


शनिवार, 1 अप्रैल 2017

प्रभुता


   अफ्रीका महाद्वीप की नील नदी 6,650 किलोमीटर (4,100 मील से भी अधिक) लंबी, संसार की सबसी लंबी नदी है और कई उत्तर-पूर्वी अफ्रीकी देशों से होती हुई समुद्र तक पहुँचती है। कई शताब्दियों से नील नदी ने, जिन देशों से होकर वह बहती है, वहाँ के लाखों लोगों को जीविका और भरण-पोषण प्रदान किया है। वर्तमान में इथोपिया देश इस नदी पर जल-विद्युत बाँध का निर्माण कर रहा है, जो पूरा होने पर अफ्रीका का सबसे विशाल बाँध होगा और उस इलाके की उन्नति का एक महान स्त्रोत होगा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में आया है कि मिस्त्र के राजा फिरौन ने नील नदी का स्वामी और बनाने वाला होने का दावा किया। सारे मिस्त्र और फिरौन ने घमंड में आकर कहा: "...मेरी नदी मेरी निज की है, और मैं ही ने उसको अपने लिये बनाया है" (यहेजकेल 29:3, 9)। उन्होंने इस बात को मानने से उन्कार किया कि परमेश्वर ही प्रत्येक प्राकृतिक स्त्रोत का बनाने वाला है और सब कुछ उस ही के द्वारा हमें उपलब्ध करवाया गया है। उनके इस घमंड के कारण, परमेश्वर ने उन्हें दंडित करने का वायदा दिया (पद 8-9)।

   परमेश्वर हमसे चाहता है कि हम उसकी सृष्टि की देखभाल करें, और यह कभी नहीं भूलें कि जो कुछ हमारे पास है वह सब परमेश्वर की ओर से हमें मिला है (व्यवस्थाविवरण 8:18)। बाइबल में रोमियों 11:36 में लिखा है, "क्योंकि उस की ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है: उस की महिमा युगानुयुग होती रहे: आमीन"। परमेश्वर ही है जो हम मनुष्यों को वह योग्यता देता है जिससे हम अनेकों प्रकार की वस्तुएं ईजाद कर सकें, उन्हें बना सकें, उनका उपयोग कर सकें। जब कभी हम किसी ऐसी वस्तु के बारे में बात करें जो हम ने प्राप्त की है या हमें दी गई है तो हमें परमेश्वर द्वारा यशायाह में कही बात "मैं यहोवा हूं, मेरा नाम यही है; अपनी महिमा मैं दूसरे को न दूंगा और जो स्तुति मेरे योग्य है वह खुदी हुई मूरतों को न दूंगा" (यशायाह 42:8) कभी भूलनी नहीं चाहिए; हम इस सृष्टि की प्रत्येक बात पर परमेश्वर की प्रभुता और उसके प्रति हमारे उत्तरदायित्व को कभी ना भूलें। - लॉरेंस दारमानी


परमेश्वर के महान कार्यों के लिए सदा उसकी महिमा हो।

परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है। - व्यवस्थाविवरण 8:18

बाइबल पाठ: यहेजकेल 29:1-12
Ezekiel 29:1 दसवें वर्ष के दसवें महीने के बारहवें दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, 
Ezekiel 29:2 हे मनुष्य के सन्तान, अपना मुख मिस्र के राजा फिरौन की ओर कर के उसके और सारे मिस्र के विरुद्ध भविष्यद्वाणी कर; 
Ezekiel 29:3 यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, हे मिस्र के राजा फिरौन, मैं तेरे विरुद्ध हूँ, हे बड़े नगर, तू जो अपनी नदियों के बीच पड़ा रहता है, जिसने कहा है कि मेरी नदी मेरी निज की है, और मैं ही ने उसको अपने लिये बनाया है। 
Ezekiel 29:4 मैं तेरे जबड़ों में आँकड़े डालूंगा, और तेरी नदियों की मछलियों को तेरी खाल में चिपटाऊंगा, और तेरी खाल में चिपक्की हुई तेरी नदियों की सब मछलियों समेत तुझ को तेरी नदियों में से निकालूंगा। 
Ezekiel 29:5 तब मैं तुझे तेरी नदियों की सारी मछलियों समेत जंगल में निकाल दूंगा, और तू मैदान में पड़ा रहेगा; किसी भी प्रकार से तेरी सुधि न ली जाएगी। मैं ने तुझे वन पशुओं और आकाश के पक्षियों का आहार कर दिया है। 
Ezekiel 29:6 तब मिस्र के सारे निवासी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। वे तो इस्राएल के घराने के लिये नरकट की टेक ठहरे थे। 
Ezekiel 29:7 जब उन्होंने तुझ पर हाथ का बल दिया तब तू टूट गया और उनके पखौड़े उखड़ ही गए; और जब उन्होंने तुझ पर टेक लगाई, तब तू टूट गया, और उनकी कमर की सारी नसें चढ़ गई। 
Ezekiel 29:8 इस कारण प्रभु यहोवा यों कहता है, देख, मैं तुझ पर तलवार चलवा कर, तेरे मनुष्य और पशु, सभों को नाश करूंगा। 
Ezekiel 29:9 तब मिस्र देश उजाड़ ही अजाड़ होगा; और वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। उस ने कहा है कि मेरी नदी मेरी अपनी ही है, और मैं ही ने उसे बनाया। 
Ezekiel 29:10 इस कारण देख, मैं तेरे और तेरी नदियों के विरुद्ध हूँ, और मिस्र देश को मिग्दोल से ले कर सवेने तक वरन कूश देश के सिवाने तक उजाड़ ही उजाड़ कर दूंगा। 
Ezekiel 29:11 चालीस वर्ष तक उस में मनुष्य वा पशु का पांव तक न पड़ेगा; और न उस में कोई बसेगा। 
Ezekiel 29:12 चालीस वर्ष तक मैं मिस्र देश को उजड़े हुए देशों के बीच उजाड़ कर रखूंगा; और उसके नगर उजड़े हुए नगरों के बीच खण्डहर ही रहेंगे। मैं मिस्रियों को जाति जाति में छिन्न-भिन्न कर दूंगा, और देश देश में तितर-बितर कर दूंगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 13-15
  • लूका 6:27-49


शुक्रवार, 31 मार्च 2017

नेतृत्व


   दक्षिणी अफ्रीका के तट के निकट, 4 अगस्त 1991 को, एक भीष्ण समुद्री तूफान के कारण एम. टी. एस. ओशनोस नामक यात्री समुद्री जहाज़ डूबने लगा। जहाज़ को डूबता देख उसके कप्तान ने जहाज़ से भाग जाने का निर्णय लिया और, किसी को कुछ बताए बिना अपने साथी अफसरों के साथ जहाज़ को छोड़कर चला गया। जहाज़ के यात्रियों में से मौस हिल्स नामक एक ब्रिटिश संगीतज्ञ को आभास हुआ कि कुछ गड़बड़ है और उसने दक्षिणी अफ्रीका के कोस्ट गार्ड को बचाने आने के लिए खतरे का संकेत भेजा। फिर परिस्थिति को अपने हाथों में लेते हुए, मौस और उसकी पत्नि ट्रेसी तथा उनके साथी संगीतज्ञों ने सारे यात्रियों को बचाए जाने में सहायता की, उन्हें बचाव के लिए आए हेलिकॉप्टरों में चढ़ाया।

   कभी कभी हम जिनकी ओर नेतृत्व के लिए देखते हैं, वे ही हमारा साथ छोड़ देते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में जब राजा शाऊल और उसके साथी सैनिक अधिकारियों को भीमकाय फिलिस्ती योद्धा गोलियत के अपमान भरी चुनौती का सामना करना पड़ा, तो उनका प्रत्युत्तर भय और भीरुता था (1 शमूएल 17:11)। परन्तु एक युवा चरवाहे और संगीतज्ञ, दाऊद, ने परमेश्वर पर भरोसा रखा, जिससे इस धमकी के प्रति उसका दृष्टिकोण बदल गया और उसने गोलियत से कहा, "...तू तो तलवार और भाला और सांग लिये हुए मेरे पास आता है; परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है" (1 शमूएल 17:45)। अपने भरोसे और परमेश्वर की सामर्थ द्वारा दाऊद ने गोलियत को मार डाला, शत्रु फिलिस्तियों को हरा दिया और उस युद्ध का रुख बदल दिया। यह सब इसलिए क्योंकि दाऊद ने साँसारिक नेतृत्व की ओर नहीं वरन एकमात्र जीवते परमेश्वर को अपनी सामर्थ का आधार बनाया।

   जब अन्य साथ छोड़ दें और हम असहाय अनुभव करें, तो संभव है कि परमेश्वर अपनी सामर्थ और प्रतिष्ठा सबके सामने प्रगट करने के लिए, हमें उसके लोगों का नेतृत्व करने के लिए बुला रहा हो। - डेनिस फिशर


प्रभु यीशु मसीह का अनुसरण करने के द्वारा ही 
हम औरों को सही मार्गदर्शन कर सकते हैं।

हम यहोवा का आसरा देखते आए हैं; वह हमारा सहायक और हमारी ढाल ठहरा है। हमारा हृदय उसके कारण आनन्दित होगा, क्योंकि हम ने उसके पवित्र नाम का भरोसा रखा है। - भजन 33:20-21

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 17:31-54
1 Samuel 17:31 जब दाऊद की बातों की चर्चा हुई, तब शाऊल को भी सुनाईं गई; और उसने उसे बुलवा भेजा।
1 Samuel 17:32 तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो; तेरा दास जा कर उस पलिश्ती से लड़ेगा। 
1 Samuel 17:33 शाऊल ने दाऊद से कहा, तू जा कर उस पलिश्ती के विरुद्ध नहीं युद्ध कर सकता; क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है। 
1 Samuel 17:34 दाऊद ने शाऊल से कहा, तेरा दास अपने पिता की भेड़ बकरियां चराता था; और जब कोई सिंह वा भालू झुंड में से मेम्ना उठा ले गया, 
1 Samuel 17:35 तब मैं ने उसका पीछा कर के उसे मारा, और मेम्ने को उसके मुंह से छुड़ाया; और जब उसने मुझ पर चढ़ाई की, तब मैं ने उसके केश को पकड़कर उसे मार डाला। 
1 Samuel 17:36 तेरे दास ने सिंह और भालू दोनों को मार डाला; और वह खतनारहित पलिश्ती उनके समान हो जाएगा, क्योंकि उसने जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारा है। 
1 Samuel 17:37 फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिसने मुझ सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे। 
1 Samuel 17:38 तब शाऊल ने अपने वस्त्र दाऊद को पहिनाए, और पीतल का टोप उसके सिर पर रख दिया, और झिलम उसको पहिनाया। 
1 Samuel 17:39 और दाऊद ने उसकी तलवार वस्त्र के ऊपर कसी, और चलने का यत्न किया; उसने तो उन को न परखा था। इसलिये दाऊद ने शाऊल से कहा, इन्हें पहिने हुए मुझ से चला नहीं जाता, क्योंकि मैं ने नहीं परखा। और दाऊद ने उन्हें उतार दिया। 
1 Samuel 17:40 तब उसने अपनी लाठी हाथ में ले नाले में से पांच चिकने पत्थर छांटकर अपनी चरवाही की थैली, अर्थात अपने झोले में रखे; और अपना गोफन हाथ में ले कर पलिश्ती के निकट चला। 
1 Samuel 17:41 और पलिश्ती चलते चलते दाऊद के निकट पहुंचने लगा, और जो जन उसकी बड़ी ढाल लिये था वह उसके आगे आगे चला। 
1 Samuel 17:42 जब पलिश्ती ने दृष्टि कर के दाऊद को देखा, तब उसे तुच्छ जाना; क्योंकि वह लड़का ही था, और उसके मुख पर लाली झलकती थी, और वह सुन्दर था। 
1 Samuel 17:43 तब पलिश्ती ने दाऊद से कहा, क्या मैं कुत्ता हूं, कि तू लाठी ले कर मेरे पास आता है? तब पलिश्ती अपने देवताओं के नाम ले कर दाऊद को कोसने लगा। 
1 Samuel 17:44 फिर पलिश्ती ने दाऊद से कहा, मेरे पास आ, मैं तेरा मांस आकाश के पक्षियों और वनपशुओं को दे दूंगा। 
1 Samuel 17:45 दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिये हुए मेरे पास आता है; परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है। 
1 Samuel 17:46 आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा; और मैं आज के दिन पलिश्ती सेना की लोथें आकाश के पक्षियों और पृथ्वी के जीव जन्तुओं को दे दूंगा; तब समस्त पृथ्वी के लोग जान लेंगे कि इस्राएल में एक परमेश्वर है। 
1 Samuel 17:47 और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार वा भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा। 
1 Samuel 17:48 जब पलिश्ती उठ कर दाऊद का साम्हना करने के लिये निकट आया, तब दाऊद सेना की ओर पलिश्ती का साम्हना करने के लिये फुर्ती से दौड़ा। 
1 Samuel 17:49 फिर दाऊद ने अपनी थैली में हाथ डालकर उस में से एक पत्थर निकाला, और उसे गोफन में रखकर पलिश्ती के माथे पर ऐसा मारा कि पत्थर उसके माथे के भीतर घुस गया, और वह भूमि पर मुंह के बल गिर पड़ा। 
1 Samuel 17:50 यों दाऊद ने पलिश्ती पर गोफन और एक ही पत्थर के द्वारा प्रबल हो कर उसे मार डाला; परन्तु दाऊद के हाथ में तलवार न थी। 
1 Samuel 17:51 तब दाऊद दौड़कर पलिश्ती के ऊपर खड़ा हुआ, और उसकी तलवार पकड़कर मियान से खींची, और उसको घात किया, और उसका सिर उसी तलवार से काट डाला। यह देखकर कि हमारा वीर मर गया पलिश्ती भाग गए। 
1 Samuel 17:52 इस पर इस्राएली और यहूद पुरूष ललकार उठे, और गत और एक्रोन से फाटकों तक पलिश्तियों का पीछा करते गए, और घायल पलिश्ती शारैम के मार्ग में और गत और एक्रोन तक गिरते गए। 
1 Samuel 17:53 तब इस्राएली पलिश्तियों का पीछा छोड़कर लौट आए, और उनके डेरों को लूट लिया। 
1 Samuel 17:54 और दाऊद पलिश्ती का सिर यरूशलेम में ले गया; और उसके हथियार अपने डेरे में धर लिए। 
एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 11-12
  • लूका 6:1-26


गुरुवार, 30 मार्च 2017

भलाई


   कमपैशन इन्टरनैशनल नामक सारे विश्व में गरीबों की सहायता के लिए कार्य करने वाली संस्था के एक कार्यकर्ता ने एक महिला के साथ घटित घटना के बारे में बताया। उस महिला को अवसर मिला कि वह उस दूर देश में जाकर उस बच्चे से मिले जिसकी सहायतार्थ उसने संस्था को पैसे देते रहने का वायदा किया था। उस देश में पहुँचकर वह महिला उस बहुत ही निर्धनता में रहने वाले उस बच्चे से मिली और उसे अपने साथ भोजन करने के लिए एक रेस्टोरेंट में गई। वहाँ उस महिला ने अपने लिए सलाद और बच्चे के लिए बर्गर मँगवाया। जब भोजन मेज़ पर परोसा गया, तो उस बच्चे ने, जिसने निःसन्देह अपने जीवन में कभी ऐसा भोजन नहीं किया होगा, अपने सामने रखे बड़े से बर्गर को देखा और उस महिला के सामने रखे सिर्फ सलाद को देखा। फिर उसने चाकू लेकर अपने बर्गर को आधा आधा काटा और एक भाग उस महिला को देते हुए अपने पेट को सहलाते हुए संकेत से पूछा कि क्या उसे भूख लगी है?

   वह बच्चा, जिसने अपना जीवन बहुत ही कमी-घटी में बिताया था, जो उसके पास था उसे उस व्यक्ति के साथ बाँटने के लिए तैयार था जिसे देखकर उसे लगा कि वह भी ज़रूरतमन्द होगा। अगली बार जब हम किसी ऐसे व्यक्ति से मिलें जिसे कोई शारीरिक, आत्मिक या भावनात्मक आवश्यकता है, तो इस बालक द्वारा किया गया कार्य हमारे अनुसरण के लिए एक अच्छा उदाहरण हो सकता है। मसीह यीशु के अनुयायी होने के नाते, हमारा विश्वास हमारे कार्यों के द्वारा लोगों पर प्रगट होना चाहिए (याकूब 2:17)।

   प्रतिदिन हमारे संपर्क में ऐसे लोग आते हैं जो किसी ना किसी बात के लिए ज़रुरतमन्द होते हैं; वे चाहे किसी अन्य देश में हों या फिर अगली ही गली में रहते हों। किसी को गर्म भोजन की तो किसी को स्नेहपूर्ण व्यवहार या कोमल शब्दों की आवश्यकता हो सकती है। मसीही विश्वासी जिन्होंने प्रभु यीशु मसीह के प्रेम को अनुभव किया है, दूसरों के साथ भलाई करने के व्यवहार के द्वारा संसार में कितना अंतर ला सकते हैं (इब्रानियों 13:16)। - डेव ब्रैनन


भलाई करना मनुष्य का सर्वोत्तम कार्य है। - सोफोक्लेस

पर भलाई करना, और उदारता न भूलो; क्योंकि परमेश्वर ऐसे बलिदानों से प्रसन्न होता है। - इब्रानियों 13:16

बाइबल पाठ: याकूब 2:12-18
James 2:12 तुम उन लोगों की नाईं वचन बोलो, और काम भी करो, जिन का न्याय स्‍वतंत्रता की व्यवस्था के अनुसार होगा। 
James 2:13 क्योंकि जिसने दया नहीं की, उसका न्याय बिना दया के होगा: दया न्याय पर जयवन्‍त होती है।
James 2:14 हे मेरे भाइयों, यदि कोई कहे कि मुझे विश्वास है पर वह कर्म न करता हो, तो उस से क्या लाभ? क्या ऐसा विश्वास कभी उसका उद्धार कर सकता है? 
James 2:15 यदि कोई भाई या बहिन नगें उघाड़े हों, और उन्हें प्रति दिन भोजन की घटी हो। 
James 2:16 और तुम में से कोई उन से कहे, कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्‍त रहो; पर जो वस्तुएं देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्हें न दे, तो क्या लाभ? 
James 2:17 वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्‍वभाव में मरा हुआ है। 
James 2:18 वरन कोई कह सकता है कि तुझे विश्वास है, और मैं कर्म करता हूं: तू अपना विश्वास मुझे कर्म बिना तो दिखा; और मैं अपना विश्वास अपने कर्मों के द्वारा तुझे दिखाऊंगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 9-10
  • लूका 5:17-39


बुधवार, 29 मार्च 2017

कीचड़


   मेरे मित्र एड ने अपने छोटे बेटे के बारे में एक घटना बताई; उसका बेटा कीचड़ में जाकर खड़ा हो गया। जब एड ने उससे कहा कि वह कीचड़ से बाहर आए तो उस लड़के ने कीचड़ में भागना आरंभ कर दिया; इसपर एड ने कहा कि "कीचड़ में भागना भी नहीं है", तो वह कीचड़ में चलने लगा; एड ने फिर कहा "चलना भी नहीं है" तो वह थोड़ा सा बाहर आया और केवल अपने पैर के अंगूठे और ऊँगलियाँ कीचड़ में लगकार खड़ा हो गया और पिता की ओर ढिठाई से घूर कर देखने लगा। वह बच्चा जानता था कि उसका पिता क्या चाहता है, परन्तु वह पिता की इच्छा को करना नहीं चाहता था।

   कभी कभी मैं उस ढीठ बच्चे के समान हो जाता हूँ; मैं जानता हूँ कि जो मैं कर रहा हूँ उससे परमेश्वर प्रसन्न नहीं होगा, परन्तु फिर भी मैं वही करता रहता हूँ। परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में अपने लोगों, इस्त्राएलियों से कहा कि वे अपने परमेश्वर यहोवा की सभी आज्ञाएँ मानें (व्यवस्थाविवरण 28:1), परन्तु उन्होंने बारंबार इस की अवहेलना करी। भजनकार ने उनके इस संघर्ष का अपने भजन में अंगीकार करते हुए कहा, "भला होता कि तेरी विधियों के मानने के लिये मेरी चालचलन दृढ़ हो जाए" (भजन 119:5)।

   ईर्ष्या, घृणा, बलवा - ये सब बहुधा होता रहता है। परन्तु परमेश्वर ने हमारे पाप क्षमा तथा छुटकारे के लिए हमारे कर्मों को नहीं वरन प्रभु यीशु के क्रूस पर दिए बलिदान को माध्यम बनाया है। जब भी हम परीक्षाओं में आते हैं, परमेश्वर का पवित्र आत्मा उनसे बचने में हमारी सहायता करता है (1 कुरिन्थियों 10:13); और जब हम अपने पापों को मान लेते हैं, उनके लिए परमेश्वर से क्षमा माँग लेते हैं, तो परमेश्वर उन्हें क्षमा भी कर देता है (1 यूहन्ना 1:9)।

   यदि आप मेरे समान बार बार जीवन की कीचड़ में जाते रहते हैं, तो निराश होकर हार नहीं मान लें। परमेश्वर ना केवल आपको उन प्रलोभनों से बचने में सहायता करेगा, वरन आपके लिए उसका प्रेम भी कभी कम नहीं होगा; उसने अपने पुत्र प्रभु यीशु के बलिदान द्वारा जो आपको अपनाया है। - डेव एग्नर


प्रलोभनों तथा परीक्षाओं पर जयवन्त होने के लिए, प्रभु यीशु के आधीन हो जाईए।

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: भजन 119:1-8
Psalms 119:1 क्या ही धन्य हैं वे जो चाल के खरे हैं, और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं! 
Psalms 119:2 क्या ही धन्य हैं वे जो उसकी चितौनियों को मानते हैं, और पूर्ण मन से उसके पास आते हैं! 
Psalms 119:3 फिर वे कुटिलता का काम नहीं करते, वे उसके मार्गों में चलते हैं। 
Psalms 119:4 तू ने अपने उपदेश इसलिये दिए हैं, कि वे यत्न से माने जाएं। 
Psalms 119:5 भला होता कि तेरी विधियों के मानने के लिये मेरी चालचलन दृढ़ हो जाए! 
Psalms 119:6 तब मैं तेरी सब आज्ञाओं की ओर चित्त लगाए रहूंगा, और मेरी आशा न टूटेगी। 
Psalms 119:7 जब मैं तेरे धर्ममय नियमों को सीखूंगा, तब तेरा धन्यवाद सीधे मन से करूंगा। 
Psalms 119:8 मैं तेरी विधियों को मानूंगा: मुझे पूरी रीति से न तज! 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 7-8
  • लूका 5:1-16